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Hindi Language Dispute

Hindi language dispute: हिंदी भाषा विवाद को लेकर राज ठाकरे के घर अहम बैठक, नई शिक्षा नीति पर होगी चर्चा

नई शिक्षा नीति के तहत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा स्कूलो में कक्षा 1 से कक्षा 5 तक हिंदी पढ़ाए जाने के ऐलान के बाद महाराष्ट्र में हिंदी भाषा का विवाद पुनः गर्माता जा रहा है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे ने इसका खुलकर विरोध किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “वह हिंदू हैं लेकिन हिंदी स्वीकार नहीं हैं।’ खबर है कि इससे जुड़े मुद्दों पर राज ठाकरे के घर आज (Hindi language dispute) पार्टी के नेता चर्चा करने वाले हैं। खबर के मुताबिक राज ठाकरे ने एमएनएस के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई है। शुक्रवार सुबह 11 बजे राज ठाकरे के घर शिवतीर्थ पर ये बैठक होगी। इस बैठक पर में महाराष्ट्र में लागू किए गए नई शिक्षा नीति के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। कहा जा रहा है कि हिंदी विरोध के मुद्दे पर जनता के बीच कैसे जाएं? कैसे मराठी लोगों और मराठी संगठनों को इस मुद्दे के साथ जोड़ा जाए? इन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बता दें कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन के बाद, 2025-26 शैक्षणिक वर्ष से मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए हिंदी अनिवार्य तीसरी भाषा होगी। इसको लेकर तमिलनाडु के बाद अब महाराष्ट्र में विरोध होने लगा है। स्कुलों में पहली कक्षा से हिंदी पढ़ाने का विरोध कर (Hindi language dispute) रहे हैं राज ठाकरे  दरअसल, मनसे प्रमुख राज ठाकरे स्कुलों में पहली कक्षा से हिंदी पढ़ाने का विरोध कर (Hindi language dispute) रहे हैं। राज ठाकरे का कहना है की “हम हिंदू हैं, लेकिन हिंदी नहीं। सरकार अगर फैसले को पीछे नहीं लेती है, तो संघर्ष अटल है।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक गुरुवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “हम हिंदू हैं, लेकिन हिंदी नहीं! अगर आप महाराष्ट्र को हिंदी के रूप में चित्रित करने की कोशिश करेंगे, तो महाराष्ट्र में संघर्ष होना तय है। अगर आप यह सब देखेंगे, तो आपको लगेगा कि सरकार जानबूझकर यह संघर्ष पैदा कर रही है। क्या यह सब आगामी चुनावों में मराठी और गैर-मराठी लोगों के बीच संघर्ष पैदा करने और इसका फायदा उठाने की कोशिश है?’ हालाँकि इस बीच राज ने यह भी कहा कि “हिंदी राष्ट्रीय भाषा नहीं है, फिर इसे महाराष्ट्र में छात्रों को शुरू से ही क्यों पढ़ाया जाना चाहिए।” ठाकरे ने एक्स पर लिखा कि “आपका त्रिभाषी फॉर्मूला जो भी हो, उसे सरकारी मामलों तक सीमित रखें, शिक्षा में न लाएं।” इसे भी पढ़ें:–  महाराष्ट्र में कक्षा 5वीं तक हिंदी अनिवार्य किए जाने पर आग बबूला हुए राज ठाकरे ने कहा, “यह बर्दाश्त नहीं” राज्य सरकार के फरमान के बाद सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक तीसरी भाषा के रूप में हिंदी पढ़ना (Hindi language dispute) होगा अनिवार्य  गौरतलब हो कि पिछले दिनों दक्षिण भारत के तमिलनाडु में हिंदी को लेकर विवाद हुआ था। अब महाराष्ट्र भी इसकी जद में आ गया (Hindi language dispute) है। राज्य सरकार के फरमान के बाद सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक तीसरी भाषा के रूप में हिंदी पढ़ना अनिवार्य होगा। आदतन राज्य सरकार के इस फैसले का राज ठाकरे ने विरोध किया है। ठाकरे ने अपने एक बयान में कहा है कि “मैं स्पष्ट शब्दों में कहता हूं कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना इस अनिवार्यता को बर्दाश्त नहीं करेगी।”  इस बीच राज ने आरोप लगाया कि “यह कदम महाराष्ट्र की संस्कृति और भाषा को कमजोर करने का प्रयास है। महाराष्ट्र की एक पहचान है और हम मराठी भाषा के सम्मान की रक्षा करेंगे।” अहम बात यह कि राज ठाकरे की यह नाराजगी ऐसे वक्त पर सामने आई है जब फडणवीस सरकार के फैसले सफाई दे चुके हैं। बता दें कि इससे पहले उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज ठाकरे से मुलाकात की थी। ऐसे में देखना दिलचस्प यह कि हिंदी विरोध का यह मामला किस ओर करवट लेता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Hindi language dispute #HindiLanguageDispute #RajThackeray #NEP2020 #LanguagePolitics #MaharashtraNews #MarathiVsHindi #HindiImposition #EducationPolicyIndia #PoliticalDebate #LanguageRow

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Mumbai Indians Crush Sunriser

