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Private Sector Lacks Retirement Planning: इसलिए प्राइवेट सेक्टर के आधे से अधिक कर्मचारियों के पास नहीं है रिटायरमेंट की कोई प्लानिंग

भारत में निजी यानी प्राइवेट सेक्टर (Private Sector) में काम करने वालों की तादाद करोड़ों में है। ऐसे में एक बात तो तय है कि प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों को पेंशन की सुविधा तो नहीं ही मिलने वाली। प्राइवेट सेक्टर में तनख्वाह तो मोटी मिलती है लेकिन लोग अपने भविष्य हेतु बचत पर अधिक ध्यान नहीं देते, जो कि चिंता का सबब है। दरअसल, ग्रांट थॉर्नटन भारत की एक सर्वे में आई रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लगभग आधे से अधिक वेतनभोगी कर्मचारी अपनी रिटायरमेंट के लिए बहुत ही कम बचत कर (Private Sector Lacks Retirement Planning) रहे हैं। बाकी बचे आधे सिर्फ अपनी तनख्वाह का 1% से 10% हिस्सा ही पेंशन फंड में निवेश कर रहे हैं। कहने की जरूरत नहीं, यह रुझान बताता है कि लोगों में बचत को लेकर सतर्कता तो है, लेकिन या तो उनकी आय सीमित है या फिर उनकी प्राथमिकताएं अलग हैं, जिससे रिटायरमेंट प्लानिंग को अधिक महत्व नहीं दिया जा रहा है। हालांकि अधिक आमदनी वाले लोग रिटायरमेंट से जुड़ी योजनाओं में थोड़ा अधिक योगदान करते हैं। लेकिन कुल मिलाकर ज़्यादातर लोगों की बचत अपेक्षाकृत बहुत ही कम है। यह दर्शाता है कि अधिकतर भारतीय अपने रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त धन नहीं जुटा पा रहे हैं।  सिर्फ 11 प्रतिशत ऐसे हैं जिन्हें लगता है उनकी मौजूदा बचत इतनी पेंशन के लिए पर्याप्त है रिपोर्ट के मुताबिक, तकरीबन 55 प्रतिशत प्रतिभागी रिटायरमेंट के बाद हर महीने ₹1 लाख से ज्यादा पेंशन की उम्मीद रखते हैं। सिर्फ 11 प्रतिशत ऐसे हैं जिन्हें लगता है उनकी मौजूदा बचत इतनी पेंशन के लिए पर्याप्त है। यह अंतर इस बात की ओर साफ़ इशारा करता है कि भारत में रिटायरमेंट की योजना और उसकी तैयारी के बीच बहुत बड़ा गैप है और इसे जिसे बेहतर योजना के ज़रिए भरने की ज़रूरत (Private Sector Lacks Retirement Planning) है। गौरतलब हो कि मोटा-मोटी 83% कर्मचारी अपनी रिटायरमेंट जरूरतों के लिए ईपीएफ, ग्रैच्युटी और एनपीएस जैसे पारंपरिक स्कीम्स पर ही निर्भर हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है लोगों का झुकाव नए विकल्पों की ओर जरा भी नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण है आर्थिक जागरूकता की कमी हो सकती है।  इसे भी पढ़ें:- विदेश से सोना-चांदी लाना अब नहीं रहा आसान: क्या है सरकार के नए नियम? अधिकतर युवाओं को लगता है कि अभी वक़्त रिटायरमेंट की चिंता करने का (Private Sector Lacks Retirement Planning) नहीं है दरअसल, बहुत से ऐसे लोग हैं जो यह मानते हैं कि पीएफ (प्रोविडेंट फंड) या कंपनी की ओर से मिलने वाला ग्रैच्युटी फंड ही काफी (Private Sector Lacks Retirement Planning) होगा, जबकि वास्तविकता में स्वास्थ्य खर्च, बढ़ती महंगाई और लंबी उम्र के चलते ये रकम अक्सर काफी नहीं ही होती। कुछ लोग निवेश की प्रक्रिया को बड़ा जटिल मानते हैं। कुछ तो ऐसे भी हैं जिन्हें अपनी मौजूदा सैलरी से बचत निकालना ही पहाड़ लगता है। इस मामले में युवा जरा भी चिंतित नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकतर युवाओं को लगता है कि अभी वक़्त रिटायरमेंट की चिंता करने का नहीं है। यह एक खतरनाक भ्रम है। फाइनेंसियल एक्सपर्टों का कहना है कि रिटायरमेंट की योजना जितनी जल्दी शुरू की जाए, उतना बेहतर होता है। 25-30 की उम्र में अगर सही दिशा में निवेश शुरू किया जाए तो 60 की उम्र तक अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है। अच्छे फंड के लिए नेशनल पेंशन स्कीम, म्यूचुअल फंड एसआईपी और पब्लिक प्रोविडेंट फंड जैसे विकल्प प्रभावशाली हो सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Private Sector Lacks Retirement Planning #RetirementPlanning #PrivateSectorIndia #FinancialFreedom #EmployeeBenefits #FutureSecurity

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Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform

Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform: मोदी सरकार की अनोखी पहल, वक्फ प्रॉपर्टी के लिए लॉन्च हुआ UMEED पोर्टल 

