Trump Ukraine weapons

Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine: सीजफायर की बात करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप यूक्रेन को और भेजेंगे हथियार, ऐसे मिलेगा नोबेल?

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध है कि थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस बीच आग ने घी डालने का काम करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को और हथियार भेजने का ऐलान किया है। मजे की बात यह कि पिछले हफ्ते ही हथियारों की सप्लाई पर रोक लगाने की बात कही गई थी। खैर, इस बीच, रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए हैं। दरअसल, अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ऐलान किया कि “यूक्रेन को और हथियार भेजे जाएंगे।” ध्यान देने वाली बात यह कि उनका यह बयान ऐसे समय में आया (Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine) है, जब कुछ दिन पहले ही पेंटागन ने यूक्रेन को दी जाने वाली कुछ अहम हथियारों की सप्लाई रोक दी थी। इस बीच रूस ने यूक्रेन पर ड्रोन और मिसाइल हमलों को और तेज कर दिया है, जिसमें कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं।  हाल के दिनों में रूस ने यूक्रेन पर अपने हवाई हमले तेज कर दिए (Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine) हैं गौरतलब हो कि कि पिछले हफ्ते ही पेंटागन ने कहा था कि “अमेरिका के पास हथियारों का स्टॉक कम हो रहा है, इसलिए यूक्रेन को कुछ हथियारों की डिलीवरी रोकी जा रही है।” इनमें एयर डिफेंस सिस्टम और सटीक निशाना लगाने वाले तोपखाने शामिल थे। लेकिन सोमवार को ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि “हमें यूक्रेन को और हथियार भेजने होंगे। उन्हें अपनी हिफाजत के लिए लड़ने का हक है।” ऐसे में कहने की जरूरत नहीं उनका यह बयान यूक्रेन के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है, जो रूस के लगातार हमलों का सामना कर रहा (Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine) है। दोनों देशों के बीच बढ़ते युद्ध को देखते हुए रूस ने हाल के दिनों में यूक्रेन पर अपने हवाई हमले तेज कर दिए हैं। इस हमले पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि “पिछले एक हफ्ते में रूस ने 1270 ड्रोन, 39 मिसाइलें, और करीब 1000 शक्तिशाली ग्लाइड बम यूक्रेन पर दागे। इन हमलों में कम से कम 11 लोग मारे गए और 80 से ज्यादा घायल हुए, जिनमें 7 बच्चे भी शामिल हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि “रूस के हमलों में ओदेसा में एक व्यक्ति की मौत हुई जबकि खारकीव में एक व्यक्ति मारा गया और 71 लोग घायल हुए।” इस दौरान उन्होंने आगे बताया कि “सूमी में ड्रोन हमलों में 2 लोग मारे गए और 2 घायल हुए जबकि दोनेत्स्क में 7 लोग मारे गए और 9 घायल हुए।’ जानकारी के लिए बता दें कि सोमवार को रूस ने यूक्रेन के सैन्य भर्ती केंद्रों पर भी हमले किए। बड़ी बात यह कि ये पिछले 5 दिनों में ऐसा तीसरी बार हुआ है। दरअसल, इसका मेन मकसद यूक्रेन की सेना में नई भर्ती को रोकना था। हालांकि इसके जवाब में यूक्रेन ने भी रूस के अंदर कई सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। इस बीच रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उन्होंने रातोंरात 13 रूसी क्षेत्रों में 91 यूक्रेनी ड्रोन मार (Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine) गिराए। ऐसा नहीं है कि यूक्रेन हाथ पर हाथ धीरे बैठा है, यूक्रेन ने पहले भी रूस के सैन्य ठिकानों और हवाई अड्डों पर ताबड़तोड़ ड्रोन हमले किए हैं। यही नहीं, हाल ही में ऑपरेशन स्पाइडरवेब में यूक्रेन ने रूस के 4 एयरबेस पर 117 ड्रोन्स से हमला किया था, जिसमें कई रूसी फाइटर जेट तबाह हो गए थे। यूक्रेन के साथ युद्ध के बीच रूसी परिवहन मंत्री रोमन स्टारोवोइत की सोमवार को मौत हो गई। रूसी अधिकारियों ने इसे आत्महत्या बताया। ध्यान देने वाली बात यह कि उनकी मौत की खबर उनके बर्खास्त होने के चंद घंटों बाद ही आई। बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्टारोवोइत को मई 2024 से परिवहन मंत्री बनाया था। उनकी बर्खास्तगी की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई। रूसी मीडिया का कहना है कि “यह कुर्स्क क्षेत्र में डिफेंस वॉल के लिए दी गई रकम में गबन की जांच से जुड़ा हो सकता है।” गौरतलब हो कि कुर्स्क में अगस्त 2024 में यूक्रेन की अचानक घुसपैठ के दौरान रूस की रक्षा लाइन कमजोर साबित हुई थी, जिसके लिए स्टारोवोइत को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया था। #Trump #Ukraine #NobelPeacePrize #WeaponsAid #USPolitics #Ceasefire #TrumpNews #UkraineWarZ Latest News in Hindi Today Hindi news 

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Trump warns 10% extra tariff on countries aligning with BRICS

Trump Warns 10% Tariff for Pro-BRICS Nations: ब्रिक्स की अमेरिका विरोधी नीतियों से जुड़ने वाले देश पर लगाएंगे 10% अतिरिक्त टैरिफ- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