Mumbai Indians big win: एकतरफा मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी दी शिकस्त

18 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025का 33वां मुकाबला मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को 4 विकेट से करारी (Mumbai Indians big win) शिकस्त दी। दरअसल, मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इस तरह पहले बल्लेबाजी करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही। उसके सभी बल्लेबाज फ्लॉप साबित हुए। टीम की तरफ से कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं जड़ सका। हैदराबाद की ओर से अभिषेक शर्मा ने सबसे ज्यादा 40 रन बनाए। लड़खड़ाती बल्लेबाजी की बदौलत हैदराबाद महज 162 रन ही बना पाई। विल जैक्स ने मुंबई के लिए सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए। इसके अलावा टीम के लिए जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट और कप्तान हार्दिक पांड्या ने 1-1 विकेट झटके। तो वहीं दीपक चाहर मुंबई इंडियंस के लिए सबसे महंगे साबित हुए, उन्होंने 4 ओवर में 11.80 की इकोनॉमी के साथ 47 रन लुटाए। इस जीत में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों ने (Mumbai Indians big win) निभाई अहम भूमिका 162 रन का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियन की टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए पारी की शुरुआत की। मुंबई इंडियंस ने इस स्कोर को 18.1 ओवर में हासिल कर लिया। मुंबई ने 4 विकेट रहते आसानी से मुकाबले को अपने नाम कर लिया। मुंबई की इस जीत के सबसे बड़े हीरो विल जैक्स रहे। उन्होंने सबसे अधिक 36 रन बनाए। इसके अलावा सूर्यकुमार यादव ने 26 तो रियान रिकल्टन ने 31 रन का योगदान दिया। हैदराबाद के लिए सबस अधिक 3 विकेट कप्तान पैट कमिंस ने लिए। उन्होंने पहले रोहित शर्मा को 26 रन के स्कोर पर पवेलियन का रास्ता दिखाया फिर इसके बाद सूर्यकुमार यादव और विल जैक्स को चलता किया। इसके अलावा ईशान मलिंगा ने अंत में हार्दिक पांड्या और नमन धीर को आउट किया। कहने की जरूरत नहीं इस जीत में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों ने (Mumbai Indians big win) अहम भूमिका निभाई। इसे भी पढ़ें:- आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स को केकेआर से मिली करारी शिकस्त मुंबई इंडियंस ने 11 गेंद शेष रहते ही जीत (Mumbai Indians big win) लिया मुकाबल  सनराइजर्स हैदराबाद की हार की सबसे बड़ी वजह उनकी बल्लेबाजी रही। हैदराबाद की टीम अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती है। कारण यही जो फैंस को वानखेड़े में एक बड़े स्कोर की उम्मीद थी। लेकिन मुंबई इंडियंस ने हैदराबाद के फैंस की इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया और 11 गेंद शेष रहते ही मुकाबल जीत (Mumbai Indians big win) लिया। इसके साथ ही मुंबई को 7 मैच में तीसरी जीत मिली, जबकि सनराइजर्स की सात मैचों यह पांचवी हार है। इसके अलावा बता दें कि आईपीएल में मुंबई इंडियंस के धाकड़ बल्लेबाज़ रोहित शर्मा ने अपना दबदबा साबित करते हुए एक और शानदार रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई में खेले गए मुकाबले में रोहित ने इतिहास रच दिया। दरअसल, मैच के दौरान जब रोहित ने मोहम्मद शमी की गेंद को डीप थर्ड मैन के ऊपर से शानदार छक्का जड़ा। इस छक्के के साथ ही उन्होंने वानखेड़े स्टेडियम पर अपने 100वें छक्के का आंकड़ा भी पार कर लिया।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Mumbai Indians big win #MumbaiIndians #MIvsSRH #IPL2025 #CricketHighlights #MIWin #SRHvsMI #IPLT20 #CricketNews #OneSidedMatch #MumbaiIndiansVictory

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Hindi compulsory in Maharashtra

Raj Thackeray Slams Hindi Rule: महाराष्ट्र में कक्षा 5वीं तक हिंदी अनिवार्य किए जाने पर आग बबूला हुए राज ठाकरे ने कहा, “यह बर्दाश्त नहीं”

