Car wiper and windshield: कार की विंडशील्ड और वाइपर की मानसून में मेंटेनेंस गाइड

wiper blade replacement

भारत में मानसून का मौसम एक तरफ जहां राहत और हरियाली लेकर आता है, वहीं यह कार चालकों के लिए कुछ गंभीर चुनौतियाँ भी पैदा करता है। तेज़ बारिश, फिसलन भरी सड़कें और लो विजिबिलिटी के कारण कार ड्राइव करने वालों के सामने कई परेशानियां खड़े कर देती है। बारिश के मौसम में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं कार के वाइपर और विंडशील्ड (Car wiper and windshield) क्योंकि यही दो चीज़ें आपको बारिश के दौरान सामने साफ देखने में मदद करती है। अगर इनकी देखभाल समय रहते नहीं की गई, तो ये न केवल आपकी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं बल्कि आपकी कार को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

भारत में मानसून का मौसम जून से सितंबर तक रहता है। खासतौर पर मुंबई, केरल, असम, उत्तराखंड और कोलकाता जैसे इलाकों में भारी बारिश होती है। ऐसे में ड्राइविंग के दौरान सामने ठीक से ना दिखना परेशानी पैदा करती है। इसीलिए विंडशील्ड का अच्छा  होना बेहद ज़रूरी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार हर साल सड़कों पर बारिश की वजह से हजारों एक्सीडेंट दर्ज किए जाते हैं, जिनमें से अधिकतर सामने साफ ना देखपाना और गाड़ी की ख़राब स्थिति की वजह से होते हैं।

Car wiper and windshield: कार की विंडशील्ड और वाइपर से जुड़ी जरूरी बातें 

साफ़ और स्क्रैच-फ्री विंडशील्ड  (Car wiper and windshield)

  • नियमित सफाई करें – हर दो-तीन दिनों में विंडशील्ड को माइल्ड क्लीनर और माइक्रोफाइबर कपड़े से साफ़ करें। इससे धूल, कीचड़ और ऑइल फिल्म हट जाती है। 
  • स्क्रैच और क्रैक की जांच करें – बारिश में छोटी दरारें भी बड़ी समस्या बन सकती हैं। अगर विंडशील्ड में हल्का सा भी स्क्रैक है, तो बारिश में पानी उसके अंदर जा सकता है जिससे पूरी शीशा बदलवाना पड़ सकता है।
  • डिफॉगर और डीमिस्टर चेक करें – बारिश में विंडशील्ड के अंदर की ओर भाप जम जाती है। ऐसे में डिफॉगर और एसी का सही काम करना जरूरी है ताकि दृश्यता बनी रहे।
  • वॉशर लिक्विड का प्रयोग करें – सादे पानी की जगह विंडशील्ड वॉशर लिक्विड का इस्तेमाल करें ताकि गंदगी आसानी से साफ़ हो सके और वाइपर भी चिकने तरीके से चलें।

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वाइपर की देखभाल 

  • ब्लेड की हालत जांचें – वाइपर ब्लेड में दरारें, घिसाव या कठोरता नजर आए तो तुरंत बदलें। पुराने या खराब वाइपर ब्लेड कांच पर स्क्रैच डाल सकते हैं।
  • सही आकार के वाइपर चुनें – हर कार के लिए वाइपर ब्लेड का सटीक साइज़ होता है। ओवरसाइज़ वाइपर मोटर पर दबाव डाल सकते हैं और छोटे वाइपर पूरी विंडशील्ड को कवर नहीं कर पाते।
  • वाइपर आर्म की स्थिति जांचें – कई बार वाइपर का आर्म ढीला हो जाता है जिससे ब्लेड कांच पर सही से नहीं चल पाते। ऐसे में प्रोफेशनल से जांच करवाएं।
  • हर मानसून से पहले बदलें वाइपर – इंडियन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन की सलाह के अनुसार, वाइपर को हर साल कम से कम एक बार मानसून शुरू होने से पहले बदल देना चाहिए।

कुछ अतिरिक्त कार केयर टिप्स मानसून के लिए

  • ब्रेक्स और टायर की नियमित जांच करें – बारिश में फिसलन के कारण अच्छी ग्रिप और मजबूत ब्रेक्स बेहद ज़रूरी हैं।
  • कार की बॉडी पर वैक्स कोटिंग करवाएं – इससे पानी और कीचड़ की पकड़ कम हो जाती है और पेंट सुरक्षित रहता है।
  • कार के फर्श पर रबर मैट्स का इस्तेमाल करें – यह पानी को सोखने से रोकता है और कार को अंदर से सूखा रखता है।

मानसून में कार की विंडशील्ड और वाइपर (Car wiper and windshield) का मेंटेनेंस कोई ऐच्छिक काम नहीं, बल्कि एक आवश्यक सुरक्षा कदम है। जैसे-जैसे भारतीय सड़कों पर बारिश तेज़ होती है, वैसे-वैसे इन दो भागों की भूमिका और भी अहम हो जाती है। साफ़ विंडशील्ड और सही वाइपर न केवल आपको एक बेहतर दृश्य देते हैं, बल्कि आपके और आपके परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं।

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