Anu Sharma

Monsoon and Respiratory Infections

मानसून और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन में क्या है कनेक्शन? जानिए इसके कारणों और बचाव के तरीके

भयंकर गर्मी के मौसम के बाद मानसून (Monsoon) का आना राहत पहुंचाता है। लेकिन, मानसून (Monsoon) में कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क बढ़ जाता है। इस दौरान बढ़ती ह्यूमिडिटी, तापमान और नमी वाले वातावरण में वायरस व बैक्टीरिया के बढ़ने के कारण कई समस्याएं हो सकती हैं। इन्हीं में से एक है रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Respiratory Infections)। अगर बात की जाए रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Respiratory Infections) की, तो इसे रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन भी कहा जाता है। यह वो समस्या है जिससे रेस्पिरेटरी सिस्टम प्रभावित होता है। इस सिस्टम में नाक, गला, एयरवेज और फेफड़े आदि शामिल हैं। इस समस्या के कारण इम्यूनिटी कमजोर होती है जिससे सर्दी-जुकाम, खांसी और अन्य समस्याओं का जोखिम बढ़ता है। जानिए मानसून और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Monsoon and Respiratory Infections) के बारे में विस्तार से।  मानसून और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Monsoon and Respiratory Infections): क्या हैं मानसून में रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के कारण? नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन (Northwestern Medicine) के अनुसार रेस्पिरेटरी इंफेक्शन किसी को भी हो सकता है लेकिन स्मोकर्स, छोटे बच्चों, बुजुर्गों, रेस्पिरेटरी डिजीज से पीड़ित और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इसकी संभावना अधिक रहती है। मानसून (Monsoon) में रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Respiratory Infections) के कारण इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें: COVID-19 और Dengue हैं दो अलग-अलग बीमारियां, इनके बीच के अंतर को समझें और रहें सुरक्षित मानसून और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Monsoon and Respiratory Infections): कैसे बचें इस समस्या से? मानसून में रेस्पिरेटरी इंफेक्शन से बचाव के लिए कुछ चीजों का खास ख्याल रखना चाहिए, जैसे: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Monsoon and Respiratory Infections #MonsoonandRespiratoryInfections #Monsoon #RespiratoryInfections #infection

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Khan Sir

Khan Sir: सुर्ख़ियों में रहने वाले खान सर ने चुपके-चुपके कर ली शादी?

खान सर (Khan Sir) एक ऐसा नाम है, जो युवाओं में बेहद लोकप्रिय है। यह एक ऐसे मोटिवेटर और शिक्षक हैं, जो अपने अनोखे और प्रोत्साहित करने वाले टीचिंग मेथड्स के लिए जाने जाते हैं। यही कारण हैं कि लाखों लोग उन्हें फॉलो करते हैं। वो उन स्टूडेंट्स को भी गाइड और सपोर्ट करते हैं, जो गवर्नमेंट जॉब एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं। खान सर अक्सर चर्चाओं में रहते हैं और आजकल वो फिर से एक बारे चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसका कारण कोई विवादित व्यान नहीं बल्कि उनकी शादी है। हाल ही लें उन्होंने अपनी लाइव क्लास में इस बात की जानकारी दी कि पिछले दिनों भारत-पाकिस्तान विवाद (India Pakistan Tension) के समय उन्होंने सीक्रेट वेडिंग की है। आइए जाने कौन हैं खान सर, क्या हैं उनके कमाई के साधन और क्या है उनकी नेट वर्थ? कौन हैं खान सर (Khan Sir)?  खान सर बहुत ही सरल भाषा में पढ़ाते हैं और उनके कई छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में पास हो चुके हैं। उनका असली नाम है फैजल खान (Faizal Khan) और वो 32 साल के हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोरखपुर में हुआ है। उन्होंने अपने शिक्षण करियर की शुरुआत 2013 में की थी और उनके यूट्यूब चैनल पर लगभग 24 मिलियन यानी 2.5 करोड़ सब्सक्राइबर हैं। खान सर के कमाई के साधन खान सर यानी फैजल खान (Faizal Khan) कई तरीकों से अर्न करते हैं। आपको शायद यह पता नहीं होगा कि वो “कौन बनेगा करोडपति” में भी भाग ले चुके हैं। खान सर के कमाई के साधन इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़े: बिहार में स्टाफ नर्स की भर्ती: 11 हजार से अधिक पदों के लिए कर सकते हैं आवेदन खान सर की नेट वर्थ फैजल खान (Faizal Khan) यानी खान सर (Khan Sir) की सही नेट वर्थ का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है। लेकिन, इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी नेट वर्थ करोड़ो में है। दिलचस्प बात यह है कि खान सर के अनुसार वो एक सामान्य स्टूडेंट थें और उन्होंने बचपन में बहुत गरीबी देखी थी। उन्होंने छोटी उम्र में ही बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया था। आज वो निसंदेह करोड़ो लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुके हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Khan Sir #KhanSir #KhanGSResearchCenter #FaisalKhan #Khansirnetworth

