Pakistan news today

Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest: पानी की वजह से पाकिस्तान के सिंध में इस मंत्री का फूंका घर, हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों ने मचाया तांडव

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के हाल खस्ता है। दरअसल, पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पानी की तंगी को लेकर हालात इस कदर बेकाबू हो गए हैं कि लोग हिंसा पर उतर आये हैं। लोकल मीडिया के मुताबिक कई हफ्तों से चल रहा यह विवाद मंगलवार को उस समय हिंसक हो गया जब नौशहरो फिरोज जिले के मोरो शहर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस झड़प में एक प्रदर्शनकारी की जान चली गई। दरअसल, पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक विवादित नहर परियोजना को लेकर विरोध प्रदर्शन भड़का हुआ है। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने मोरो शहर में गृह मंत्री जियाउल हसन लंजर के घर को आग के हवाले कर (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) दिया। डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा के दौरान सिंध के गृह मंत्री जिया लंजर के आवास को फूंक दिया है। इस दौरान हुई झड़पों  में एक डीएसपी सहित छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। पुलिसकर्मी ही नहीं आम नागरिकों के भी घायल होने की खबर है। जानकारी के अनुसार सड़कों पर दर्जनों वाहनों को आग लगा दी गई है और पूरे इलाके में अफरा-तफरी और अराजकता का माहौल बना हुआ है। सिंध के लोग किसी भी हाल में नहर के विरोध में (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) थे खबर के मुताबिक सिंधु नदी पर नया नहर बनना प्रस्तावित था। सिंध के लोग किसी भी हाल में इस नहर के विरोध में (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) थे। इस बीच सिंध सभा द्वारा एक विरोश प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसे हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया। फिर क्या था इसके विरोध में हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों ने मोरो बाईपास रोड को जाम कर दिया। देखते ही देखते ही प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। और सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजर के घर में घुसकर तोड़फोड़ की। इसके साथ ही कई जगहों पर आग भी लगा दी। वहां मौजूद मोटरसाइकिलों को आग के हवाले किया गया। इस पूरे मामले पर पुलिस ने एक बयान जारी कर बताया कि “बेनजीराबाद के पुलिस उप महानिरीक्षक परवेज चंदियो और नौशहरो फिरोज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संघार मलिक घटनास्थल पर पहुंचे। हालात पर काबू पाने के लिए विभिन्न थानों से अतिरिक्त पुलिस बल को भी बुलाया गया।” इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल अजीज धामरा ने इसे आतंकी हरकत (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) दिया करार  पीपीपी सिंध के सूचना सचिव अजीज धामरा ने इस घटना की आलोचना करते हुए इसे एक आतंकी हरकत करार (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) दिया। इस पर उन्होंने कहा कि “जनता को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन किसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के घर पर हमला करना एक साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है।” यही नहीं, सिंध के गृह मंत्री ने नौशहरो फिरोज के एसएसपी से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि फरवरी 2025 में पाकिस्तान सरकार ने सिंधु नदी प्रणाली पर आधारित 6 नए नहरों के निर्माण की योजना की घोषणा की थी। इस योजना के अंतर्गत पंजाब, बलूचिस्तान और सिंध प्रांतों में नहरें बनाई जानी हैं। यह तो ठीक, लेकिन इस परियोजना के चलते विवाद भी हुए। आलोचकों का आरोप है कि पंजाब सरकार इस योजना के जरिए से सिंध के जल संसाधनों को पंजाब की ओर मोड़ना चाहती है। दरअसल, सरकार पंजाब की 1.9 मिलियन हेक्टेयर बंजर भूमि की सिंचाई करना चाहती है। यह तो ठीक लेकिन, सिंध के लोगों का मानना है कि “यह योजना उनके जल अधिकारों का हनन करती है। पहले से जल संकट का सामना कर रहे इलाके के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest #PakistanNews #SindhProtest #WaterCrisis #MinisterHouseBurned #PakistanPolitics #BreakingNews #PakistanRiots #ArmedProtest #SindhCrisis #WaterShortage

आगे और पढ़ें
India Pakistan water dispute

Indus Water Treaty: बूंद-बूंद को तरसेंगे पाकिस्तानी, सिंधु जल संधि संस्पेंड करने के बाद भारत ने रोका चिनाब नदी का पानी, अगला नंबर झेलम का