वक्फ संपत्ति को लेकर मोदी सरकार ने क्रांतिकारी कदम उठाते हुए एक पोर्टल लांच किया (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) है। खबर के मुताबिक वक्फ एक्ट के तहत केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन हेतु उम्मीद पोर्टल लॉन्च किया है। बता दें कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने दिल्ली में इसे लॉन्च किया। इस दौरान सभी राज्यों के वक्फ बोर्ड के पदाधिकारी ऑनलाइन मौजूद रहे। लॉन्चिंग प्रोग्राम के दौरान किरण रिजिजू ने कहा कि उम्मीद पोर्टल सिर्फ एक टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन ही नहीं बल्कि अच्छे शासन प्रशासन और पारदर्शिता का भी प्रतीक है। वक्फ संपत्तियों से जुड़े सभी हिस्सेदारों को एक ही जगह पर साथ लाया गया है। जिसका मकसद वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल गरीब और जरूरतमंद मुसलमानों के लिए हो सके। गौरतलब हो कि इसे संसद द्वारा पास कानून के तहत बनाया गया है। पोर्टल को ईमेल और मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए वेरीफाई करके login किया जा सकेगा। पोर्टल के तीन लेवल के यूजर होंगे।  सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड हो सकेगा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) तैयार   पहला होगा मुतवल्ली या राज्य के वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति, जो वक्फ प्रॉपर्टी को रजिस्टर करने के लिए डिटेल (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) भरेगा। दूसरा जिला स्तर पर कोई अधिकारी होगा जो मुतवल्ली द्वारा भरी गई जानकारी को क्रॉस चेक करेगा और तीसरा होगा वक्फ बोर्ड का सीईओ या राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत अधिकारी प्रॉपर्टी के वक्फ के बतौर रजिस्ट्रेशन को अप्रूव करेगा। इस पोर्टल खासियत यह कि इसमें आंकड़े सटीक और व्यवस्थित हों सके इस लिए ड्रॉपडाउन इनपुट का सिस्टम बनाया गया है। इसका अर्थ यह हुआ कि पोर्टल पूरी तरह यूजर फ्रेंडली होगा। इसके साथ यह सभी स्थानीय प्रशासन से जुड़ी हुई निर्देशिका (एलजीडी) कोड्स को पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है। ये एलजीडी जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर है। प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सिर्फ एक चरण में हो होगी। खास बात यह कि पोर्टल हर एक वक्फ संपत्ति का 17 डिजिट यूनिक आईडी जनरेट करेगा। इससे सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो जाएगा।  इसे भी पढ़ें:-पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान  उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) होगी कमाल की बात यह कि इस यूनिक आईडी के जरिए वक्फ संपत्तियों का स्टेटस, मालिकाना हक और उसका इस्तेमाल पता करने में आसानी रहेगी। बड़ी बात यह कि रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी को एक सर्टिफिकेट भी मिलेगा। यही नहीं, इस पोर्टल में वक्फ संपत्ति की जानकारी आसानी से भरी जा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) सके इस हेतु एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। और तो और पोर्टल में भारत के सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून के तहत निजता के अधिकार का पूरा ध्यान रखा गया है। इसके अलावा बेहतर पारदर्शिता के लिए उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी होगी। जियो टैगिंग का मतलब, हर वक्फ संपत्ति की ज्योग्राफिकल लोकेशन का डेटा भी पोर्टल पर मौजूद रहेगा। और पोर्टल के जरिए ही संपत्तियों से जुड़े विवाद को सुलझाने की प्रक्रिया भी लाई गई है। अच्छी बात यह कि इससे पारदर्शिता भी आएगी। इसके अलावा मुकदमेबाजी की स्थिति में विवाद का निबटारा भी आसान होगा। यही नहीं, वक्फ के प्रकार में शिया, सुन्नी, बोहरा और आगाखानी का विकल्प पोर्टल में आएगा। इसके अलावा संपत्ति के 22 प्रकार भी रखे गए हैं। जिसके 22 कोड ड्रॉप डाउन लिस्ट में होगा। इनमें एग्रीकल्चर लैंड, खानखाना, स्कूल, दुकान, प्लॉट, हुज़रा, मकतब, मस्जिद, अशुरखाना, दरगाह, ग्रेव यार्ड, ईदगाह, इमामबाड़ा, फिशिंग पौंड, तकिया, फलों के बाग, मदरसा और मकान जैसे कई 22 विकल्प आयेंगे। जिनमें से किसी एक विकल्प को चुनना होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform UMEEDPortal #WaqfProperty #ModiGovernment #DigitalIndia #MinorityWelfare #PropertyTransparency #SmartGovernance

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Russia Attacks Ukraine With 400 Drones: रूस ने 400 ड्रोन और 40 बैलिस्टिक मिसाइलों ने मचाई यूक्रेन में तबाही, सहमे यूक्रेनी राष्ट्रपति

