Anu Sharma

Mango Chaat

Mango Chaat: गर्मियों में बनाएं यह खट्टे-मीठे आम की चाट

गर्मियों के मौसम में जो चीज सबसे अधिक पसंद आती है वो हैं आम (Mango)। आम चाहे कच्चे यानी खट्टे-मीठे हों या पके हुए रसीले, दोनों का ही अपना स्वाद होता है। आम (Mango) के कई हेल्थ बेनिफिट्स हैं। यह डाइजेशन को सुधारता है, इम्युनिटी बढ़ाता है, आंखों और स्किन के स्वस्थ के लिए अच्छा है। आम (Mango) में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कई बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं। यही नहीं आम फाइबर, पोटैशियम, विटामिन ए और सी से भी भरपूर होता है। आम (Mango) को लोग कई तरह से खाते हैं। इसे ऐसे ही फल की तरह खाया जाता है, इसके अलावा इससे बना मेंगोशेक, आम रस और मेंगो लस्सी भी बहुत प्रसिद्ध है। लेकिन, क्या आपने आम की चाट (Mango Chaat) खायी है? खट्टे-मीठे आम की चाट (Mango Chaat) को आप घर पर भी बना सकते हैं। आइए जानें इस चाट को बनाने के तरीके के बारे में। आम की चाट (Mango Chaat): कैसे बनाएं गर्मियां (Summer) आते ही इस आम की चाट (Mango Chaat) को आप पके हुए या कच्चे किसी भी आम (Mango) से बना सकते हैं। लेकिन हम इस आम (Mango) की चाट में दोनों तरह के आमों का इस्तेमाल करेंगे। गर्मियां (Summer) आते ही आम की चाट (Mango Chaat) बनाने की सामग्री इस प्रकार है:  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक बनाने की विधि नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Mango Chaat #Mangochaat #mango #summer #chaat

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Manimahesh Kailash

मणिमहेश कैलाश: भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है यह पर्वत

हमारे देश में ऐसे कई धार्मिक स्थान हैं, जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु जाते हैं। ऐसा ही एक स्थान है मणिमहेश (Manimahesh)। मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) भगवान शिव को समर्पित है और पंच कैलाशों में से एक है। यह स्थान है हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में। यहां पहुंचना आसान नहीं लेकिन यह एक पवित्र स्थान है जो भगवान शिव और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। कैलाश पर्वत के नीचे मौजूद मानसरोवर झील की तरह यहां भी एक झील है। आइए जानें मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) के बारे में विस्तार से। यह भी जानें कि मणिमहेश (Manimahesh) की यात्रा कब की जा सकती है? मणिमहेश (Manimahesh) की कथा  मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) वो महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान है, जो भगवान शिव जी के प्रेम और शक्ति का संकेत है। ऐसा माना गया है कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के बाद इस पर्वत को बनाया गया था। कुछ पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी पर्वत पर भगवन शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था।यही नहीं इस पर्वत को उनका निवास स्थान भी माना गया है। मणिमहेश  (Manimahesh) पर्वत की चोटी तक कोई भी चढ़ाई नहीं कर पाया है। ऐसा भी माना गया है कि आज तक कई लोगों ने इसकी चोटी तक पहुंचने की कोशिश की है, लेकिन वो सफल नहीं हो पाएं हैं। एक चरवाहें ने भी अपनी बकरियों के साथ यहां चढ़ने की कोशिश की थी लेकिन वो पत्थर की बन गई थी। इस पर्वत पर एक झील है जिसका पानी बेहद पवित्र माना गया है और लोग इसे अपने साथ ले जाते हैं। मणिमहेश झील (Manimahesh Lake) तक इस पर्वत की यात्रा की जाती है। मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) के मणि का क्या है अर्थ  यह तो हम सभी जानते हैं कि मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) में मणि का अर्थ है भगवन शिव की मणि। इसके पीछे भी एक कथा है। ऐसा माना गया है कि पूर्णिमा (Purnima) की रात को मणिमहेश झील  (Manimahesh Lake) में इस पर्वत में मौजूद मणि की किरणों से परिवर्तित होती हैं और उसके बाद लोगों को दिखती हैं। लेकिन, यह दृश्य सभी को नहीं दिखाई देता है। हालांकि वैज्ञानिकों का इसके बारे में अलग मत है। उनके अनुसार यह किरणें ग्लेशियर से परावर्तित होकर आती हैं न की मणि से। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया कैसे पहुंचा जा सकता है मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash)? मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 13 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इस साल यह यात्रा 26 अगस्त से शुरू हो रही है। आप जिस भी शहर से आ रहे हैं, वहां से आपको सबसे पहले चम्बा पहुंचना होगा। इस स्थान पर अगर आप वायुमार्ग या रेलमार्ग से आ रहे हैं, तो सबसे नजदीक एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन आपको पड़ेगा पठानकोट। चम्बा पहुंचने के बाद आपको भरमौर पहुंचना होगा जो यहां से लगभग 70 किलोमीटर दूर है। यहां आप बस या टैक्सी से पहुंच सकते हैं। भरमौर से आपको हड़सर पहुंचना होगा, जहां आप बस या टैक्सी से जा सकते हैं। हड़सर से ट्रैक शुरू हो जाता है। ट्रैक कर के आप मणिमहेश झील (Manimahesh Lake) तक पहुंच सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Manimahesh Kailash #ManimaheshKailash #Manimahesh #ManimaheshLake #Chamba #LordShiva #MataParvati

