Axiom Mission 4

अब 22 जून को लॉन्च होगा Axiom Mission 4: ISRO

भारत के अंतरिक्ष मिशन में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसमें भारत के शुभांशु शुक्ला का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा। साल 1984 में राकेश शर्मा के बाद शुभांशु दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बनने जा रहे हैं जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करेंगे। यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। शुभांशु शुक्ला को Axiom Mission 4 (Ax-4) के अंतर्गत अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। यह मिशन न केवल भारत के लिए बल्कि पोलैंड और हंगरी के लिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि इन तीनों देशों के प्रतिनिधि पहली बार मानव अंतरिक्ष यात्रा में भाग लेंगे। यह मिशन भारत की वैज्ञानिक क्षमता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति समर्पण का प्रतीक है। 22 जून को लॉन्च होगा Axiom Mission 4   ISRO ने एक्स पर यह जानकारी दी है कि अब 22 जून को Axiom Mission 4  लॉन्च होगा। इस 14 दिवसीय मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला न केवल अंतरिक्ष में रिसर्च करेंगे, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता का भी प्रदर्शन करेंगे। वह भारतीय छात्रों और शिक्षकों के साथ सीधे संवाद स्थापित करेंगे, जिससे न केवल बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी बल्कि युवाओं को प्रेरणा भी मिलेगी। यह प्रयास शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भारत के दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर दर्शाएगा। शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सहयोग से संभव हो रही है। ISRO ने हमेशा से नई तकनीक और स्वदेशी अंतरिक्ष तकनीक के विकास को प्राथमिकता दी है। इस मिशन में ISRO द्वारा तैयार किए गए विशेष वैज्ञानिक प्रयोगों को अंतरिक्ष में अंजाम दिया जाएगा, जिनके परिणाम आने वाले समय में विज्ञान, औषधि और पर्यावरण के क्षेत्रों में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। शुभांशु का चयन एक कठिन प्रक्रिया के बाद हुआ है, जिसमें शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और वैज्ञानिक समझ को परखा गया। भारत अब अंतरिक्ष विज्ञान में न केवल तकनीक और प्रक्षेपण के क्षेत्र में बल्कि मानव संसाधन के स्तर पर भी अग्रणी बनता जा रहा है। Axiom Mission 4  को @Axiom_Space द्वारा @NASA और @SpaceX के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस तरह भारत अब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ साझेदारी में सक्रिय रूप से भागीदारी कर रहा है। इससे भारत को वैश्विक मंच पर वैज्ञानिक शक्ति के रूप में मान्यता मिल रही है। इस मिशन का सबसे विशेष पक्ष यह है कि यह केवल वैज्ञानिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का भी प्रतीक बन रहा है। शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में भारत की संस्कृति, परंपरा और शांति के संदेश को लेकर जाएंगे, जिससे विश्व समुदाय में भारत की सॉफ्ट पावर को भी बल मिलेगा। इसे भी पढ़ें:- Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन युवाओं के रोलमॉडल हैं “शुभांशु शुक्ला” इनसबके अलावा शुभांशु शुक्ला के साथ जुड़ी यह ऐतिहासिक यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। जब भारतीय बच्चे यह देखेंगे कि उनका प्रतिनिधि अंतरिक्ष में जाकर न केवल वैज्ञानिक कार्य कर रहे हैं, बल्कि देश की पहचान भी मजबूत कर रहे हैं, जिससे वे भी विज्ञान, तकनीक और नई-नई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित होंगे। भारत के लिए यह अवसर केवल एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं है, बल्कि यह देश की वैज्ञानिक प्रगति, वैश्विक कूटनीति और युवाओं के उज्जवल भविष्य का प्रतीक है। यह मिशन दर्शाता है कि भारत अब केवल अपने लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक सहयोग और मानवता के हित में भी अंतरिक्ष विज्ञान का उपयोग कर रहा है। शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा भारत की अंतरिक्ष यात्रा में नया मोड़ लाने जा रही है। यह मिशन न केवल तकनीकी उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह देश के युवाओं को सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा भी देगा। यह ऐतिहासिक क्षण भारत को एक बार फिर गर्व से भर देगा, और अंतरिक्ष में भारत की मजबूत उपस्थिति को रेखांकित करेगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Axiom Mission 4  #AxiomMission4 #ISRO #ShubhanshuShukla #SpaceX #ISS #Falcon9 #SpaceExploration