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार ने महाराष्ट्र में कक्षा 5वीं तक हिंदी पढ़ने को अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, महाराष्ट्र के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक तीसरी भाषा के रूप में हिंदी पढ़ना अनिवार्य होगा। जैसे कि इस आदेश के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे की प्रक्रिया अपेक्षित थी। और आई भी। राज्य सरकार के इस फैसले का महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कड़ा विरोध (Raj Thackeray Slams Hindi Rule) किया है। एक बयान जारी करते हुए राज ने कहा कि “मैं स्पष्ट शब्दों में कहता हूं कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना इस अनिवार्यता को बर्दाश्त नहीं करेगी।” इस मुद्दे पर अपनी चिंता और नाराजगी व्यक्त करते हुए, राज ठाकरे ने ट्वीट किया कि महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदी को अनिवार्य बनाना हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। केंद्र सरकार की ये कोशिशें महाराष्ट्र में हिंदी को थोपने की हैं, जो पूरी तरह गलत है। हिंदी राष्ट्रीय भाषा नहीं, बल्कि एक राज्य भाषा है, जैसे अन्य भाषाएं हैं। इसे शुरू से ही महाराष्ट्र में क्यों पढ़ाया जाना चाहिए? आपका जो भी त्रिभाषी फॉर्मूला है, उसे सरकारी मामलों तक सीमित रखें, शिक्षा में न लाएं।” वे आपको भड़काकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना (Raj Thackeray Slams Hindi Rule) चाहते हैं राज ठाकरे ने कहा कि “हम हिंदू हैं, लेकिन हिंदी नहीं, अगर आप महाराष्ट्र को हिंदी के रंग में रंगने की कोशिश करेंगे, तो महाराष्ट्र में संघर्ष होना तय है। अगर आप यह सब देखेंगे, तो आपको लगेगा कि सरकार जानबूझकर यह संघर्ष पैदा कर रही है। क्या यह सब आने वाले चुनावों में मराठी और गैर-मराठी के बीच संघर्ष पैदा करने और उसका फायदा उठाने की कोशिश है? इस राज्य के गैर-मराठी भाषी लोगों को भी सरकार की इस योजना को समझना चाहिए। ऐसा नहीं है कि उन्हें आपकी भाषा से कोई खास प्यार है। वे आपको भड़काकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना (Raj Thackeray Slams Hindi Rule) चाहते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि “भारतीय संविधान में भाषा के आधार पर राज्यों का गठन किया गया है और अब इस पर हमला किया जा रहा है।” राज ने आरोप लगाते हुए कहा कि “यह कदम महाराष्ट्र की संस्कृति और भाषा को कमजोर करने का प्रयास है। महाराष्ट्र की एक पहचान है और हम मराठी भाषा के सम्मान की रक्षा करेंगे।” इसे भी पढ़ें:–  दिग्विजय सिंह का कबूलनामा, बाबरी मस्जिद शहीद होने पर हमने करवाए दंगे? क्या किसी दक्षिणी राज्य में भी हिंदी को अनिवार्य (Raj Thackeray Slams Hindi Rule) किया जाएगा? इसके अलावा राज ठाकरे ने सरकार पर निशाना साधते (Raj Thackeray Slams Hindi Rule) हुए कहा कि “जब राज्य की आर्थिक हालत खस्ता है, युवा बेरोजगार हैं और किसानों के कर्ज माफी का वादा पूरा नहीं हुआ, तो सरकार इस मुद्दे को उछाल कर चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही है।” खैर, इस बीच उन्होंने यह भी पूछा कि “क्या किसी दक्षिणी राज्य में भी हिंदी को अनिवार्य किया जाएगा?अगर ऐसा होता, तो वहां की सरकारें इसका विरोध करतीं।” यही नहीं इस दौरान मनसे प्रमुख ने मुख्यमंत्री और अन्य सत्ताधारी नेताओं से अपील की कि “वे इस फैसले को वापस लें और महाराष्ट्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान करें।” बता दें कि इसके साथ ही, उन्होंने मराठी बोलने वाले सभी लोगों से इस मुद्दे के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाने की अपील भी की। Latest News in Hindi Today Hindi news  #RajThackeray #HindiRule #MaharashtraNews #LanguageDebate #HindiControversy #MNSNews #MarathiVsHindi #SchoolPolicy #EducationNews #BreakingNews

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Digvijaya Singh's Confession on Babri Masjid Riots

