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India Pakistan airspace tension

PM Modi skips Pakistan airspace: इसलिए पीएम मोदी ने सऊदी से भारत लौटते समय पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का नहीं किया इस्तेमाल

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से आहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब दौरा रद्द कर तुरंत भारत लौट आये (PM Modi skips Pakistan airspace) हैं। इस बीच गौर करने वाली बात यह कि 22 अप्रैल को जब प्रधानमंत्री दिल्ली से जेद्दा के लिए रवाना हुए थे, तब जाते समय उनका बोइंग 777 विमान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर गया था। लेकिन मंगलवार को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब की अपनी दो दिवसीय यात्रा बीच में ही छोड़ दी। छोड़कर देर रात दिल्ली लौट आये। वापसी के दौरान विमान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर नहीं गुजरा। महत्वपूर्ण बात यह कि बुधवार को सुबह जेद्दा से दिल्ली लौटते समय पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर नहीं गुजरा था। दरअसल, इसकी पुष्टि फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के विजुअल्स से हुई है। विजुअल्स के मुताबिक प्रधानमंत्री का विमान (भारतीय वायु सेना का विमान- बोइंग 777-300) मंगलवार की सुबह रियाद के लिए उड़ान भरते समय पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र को पार कर गया था, लेकिन वापस आते समय उसने लंबा रूट चुना और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को क्रॉस नहीं किया।  प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा के लिए, पाकिस्तान की जगह भारत के फ्लाइट रूट (PM Modi skips Pakistan airspace) को चुना पीएम के विमान के रूट बदलने को एक स्पष्ट संकेत के रूप में देखा गया है कि वह यह कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां ​​इस समय पाकिस्तान से उभर रहे खतरे से भलीभांति अवगत हैं। कारण यही जो प्रधानमंत्री और विमान में मौजूद प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा के लिए, पाकिस्तान की जगह भारत के फ्लाइट रूट (PM Modi skips Pakistan airspace) को चुना। खैर, पीएम सुबह-सुबह दिल्ली के पालम एयरफोर्स बेस पर उतरे। दिल्ली पहुंचते ही एयरपोर्ट पर उन्होंने आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव मौजूद थे। प्रधानमंत्री द्वारा विदेश यात्रा से वापसी के तुरंत बाद इस उच्च स्तरीय बैठक में हमले की गंभीरता, अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा रणनीतियों पर विस्तार से मंथन किया गया।  इसे भी पढ़ें:- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी ने की अमित शाह से बात, उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का ऐलान  आतंकी हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने अपने घर पर (PM Modi skips Pakistan airspace) बुलाई आपात बैठक बता दें कि मंगलवार को पहलगाम में निहत्थे टूरिस्ट्स पर हुए कायराना हमले की दुनिया भर में निंदा हो रही है। जानकारी के मुताबिक हमले के तुरंत बाद पीएम मोदी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बात की थी। इसके बाद शाह तुरंत श्रीनगर के लिए रवाना हो गए थे। यही नहीं, इससे पहले आतंकी हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने अपने घर पर आपात बैठक (PM Modi skips Pakistan airspace) बुलाई। इस बैठक में आईबी चीफ, गृह सचिव भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुए पहलगाम हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए और 17 लोग घायल बताये जा रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi #PMModi #PakistanAirspace #ModiInSaudi #IndiaPakistan #DiplomaticTensions #SaudiVisit2025 #ModiReturns #NoFlyZone #IndiaNews #BreakingNews

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Pakistan Behind Pahalgam Terror Attack Exposed

Pakistan behind Pahalgam attack: पहलगाम हमले के पीछे पाकिस्तान का ही हाथ, झूठ बोलकर बच नहीं सकता पाकिस्तान

