High-paying nurse jobs : ऑस्ट्रेलिया-ब्रिटेन समेत इन 5 देशों में है नर्सों की भारी डिमांड, 8 लाख महीने मिल सकती है तनख्वाह
हेल्थकेयर सेक्टर में नर्सों की अहम भूमिका होती है। उनके सहयोग के बिना यह हेल्थकेयर सेक्टर की कल्पना भी नहीं की जा सकती। बता दें कि नर्स का काम मरीजों की देखभाल करना होता है। याद करिए कोविड का वो दौर जब नर्सों ने पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन किया था। बेशक 19 महमारी के दौर में तो दुनिया ने नर्सों की अहमियत को बड़े अच्छे से समझा भी है। खैर, भारतीय हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए देश में नौकरी के अवसर तो होते ही हैं, साथ ही साथ दुनिया के कई देशों में भी जाकर वे काम कर सकते हैं। कुछ ऐसे देश हैं, जहां सबसे ज्यादा नर्सों की जरूरत है। अच्छी बात यह है कि यहां पर नर्सों को भारी भरकम तनख्वाह भी दी जा रही है। गौरतलब हो कि हाल ही में कई देशों में नर्सों की भारी कमी देखी गई है। जाहिर सी बात है, कमी होने की वजह से नर्सों की डिमांड बढ़नी ही है। सो, विदेशों में नर्सों को लाखों की सैलरी दी जा रही है। आपको बता दें कि दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहाँ नर्सों की बड़ी दरकार है और वो नर्सों को मोटी रकम देने के लिए भी तैयार हैं। आइये एक नजर डालते हैं उन देशों पर जहाँ भारतीय नर्सों की बड़ी डिमांड है। इन टॉप 5 देशों में है नर्सों की सबसे अधिक डिमांड ऑस्ट्रेलिया में नर्सों को सालाना मिलते हैं तकरीबन 96 लाख रुपये ऑस्ट्रेलिया में हेल्थकेयर इंडस्ट्री सबसे बड़ी इंडस्ट्री है। अन्य देशों के मुकाबले यहाँ नर्सों को अच्छी सैलरी भी दी जाती है। हैरत यह कि इन सब के बावजूद यहाँ नर्सों की भारी कमी है। एक आकलन के मुताबिक आगामी दस वर्षों में ऑस्ट्रेलिया को करीब 80 हजार नर्सों की जरूरत पड़ने वाली है। ऐसे में इस वक्त ऑस्ट्रेलिया में नर्सों की सबसे अधिक डिमांड है। यहां नर्स की औसतन वार्षिक सैलरी 82,942 डॉलर यानी लगभग 72 लाख रुपये है। आपको जानकार आश्चर्य होगा कि अनुभवी नर्स की सैलरी 1,10,433 डॉलर लगभग 96 लाख रुपये तक है। इस तरह महीने की तनख्वाह तकरीबन 8 लाख रुपये होते हैं। आयरलैंड में नर्सों को नागरिकता लेने का भी मिलता है विकल्प आयरलैंड में नर्सों की काफी डिमांड है। नर्सों के लिए यह देश लोकप्रिय होते जा रहा है। बता दें कि साल 2023 में यहाँ कुल 72,543 नर्सें थीं। बड़ी बात यह कि यहाँ विदेशी नर्सों को नागरिकता के लिए अप्लाई करने का भी विकल्प दिया जाता है। यही नहीं, नागरिकता मिलने पर पेंशन भी दी जाती है। यहां पर नर्सों की औसतन सालाना सैलरी 49,966 डॉलर यानी लगभग 43 लाख रुपये है। ब्रिटेन में है नर्सों की बड़ी डिमांड ब्रिटेन में नर्सिंग जॉब के लिए सबसे अधिक वैकेंसी निकली है। एक रिपोर्ट के मुताबिक साल के अंत तक तकरीबन 10 हजार नर्सों की कमी हो सकती है। कारण यही है जो हेल्थकेयर सेक्टर में लगातार इनकी डिमांड बढ़ है और बढ़ती डिमांड को पूरा करने हेतु विदेशों से भी नर्सों की हायरिंग की जा रही है। बात करें लंदन जैसे शहर में नर्स की सालाना तनख्वाह की तो नर्स की औसतन सालाना तनख्वाह लगभग 30 हजार पाउंड (लगभग 33 लाख रुपये) से लेकर 47 हजार पाउंड (लगभग 51 लाख रुपये) तक है यानी के साल के लगभग 50 लाख रुपये। इसे भी पढ़े:– राजस्थान लोक सेवा आयोग में लेक्चरर पदों पर भर्ती: जानें आवेदन करने के लिए क्या है योग्यता? दुबई हेल्थ अथॉरिटी ने नर्सों को हायर करना शुरू कर दिया है दुबई यूएई का सबसे बड़ा शहर है। जानकारी के मुताबिक साल 2040 तक दुबई की आबादी 58 लाख हो जाएगी। इस वजह से शहर के हेल्थकेयर सिस्टम में सुधार किया जा रहा है। कारण यही जो यूएई में नर्सों की बढ़ती मांग को देखते हुए दुबई हेल्थ अथॉरिटी ने नर्सों को हायर करने के लिए प्रोग्राम भी शुरू किया है। इसी कड़ी में यूएई में नर्सों की डिमांड भी बढ़ रही है।यहां पर भी नर्सों की सैलरी पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। सैलरी भी लगभग सऊदी अरब जितनी ही है। सऊदी अरब में नर्स की नौकरी करने के हैं बहुत से फायदे मिडिल ईस्ट के इस देश में नर्स की नौकरी करने के बहुत से फायदे हैं, मसलन उन्हें रहने के लिए घर दिया जाता है। कंपनियां फ्री हवाई टिकट देती हैं, छुट्टियों के पैसे मिलते हैं और सबसे बड़ी बात यह कि आय पर कोई टैक्स भी नहीं लगता है। गल्साडोर के मुताबिक सऊदी अरब में नर्सों की औसतन मासिक सैलरी 1,414 डॉलर यानी लगभग 1.23 लाख रुपये है। कुछ नर्सों की सैलरी 1,551 डॉलर यानी कि लगभग 1.35 लाख रुपये तक भी पहुंच जाती है। Latest News in Hindi Today Hindi news High Paying Nurse Job #NursingJobsAbroad #NursesInDemand #UKNurseJobs #AustraliaNursing #HighSalaryNurses #GlobalNursing #HealthcareCareers #WorkAbroad #NurseSalary #NursingOpportunities

