5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror: बिहार के पूर्णिया जिले में तांत्रिक के कहने पर 5 लोगों को जलाया जिंदा
यह बिडंबना ही है कि एक तरफ जहाँ भारत विश्वगुरु बनने की दिशा आगे बढ़ रहा है, तो वहीं बिहार के पूर्णिया जिले में अंधविश्वास के चक्कर में एक ही परिवार के पांच लोगों को जलाकर मार दिया गया। इस हत्याकांड के पीछे एक तांत्रिक का हाथ बताया जा रहा है। तांत्रिक के कहने पर ग्रामीणों ने 70 वर्षीय कातो देवी को डायन मान लिया था और इसी आक्रोश में उसके परिवार के पांच सदस्यों को जिंदा जलाकर मार डाला था। दरअसल, घटना पूर्णिया पूर्व इलाके के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रजीगंज पंचायत के टेटगामा आदिवासी टोला की (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) है, जहाँ रविवार की देर रात्रि डायन के आरोप में एक ही परिवार के पांच लोगों को जिंदा जला कर मार दिया गया। वारदात के बाद गांव के अधिकतर लोग घरों पर ताला जड़कर फरार हैं। इस घटना में 23 नामजद और 150 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में जुटी है। बता दें कि बाबूलाल उरांव का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था। गरीब बाबूलाल मजदूरी करके जैसे-तैसे घर चलाता था। जानकारी के मुताबिक इसके अलावा वो झाड़फूंक का भी काम किया करता था। परिवार की महिलाओं पर डायन होने का आरोप भी (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) लगाया प्राप्त जानकारी के मुताबिक टेटगामा वार्ड-10 में रामदेव उरांव का परिवार रहता है। रामदेव का बेटा बीमार चल रहा था। इस बीच परिवार ने बेटे की झाड़फूंक कराई थी, लेकिन उसकी तबीयत थी कि सुधरने का नाम ही नहीं ले रही थी और इस बीच उसकी मौत हो गई। रामदेव को गांव के ही बाबूलाल उरांव और उसके परिवार पर तंत्र-मंत्र और काले जादू का शक था। बेटे के मौत के बाद उसने आरोप लगाया कि “बाबूलाल के परिवार ने काला जादू कर उसके बेटे को मार दिया। यही नहीं उसने परिवार की महिलाओं पर डायन होने का आरोप भी (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) लगाया। फिर क्या था, बात जंगल में आग की तरह फ़ैल गई। बेटे की मौत से बौखलाए रामदेव ने गांव में ही रविवार की रात नौ बजे पंचायत बुला ली। तकरीबन तीन गांवों के 300 लोग इस पंचायत में शामिल हुए। दो घंटे तक पंचायत बैठी। इस बीच पंचों ने एक स्वर में बाबूलाल और उसके परिवार को इसका दोषी ठहराया। दोषी ठहराने के बाद रात लगभग एक बजे पांचों सदस्यों को उनके घर से लगभग 50 फीट दूरी पर ले जाया गया। वहां ले जाकर पहले उन्हें बेरहमी से पीटा गया। और फिर सभी को रस्सी से बांध कर जिंदा जला दिया गया। गौर करने वाली बात यह कि इस घटना के समय सैकड़ों लोग वहां मौजूद थे। परिवार रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन किसी का भी दिल नहीं पसीजा। वो रोते-बिलखते रहे, चिल्लाते रहे लेकिन 300 की भीड़ में से एक भी शख्स उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। सब के सब उन्हें जिंदा जलता देखते रहे। इस घटना पर पुलिस के सामने गांव का एक भी शख्स अपना मुँह खोलने को तैयार (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) नहीं है आपको जानकर हैरत होगी कि सिर्फ अंधविश्वास के चलते परिवार के मुखिया बाबूलाल उरांव सहित पत्नी सीता देवी, माँ मो कातो, बहू रानी देवी और बेटे मनजीत को जिंदा जला दिया गया। पुलिस की टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो वहां पर सिर्फ जले हुए कपड़े मिले। गांववालों ने जली हुईं लाशों को तालाब में फेंक दिया गया था और वहां पर मकई के डंठल रख दिए गए थे। तालाब जलकुंभी से भरा हुआ था। लाशें पुलिस को जलकुंभी में ही दबी हुई मिलीं। डीआईजी प्रमोद कुमार, डीएम अंशुल कुमार और एसपी सहरावत ने भी घटनास्थल का जायजा लिया (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) है। ताज्जुब की बात यह कि इस घटना पर पुलिस के सामने गांव का एक भी शख्स अपना मुँह खोलने को तैयार नहीं है। कहने की जरूरत नहीं कि इस घटना पर पुलिस की कार्यशैली पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। बड़ा सवाल यह कि 300 लोगों की भीड़ ने पांच लोगों को जिंदा जला दिया और इसकी भनक स्थानीय पुलिस को भला लगी कैसे नहीं? इस पूरे मामले पर एसडीपीओ पंकज शर्मा ने कहा है कि “अंधविश्वास की वजह से पांच लोगों की हत्या कर दी गई। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जानकारी के मुताबिक आधा दर्जन थानों की पुलिस व दो डीएसपी की अगुवाई में डॉग स्कवाड की मदद से शवों को बरामद किया था। इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म मृतक बाबूलाल उरांव का पुत्र व चश्मदीद सोनू कुमार ने पुलिस को हर बात (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) बताई इस घटना के बाद पूरा का पूरा गांव वीरान पड़ा है। मृतक बाबूलाल उरांव का पुत्र व चश्मदीद सोनू कुमार ने पुलिस को हर बात (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) बताई। उन्होंने पुलिस को बताया कि “लगभग 50 से 60 लोग जो गांव के ही थे वह सब अचानक घर में घुसकर मेरे पिता, माता, दादी, भैया और भाभी को बांधकर पीटते हुए घसीटकर लेकर चला गए।” बेशक जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित पटेगामा आदिवासी टोला में अंधविश्वास में पांच लोगों को जिंदा जलाकर मारने की घटना ने हर किसी को दहला दिया है। यह इसलिए भी पूर्णिया के इतिहास में अंधविश्वास की यह सबसे क्रूर घटना है। Latest News in Hindi Today Hindi 5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror #bihar #purnia #tantrik #burntalive #ritualcrime #biharnews #india