मंगलवार दोपहर तकरीबन 2:45 बजे मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से जाने जानी वाली बैसरन घाटी में यह हमला हुआ। यह क्षेत्र जम्मू-कश्मीर के पहलगाम से करीब 6 किलोमीटर दूर है। यहाँ सिर्फ पैदल या फिर खच्चरों के माध्यम से जाया जा सकता है। जिस तरह से आतंकियों ने हमले को अंजाम दिया, उसे देखकर तो ऐसा लग रहा है कि हमले से पहले इलाके की रेकी की गई थी। जानकारी के मुताबिक आतंकियों ने एके-47 राइफलों से अंधाधुंध गोलीबारी की। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन ‘द रजिस्टेंट फ्रंट’ (टीआरएफ) ने ली। जानकारी के मुताबिक आतंकवादियों ने पर्यटकों को पहले नीच बिठाया और फिर सिर झुकाने को कहा। पर्यटकों के सिर झुकाने के बाद उनपर आतंकवादियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई जबकि 17 लोग घायल हो गए। इस हमले को कुल 4 आतंकवादियों ने अंजाम दिया है। इनमें से 2 आतंकियों का संबंध पाकिस्तान Pakistan behind Pahalgam attack हैं। खबरों की माने तो आतंकियों ने अपने शरीर पर बॉडी कैमरा भी लगा रखा था, ताकि पर्यटकों को मारते हुए वो वीडियो बना सकें। रिपोर्ट्स के अनुसार आतंकियों ने एके47 से लगातार फायरिंग की। उनमें से दो आतंकी पश्तो भाषा में बात कर रहे थे। जो पाकिस्तानी आतंकी थे और 2 स्थानीय (आदिल और आसिफ) हैं। ये दोनों स्थानीय आतंकी बिजभेरा और त्राल के हैं।  पहलगाम में हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों ने पहले से ही इलाके की कर रखी (Pakistan behind Pahalgam attack) थी रेकी  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद डरे पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने झूठ बोलते हुए कहा कि “पाकिस्तान का पहलगाम हमले में कोई लेना देना नहीं है।” उल्टा भारत पर आरोप लगाते हुए आसिफ ने कहा कि “इस हमले के पीछे भारत के ही लोग (Pakistan behind Pahalgam attack) शामिल हैं।” पाकिस्तान चाहे कितना ही झूठ क्यों न बोले, लेकिन सच यही है कि पहलगाम में टूरिस्टों पर गोलियां बरसाने वाले आतंकियों में से 2 पाकिस्तान से ही आए थे। पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड भी पाकिस्तानी सैफुल्लाह कसूरी है। इसके बाद अब जो खबर आ रही है कि उसमें कहा जा रहा है कि पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने में 4 टेररिस्ट शामिल थे। जिसमें से 2 पाकिस्तान से आए थे। आतंकियों ने टूरिस्टों पर गोलियां बरसाने वाले विभत्स कृत्य को कैमरे में कैद किया है। और इसे बतौर हमले के सबूत ले गए हैं। संभवतः ये वीडियो पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आका ऑनलाइन लीक भी कर सकते हैं। खबरों की माने तो पहलगाम में हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों ने पहले से ही इलाके की रेकी कर रखी थी। आसिफ को शायद ये पता नहीं है कि पहलगाम आतंकी हमले का कनेक्शन पाकिस्तान की ओर ही जा रहा है। ध्यान देने वाली बात यह कि हमले के एक दिन बाद ही सीमापार से आतंकियों ने बारामूला में घुसपैठ की कोशिश की है। जिसमे से दो आतंकियों को मार गिराया गया है।  इसे भी पढ़ें:- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी ने की अमित शाह से बात, उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का ऐलान  पहलगाम आतंकवादी हमला बहुत-सोच समझकर और साजिश के तहत किया गया (Pakistan behind Pahalgam attack) है कहने की जरूरत नहीं, इस कायराना हमले के बाद देश भर के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। लोग सड़कों पर उतारकर हत्याकांड के गुनहगारों और मास्टरमाइंड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस बार आतंकियों ने ऐसे लोगों को निशाना बनाया जो पूरी तरह से निर्दोष थे। उनका कसूर मात्र इतना ही था कि वे हिंदू थे। आतंकियों ने लोगों का नाम और पहचान पूछकर उन्हें गोली मारी। यह हमला 2019 में पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद सबसे बड़ा हमला है। खैर, विशेषज्ञ इसे संयोग नहीं मान रहे। उनका मानना है कि पहलगाम आतंकवादी हमला बहुत-सोच समझकर और साजिश के तहत किया गया (Pakistan behind Pahalgam attack) है। इसके लिए विशेषज्ञ कुछ दिनों पहले पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के भाषण का भी जिक्र कर रहे हैं। बता दें कि भारत और हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए आसिम ने कहा था कि पाकिस्तान की आने वाली पीढ़ियों को यह बताना होगा कि हिंदू और मुसलमान अलग हैं। हम हिंदुओं से अलग है। दोनों का खान-पान, रहन-सहन, धार्मिक रीति-रिवाज सबकुछ अलग है। इसी वजह से द्वि-राष्ट्र सिद्धांत बना। हम दो मुल्क हैं।” इस दौरान मुनीर ने कश्मीर का भी राग अलापते हुए कहा कि “कश्मीर पाकिस्तान के गले की नस है।” Latest News in Hindi Today Hindi Pakistan behind Pahalgam attack #PahalgamAttack #PakistanExposed #KashmirTerror #IndiaSecurity #PakistanLies #JKViolence #TerrorAlert #PahalgamNews #IndiaFightsTerror #PakTerrorLinks

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Kashmiri Syed Dies Saving Tourists from Terrorist Attack

