Trump trade statement

Global market crash: टैरिफ वॉर के डर से भारत सहित ग्लोबल मार्केट में हाहाकार, ट्रंप ने कही यह बड़ी बात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ पॉलिसी लागू होने के बाद से दुनियाभर के शेयर बाजारों में कोहराम (Global market crash) मचा हुआ है। पिछले कुछ दिनों में दुनिया भर के शेयर बाजारों से करीब 6 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू जलकर स्वाहा हो गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी। ट्रंप की तरफ से लगाए गए भारी इम्पोर्ट टैक्स के जवाब में चीन ने भी अमेरिका पर सख्त टैरिफ लगा दिए। इस ट्रेड वॉर के डर से दुनिया भर के निवेशक डर के मारे शेयर बेचने लगे हैं। आज यानी सोमवार, 7 अप्रैल को एशियाई शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुले। हॉन्ग कॉन्ग, ऑस्ट्रेलिया, जापान जैसे बड़े मार्केट्स में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। बात करें ग्लोबल मार्किट की तो गोल्ड की कीमत में भी 0.7% की आई है गिरावट (Global market crash) ध्यान देने वाली बात यह कि इस गिरावट (Global market crash) के बाद जापान में फ्यूचर ट्रेडिंग को रोकना पड़ा, यानी सर्किट ब्रेकर लगाना पड़ा। इस तरह की गिरावट मार्केट में डर और पैनिक का साफ संकेत देती है। दरअसल, ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि इन्वेस्टर्स को लग रहा है कि ट्रेड वॉर की वजह से ग्लोबल ग्रोथ पर असर पड़ेगा और कंपनियों के मुनाफे में बड़ी गिरावट हो सकती है। सिर्फ एशियाई मार्केट ही नहीं, बल्कि अमेरिका के शेयर फ्यूचर्स में भी बड़ी गिरावट देखी गई। गोल्ड की कीमत में भी 0.7% की गिरावट आई है और यह 3,013 डॉलर प्रति औंस तक आ गया है।  ये मार्केट में गिरावट सिर्फ मेडिसीन की तरह है, जो लॉन्ग टर्म में फायदा पहुंचाएगी (Global market crash)  शेयर बाजार में जारी गिरावट (Global market crash) पर रविवार को ट्रंप ने यह इनकार किया कि “वो जानबूझकर शेयर बाजार में गिरावट ला रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “उन्हें मार्केट रिएक्शन का अंदाजा नहीं था और जब तक दूसरे देशों के साथ व्यापार घाटे का समाधान नहीं होता, तब तक वो कोई डील नहीं करेंगे। ट्रंप ने कहा, कभी-कभी किसी चीज को ठीक करने के लिए दवा लेनी ही पड़ती है। दरअसल, ट्रंप का कहना है कि “ये मार्केट में गिरावट सिर्फ मेडिसीन की तरह है, जो लॉन्ग टर्म में फायदा पहुंचाएगी। चाहे कुछ भी हो, लेकिन इन्वेस्टर्स को फ़िलहाल नुकसान ही दिख रहा है। बता दें कि एयर फाॅर्स वन में रिपोर्टर्स से बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि “उन्होंने इस मसले पर दुनिया के कई नेताओं से बातचीत की है और कहा कि वो सब डील करने को बेताब हैं।” इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ ट्रंप के फैसले के बाद से भारतीय शेयर बाजार में देखने मिल रही है गिरावट (Global market crash) गोलबल मार्किट के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार भी अब पूरी तरह से इसकी चपेट में (Global market crash) आ गया है। सोमवार, 7 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार का प्रमुख इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स 3914.75 अंकों की गिरावट के साथ 71,449.94 अंकों पर खुला। एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स भी आज 1146 अंकों की गिरावट के साथ 21,758.40 अंकों पर खुला। ट्रंप के फैसले के बाद से अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। बता दें कि कोविड के बाद भारतीय शेयर बाजार में ये अभी तक की सबसे बड़ी गिरावट है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Global market crash #GlobalMarketCrash #TariffWar #TrumpTradePolicy #StockMarketNews #IndianMarkets #USChinaTensions #EconomicCrash #SensexToday #MarketPanic #GlobalRecession

