Aadhaar fraud exposed in Bihar's Muslim-majority districts;

Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed: बिहार में गजब का खेल, मुस्लिम बहुल जिलों में 100 लोगों पर बने 120 आधार

साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों ने अभी से सही कमर कसनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए (एसआईआर) शुरू किया है। आधार कार्ड को नागरिकता के सबूत के रूप में स्वीकार नहीं किया जा रहा। दरअसल, हाल ही में बिहार में सामने आए आधार कार्ड सैचुरेशन के आंकड़ों ने सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। ऐसा इसलिए राज्य का औसत आधार सैचुरेशन 94% है। तो वहीं मुस्लिम बहुल जिलों में यह आंकड़ा हैरान करने वाला (Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed) है। किशनगंज में 68 फीसदी मुस्लिम आबादी है। यहां आधार सैचुरेशन 126 फीसदी है। यानी, हर 100 लोगों पर 120 से अधिक आधार कार्ड। सामान्य तौर पर आधार कार्ड एक व्यक्ति-एक कार्ड की नीति पर आधारित है। लेकिन ये आंकड़े बताते हैं कि जनसंख्या से अधिक आधार कार्ड मौजूद हैं, तो यह संकेत देता है कि या तो डुप्लिकेट आधार कार्ड बनाए गए हैं या फिर गैर-नागरिकों को भी आधार कार्ड जारी किए गए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या अतिरिक्त आधार कार्डों का इस्तेमाल गैर-कानूनी मतदाताओं को शामिल करने के लिए किया गया है? सीमांचल में अधिकांश लोगों के पास आधार के अलावा अन्य दस्तावेज जैसे जन्म (Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed) प्रमाणपत्र या डोमिसाइल सर्टिफिकेट नहीं हैं और उससे भी बड़ा सवाल यह कि ये अतिरिक्त आधार कार्ड किसके लिए और क्यों बनाए गए हैं? इस मुद्दे ने न सिर्फ बिहार बल्कि पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में भी चर्चा को तेज कर दिया है। दरअसल, ममता बनर्जी सरकार की पहले से ही आधार कार्ड डिएक्टिवेशन जैसे मुद्दों पर केंद्र से तनातनी चल (Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed) रही है। ऐसे सोचनीय बात यह कि क्या यह विपक्ष और वामपंथी लॉबी द्वारा आधार को नागरिकता का सबूत बनाने की कोशिश का हिस्सा है? महत्वपूर्ण बात यह कि सीमांचल में अधिकांश लोगों के पास आधार के अलावा अन्य दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाणपत्र या डोमिसाइल सर्टिफिकेट नहीं हैं। जिससे मतदाता सूची से नाम हटने का खतरा बढ़ गया है। कहने की जरूरत नहीं यह स्थिति गरीब समुदायों विशेषकर मुस्लिम आबादी को सबसे अधिक प्रभावित कर सकती है।  आधार सैचुरेशन का 100 फीसदी से अधिक होना कई प्रश्न निर्माण करता (Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed) है गौरतलब हो कि बिहार के सीमांचल क्षेत्र-किशनगंज, पूर्णिया कटिहार और अररिया में मुस्लिम आबादी 38 फीसदी से 68 फीसदी तक है। ऐसे में इन जिलों में आधार सैचुरेशन का 100 फीसदी से अधिक होना कई प्रश्न निर्माण करता (Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed) है। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं, सीमांचल क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति इसे और संवेदनशील बनाती है। दरअसल, ये जिले पश्चिम बंगाल और नेपाल की सीमा से सटे हैं। बड़ी बात यह कि बांग्लादेश भी इससे ज्यादा दूर नहीं है। और तो और इस क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि इन जिलों में आधार कार्ड की अधिकता की सबसे बड़ी वजह बांग्लादेशी घुसपैठिए हो सकते हैं। जिन्हें स्थानीय नेताओं और कट्टरपंथी समूहों के सहयोग से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ  विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ बिहार बंद का आह्वान किया, जिसमें आधार को वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार न करने की बात कही (Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed) गई चुनावी सरगर्मी के बीच राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ बिहार बंद का आह्वान किया, जिसमें आधार को वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार न करने की बात कही (Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed) गई। दूसरी ओर कुछ लोग तर्क देते हैं कि विपक्ष आधार को नागरिकता का सबूत बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि अवैध आप्रवासियों को मतदाता सूची में शामिल किया जा सके। महत्वपूर्ण बात यह कि विपक्ष खासकर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने आधार कार्ड को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए जोर दिया है। लेकिन इसे नागरिकता का सबूत मानने के खिलाफ भी आवाज उठाई है। यही नहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आधार कार्ड डिएक्टिवेशन के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने साल 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आधार डिएक्टिवेशन को एसी, एसटी और ओबीसी समुदायों के खिलाफ साजिश करार दिया था। ममता ने यह भी घोषणा की थी कि उनकी सरकार वैकल्पिक आधार कार्ड जारी करेगी, जिसे केंद्र ने गैर-कानूनी बताया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed #aadhaar #biharnews #scamalert #identityfraud #breakingnews #aadhaarscam #fraudinindia #newsupdate #muslimdistricts #dataleak