विगत 3 वर्षों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध बढ़ते समय के साथ-साथ और भी आक्रामक होता जा रहा है। साल 2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध 2025 आते-आते चरम पर आ पहुंचा है। यूक्रेन द्वारा रूस को दहलाने के बाद रूस ने पलटवार करना शुरू कर दिया है। इस क्रम में रूस ने यूक्रेन के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों पर 400 से अधिक ड्रोन और 40 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलों से एक के बाद एक ताबड़तोड़ भीषण हमला (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) किया। यकायक हुए इस हमले रूस ने यूक्रेन के वोलिन, टेरनोपिल, कीव, सुमी, लविवि, पोल्टावा, खमेलनित्सकी, चर्कासी और चेर्निहिव को निशाना बनाया है। रूस के उस पलटवार से डरे सहमें यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावनात्मक और आक्रोशित बयान जारी किया। जारी इस बयान में उन्होंने कहा कि यूक्रेनी वायुसेना ने कई मिसाइलों और ड्रोन को गिराने में सफलता पाई। तीन आपातकालीन सेवा कर्मचारियों की मौत और 49 लोगों के घायल होने की पुष्टि हो चुकी है। मलबे की सफाई और बचाव अभियान जारी है।  आम लोगों को निशाना बना रहा (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) है-  यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की  रूस के इस पलटवार पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने आगे कहा, रूस अपनी नीति नहीं बदल रहा है। वह आम लोगों को निशाना बना रहा (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) है। यह युद्ध अब सिर्फ यूक्रेन का नहीं, बल्कि मानवता का युद्ध बन गया है। रूस को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि रूस को अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही के तहत लाना चाहिए। अमेरिका, यूरोप और पूरी दुनिया को अब निर्णायक दबाव बनाना होगा। अगर वैश्विक नेता चुप हैं तो यह भी एक तरह की मिलीभगत है। अब निर्णायक कार्यवाही का समय है। केवल समर्थन से युद्ध रुकने वाला नहीं है। हालांकि यूक्रेन ने शुरू से ही यह स्पष्ट किया है कि वह अकेले लड़ते-लड़ते अब थक चुका है। उसने नाटो, यूरोपीय संघ, अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों से अपेक्षा की है कि वे रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों को और कठोर करें। इसके अलावा हथियारों और सैन्य संसाधनों की आपूर्ति तेज करें। राजनयिक स्तर पर दबाव बनाए और रूस को बातचीत के लिए मनाएं।  इसे भी पढ़ें:-एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप  2022 से अब तक यूक्रेन के तकरीबन हजारों नागरिक मारे (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) गए और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं बता दें कि रूस के खिलाफ युद्ध में कई लोगों ने यूक्रेन को मदद पहुंचाई है, अन्यथा रूस से लड़ पाना यूक्रेन के बस की बात ही नहीं थी। खबर के मुताबिक इस दौरान अमेरिका की तरफ से लगातार मौकों पर सुरक्षा सहायता पैकेज दिया गया। तो वहीं, यूरोप ने एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम मुहैया कराया है और इसके अलावा नाटो की सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई। हालांकि, इसके बावजूद यूक्रेनी राष्ट्रपति को लगता है कि उन्हें मिलने वाला सहयोग इस युद्ध के लिए पर्याप्त नहीं है। ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि साल 2022 से अब तक यूक्रेन के तकरीबन हजारों नागरिक मारे (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) गए और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। इससे यूक्रेन की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। असल मायनों में देखा जाये तो युद्ध से यूक्रेन को सिवाय नुकसान के कुछ भी हाथ नहीं लगा है। और तो और यूक्रेन भलींभाँति जनता भी है कि अंततः हार उसी की ही होनी है, बावजूद इसके वो न हार मानने के लिए तैयार हो रहा है और न ही शांति समझौते के लिए तैयार हो रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Russia Attacks Ukraine With 400 Drones #RussiaUkraineWar2025 #DroneAttack #BallisticMissile #Zelensky

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PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge: पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान 

दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन (PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कटरा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह ब्रिज भारत की इच्छाशक्ति का विराट उत्सव और कश्मीर के नए सामर्थ्य की पहचान है। पीएम ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर के लोगों का सपना साकार हुआ है। अंजी ब्रिज भी भारत की शक्ति का प्रतीक है। ये दोनों ब्रिज भारत की उभरती शक्ति की गर्जना हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग फ्रांस में एफिल टावर देखने जाते हैं लेकिन यह ब्रिज उस टावर से भी ऊंचा है। कटरा से श्रीनगर पहली वंदे भारत ट्रेन को झंडी दिखाने के बाद पीएम ने यहां रैली को संबोधित किया। इस दौरान चिनाब ब्रिज की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चिनाब ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है। लोग फ्रांस में एफिल टावर देखने जाते हैं लेकिन यह ब्रिज उस टावर से भी ऊंचा है। अब लोग चिनाब ब्रिज के जरिए कश्मीर देखने तो जाएंगे। यह ब्रिज भी अपने आप में एक आकर्षक पर्यटक केंद्र बनेगा। हमारा अंजी ब्रिज भी इंजीनियरिंग का अनूठा नमूना है। ये ब्रिज विकसित भारत की सीधी गर्जना हैं। यह हमारा सामर्थ्य है। चिनाब ब्रिज हो या अंजी ब्रिज ये जम्मू-कश्मीर दोनों क्षेत्रों के समृद्धि का जरिया बनेंगे। प्रोजेक्ट पूरा करना मुश्किल और चुनौतीपूर्ण (PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) था पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के लिए पीएम ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा, पाकिस्तान ने कश्मीर के लोगों, कश्मीरियत पर हमला किया। वह मानवता विरोधी देश है। उसने यहां की रोजी-रोटी को निशाना बनाया। वह पर्यटन विरोधी देश भी है। पीएम ने आगे कहा कि जम्मू कश्मीर को आज दो वंदेभारत ट्रेनें मिली हैं। रास्ते में आने-जाने की मुश्किलें, मौसम की परेशानी ये प्रोजेक्ट पूरा करना मुश्किल और चुनौतीपूर्ण ( PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) था। हमारी सरकार ने चुनौती को ही चुनौती देने का रास्ता चुना है। आज जम्मू कश्मीर में बन रहे अनेक ऑल वेदर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट इसके उदाहरण हैं। कुछ दिनों पहले सोनमर्ग टनल शुरू हुआ है। इन पुलों पर चलते हुए मैंने भारत के बुलंद इरादों को, हमारे श्रमिकों, इंजीनियरों के हौसले को महसूस किया है। उन्होंने कहा, ‘इससे पर्यटन तो बढ़ेगा ही अर्थव्यवस्था के दूसरे क्षेत्रों को भी लाभ होगा। अब कश्मीर के सेब देश के बड़े बाजारों तक समय पर पहुंच पाएंगे। सूखे मेवे हों या पशमीना शॉल यहां का हस्तशिल्प आसानी से देश के हिस्सों तक पहुंच पाएगा। यहां के लोगों का आना-जाना भी बहुत आसान है। यह ट्रेन सेवा हर मौसम में लोगों की मदद करेगी।  इसे भी पढ़ें:-‘दोगले पाकिस्तान से देश में आतंकी हमले का खतरा बना रहेगा’, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कह दी बड़ी बात इसके जरिए सेना को जल्द ही सीमा तक रसद पहुंचाने में भी मिलेगी (PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) मदद  मोदी ने कहा कि यह ब्रिज वह राष्ट्र को समर्पित करते हैं। इस पुल के निर्माण से यात्रियों का सफर आसान होगा और उनका समय भी ( PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) बचेगा। चिनाब पुल के उद्घाटन के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सीएम उमर अब्दुल्ला और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे। बता दें कि ये रेल ब्रिज कटरा से श्रीनगर को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इस ब्रिज की एक बड़ी खासियत यह कि इसके जरिए सेना को जल्द ही सीमा तक रसद पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। यह ब्रिज इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि 260 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही हवा से भी प्रभावित नहीं होगा। खास बात यह कि यह रेल ब्रिज भारतीय इंजीनियर का अनोखा उदाहरण है। यह ब्रिज दो पहाड़ों के बीच बना है। इसे इस प्रकार से बनाया गया है कि यदि इसके कोई पिलर क्षतिग्रस्त भी हो जाएं तो यह गिरेगा नहीं। इस दौरान वंदेभारत ट्रेन को रवाना करने से पहले पीएम ने प्लेटफॉर्म पर घूम-घूम कर तिरंगा लहराया। Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge #ChenabRailBridge #PMModi #IndianRailways #KashmirDevelopment

