Trump Xi Jinping warning

Trump Xi Jinping warning: ट्रंप के टैरिफ की मार से चीन हुआ बेहाल, डोनाल्ड ट्रंप ने जिनपिंग को दी यह धमकी

लंबे अरसे से अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक युद्ध चला आ रहा है। ट्रंप प्रशासन में इसे अधिक तेजी (Trump Xi Jinping warning) मिली। गौरतलब हो कि अमेरिका ने चीन से आयातित वस्तुओं पर 145% तक की टैरिफ लगा दिया है। इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी सामानों पर 125% तक का जवाबी शुल्क लगाया है। हालांकि, इस बीच शुक्रवार को अमेरिका ने स्मार्टफोन, लैपटॉप, सेमीकंडक्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर टैरिफ में छूट की घोषणा की थी। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टैरिफ नीति से पूरी दुनिया को हिला रखा है। अब वह सेमिकंडक्टर पर नया टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि “अनुचित व्यापारिक व्यवहार के लिए ‘किसी को बख्शा नहीं जायेगा।” इस बीच उन्होंने यह भी साफ़ किया कि शुक्रवार को जिन उत्पादों पर टैरिफ छूट दी गई है, वे अब भी 20% फेंटानिल टैरिफ के दायरे में हैं।  हम किसी भी देश, खासकर चीन जैसे दुश्मन व्यापारिक राष्ट्रों के आगे बंधक (Trump Xi Jinping warning) नहीं बन सकते राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि “अब समय आ गया है कि हम अपने उत्पादों का निर्माण अमेरिका में ही करें। हम किसी भी देश, खासकर चीन जैसे दुश्मन व्यापारिक राष्ट्रों के आगे बंधक नहीं बन सकते। ये देश दशकों से हमारा व्यापारिक शोषण करते आ रहे हैं, लेकिन अब वो दिन (Trump Xi Jinping warning) लद चुके हैं।” हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि “अमेरिका जल्द ही राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ जांच के तहत सेमीकंडक्टर और संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन की समीक्षा करेगा।” अहम बात ये कि यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन पर चीन को रियायत देने के आरोप लग रहे हैं। दरअसल, शुक्रवार को स्मार्टफोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अमेरिका की तरफ से लगाए गए टैरिफ से छूट तो दी गई थी, लेकिन अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक ने साफ किया है कि “यह सिर्फ एक अस्थायी राहत है, जब तक कि ट्रंप प्रशासन सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए नया टैरिफ ढांचा तैयार नहीं कर लेता।”  इसे भी पढ़ें:– 14,000 करोड़ रुपये डकारने वाला मेहुल चोकसी बेल्जियम में हुआ गिरफ्तार स्थायी टैरिफ नीति पर काम हो (Trump Xi Jinping warning) रहा है कहने की जरूरत नहीं कि इस कदम से ऐसा लगने लगा था कि अमेरिका दबाव कम करने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप और वाणिज्य सचिव ने इसे सिर्फ एक अस्थायी कदम बताया। महत्वपूर्ण बात यह कि इस नई छूट से एपल, एनविडिया और डेल जैसी अमेरिकी टेक कंपनियों को राहत मिल सकती है। ये कंपनियां अपने कई उत्पादों का निर्माण चीन में कराती हैं।  विशेषकर आईफोन और अन्य प्रीमियम प्रोडक्ट्स के लिए डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला फायदेमंद साबित हो सकता है। ऐसे में ट्रंप ने खुद स्पष्ट कर दिया है कि “स्थायी टैरिफ नीति पर काम हो (Trump Xi Jinping warning) रहा है।” वैसे आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका चीन समेत अन्य देशों के साथ व्यापारिक संबंधों में कितनी सख्ती अपनाता है और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ता है?  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Xi Jinping warning #TrumpWarning #XiJinping #USChinaTensions #TradeWar #TrumpTariffs #ChinaEconomy #Geopolitics #USChinaRelations #GlobalTrade #TrumpNews