अपने ऊटपटांग फैसलों के लिए मशहूर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया शिगूफा छोड़ा है। एक बार फिर उन्होंने 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की ट्रंप की धमकी दी है। दरअसल, 7 जुलाई (रविवार) को कहा कि “ब्रिक्स की अमेरिकी विरोधी नीतियों के साथ खुद को जोड़ने वाले देशों से 10% अतिरिक्त टैरिफ वसूला जाएगा।” यह बात ट्रंप ने ट्रुथ सोशल के एक पोस्ट में (Trump Warns 10% Tariff for Pro-BRICS Nations) कही। ट्रंप ने कहा कि “ब्रिक्स की अमेरिकी विरोधी नीतियों के साथ खुद को जोड़ने वाले किसी भी देश पर अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाया जाएगा। इस नीति में कोई अपवाद नहीं होगा। इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद।” बता दें कि ब्रिक्स की अमेरिकी विरोधी नीतियों से जुड़े देशों पर ट्रंप ने कहा कि “इस नीति के लिए कोई अपवाद नहीं होगा यानी हर देश पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है।” वैश्विक प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने 90-दिन के लिए इसे रोक दिया (Trump Warns 10% Tariff for Pro-BRICS Nations) था मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि दुनियाभर के विभिन्न देशों के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका के टैरिफ पत्र और समझौते, सोमवार, 7 जुलाई को दोपहर 12:00 बजे (पूर्वी) से वितरित किए जाएंगे।” मजे की बात यह कि टैरिफ रोकने की समयसीमा क़रीबा आता देख ट्रंप ने कहा (Trump Warns 10% Tariff for Pro-BRICS Nations) है कि “उनके पास 12 देशों के लिए टैरिफ पत्र तैयार हैं। ट्रंप ने कहा है कि पत्र सोमवार को दोपहर 12 बजे जारी किए जाएंगे। गौरतलब हो कि 2 अप्रैल को ट्रंप ने अमेरिका के सभी ट्रे़डिंग पार्टनर देशों के लिए संशोधित और बढ़ी हुई टैरिफ दरों की घोषणा की थी। वैश्विक प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने 90-दिन के लिए इसे रोक दिया था। ये रोक 9 जुलाई को खत्म हो रही है, उससे पहले ही ट्रंप फिर से ट्रैरिफ लगाने की बात कह रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ 11 देशों में दुनिया की लगभग आधी आबादी रहती (Trump Warns 10% Tariff for Pro-BRICS Nations) है बता दें कि वर्तमान समय में ब्राजील में ब्रिक्स समिट का आयोजन किया जा रहा है। ब्रिक्स की स्थापना ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने मिलकर की थी। इसके बाद साल 2023 में इसमें इंडोनेशिया, ईरान, मिस्र, इथियोपिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश भी जुड़ गए। ध्यान देने वाली बात यह कि ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित उभरते 11 देशों में दुनिया की लगभग आधी आबादी रहती (Trump Warns 10% Tariff for Pro-BRICS Nations) है।  और बड़ी बात यह कि इसमें वैश्विक आर्थिक उत्पादन का 40 प्रतिशत हिस्सा है। इस बीच ब्रिक्स देशों ने अपने घोषणापत्र में बिना नाम लिए अमेरिका और ट्रंप की आलोचना की है। ब्रिक्स घोषणापत्र में एकतरफा टैरिफ वृद्धि पर चिंता व्यक्त की गई है। ब्रिक्स समिट में  पीएम मोदी ने कहा कि “भारत ने हमेशा मानवता के लिए काम किया। वैश्विक संस्थाओं में बड़े बदलाव की जरूरत है। ग्लोबल साउथ को केवल प्रतीकात्मक सहयोग मिला। वैश्विक संस्थानों में व्यापक सुधार करने होंगे।” पीएम मोदी ने आतंकवाद पर जोर देते हुए कहा कि “आतंकवाद मानवता के लिए सबसे गंभीर चुनौती है और आतंकवाद पीड़ितों और समर्थकों को एक ही तराजू में नहीं तौलना चाहिए।” इसके साथ ही ब्रिक्स के संयुक्त घोषणा पत्र में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई। पीएम मोदी ने ब्रिक्स के मंच से आतंकवाद का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। न सिर्फ लताड़ लगाई बल्कि वैश्विक नेताओं से आतंक के खिलाफ एकजुट होने की अपील भी की।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump #Trump #BRICS #Tariff #TradeWar #USPolicy #GlobalPolitics #BRICSvsUSA

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US House passes 'Big Beautiful Bill'