आतंकियों से अकेला भिड़ गया कश्मीरी सैयद, अपनी जान देकर बचा ली कई पर्यटकों की जान

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) को जब आतंकवादी पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर अंजाम दे रहे थे, तब इस कायरतापूर्ण हमले को सैयद हुसैन शाह सहन नहीं कर पाया और आतंकियों से भिड़ गया। वह इस कायराना हमले को सहन करता भी कैसे, वह तो कश्मीरी था और कश्मीरी मेहमाननवाजी की परंपरा को देखते-सुनते बढ़ा हुआ था। इसलिए निहत्था सैयद अकेले ही उन अतंकियों को रोकने की कोशिश करता रहा और इस कोशिश में उसे अपनी जान भी गवानी पड़ गई। लेकिन उसने कई जानें बचा ली। बता दें कि सैयद हुसैन शाह पहलगाम के अशमुकाम गांव का रहने वाला था और वह बैसरन घाटी में आने वाले पर्यटकों को अपने घोड़े से सैर कराता था। जब पहलगाम में आतंकी हमला (Pahalgam Terror Attack) हुआ तब भी सैयद अपने घोड़े से पर्यटकों को घुमाने ले गया था। इस हमले में बाल-बाल बचे पर्यटकों ने बताया कि जब आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों को मारना शुरू किया तो सैयद वहीं मौजूद था। सैयद ने पहले पर्यटकों को बचाने की कोशिश की और फिर आतंकियों को रोकने में जुट गया।  सैयद हुसैन ने अपनी बहादुरी से बचा ली कई पर्यटकों की जान  प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सैयद अकेले ही आतंकियों के पास पहुंच गया और उन्हें रोकते हुए कहा कि वह इन मासूमों के साथ ऐसा न करें। यह सभी हमारे मेहमान हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता कि ये हिन्दू हैं या मुस्लिम (Pahalgam Terror Attack)। लेकिन आतंकियों ने उसकी नहीं सुनी और उसे धक्का देकर पीटने लगे। बताया जा रहा है कि सैयद हुसैन भी आतंकियों से भिड़ गया और उनकी राइफल छीनने लगा। इसी दौरान एक आतंकी ने सैयद पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसे भी पढ़ें:- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी ने की अमित शाह से बात, उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का ऐलान  आतंकी मजहब पूछकर हत्या कर रहे थे सैयद के इस बहादुरी और आतंकियों के साथ भिड़त से वहां मौजूद पर्यटकों को भागकर जान बचाने का मौका मिल गया। आतंकी जब तक पर्यटकों पर फिर से गोलीबारी करते तब तक पर्यटक बहुत दूर जा चुके थे। सैयद के एक साथी बिलाल ने बताया कि आतंकी मजहब पूछ कर हत्या कर रहे थे।  अगर सैयद चाहता तो वह बच सकता था, लेकिन उसने आतंकियों के साथ बहादुरी से मुकाबला करने की कोशिश की। उसकी वजह से ही दर्जनों लोगों की जान बच सकी। अगर सैयद न होता तो वहां मौजूद सभी पर्यटक मारे जाते। सैयद के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम करने के बाद देर रात सुपुर्दे खाक कर दिया गया।  Latest News in Hindi Today Hindi News Pahalgam Terror Attack #KashmirHero #BraveSyed #TerroristAttack #KashmirNews #TouristSafety #MartyrSyed #KashmirUpdates #HeroicAct #TerrorismInKashmir #RealLifeHero

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Omar Abdullah compensation

Omar Abdullah compensation: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी ने की अमित शाह से बात, उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का ऐलान

मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में दिन दहाड़े हुए आतंकी हमले में 27 लोगों की मौत हो (Omar Abdullah compensation) गई। पहलगाम की बैसरन घाटी में यह हमला दोपहर 2.45 बजे हुआ था। इस हमले में 20 से अधिक लोग घायल हैं। पीड़ितों का कहना है कि “धर्म पूछ कर आतंकी गोली मार रहे थे। इसके साथ बोल रहे थे।” इसके साथ ही यह कह रहे थे कि जाकर मोदी को बता देना।” फायरिंग के बाद आतंकी भागने में कामयाब हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली है।  इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक पहलगाम अटैक में दो फॉरेन टेररिस्ट और दो लोकल आतंकी शामिल थे। इस बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष (एलओपी) राहुल गांधी ने पहलगाम आतंकी हमले पर गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली है। बता दें कि पुलवामा के बाद कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। राहुल गांधी ने की पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की (Omar Abdullah compensation) निंदा राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट कर बताया कि उन्होंने गृहमंत्री से बात कर पहलगाम आतंकी हमले (Omar Abdullah compensation) की जानकारी ली है। यही नहीं, राहुल गांधी ने अमित शाह के साथ-साथ जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला से भी बात की। साथ ही जम्मू कश्मीर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से भी बात कर घटना की स्थिति पर जानकारी ली। मंगलवार को राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि “आतंकवाद के खिलाफ पूरा देश एकजुट है और सरकार को इस केंद्रशासित प्रदेश में हालात सामान्य होने के खोखले दावे करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए।” राहुल गांधी ने कहा कि “इस ‘कायराना आतंकी हमले’ में पर्यटकों के मारे जाने और कई लोगों के घायल होने की ख़बर बेहद निंदनीय और दिल दहलाने वाली है। यही नहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह से बात करने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तारिक कर्रा से पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बारे में बात की। स्थिति पर अपडेट प्राप्त किया। पीड़ितों के परिवार न्याय और हमारे पूर्ण समर्थन के हकदार हैं।” इसे भी पढ़ें:- पहलगाम में आतंकियों ने लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को सीने-छाती और बाजू में मारी गोलियां, शादी की खुशियां बदल गईं मातम में सीएम उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने एक बयान जारी करते हुए मुआवजे (Omar Abdullah compensation) की दी जानकारी  इस बीच जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने एक बयान जारी करते हुए मुआवजे (Omar Abdullah compensation) की जानकारी दी है। उमर अब्दुल्ला के हवाले से सीएमऑफिस ने लिखा कि “पहलगाम में कल हुए घृणित आतंकवादी हमले से मैं बहुत स्तब्ध और व्यथित हूं। निर्दोष नागरिकों के खिलाफ इस बर्बर और मूर्खतापूर्ण क्रूरतापूर्ण कृत्य का हमारे समाज में कोई स्थान नहीं है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हम मारे गए लोगों के प्रति शोक व्यक्त करते हैं। कोई भी धनराशि प्रियजनों के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन समर्थन और एकजुटता के प्रतीक के रूप में, जम्मू-कश्मीर सरकार मृतकों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों के लिए 2 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों के लिए 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा करती है।” गौरतलब हो कि पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर पहुंचकर कश्मीर की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के कुछ ही घंटे बाद श्रीनगर पहुंचे और हवाई अड्डे से सीधे राजभवन पहुंचे। राजभवन पहुंचकर शाह ने सेना, सीआरपीएफ और पुलिस सहित सुरक्षा अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान वहाँ केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, और गुप्तचर ब्यूरो के निदेशक तपन डेका मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक पहलगाम हमले के बाद बॉर्डर और देश के महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। Latest News in Hindi Today Hindi News Omar Abdullah compensation #OmarAbdullah #PahalgamAttack #TerrorAttack #RahulGandhi #AmitShah #KashmirTerror #Compensation #JammuAndKashmir #IndianPolitics #SecurityConcerns

