Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History: बिहार की बेटी का अमेरिका में जलवा, 3 मेडल जीतकर रचा इतिहास
कुछ करने की ललक हो तो कोई भी चट्टान से ऊंची बाधाओं को आसानी से पार किया जा सकता है। इस कहावत को हकीकत में बदला है बिहार के भोजपुर की रहने वाली सपना ने। बीएसएफ की सपना कुमारी ने अमेरिका के बर्मिंघम में 21वें विश्व पुलिस गेम्स में 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीत बिहार का नाम दुनिया भर में रोशन किया है। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) किया। बता दें कि सपना ने तीरंदाजी में यह सफलता हासिल की है। उनकी इस जीत ने यह दिखा दिया कि दिल में जुनून होतो कुछ भी असंभव नहीं है। उन्होंने फील्ड तीरंदाजी में स्वर्ण, 3 डी तीरंदाजी में स्वर्ण और लक्ष्य तीरंदाजी में रजत पदक जीता। बता दें कि सपना बीएसएफ में हरियाणा में पोस्टेड हैं और वह आरा में नवादा थाना क्षेत्र के रस्सी बागान मुहल्ला की निवासी हैं। कहने की जरूरत इस जीत के साथ ही उन्होंने देश और अपने परिवार का सिर भी गर्व से ऊंचा कर दिया। सपना ने तत्कालीन प्रशिक्षक परिष्ठ तीरंदाज मुक्ति पाठक से तीरंदाजी के सीखे (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) गुर बात करें सपना कुमारी के परिवार की तो उनके परिवार में एक भाई और तीन बहन हैं। तीन बहनों में सबसे छोटी सपना के पिता आरा के रक्सी बगान नवादा निवासी जितेन्द्र प्रसाद पेशे से ट्रैक्टर मैकेनिक हैं और माता कुंती देवी शिक्षिका हैं। सपना की तरह बड़ी बहन नीतू भी बीएसएफ में है। तो वहीं मंझली बहन नूतन कुमारी अंतरराष्ट्रीय कुरा खिलाड़ी है, जो स्पोर्ट्स कोटे से पटना समाहरणालय में कार्यरत है और छोटा भाई शिक्षक (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) है। यानी कुल-मिलाकर पूरा परिवार शिक्षित है। खैर, सपना बचपन से ही अपनी बड़ी बहन नूतन कुमारी के साथ स्थानीय वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में जागा करती थी। वहां दोनों बहने यहां मार्शल आर्ट सीखती थी। इस बीच बार-बार चोटिल होने के चलते सपना का मार्शल आर्ट से मोह भंग हो गया और उसने तीरंदाजी में हाथ आजमाया। पहले तो घरवालों ने डांटा डपटा लेकिन बेटी की ललक को देखते हुए घर वाले मान गए। इस बीच सपना ने तत्कालीन प्रशिक्षक परिष्ठ तीरंदाज मुक्ति पाठक से तीरंदाजी के गुर सीखे।इस दौरान उन्होंने जमकर पसीना बहाया। सपना के पिता जितेन्द्र प्रसाद ने बताया कि “बेटियों का खेल के प्रति रुझान देखकर उनके हौसले को बढ़ाया। जिसका परिणाम आज हम सबके सामने है। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात कोच मनोज कुमार और चरण जी के साथ ही सपना को अपने पति का भरपूर सहयोग (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) मिला इस बीच साल 2014 में सपना की नियुक्ति सीमा सुरक्षा बल (जीडी) में हुई। लगभग दो साल बाद खेल में तीरंदाजी में ट्रायल के बाद सपना का चयन हुआ, वर्तमान में सपना 95 बटालियन बीएसएफ गुड़गांव में कार्यरत है। महत्वपूर्ण बात यह कि यहीं पर सपना के पति तीरंदाज रार्जन कुमार भी कार्यरत हैं। इस दौरान तीरंदाजी में कोच मनोज कुमार और चरण जी के साथ ही सपना को अपने पति का भरपूर सहयोग (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) मिला। आरा के वरिष्ठ तीरंदाज प्रशिक्षक नीरज कुमार ने सपना के इस उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि “बिहार की बेटियों के लिए यह पदक प्रेरणा का काम करेंगा।” तो वहीं खेल विभाग ने उनके प्रदर्शन को प्रेरणादायक बताते हुए इसे सुरक्षा बलों में कार्यरत खिलाड़ियों के लिए एक उदाहरण के रूप में रेखांकित किया है। बड़ी बात यह कि सपना कुमारी की इस उपलब्धि के बाद राज्य सरकार और खेल संस्थानों द्वारा उनके योगदान और प्रदर्शन की सरहना की जा रही है। गर्व की बात यह कि सपना ही नहीं बल्कि सपना की मंझली बहन अंतरराष्ट्रीय वुशू खिलाड़ी नूतन कुमारी ने साल 2008 में इंडोनेशिया के बाली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप और 2009 में चीन में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में एक-एक कांस्य पदक जीता है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर 13 स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक जीत चुकी है। ग़ौरतलब हो कि एनआईएस कोच नूतन की छह बार मुख्यमंत्री सम्मान मिला है। Latest News in Hindi Today Hindi news Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History #BiharGirl #USAWin #IndiaPride #MedalWinner #GirlPower #SportsNews #HistoricWin #IndianAthlete #BiharNews #Inspiration