Digvijaya Singh confession: दिग्विजय सिंह का कबूलनामा, बाबरी मस्जिद शहीद होने पर हमने करवाए दंगे?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अक्सर अपने बड़बोलेपन की वजह से सुर्ख़ियों में बने रहते हैं। चाहे वो 9/11 के आतंकी ओसामा को ओसामाजी कहना हो या फिर 26/11 मुंबई हमलों का मुख्य आरोपी हाफिज सईद की हाफिज साहब कहना हो। इस बार तो दिग्विजय ने एक ऐसा बयान दे दिया (Digvijaya Singh confession) है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल इस वीडियो में वो यह कहते सुने जा सकते हैं कि “बाबरी मस्जिद शहीद हुई तब हमने हिन्दू मुसलमानों को जोड़कर दंगा फसाद होने में पूरी कोशिश की।” दरअसल, शाजापुर के चौबदार वाडी में मुस्लिम समाज द्वारा सद्भावना सम्मेलन का कार्यक्रम रखा गया था। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सभा को संबोधित करते हुए उनकी  जुबान फिसल गई।  हिंदू-मुसलमानों को जोड़कर हमने दंगा फसाद होने में पूरी कोशिश की (Digvijaya Singh confession)- दिग्विजय सिंह सभा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि ”बाबरी मस्जिद जब शहीद हुई थी, उस समय में कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष हुआ करता था। मैंने लगभग दो हफ्ते तक प्रदेश कांग्रेस कमिटी के दफ्तर में रात बिताई। घर नहीं जाता था। लेकिन हिंदू-मुसलमानों को जोड़कर हमने दंगा फसाद होने में पूरी कोशिश की। भोपाल में 1947 में भी ऐसे दंगा नहीं हुआ, लेकिन बाबरी मस्जिद गिरने पर दंगा (Digvijaya Singh confession) हुआ।” यहां उन्होंने दंगा फसाद रोकने की बजाय दंगा फसाद होने में पूरी कोशिश कह दिया। दरअसल, दिग्विजय सिंह कहना चाहते थे कि दंगा फसाद रोकने की कोशिश की, लेकिन आदतन उनकी जुबान फिसल गई। अब कांग्रेस नेता का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।  इसे भी पढ़ें:–  वक्फ कानून पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, इस बात को लेकर है विरोध मेरे बयान को तोड़ मरोड़ के पेश (Digvijaya Singh confession) किया गया- दिग्विजय सिंह View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jai.rashtranews) इस बीच वीडियो वायरल होने पर दिग्विजय सिंह ने अपने इस बयान पर कहा कि “मेरे बयान को तोड़ मरोड़ के पेश (Digvijaya Singh confession) किया गया। मेरे बयान से बीजेपी के नेताओं ने ना हटा दिया। पूरा देश जानता है, दिग्विजय सिंह दंगे के खिलाफ है। मैंने ये कहा था कि 15 दिन पीसीसी दफ्तर में सोया था। हिंदू, मुसलमानों के साथ मिलकर दंगा फसाद ना हो इसका प्रयास किया था। सिर्फ मेरे बयान से ना ही तो हटाना था।” इसके अलावा बाबरी मस्जिद को शहीद बताने वाले बयान पर दिग्विजय ने कहा कि “हां मैंने शहीद कहा है, किसी पूजास्थल को जबरदस्ती गिराओगे तो क्या कहेंगे।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के दंगे भड़काने के बयान पर मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने उन पर निशाना साधते हुए एक ट्वीट किया। और ट्वीट करते हुए कहा कि “सुनिए दिग्विजय सिंह का कबूलनामा।” उन्होंने आगे कहा कि “बाबरी मस्जिद को शहीद कहने वाले दिग्विजय सिंह ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने दंगे करवाए। दिग्विजय सिंह की मानसिकता हिन्दू विरोधी है। कांग्रेस ने हर समय दंगे भड़काने का काम किया है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Digvijaya Singh confession #DigvijayaSingh #BabriMasjid #RiotsConfession #IndianPolitics #CongressNews #HindutvaPolitics #BreakingNewsIndia #PoliticalScandal #AyodhyaControversy #DigvijayaStatement

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SC Refuses Stay on Waqf Act, Next Hearing Date Revealed

SC refuses stay Waqf: सर्वोच्च न्यायालय ने वक्फ कानून पर रोक नहीं लगाई रोक, कही यह बड़ी बात, इस दिन होगी अगली सुनवाई

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि “बगैर सरकार का पक्ष सुने, वक्फ कानून पर स्टे नहीं लगाया (SC refuses stay Waqf) जाए। जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का वक्त दिया जाए।” इससे सहमत होते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। यही नहीं, सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाते हुए कहा कि “वक्फ या वक्फ बाय यूजर की जो संपत्तियां पहले से रजिस्टर्ड हैं, सरकार उन्हें गैर-अधिसूचित नहीं करेगी।  अगले आदेश तक वक्फ के स्टेट्स में कोई बदलाव (SC refuses stay Waqf) नहीं होगा-सर्वोच्च न्यायालय सुनवाई के दौरान भारत के शीर्ष न्यायालय ने साथ ही यह भी कहा कि “इस बीच केंद्रीय वक्फ परिषद और बोर्डों में कोई नियुक्ति नहीं होनी चाहिए।” इसके साथ ही वक्फ एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि “अगले आदेश तक वक्फ के स्टेट्स में कोई बदलाव (SC refuses stay Waqf) नहीं होगा। साथ ही सीजेआई ने आदेश में कहा कि “मामले में इतनी सारी याचिकाओं पर विचार करना असंभव, केवल पांच पर ही सुनवाई होगी। अगली सुनवाई से केवल 5 रिट याचिकाकर्ता ही न्यायालय में उपस्थित होंगे।” इस बीच अदालत ने साफ कहा है कि “सभी पक्ष आपस में तय करें कि उनकी पांच आपत्तियां क्या हैं। इसके साथ ही उन्होंने दोनों पक्षों को नोडल काउंसल नियुक्त करने का आदेश दिया गया है।” फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून पर रोक नहीं लगाया है।  इसे भी पढ़ें:–  वक्फ कानून पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, इस बात को लेकर है विरोध नए कानून के तहत अगले आदेश तक नहीं (SC refuses stay Waqf) होंगी नई नियुक्तियां कुल-मिलाकर केंद्र का जवाब आने तक वक्फ संपत्ति की स्थिति नहीं बदलेगी, यानी सरकार के जवाब तक यथास्थिति बनी रहेगी और नए कानून के तहत अगले आदेश तक नई नियुक्तियां नहीं (SC refuses stay Waqf) होगी। 5 मई को अब इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। बता दें कि सुनवाई के दौरान एसजी मेहता ने कहा कि “प्रतिवादी 7 दिनों के भीतर एक संक्षिप्त जवाब दाखिल करना चाहते हैं और आश्वासन दिया कि अगली तारीख तक 2025 अधिनियम के तहत बोर्ड और परिषदों में कोई नियुक्ति नहीं होगी।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि “अधिसूचना या राजपत्रित द्वारा पहले से घोषित यूजर्स द्वारा वक्फ सहित वक्फों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।” बता दें कि याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा कि “1995 के वक्फ अधिनियम और 2013 में किए गए संशोधनों को चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं को इस सूची से अलग से दिखाया जाएगा।  2025 के मामले में रिट दायर करने वाले याचिकाकर्ताओं को विशेष मामले के रूप में जवाब दाखिल करने की स्वतंत्रता है। संघ और राज्य तथा वक्फ बोर्ड भी 7 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करेंगे।” Latest News in Hindi Today Hindi news SC refuses stay Waqf #SupremeCourt #WaqfAct #WaqfLaw #IndianJudiciary #SCNews #WaqfCase #LawUpdate #SCVerdict #ConstitutionalLaw #LegalNews

