Masik Shivratri: भगवान शिव-पार्वती की कृपा पाने का खास दिन है ‘मसिकशिवरात्रि’
हिंदू धर्म में शिवरात्रि का विशेष महत्व है। यह पर्व भगवान शिव (Lord Shiva) की आराधना और उनकी कृपा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। शिवरात्रि दो प्रकार की होती है – एक महाशिवरात्रि और दूसरी मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) । महाशिवरात्रि साल में एक बार मनाई जाती है, जबकि मासिक शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। आइए जानते हैं कि मासिक शिवरात्रि का क्या महत्व है, इसकी पूजा विधि क्या है और इससे जुड़ी कथा क्या है। मासिक शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त (Masik Shivratri Puja Muhurat) पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 27 मार्च को रात 11:03 बजे से आरंभ होकर 28 मार्च को शाम 07:55 बजे समाप्त होगी। इस आधार पर, चैत्र माह की मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) का व्रत गुरुवार, 27 मार्च 2025 को रखा जाएगा। मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव (Lord Shiva) की पूजा मध्य रात्रि में की जाती है। मासिक शिवरात्रि का महत्व मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) का हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह व्रत भगवान शिव (Lord Shiva) और माता पार्वती की पूजा के लिए किया जाता है। मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है और उनकी कृपा प्राप्त की जाती है। इस व्रत को करने से भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। मासिक शिवरात्रि का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह व्रत भगवान शिव के प्रति भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। इस व्रत को करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? मासिक शिवरात्रि के लाभ नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Masik Shivratri #MasikShivratri #ShivParvati #LordShiva #ShivratriVrat #ShivPuja #Spirituality #Devotion #HinduFestivals #ShivaBlessings #ShivaBhakti

