Myanmar earthquake: म्यांमार में आये भीषण भूकंप से मची तबाही, 700 से अधिक लोगों की हुई मौत, हजारों घायल
शुक्रवार को म्यांमार में अचानक भूकंप (Myanmar earthquake) के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के पास था। भूकंप की तीव्रता 7.7 थी। इसी के बाद करीब 11 मिनट बाद 6.4 तीव्रता का जोरदार झटका आया। भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि इससे कई इमारतें ढह गईं। अचानक आये इस भूकंप से लोग दहशत में आ गए। चारों तरफ अफरा-तरफ का माहौल मच गया। तबाही का मंजर ऐसा कि इस भूकंप में तकरीबन 700 से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। मौतों का अकड़ा बढ़ने के आसार हैं। हजारों लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। फ़िलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी चल ही रहा है, इसी के चलते बचाव कार्य जारी रहने के चलते मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। यही नहीं, म्यांमार में आए भूकंप के झटके पड़ोसी देश थाईलैंड तक में महसूस किए गए। पड़ोसी देश थाईलैंड के बैंकॉक में एक निर्माणाधीन ऊंची इमारत ढह गई, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। बता दें कि म्यांमार में सबसे ज्यादा नुकसान 15 लाख की आबादी वाले मांडले शहर में हुआ। यहां पर बचाव कार्य जारी है। बता दें कि मुख्य भूकंप के बाद शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार रात 11:56 बजे म्यांमार में 4.2 तीव्रता का झटका आया। इस झटके के बीच नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने पुष्टि की कि यह झटका 10 किमी की गहराई पर आया। जिससे आगे के झटकों की संभावना बढ़ गई है। इस मुश्किल घड़ी में भारत ने म्यांमार की तरफ बढ़ाया मदद का हाथ (Myanmar earthquake) म्यांमार में आये भीषण भूकंप (Myanmar earthquake) के बाद राहत अभियान शुरू किया जा चुका है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने घोषणा की कि “संयुक्त राष्ट्र जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए दक्षिण पूर्व एशिया में जुट रहा है, राहत के लिए 5 मिलियन डॉलर आवंटित किए गए हैं।” तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “उन्होंने म्यांमार में अधिकारियों से बात की है और पुष्टि की है कि उनका प्रशासन देश को सहायता देगा।” म्यांमार की सरकार ने सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में बल्ड के जरूरत की बात कही है। इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी म्यांमार की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है। कहा जा रहा है कि भारत म्यांमार को स्लीपिंग बैग, खाना, टेंट, स्वच्छता किट और आवश्यक दवाओं सहित 15 टन से अधिक राहत सामग्री भेजेगा। जानकारी के मुताबिक सहायता वायु सेना स्टेशन हिंडन से भारतीय वायु सेना के सी-130जे विमान के जरिए यह मदद देश तक पहुंचाई जाएगी। इसे भी पढ़ें:- म्यामार-थाईलैंड में भूकंप के तेज झटके, गगनचुंबी इमारतें हुईं धराशाही थाईलैंड में बैंकॉक के चाटुचक बाजार के पास एक निर्माणाधीन 33 मंजिला इमारत (Myanmar earthquake) ढह गई प्राप्त जानकारी के अनुसार, म्यांमार के सैन्य जुंटा नेता जनरल जुंटा प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग ने एक वीडियो स्पीच में कहा कि “मैंने राहत प्रयासों के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन का अनुरोध किया है। उन्होंने अधिक मौतों और हताहतों की चेतावनी दी है। इस दौरान उन्होंने सभी देशों से मदद और दान देने की गुजारिश की है। जबकि मेजर जनरल जॉ मिन तुन ने बताया कि “नेपीडॉ, मांडले और सागांग शहर में अस्पताल घायलों से भरे हुए हैं।” यही नहीं, थाईलैंड में, बैंकॉक के चाटुचक बाजार के पास एक निर्माणाधीन 33 मंजिला इमारत (Myanmar earthquake) ढह गई। इमारत के ढहने के बाद बचावकर्मी मलबे की ओर दौड़े और घायल लोगों को फौरन अस्पताल ले जाया गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे का अनुमान है कि मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक हो सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Myanmar earthquake #MyanmarEarthquake #EarthquakeNews #MyanmarDisaster #SeismicActivity #EarthquakeAlert #BreakingNews #EarthquakeDeathToll #MyanmarRescue #TsunamiAlert #NaturalDisaster

