Bangladesh plan Bengal

Bangladesh plan Bengal: साजिशकर्ताओं ने बंगाल को बांग्लादेश बनाने की योजना बनाई थी, बांटे गए थे 500-500 रुपए

वक़्फ़ कानून लागू होने के बाद से पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल इलाके मुर्शिदाबाद में 10 अप्रैल से लगातार विरोध जारी है। विरोध के दौरान हुई हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। यही नहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तकरीबन 500 से अधिक लोगों ने हिंसा के डर से पलायन कर लिया है। वक़्फ़ संसोधन बिल पास होने के बाद से ही हिंसा और उपद्रव का अंदाजा था। ख़ुफ़िया विभाग ने पश्चिम बंगाल में अराजक तत्वों द्वारा हिंसा फ़ैलाने का इनपुट पहले दिया गया था। लेकिन राज्य सरकार की नाकामी के चलते हिंसा भड़क उठी। स्थित नियंत्रण के बाहर होती देख जिले में केंद्रीय सुरक्षा बल को तैनात किया गया है। इस बीच मुर्शिदाबाद दंगा मामले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस हिंसा की साजिश तीन महीने पहले ही रची गई थी। इसके अलावा तुर्कीए से फंडिंग भी की गई थी। हमलावरों को लूटपाट के लिए बाकायदा 500-500रुपये दिए गए थे। दरअसल, साजिशकर्ताओं का लक्ष्य बंगाल को बांग्लादेश (Bangladesh plan Bengal) जैसा बनाना था।  पहले रामनवमी की तारीख तय थी, लेकिन कड़ी सुरक्षा के चलते योजना को (Bangladesh plan Bengal) पड़ा टालना  भारतीय जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों की माने तो, इस हिंसा की प्लानिंग लंबे समय से की जा रही थी। पिछले 3 महीनों से इलाके के लोग इस घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। जांच के दौरान एजेंसियों को पता चला कि आतंकवाद फैलाने का यह एक नया तरीका है। इस दौरान यह भी पता चला कि दो महीने पहले एटीबी के दो जाने-माने सदस्य मुर्शिदाबाद आए और कहा कि “एक बड़ी दावत होगी।” दरअसल, वो मौके की ताक में थे। पहले रामनवमी की तारीख तय थी। लेकिन कड़ी सुरक्षा के चलते योजना को (Bangladesh plan Bengal) टालना पड़ा।  इसे भी पढ़ें: – जम्मू कश्मीर के पुंछ में मुठभेड़, 2 से 3 आतंकी जंगल में छुपे, गोलीबारी में सेना का एक जवान घायल बांग्लादेश की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी अराजकता फ़ैलाने की (Bangladesh plan Bengal) थी योजना  इस बीच वक़्फ़ संसोधन बिल पास हो गया और इस बिल ने अराजक तत्वों को अराजकता फ़ैलाने का मौका दे दिया। इसमें हिंदुओं की हत्या करना, उनके घरों को लूटना, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाना और ट्रेनों को बाधित करना उनका पहला मकसद था। उन्हें अधिक से अधिक चीजों का नुकसान करने की हिदायत दी गई थी। हमलावरों से कहा गया था कि जितनी ज्यादा चीजों को खराब करेंगे, उन्हें उतना ही पैसा दिया जाएगा। जांच एजेंसियों की मानें तो इस योजना में शामिल हर हमलावर और पत्थरबाजों को लूटपाट के लिए 500 रुपये दिए गए थे। यही नहीं, पिछले 3 महीनों से इनकी लगातार ट्रेनिंग भी चल रही थी। बांग्लादेश की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी अराजकता फ़ैलाने की योजना (Bangladesh plan Bengal) थी। हालाँकि मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से शांति की अपील करते हुए कहा कि “मैं सभी से कहूंगी कि सभी को अनुमति लेकर शांतिपूर्वक विरोध करने का अधिकार है, लेकिन कानून अपने हाथ में न लें। चाहे कोई भी हो। कानून तोड़ने वालों की कोई जरूरत नहीं है। जो शांत दिमाग रखता है, वही जीतता है।”   Latest News in Hindi Today Hindi news  Bangladesh plan Bengal #BangladeshPlanBengal #BengalConspiracy #WestBengalNews #PoliticalPlot #500RupeeNews #BengalNews #BreakingNews #IndiaAlert #BangladeshLink #ConspiracyExposed