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Donald Trump Imposes 26% Tariff on Indian Goods

26% tariff on Indian goods: डोनाल्ड ट्रम्प ने लागू किया पारस्परिक टैरिफ, भारत पर लगाया 26% लगाया तो चीन और पाक को दिया तगड़ा झटका

आखिरकार 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया के तमाम देशों पर पारस्परिक टैरिफ (रेसिप्रोकल टैरिफ) लागू कर दिया। ट्रम्प ने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ (26% tariff on Indian goods) लगाया है, जबकि अचीन पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। दरअसल, डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में भाषण के दौरान पारस्परिक टैरिफ की योजना की घोषणा की। देशों के एक समूह पर संयुक्त राज्य अमेरिका से वसूले जाने वाले टैरिफ की लगभग आधी दर से टैरिफ लागू किया गया है। इस दौरान ट्रम्प ने कहा कि “यह अमेरिकी इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। यह हमारी आर्थिक स्वतंत्रता की घोषणा है। सालों तक, कड़ी मेहनत करने वाले अमेरिकी नागरिकों को किनारे पर बैठने के लिए मजबूर किया गया था, लेकिन अब हमारे समृद्ध होने का समय है।” इस बीच भारत को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि “भारत, बहुत, बहुत सख्त है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अभी-अभी यहां से गए हैं। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मैंने कहा कि आप मेरे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं। वे हमसे 52 प्रतिशत शुल्क लेते हैं। आपको समझना होगा, हमने उनसे सालों-साल और दशकों तक कुछ भी शुल्क नहीं लिया। यह केवल सात साल पहले की बात है। जब मैं सत्ता में आया, तब हमने चीन के साथ इसकी शुरुआत की।” अमेरिका द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 26% पारस्परिक टैरिफ (26% tariff on Indian goods) के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है वाणिज्य मंत्रालय  गुरुवार को वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “अमेरिका द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 26% पारस्परिक टैरिफ (26% tariff on Indian goods) के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है।” एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक “अमेरिका में सभी आयात पर एक समान 10 प्रतिशत का शुल्क 5 अप्रैल से और बाकी 16 प्रतिशत शुल्क 10 अप्रैल से लागू होगा।” उन्होंने कहा कि “एक प्रावधान है कि अगर कोई देश अमेरिका की चिंताओं का समाधान करता है, तो डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन उस देश के खिलाफ शुल्क कम करने पर विचार कर सकता है।” बता दें कि भारत पहले से ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है। बता दें कि मेक्सिको के बाद अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े आयातक चीन को अब इस नई नीति के तहत 34% टैरिफ का देना पड़ेगा। बीजिंग ने यूरोपीय संघ के साथ मिलकर पहले ही जवाबी टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीन ने बार-बार अमेरिका द्वारा चीन से आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने के प्रति अपनी कड़ी असहमति और मजबूत विरोध जताया है। यही नहीं,  चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “देश अपने अधिकारों और हितों की दृढ़ता से रक्षा करने के लिए जवाबी कदम उठाएगा।” इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ फिर भी भारत कई दूसरे देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है (26% tariff on Indian goods) मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के टॉप निर्यातक संगठन, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के महानिदेशक और सीईओ अजय सहाय ने गुरुवार को कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए गए 26 प्रतिशत टैरिफ (26% tariff on Indian goods) आयात शुल्क से निस्संदेह घरेलू प्लेयर प्रभावित होंगे।” इसके अलावा अजय सहाय ने यह भी कहा कि “भारत कई दूसरे देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता, जिस पर वर्तमान में दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है, जल्द संपन्न हो जाएगा, क्योंकि इससे इन पारस्परिक टैरिफ से राहत मिलेगी। बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प ने बाकी देशों द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर लगाए जाने वाले शुल्क की आधी दर पर ही पारस्परिक शुल्क लगाया है। आने वाले समय में अमेरिका सहित कई देशों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news 26% tariff on Indian goods #DonaldTrump #IndiaUSTrade #TariffWar #IndianExports #USIndiaRelations #GlobalTrade #TradePolicy #EconomicImpact #TrumpTariff #IndiaChina

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