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Pahalgam terrorist attack

Pahalgam terrorist attack: पहलगाम आतंकी हमले पर मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने कही यह बात, बड़े एक्शन की तैयारी

पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले ने पूरी देश को झकझोर (Pahalgam terrorist attack) दिया है। मंगलवार को पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई जबकि 13 लोग घायल हो गए। आतंकी हमले में मारे गये लोगों में ज्यादातर पर्यटक थे। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला बताया जा रहा है। इस हमले का भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में कड़ा विरोध हो रहा है। यही नहीं इस  आतंकवादी हमले की मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने खुलकर कड़ी निंदा की है। बता दें मुताबिक मुस्लिम वर्ल्ड लीग के सेक्रेटरी शेख मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इसा ने इस हमले की कड़ी निंदा की। जम्मू-कश्मीर में हुए भयावह आतंकी हमले’की निंदा करते हुए निर्दोष लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। गौरतलब हो कि अब्दुलकरीम अल-इसा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र की सऊदी यात्रा के दौरान जेद्दा में नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। विदेश मंत्रालय ने जारी अपने बयान में कहा कि “प्रधानमंत्री ने जुलाई 2023 में नई दिल्ली में महासचिव के साथ अपनी बैठक को याद किया। उन्होंने सहिष्णु मूल्यों को बढ़ावा देने, संयम की वकालत करने और सामाजिक सामंजस्य और सद्भाव को आगे बढ़ाने में मुस्लिम वर्ल्ड लीग की भूमिका की सराहना की।” पीएम मोदी ने आतंकवाद, हिंसा और उग्रवाद के खिलाफ मुस्लिम वर्ल्ड लीग के रुख की (Pahalgam terrorist attack) की सराहना  प्राप्त जानकारी के मुताबिक विदेश मंत्रालय (एमईए) के बयान के मुताबिक बैठक के दौरान पीएम मोदी ने सहिष्णु मूल्यों को बढ़ावा देने, संयम की वकालत करने और सामाजिक सामंजस्य और सद्भाव को आगे बढ़ाने में मुस्लिम वर्ल्ड लीग की भूमिका की सराहना की है। मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद, हिंसा और उग्रवाद के खिलाफ मुस्लिम वर्ल्ड लीग के रुख की सराहना (Pahalgam terrorist attack) की। बता दें कि बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।  इसे भी पढ़ें:- पहलगाम में आतंकियों ने लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को सीने-छाती और बाजू में मारी गोलियां, शादी की खुशियां बदल गईं मातम में देश के गृह मंत्री अमित शाह आज पहलगाम जाएंगे (Pahalgam terrorist attack)  बता दें कि हमले के बाद पीएम मोदी अपना सऊदी दौरा बीच में छोड़ भारत आए हैं। कश्मीर के हालातों पर नजर बनाए हुए हैं। सऊदी अरब से दिल्ली वापस लौटते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी एक्शन मोड में आ गए हैं। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam terrorist attack) को लेकर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, एनएसए अजीत डोभाल और अन्य अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक में हिस्सा लिया। हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि यह बैठक एयरपोर्ट पर ही हुई। उन्होंने एयरपोर्ट पर अधिकारियों से इस हमले की ब्रीफिंग ली। यही नहीं, पीएम मोदी सुरक्षा मामलों पर होनेवाली कैबिनेट की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। देश के गृह मंत्री अमित शाह आज पहलगाम जाएंगे। गौर करने वाली बात यह कि गृह मंत्री अमित शाह, पर्यटकों पर हुए हमले के कुछ घंटे बाद श्रीनगर पहुंचे थे। Latest News in Hindi Today Hindi News Pahalgam terrorist attack #PahalgamAttack #TerrorismInKashmir #MuslimWorldLeague #IndiaSecurity #KashmirViolence #JammuAndKashmir #TerrorAlert #GlobalTerror #PeaceInKashmir #IndiaNews

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Lieutenant Vinay Narwal

Pahalgam terror attack: पहलगाम में आतंकियों ने लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को सीने-छाती और बाजू में मारी गोलियां, शादी की खुशियां बदल गईं मातम में

