Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor: इस एक वजह से चाह कर भी शशि थरूर पर कार्रवाई नहीं कर पा रही है कांग्रेस

action on Shashi Tharoor

ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवाद पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए इन दिनों भारत के सात सर्वदलीय शिष्टमंडल विदेशी दौरे पर हैं। इनमें से एक शिष्टमंडल की अगुवाई कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर कर रहे हैं। अन्य शिष्टमंडलों में मनीष तिवारी, सलमान खुर्शीद शामिल हैं। लेकिन कांग्रेस को सबसे ज्यादा आपत्ति शशि थरूर के बयानों से। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि जिस तरह से वो आये दिन पाकिस्तान को घेर रहे हैं, इसे देखकर ऐसा लगता है कि वो बीजेपी के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके इस कदम से पार्टी असहज दिख रही है। पार्टी से जुड़े करीबी सूत्रों की माने तो थरूर जिस तरह से बयान दे रहे हैं, उससे कांग्रेस खुश नहीं है। एक तरफ जहाँ सीजफायर होने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित दखल को लेकर कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर है और उससे लगातार सवाल कर रही है तो वहीं थरूर और खुर्शीद लगातार अमेरिकी या ट्रंप के दखल के दावों को सिरे से खारिज कर रहे (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) हैं। कई मौकों पर दोनों नेताओं ने साफ तौर पर कहा है कि 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर जो सहमति बनी वह दोनों देशों के बीच हुई सीधी बातचीत का नतीजा है। दोनों जोर देते हुए कहा कि इस सीजफायर में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। 

थरूर पर करवाई या उनका विरोध करने का मतलब है बीजेपी को सीधा लाभ (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) पहुँचाना

Shashi Tharoor controversy

इस बात के इंकार नहीं किया जा सकता कि थरूर के बयानों से कांग्रेस के आला नेताओं में नाराजगी है। नाराजगी ऐसी वैसी भी नहीं, चरम वाली। नाराजगी तो है, लेकिन चाहकर भी वो इसका विरोध नहीं कर पा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी का अपना ऐसा अनुमान है कि थरूर पर करवाई या उनका विरोध करने का मतलब है बीजेपी को सीधा लाभ (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) पहुँचाना। और बीजेपी इसे मुद्दा बना सकती है। ऐसे में कांग्रेस किसी भी कीमत पर बीजेपी को लाभ नहीं ही पहुंचाएगी। इसलिए पार्टी जवाब न देकर उदित राज द्वारा थरूर पर हमला करवा रही है। वो बात और है कि पवन खेड़ा जैसे नेता उदित राज के ट्वीट को लगातार री-पोस्ट कर रहे हैं। ऐसा इसलिए कि विवाद बढ़ने पर इसे उदित राज का निजी विचार बता पार्टी के शीर्ष नेता अपना पल्ला आसानी से झाड़ सकते हैं। पार्टी से जुड़े करीबी सूत्रों की माने तो कांग्रेस, थरूर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के मूड में नहीं है। दरअसल, इसके पीछे की बड़ी वजह है अगले साल केरल में होनेवाले विधानसभा चुनाव। बता दें कि थरूर तिरूवनंतपुरम से सांसद हैं। पिछले चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी। 

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केरल में लोगों की नाराजगी मोल नहीं लेना (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) चाहती कांग्रेस

हाल के वर्षों में थरूर ने केरल में अपना एक नया समर्थक वर्ग तैयार किया है, इसमें युवा, महिलाएं और सर्विस सेक्टर के लोग शामिल हैं। तिरूवनंतपुरम के बाहर भी थरूर का अच्छा प्रभाव है। बेशक कांग्रेस किसी भी तरह की कार्रवाई कर केरल में लोगों की नाराजगी मोल नहीं लेना (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) चाहती। बता दें कि थरूर नायर जाति से आते हैं। ध्यान देने वाली बात यह कि परंपरागत रूप से यह वर्ग भाजपा का समर्थक है, लेकिन इसके बावजूद थरूर चुनाव जीतते आ रहे हैं। वह तिरूवनंतपुरम से चार बार के सांसद हैं। वजह यही जो अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस थरूर को पार्टी का चेहरा बनाकर चुनाव लड़ना चाहती है। बेशक वह थरूर की राजनीतिक लोकप्रियता का फायदा उठाना चाहती है। ऐसे में उसे लगता है कि थरूर पर किसी भी तरह की कार्रवाई चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचा सकती है। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं, केरल में थरूर के नुकसान की भरपाई कर पाना कांग्रेस पार्टी के लिए बेहद मुश्किल हो सकता है।

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