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Bowel Cancer

बाउल कैंसर: युवाओं के लिए बढ़ता खतरा, जानें कैसे करें इससे बचाव

बाउल कैंसर (Bowel cancer), लार्ज बाउल में शुरू होने वाला कैंसर (Cancer) है। इनमें कोलन और रेक्टरम आदि भी शामिल है। यह कैंसर (Cancer) सबसे सामान्य कैंसरस में से एक है। कोलन कैंसर के उपचार के लिए कई तरीके काम में आ सकते हैं। इसके उपचार में रेडिएशन थेरेपी, सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी आदि शामिल हैं। बाउल कैंसर (Bowel cancer) आमतौर पर बुजुर्गों को प्रभावित करता है, लेकिन यह किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। आजकल बड़ी संख्या में युवाओं को भी यह कैंसर प्रभावित कर रहा है, जो एक चिंता का विषय है। आइए जानें युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) के बारे में विस्तार से। बाउल कैंसर से बचाव के बारे में भी जानें। युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People): पाएं जानकारी बाउल कैंसर (Bowel cancer) एक गंभीर बीमारी है जो मृत्यु का कारण भी बन सकता है। हर साल इस कैंसर (Cancer) के कई नए मामले सामने आते हैं। ऐसा पाया गया है कि साल 2023 में इस कैंसर के 19 लाख मामले सामने आए थे, जिनमें से लगभग 9 लाख लोगों की मृत्यु हो गई थी। एक स्टडी के अनुसार आजकल युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ सालों में यह संख्या लगातार बढ़ रही है। स्टडी में ऐसा भी पाया गया है कि  20 साल में 55 साल से कम उम्र के लोगों में इस कैंसर (Cancer) के मामले लगभग डबल हो चुके हैं। जबकि बुजुर्गों में यह सख्या स्टेबल या इसके मामले में गिरावट हो रही है। अगर बात की जाए युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) के कारणों की, तो इसका कारण बिगड़ता लाइफस्टाइल, अनहेल्दी आहार, टेंशन आदि को माना जा रहा हैं। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) से बचाव कैसे संभव है? नेशनल हेल्थ सर्विस यानी एनएचएस (NHS) के अनुसार बाउल कैंसर (Bowel cancer) के सही कारणों के बारे में जानकारी नहीं है। यह समस्या जेनेटिक हो सकती है या लाइफस्टाइल, एनवायर्नमेंटल फैक्टर भी इसका कारण हो सकते हैं। युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) से बचाव के तरीके इस प्रकार हैं:  नोट:-यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Bowel cancer in young people Bowelcancer #Bowelcancerinyoungpeople #Cancer #PreventionofBowelcancer