धरती की जन्नत कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर को नापाक आतंकियों ने जहन्नुम बना कर रखा दिया है। मंगलवार को एक बार फिर आतंकवादियों ने यहाँ की वादियों को दहला (Pahalgam terror attack) दिया है। आतंकियों ने पहलगाम से तकरीबन 85 किलोमीटर दूर बैसारण घाटी में 26 निर्दोष पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी। मरने वालों में दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इस हमले में करनाल के सेक्टर 7 के रहने वाले विनय नरवाल की मौत हई है। विनय नौसेना में विनय लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात थे। दो साल पहले ही वो नौसेना में भर्ती हुए थे। जानकारी के मुताबिक बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार के कुछ सदस्य श्रीनगर रवाना हो गए हैं। विनय के जाने से परिवार में मातम छा गया है और पूरा परिवार सदमे में हैं। ग्रामीणों ने कहा कि “आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि “अगर आतंकियों को छोड़ दिया गया तो इस तरह के हमले फिर से हो सकते हैं।” लोगों का कहना है कि “अभी शादी समारोह की खुमार उतरी भी नहीं थी कि यह अत्यंत दुखद घटना हो गई।”  परिवार में खुशियों का माहौल था कि अचानक खुशियां मातम में बदल (Pahalgam terror attack) गईं दरअसल, अभी कुछ ही दिन पहले विनय की शादी हुई थी। बता दें कि 16 अप्रैल को ही उनकी शादी हुई थी और 19 अप्रैल को रिसेप्शन हुआ था। गौरतलब हो कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कोच्चि में तैनात भारतीय नौसेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की उम्र 28 वर्ष के करीब थी। वो माता-पिता की इकलौती संतान थे। भूसली गांव के रहने वाले विनय शादी की छुट्टियां बीताने कश्मीर घाटी गए हुए थे। थे। करनाल के सेक्टर 7 में वह अपनी बहन और माता-पिता के साथ रहा करते थे। उनकी पत्नी का नाम हिमांशी है जो कि गुरुग्राम की रहने वाली हैं। विनय की शादी कुछ दिन पहले ही हुई थी और अभी परिवार में खुशियों का माहौल था कि अचानक खुशियां मातम में बदल (Pahalgam terror attack) गईं। गौर करने वाली बात यह कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत की यात्रा पर हैं और पर्यटन तथा ट्रैकिंग का सीजन जोर पकड़ रहा है। इसे भी पढ़ें:-  बेंगलुरु में वायुसेना अधिकारी दंपति से मारपीट, कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल इस भीषण एवं क्रूर आतंकी हमले में जिन 26 लोगों की जान गई (Pahalgam terror attack) हैं इस भीषण एवं क्रूर आतंकी हमले में जिन 26 लोगों की जान गई (Pahalgam terror attack) हैं। इस नरसंहार में दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। उनमें दो नागरिक यूएई से और दूसरा नेपाल से है। थी नहीं, मृतकों में दो स्थानीय निवासी भी शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि “मृतकों की संख्या का अभी पता लगाया जा रहा है। उन्होंने इस आतंकी हमले को ‘हाल के वर्षों में आम लोगों पर सबसे बड़ा हमला’बताया।” इस भीषण हमले के बाद देशभर में आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी।  Latest News in Hindi Today Hindi News  Pahalgam terror attack #PahalgamTerrorAttack #VinayNarwal #IndianArmy #JammuAndKashmir #ArmyMartyr #Terrorism #KashmirAttack #SaluteToHeroes #IndiaFightsTerror #NationFirst

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Shiladitya Bose case

Shiladitya Bose case: वायुसेना अधिकारी शिलादित्य बोस पर हुआ हत्या के प्रयास का केस दर्ज

