महाराष्ट्र की राजनीति में क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दबाव बनाने के आरोप पर संजय राउत ने कह दी बड़ी बात
शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा अभी खत्म नहीं हुई है। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने इस गठबंधन को लेकर विराम लगती चर्चा को एक बार फिर से हवा दे दी है। संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा है कि दोनों दलों के बीच अभी बातचीत चल रही है। किसी भी अन्य की तरफ से इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करना अनुचित है। आखिरी निर्णय उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और राज ठाकरे खुद करेंगे। संजय राउत (Sanjay Raut) का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ठाकरे बंधुओं के बीच फिर से गठबंधन होने की चर्चा पर विराम लगता नजर आ रहा था। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) के नेता एक तरफ तो राज ठाकरे को गठबंधन के लिए संकेत भेज रहे थे, लेकिन मनसे अध्यक्ष इससे दूरी बनाते नजर आ रहे थे। उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) से एक होटल में मुलाकात कर यह संदेश दिया था कि वो भाजपा के साथ रहना पसंद करेंगे। लेकिन संजय राउत ने अब एक बार फिर से बयान देकर इस चर्चा को हवा दे दी है कि दोनों भाईयों के बीच अभी भी गठबंधन पर चर्चा चल रही है। राजनीति में देर से आए लोग गठबंधन के खिलाफ- राउत संजय राउत ने मुंबई में मीडिया से बातचीत में कहा कि दावा किया, “मनसे के कुछ लोग इस गठबंधन के खिलाफ बयान दे रहे हैं, ऐसे लोग राजनीति में देर से आए हैं और इनकी जानकारी बेहद सीमित है। दूसरे लोग क्या कहते हैं और क्या करते हैं उसका कोई महत्व नहीं है। मैंने दोनों भाईयों (ठाकरे बंधुओं) को कई सालों तक करीब से देखा है और साथ में काम किया है। मैं जानता हूं कि आगे क्या होने जा रहा है और क्या नहीं होगा। शायद मुझसे बेहतर कोई दूसरा नहीं जानता। इस गठबंधन पर अंतिम फैसला लेने वाले केवल उद्धव और राज ही हैं।” संजय राउत यह बयान मनसे नेता संदीप देशपांडे के दबाव बनाने के आरोप के जवाब में दे रहे थे। राउत ने इस दौरान देशपांडे को कम जानकारी रखने वाला नेता तक कह दिया। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा गठबंधन के लिए दबाव बना रही है उद्धव की सेना- देशपांडे बता दें कि, मनसे नेता संदीप देशपांडे ने बीते दिनों कहा था कि उद्धव गुट गठबंधन के लिए मनसे पर दबाव बनाने की कोशिश न करे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि, ”आगामी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर शिवसेना (Uddhav Thackeray) गठबंधन करने पर आतुर नजर आ रही है। आखिर उद्धव की सेना मनसे से गठबंधन को लेकर इतना उत्साह क्यों दिखा रही है? मैं अच्छे से समझ सकता हूं कि उनके दिन बेहद खराब चल रहे हैं, इसलिए उनके शीर्ष नेता इस समय मनसे के साथ गठबंधन की कोशिश में जुटे हैं।” संदीप देशपांडे ने इस दौरान यह भी कहा कि, गठबंधन के लिए प्रयास करना गलत बात नहीं है, लेकिन इसके लिए उद्धव की पार्टी मनसे पर दबाव नहीं बना सकती है। हमारे नेता राज ठाकरे समय आने पर गठबंधन के बारे में उचित निर्णय लेंगे। देशपांडे ने यह भी कहा कि उद्धव की शिवसेना गठबंधन करने के लिए उत्साह तो दिखा रही है, लेकिन उनकी क्षमता क्या है। इस पार्टी को बीते विधानसभा चुनाव में मात्र 20 सीटें ही मिली हैं। उनके पास अभी अगर 60 विधायक होते तो क्या वो गठबंधन के लिए इतना ही उत्साह दिखाते? देशपांडे ने यह भी बताया कि मनसे ने साल 2014 और साल 2017 के चुनाव में उद्धव को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उस समय उन लोगों ने इंकार कर दिया और अब गठबंधन के लिए दबाव बना रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Uddhav Thackeray #uddhavthackeray #rajthackeray #sanjayraut #maharashtrapolitics #shivsenamns #indianpolitics #uddhavrajalliance