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए कायराना आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। आतंकियों ने सभी का नाम और धर्म पूछकर दिन-दहाड़े गोली मार दी थी। इस हमले के बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात बने हुए हैं। बढ़ते तनाव और लोगों के रोष को देखते हुए भारत ने पाकिस्तान के साथ छह दशक पुरानी सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था। भारत ने पहलगाम हमले के एक दिन बाद पाकिस्तानियों का पानी बंद करने का फैसला लिया था। इस फैसले से पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है। अभी पाकिस्तानी इस सदमें से उबरे भी नहीं थे कि भारत ने एक और झटका दे दिया है। दरअसल, भारत ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को रोक (Indus Water Treaty) दिया है। ध्यान देने वाली बात ये कि यह कदम सिंधु नदी से पड़ोसी देश को एक भी बूंद पानी नहीं जाने देने के अपने फैसले पर अमल करते हुए उठाया गया है। यही नहीं, इसके अलावा भारत झेलम नदी पर बने किशनगंगा बांध से भी पानी के बहाव को कम करने की तैयारी कर रहा है।  पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक हो गया है (Indus Water Treaty) कम  प्राप्त जानकारी के मुताबिक लंबी चर्चा और हाइड्रोलॉजिकल परीक्षण के बाद भारत ने बगलिहार बांध से गाद निकालने का काम शुरू कर (Indus Water Treaty)) दिया है। इसके चलते स्लुइस गेट को नीचे दिया है। इससे पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक कम हो गया है। यही नहीं, नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन से जुड़े अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुछ इसी तरह के अभियान की योजना किशनगंगा बांध के लिए भी बनाई गई है। इस पूरे मुद्दे पर एक दूसरे अधिकारी ने (पहचान न जाहिर करने की शर्त पर) कहा कि “हमने बगलिहार जल विद्युत परियोजना के द्वार बंद कर दिए हैं। हमने जलाशय से गाद निकालने का काम किया था और इसे फिर से भरना है।” इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील झेलम नदी का पानी भी रोकने की है (Indus Water Treaty) तैयारी  गौर करने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि पाकिस्तान द्वारा सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण के कुछ ही घंटों के भीतर भारत ने ये कार्रवाई की है। यही नहीं, इसके अलावा इसमें देश के सभी बंदरगाहों पर पाकिस्तानी झंडों वाले जहाजों के रुकने पर प्रतिबंध भी शामिल (Indus Water Treaty) है। खबर के मुताबिक कहा तो यह भी जा रहा है कि उत्तर पश्चिमी हिमालय में गुरेज घाटी में स्थित किशनगंगा बांध जो कि झेलम नदी पर है, जहाँ पहला मेगा हाइड्रोपावर प्लांट लगा है, बहुत जल्द बड़े पैमाने पर वहां पवार भी रखरखाव का काम शुरू होगा। इसके चलते इससे नीचे की ओर बहने वाले सभी पानी को रोक दिया जाएगा। Latest News in HindiToday Hindi news Indus Water Treaty) #IndusWaterTreaty #IndiaPakistan #WaterCrisis #ChenabRiver #JhelumRiver #IndiaNews #PakistanNews #WaterDispute #Geopolitics #IndusTreaty

आगे और पढ़ें
Marriage issues due to water shortage

Water crisis affecting marriages: इस गाँव में पानी की किल्लत के चलते लड़कों की नहीं हो पा रही है शादी, महिलाएं छोड़ रही हैं ससुराल