बेंगलुरु में हुए मामूली रोडरेज विवाद में एक नया मोड़ सामने आया है। भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर शिलादित्य बोस पर पुलिस ने हत्या का प्रयास करने का मुकदमा दर्ज कर दिया है। गौरतलब हो कि पहले विंग कमांडर ने आरोप लगाया था कि उन पर एक कन्नड़ शख्स ने जानलेवा हमला (Shiladitya Bose case) किया था। उन्होंने बाकायदा एक वीडियो भी पोस्ट किया था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक रोडरेज से जुड़ी यह घटना बेंगलुरु के सीवी रमन नगर की है। जहां डीआरडीओ कॉलोनी से एयरफोर्स अधिकारी अपनी पत्नी स्क्वाड्रन लीडर मधुमिता बोस के साथ एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में विकास कुमार नामक बाइक सवार ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर सामने रोक दिया। और फिर कथित तौर पर कन्नड़ भाषा में गालियां देना शुरू कर दीं।  म डीआरडीओ से हो, यह कन्नड़ भूमि है, मैं तुम्हें देख (Shiladitya Bose case) लूंगा घटना के बाद विंग कमांडर बोस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि “उस व्यक्ति ने उनकी कार पर डीआरडीओ का स्टिकर देखकर कहा कि “तुम डीआरडीओ से हो, यह कन्नड़ भूमि है। मैं तुम्हें देख (Shiladitya Bose case) लूंगा।” इतना कहकर उसने विंग कमांडर के सिर पर कार की चाबी से हमला किया। इस हमले में बोस लहूलुहान हो गए। यही नहीं स्क्वाड्रन लीडर मधुमिता बोस, जो गाड़ी चला रही थीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि “बाइक सवार व्यक्ति तेजी से गाड़ी चला रहा था और लगभग उनकी कार से टकरा गया था। इसके बाद उस व्यक्ति ने गाड़ी के सामने अपनी बाइक रोक दी। और फिर दोनों को अनायास गालियां देने लगा।” आगे उन्होंने कहा कि “इस बीच जब उनके पति गाड़ी से बाहर निकले, तो उस व्यक्ति ने पत्थर से हमला किया और भीड़ भी मारपीट करने लगी।”  विंग कमांडर ने पहले बाइक सवार को धक्का दिया और फिर गुस्से में उसे मुक्का Shiladitya Bose case) जड़ दिया खैर, घटना के अगले दिन, एक सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ। जिसमें देखा गया कि विंग कमांडर बोस और बाइक सवार एक-दूसरे से मारपीट कर रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि विंग कमांडर ने पहले बाइक सवार को धक्का दिया और फिर गुस्से में मुक्का जड़ दिया। इससे वह जमीन पर गिर पड़ा।  फिर वह व्यक्ति भी उठकर बोस को लात मारते हुए (Shiladitya Bose case) दिखा। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला किया और यह एक रोडरेज का क्लासिक मामला है। जानकारी के मुताबिक घटना के कुछ घंटों बाद बाइक सवार विकास कुमार ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जिसके आधार पर विंग कमांडर शिलादित्य बोस के खिलाफ बीएनएस की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।  इसे भी पढ़ें:-  बेंगलुरु में वायुसेना अधिकारी दंपति से मारपीट, कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल यह मामला एक सामान्य सड़क विवाद है। जिसे गलत रूप से सोशल मीडिया पर जातीय रंग दिया गया (Shiladitya Bose case) है पूरे मामले पर पुलिस उपायुक्त (पूर्व) देवराज डी ने बताया कि “यह कतई ही कन्नड़ बनाम गैर-कन्नड़ का मामला नहीं है। बल्कि यह मामला एक सामान्य सड़क विवाद है। जिसे गलत रूप से सोशल मीडिया पर जातीय रंग दिया गया (Shiladitya Bose case) है। तो वहीं, बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर बी. दयानंद ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि “सोशल मीडिया पर कोई भी वीडियो डालने से पहले लोग पुलिस को जानकारी दें, ताकि एकतरफा बयानबाज़ी से बचा जा सके। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “दोनों पक्षों से पर्याप्त वीडियो फुटेज मिले हैं और पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी।” हालाँकि इस बीच उन्होंने यह भी साफ किया कि “जांच अभी भी शुरुआती फेज में है। आगे की कार्रवाई सबूतों पर आधारित होगी।”  Latest News in Hindi Today Hindi News Shiladitya Bose case #ShiladityaBose #IAFOfficer #AttemptToMurder #AirForceScandal #IndianAirForce #CrimeNews #BreakingNews #MilitaryNews #FIRFiled #LatestUpdate

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President's Rule in India

President’s Rule in India: क्या आप जानते हैं  किस राज्य में लगा था पहली बार राष्ट्रपति शासन और क्या होता है इस दौरान?

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुई हिंसा और बवाल के बीच प्रदेश में लगातार राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग (President’s Rule in India) उठ रही है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 356 यानी राष्ट्रपति शासन लगाने हेतु याचिका भी दायर की गई है, जिसकी आज सुनवाई होनी है। इस याचिका में याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया है कि वह केंद्र सरकार को संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत राज्यपाल से राज्य की स्थिति पर रिपोर्ट मांगने का निर्देश दे। खैर, उक्त याचिका पर आज सुनवाई होनी है। बता दें कि किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन भारतीय राजनीति के संघीय ढांचे को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि संकट के समय भी उस राज्य में शासन स्थिर रहे। भारतीय संविधान के भाग XVIII में अनुच्छेद 355 से 357, साथ ही भाग XIX में अनुच्छेद 365 राष्ट्रपति शासन से संबंधित हैं। भारतीय न्याय संहिता के मुताबिक आर्टिकल 355 के तहत संघ का कर्तव्य होता है कि वह किसी भी राज्य में बाहरी आक्रमण या आंतरिक अशांति की स्थिति में सुरक्षा का काम करे।  इस सूरत में लगता है राष्ट्रपति शासन (President’s Rule in India) और इसके लगते ही राज्य का प्रशासन चला जाता है राज्यपाल के हाथों में  जानकारों की माने तो संविधान का अनुच्‍छेद-356 (President’s Rule in India) केंद्र सरकार को किसी भी राज्य सरकार को हटाकर प्रदेश का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का अधिकार देता है। किसी भी राज्य में संवैधानिक तंत्र नाकाम होने अथवा रुकावट पैदा होने पर राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। हालांकि इसके दो आधार हैं। पहला, जब कोई राज्‍य सरकार संविधान के मुताबिक शासन चलाने में सक्षम ना हो और दूसरा तब, जब राज्य सरकार केंद्र सरकार के निर्देशों को लागू करने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई हो। ऐसे में उस राज्य में राष्‍ट्रपति शासन लागू होने के बाद राज्य की सभी शक्तियां राष्‍ट्रपति के पास चली जाती हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि राष्ट्रपति शासन लगने के बाद के बाद राज्य के मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट को तुरंत अपना पद छोड़ना पड़ता है यानी राज्य सरकार की महत्ता खत्म हो जाती है। राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राज्य में कोई भी प्रशासनिक फैसला सरकार या सरकार का कोई मंत्री अथवा मुख्यमंत्री नहीं ले सकता। ऐसी सूरत में राज्य का प्रशासन राज्यपाल के हाथों में चला जाता है। इस दौरान राज्यपाल को यह सुनिश्चित करना होता है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनी रहे और प्रशासन सुचारू रूप से चले। राज्य के सभी अधिकारी और कर्मचारी भी राज्यपाल और केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार काम करते हैं। इतना ही नहीं सभी योजनाओं और कार्यक्रमों को भी केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद लागू किया जाता है। इसे भी पढ़ें:–  महाराष्ट्र के अकोला में इस वजह से लोग ‘नीले ड्रमों’ में लगा रहें हैं ताला, युवाओं की नहीं हो रही शादियां 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल अबतक 134 बार लग चुका है (President’s Rule in India) राष्ट्रपति शासन बता दें कि साल 1950 में संविधान लागू हुआ था। और संविधान लागू होने के करीब 17 महीने बाद राष्ट्रपति शासन का पहली बार प्रयोग 20 जून 1951 को पंजाब सरकार के खिलाफ हुआ था। इसके साथ ही देश में पहली बार पंजाब में राष्ट्रपति शासन (President’s Rule in India) लगाया गया था। वर्तमान में मणिपुर में सीएम बीरेन सिंह के इस्तीफा देने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू लगाया गया है। आकड़ों की माने तो अबतक देश के कुल 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 134 बार राष्ट्रपति शासन लगाया जा चुका है। आपको जानकर हैरानी होगी कि देश में सबसे अधिक बार राष्ट्रपति शासन मणिपुर में लगाया गया है। मणिपुर में अबतक 11 बार राष्ट्रपति शासन लगा है। दूसरा नंबर है यूपी का, जहां 10 बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news President’s Rule in India #PresidentsRule #Article356 #IndianConstitution #EmergencyRule #GovernanceIndia #StatePolitics #IndianPolitics #FirstPresidentsRule #LegalProvisions #PoliticalCrisis