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Wife Plots Husband’s Murder Using Snake

Wife Plots Husband’s Murder Using Snake: प्रेमी के साथ मिलकर पति को लगाया ठिकाने, कमर के नीचे रखा सांप, पोस्टमार्टम ने खोली पोल

मेरठ की हवा को न जाने क्या हो गया है। वहां हादसे हैं कि थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। सौरभ हत्याकांड के बाद एक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सौरभ का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि मेरठ स्थित बहसूमा के अकबरपुर सादात गाँव में अमित की हत्या उसकी अपनी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने मिलकर कर दी। पुलिस ने पत्नी व प्रेमी को हिरासत में ले लिया है। जानकारी के मुताबिक गांव के ही युवक से ही रविता का प्रेम प्रसंग चल रहा था। प्रेम का प्रसंग का पता चलने के बाद से अक्सर उसका अमित से विवाद होता था। तीन दिन पहले भी इसी बात पर दोनों के बीच मारपीट हुई थी। रोज-रोज के विवाद से तंग आकर रविता ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। उन्हें रास्ते से भी हटाना था और पकड़ा भी नहीं जाना था। अब वो इस बात पर विचार करने लगे की अमित को कैसे मारा जाए कि उसकी मौत हत्या न लगकर प्राकृतिक मौत लगे। फिर उन्हें सांप से डसवाने का आईडिया आया। इस आईडिया पर अमलीजामा पहनाने के लिए उन्होंने सबसे पहले अमित की गला घोंट कर हत्या की और फिर हत्या के बाद उन्होंने हजार रुपये में सांप खरीदकर अमित की कमर के नीचे रख (Wife Plots Husband’s Murder Using Snake) दिया, ताकि लोगों को यह लगे कि अमित की मौत सांप के काटने से हुई है।  पति अमित की कमर के पास एक सांप दबा (Wife Plots Husband’s Murder Using Snake) हुआ था  खैर, इस बीच रविवार की सुबह अमित का शव चारपाई पर मिला था। उसके पांच वर्षीय बेटे अनिकेत ने सुबह अमित को जगाने की कोशिश की। जब वह नहीं उठा तो वह अन्य बच्चों की तरह शोर मचाने लगा। उसका शोर सुन जब परिवार वालों ने आकर देखा तो अमित की कमर के पास एक सांप दबा (Wife Plots Husband’s Murder Using Snake) हुआ है। इस बीच लोगों ने मौके से सांप को पकड़कर एक डिब्बे में बंद कर लिया और इसकी वीडियो भी बनाई थी। खबर के अनुसार, अमित के चेहरे, गर्दन व नाक पर चोट के निशान मिले थे। आनन-फानन में लोगों ने वन विभाग और पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने सबसे पहले शक को पोस्टमार्टम हेतु अस्पताल भेज दिया। यह तो ठीक, लेकिन हैरत की बात यह कि “पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सांप के काटने के निशान नहीं मिले थे।” इससे यह साफ हो गया था कि अमित की मौत सर्पदंश से नहीं हुई। अमित के चेहरे गर्दन और नाक पर चोट के निशान मिले थे। रिपोर्ट में दम घुटने से मौत होना बताया गया। जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो हर कोई हैरान रह गया। डाक्टरों ने अमित की मौत का कारण गला घोंटना बताया है। इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर सोते समय अमित की हत्या कर दी और फिर शक न हो इसके लिए सांप को लाश के नीचे (Wife Plots Husband’s Murder Using Snake) दिया छोड़  View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jai.rashtranews) पुलिस की गिरफ्त में आए रविता के प्रेमी अमरदीप ने बताया कि “महमूदपुर सिखेड़ा गांव में सपेरे रहते हैं। एक सपेरे से वाइपर सांप एक हजार रुपए में खरीदा था। रविवार को जब घर के लोग सो गए, तो रविता ने उसको फोन करके बुलाया। पहले तो दोनों ने सोते समय अमित की हत्या कर दी और फिर इसके बाद किसी को हत्या का शक न हो इसके लिए सांप को लाश के नीचे छोड़ (Wife Plots Husband’s Murder Using Snake) दिया। इस पूरे मामले ओर एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया कि “सख्ती से पूछताछ में अमित की पत्नी रविता ने बताया कि उसने प्रेमी संग मिलकर अमित की गला दबाकर हत्या की थी। फिर बचने के लिए  उन्होंने गांव के एक सपेरे से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। प्रेमी सांप लेकर आया और उसे अमित की कमर के नीचे दबा दिया था। सुबह सांप के काटने से मौत का शोर मचा दिया।” उन्होंने आगे बताया कि “पत्नी व प्रेमी को हिरासत में ले लिया गया है। उनसे पूछताछ जारी है और पुलिस परिवार के अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है।” Latest News in Hindi Today Hindi News  Wife Plots Husband’s Murder Using Snake #SnakeMurderPlot #WifeKillsHusband #DeadlyAffair #CrimeNews #TrueCrimeStory #MurderMystery #SnakeAsWeapon #IndiaCrimeNews #PostmortemReveals #ShockingMurder