आमतौर पर लड़कों की शादी नहीं होने की कई वजहें हो सकती हैं। मसलन, रंग-रूप नौकरी-चाकरी खानदान इत्यादि। यह तो समझ में आता है कि लड़का गैरजिम्मेदार है या नौकरीपेशा नहीं है तो शादी नहीं हो होती या शादी में दिक्क्तें आती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि कहीं पानी के लिए शादी लड़कों की शादी नहीं हो रही है? जी हाँ, सही पढ़ा आपने। बता दें कि ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक में स्थित आदिवासी गांव में पानी की किल्लत की वजह से लड़कों की शादी (water crisis affecting marriages) नहीं हो पा रही है। एक तो गर्मी का गर्म मौसम और ऊपर से बढ़ती पानी की किल्लत दोनों बदाबरली गांव की हालत खस्ता कर दी है। मौजूदा समय में बदाबरली गाँव भयंकर जल संकट से जूझ रहा है। इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि यहाँ के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। यहाँ तक कि न सिर्फ पानी की कमी के चलते युवाओं की शादी हो रही है बल्कि महिलाएं ससुराल छोड़कर अपने मायके लौट जा रही हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो गांव के करीब 200 से ज्यादा परिवारों को रोज पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।  लोग अपनी बेटियों की शादी यहां करने से (water crisis affecting marriages) कर रहे हैं मना  बढ़ती गर्मी के कारण पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक में स्थित आदिवासी गांव बदाबरली इस वक्त भयंकर जल संकट से जूझ रहा है। यहां पानी की ऐसी हालत हो चुकी है कि न सिर्फ लोगों का जीना मुश्किल हो गया है, बल्कि युवाओं की शादी भी टल रही है और कई महिलाएं ससुराल छोड़कर वापस अपने मायके लौट रही हैं। आलम यह है कि गांव के सारे हैंडपंप खराब हो चुके हैं। यही नहीं, आस-पास कोई तालाब या कुआं भी नहीं है। स्थनीय लोगों की माने तो रोजाना उन्हें 1.5 से 2 किलोमीटर दूर पैदल चलकर झरनों से पानी लाना पड़ता है या फिर दूसरे गांवों में जाकर पानी लाना पड़ता है। इसी पानी की किल्लत के चलते लोग अपनी बेटियों की शादी इस गांव में करना ही नहीं चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गांव के ही निवासी रवींद्र नाग ने बताया कि “हमारे गांव में पानी सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है। लोग अपनी बेटियों की शादी यहां करने से मना (water crisis affecting marriages)  कर रहे हैं। गांव के तकरीबन 80 युवाओं की शादी नहीं हो पाईहै। इस परेशानी के चलते कई महिलाएं शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल छोड़कर चली गईं।”  इसे भी पढ़ें:- स्टील की दीवारें, मोशन सेंसर, बायोमेट्रिक लॉक और 24 घंटे SWAT तैनात, तहव्वुर राणा को जहां रखा गया उसकी सुरक्षा है बेहद खास जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई नहीं (water crisis affecting marriages) निकला समाधान  शिकायत करने की बात पर गांव वालों का कहना है कि “उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं (water crisis affecting marriages) निकला। गांव को आधिकारिक तौर पर वॉटर स्कार्सिटी रेड ज़ोन घोषित किया गया है। बदाबरली गांव के लिए एक मेगा ड्रिंकिंग वॉटर प्रोजेक्ट की योजना बनी थी, जिससे पापड़ाहांडी ब्लॉक के 50 गांवों को पानी मिलना था। लेकिन यह योजना नेशनल हाइवे डिपार्टमेंट से पाइपलाइन बिछाने की अनुमति न मिलने के चलते अधर में ही अटकी हुई है। खैर, इस बीच रूरल वाटर सप्लाई एंड सनिटेशन के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर प्रतीक कुमार राउत ने बताया कि “बदाबरली गांव को हमने हाइड्रोलॉजिकल मैप के आधार पर रेड जोन पाया है। पहले गांव में 4 ट्यूबवेल थे, जिनमें 3 खराब हो चुके हैं। हमारी कोशिश है कि जून तक पापड़ाहांडी ब्लॉक के 50 गांवों तक पानी पहुंचाया जाए।” तो वहीं गाँववालों का कहना है कि “यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे जोरदार आंदोलन शुरू करेंगे।” ऐसे में बड़ा सवाल यह कि जब सड़क और बिजली गांव तक पहुंच सकती है, तो पीने का पानी क्यों नहीं? कुछ भी हो, सरकार को बिना अधिक देर गंवाए जल्द से जल्द इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए। नहीं तो आने वाले समय में पानी की किल्लत का संकट गहरा सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi News water crisis affecting marriages #WaterCrisis #MarriageProblems #VillageLife #IndianVillages #WaterShortage #BridesLeaving #RuralIndia #WaterScarcity #MarriageCrisis #VillageNews

आगे और पढ़ें
Translate »