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Lava Shark 5G

Lava Shark 5G: आईफोन जैसा डिजाइन, 5G कनेक्टिविटी और कीमत भी कम

आईफोन की लोकप्रियता के कई कारण हैं जैसे इसकी क्वालिटी, डिजाइन, एप्पल इकोसिस्टम, सेफ्टी आदि। लेकिन, इसकी कीमत के कारण हर व्यक्ति के लिए इसे खरीदना आसान नहीं है। अगर आप भी आईफोन लेना चाहते हैं लेकिन उसके लिए अपनी जेब अधिक ढीली नहीं करना चाहते, तो अब आपके लिए एक अच्छा विकल्प बाजार में मौजूद है। लावा (Lava) ने भारत में अपना एक नया स्मार्टफोन (Smartphone) लांच किया है जो देखने में आईफोन16 जैसा है। इस स्मार्टफोन (Smartphone) का नाम है लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G)। अगर बात की जाए लावा (Lava) कंपनी की तो यह एक भारतीय मोबाइल हैंडसेट कंपनी है, जो लोगों में बहुत प्रसिद्ध हैं। इनकी फोन्स खासियत यह है कि इनकी कीमत बहुत कम होती है लेकिन इनके फीचर्स बेहतरीन होते हैं। आइए जानें लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) के बारे में विस्तार से। लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) को दो रंगों में लांच किया गया है जो हैं स्टेलर ब्लू और स्टेलर गोल्ड। यह स्मार्टफोन ई-स्टोर रिटेल आउटलेट्स और पार्टनर रिटेल स्टोर्स में उपलब्ध है। लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) के फीचर्स इस प्रकार हैं:  डिस्प्ले  यह स्मार्टफोन (Smartphone) 6.75 इंच की एचडी+ रिज़ॉल्यूशन डिस्प्ले के साथ आता है और यह 90Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इस फोन में आईपी54 सर्टिफिकेशन मौजूद हैं, यानी इससे फोन का धूल और पानी से बचाव हो सकता है। प्रोसेसर लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) यूनिसोक टी765 प्रोसेसर के साथ आपको मिलेगा, जिसमें 4GB रैम और 64GB स्टोरेज है। आप इसकी स्टोरेज को 4GB क बढ़ा सकते हैं। कनेक्टिविटी लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) में 5G SA / NSA, Wi-Fi 802.11 एसी है ताकि कनेक्टिविटी बेहतर हो सके। इसके साथ ही इस फोन में GPS और यूएसबी टाइप-C आदि भी हैं। इसे भी पढ़ें:- BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म कैमरा और बैटरी लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) मोबाईल (Mobile) में 3MP का रियर कैमरा है जबकि इसका फ्रंट कैमरा 5MP का है। फोटोग्राफी के लिए यह एक अच्छा विकल्प है। फोटोग्राफी के शौकीन लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही यह 5000mAh बैटरी के साथ आता है। यह किसी भी टेलीकॉम ऑपरेटर के 5जी सर्विस के साथ आसानी से काम करता है। इसके साथ ही इस स्मार्टफोन (Smartphone) में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर है और यह ड्यूल सिम फोन है।  डिजाइन  लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) का डिजाइन इसकी खासियत है। इसका बैक डिजाइन स्टाइलिश गिलास के साथ है। अगर आप आईफोन 16 (iPhone) के लुक वाला फोन चाहते हैं, तो लेस प्राइस में इसे बाय कर सकते हैं। इसकी कीमत लगभग 8 हजार रुपए है। लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) के डिस्प्ले, प्रोसेसर, कनेक्टिविटी, डिजाइन, कैमरा और बैटरी जुड़ी पूरी जानकारी हमने साझा की। अब आप बजट के अनुसार यह तय कर सकते हैं कि आपके लिए लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) बेहतर है या नहीं और इससे आपकी जरूरत पूरी होगी या नहीं। Latest News in Hindi Today Hindi  Lava Shark 5G #Smartphone #phone #Lava #LavaShark5G