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iPhone price increase

iPhone price increase: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिसिप्रोकल टैरिफ के चलते बढ़ सकती हैं आईफोन की कीमतें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 180 से अधिक देशों पर लगाए गए भारी-भरकम रिसिप्रोकल टैरिफ का असर अब दुनिया में देखा जाने लगा है। दुनिया भर के बाजारों में गिरावट जारी है। इस टैरिफ ने ट्रेड वर्ल्ड वॉर की आशंका बढ़ा दी है। अब इसका असर एप्पल के आईफोन पर भी कीमतों पर भी पड़ (iPhone price increase) सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, यदि कंपनी टैरिफ की लागत ग्राहकों पर डालती है तो ग्रहकों की जेब ढीली हो सकती है। ऐसे में इस फैसले के चलते कंपनी के पास दो विकल्प हैं, या तो वह इस अतिरिक्त शुल्क का वहन खुद वहन करे या फिर इसका बोझ ग्राहकों पर डाले। अगर एप्पल टैरिफ का भार ग्राहकों पर डालती है, तो आईफोन की कीमतों में 40% तक वृद्धि हो सकती है। ऐसे में एक हाई-एंडआईफोन की कीमत लगभग 2,300 डॉलर तक पहुंच सकती है। गौर करने वाली बात यह कि एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग मुख्य रूप से चीन में होती है। और डोनाल्ड ट्रंप ने 54% का भारी-भरकम टैक्स लगा दिया गया है। जाहिर है, आईफोन की कीमतों में भारी उछाल होना लाजमी है।  30 से 40 प्रतिशत तक की (iPhone price increase) हो सकती है बढ़ोतरी  बता दें कि ट्रंप के रिसिप्रोकल टैरिफ नीति के चलते आईफोन की कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी (iPhone price increase) हो सकती है। इसे एक उदाहरण से समझते हैं। आईफोन 16 जो कि $799 लांच हुआ था, इस नीति के चलते अब वो $1,142 तक पहुंच सकता है, तो वहीं, आईफोन16 प्रो मैक्स की कीमत तकरीबन  $2,300 के आसपास जा सकती है। इतना ही नहीं, आईफोन का सबसे सस्ता मॉडल आईफोन 16e की कीमत भी $599 से बढ़कर $856 तक बढ़ सकती है। ध्यान देने वाली बात यह कि आईफोन ही नहीं, एप्पल के अन्य डिवाइसेज़ भी महंगे हो सकते हैं। कहने की जरूरत नहीं, अगर एप्पल टैरिफ का भार ग्राहकों पर डालता है, तो कंपनी की बिक्री में गिरावट आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले से ही कई बाजारों में एप्पल  की सेल गिर रही है। क्योंकि इसके इसके फीचर्स ग्राहकों को अधिक प्रभावित नहीं कर पाए हैं। ऐसे में, यदि आईफोन महंगा होता है, तो ग्राहक सैमसंग, गूगल पिक्सेल और अन्य ब्रांड्स की तरफ शिफ्ट हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ एप्पल ने अमेरिका में 500 अरब डॉलर के निवेश का किया है ऐलान (iPhone price increase) सीएफ़आरए रिसर्च के एक्सपर्ट एंजेलो ज़िनो का मानना है कि आपले ग्राहकों पर सिर्फ 5 से 10 प्रतिशत लागत ही डाल पाएगा। दावा तो यह भी किया जा रहा है कि कंपनी फिलहाल आईफोन 17 की लॉन्चिंग तक कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं करने वाली है। भले ही एप्पल कुछ निर्माण भारत और वियतनाम जैसे देशों में शिफ्ट कर रहा है लेकिन वहां भी 26% से 46% तक के टैक्स लागू हैं, जिससे लागत कम नहीं हो रही है। खैर, जानकारी के मुताबिक अगले चार वर्षों में एप्पल ने अमेरिका में 500 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया है। इसपर सीईओ टिम कुक ने कहा कि “हम अमेरिकी में निवेश करेंगे और इस निवेश से देश के भविष्य को और मजबूत करेंगे।” ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह निवेश आईफोन की आसमान छूती कीमतों (iPhone price increase) को रोक पाएगा भी या नहीं?  Latest News in Hindi Today Hindi news iPhone price increase #iPhonePriceHike #TrumpTariffs #iPhone2025 #USChinaTrade #ReciprocalTariff #AppleNews #iPhoneCost #TradeWarImpact #TechNews #AppleTariff

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