अमेरिक के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पास हुआ ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’, ट्रंप बोले-  लाखों लोगों को मिलेगा ‘डेथ टैक्स’ से आजादी 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने को अपने देश में बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की है। ट्रंप का बहुचर्चित ”बिग ब्यूटीफुल बिल” (Big Beautiful Bill) हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से 218-214 के अंतर से पास हो गया। ट्रंप की रिपब्लिकन के दो सदस्य इस बिल के खिलाफ वोट किया, हालांकि ये दोनों पहले से ही बिल का विरोध कर रहे थे। अब इस बिल पर सिर्फ ट्रंप के हस्ताक्षर की जरूरत है, जिसके बाद यह लागू हो जाएगा।  अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में बिल पास होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इसकी घोषणा करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में अभी-अभी रिपब्लिकन ने बिग ब्यूटीफुल बिल (Big Beautiful Bill) को पास कर दिया है, जो दिखाता है कि हमारी पार्टी अब पहले से कहीं ज्यादा एकजुट है। इस बिल पर मैं अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस (4 जुलाई) के खास मौके पर हस्ताक्षर करूंगा। बता दें कि अमेरिकी सीनेट ने भी इसी सप्ताह मंगलवार को इस बिल को पारित किया था।  बिल पर हस्ताक्षर के लिए ट्रंप करेंगे भव्य समारोह का आयोजन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने एक दूसरे पोस्ट में बिल पास होने पर खुशी जताते हुए कहा, ‘यह अमेरिका के लिए बेहद ऐतिहासिक दिन है। अमेरिका का दिशा और दशा बदलने वाले इस बिल पर हस्ताक्षर करने के लिए 4 जुलाई को शाम 4 बजे (अमेरिकी समयानुसार) व्हाइट हाउस में हस्ताक्षर समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में अमेरिकी कांग्रेस के सभी सदस्यों और सभी सीनेटर को आमंत्रित किया गया है। हम सभी एकजुट होकर अमेरिका की स्वतंत्रता और इस बिल के पास होने का जश्न मनाएंगे। अमेरिका के लोग अब पहले से ज्यादा समृद्ध, सुरक्षित और गौरवान्वित महसूस कर रहे  होंगे।’ बिग ब्यूटीफुल बिल क्या है? डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अपने इस बिल को अमेरिका की किस्मत बदलने वाला ड्रीम बिल बता चुके हैं। यह 869 पन्नों का बिल है और इसमें ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान लगाए गए टैक्स कटौती को और भी व्यापक तरीके से शामिल किया गया है। अमेरिकी लोगों को मिलने वाली आयकर छूट जारी रहेगी, साथ ही होटल टिप्स और ओवरटाइम वेतन पर लगने वाला टैक्स भी खत्म कर दिया गया है। लोगों को टैक्स में यह छूट 2028 तक मिलेगी। इसके अलावा बिल में कर्ज लेने की की सीमा बढ़ाकर 50 लाख डॉलर तक कर दिया गया है।  वहीं अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए भी बिल में कई गुना ज्यादा बजट का प्रावधान किया गया है। बिल में गोल्डन डोम मिसाइल शील्ड के लिए 25 अरब डॉलर का बजट रखा गया है। इससे अमेरिका का एयर डिफेंस सिस्टम मजबूत होगा। इसके अलावा मंगल मिशन के लिए 10 अरब डॉलर, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को रिटायर करने के लिए 32.5 करोड़ डॉलर रखे गए हैं। इसे भी पढ़ें:-ट्रंप का ऐलान, गाजा में 60 दिन का युद्धविराम होगा, इजरायल तैयार लेकिन हमास डेमोक्रेट्स ने बिल को बताया गरीब अमेरिकियों पर जानलेवा हमला डेमोक्रेट्स इस बिल का शुरूआत से विरोध कर रहे हैं। डेमोक्रेट्स का कहना है कि ट्रंप का यह  बिल देश के लाखों गरीब अमेरिकियों पर जानलेवा हमला है। इस बिल की वजह से मेडिकेड पर कई नए प्रतिबंध लगेंगे, जो फ्री स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। डेमोक्रेट्स का यह भी कहना है कि इस भारी भरकम बिल की वजह से अमेरिका पर कर्ज कई गुना बढ़ जाएगा। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलॉन मस्क (Elon Musk) भी इस बिल के विरोध में हैं। उन्होंने इस बिल को ‘बेहूदा’ बताते हुए कह चुके हैं कि अगर यह बिल पास हुआ तो वह अगल दिन ही नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। अब देखना यह होगा कि एलॉन मस्क (Elon Musk) कब नई पार्टी की घोषणा करते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump #Trump #BigBeautifulBill #DeathTax #USPolitics #HouseBill2025 #TaxReform #EstateTax #TrumpSpeech

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Trump Gaza ceasefire

Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees: ट्रंप का ऐलान, गाजा में 60 दिन का युद्धविराम होगा, इजरायल तैयार लेकिन हमास 

