जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थिति बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर चलाकर पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों समेत उनके तमाम एयरबेस और एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया था। कुछ घंटों की कार्रवाई में ही पाकिस्तान को लग गया था कि भारत आर-पार के मूड में है। भारत का रूद्र रूप देख पाकिस्तान ने दुनिया भर के देशों से हस्तक्षेप करशांति बहाल कराने की कोशिश की थी। पाकिस्तना की विवशता देख अमेरिका ने पहल कर दोनों देशों को सीज फायर के लिए राजी करवाया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर सीज फायर कराने का श्रेय लेते हुए दोनों देशों से संयम बरतने की बात कही। ट्रंप के इस दावे से दुनिया चकित रह गई थी। 10 मई को भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर को लेकर घमासान मचा हुआ है। दरअसल, भारत अपनी शर्तों पर सीज फायर के लिए राजी हो तो गया, लेकिन इस बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की तरफ से भारत-पाकिस्तान सीजफायर में अपनी भूमिका के दावे पर कड़ी आपत्ति (Shashi Tharoor Slams US President) जताई है। उन्होंने चार बिंदुओं पर अमेरिकी राष्ट्रपति की जमकर आलोचना की। बता दें कि इनमें, पीड़ित और अपराधी के बीच गलत समानता स्थापित करना, कश्मीर मुद्दे के अंतर्राष्ट्रीयकरण का प्रयास, और भारत की संप्रभुता में हस्तक्षेप इत्यादि शामिल है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की दक्षिण दशियाई देशों के मामले में गैर जरूरी टिप्पणी (Shashi Tharoor Slams US President) कर रहे हैं
Mr Trump’s post is disappointing for India in four important ways: First, it implies a false equivalence between the victim and the perpetrator, and seemingly overlooks the US’ own past unwavering stance against Pakistan’s well-documented links to cross-border terrorism. Second,… https://t.co/Za5cvwq82M
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) May 12, 2025
बता दें कि शशि थरूर ने सीजफायर को लेकर कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति की दक्षिण दशियाई देशों के मामले में गैर जरूरी टिप्पणी (Shashi Tharoor Slams US President) कर रहे हैं। वे अपने बयानों से भारत और पाकिस्तान को गलत तरीके से एक तराजू पर तौलने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही ट्रंप की सीजफायर पोस्ट को लेकर 4 प्वाइंट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की है।” यही नहीं, थरूर ने ट्रम्प के बयान को न सिर्फ भारत के लिए निराशाजनक बताया बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति के दक्षिण एशियाई देशों के मामलों में हस्तक्षेप करने पर चिंता व्यक्त भी की। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि “ट्रंप की पोस्ट भारत के लिए चार महत्वपूर्ण तरीकों से निराशाजनक है। सबसे पहले, यह पीड़ित और अपराधी के बीच एक गलत समानता का संकेत देता है, और ऐसा लगता है कि यह पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद से जुड़े संबंधों के खिलाफ अमेरिका के अपने पिछले अडिग रुख को नजरअंदाज करता है। दूसरा ये कि भारत कभी भी अपने सिर पर आतंकवादी बंदूक तानकर बातचीत नहीं करेगा।” यही नहीं, शशि थरूर ने जोर देते हुए कहा कि “कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करना गलत है, आतंकवादी भी यही चाहते हैं। ये भारत का आंतरिक मामला है। इस पर किसी को दखल नहीं देना चाहिए। भारत ने कभी भी पाकिस्तान के साथ अपनी समस्याओं पर किसी विदेशी देश से मध्यस्थता का अनुरोध नहीं किया है। और न ही ऐसा करने की संभावना है।
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राजनीतिक दल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से हुए सीजफायर के ऐलान पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहे (Shashi Tharoor Slams US President) हैं

गौरतलब हो कि ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे को लेकर सुलझाने की बात कही थी। फिर क्या था, इसके बाद विवाद बढ़ गया। तमाम राजनीतिक दल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से हुए सीजफायर के ऐलान पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहे (Shashi Tharoor Slams US President) हैं। विरोधी पार्टियां शिवसेना और कांग्रेस ने इसको लेकर सरकार से संसद सत्र की मांग करते हुए स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि “अगर भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष नहीं रुका होता तो अमेरिका व्यापार रोक देता, लेकिन इस दावे का भारत की तरफ से कोई समर्थन नहीं मिला। ऐसे में बड़ा और अहम सवाल उठता है कि क्या यह बयान अपनी छवि को सशक्त बनाने के लिए दिया था या फिर यूँ ही क्रेडिट लेने के लिए हवाबाजी की थी? खैर ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा कि ट्रंप कहाँ तक सही थे?
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