MP में कांग्रेस की ताकत बनेगी राहुल की Team 50, जानिए क्या है जीत का मास्टर प्लान
मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) बीते कुछ वर्षों से लगातार चुनावी पराजयों का सामना कर रही है। विधानसभा और लोकसभा दोनों स्तरों पर पार्टी की कमजोर होती स्थिति ने शीर्ष नेतृत्व को पुनः संगठन को जमीनी स्तर से मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है। इसी दिशा में कांग्रेस ने अब गुजरात मॉडल (Gujrat Model) को अपनाते हुए संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसकी औपचारिक शुरुआत राहुल गांधी (Rahul Gandhi) 3 जून को भोपाल से करेंगे। राहुल गांधी का 10 वर्षों बाद पीसीसी कार्यालय दौरा संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की खास बात यह है कि करीब एक दशक बाद राहुल गांधी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) पहुंचेंगे, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व अब मध्य प्रदेश को लेकर गंभीर और सक्रिय रणनीति बना रहा है। राहुल गांधी के इस दौरे को पार्टी के कार्यकर्ताओं के मनोबल और उत्साह को बढ़ाने के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। ‘टीम 50’ की भूमिका और जिम्मेदारी राहुल गांधी संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) के तहत अपनी ‘टीम 50’ को भी प्रदेश में सक्रिय करने जा रहे हैं। यह टीम देशभर से चुने गए 50 ऑब्जर्वरों की है, जिसमें असम, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के सांसद, विधायक और पूर्व मंत्री शामिल हैं। इन पर्यवेक्षकों को मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा जाएगा, जहां ये जिले की पार्टी इकाई का मूल्यांकन करेंगे। प्रत्येक ऑब्जर्वर को संबंधित जिले में जिला अध्यक्ष चुनने का अधिकार भी दिया जाएगा। उनका कार्य केवल नामांकन नहीं बल्कि ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की पहचान करना होगा जो स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं और जनसंपर्क बनाए रखते हैं। इसके साथ ही ये टीम निष्क्रिय नेताओं पर भी नजर रखेगी जो संगठन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सीधे दिल्ली को रिपोर्टिंग संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की एक और खासियत यह है कि ऑब्जर्वर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को नहीं, बल्कि सीधे दिल्ली के आलाकमान को सौंपेंगे। इसका उद्देश्य है पारदर्शिता बनाए रखते हुए स्थानीय गुटबाजी और सिफारिशी संस्कृति से बचना। इस टीम को मध्य प्रदेश कांग्रेस के चार वरिष्ठ नेताओं के जरिए को-ऑर्डिनेट किया जाएगा, जिन्हें को-ऑब्जर्वर की भूमिका दी जाएगी। ये नेता राहुल गांधी से चर्चा कर PCC में फीडबैक देंगे और ऑब्जर्वरों तथा कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने का कार्य करेंगे। इसे भी पढ़ें:- इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस गुजरात मॉडल का विस्तार गौरतलब है कि कांग्रेस ने अहमदाबाद अधिवेशन के बाद गुजरात में संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की शुरुआत की थी, जिसमें जिलेवार रिपोर्ट तैयार कर स्थानीय नेतृत्व को नया आकार दिया गया। गुजरात में इस मॉडल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और अब इसी मॉडल को मध्य प्रदेश में लागू किया जा रहा है। मध्य प्रदेश दूसरा राज्य है जहां यह अभियान लागू हो रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस अब देशभर में संगठनात्मक ढांचे को फिर से खड़ा करने की दिशा में गंभीर है। कांग्रेस के लिए आगे की राह यह संगठन सृजन अभियान केवल एक सांगठनिक कवायद नहीं, बल्कि पार्टी के पुनर्जन्म की नींव रखने का प्रयास है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो कांग्रेस को मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अपने कार्यकर्ता नेटवर्क को पुनः सक्रिय करने, स्थानीय स्तर पर जनता से जुड़ाव बढ़ाने और विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए ठोस आधार तैयार करने में मदद मिलेगी। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का यह अभियान कांग्रेस के लिए एक नई उम्मीद की तरह है। अब देखना होगा कि यह प्रयास व्यावहारिक परिणाम दे पाता है या नहीं। लेकिन एक बात तय है — कांग्रेस (Congress) ने पुनर्गठन की दिशा में ठोस और गंभीर कदम उठाया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Sangathan Srijan Abhiyan #RahulGandhi #Team50 #Congress #MPElections #PoliticalStrategy #MadhyaPradesh #IndianPolitics