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Trump limits Musk’s authority: एलन मस्क पर सख़्त हुए ट्रंप, कहा- आपको सरकारी कर्मचारियों को निकालने का कोई हक नहीं

जब से डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ ली है तब से ट्रंप और एलन मस्क दोनों ताबड़तोड़ एक के बाद एक चौंकाने वाले निर्णय ले रहे हैं। चाहे वो कनाडा और मैक्सिको समेत अन्य देशों पर टैरिफ लगाना हो या फिर अपने ही देश के सरकारी कर्मचारियों की छटनी करनी हो। बेख़ौफ़ होकर निर्णय ले रहे थे। लेकिन इस बीच स्थिति बदलते देर नहीं लगी। इस दरम्यान अनावश्यक हुई सरकारी कर्मचारियों की छंटनी के बाद बगावती सुर बुलंद होने लगे और असंतोष की भावना पनपने लगी। बगावती सुर बुलंद होता देख ट्रंप ने कहा कि “टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क केवल विभागों को सलाह देने तक (Trump limits Musk’s authority) सीमित हैं। और वे कर्मियों या नीतियों पर स्वतंत्र रूप से फैसले नहीं ले सकते।” बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कैबिनेट को स्पष्ट किया कि “बिलियनेयर सलाहकार एलन मस्क को संघीय विभागों के अध्यक्ष की तरह अधिकार नहीं दिए गए हैं। और न ही उन्हें सरकारी कर्मचारियों को निकालने का कोई अधिकार है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क केवल विभागों को सलाह देने तक सीमित हैं।”   इबोला रोकथाम के लिए फंडिंग को गलती से रद्द करना एक बड़ी चूक (Trump limits Musk’s authority) थी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एलन मस्क ने स्वीकार किया कि “पिछले सप्ताह ट्रंप की पहली कैबिनेट बैठक में इबोला रोकथाम के लिए फंडिंग को गलती से रद्द करना एक बड़ी चूक (Trump limits Musk’s authority) थी।” दरअसल, एलन मस्क और उनकी डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशियेंसी (डीओजेई) फेडरल कर्मचारियों की छंटनी सहित खर्चों में कटौती के उपायों पर काम कर रही है। गौर करने वाली बात यह कि मस्क के पास स्वयं सरकारी कर्मचारियों को निकालने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशियेंसी की पहल के चलते भारी संख्या में छंटनी और इस्तीफे हुए हैं। इस बीच जानकारी के लिए बता दें कि 20,000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। और तकरीबन 75,000 कर्मचारियों ने स्वेच्छा से इस्तीफा देने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इन छंटनियों का सबसे अधिक असर उन कर्मचारियों पर पड़ा है, जो प्रोबेशन की अवधि में थे। इसके पीछे की बड़ी वजह यह कि उनके पास नागरिक सेवा से जुड़े संरक्षण के अधिकार सीमित होते हैं। इस कारण उन्हें हटाना बेहद आसान होता है। इसे भी पढ़ें:-  नरम पड़े डोनाल्ड ट्रंप, 45 दिन बाद मैक्सिको-कनाडा को दी राहत एलन मस्क के अधिकारों को सीमित (Trump limits Musk’s authority) करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि इन नौकरियों में कटौती का प्रभाव कई एजेंसियों पर पड़ा है। जिनमें आंतरिक राजस्व सेवा (आईआरएस), ऊर्जा विभाग, दिग्गज मामलों का विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ़ वेटरन्स अफेयर्स) और अन्य शामिल हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति के नए निर्देश एलन मस्क के अधिकारों को सीमित (Trump limits Musk’s authority) करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। ट्रंप के आदेश के अनुसार डीओजेई और उसकी टीम सलाहकार की भूमिका में रहेंगे। लेकिन अंतिम फैसले लेने का अधिकार कैबिनेट सचिवों के पास ही होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump limits Musk’s authority #TrumpVsMusk #ElonMusk #DonaldTrump #SpaceX #USPolitics #TechRegulation #MuskVsGovernment #TrumpNews #Tesla #XCorp

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