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17-Year-Old Beheaded by Her Own Family: मेरठ में माँ और भाई सहित सगे रिश्तेदार बने काल, इस वजह से 17 वर्षीय बेटी का सिर किया धड़ से अलग

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जहाँ प्रेम प्रसंग के चक्कर में एक 17 वर्षीय छात्रा की हत्या कर दी (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) गई। उसके हत्यारे कोई और नहीं बल्कि उसके अपने सगे घरवाले और रिश्तेदार निकले। दरअसल, मेरठ जिले के बहादरपुर में कक्षा 12वीं में पढ़ने वाली छात्रा आस्था की सिरकटी लाश एक नाले में मिलती है। लोगों की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर लाश को अपने कब्जे में ले लेती है। इसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी।  इस बीच पुलिस ने जब आस्था का धड़ बरामद किया तो उसकी जेब से एक फोन का नंबर मिला। पुलिस ने जब इस नंबर पर कॉल की तो पता चला कि वह आस्था का दोस्त विकास है। इसके बाद पुलिस ने शव की शिनाख्त हेतु उसे बुलाया। आस्था के दोस्त ने शव की पहचान की। आगे की तफ़्तीश की तो पुलिस को बड़ी जानकारी हाथ लगी और फिर आधार पर पुलिस ने आस्था की मां, मामा, ममेरे भाई समेत परिवार के अन्य लोगों को हिरासत में लिया। छोटे भाई ने आस्था को प्रेमी विकास के साथ देख लिया (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) था प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीते 28 मई को छोटे भाई शौर्य ने आस्था को प्रेमी विकास के साथ देखा (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) था। उसने परिजनों को इसकी जानकारी दे थी। इसके बाद परिवार ने आस्था को बुरी तरह पीटा और दो दिन तक घर में बंधक बनाकर रखा। परिजन उस पर विकास से संबंध तोड़ने का दबाव बना रहे थे, लेकिन आस्था लगातार टालमटोल करती रही। फिर क्या था, इसके बाद दोनों में विवाद शुरू हो गया। देखते-देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों में हाथापाई शुरू हो गई। और आस्था की मां राकेश देवी और 15 वर्षीय छोटे भाई ने मिलकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। फिर हत्या को छिपाने के लिए ममेरे भाई मंजीत, मौसरे भाई गौरव और मामा समर सिंह को बुलाया।  इसे भी पढ़ें:- बॉयफ्रेंड के खातिर पति और बच्चे को छोड़ मुस्लिम लड़की ने त्यागा इस्लाम, सायमीन से बनी श्रुति, रचाई हिंदू प्रेमी से शादी  साजिश के तहत पुलिस को गुमराह करने के लिए सिर को गंगनहर में फेंक (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) दिया इस बीच सभी ने मिलकर हत्या की साजिश रची और शव को छिपाने की योजना (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) बनाई। पहले आस्था का सिर धारदार हथियार से काटा और सरधना क्षेत्र में गंग नहर में फेंक दिया। फिर बाकी शरीर को कार की डिग्गी में रखकर परतापुर स्थित नाले में फेंक दिया गया। यही नहीं, साजिश के तहत पुलिस को गुमराह करने के लिए सिर को गंगनहर में फेंक दिया। इसके बाद आस्था की हत्यारिन मां ने बेटी के लापता हो जाने का नाटक रचा। वह बेटी की तलाश में जुटी रही। उसके झांसे में आकर गाँव वाले भी आस्था की तलाश करने में जुट गए। कमाल की बात यह कि बेटी के लापता होने जानकारी पुलिस को भी नहीं दी। खैर, खुलासा होने पर पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है। Latest News in Hindi Today Hindi news 17-Year-Old Beheaded by Her Own Family #MeerutCrime #HonorKilling #JusticeForHer #IndianNews