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COVID-19 and dengue

COVID-19 और Dengue हैं दो अलग-अलग बीमारियां, इनके बीच के अंतर को समझें और रहें सुरक्षित

एक बार फिर से कोरोना की दस्तक ने सबको चिंता में ड़ाल दिया है। अब तक देश में इसके एक हजार से भी अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इस महामारी ने बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया है। ऐसे ही मच्छरों के कारण होने वाले रोग डेंगू (Dengue) के भी हर साल कई केस आते हैं। ये दोनों ऐसे इंफेक्शंस हैं, जो वायरस के कारण होते हैं। इन दोनों स्थितियों में रोगी बुखार और शरीर में दर्द जैसे लक्षणों का अनुभव करता है। यही कारण है कि कई बार इन दोनों के बीच कई बार अंतर समझने में समस्या हो सकती है। लेकिन, कोविड-19 और डेंगू के बीच में अंतर (Difference between COVID-19 and dengue) समझना बहुत जरूरी है, ताकि सही समस्या का निदान हो सके और सही उपचार संभव हो। आइए जानें कोविड-19 और डेंगू के बीच में अंतर (Difference between COVID-19 and dengue) के बारे में। कोविड-19 और डेंगू के बीच में अंतर (Difference between COVID-19 and dengue): क्या हैं दोनों के लक्षण?  सीडीसी (CDC) के अनुसार डेंगू (Dengue) को एक व्यक्ति से दूसरे तक फैलाने का काम करता है संक्रमित मछर। यह मछर कभी दिन या रात को कभी भी काट सकता है। ऐसे में इससे बचना इस रोग से बचाव का सबसे बेहतरीन तरीका है मच्छरों से बचाव। कोविड-19 (COVID-19) और डेंगू (Dengue) की कॉम्प्लीकेशन्स से बचाव के लिए जरूरी है कोविड-19 और डेंगू के बीच में अंतर (Difference between COVID-19 and dengue) को जानना। इसके लिए सबसे पहले इनके लक्षणों के बीच के अंतर को जान लेते हैं। कोविड-19 के लक्षण कोविड-19 (COVID-19) के लक्षण माइल्ड से लेकर सीरियस तक हो सकते हैं। इसके कुछ लक्षण इस प्रकार हैं:  कुछ रोगियों में ऊपर दिए गए लक्षणों के अलावा अन्य लक्षण भी नजर आ सकते हैं। लेकिन, इसके गंभीर लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, जो इस प्रकार हैं: डेंगू के लक्षण डेंगू (Dengue) के सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:  अगर डेंगू (Dengue) के निम्नलिखित लक्षणों का अनुभव किया जाता है, तो तुरंत मेडिकल हेल्प लेना जरूरी है: इसे भी पढ़ें: JN.1 variant of interest: WHO ने क्यों कहा JN.1 को वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट? जानिए कोरोना वायरस JN.1 वेरिएंट के लक्षण और बचाव क्या हैं इनके बीच में अन्य अंतर? नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi COVID 19 and Dengue #DifferencebetweenCOVID19anddengue  #COVID-19  #dengue #COVID19anddengue