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SIM Shutdown Scam Govt Issues Warning & Safety Tips

SIM बंद होने के नाम पर हो रहा बड़ा घोटाला, सरकार की चेतावनी और बचाव के तरीके

पिछले कुछ सालों से ऑनलाइन फ्रॉड (Online Fraud) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यह एक ऐसा अपराध है जिसमें कोई व्यक्ति या ग्रुप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर के लोगों को लुटते हैं और उन्हें फाइनेंशियल नुकसान पहुंचाते हैं। यही कारण है कि लोगों को सावधान रहने की सलाह दी जाती है। यही नहीं, लोगों यह भी बार-बार समझाया जाता है कि वो अपने पासवर्ड को सेफ रखें और अपनी पर्सनल जानकारी किसी के साथ भी शेयर न करें। आजकल एक और फ्रॉड चर्चा में है जिसका नाम है सिम स्वैप फ्रॉड (SIM swap fraud)। इसके बारे में डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिकेशन ने भी लोगों को सचेत रहने का आग्रह किया है। अब तक कई लोग इस फ्रॉड का शिकार बन चुके हैं। आइए जानें इस सिम स्वैप फ्रॉड के बारे में। सिम स्वैप फ्रॉड से कैसे बचें (How to avoid SIM swap fraud), यह भी जानें। क्या है सिम स्वैप फ्रॉड (SIM swap fraud)? टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने अपने सोशल मीडिया पर एक जानकारी शेयर की है। इसमें उन्होंने लोगों को इस नए स्कैम से सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि यूजर फर्जी मेसेज और कॉल्स को रिपोर्ट करें। हम लोग अक्सर अपने बैंक अकाउंट और अन्य पर्सनल इंफॉर्मेशंस को लोगों के साथ शेयर नहीं करते और उन्हें टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के माध्यम से सेफ रखते हैं। इसमें बिना वन टाइम पासवर्ड या ओटीपी के बिना कोई भी यूजर के एकाउंट्स को एक्सेस नहीं कर पाता है। लेकिन, अब अपराधियों ने लोगों के बैंक अकाउंट से पैसा उड़ाने के लिए नया तरीका निकाला है जिसका नाम है सिम स्वैप फ्रॉड (SIM swap fraud)। जानिए क्या होता है इस फ्रॉड में? सिम स्वैप फ्रॉड से कैसे बचें (How to avoid SIM swap fraud)? इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले सिम स्वैप फ्रॉड (SIM swap fraud) होने के बाद क्या करें?  अगर किन्ही कारणों से आप इस फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत कार्यवाही करना जरूरी है। इसके लिए आपको यह पॉइंट्स ध्यान में रखना है: नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi  SIM swap fraud #simscam #govtwarning #cyberfraud #scamalert #safetyfirst #mobilescam #simfraud #fraudprevention #indiaalerts #digitalsafety

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Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud

Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud : ऑनलाइन धोखाधड़ी में 46 साल के शख्‍स ने गंवाए साढ़े 11 करोड़