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Congress leader Sarla Mishra’s murder case reopens

Sarla Mishra murder case: दिग्विजय सिंह के उड़े होश, फिर से खुलने जा रही है कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा हत्याकांड की फाइल

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब वो एक बार फिर मुश्किलों में घिर सकते हैं। दरअसल, 28 साल पुराने कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा हत्याकांड की फाइल (Sarla Mishra murder case) एक बार फिर से खुलने जा रही है। भोपाल का बहुचर्चित कांड सरला मिश्रा सुर्खियों में रहा है। जानकारी के मुताबिक भोपाल की जिला अदालत ने इस केस की दोबारा से जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि इस मामले में सरला के भाई ने दिग्विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सरला के भाई अनुराग मिश्रा का कहना है कि “उनकी बहन सरला मिश्रा 14 फरवरी 1997 को संदिग्ध अवस्था में जली हुई पाई गई थीं।” पुलिस ने उस समय इस मामले में आत्महत्या का मामला दर्ज किया था, जबकि वो हत्या का मामला था। इसी मामले में दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह का नाम भी सामने आया था। आरोप था कि सरला की हत्या राजनीतिक साजिश के तहत की गई थी। उनका गंभीर आरोप है कि ” सिर्फ सियासी दुश्मनी के चलते उनकी बहन की गई हत्या की गई थी।  ध्यान देने वाली बात यह कि जब सरला मिश्रा का 1997 को निधन हुआ था, तब मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार थी और दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस को मामले की पुन: जांच कर चार्जशीट (Sarla Mishra murder case) संबंधित न्यायालय में पेश करने का दिया है आदेश  खबर के मुताबिक सरला मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में भोपाल के टीटी नगर थाने की ओर से पेश की गई खात्मा रिपोर्ट को न्यायालय ने नामंजूर कर दिया है। दरअसल,  सरला के भाई अनुराग मिश्रा की घोर आपत्तियों के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पलक राय ने टीटी नगर पुलिस को मामले की पुन: जांच कर चार्जशीट (Sarla Mishra murder case) संबंधित न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है। बता दें कि यह मामला 28 वर्ष पुराना है। 14 फरवरी 1997 को सरला मिश्रा भोपाल के साउथ टीटी नगर स्थित सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में जल गई थीं। इलाज के लिए उन्हें पहले तो हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन फिर बाद में नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। जहां 19 फरवरी 1997 को इलाज के दौरन उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस की जांच में सरला मिश्रा की मौत को सुसाइड बताया गया था।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर 20 साल बाद पुलिस ने मामले की जांच कर (Sarla Mishra murder case) सात नवंबर 2019 को सीजेएम कोर्ट में पेश की थी खात्मा रिपोर्ट खैर, इस बीच तकरीबन 20 साल बाद पुलिस थाना टीटी नगर ने मामले की जांच कर (Sarla Mishra murder case) सात नवंबर 2019 को सीजेएम कोर्ट में खात्मा रिपोर्ट पेश की थी। इस खात्मा रिपोर्ट पर सरला मिश्रा के भाई अनुराग मिश्रा ने अपनी आपत्ति जाहिर की थी। इसके साथ ही उन्होंने इस संबंध में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर में एक रिट याचिका भी दायर की। उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद भोपाल जिला कोर्ट को आदेश दिए थे। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद से यह मामला यहां चल रहा था। इस बीच न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पलक राय ने अपने आदेश में खात्मा रिपोर्ट को अधूरा बताया है। उन्होंने लिखा कि “फरियादी की प्रोटेस्ट पिटीशन और खात्मा प्रकरण में साक्षियों के कथन से घटना के संबंध में की गई विवेचना अपूर्ण दिख रही है।” केस रीओपन होने पर ख़ुशी जताते हुए अनुराग मिश्रा ने कहा कि “मुझे उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।” दरअसल, कोर्ट ने माना है कि पुलिस जांच सही से नहीं हुई थी। कारण यही जो, पुलिस को पुनः जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Sarla Mishra murder case #SarlaMishra #DigvijaySingh #MurderCase #CongressNews #MPNews #PoliticalControversy #BreakingNews #CrimeUpdate #JusticeForSarla #ReopenedCase

