India-UK CETA 2026 लागू, व्यापार और निवेश को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

नई दिल्ली: भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच हुआ Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) आज आधिकारिक रूप से लागू हो गया। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सेवा क्षेत्र में सहयोग का नया दौर शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को भारत-यूके संबंधों के लिए “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया, जबकि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों, MSME, किसानों, स्टार्टअप और पेशेवरों के लिए नए अवसर खुलेंगे।

क्या है India-UK CETA?

India-UK Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करना, निवेश बढ़ाना और सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत बनाना है।

समझौते के लागू होने के बाद हजारों उत्पादों पर सीमा शुल्क (Tariff) में तत्काल या चरणबद्ध कमी की जाएगी। इससे दोनों देशों के कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे।

भारतीय निर्यातकों को सबसे बड़ा फायदा

सरकार के अनुसार, समझौते से भारत के कई प्रमुख निर्यात क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें—

  • वस्त्र एवं परिधान (Textiles)
  • चमड़ा उद्योग (Leather)
  • रत्न एवं आभूषण (Gems & Jewellery)
  • इंजीनियरिंग उत्पाद
  • समुद्री उत्पाद
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
  • रसायन उद्योग
  • MSME क्षेत्र

ब्रिटेन बड़ी संख्या में भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क समाप्त या कम करेगा, जिससे भारतीय सामान वहां अधिक प्रतिस्पर्धी कीमत पर उपलब्ध होंगे।

सेवा क्षेत्र और पेशेवरों को भी लाभ

समझौते में आईटी, वित्तीय सेवाओं, शिक्षा, बीमा, कानूनी सेवाओं और अन्य पेशेवर क्षेत्रों को भी विशेष महत्व दिया गया है। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा (Social Security Agreement) के लागू होने से ब्रिटेन में काम करने वाले कई भारतीय पेशेवरों को दोहरी सामाजिक सुरक्षा अंशदान (Double Contribution) से राहत मिलेगी।

निवेश और रोजगार में आएगी तेजी

विशेषज्ञों का मानना है कि CETA लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में वृद्धि होगी। इससे विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल सेवाओं और निर्यात आधारित उद्योगों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

सरकार का कहना है कि यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी मजबूती देगा।

पहले ही दिन दिखा असर

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, समझौते के लागू होने के पहले ही दिन भारत से 140 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य के उत्पाद ब्रिटेन को बिना आयात शुल्क के निर्यात किए गए। यह इस समझौते के तत्काल प्रभाव और भारतीय निर्यातकों के उत्साह को दर्शाता है।

उपभोक्ताओं को क्या मिलेगा फायदा?

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में कुछ ब्रिटिश उत्पादों पर शुल्क में कमी के कारण भारतीय उपभोक्ताओं को भी लाभ मिल सकता है। वहीं प्रतिस्पर्धा बढ़ने से उत्पादों की गुणवत्ता और विकल्पों में भी सुधार होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने CETA के लागू होने का स्वागत करते हुए कहा कि यह समझौता भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगा। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार, निवेश, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में दीर्घकालिक अवसर पैदा होंगे।

निष्कर्ष

India-UK CETA 2026 का लागू होना भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। शुल्क में कमी, निर्यात को बढ़ावा, निवेश में वृद्धि और सेवा क्षेत्र में सहयोग से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह समझौता भारत के वैश्विक व्यापार और आर्थिक विकास को नई गति देगा।

Source: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार तथा भारत-यूके आधिकारिक व्यापार समझौता।

Original Report: भारत सरकार एवं विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार रिपोर्टों के आधार पर तैयार।

जय राष्ट्र न्यूज़

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