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Dengue

कर्नाटक में डेंगू का प्रकोप, 30 अप्रैल तक आए 1,186 मामले, जानें इससे कैसे बचें

डेंगू (Dengue) रोग गंभीर हो सकता है और इससे पीड़ित व्यक्ति की जान भी जा सकती है। अधिकतर मरीजों में इसका कोई लक्षण नजर नहीं आता ,है लेकिन इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, रैशेज, शरीर में दर्द आदि शामिल हैं। इसके गंभीर प्रकार को डेंगू (Dengue) हेमरेजिक फीवर कहा जाता है। हर साल इस रोग के कारण हजारों लोग प्रभावित होते हैं। अभी कर्नाटक राज्य में इस रोग के कई मामले सामने आ चुकें हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो 30 अप्रैल तक इसके लगभग 1,186 मामले आ चुके हैं। आइए जानें कर्नाटक में डेंगू के नए केसेस (New cases of dengue in Karnataka) के बारे में विस्तार से। डेंगू से बचाव (Dengue prevention) के बारे में भी जानकारी पाएं। कर्नाटक में डेंगू के नए केसेस (New cases of dengue in Karnataka): पाएं जानकारी  कर्नाटक में पिछले साल डेंगू (Dengue) के कुल 32,826 के केसेस सामने आएं थे। हालांकि, यह मामले इस साल अभी कम हैं लेकिन चिंता की बात यह है कि यह मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह मामले सबसे अधिक बेंगलुरु में पाए गए हैं। इसका कारण गर्मी में बारिश, पानी का भरना और कंस्ट्रक्शंस आदि को माना गया है। यह मामले  2 मार्च तक 707 थे जो 30 अप्रैल तक 1,186 हो गए। हेल्थ एक्सपर्ट्सने  इन केसेस से बचाव के लिए लोगों को जागरूक रहने और मच्छरों कि रोकथाम के उपायों को अपनाने के निर्देश दिए हैं। मच्छरों और डेंगू से बचाव (Dengue prevention) के लिए लोगों का सतर्क रहना बहुत जरूरी है। कर्नाटक में डेंगू के नए केसेस (New cases of dengue in Karnataka) चिंता का विषय हैं। इसके साथ ही एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि डेंगू (Dengue) के लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। आइए जानें डेंगू के लक्षण क्या हो सकते हैं? डेंगू के लक्षण डब्ल्यूएचओ (WHO) के मुताबिक डेंगू (Dengue) के हलके लक्षणों के मामले में रोगी एक या दो हफ्तों में स्वस्थ हो जाता है। लेकिन, दुर्लभ मामलों में यह गंभीर हो सकते हैं और यह बीमारी मृत्यु का कारण बन सकती है। इसके शुरुआती लक्षण इस प्रकार हैं: इसके गंभीर डेंगू के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक डेंगू से बचाव (Dengue prevention) नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Dengue #Dengue #newdenguecasesinKarnataka #denguesymptoms #preventionfromdengue

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Tips to cool down overheat mobile

Mobile Overheating: मोबाइल को गर्म होने से बचाने और कूल रखने के 5 आसान ट्र‍िक

मोबाइल (Mobile) फोन हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, जिसके बिना कुछ मिनट गुजारना भी हमारे लिए मुश्किल है। लेकिन, मोबाइल (Mobile) का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए, नहीं तो यह परेशानी की वजह बन सकता है। कई बार आपने यह नोटिस किया होगा कि मोबाइल एकदम गर्म हो जाता है। मोबाइल (Mobile) के गर्म होने की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) के कई कारण हो सकते हैं जिसमें अधिक समय तक इसका इस्तेमाल, सीधी सनलाइट के संपर्क में आना या इंटरनल इशूज आदि शामिल हैं। ऐसी स्थिति में इसे कूल करना बेहद जरूरी है। आइए जानें ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) के बारे में। ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) के बारे में पाएं जानकारी मोबाइल (Mobile) का गर्म होना हानिकारक होता है जिससे फोन आग पकड़ सकता है या फोन फट भी सकता है। ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) इस प्रकार हैं: हीट और सनलाइट से हटाएं जैसे पहले ही बताया गया है कि हीट और सनलाइट मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) का कारण बन सकते हैं। इस मामले में तुरंत फोन को सनलाइट से हटाएं और किसी ठंडी जगह पर रखें। किसी गर्म जगह पर इसे रखने से भी बचना चाहिए। केस को रिमूव करें मोबाइल (Mobile) केस फोन कि सुरक्षा तो करते हैं, लेकिन यह हीट का कारण बन सकते हैं और नुकसान कर सकते हैं। अगर आपका मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) हो गया है, तो मोबाइल केस को तुरंत निकाल दें। इससे फोन को ठंडा होने में मदद मिलेगी। अनावश्यक ऐप्स को बंद कर दें कई बार मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) का कारण यह भी हो सकता है कि आपने फोन में बहुत अधिक ऐप्स खोल रखी हों। इन्हें बंद करने से फोन का वर्कलोड कम होता है। जिससे फोन को कूल होने में मदद मिलती है। एयरप्लेन मोड ऑन करें अगर आपका फोन गर्म हो गया है तो इसे ठंडा करने के लिए तुरंत अपना वाई-फाई, ब्लूटूथ आदि को बंद करें और एयरप्लान मोड को ऑन करें। यह मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसके साथ ही स्क्रीन की ब्राइटनेस को कम करने से भी इसमें लाभ होगा। इसे भी पढ़ें:- साइज से लेकर कीमत तक: एसी खरीदने से पहले जानिए ये 5 जरूरी बातें ठंडी जगह पर रखें  ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) में यह सबसे आसान है। मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) के मामले में अपने फोन को पंखे या एयर कंडीशनर (AC) के पास रखें। लेकिन, इसे फ्रिज या फ्रीजर में रखने की गलती न करें। मोबाइल (Mobile) को नियमित रूप से रीस्टार्ट करने या सॉफ्टवेयर को बार-बार अपडेट करने रहने से भी हीट मैनेजमेंट में मदद मिल सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi Mobile overheating #overheat #Tipstocooldownoverheatmobile #mobile #phone #mobile overheat