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Homemade Healthy Ice cream

Homemade Healthy Ice cream: न्यूट्रिशन से भरपूर आइसक्रीम बनाने का यह है आसान तरीका

समर सीजन आते ही जहां एक ओर गर्मी से हालत खराब होती है, वहीं दूसरी ओर गर्मी से बचने के लिए कई टेस्टी तरीके भी अपनाए जाते हैं। आइसक्रीम (Ice cream) एक ऐसी चीज है, जो बच्चों को तो पसंद आती ही हैं, लेकिन बड़े लोग भी इसे बड़े चाव से खाते हैं। गर्मी में आइसक्रीम खाने का मजा ही अलग है। क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाली अधिकतर आइसक्रीम्स, आइसक्रीम (Ice cream) नहीं बल्कि फ्रोजन डेजर्ट होता है? इसमें प्रिजर्वेटिव्स ओर चीनी भरपूर मात्रा में होते हैं। संक्षेप में कहा जाए तो इन्हें खाना हमारी हेल्थ (Health) के लिए नुकसानदायक हो सकता है। लेकिन, आप घर पर भी आसानी से हेल्दी आइसक्रीम (Healthy ice cream) बना सकते हैं। आइए जानें होममेड हेल्दी आइसक्रीम (Homemade healthy ice cream) के बारे में।  हेल्दी आइसक्रीम (Healthy ice cream): इस तरह से बनाएं इन गर्मियों में अगर आपको लगता है कि होममेड आइसक्रीम (Ice cream) हेल्दी नहीं होगी या इनसे आपको बाजार वाला स्वाद नहीं मिलेगा तो आप बिलकुल गलत हैं। आप बिना चीनी और हानिकारक पदार्थों के भी आसानी से आइसक्रीम बना सकते हैं। इस तरह से बना सकते हैं आप होममेड हेल्दी आइसक्रीम (Homemade healthy ice cream)।  सामग्री विधि:  इसे भी पढ़ें: गर्मी के मौसम में अपना रखें खास ख्याल और बरते यह 6 सावधानियां आप इसे तरह से स्ट्राबेरी, मेंगो, कीवी आदि की हेल्दी आइसक्रीम (Healthy ice cream) बना सकते हैं। इनमें बस आप ड्राई चॉकलेट की जगह फ्रेश फलों का इस्तेमाल करें। यह आइसक्रीम (Ice cream) न केवल हेल्दी है बल्कि टेस्ट में भी बेहतरीन होगी। आपके बच्चों को यह अवश्य पसंद आएगी। अगर आप इस आइसक्रीम को और हेल्दी बनाना चाहते हैं तो इसमें सामान्य दूध की जगह कोकोनट मिल्क का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। यह शुगर फ्री आइसक्रीम (Ice cream) डायबिटीज के रोगियों के सेवन के लिए भी अच्छी है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Healthy ice cream #Homemadehealthyicecream #healthyicecream #icecream #Homemadeicecream

