Vasundhara Raje's Rift Shakes BJP

Vasundhara Raje BJP rift: वसुंधरा राजे की नाराजगी से बीजेपी में मचा हड़कंप, अशोक गहलोत ने तंज कसते हुए कही यह बात

राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की नाराजगी ने (Vasundhara Raje BJP rift) बीजेपी खेमे में हलचल मचा दी है। राजे के बयान का असर यह हुआ कि आनन-फानन मेंसीएम भजनलाल शर्मा को जलदाय विभाग के अधिकारियों को तलब करना पड़ा। दरअसल, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने झालावाड़ से राजस्थान में पानी के संकट का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद से सूबे सियासत गरमा गई थी।  विपक्ष ने सवाल उठाया कि अगर वसुंधरा राजे हकीकत में पानी के संकट पर गंभीर हैं तो पूरे राजस्थान को लेकर बात करनी चाहिए। इसके बाद बीजेपी बैकफुट पर आ गई। सीएम भजनलाल ने संबंधित विभाग से जुड़े अधिकारियों की क्लास ले ली। और सख्त चेतावनी देते हुए सूबे में पानी का विशेष इंतजाम करने की हिदायत दे दी।  पानी की किल्लत के चलते राजे ने अफसरों को लगाई फटकार (Vasundhara Raje BJP rift)  बता दें कि बीते दिनों पूर्व सीएम वसुंधरा राजे झालावाड़ के अपने निर्वाचन क्षेत्र में अचानक जा पहुंची और तपती गर्मी के बीच ग्रामीण इलाके में लोगों की समस्याएं सुनने लगी। स्थानीय लोगों ने पानी संकट की बात रखी, तो राजे ने अफसरों को फटकार (Vasundhara Raje BJP rift) लगाते हुए कहा कि “अफसर सो रहे हैं। जनता रो रही है, वे ऐसा नहीं होने देंगी।” गौर करने वाली बात यह कि राजस्थान में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की कार्यकारिणी का फैसला होना है। और ऐसे समय में राजे ने भजनलाल सरकार की ब्यूरोक्रेसी की क्लास उस समय लगाकर सीएम को सकते में डाल दिया है। कहने की जरूरत नहीं, राजे की इस नाराजगी को भजनलाल सरकार पर बिना नाम लिए हमला माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे पानी का मुद्दा उठाकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करके खुद की भी नाराजगी जाहिर कर दी। राजे की नाराजगी के बाद सकते में आई बीजेपी ने सफाई दी। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि “राजे अपनी क्षेत्र की चिंता कर रही हैं। उन्हें अधिकारियो को ऐसे समझना पड़ा।  इसे भी पढ़ें:- काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी को आड़े हाथों लेने का मौका दे दिया है कहने की जरूरत नहीं, राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी में गुटबाजी और सरकार से नाराजगी पर वार करने का मौका दे दिया। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राजे के बयान को जायज ठहराते हुए कहा कि “वसुंधरा राजे ने ठीक मुद्दा उठाया लेकिन वो दो बार सीएम रह चुकी हैं और सरकार को पानी को लेकर काम से संतुष्ट नहीं है तो पूरे राज्य के हित में इस मुद्दे को उठाना चाहिए और सरकार की पानी की योजना की खामियों को गिनाना चाहिए।” इत्तेफ़ाक की बात यह कि वसुंधरा राजे बयान के अगले दिन ही उनके करीबी सिविल लाइन विधायक गोपाल शर्मा ने अतिक्रमण हटाने के सरकारी अभियान का विरोध करते हुए अपनी ही सरकार पर हिन्दू विरोधी काम करने का आरोप मढ़ दिया। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि एक बार फिर राजथान बीजेपी की गुटबाजी खुलकर जाहिर होने लगी है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Vasundhara Raje BJP rift #VasundharaRaje #BJP #AshokGehlot #RajasthanPolitics #PoliticalRift #BJPNews #RajeVsBJP #GehlotRemark #BJPConflict #IndianPolitics

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Congress attack BJP: वसुंधरा राजे ने अधिकारियों से मांगा पाई-पाई का हिसाब, कांग्रेस नेता ने ढूंढा आपदा में अवसर