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International No Diet Day

क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में

विभिन्न तरह की डायट्स के बारे में तो आपने सुना ही होगा जैसे कीटो डायट, इंटरमिटेंट फास्टिंग आदि। लेकिन, क्या आप नो डायट के बारे में जानते हैं? नो डायट का अर्थ है किसी भी तरह की कोई खास डायट (Diet) को फॉलो न करना। यानी, आहार के नियमों का पालन न करना और अपनी पसंद की चीजों का सेवन करना। हर साल 6 मई को इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है खाने के साथ सही तालमेल बिठाना, खुद से प्यार करना और बॉडी पॉजिटिविटी (Body positivity) को प्रोमोट करना। यह दिन डायट (Diet) करने के रिवाज को बंद करने और वजन कम करने की जगह पूरे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने को प्रोत्साहित करता है। आइए जानें इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day) के बारे में विस्तार से। इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day): पाएं जानकारी  इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day) को मनाने का यही उद्देश्य है कि लोग शारीरिक खूबसूरती की जगह अपनी मानसिक और शारीरिक सेहत का ध्यान रखें। इससे हम खाने सम्बन्धी समस्याओं से बच सकते हैं और इसके साथ ही अनहेल्दी हैबिट्स से भी बचा जा सकता है। इंटरनेशनल नो डायट डे की हिस्ट्री और थीम इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day) की शुरुआत 1992 में हुई थी। इसकी शुरुआत की थी  ब्रिटिश नारीवादी मैरी इवांस यंग ने, जिन्होंने खुद एनोरेक्सिया और कई बॉडी इमेज इशूज का सामना किया था। वो दुनिया को बताना चाहती थी कि डायट (Diet) कल्चर का शरीर पर कितना बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही वो दुनिया को बॉडी पॉजिटिविटी (Body positivity) के बारे में भी जागरूक करना चाहती थी। इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day) की इस साल की थीम के बारे में अभी कोई जानकारी उपलबध नहीं है। इंटरनेशनल नो डायट डे मनाने का उद्देश्य इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day) मनाने का उद्देश्य इस प्रकार है: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इंटरनेशनल नो डायट डे को कैसे मनाएं? इंटरनेशनल नो डायट डे (International No diet day) को आप कई तरह से मना सकते हैं। इसके तरीके इस प्रकार हैं:  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi International No diet day #nodietday #diet #bodypositivity #food #internationalnodietday