इजरायल और ईरान में सीजफायर कराने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायल और हमास में भी सीजफायर (GazaCeasefire) कराने का प्रयास कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इजरायल और हमास में 60 दिन का युद्धविराम हो सकता है। हालाँकि इससे पहले भी जनवरी 2025 में 15 महीने की जंग के बाद इजरायल और हमास के बीच 6 सप्ताह का युद्धविराम हुआ (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) था। खैर, इजरायल सीजफायर के लिए तैयार है, बात हमास को लेकर अटकी है। दोनों के बीच सीजफायर हो सके इसलिए वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने इजरायल के रणनीतिक मामलों के मंत्री रान डर्मर से बातचीत भी की। बड़ी बात यह कि इस मुलाकात में इजरायल के मंत्री हमास के साथ सीजफायर की शर्तों को मानने के लिए राजी हो गए हैं। इस मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ]सोशल अकाउंट पर एक पोस्ट लिखकर इजरायल और हमास में सीजफायर होने की उम्मीद जताई। गौरतलब हो कि “दोनों पक्षों में संघर्ष विराम की बात तब उठी, जब गाजा को खाली करने नया आदेश जारी हुआ।” जरायल ने 60 दिन के युद्धविराम के प्रस्ताव को फाइनल करने के लिए जरूरी शर्तों पर जता (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) दी है सहमति  राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात की जानकारी अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर एक पोस्ट के रूप में दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि “अमेरिका के प्रतिनिधियों ने आज गाजा के साथ युद्धविराम के मुद्दे पर इजरायलियों के साथ लंबी बैठक की। इजरायल ने 60 दिन के युद्धविराम (GazaCeasefire) के प्रस्ताव को फाइनल करने के लिए जरूरी शर्तों पर सहमति जता (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) दी है। दोनों पक्षों में संघर्ष विराम तभी होगा, जब सभी मिलकर एक साथ प्रयास करेंगे। कतर और मिस्र सीजफायर के अंतिम प्रस्ताव को पेश करेंगे। उम्मीद है कि मध्य पूर्व की भलाई के लिए हमास सीजफायर के समझौते को स्वीकार करेगा, क्योंकि अगर युद्ध चलता रहा तो हालात और बदतर होते जाएंगे। इसलिए हमास भी संघर्ष विराम के लिए आगे आए।” इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी विवाद फिर गरमाया 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर किया था (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) हमला  कहने की जरूरत नहीं कि गाजा में सीजफायर हेतु दुनिया की नजरें अब हमास के रुख पर (GazaCeasefire) टिकी हैं। हमास ने इससे पहले कहा था कि “वह इजरायली सैनिकों की पूर्ण वापसी और गाजा में युद्ध खत्म करने के बदले सभी बंधकों को रिहा करने को तैयार है।” लेकिन इजरायल ने अपनी सेना की वापसी और युद्ध पूरी तरह खत्म करने के हमास के प्रस्ताव को खारिज कर दिया (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) था। बता दें कि पिछले 20 महीने से इजरायल-हमास युद्ध चल रहा है। लगातार जारी युद्ध की वजह से हालात दिन-ब-दिन ख़राब होते जा रहे हैं। इस जंग का मकसद हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादी संगठनों को खत्म करना हैं। 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला किया था, जिसमें 1200 इजरायली मारे गए और 250 से अधिक लोग बंधक बनाए गए। जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल ने गाजा में हवाई और जमीनी हमला किया। आज तक चले संघर्ष में गाज में रहने वाले 56000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस युद्ध में इजरायल के 726 सैनिक और 1200 लोगों ने जान गंवाई। खैर, ऐसे में एक पक्ष सीजफायर के लिए तैयार है। दूसरे पक्ष को अपना फैसला करना है। अब अमेरिका की शांति कराने की कोशिश किस हद तक सफल होती है, यह तो आनेवाला वक्त ही बताएगा, लेकिन बड़ी बात यह कि अमेरिका ने संघर्ष विराम के लिए इजरायल को मना लिया है। Latest News in Hindi Today Hindi news  Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees #trump #gaza #ceasefire #israel #hamas #middleeast #gazawar #gazaceasefire #trumpnews #breakingnews

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Trump Warns of Bombing Iran Again if Needed

‘जरूरत पड़ने पर बिना सवाल ईरान पर फिर से बरसाएंगे बम’, सीनेट में समर्थन मिलने के बाद बोले ट्रंप

इजरायल और ईरान युद्ध (Israel–Iran War) के दौरान अमेरिका ने भी ईरान पर बम गिराए थे। अमेरिका ने यह बम ईरान के तीन प्रमुख न्यूक्लियर साइट पर गिराए थे और दावा किया था कि इस हमले में ईरान के परमाणु ठिकाने पूरी तरह से नष्ट हो गए, वहीं ईरान का दावा है कि उसके परमाणु ठिकानों को सिर्फ मामूली नुकसान हुआ है। हालांकि अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) इस हमले को लेकर अपने ही देश में अपने विरोधियों के निशाने पर हैं। अमेरिका के कांग्रेस का ऊपरी सदन में अमेरिकी हमले को लेकर बहस भी हुई और डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को ईरान पर आगे हमला करने से रोकने का प्रयास भी हुआ। लेकिन विपक्षी पार्टी डेमोक्रेटिक पार्टी का यह प्रयास विफल हो गया। डेमोक्रेटिक पार्टी सीनेट में अमेरिकी राष्ट्रपति के युद्ध शक्तियों को फिर से स्थापित करने का प्रयास लेकर आई थी। डेमोक्रेटिक पार्टी का दावा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने बिना कांग्रेस से अनुमति लिए ईरान पर हमला (Israel–Iran War) किया था, लेकिन डेमोक्रेटिक सांसदों के इस प्रस्ताव को रिपब्लिकन पार्टी ने विफल कर दिया। इस प्रस्ताव को वर्जीनिया के डेमोक्रेिटक सीनेटर टिम कैन ने रखा था। इसमें टिम कैन ने लिखित में प्रस्ताव दिया था कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर राष्ट्रपति ट्रंप ने नियम का उल्लंघन किया है। अगर आगे इस तरह की सैन्य कार्रवाई शुरू की जाए तो पहले ट्रंप को कांग्रेस से अनुमति लेनी होगी।  ईरान पर फिर हमला कर सकते हैं- ट्रंप सीनेट में प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भी अपनी बात रखी। इस दौरान जब उनसे पूछे गया कि क्या वह आवश्यक समझे जाने पर फिर से ईरान के न्यूक्लियर साइट पर बमबारी करने पर विचार कर सकते हैं, तो इस पर ट्रंप ने कहा, ‘हां, जरूर बिना किसी सवाल के। अगर जरूरत पड़ी तो वह बगैर सोचे ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं।’ वहीं, सीनेट में इस प्रस्ताव को रखने को विपक्ष की ट्रंप को घेरने की एक लंबी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।  सीनेट में ट्रंप को मिला पूरा समर्थन  बता दें कि सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53-47 का बहुमत हैं। जब इस प्रस्ताव को रखा गया तो वे राष्ट्रपति के समर्थन में खड़े हो गए। इन सीनेटर का कहना था कि ईरान न सिर्फ इजरायल के लिए एक बड़ा खतरा है, बल्कि अमेरिका समेत पूरी दुनिया के लिए खतरा है। इसलिए ईरान तक कठोर कार्रवाई जरूरी था। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर हमला करने का जो निर्णाय लिया वह ठीक था, इस कार्रवाई के कारण ही ईरान का परमाणु कार्यक्रम कई साल पीछे चला गया है। इस दौरान रिपब्लिकन सीनेटर एकमत होकर कांग्रेस की मंजूरी लिए बिना ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट पर अमेरिकी बमबारी करने के फैसले का समर्थन किया।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? ट्रंप अगर डील करना चाहते हैं तो सम्मान करें- ईरान  डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ जहां अपने ही देश में घेरे जा रहे हैं, वहीं बड़बोलेपन की वजह से ईरान भी उन पर पलटवार कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर ट्रंप ईरान के साथ वास्तव में कोई समझौता करना चाहते हैं तो उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के प्रति सम्मानजनक भाषा का उपयोग करा होगा। दरअसल, ट्रंप ने कहा था कि अयातुल्ला खामेनेई को अपमानजनक मौत मिलने वाली थी, लेकिन हमने बचा लिया। इसी के जवाब में ईरानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ‘ईरानी लोगों का आत्मसम्मान और दृढ़ता खून में है। हमारी राष्ट्रीय भावना बेहद सीधी और स्पष्ट है। हम अपनी स्वतंत्रता को समझते और पहचानते हैं। हम किसी को अपने भाग्य का निर्धारण करने की इजाजत नहीं देते। इसके लिए हम अपनी आखिरी सांस तक लड़ते हैं। अगर ट्रंप को ईरान के साथ कोई समझौता करना है, तो उन्हें सम्मानपूर्वक बात करनी होगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump #trump #iran #bombing #senate #usnews #worldnews #middleeast