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Iran nuclear weapons,

Iran nuclear weapons: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संगठन ने चेताया, परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब पहुंच चुका है ईरान

कई दिनों से यह खबर चर्चा में है की ईरान कभी भी परमाणु बम बना (Iran nuclear weapons) सकता हैं। कारण यही जो, अमेरिका आए दिन ईरान को परमाणु कार्यक्रम न शुरू करने की धमकी देते रहता है। अमेरिका के बाद अब अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संगठन ने भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चेतावना जारी की है। आईएईए के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि “तेहरान परमाणु हथियार बनाने के खतरनाक रूप से बेहद करीब है।” बता दें कि ग्रॉसी बुधवार से तेहरान के दौरे पर हैं। उनका यह बयान तेहरान पहुंचने से पहले आया है। दरअसल, ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर उसके अधिकारियों और नेताओं के साथ चर्चा करने के लिए आईएईए के प्रमुख तेहरान पहुंचे हैं। फ्रांस के समाचार पत्र ली मोंडे से हुई बातचीत में राफेल ग्रॉसी ने कहा कि “उनके पास यह टुकड़ों में है और वे एक दिन इसे जोड़ सकते हैं। इसके पहले कि वे हथियार बना लें, हमें उन तक पहुंचने का एक रास्ता है। लेकिन हमें यह बात माननी पड़ेगी कि वे इससे दूर नहीं हैं।” गौरतलब हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि “ईरान परमाणु हथियार बनाने के काफी करीब पहुंच चुका है।” अमेरिका के साथ दूसरे दौर की परमाणु वार्ता रोम में (Iran nuclear weapons) होगी ईरान ने बुधवार को पुष्टि की कि “अमेरिका के साथ दूसरे दौर की परमाणु वार्ता रोम में (Iran nuclear weapons) होगी। हालांकि पहले इस बात को लेकर भ्रम था कि वार्ता कहां होगी।” लेकिन खबर के मुताबिक ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने अब इस बारे में जानकारी दी है। गौर करने वाली बात यह कि ये घोषणा ऐसे वक्त हुई है, जब राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अपने उन उपराष्ट्रपति में से एक के इस्तीफे को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है, जो दुनिया के ताकतवर देशों के साथ 2015 के परमाणु समझौते में तेहरान की ओर से प्रमुख वार्ताकार थे।  इसे भी पढ़ें:– कोंडागांव-नारायणपुर सीमा के पास मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली कमांडर ढेर, एनकाउंटर राष्ट्रपति पेजेशकियन ने मंगलवार देर रात मोहम्मद जवाद जरीफ के संबंध में (Iran nuclear weapons) की घोषणा  दरअसल, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने मंगलवार देर रात मोहम्मद जवाद जरीफ के संबंध में घोषणा (Iran nuclear weapons) की। इसके बाद सरकारी टीवी चैनल ने कहा कि “ओमान फिर से वार्ता की मध्यस्थता करेगा।” मुख्य बात यह कि ओमान के विदेश मंत्री ने पिछले सप्ताहांत ओमान की राजधानी मस्कट में ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। सोमवार को कई अधिकारियों ने कहा था कि “वार्ता रोम में होगी, तो वहीं, ईरान मंगलवार तक कह रहा था कि “वार्ता  ओमान में ही होगी।” हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि वार्ता कहां होगी। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक को फोन किया था। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी बुधवार से ईरान दौरे पर हैं। ग्रॉसी के दौरे में इस पर बातचीत हो सकती है कि किसी प्रस्तावित समझौते के तहत उनके निरीक्षकों को क्या पहुंच मिल सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Iran nuclear weapons #IranNuclearThreat #IAEAWarning #NuclearWeapons #MiddleEastTensions #GlobalSecurity #IranCrisis #NuclearDeal #WorldPeaceThreat #IranNews #UNAlert

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Delhi Capitals victory: दिल्ली कैपिटल्स ने सुपर ओवर में राजस्थान रॉयल्स को पटखनी देते हुए यह रिकॉर्ड किया अपने नाम