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Air conditioner

साइज से लेकर कीमत तक: एसी खरीदने से पहले जानिए ये 5 जरूरी बातें

गर्मी के मौसम में आजकल जो एक बड़ी जरूरत बन चुका है वो है एयर कंडीशनर (Air conditioner) यानी एसी (AC)। गर्मी में ठंडक और आराम पाने का यह उपयुक्त तरीका है। बदलते समय के साथ हर घर में एयर कंडीशनर (Air conditioner) घर का एक जरूरी सामान बन चुका है। अगर आप भी एसी (AC) खरीदना चाहते हैं, तो कुछ चीजों का ध्यान अवश्य रखें। क्योंकि. यह उपकरण आराम तो देता है, लेकिन जेब पर भी भारी पड़ सकता है। यही नहीं, एसी के दो प्रकारों (स्प्लिट एसी और विंडो एसी) में से आपको कौन सा खरीदना है, यह निर्णय भी आपको पहले ही लेना होगा। आइए जानें कि एसी खरीदते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (What should be kept in mind while buying an AC)? एसी खरीदते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (What should be kept in mind while buying an AC)? आप यह तो जानते ही होंगे कि एयर कंडीशनर (Air conditioner) दो तरह के होते हैं एक स्प्लिट एसी (Split AC) और दूसरे विंडो एसी। इन दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं। एसी लेने से पहले आप यह निर्णय ले लें कि आपको कौन सा लेना है। अगर आप शांत एसी (AC) लेना चाहते हैं, तो आप स्प्लिट एसी (Split AC) ले सकते हैं। बजट कम है तो विंडो एसी लेना एक अच्छा निर्णय है। इसके अलावा जानें कि एसी खरीदते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (What should be kept in mind while buying an AC)? कमरे का आकार आपके कमरे के आकार को ध्यान में रखें। अगर आपका कमरा छोटा है तो बड़े एयर कंडीशनर (Air conditioner) की जगह छोटा एसी लें। क्योंकि, छोटा कमरे में बड़ा एसी अधिक एनर्जी कंज्यूम करेगा। इसी तरह से बड़े कमरे में छोटा एसी (AC) कमरे को ठंडा नहीं करेगा।  एनजी एफिशियंट  एसी (AC) खरीदने से पहले इसकी स्टार रेटिंग को अवश्य जांचें। इससे इस उपकरण की एनर्जी एफिशिएंसी का पता चलता है। अच्छी स्टार रेटिंग वाला एसी (AC) कम एनर्जी की खपत करेगा जिससे बिजली का बिल भी कम आएगा। मेंटेनेंस एसी खरीदने से पहले इस बात का भी ध्यान रखें कि जो भी एसी (AC) आप खरीद रहें हैं उसकी मेंटेनेंस और इंस्टालेशन आसान और किफायती हो। इसके साथ ही इसके नॉइस लेवल को भी ध्यान में रखें।  बजट  आपका एयर कंडीशनर (Air conditioner) खरीदने का बजट कितना है, इसके आधार पर आप इसे खरीदें। यही नहीं उपकरण के वॉरेंटी पीरियड के बारे में भी जान लेना आवश्यक है। ऐसे एसी (AC) को लें जो अधिक वॉरेंटी देता हो।  इसे भी पढ़ें:-  पाकिस्तान ने की पहलगाम आतंकी हमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग, चीन ने मिलाया सुर में सुर फिल्टर युक्त एसी पर करें विचार इसके साथ ही धुएं, दुर्गंध और अशुद्धियों को रोकने के लिए फिल्टर युक्त एसी (AC) खरीदने पर विचार करें , जिससे घर के अंदर हवा की क्वालिटी बेहतर होगी। यानी, इस एयर कंडीशनर (Air conditioner) के इस्तेमाल से आपके घर का प्रदूषण कुछ हद तक कम हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi  Air conditioner #Airconditioner #AC #WhatshouldbekeptinmindwhilebuyinganAC #Split AC #Window AC

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Fenugreek water

Fenugreek Water: इस पानी को पीने से पहले जानिए किन लोगों को हो सकता है इससे नुकसान?