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buying AC in summer

पहली बार एसी खरीदने की सोच रहे हैं तो जान लें ये कुछ जरूरी बातें

पहली बार किसी चीज को खरीदना अपने आप में एक अलग अनुभव होता है। गर्मी में महीने में एयर कंडीशनर (Air conditioner) यानी एसी (AC) का इस्तेमाल आजकल लक्जरी नहीं बल्कि एक जरूरत बन चुका है। मई-जून महीने को बिना एयर कंडीशनर (Air conditioner) या कूलर के निकालना बहुत मुश्किल बनता जा रहा है। अगर आप भी पहली बार एसी (AC) खरीद रहे हैं, तो आप कुछ चीजों को लेकर कन्फ्यूज अवश्य होंगे। इस दौरान दिमाग में सबसे अधिक सवाल यही आता है कि स्प्लिट एसी (Split AC) खरीदें या विंडो एसी (Window AC) खरीदना बेहतर रहेगा? आइए पाएं एसी (AC) के बारे में ऐसी कुछ जानकारी, जो आपकी इस मुश्किल को आसान बना देगी। गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer)?  गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer)?  अगर आप पहली बार एसी (AC) खरीद रहे हैं, तो आप इन कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है: इसे भी पढ़ें:- BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer), यह आप समझ चुके होंगे। अब जानते हैं कि विंडो एसी (Window AC) और स्प्लिट एसी (Split AC) में से आपको किसे चुनना चाहिए? विंडो एसी (Window AC) विंडो एसी (Window AC) स्प्लिट एसी (Split AC) की तुलना में सस्ता होता है और इसे इस्टॉल करना भी आसान है। इसके साथ ही इसका डिजाइन कॉम्पैक्ट होता है, जिसे एक खिड़की में आसानी से इनस्टॉल किया जा सकता है। लेकिन, विंडो एसी (Window AC) स्प्लिट एसी (Split AC) की तुलना में अधिक शोर करता है। यही नहीं यह अधिक बिजली खर्च करता है। इसके साथ ही यह छोटे कमरों के लिए ही अच्छा माना गया है। स्प्लिट एसी (Split AC) स्प्लिट एसी (Split AC), विंडो एसी (Window AC) की तुलना में कम शोर करता है और यह अधिक प्रभावी भी है। यह कमरे को ज्यादा जल्दी ठंडा करता है। यह देखने में अच्छा लगता है और इससे एनर्जी की बचत भी होती है। लेकिन, स्प्लिट एसी (Split AC) विंडो एसी की तुलना में महंगा होता है। इसे इनस्टॉल करने में भी अधिक खर्चा होता ओर इसे इनस्टॉल करने के लिए प्रोफेशनल असिस्टेंस की आवश्यकता होती है। इसको इनस्टॉल करने के लिए कमरे के अंदर और बाहर दोनों जगह अधिक जगह ही जरूरत पड़ती है। यह तो ही एयर कंडीशनर (Air conditioner) के बारे में जानकारी। आप अपने बजट, प्राथमिकता और जरूरत आदि के अनुसार सही एसी (AC) का चुनाव कर सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Buying AC in summer #WindowAC  #AC #Airconditioner #SplitAC #WhatthingskeptinmindbuyingACinsummer

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Foods eaten in lunch

लंच में खाए जानें वाले 5 फूड जो वजन को बढ़ा सकते हैं, इनके बारे में जानिए और खाने से बचें