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Bengaluru stampede case: बेंगलुरु भगदड़ मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, RCB के मार्केटिंग हेड समेत 3 अन्य गिरफ्तार

बुधवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास मची भगदड़ के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरसीबी के मार्केटिंग हेड निखिल सोसले को गिरफ्तार किया गया है। खबर के मुताबिक तीन अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हुई (Bengaluru stampede case) है। गौरतलब हो कि 18 साल बाद आरसीबी ने पहली बार आईपीएल की ट्रॉफी जीती थी। जिसका जश्न मनाने हेतु बुधवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर लाखों की संख्या में प्रशंसक उमड़ पड़े थे। 35 हजार क्षमता वाले स्टेडियम में 3 से 4 लोगों की मौजूदगी और फ्री टिकट की अफवाह के चलते बढ़ती भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा था। इस दौरान फ्री टिकट पाने की ऐसी होड़ मची कि अचानक भगदड़ मच गई। जिसमें 11 लोगों के मौत की आधिकारिक घोषणा कर्नाटक सरकार ने की। सरकार के मुताबिक 56 अन्य घायल हुए हैं। मामले को जांच के लिए सीआईडी को सौंप दिया गया है। पुलिस ने बेंगलुरु एयरपोर्ट से निखिल, किरण, सुमंत और सुनील मैथ्यू को गिरफ्तार किया गया (Bengaluru stampede case) है इस मामले में पुलिस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, इवेंट मैनेजमेंट कंपनी डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जानकारी के मुताबिक इस एफआईआर में गैर इरादतन हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए  कर्नाटक सीएम ने गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पुलिस ने बेंगलुरु एयरपोर्ट से निखिल, किरण, सुमंत और सुनील मैथ्यू को गिरफ्तार किया गया (Bengaluru stampede case) है। सुमंत, सुनील और किरण चिन्नास्वामी स्टेडियम में समारोह की देखरेख कर रहे थे। इन सभी से कब्बन पुलिस थाने में गहन पूछता की जा रही है। इस पूरे मामले में अधिकारियों ने बताया कि पुलिस निरीक्षक की शिकायत के बाद कब्बन पार्क थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। बता दें कि पुलिस के अनुसार एफआईआर दर्ज होते ही निखिल ने मुंबई के लिए टिकट बुक कर लिया था। उसे केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर सुबह करीब साढ़े तीन बजे गिरफ्तार किया गया। डीएनए स्टाफ के सदस्य सुमंत, सुनील और किरण को भी गिरफ्तार किया गया।  इसे भी पढ़ें:- IPL के बाद अब 6 महीने में 9 सीरीज खेलेगी टीम इंडिया आरसीबी ने कहा कि वह अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद कानूनी कार्रवाई में सहयोग (Bengaluru stampede case) करेगा इस एफआईआर में यह दावा किया गया है कि कार्यक्रम के आयोजन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। आरसीबी, डीएनए इवेंट मैनेजमेंट फर्म और राज्य क्रिकेट संघ ने आवश्यक अनुमति के बिना जीत का जश्न (Bengaluru stampede case) मनाया। इस पूरे मामले पर आरसीबी ने कहा कि वह अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद कानूनी कार्रवाई में सहयोग करेगा। जानकारी के मुताबिक एफआईआर में आरसीबी को आरोपित नंबर 1, डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को आरोपित नंबर 2 और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ प्रशासनिक समिति को आरोपित नंबर 3 बनाया गया है। इसके अलावा बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त बी दयानंद को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया द्वारा निलंबित किये जाने के बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सीमांत कुमार सिंह को अगले आदेश तक बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त के पद पर नियुक्त कर दिया गया है। दरअसल, दयानंद को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Bengaluru stampede case #RCBStampede #BengaluruNews #IPL2025 #RCBMarketingHead

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Team India to Play 9 Series in 6 Months

Team India to Play 9 Series in 6 Months: IPL के बाद अब 6 महीने में 9 सीरीज खेलेगी टीम इंडिया 