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JD Vance Receives Royal Welcome in Rajasthan Visit

JD Vance Rajasthan visit: राजस्थान का शाही वेलकम देख गदगद हुए जेडी वेंस, हाथियों ने दी सलामी

अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस चार दिन की भारत यात्रा पर हैं। इस बीच उप राष्ट्रपति अपनी पत्नी और बच्चों के साथ जयपुर (JD Vance Rajasthan visit) पहुंचे हैं। एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्हें रेड कारपेट पर ले जाया गया। उनका राजस्थानी परंपरा से अभिनंदन किया। वे सीधे रामबाग पैलेस होटल गए, जहां उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया और रात्रि विश्राम किया। इस दौरान उनकी राजस्थान में अद्भुत आमेर किला और यूपी में ताजमहल देखने की भी योजना है। मंगलवार यानी आज सुबह वह परिवार के साथ राजस्थान स्थित आमेर किला देखने पहुंचे। ध्यान देने योग्य बात यह कि यहां राजस्थान का शाही वेलकम देखकर जेडी वेंस और उनका परिवार गदगद हो गया है। बता दें कि अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस आज पत्नी ऊषा वेंस और दो बच्चों के साथ राजस्थान दौरे पर जयपुर पहुंचे। यहां उन्होंने आमेर के किले की भव्यता देखी और साथ ही राजस्थानी कला और संस्कृति से भी परिचित हुए। इस दौरान उन्होंने खुली जीप से आमेर के अद्भुत किले का नजारा देखा। यहां शाही वेलकम देखकर वह बेहद खुश हुए। सूरजपोल पर हथिनी पुष्पा और चंदा ने अमेरिकी मेहमानों का अपने अंदाज में स्वागत किया। किले में उनका रेड कार्पेट वेलकम किया गया। इसके बाद विदेशी मेहमान किले के अंदर गए और यहां की भव्यता देख प्रसन्न हो गए। किले की बनावट और नक्काशी देखकर वे बहुत (JD Vance Rajasthan visit) हुए प्रसन्न  बता दें कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने आमेर के अद्भुत किले का मुआइना किया और उसका इतिहास (JD Vance Rajasthan visit) भी जाना। किले की बनावट और नक्काशी देखकर वे बहुत प्रसन्न हुए। वेंस और उनके परिवार ने किले कई तस्वीरें भी खिंचवाई। इसके साथ ही मोबाइल में सेल्फी भी ली। फिर वह खुली जीप में आमेर के किले में घूमे। सुरक्षा की दृष्टि से किले को आम सैलानयों के लिए बंद रखा गया था। यही नहीं, इस दौरान वेंस के बच्चे भी किले में दौड़ते-खेलते नजर आए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने किले में राजस्थानी संस्कृति की झलक भी देखी। महल चौक में क्षेत्रीय कलाकारों ने राजस्थानी नृत्य भी प्रस्तुत किया, जिसे देखकर विदेशी मेहमान मंत्रमुग्ध हो गए। गौर करनेवाली बात यह कि वेंस ने राजस्थान की अद्भुत कला, संस्कृति और ऐतिहासिक भव्यता की जमकर तारीफ भी की। इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? जयपुर के रामनिवास बाग में स्थित अल्बर्ट हॉल को गोल्डन लाइट से सजाया (JD Vance Rajasthan visit) गया है अमरीकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस परिवार के साथ मंगलवार को सुबह पत्नी उषा वेंस और दो बच्चों के साथ आमेर का किला देखने (JD Vance Rajasthan visit) पहुंचे। जानकारी के मुताबिक इससे पहले उन्होंने सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की थी। इस दौरान पीएम ने वेंस के बच्चों को गिफ्ट भी दिया था। बता दें कि जेडी वेंस के स्वागत में पिंक सिटी जयपुर की इमारतों को सजाया गया है। शहर में जगह जगह वेंस के स्वागत में पोस्टर लगाए गए हैं। यही नहीं, जयपुर के रामनिवास बाग में स्थित अल्बर्ट हॉल को गोल्डन लाइट से सजाया गया है। और तो और उनके जयपुर आने से पहले ही शहर के मुख्य मार्गों पर उनके स्वागत के पोस्टर लगाए गए हैं। गौरतलब हो कि फ्रांस के राष्ट्रपति आए थे, तब भी उनके स्वागत में ऐसे पोस्टर लगाए गए थे।रात्रि के समय यह इमारत जगमग ही रहती है, लेकिन जेडी वेंस के दौरे के तहत इसे विशेष रूप से सजाया गया है। योजना यह भी है कि जेडी वेंस परकोटे में स्थित कई दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करेंगे।   Latest News in Hindi Today Hindi news JD Vance Rajasthan visit #JDVance #RajasthanVisit #RoyalWelcome #IndiaTour #ElephantSalute #USSenator #JaipurVisit #CulturalIndia #IndianHospitality #JDVanceIndia