हेल्दी रहने के लिए अपने आहार का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अगर हमारे द्वारा कंज्यूम कैलोरीज बर्न की गई कैलोरीज से अधिक है, तो  कोई भी आहार वजन के बढ़ने का कारण बन सकता है। लेकिन, लंच में खाये जाने वाले फूड्स में कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन करने से वेट गेन (Weight Gain) की संभावना बढ़ सकती है, खासतौर पर अगर यह फूड हाई कैलोरी, फैट, चीनी और नमक से भरपूर हों। इसलिए, अपने लंच में आप क्या खा रहे हैं, इसके बारे में खास ध्यान देना जरूरी है। अपने लंच में हमें फल, सब्जियों, साबुत अनाज आदि को शामिल करना चाहिए। आइए पाएं जानकारी की कौन से हैं वो लंच में खाए जाने वाले फूड्स जो वजन बढ़ा सकते हैं (Foods eaten in lunch that can increase weight)?  लंच में खाए जाने वाले फूड्स जो वजन बढ़ा सकते हैं (Foods eaten in lunch that can increase weight) सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल और प्रिवेंशन (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार हेल्दी फूड से न केवल हमारी इम्युनिटी बढ़ती है, हड्डियां मजबूत होती हैं, कई गंभीर बीमारियों का जोखिम कम रहता है और इसके साथ ही इससे वजन सही रहने में भी मदद मिल सकती है। जानिए कौन से हैं लंच में खाए जाने वाले फूड्स जो वजन बढ़ा सकते हैं (Foods eaten in lunch that can increase weight):  फ्राइड फास्ट फूड (Fried fast food) फ्राइड फास्ट फूड (Fried fast food) अनहेल्दी फूड का सबसे अच्छा उदाहरण है। यह फास्ट फूड जैसे फ्रेंच फ्राइड, बर्गर आदि में कैलोरीज बहुत अधिक होती हैं, जिससे यह वजन को बढ़ा सकते हैं। यह नहीं, इनको अधिक खाने से कई अन्य हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं। उदाहरण के लिए कुछ लोगों की पसंदीदा लंच की डिश छोले-भटूरे कार्बोहाइड्रेट्स और अनहेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं और इस फ्राइड फास्ट फूड (Fried fast food) से वजन बढ़ सकता है। शुगरी ड्रिंक्स (Sugary drinks) चीनी युक्त ड्रिंक्स जैसे सोडा, जूस और मीठे अन्य पेय पदार्थ में भी कैलोरीज और शुगर अधिक मात्रा में हो सकते हैं। बहुत से लोग लंच में इनका सेवन करना पसंद करते हैं। लेकिन इनके कारण वेट गेन (Weight Gain) हो सकता है और इसके साथ ही डायबिटीज, हार्ट रिलेटेड समस्याएं होने की संभावना भी बढ़ सकती हैं। क्रीमी पास्ता (Creamy Pasta) इसमें कोई शक नहीं है कि क्रीमी पास्ता (Creamy Pasta) खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है लेकिन इसमें क्रीमी, सॉस, चीज और हाई फैट युक्त सामग्री होती हैं, जिनके कारण कैलोरीज बढ़ सकती हैं। यानी, यह भी वेट गेन (Weight Gain) का कारण बन सकता है। अगर आपको क्रीमी पास्ता (Creamy Pasta) पसंद है और आप अक्सर इसे खाना पसंद करते हैं, तो आपके लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।  फ्लेवर्ड योगर्ट (Flavoured Yogurt) सादे योगर्ट यानि दही को स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है। लेकिन, फ्लेवर्ड योगर्ट में चीनी और आर्टिफिशियल इंग्रेडिएंट्स होते हैं। इन्हें खाने से कैलोरीज की मात्रा बढ़ जाती है और जिससे वेट गेन (Weight Gain)होता है।   इसे भी पढ़ें: गर्मी के मौसम में अपना रखें खास ख्याल और बरते यह 6 सावधानियां प्रोसेस्ड मीट (Processed Meat) प्रोसेस्ड मीट जैसे सलामी, सोसेजिज आदि में सोडियम, अनहेल्दी फैट्स और प्रिजरजेटिव होते हैं जिससे समय के साथ वॉटर रिटेंशन और वेट गेन (Weight Gain) हो सकता है। इनके अलावा कैंड सूप भी वजन के बढ़ने का कारण हो सकते हैं। इनमे सोडियम और चीनी की मात्रा अधिक होती है और नियमित रूप से इन्हें पीने से वजन बढ़ सकता है। इसलिए ऐसे किसी भी खाद्य पदार्थ को अपने लंच या आहार में शामिल न करें, जिन्हें खाना न केवल वेट गेन (Weight Gain) की वजह बने बल्कि आपके सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो। अधिक जानकारी के लिए आप किसी डायटीशियन या एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  #friedfastfood #CreamyPasta #Foodseateninlunchthatcanincreaseweight  #Weight Gain