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Murshidabad violence

Murshidabad violence: वक्फ संसोधन बिल के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में इस वजह से भड़की हिंसा

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद स्थित जंगीपुर के मुस्लिम बहुल वक्फ संसोधन बिल के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस विरोध प्रदर्शन में भारी संख्या में लोग जुटे थे। प्रदर्शनकारी बिल को वापस लेने की मांग कर रहे थे। शांतिपूर्वक चल रहा प्रदर्शन देखते ही देखते एकएका एक झूठी अफवाह के चलते उग्र और हिंसक (Murshidabad violence) हो गया। अचानक उग्र हुए प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ पुलिस की कई गाड़ियों के साथ तोड़फोड़ की बल्कि उन्हें आग के हवाले भी कर दिया। दरअसल, किसी ने अफवाह फैला दी कि वक्फ संसोधन बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों में से किसी की पुलिसलाठी चार्ज में मौत हो गई है। फिर क्या था , आंदोलन हिंसक हो गया। घटना मंगलवार शाम की बताई जा रही है।  अफवाह के चलते फैली (Murshidabad violence) हिंसा  जानकारी के मुताबिक जंगीपुर ग्राउंड पर पुलिस की तैनाती कम थी। दरअसल, इस बीच रामनवमी के मौके पर दूसरों जगहों पर पुलिसकर्मियों को भेजा गया था। कारण यही अनियंत्रित भीड़ को काबू करने में पुलिस को काफी मशक्क्त करनी पड़ी। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी नेशनल हाईवे के पास पहुंचकर सड़क को जाम करने लगे। इस बीच पुलिस ने जब इन प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की तो धक्का मुक्की शुरू हो गई। और इस धक्का मुक्की में एक युवक नीचे गिर गया।  युवक के नीचे गिरने के बाद यह अफवाह फैल गई कि जो व्यक्ति नीचे गिरा है वो पुलिस की लाठीचार्ज में गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। इस अफवाह के बाद माहौल बिगड़ गया। इससे आक्रोशित प्रदर्शनकारी आगजनी और तोड़फोड़ (Murshidabad violence) करने लगे।  कई इलाकों बीएनएसए की धारा 163 (Murshidabad violence) कर दी गई है लागू  स्थिति बेकाबू होती देख पुलिस प्रशासन ने इंटरनेट सेवा को बंद करने का दिया। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। यही नहीं,  स्थिति को काबू करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाना पड़ा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज और सूती इलाकों बीएनएसए की धारा 163 लागू (Murshidabad violence) कर दी है। जानकारी के मुताबिक इन क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। अब इस घटना को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर करारा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुंकात मजूमदार ने सोशल साइट एक्स पर पोस्ट कर कहा कि “ममता बनर्जी के शासन में बंगाल लहूलुहान हो रहा है।” इसे भी पढ़ें:- मराठी बनाम हिंदी विवाद से डरा महाराष्ट्र का उद्योग जगत, कारोबारियों को सता रहा मजदूरों के पलायन का डर रैली पर लाठीचार्ज करना (Murshidabad violence) अस्वीकार्य है- तृणमूल कांग्रेस जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि “प्रदर्शनकारियों ने इलाके में तैनात पुलिस पर पथराव किया और कुछ पुलिस वाहनों में आग लगा (Murshidabad violence) दी गई। उन्होंने कहा कि घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। झड़प में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए हैं। तो वहीं इस मामले में राज्य के मंत्री और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि “वामपंथी शासन के दौरान भी अल्पसंख्यकों के साथ पुलिस द्वारा ऐसा व्यवहार नहीं किया जाता था।” इस बीच तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चौधरी ने कहा कि “वामपंथी शासन के दौरान भी पुलिस ने अल्पसंख्यकों पर कभी लाठीचार्ज नहीं किया। अगर किसी ने हिंसा का सहारा लिया है तो जाहिर तौर पर कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन एक रैली पर लाठीचार्ज करना अस्वीकार्य है।” Latest News in Hindi Today Hindi News Murshidabad violence #MurshidabadViolence #WaqfAmendmentBill #WestBengalNews #ProtestNews #WaqfBillProtest #MurshidabadClash #WaqfBillControversy #IndianPolitics #BreakingNewsIndia #WaqfRights

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