मेथी दाना एक ऐसा हर्ब है इसका इस्तेमाल खाना बनाने के साथ ही हेल्थ प्रॉब्लम्स के उपचार के लिए किया जाता है। मेथी (Fenugreek) का पौधा अधिकतम दो से तीन फीट लंबा होता है। इसके पत्ते हरे होते हैं और फूल सफेद होते हैं। कई सालों से इसका इस्तेमाल मेडिसिन के रूप में किया जाता रहा है। मेथी दाना और मेथी पानी (Fenugreek water) को वजन कम करने के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है। इसके साथ ही अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को मैनेज करने में भी इसे लाभदायक माना गया है। लेकिन, कुछ लोगों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए। जानिए किन लोगों को मेथी पानी नहीं पीना चाहिए (Who should not drink fenugreek water)? किन लोगों को मेथी पानी नहीं पीना चाहिए (Who should not drink fenugreek water)? हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार मेथी (Fenugreek) का इस्तेमाल न्यूट्रिशंस और स्वाद के लिए कई इंडियन व्यजनों में किया जाता है। पाएं जानकारी कि किन लोगों को मेथी पानी नहीं पीना चाहिए (Who should not drink fenugreek water)? गर्भवती महिलाओं को मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से बचना चाहिए। इसे पीने से गर्भाशय संकुचन यानी कॉन्ट्रैक्शंस की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए, इसे प्रेग्नेंसी के दौरान नहीं पीना चाहिए। प्रेग्नेंसी में किसी भी चीज का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को भी इस पानी को पीने से बचना चाहिए। यही नहीं, जिन महिलाओं को हॉर्मोन-सेंसिटिव कैंसरस हैं, उन्हें भी मेथी (Fenugreek) का पानी नहीं पीने की सलाह दी जाती है। 2. एलर्जी अगर किसी व्यक्ति को मेथी (Fenugreek), फलियों या अन्य प्लांट्स से एलर्जी है, तो उन्हें भी इसका सेवन करने से बचना चाहिए। ऐसे लोगों को मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से एलर्जी या अन्य समस्याएं हो सकती हैं। 3. डायबिटीज मेथी (Fenugreek) से ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) पर असर हो सकता है। इसलिए अगर आप डायबिटीज के रोगी हैं या डायबिटीज की दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही मेथी पानी (Fenugreek water) का सेवन करें। 4. बच्चे बच्चों पर इस पानी का क्या असर हो सकता है, इसके बारे में पर्याप्त जानकारी मौजूद नहीं हैं। लेकिन, आमतौर पर बच्चों को मेथी पानी (Fenugreek water) देने से बचना चाहिए या डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: World Hand Hygiene Day: जानें क्यों मनाया जाता है यह दिन और इसे कैसे सेलिब्रेट करें? 5. खास दवाईयां लेने वाले व्यक्ति मेथी (Fenugreek) कुछ खास दवाईयों के साथ इंटरेक्ट कर सकती हैं, जिनमें ब्लड थिनिंग ड्रग्स शामिल हैं। इसलिए, अगर आप कोई भी दवा ले रहा हैं तो मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से बचें या डॉक्टर की सलाह ले बाद ही इसे लें। 6. किडनी प्रॉब्लम्स  ऐसा पाया गया है कि मेथी से किडनी के फंक्शन्स प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए जिन लोगों को किडनी की समस्या है, उन्हें मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से बचना चाहिए। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Fenugreek water #Fenugreekwater #Fenugreek #Whoshouldnotdrinkfenugreekwater #fenugreeseeds

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मोलस्कम कंटेजियोसम: सेकंड हैंड कपड़े पहनने से पहले जान लें इस व्यक्ति का दर्दनाक अनुभव