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brutal crime in India

Man kills wife: 60 वर्षीय बुजुर्ग ने तेज धारदार हथियार से किया पत्नी का सिर तन से जुदा, कटा सिर लिए थाने पहुंचकर कही यह बात

असम के चिरांग जिले में दिल दहला देने वाला मामला प्रकाश में आया है। इस घटना ने आमजन से लेकर पुलिस तक को हैरत में डाल दिया है। दरअसल, शनिवार शाम 60 वर्षीय बुजुर्ग बितीश हाजोंग नाम का व्यक्ति अपनी पत्नी का कटा हुआ सिर लेकर थाने जा (Man kills wife) पहुंचा। वह बल्लामगुड़ी पुलिस स्टेशन में सरेंडर करने आया था और उसके हाथ में महिला का सिर एक साइकिल की टोकरी में रखा हुआ था। उसने खुद पुलिस को बताया कि “उसने अपनी पत्नी की हत्या की है और वह सरेंडर करने आया है।” पुलिस चौकी जाकर उसने कहा कि “ये मेरे गुनाह का सबूत है।” इतना सुनते ही पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। और साथ ही हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है। कथित तौर पर उसने अपनी बेटियों के सामने ही बहस के दौरान अपनी पचास वर्षीय पत्नी बैजयंती हाजोंग पत्नी का सिर कुल्हाड़ी से काट दिया। और फिर उसका कटा हुआ सिर लेकर बल्लामगुड़ी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया परिवार के सदस्यों के मुताबिक बितीश हाजोंग बड़ा गुस्सैल था। उसे गुस्सा जल्दी आता था। अक्सर वो अपनी पत्नी को सताया करता था। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उस दिन भी वे किसी बात पर बहस कर रहे थे। तभी उसने अचानक एक कुल्हाड़ी ली और बैजयंती का सिर धड़ से अलग कर दिया। और कटा हुआ सिर लेकर सीधे पुलिस स्टेशन जाकर सरेंडर कर दिया।  हत्या के पीछे का मकसद अभी तक साफ नहीं हो (Man kills wife) पाया है इस पूरे मामले पर पुलिस ने बताया कि ” पिछले कुछ समय से आरोपी और उसकी पत्नी के बीच अनबन चल रही थी। आए दिन दोनों छोटी-छोटी बातों पर लड़ा करते थे। रोज-रोज की कहासुनी से तंग आकर बितीश हाजोंग ने क्रोधवश अपनी पत्नी सिर धड़ से अलग कर दिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। साथ ही हत्या के पीछे की असली वजह जानने की कोशिश में लगी है। पुलिस के मुताबिक महिला के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। और सभी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। तो वहीं इस मामले पर चिरांग के एसपी अक्षत गर्ग ने कहा कि “आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हम उससे पूछताछ कर रहे हैं। फिलहाल हत्या के पीछे का मकसद अभी तक साफ नहीं हो (Man kills wife) पाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक जांच अधिकारी ने कहा कि “हम मामले की जांच कर रहे हैं। दो चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जाएंगे।” इसे भी पढ़ें:- बेंगलुरु में वायुसेना अधिकारी दंपति से मारपीट, कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल खौफनाक मंज़र को देख पुलिसकर्मियों के भी (Man kills wife) उड़ गए होश  खबर है कि बितीश हाजोंग ने घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी की धारदार हथियार से निर्दयता से हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने पत्नी का सिर धड़ से अलग किया और बिना किसी खौफ के पुलिस स्टेशन पहुंच गया। इस खौफनाक मंज़र को देख पुलिसकर्मियों के भी होश (Man kills wife) उड़ गए। कहने की जरूरत नहीं, पिछले कई दिनों से पति द्वारा पत्नी की और पत्नी द्वारा पति के हत्या की ख़बरों की बाढ़ सी आ गई है। Latest News in Hindi Today Hindi News Man kills wife #ShockingCrime #HusbandKillsWife #BrutalMurder #IndianCrimeNews #ViralNews #DisturbingIncident #CrimeAlert #UPCrime #MurderConfession #PoliceShocker

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