3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आईपीएल का महामुकाबला आरसीबी और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया जिसमे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब की 6 रनों से हरा कर आईपीएल- 2025 की ट्रॉफी अपने नाम की। पूरे 18 साल बाद पहली बार आरसीबी ने आईपीएल की ट्रॉफी पर कब्जा किया। इसके साथ ही 3 जून को आईपीएल का यह सीजन खत्म हो गया। भले ही आईपीएल का सीजन खत्म हो गया हो, लेकिन भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी इंटरनेशनल क्रिकेट की तैयारी में जुट गए हैं। दरअसल, भारतीय टीम 20 जून से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज (Team India to Play 9 Series in 6 Months) खेलेगी। इस तरह आईपीएल के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी इंग्लैंड दौरे पर खेलते दिखेंगे। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र में भारत को इंग्लैंड में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। यही नहीं, इसके अलावा भारत को अगले 6 महीने में लगभग 9 सीरीज खेलनी है। इसमें टेस्ट, वनडे और टी20 के मुकाबले भी शामिल हैं।  बांग्लादेश के दौरे के बाद टीम इंडिया को एशिया कप खेला (Team India to Play 9 Series in 6 Months) जाना है भारत का इंग्लैंड दौरा 20 जून से लेकर 4 अगस्त तक चलेगा। इस दौरे के बाद भारतीय टीम को बांग्लादेश के दौरे पर जाना (Team India to Play 9 Series in 6 Months) है। बांग्लादेश में भारतीय टीम 3 वनडे और तीन टी20 मैचों की सीरीज खेलेगी। फ़िलहाल अभी तक यह तय नहीं है कि भारतीय टीम बांग्लादेश का दौरा करेगी भी या नहीं। बांग्लादेश के बाद टीम इंडिया को एशिया कप खेला जाना है। हालाँकि एशिया कप के मुकाबले को लेकर स्थिति भी अभी साफ नहीं हो पाई है। इस टूर्नामेंट की तारीख की घोषणा नहीं हुई है। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद नवंबर से दिसंबर तक साउथ अफ्रीका की मेजबानी (Team India to Play 9 Series in 6 Months) करेगी टीम इंडिया यही नहीं, एशिया कप के बाद भारतीय टीम वेस्टइंडीज टेस्ट टीम की मेजबानी (Team India to Play 9 Series in 6 Months) करेगी। बता दें कि 2 मैचों का टेस्ट सीरीज भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला जाएगा। फ़ी उसके बाद तीन वनडे और पांच टी20 मैचों की सीरीज के लिए टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारतीय टेस्ट टीम नवंबर से दिसंबर तक साउथ अफ्रीका की मेजबानी करेंगे। इस दौरान साउथ अफ्रीका की टीम 2 टेस्ट, 3 वनडे और 5 टी20 मैचों की सीरीज खेलेगी। इस तरह टीम इंडिया का शिड्यूल साल के अंत तक फिक्स हो चुका है। देखने वाली बात यह कि टीम इंडिया इस दौरान कहाँ-कहाँ अपना परचम लहराती है। वैसे भारतीय प्रशंसक बड़ी बेसब्री से इन दौरों का इंतजार कर रहे हैं।   इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने किया अपनी टीम का ऐलान  बता दें कि 20 जून से 5 के दरम्यान भारत और इंग्लैंड के बीच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है। यह टेस्ट 20 जून 2025 को हेडिंग्ले में शुरू होगा। ये सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है। इस सीरीज के पहले मैच के लिए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। बेन स्टोक्स की कप्तानी में टीम खेलने उतरेगी। बात करें टीम इंग्लैंड की तो इंग्लैंड की टीम में, बेन स्टोक्स (कप्तान), शोएब बशीर, ओली पोप, जो रूट, जेमी स्मिथ, जोश टंग, क्रिस वोक्स, जैकब बेथेल, हैरी ब्रुक, ब्रायडन कार्से, सैम कुक, जैक क्रॉली, बेन डकेट, जेमी ओवरटन जैसे दिग्गज शामिल हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Team India to Play 9 Series in 6 Months TeamIndia #IndianCricket #PostIPL2025 #INDvsWorld #CricketSchedule #MenInBlue #CricketSeries2025

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Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly

Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly: इस तरह हर महीने 8 लाख से भी अधिक कमाता है मुंबई का यह ऑटो वाला 