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Easy tips to avoid heat

गर्मी के मौसम में अपना रखें खास ख्याल और बरते यह 6 सावधानियां

गर्मी का मौसम (Summer season) अपने साथ कई परेशानियों को ले कर आता है। डिहाइड्रेशन (Dehydration), सनबर्न, हीटस्ट्रोक ऐसी कुछ समस्याएं हैं, जिनकी गर्मी के मौसम में संभावना बढ़ जाती है। अधिक देर तक गर्मी (Heat) में रहना और अधिक फिजिकल एक्टिविटीज हीट सम्बन्धी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इस दौरान अत्यधिक हीट शरीर को कई तरह से प्रभावित कर सकती है। बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को इस दौरान अपना खास ध्यान रखना चाहिए। अगर आप गर्मी (Heat) से बचना चाहते हैं, तो कुछ आसान टिप्स का पालन करें। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat) इस प्रकार हैं। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat in Summer season) नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (National Disaster Management Authority) के अनुसार हलके और कॉटन के कपडे पहनने से आप गर्मी (Heat) से कुछ हद तक बच सकते हैं। इसके साथ ही घर से बाहर जाते हुए पूरी सावधानियों को बरतना जरूरी है। गर्मी में होने वाली समस्याओं से बचाव के लिए ठंडा और हाइड्रेटेड रहना भी आवश्यक है। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat) इस प्रकार हैं: धूप से बचें हाइड्रेट रहें गर्मी का मौसम (Summer season) डिहाइड्रेशन (Dehydration) का कारण बन सकता है। इसलिए इस मौसम में जितना हो सके खुद को ठंडा रखें। इसके कुछ तरीके इस प्रकार हैं:  तरल पदार्थों का सेवन करें  गर्म मौसम में जितना हो सके कैफीन से दूर रहें और अधिक से अधिक पानी पीएं। नारियल पानी और जूस भी आप पी सकते हैं। ठंडे और गर्म दोनों पेय पदार्थ आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते। लेकिन, अधिक चाय और कॉफी पीने से बचें। जितना हो सके एल्कोहॉल का सेवन भी नहीं करना चाहिए। हेल्दी और हल्का आहार खाएं गर्म के मौसम में हल्का, बैलेंस्ड और हेल्दी मील लेना चाहिए। ऐसे फूड्स का अधिक सेवन करें जिनमे पानी की मात्रा अधिक हो जैसे स्ट्राबेरीज, खीरा, तरबूज आदि। इनसे भी गर्मी के मौसम में हाइड्रेट रहने में मदद मिलेगी। इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में दोपहर में फिजिकल एक्टिविटीज से बचें गर्मी का मौसम (Summer season) आते ही आप अपनी रूटीन में कोई बदलाव न करें। लेकिन, इस दौरान कुछ चीजों का ध्यान रखना आवश्यक है। दिन के ऐसे समय में फिजिकल एक्टिविटीज से बचें जब गर्मी (Heat) का प्रभाव सबसे अधिक होता है। इससे डिहाइड्रेशन (Dehydration), हीटस्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।  घर को रखे ठंडा गर्मी का मौसम (Summer season) आते ही जरूरी है कि आप घर पर रहें और घर को ठंडा रखें। इससे न केवल आप आरामदायक महसूस करेंगे बल्कि कई समस्याओं से भी बचा जा सकता है। घर को ठंडा रखना तब और भी मुश्किल हो सकता है जब गर्मी (Heat) अधिक हो। इसके लिए अपनी खिड़कियों, पर्दो आदि को बंद रखें, प्रभावी रूप से पंखों का इस्तेमाल करें आदि।  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Easy tips to avoid heat #Easytipstoavoidheat #summerseason #summer #heat #dehydration

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Tragacanth gum

स्किन के लिए गोंद कतीरा के क्या हैं फायदे और कैसे करें इसका इस्तेमाल?