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अधिकारियों को फटकार क्या लगाईं कांग्रेस की बाँझे खिल गई। कांग्रेस अब इसे एक बड़े अवसर की तौरपर देख रही (Congress attack BJP) है। दरअसल, मंगलवार की शाम पूर्व सीएम वसुंधरा राजे पहुंची रायपुर कस्बे के दौरे पर थी। तभी ग्रामीणों ने उनसे पेयजल संकट की शिकायत कर दी। फिर क्या था, पूर्व मुख्यमंत्री जलजीवन मिशन और जलदाय विभाग के अफसरों पर ही बरस पड़ीं। इस दौरान, राजे ने अधिकारियों से पूछा कि “क्या जनता को प्यास नहीं लगती? सिर्फ आप अफसरों को ही लगती है। गर्मी में पेयजल संकट के कारण जनता त्रस्त है। अफसर तृप्त हैं। पानी कागजों में ही नहीं, बल्कि लोगों के होठों तक पहुंचे। अफसर सो रहें है, लोग रो रहें हैं। मैं ऐसा नहीं होने दूंगी।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 42 हजार करोड़ जल जीवन मिशन में दिए हैं। पाई-पाई का हिसाब दो कि झालावाड़ के हिस्से की राशि का आपने क्या किया?” अधिकारीयों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “पेयजल संकट निवारण के लिए हमारी सरकार तो पैसा दे रही है, लेकिन अफसर योजनाओं का सही क्रियान्विति नहीं कर रहे। इसलिए राजस्थान के लोग प्यास से व्याकुल हैं। यह तो अप्रैल का हाल है। जून-जुलाई में क्या होगा?” अपने ही सरकार के अधिकारियों को फटकार लगाना कांग्रेस (Congress attack BJP) के लिए किसी बड़े मौके से कम नहीं  ध्यान देने वाली बात यह कि राजे के सवाल का अधीक्षण अभियंता समेत उपस्थित किसी भी अधिकारी ने संतोषप्रद जवाब नहीं दिया। इससे नाराज राजे ने कहा कि “लोगों के धैर्य की परीक्षा मत लीजिए। झालावाड़ में ऐसा हरगिज नहीं चलेगा।” वसुंधरा राजे ने इस दौरान मौजूद अधिकारियों को जमकर लताड़ा। यह तो ठीक, लेकिन अब इस पर राजनीति तेज होने लगी है। दरअसल, वसुंधरा राजे का इस तरह अपने ही सरकार के अधिकारियों को फटकार लगाना और पाई-पाई का हिसाब मांगना कांग्रेस (Congress attack BJP) के लिए किसी बड़े मौके से कम नहीं लग रहा है। इसका राजनीतिक फायदा उठाते हुए टीकाराम जूली ने न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा बल्कि कड़ी प्रतिक्रिया भी दी।  इसे भी पढ़ें:-  वक्फ संसोधन बिल के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में इस वजह से भड़की हिंसा  जब भाजपा की ही पूर्व मुख्यमंत्री इस सरकार के अधिकारियों के सामने इतनी मजबूर हैं, तो आमजन की स्थिति क्या होगी? बता दें कि प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा (Congress attack BJP) कि “पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का ट्वीट भाजपा सरकार की सच्चाई उजागर करने के लिए काफी है। कितनी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी कि पूर्व मुख्यमंत्री को अपनी पार्टी की सरकार के बावजूद पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता की पूर्ति के लिए अपनी बात मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से कहनी पड़ रही है। जब भाजपा की ही पूर्व मुख्यमंत्री इस सरकार के अधिकारियों के सामने इतनी मजबूर हैं, तो आमजन की स्थिति समझी ही जा सकती है।” यही नहीं, कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “अब तो राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री भी कह रही हैं कि जनता परेशान है और अफसर सो रहे हैं। भजनलाल सरकार को अब तो नींद से जाग जाना चाहिए।” Latest News in Hindi Today Hindi News Congress attack BJP #VasundharaRaje #CongressVsBJP #RajasthanPolitics #BJPNews #DisasterFunds #PoliticalScandal #CongressLeader #BJPControversy #AuditDemand #NewsUpdate

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