बेशक लाखों की नौकरी पाने के लिए भारीभरकम डिग्री की चाहिए होती है। यहाँ बात नौकरी करने की है। बिज़नेस करने के लिए किसी डिग्री की जरूरत नहीं है। यदि आपसे कहूं कि मुंबई में रहने वाला एक सामान्य ऑटो चालक साल के करोड़ों की कमाई कर रहा (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। शायद इस बात पर यकीन करना आपके लिए मुमकिन न हो। लेकिन यह सच है। इससे भी बड़ी हैरानी की बात यह है कि वो बिना एक भी किलोमीटर गाड़ी चलाए कमा रहा है। बस वो एक जगह खड़े रहता है। और बिना मीटर डाउन किये वो दिन के हजारों कमा रहा है। वो कहावत है न हींग लगे न फिटकरी रंग भी चोखा होय। जिसका अर्थ है कि कम खर्च या बिना मेहनत के भी अच्छा काम हो सकता है। यह कहावत मुंबई के ऑटो वाले पर सटीक बैठती है।  अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में किसी भी तरह का सामान ले जाने की होती है (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) सख्त मनाही भारत ही नहीं, जिस भी देश में अमेरिकी दूतावास होता है, वहां सुरक्षा चाक-चौबंद होती (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। वहां बिना काम के अंदर जाना तो कोसो दूर की बात, आपको  बाहर खड़े होने भी नहीं दिया जाता। इसी तरह मुंबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में हर दिन दूर-दराज इलाकों से लोग पहुंचते हैं। जाहिर सी बात जब दूर से आते हैं तो उनके पास सामान भी होता है। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में किसी भी तरह का सामान ले जाने की सख्त मनाही होती है। ऐसे में लोगों को बड़ी तकलीफ होती है। और तो और उसके आस-पास कोई लॉकर की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोगों को ज़रूरी कागजात, इलेक्ट्रॉनिक्स या निजी सामान रखने के लिए बड़े पापड़ बेलने पड़ते हैं। इस परेशानी को एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर ने अवसर में बदल दिया। उसने लोगों की ज़रूरतों को समझा और एक आसान सी सेवा शुरू की। इस तरह इस अनोखे कारोबार की शुरुआत उन लोगों की समस्या से हुई, जो वीज़ा हेतु आवेदन करने हर रोज अमेरिकी दूतावास पहुंचते हैं।  इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल दिन में 20,000 से 30,000 रुपये तक की होती है (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) कमाई दरअसल, ऑटो ड्राइवर वीज़ा आवेदकों के बैग को कुछ समय के लिए रखने लगा। वह वाणिज्य दूतावास के प्रवेश द्वार के पास खड़ा रहता है और लोगों को 1,000 रुपये में उनके सामान की सुरक्षा करने की बात कहता है। वह उन्हें भरोसा दिलाता है कि उनकी अपॉइंटमेंट खत्म होने तक उनका सामान उसके पास सुरक्षित रहेगा। हालाँकि पहली नज़र में यह कीमत अधिक प्रतीत हो सकती है, लेकिन वीज़ा इंटरव्यू की जल्दी में लोगों के पास कोई और विकल्प नहीं होता। ऐसे में अपनी अपॉइंटमेंट मिस करने से बेहतर लोग उसे 1000 रूपये देना अधिक प्रेफर करते (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) हैं। इस तरह वो एक आम दिन में, वह 20-30 ग्राहकों को संभालता है और उनसे वो 20,000 से 30,000 रुपये तक कमाई करता है। आप सोच रहे होंगे, इसमें सुरक्षा की गया गॅरंटी है? कल को कीमती सामान लेकर ऑटो वाला रफूचक्कर हो जाये तो कहाँ ढूंढने जायेंगे?  पूरी तरह तसल्ली हो जाने के बाद कस्टमर अपना सामान वहां रख देता है तो आपको बता दें कि इसके पीछे पूरा का पूरा एक सिस्टम है। यह सिर्फ सड़क किनारे खड़े होकर किया जाने वाला काम नहीं (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। इसे सोच-समझकर और बड़े व्यवस्थित तरीके से चलाया जाता है। ऑटो रिक्शा ड्राइवर पहले कस्टमर से संपर्क करता है। ग्राहक के मान जाने पर एक सुरक्षित प्रक्रिया शुरू होती है। बड़ी बात यह कि इस काम में एक स्थानीय पुलिस अधिकारी की मदद ली जाती है। पुलिस अधिकारी एक भरोसेमंद लॉकर की सुविधा उपलब्ध कराता है। पूरी तरह तसल्ली हो जाने के बाद कस्टमर अपना सामान वहां रख देता है। है न कमाल? इसे ही आपदा में अवसर कहा जाता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly MumbaiAuto #AutoDriverSuccess #MumbaiStories #InspiringJourney #MonthlyIncome #AutoRickshawLife #StartupSuccess

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Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain

Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain?: क्या सच में भाजपा सिर्फ अपने चुनावी फायदे के लिए करवा रही है जातीय जनगणना? 

लंबे अरसे से देश में जातिगत जनगणना को लेकर बवाल मचा हुआ है। कई राजनीतिक पार्टियां इसे समर्थन में भी हैं। विशेषकर कांग्रेस और कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी जातिगत जनगणना के मुद्दे को जोर शोर से उठाते रहे हैं। कुल मिलाकर सभी की मांग है कि इसके जरिये समाज की स्थिति साफ़ हो सकेगी कि देश भर में कुल जातियों में कितने लोग हैं। सभी की बढ़ी मांग और खिसकते वोट के मद्देनजर आखिरकार केंद्र की मोदी सरकार ने थक हारकर अगले साल 2026 में पूरे देश में जातीय जनगणना करवाने का फैसला किया है। यह तो ठीक, लेकिन इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने इसे लेकर एक बड़ा बयान दिया (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) है। दरअसल, तेजस्वी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जनगणना को लेकर बीजेपी की मंशा सही नहीं है। भाजपा की मंशा ठीक (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) नहीं है बुधवार को इस मामले पर तेजस्वी यादव ने मीडिया से की बातचीत में कहा कि भाजपा लोगों की मंशा ठीक नहीं है। यही नहीं, उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिहार चुनाव को देखते हुए जातीय जनगणना करवाने की घोषणा की है, ताकि वे इसका फायदा चुनाव में उठा सकें। इस बीच बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए तेजस्वी ने कहा कि भाजपा की मंशा ठीक नहीं है। इन लोगों की मंशा ठीक (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) नहीं है। हमने पहले भी कहा है कि बिहार चुनाव को देखते हुए इन लोगों ने घोषणा की है। हमारे दबाव और पुरानी मांग के कारण इन्होंने इसे कैबिनेट से पास कराया है। हम वर्गों की भी गिनती कराएंगे, जिससे पता चलेगा कि कितनी जातियां हैं और कितने ओबीसी, ईबीसी हैं। बिहार पिछले 20 साल से एनडीए की निकम्मी और नाकारा सरकार (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) को ढो रहा है यह पहली बार नहीं है जब तेजस्वी ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना न साधा (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) हो। इससे पहले तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स एक कार्टून शेयर करके पीएम मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर करारा हमला बोला था। पोस्ट किये गए कार्टून में सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी का एक प्रतीकात्मक फोटो है। जिसे आम आदमी एक गठ्ठर में लेकर ढोता नजर आ रहा है। उक्त पोस्ट में तेजस्वी ने कहा कि बिहार पिछले 20 साल से एनडीए की निकम्मी और नाकारा सरकार को ढो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तस्वीर में आपको बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था, बाढ़, सूखा, भ्रष्टाचार, ढहते पुल, गरीबी, महंगाई, घूसखोरी, बेरोजगारी जैसे कई गंभीर मुद्दे हैं। जिनका बोझ सिर्फ आम आदमी सह रहा है। इसे भी पढ़ें:- RJD-कांग्रेस को बिहार चुनाव से पहले AIMIM की धमकी, महागठबंधन में शामिल करें वरना…! अगले साल जातिगत जनगणना दो चरणों में (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) करेगी गौरतलब हो कि केंद्रीय कैबिनेट ने 30 अप्रैल को जाति जनगणना को मंजूरी दी थी। देश में आजादी के बाद यह पहली बार होगा, जब जाति जनगणना कराई जाएगी। सरकार अगले साल जातिगत जनगणना दो चरणों में (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) करेगी। इसका पहला चरण अक्टूबर 2026 से शुरू होगा, जबकि दूसरे चरण की शुरुआत 1 मार्च 2027 से शुरू होगी। जानकारी के लिए बता दें कि अक्टूबर या नवंबर 2025 में बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव कराए जा सकते हैं। इसे देखते हुए बिहार में सियासत तेज हो गई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने जातीय जनगणना करवाने का ऐलान किया है। इसे लेकर आरजेडी को शक है कि भाजपा बिहार चुनाव में इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain CasteCensus #BJPCastePolitics #IndianPolitics #ElectoralStrategy #BJP2025 #SocialJustic #CensusDebate