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Iran nuclear strikes

Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes: ईरान के न्यूक्लियर साइट्स तबाह करने के बाद इस वजह से ट्रंप ने दिए खामेनेई को सत्ता से बेदखल करने के संकेत 

13 जून से ईरान-इजरायल के बीच जारी युद्ध है की थमने के नाम ही नहीं ले रहा है। तेहरान को न्यूक्लियर वेपन हासिल करने से रोकने के लिए इजरायल ने ईरान पर अचानक हमला किया था। अक्टूबर 2023 से गाजा में इजरायल के लंबे युद्ध के बाद पहले से ही चरम पर है ऊपर से ईरान और इजरायल युद्ध ने पूरे क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। इस दरम्यान दोनों के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिका की भी इंट्री हो गई। सरेंडर करने की हिदायत को अनदेखा करने के बाद अमेरिका ने ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर बी 2 बॉम्बर के जरिए अटैक किया। दरअसल, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाने के उद्देश्य से अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु केन्द्रों फोर्दो, नतांज और इस्फहान पर यह हमला किया। इस अटैक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सेना की तारीफ की। ध्यान देने वाली बात यह कि इस हमले के कुछ घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायली सेना को अमेरिका के साथ काम करने के लिए धन्यवाद दिया। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर भी बड़ा चौंकाने वाला बयान दिया (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) है। बयान के मुताबिक उन्होंने खामेनेई को सत्ता से बाहर करने का स्पष्ट संकेत दिया है।  ईरानी शासन ईरान को फिर से महान बनाने में असमर्थ है, तो क्यों (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) नहीं होगा शासन परिवर्तन? रविवार को ईरान की परमाणु साइट्स पर अमेरिका के बड़े पैमाने पर सटीक हमलों के बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने  इस्लामी गणराज्य में शासन परिवर्तन की संभावना का न सिर्फ संकेत दिया बल्कि देश की मौजूदा नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठाया। दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर किये एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, शासन परिवर्तन शब्द का उपयोग करना राजनीतिक रूप से सही नहीं है, लेकिन अगर वर्तमान ईरानी शासन ईरान को फिर से महान बनाने में असमर्थ है, तो शासन परिवर्तन क्यों (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) नहीं होगा? MIGA (मेक ईरान ग्रेट अगेन) यही नहीं, अपने एक अलग पोस्ट में ट्रंप ने सेना के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा, ईरान में परमाणु स्थलों को हुआ नुकसान बड़ा है। हमले कठोर और सटीक थे। हमारी सेना ने शानदार कौशल दिखाया। ट्रंप ने कहा, महान बी-2 पायलट अभी-अभी मिसौरी में सुरक्षित रूप से उतरे हैं। बेहतरीन काम के लिए धन्यवाद! डोनाल्ड जे. ट्रंप, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति। बड़ी बात यह कि ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिका द्वारा ऑपरेशन मिडनाइट हैमर शुरू करने के एक दिन बाद आई है।  इसे भी पइसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! अमेरिकी राष्ट्रपति और कमांडर-इन-चीफ के (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) थे स्पष्ट आदेश- अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ इसके अलावा रविवार को अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान में अमेरिका द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन की सफलता की (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) पुष्टि की। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी सैनिकों या नागरिकों को निशाना नहीं बनाया। बता दें कि संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ एयर फोर्स के अध्यक्ष जनरल डैन कैन के साथ मीडिया से रूबरू होते हुए हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, इस्फ़हान और नतांज में सफलतापूर्वक सटीक हमले किए हैं। पिछली रात, राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान के तीन परमाणु प्रतिष्ठानों- फोर्डो, इस्फहान और नतांज पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने या उसे गंभीर रूप से सीमित करने के लिए आधी रात को सटीक हमला किया। यह एक अविश्वसनीय और जबरदस्त सफलता थी। हेगसेथ ने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति और कमांडर-इन-चीफ के आदेश स्पष्ट थे। उन्होंने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को नष्ट कर दिया। हमारे कमांडर-इन-चीफ से हमें जो आदेश मिला वह केंद्रित था, यह शक्तिशाली था, और स्पष्ट था। हमने ईरानी परमाणु कार्यक्रम को नष्ट कर दिया। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes #Trump #Khamenei #IranStrike #USIranTensions #NuclearSiteAttack #MiddleEastCrisis #BreakingNews