लालच बुरी बला है। जैसा कि बड़े-बुजुर्ग कह भी गए हैं कि लालच चार जगह डुबाती है। खैर, आज के इस आधुनिक दौर में ऑनलाइन फ्रॉड होना कोई नई बात नहीं है। विगत वर्षों में ऑनलाइन धोखाधड़ी के कई मामले प्रकाश में आएं हैं। हालंकि राज्य सरकारें अपने स्तर पर कार्रवाई कर तो रही हैं लेकिन कामयाबी न के बराबर है। ठग एक न एक नए तरीके से ठगने का जुगाड़ भिड़ा ही लेते हैं। चाहे वो डिजिटल अरेस्ट कर पैसे ठगने हों या फिर सेक्सटॉरशन के जरिये ठगना हो। एक कांड के बाद वो दूसरा काण्ड बिलकुल ही नए तरीके से करते हैं। वैसे तो ऑनलाइन ठगी में कइयों ने लाखों गंवाएं हैं, लेकिन क्या आपका पता है कि एक शख्स ने जल्द अमीर होने की चाहत में 46 साल के शख्‍स ने साढ़े 11 करोड़ रुपये गंवा (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) दिए। गौर करने वाली बात यह कि खुद पुलिस के बड़े अधिकारी ने मामले की तस्‍दीक की है और गृह मंत्रालय के साइबर दोस्‍त एक्‍स हैंडल पर इस बारे में विस्‍तार में बताया गया है। फोन में रॉलेट कसीनो का ऐड आया, जिसमें उसने क्लिक कर (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) दिया प्राप्त जानकारी के मुताबिक साइबर दोस्‍त एक्‍स हैंडल पर डीसएपी स्तर के एक बड़े अधिकारी ने इस धोखाधड़ी का खुलासा किया। डीसएपी के मुताबिक यह धोखाधड़ी फेक बैटिंग साइटों पर हुई। कमाल की बात यह कि जो शख्स इस ठगी का शिकार हुआ है वो अच्छा-खासा पढ़ा लिखा है। एमबीए कर चुका है। यही नहीं एक अच्‍छी कंपनी में करोड़ों के पैकेज पर काम कर रहा है। इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि शख्‍स के साथ सबकुछ ऑनलाइन हो गया। धोखाधड़ी तीन महीनों तक जारी रही। बता दें कि साइबर दोस्‍त द्वारा एक्‍स हैंडल पर पोस्‍ट किए गए वीडियो के मुताबिक, 46 साल के एक शख्‍स को एक दिन उसे फोन में रॉलेट कसीनो का ऐड आया, जिसमें उसने क्लिक कर दिया। क्‍ल‍िक करते ही वह ऐसी वेबसाइट पर चला गया जहां कई बैटिंग साइटें मौजूद थीं। वह पैसा इन्‍वेस्‍ट करके कई गुना मुनाफे का लालच दे (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) रही थीं।  तीन महीनों तक उसके साथ होती रही (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) धोखाधड़ी  फिर क्या था युवक भी बैटिंग वेबसाइटों के झांस में आ गया। पुलिस के अनुसार, युवक ने बैटिंग साइट में पैसे लगाने शुरू कर दिए। शुरुआत में उसे कुछ कमाई भी हुई। शुरूआती कमाई को देख उसके मन में लालच आ गया। और इसी कमाई के लालच में उसने तकरीबन 17 करोड़ रुपये की रकम लगा दी। इस तरह उसे कुल साढ़े 11 करोड़ का नुकसान हुआ। पुलिस की माने तो तीन महीनों तक उसके साथ धोखाधड़ी होती रही। और तो और कमाल की बात यह कि इस दौरान शख्‍स के पैसे 100 से ज्‍यादा अकाउंट में ट्रांसफर किए (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) गए। उसने इस उम्‍मीद दांव लगाया कि उसे फायदा होगा। लेकिन लालच में उसे तगड़ा नुकसान हो गया। इस बीच जबतक युवक को अपने साथ धोखाधड़ी का एहसास होता, बहुत देर हो गई थी। धोखाधड़ी का अहसास होते ही अंततः उसने 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को दर्ज कराई गई है लेकिन अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि इतने वक्‍त तक धोखाधड़ी कैसे होती रही। हालाँकि इस मामले में पुलिस ने कितनी रकम रिकवर की है, यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है। इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला जल्‍दी अमीर बनने का सपना देख रहे लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी का हो (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud) जाते हैं शिकार  इसके पीछे की बड़ी वजह है लालच, जल्‍दी पैसा कमाने और अमीर बनने का सपना देख रहे लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो  (Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud)  जाते हैं। आए दिन इस तरह के केस दर्ज हो रहे हैं। सरकार अपनी तरफ से लोगों को जागरूक कर रही है। ऐसा नहीं है, केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। सरकार ने बाकायदा 1930 नंबर को साइबर फ्रॉड से मुकाबले के लिए जारी किया है। इस नंबर पर कॉल करके लोग अपने साथ हुए साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके बावजूद लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Man Loses ₹11.5 Crore in Online Fraud #OnlineFraud #CyberScam #DigitalFraud #FraudAwareness #CyberCrime #FinancialFraud #ScamAlert #OnlineScam #BankFraud #InternetCrime

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