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AIMIM's Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections

AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections: RJD-कांग्रेस को बिहार चुनाव से पहले AIMIM की धमकी, महागठबंधन में शामिल करें वरना…! 

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस (Congress) के महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई है। एआईएमआईएम (AIMIM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने इसकी जानकारी (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections)देते हुए कहा कि, ‘उनकी पार्टी बिहार चुनाव में वोटों का बिखराव रोकना चाहती है। इसीलिए उनकी पार्टी ने  आरजेडी (RJD) के दूसरी पंक्ति के नेताओं के माध्यम से नेता तेजस्वी यादव को गठबंधन का प्रस्ताव भेजा है। अब फैसला तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी को करना है।’ अख्तरुल ईमान ने मीडिया से इस बातचीत में चेतावनी देते हुए कहा, अगर महागठबंधन उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो उनकी पार्टी थर्ड फ्रंट बनाने के लिए जल्द ही अन्य छोटे दलों से बातचीत करेगी। इस दौरान अख्तरुल ईमान ने आरजेडी (RJD) पर ‘पीठ में खंजर घोंपने’ का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि साल 2020 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम (AIMIM) राज्य की सीमांचल क्षेत्र में मौजूद अमौर, जोकीहाट, कोचाधामन, बैसी और बहादुरगंज सीट को जीता था। लेकिन चुनाव के दो साल बाद आरजेडी ने उनके 5 में से 4 विधायकों को तोड़ कर अपने पार्टी में मिला लिया। इस धोखबाजी को पार्टी भूली नहीं है।  2020 विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने किया था शानदार प्रदर्शन बता दें कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections) शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 सीटें जीत ली थी। एआईएमआईएम को यह सफलता सीमांचल के मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों में मिली थी। इसके बाद से ही एआईएमआईएम को बिहार की सियासत में एक उभरती ताकत के तौर पर देखा गया। एआईएमआईएम ने सीधे तौर पर आरजेडी के परंपरागत मुस्लिम-यादव वोट बैंक में सेंध लगाई थी। इसलिए आरजेडी को सबसे ज्यादा परेशानी हुई और उसने एआईएमआईएम विधायकों को तोड़ने की मुहीम शुरू कर दी। आरजेडी ने दो साल बाद ही जून 2022 में एआईएमआईएम के 5 में से 4 विधायकों को तोड़कर अपने पार्टी में शामिल कर लिया।  इसे भी पढ़ें:- PMCH में दलित लड़की की मौत पर राहुल गांधी ने बिहार की डबल इंजन सरकार पर साधा निशाना, कही यह बात एआईएमआईएम के उभरने से आरजेडी और कांग्रेस को दीर्घकालिक तौर पर नुकसान होगा इस बार विधानसभा चुनाव में अगर एआईएमआईएम और आरजेडी अलग-अलग लड़ती हैं, तो इसका सीधा फायदा भाजपा को (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections) होगा। इसलिए एआईएमआईएम ने चुनाव से पहले ही महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव भेज दिया। हालांकि अभी तक इस प्रस्ताव पर आरजेडी और कांग्रेस (Congress) की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि विपक्षी महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर पहले सही तनाव है, ऐसे में अगर एआईएमआईएम को भी गठबंधन में शामिल कर लिया गया, तो सीट बंटवारे का मुद्दा और भी जटिल हो जाएगा। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एआईएमआईएम को महागठबंधन में शामिल किया जाता है तो इससे फौरी तौर पर मुस्लिम वोटों को एकजुट करने में फायदा मिल सकता है, लेकिन एआईएमआईएम के उभरने से आरजेडी और कांग्रेस को दीर्घकालिक तौर पर नुकसान होगा। दरअसल, आरजेडी और कांग्रेस (Congress) के कोर वोट बैंक मुस्लिम मतदाता है और एआईएमआईएम का वोट बैंक भी यही है। ऐसे में एआईएमआईएम राज्य में जितनी मजबूत होगी, उतनी ही आरजेडी और कांग्रेस के मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाएगी। ऐसे में महागठबंधन बिहार के अंदर अभी एआईएमआईएम से दूरी बनाकर ही रखना चाहता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections BiharElections2025 #AIMIM #RJD #Congress #Mahagathbandhan #Owaisi #PoliticalNews #IndiaPolitics

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