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Trump cryptic statement

Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir: आखिर ट्रंप ने क्यों कहा, कोई नहीं जानता कि मैं क्या करूंगा, मचा हड़कंप

बीते सप्ताह भर से इजरायल और ईरान के बीच आत्मघाती हमले जारी हैं। एक तरफ जहां इजरायल तेहरान के अलग-अलग हिस्सों में एयर स्ट्राइक कर रहा है और उसके न्यूक्लियर ठिकानों को नुकसान पहुंचा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ ईरान इजरायल पर लॉन्ग रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दाग रहा है। यही नहीं, ईरान-इजरायल युद्ध में अब अमेरिका भी कूद पड़ा है। बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर हमले को मंजूरी दे दी है। फिलहाल उन्होंने अंतिम आदेश के लिए रुकने को कहा है। उनके मुताबिक फाइनल आदेश के बाद हमला किया (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) जाएगा। दरअसल, वो यह देख रहे हैं कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम की हठ छोड़ता है या नहीं। खैर, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान-इजरायल युद्ध के बीच एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान बातचीत के लिए व्हाइट हाउस आने को तैयार था, लेकिन उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया।  आज की स्थिति और एक हफ्ते पहले की स्थिति में काफी आ (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) चुका है फर्क  डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि अब बातचीत का समय बीत चुका है। ट्रंप ने कहा कि आज की स्थिति और एक हफ्ते पहले की स्थिति में काफी फर्क आ (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) चुका है। अब किसी को नहीं पता कि मेरा अगला कदम क्या होगा, क्योंकि मेरा धैर्य अब खत्म हो गया है। उन्होंने आगे कहा, “ईरान की ओर से व्हाइट हाउस आने का सुझाव भी दिया गया था। यह एक साहसिक कदम था, लेकिन उनके लिए ऐसा करना आसान नहीं होता।” दरअसल, ट्रंप से उस बयान पर पूछा गया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई ने आत्मसमर्पण से इनकार कर दिया था। इस पर जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, मैं उन्हें सिर्फ शुभकामनाएं दूंगा। अब हमारा सब्र जवाब दे चुका है। उनका देश बर्बादी के कगार पर है। कई लोगों की जान जा चुकी है। जो कि बेहद दुखद है। इस दौरान  जब ट्रंप से यह जानने की कोशिश की गई कि क्या अमेरिका ईरान पर हमला करेगा? तो उन्होंने शांत शब्दों में कहा कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी कि हमला होगा या नहीं।  ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) दिया करारा जवाब गौरतलब हो कि राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) के बयान से पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को करारा जवाब (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) दिया है। खामेनेई ने साफ और स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान कभी भी घुटने नहीं टेकेगा और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहेगा। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान अपने शहीदों के खून की अनदेखी नहीं करेगा और उसे हमेशा याद रखेगा। विदित हो कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खामेनेई को सख्त संदेश देते हुए कहा था कि ईरान को बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण कर देना चाहिए। इसके जवाब में खामेनेई ने अमेरिका को तीखा संदेश भेजा।  इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! यदि अमेरिका ने हमला किया (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) तो उसे ऐसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान कभी भी आत्मसमर्पण नहीं करेगा, और यदि अमेरिका ने हमला किया (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) तो उसे ऐसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे जिनकी भरपाई संभव नहीं होगी। इस दौरान खामेनेई ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान विदेशी शक्तियों की किसी भी धमकी या दबाव के सामने झुकेगा नहीं। खामेनेई ने बेबाकी अंदाज में दो टूक कहा, हम न तो किसी जबरन थोपे गए युद्ध को स्वीकार करेंगे और न ही किसी थोपी गई शांति को हम हर परिस्थिति में डटकर मुकाबला करेंगे। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir #Trump #DonaldTrump #USPolitics #CrypticStatement #GlobalNews #2025Elections #TrumpNews

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Donald Trump General Munir meeting

ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और पाकिस्तान के सेना प्रमुख व फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर (Asim Munir) के बीच व्हाइट हाउस में बुधवार दोपहर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों के बीच यह मुलाकात व्हाइट हाउस के कैबिनेट रूम में लंच के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में ईरान-इजरायल संघर्ष (Iran–Israel War) और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा हुई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पाकिस्तान की क्षेत्रीय समझ की सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तान ईरान को अमेरिका से बेहतर समझता है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है। हमें उनकी कूटनीतिक शक्ति और अनुभव का लाभ लेना चाहिए, खासकर ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।” डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने आगे कहा कि वे पाकिस्तान की उस भूमिका को भी महत्व देते हैं जो उसने हाल ही में भारत-पाक सीमा पर तनाव कम करने में निभाई है। पाकिस्तान दक्षिण एशिया में संतुलन बनाए रखने में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है। नोबेल शांति पुरस्कार की सिफारिश का असर? व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने बैठक के बाद प्रत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि यह बैठक जनरल मुनीर (Asim Munir) द्वारा ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सिफारिश किए जाने के बाद आयोजित की गई थी। अन्ना केली ने कहा, “फील्ड मार्शल मुनीर ने हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध रोकने में भूमिका निभाने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति ने इस सम्मान के लिए आसिम मुनीर (Asim Munir) का व्यक्तिगत रूप से आभार जताया।” मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने जनरल मुनीर की उस भूमिका की सराहना की जिससे भारत-पाक तनाव के बीच सैन्य संघर्ष टल सका। उन्होंने इसे एक “साहसिक और जिम्मेदार” कदम बताया। दोनों के बीच व्यापारिक संबंधों पर भी हुई चर्चा व्हाइट हाउस के अनुसार, इस बैठक में केवल कूटनीतिक मसलों पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक सहयोग और व्यापार को लेकर भी चर्चा हुई। ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिका पाकिस्तान और भारत के साथ त्रिपक्षीय व्यापारिक बातचीत की संभावनाएं तलाश रहा है। उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तान की आर्थिक चिंताओं को गंभीरता से ले रहे हैं। व्यापारिक मोर्चे पर शुरुआती बातचीत शुरू हो चुकी है, और हम आगे बढ़ने को तैयार हैं।” हालांकि, ट्रंप ने किसी संभावित समझौते की समय-सीमा या स्पष्ट ढांचे पर विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन यह संकेत जरूर दिए कि आने वाले समय में इस दिशा में ठोस प्रगति हो सकती है। इसे भी पढ़ें:- Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन ट्रंप के झूठे दावों को नाकार चुका भारत  बता दें कि हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारत ने पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकी ढांचे पर हमला किया था, जवाब में पाकिस्तान (Asim Munir) ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की। जिससे सीमा पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई थी। भारते ने जब पाकिस्तान के एयर बेस पर हमला किया तो उसने संघर्ष रोककर बातचीत की अपील की। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उनकी पहल पर भारत-पाकिस्तान संघर्ष रूका, लेकिन भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष के शामिल होने से इंकार कर दिया। भारत का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान के अपील पर रोका गया। हालांकि, इस संघर्ष के बाद से ही पाकिस्तान की लीडरशीप ट्रंप की चापलूसी करने में जुटी है। इसी के तहत मुनीर ने ट्रंप को शांति दूत बताते हुए नोबेल पुरस्कार देने की मांग की थी। पाकिस्तान के इस अपील से गदगद हुए ट्रंप ने मुनीर को मिलने के लिए व्हाइट हाउस बुला लिया था।   Latest News in Hindi Today Hindi news Asim Munir #Trump #Pakistan #IranIsraelConflict #GeneralMunir #MiddleEastPeace #USForeignPolicy

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Congress demands explanation

Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump: मोदी सरकार पर हमलावर कांग्रेस, कहा- पीएम बताएं कि ट्रंप से क्या हुई बात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत को लेकर कांग्रेस ने पीएम मोदी और सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने बुधवार को मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन देशों की यात्रा से लौटने के बाद तुरंत सर्वदलीय बैठक की बुलानी चाहिए। ताकि नेताओं को बताया जा सके कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से टेलीफोन पर बातचीत में क्या (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) कहा? पीटीआई से बात करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद में ट्रंप के उन दावों का खंडन करना चाहिए, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के लिए व्यापार को एक साधन के रूप में इस्तेमाल करने का दावा किया है। ध्यान देने वाली बात यह कि रमेश की यह टिप्पणी मोदी द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप से बात करने के बाद आई है, जिसमें पीएम ने स्पष्ट किया कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान पर हमले इस्लामाबाद के अनुरोध पर रोके थे, न कि अमेरिका की मध्यस्थता या व्यापार समझौते की पेशकश के कारण। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मुनीर का विशेष आमने-सामने लंच के लिए आमंत्रित किया जाना बहुत बड़ा (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) झटका है  खैर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री के के मुताबिक, मंगलवार को ट्रंप के साथ 35 मिनट की फोन कॉल में पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी और यह साफ किया कि भारत ने कभी किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया है और भविष्य में भी इसे स्वीकार नहीं करेगा। इस बीच ट्रंप के जनरल मुनीर के साथ लंच करने की खबरों पर जयराम रमेश ने कहा, यह भारतीय कूटनीति के लिए तिहरा झटका है। आज फील्ड मार्शल मुनीर, जिनके भड़काऊ, भड़काऊ और अस्वीकार्य बयानों ने पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि बनाई, राष्ट्रपति ट्रंप के साथ लंच करने वाले (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) हैं। ऐसा सैन्यकर्मी जो सरकार का मुखिया नहीं है, उसे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ विशेष आमने-सामने लंच के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। यह बहुत बड़ा झटका है।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा प्रधानमंत्री देश को विश्वास में लें और वे सारी बातें कहें जो उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप से कहनी (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) चाहिए सरकार को घेरते हुए जयराम रमेश ने आगे कहा कि तीसरा झटका राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 14 बार ऑपरेशन सिंदूर को रोकने और भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने का श्रेय लेना था। मोदी-ट्रंप की टेलीफोन पर बातचीत पर रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में व्यापार पर चर्चा नहीं हुई और मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है। रमेश ने आगे कहा, वह सर्वदलीय बैठक में यह बात क्यों नहीं (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) कहते? इसलिए हम संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं ताकि प्रधानमंत्री देश को विश्वास में लें और वे सारी बातें कहें जो उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप से कहनी चाहिए। खैर, कांग्रेस पार्टी ने उन रिपोर्ट्स को भी बड़ा झटका बताया, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ट्रंप के साथ दोपहर का भोजन करेंगे। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री को टेलीफोन पर बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति को इस पर भारत की नाराजगी के बारे में बताना चाहिए था। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान की बराबरी करते हुए व्यापार को एक साधन के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने यह बात 14 बार कही और प्रधानमंत्री ने 10 मई के बाद से कुछ नहीं कहा। इसलिए यह तिहरा झटका है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump #Modi #Trump #Congress #IndiaUSRelations #PoliticalNews #BreakingNews #PMModi