गोंद कतीरा (Gond Katira) को ट्रागेकैंथ गम (Tragacanth gum) के नाम से जाना जाता है। यह एक ऐसा बेहतरीन हर्ब है, जो कुछ समय पहले तक अधिकतर भारतीय रसोईघरों में पाया जाता था। लेकिन, अब लोग इसका कम इस्तेमाल करने लगे हैं। इस गम को इसकी नेचुरल कूलिंग के लिए और हेल्थ के लिए फायदेमंद प्रॉपर्टीज के लिए जाना जाता है। यह हर्ब जेली के समान होता है और इसका कोई स्वाद या गंध नहीं होती। गर्मी के मौसम में इसका सेवन बहुत फायदेमंद माना गया है क्योंकि यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। इसके अलावा इसे स्किन के लिए भी फायदेमंद माना गया है। आइए जानें गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) के बारे में। गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) फ़ूड एंड एग्रीकल्चर आर्गेनाइजेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस (Food and Agriculture Organization of the United Nations) के अनुसार गोंद कतीरा यानि ट्रागेकैंथ गम (Tragacanth gum) एक तरह का ड्राइड रस है। इसका उपयोग फार्मास्यूटिकल्स और अन्य उद्योगों में बाइंडर और स्टेबलाइज़र के रूप में किया जाता है। स्किन के लिए भी यह गम बहुत बेनेफिशियल मानी गयी है। गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) निम्नलिखित हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक गोंद कतीरा का स्किन पर कैसे करें इस्तेमाल?  गोंद कतीरा (Gond Katira) का स्किन पर इस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है: आप स्किन की समस्याओं को दूर करने और स्किन (Skin) में निखार लाने के लिए गोंद कतीरा का फेस मास्क बना कर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके फेस मास्क को बनाने के लिए थोड़ा गोंद कतीरा (Gond Katira) पूरी रात पानी में भिगोएं और गुलाब जल ड़ाल कर पेस्ट बना लें।  इस पेस्ट को चेहरे पर लगा लें। इसके बाद चेहरे को धो लें। आप इसमें थोड़ी हल्दी मिला कर मुहांसों वाले स्थान पर भी लगा सकते हैं। इससे आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Gond Katira #Tragacanthgum #GondKatira #BenefitsofGondKatiraforSkin #GondKatiraforSkin

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Dhokla Recipe

Dhokla Recipe: सिर्फ 20 मिनट में तैयार कर सकते हैं सुपर-सॉफ्ट जालीदार ढोकला

भूख लगने पर कुछ भी अनहेल्दी खाने की जगह ऐसे स्नैक्स का चुनाव करें, जिनसे न केवल पेट भरे बल्कि जो हेल्दी भी हो और जल्दी बन भी जाए। ढोकला (Dhokla) उन्ही में से एक स्नैक है जिसे पूरे भारत में बड़े चाव से खाया जाता है। इस स्नैक की खास बात है कि ढोकला (Dhokla) स्टीम कर के बनाया जाता है और इसमें बहुत से न्यूट्रिशंस होते हैं।  यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर होता है और इसमें कैलोरीज और फैट कम होते हैं इसलिए यह वेट मैनेजमेंट में भी इसे फायदेमंद पाया गया है। आइए जानें ढोकला बनाने की विधि (Dhokla Recipe) के बारे में। ढोकला बनाने की विधि (Dhokla Recipe): जैसा की पहले ही बताया गया है कि ढोकला (Dhokla) में मिनरल्स और विटामिन्स होते हैं। इसे फेरमेंटशन प्रक्रिया से बनाया जाता है। यानी, यह इम्यून सिस्टम (Immune System) और पेट के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। ढोकला बनाना (Dhokla Recipe) भी बहुत आसान है। इसे बनाने की विधि से पहले ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) के बारे में जानते हैं। ढोकला रेसिपी (Dhokla Recipe): ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) यह तो थी ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) की लिस्ट। अब जानते हैं इसकी विधि के बारे में।  इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में ढोकला बनाने की विधि (Method of making Dhokla) आप ढोकले को ठंडा कर के खा सकते हैं। गर्मी के मौसम में पुदीने की चटनी के साथ इसे खाना अपने आप में एक अलग और स्वादिष्ट अनुभव है। Latest News in Hindi Today Hindi  #Dhokla #IngredientstomakeDhokla #MethodofmakingDhokla #snack #healthysnack

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