अपने भाई-बहनों के पुराने कपड़े (Clothes) पहनना हर भारतीय परिवार में एक रिवाज की तरह है। लेकिन, आजकल आप ऑफलाइन ही नहीं बल्कि ऑनलाइन भी सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीद और बेच सकते हैं। ऐसी कई वेबसाइट्स हैं, जिनसे आप इस सुविधा का आनंद ले सकते हैं। पुराने कपड़े (Clothes) खरीदने के कई फायदे हैं जैसे यह सस्ते होते हैं, एनवायरनमेंट के लिए फायदेमंद हैं, कम कीमत में अच्छी क्वॉलिटी मिल जाती है। लेकिन, इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीदना महंगा पड़ा एक व्यक्ति को, जिसे इसके कारण एक बड़ी स्किन प्रॉब्लम का सामना करना पड़ा। आइए जानें इस बारे में विस्तार से। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) के अन्य नुकसानों के बारे में भी जानें। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनना पड़ा भारी: पाएं जानकारी सोशल मीडिया आजकल एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन चुका है, जहां लोग हर एक चीज शेयर कर सकते हैं। हाल ही में एक व्यक्ति ने शेयर किया कि उसने सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीद कर पहने और उसकी वजह से उसे वायरल स्किन इंफेक्शन हुआ। उस व्यक्ति के अनुसार इन कपड़ों की वजह से उसे  मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) जैसी समस्या का सामना करना पड़ा। मोलस्कम कॉन्टैगिओसम एक स्किन इंफेक्शन है। आइए जानें कि मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) क्या है और यह कितना खतरनाक हो सकता है? मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) एक वायरल स्किन इंफेक्शन है ,जिसका कारण होता है मोलस्कम कंटेजियोसम वायरस। इसके कारण स्किन पर छोटे, गोल और ऊपर उठे हुए मस्से हो सकते हैं। यह मस्से दर्दभरे नहीं होते हैं लेकिन इनमे खुजली हो सकती है। यह समस्या आमतौर पर हानिरहित हैं लेकिन इसके कारण रोगी को परेशानी हो सकती है। इसके लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। यह तो थी पुराने कपड़े (Clothes) पहनने से होने वाली समस्या के बारे में जानकारी। अब जानिए कि सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes)पहनने से और क्या समस्याएं हो सकती हैं? इसे भी पढ़ें: महामारी की आशंका: अमेरिका में H5N1 के नए मामले, दुनिया भर में चिंता सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनने से और क्या समस्याएं हो सकती हैं?  सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनने से मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) ही नहीं बल्कि कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। यह समस्याएं इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Second hand clothes #clothes #Secondhandclothes #skinproblems #MolluscumContagiosum

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BSNL new plan

BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म

हमारे देश में कई टेलीकॉम कंपनियां हैं, जो समय-समय पर अपने ग्राहकों के लिए नए-नए ऑफर्स लाती रहती हैं। रिलायंस जियो, एयरटेल और बीएसएनएल (BSNL) कुछ प्रसिद्ध टेलीकॉम कंपनियां हैं। बीएसएनएल कंपनी मोबाइल, लैंडलाइन, ब्रॉडबैंड और अन्य सेवाएं अपने ग्राहकों को प्रदान करती हैं। इसका नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है। आजकल रिचार्ज प्लान बहुत महंगे हो गए हैं। हर महीने वैलिडिटी (Validity) के लिए ग्राहकों को बहुत अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। बीएसएनएल (BSNL) एक ऐसा नया प्लान ले कर आया है जिससे कम कीमत में 180 दिन की वैलिडिटी (Validity) मिल रही है। यानी, कम कीमत में आपको अधिक लाभ हो सकता है। आइए जानें कि बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan) क्या है?   बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan): पाएं जानकारी बीएसएनएल (BSNL) कंपनी कई तरह के प्लान ले कर आती है जिससे यूजर्स की आवश्यकताएं पूरी हो सकती हैं। यूजर अपनी इच्छानुसार इनमे से अपने लिए बेहरीन प्लान्स को चुन सकते हैं। आइए जानें कि बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan) क्या है, जो कम कीमत में लम्बी वैलेडिटी प्रदान करता है?   यह है बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan)?  बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan) कम दामों में लम्बी वैलिडिटी प्रदान कर रहा है। यह प्लान केवल  897 रुपये  का है जिसमें ग्राहकों को 180 दिनों की लम्बी वैलिडिटी (Validity) मिल रही है। अगर किसी के पास बीएसएनएल (BSNL) का प्रीपेड सिम है तो यह रिचार्ज उनके लिए परफेक्ट है। इससे आपको किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कालिंग और रोजाना 100 मैसेजिज की सुविधा भी मिलेगी। 80 दिनों की वैलिडिटी (Validity) वाले इस प्लान में आपको डेटा भी मिल रहा है। इस प्लान में आपको टोटल 90GB डेटा मिल रहा है और इसमें कोई डेली लिमिट नहीं है। आप इस डेटा को एक ही दिन में भी खत्म कर सकते हैं या रोजाना थोड़ा थोड़ा इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से इस रिचार्ज को कर सकते हैं।  इसे भी पढ़ें:-  पाकिस्तान ने की पहलगाम आतंकी हमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग, चीन ने मिलाया सुर में सुर बीएसएनएल के अन्य किफायती प्लान अगर आपको लम्बी वैलिडिटी (Validity) चाहिए, तो यह बीएसएनएल (BSNL) के प्लान भी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं:  Latest News in Hindi Today Hindi   #BSNLnewplan #BSNL #validity #telecomecompany #data

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