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Donald Trump Iran attack,

जी-7 शिखर सम्मेलन बीच में छोड़ अमेरिका लौटे डोनाल्ड ट्रंप, क्या ईरान पर फाइनल अटैक की हो रही तैयारी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कनाडा में हो रहे जी-7 शिखर सम्मेलन (G-7 Summit) को बीच में छोड़ वापस लौट गए हैं। यह सब ऐसे समय में हो रहा है, जब इजरायल-ईरान युद्ध (Israel-Iran War) अपने चरम पर पहुंच गया है और दोनों तरफ से जबरदस्त बमबारी हो रही है। जिससे दोनों देशों को भारी नुकसान हुआ है। कहा जा रहा है कि इजरायल अब अमेरिका के सहयोग से ईरान पर फाइनल अटैक करने की तैयारी कर रहा है। जिसकी वजह से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) वापस अमेरिका चले गए।  व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ट्रंप की वापसी को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, ‘ जी-7 शिखर सम्मेलन (G-7 Summit) से काफी कुछ हासिल किया गया है और आगे भी इसका फायदा मिलता रहेगा, लेकिन इजरायल और ईरान संघर्ष (Israel-Iran War) के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) राष्ट्राध्यक्षों के साथ रात्रिभोज के बाद शिखर सम्मेलन को छोड़ वापस आ गए हैं।’  बता दें कि विश्व के कई प्रमुख नेता शांति और विकास के मुद्दे पर चर्चा के लिए कनाडा में एकत्र हुए हैं। इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज सुबह कनाडा पहुंच गए हैं। कहा जा रहा था कि इस सम्मेलन में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी, लेकिन इजरायल-ईरान युद्ध के कारण जी-7 शिखर (Benjamin Netanyahu) सम्मेलन प्रभावित हो रहा है। इजरायल और ईरान युद्ध खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है और अनियंत्रित होकर आगे बढ़ रहा है। जिसकी वजह से ट्रंप को वापस अमेरिका लौटना पड़ा है।  तेहरान को तत्काल खाली करें- ट्रंप  कनाडा पहुंचने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। यहां पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं कहना चाहता हूं कि हर किसी को तत्काल तेहरान को खाली कर देना चाहिए!’ इसके बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि, ‘‘ईरान को उस समझौते पर हस्ताक्षर कर देना चाहिए था, जिसके लिए मैंने उनसे कहा था। उन्होंने यह न करके स्थिति को शर्मनाक बना लिया है। अब बेवजह मानव जीवन का नुकसान हो रहा है। मैं कई बार कह चुका हूं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। सभी लोगों को तत्काल तेहरान छोड़ देना चाहिए।’ इसके तुरंत बाद ट्रंप जी-7 शिखर सम्मेलन को छोड़ कर चले गए।   खामेनेई की मौत से रूकेगा संघर्ष- नेतन्याहू  वहीं, दूसरी तरफ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कहा कि इस संघर्ष की समाप्ति ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) की मौत के बाद होगा। उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि खामेनेई की हत्या से यह संघर्ष बढ़ेगा नहीं, बल्कि संघर्ष समाप्त होने वाला है। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या इजरायल वास्तव में खामेनेई को मारना चाहता है तो, नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कहा कि “हम वही कर रहे हैं, जो हमें करना चाहिए।” इजरायल संघर्ष शुरू होने के समय से ही ईरान के टॉप लीडरशिप, परमाणु ठिकानों और सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है।   इसे भी पढ़ें:-  ईरान ने इजरायल पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से भी किया इनकार अब तक ईरान ने इजरायल पर 370 से ज्यादा मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन से हमला किया है  इजरायल ने बताया कि शुक्रवार को संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक ईरान ने उस पर 370 से ज्यादा मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन से हमला किया है। ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोन को इजराइल ने हवा में ही मार गिराया, लेकिन कई मिसाइल अपने टारगेट पर गिरी हैं। जिसकी वजह से 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 500 लोग घायल हैं। बीती रात भी ईरान ने कई शहरों को निशाना बनाकर मिसाइल दागी। ईरान के इन हमलों में तेल अवीव में मौजूद अमेरिकी दूतावास को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि यहां पर किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।       Latest News in Hindi Today Hindi news Benjamin Netanyahu #Trump #G7Summit #USA #IranAttack #WorldNews #MiddleEast #CrisisAlert

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