16 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 32वां मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स (Delhi Capitals victory) के बीच खेला गया। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने सुपर ओवर में राजस्थान रॉयल्स को मात दे दी। दरअसल, टॉस जीतकर राजस्थान रॉयल्स ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इस तरह पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली की टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 188 रन बनाए। दिल्ली की तरफ से अभिषेक पोरेल ने 49, केएल राहुल ने 38, स्टब्स ने 34, अक्षर पटेल ने 34 और आशुतोष शर्मा ने 15 रन बनाए। राजस्थान की ओर से जोफ्रा आर्चर ने 2, हसरंगा ने 1 और तीक्षणा ने 1 विकेट झटके। 189 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स ने संभलकर खेलते हुए 4 विकेट के नुकसान पर 188 रन बनाकर मुकाबले को टाई करवा दिया। राजस्थान के लिए यशस्वी जायसवाल ने 51 रन, नीतीश राणा ने 51रन, संजू सैमसन ने 31 रन, ध्रुव जुरेल ने 26 और हेटमायर ने 15 रन बनाए। दिल्ली के लिए स्टार्क ने 1, अक्षर पटेल ने 1 और कुलदीप यादव ने 1 विकेट अपने नाम किये। सुपर ओवर में दिल्ली ने 4 गेंदों में ही 12 रनों का पीछा कर (Delhi Capitals victory) लिया मैच टाई होने के बाद यह मुकाबला सुपर ओवर में पहुंचा। जहां दिल्ली ने जीत हासिल कर (Delhi Capitals victory) ली। सुपर ओवर में दिल्ली ने 4 गेंदों में ही 12 रनों का पीछा कर लिया। इसके साथ ही आईपीएल 2025 का पहला सुपर ओवर अपने नाम किया। इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। राजस्थान रॉयल्स पर जीत के साथ दिल्ली ने अब तक चार सुपर ओवर मुकाबले जीते हैं। बता दें कि आईपीएल की हिस्ट्री में सबसे ज्यादा सुपर ओवर में जीत का रिकॉर्ड अब दिल्ली कैपिटल्स के पास है। दिल्ली ने 5 सुपर ओवर मैचों में 4 जीत के साथ पंजाब किंग्स का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पंजाब किंग्स ने 4 सुपर ओवर के मैचों में तीन जीत दर्ज करने में सफल रही है। आईपीएल के इतिहास का पहला सुपर ओवर आईपीएल 2022 के सीजन में खेला गया था। तब से लेकर अभी तक कुल 15 मुकाबले टाई हो चुके हैं। दिल्ली की टीम के सबसे ज्यादा मुकाबले टाई हुए हैं। दिल्ली के अब तक आईपीएल में 5 मुकाबले टाई हो चुके हैं।  इसे भी पढ़ें:- आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स को केकेआर से मिली करारी शिकस्त ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क रहे दिल्ली की जीत (Delhi Capitals victory) के हीरो  गौरतलब हो कि राजस्थान रॉयल्स पर दिल्ली की जीत (Delhi Capitals victory) के हीरो ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क रहे। उन्होंने न सिर्फ रन चेज के आखिरी ओवर में नौ रन बचाए बल्कि सुपर ओवर में सीर्फ 11 रन दिए। बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। मिचेल स्टार्क ने 18वें ओवर में नीतीश राणा को आउट करके राजस्थान को सबसे बड़ा झटका दिया। Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Delhi Capitals victory #DelhiCapitals #RajasthanRoyals #IPL2025 #SuperOverThriller #DCvsRR #IPLHighlights #CricketNews #IPLRecord #DCVictory #T20Cricket

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Family murder case

Parents kill children: मां-बाप ने अपने ही तीनों मासूमों को पहले तो दिया जहर, फिर घोंटा गला, काटीं नसें और चाकू से रेता गला

हमारे समाज में माँ-बाप को भगवान का दर्जा दिया गया है। यह तो ठीक लेकिन क्या हो जब माँ-बाप ही भगवान बनने के बजाय हैवान बन जाये तो? आज के दौर में कुछ कहा नहीं जा सकता। लोगों के भीतर गुस्सा इस कदर है मामूली कहासुनी में एक दूसरे के खून के प्यासे बन जाते हैं। ऐसा ही एक वाकया हुआ है राजस्थान में। दरअसल, राजस्थान के जोधपुर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां-बाप ने अपने ही तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक तरीके से हत्या कर (Parents kill children) दी है। तीनों मासूमों की हत्या करने के बाद दंपति ने खुद भी जान देने का प्रयास किया। पूरी घटना सोमवार की रात की बताई जा रही है। अगली सुबह जब पड़ोसियों ने खून देखा तब जाकर इस मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद आनन-फानन में तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया। पति-पत्नी की हालत गंभीर है। फ़िलहाल दोनों का इलाज जारी है। मामूली विवाद बाद दोनों ने इस पूरी घटना को दिया (Parents kill children) अंजाम  मामला है जोधपुर के फलौदी तहसील का। फलौदी तहसील स्थित कोलू पाबूजी गांव में तीन बच्चों की उनके ही मां-बाप ने निर्मम तरीके से हत्या कर दी। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि दंपति के रिश्तेदारों ने पुलिस को इसके बारे में सूचना दी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फलौदी की एसपी पूजा अवाना ने बताया कि “शिवलाल और उसकी पत्नी जतनो के बीच सोमवार की रात को किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस मामूली विवाद बाद दोनों ने इस पूरी घटना को अंजाम दिया (Parents kill children) है। फिलहाल पुलिस की मामले की तहकीकात कर रही है और साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है।  इसे भी पढ़ें:-  Ladli Behna Yojana पर सियासी संग्राम: महिलाओं के हक पर राजनीति या भ्रम? पुलिस की टीम ने घर से जहर की खाली बोतल, ब्लेड और एक चाकू किया है (Parents kill children) बरामद  पुलिस अधीक्षक पूजा अवाना के मुताबिक, पति-पत्नी ने अपने 9 वर्षीय बेटे हरीश और दोनों बेटियों 5 साल की किरण और 3 साल की नत्थू जहर दिया। जहर देने के बाद दोनों ने उनका गला घोंटा। इससे भी उन्हें तसल्ली नहीं मिली। फिर इसके बाद पति-पत्नी दोनों ने अपने बच्चों की बांह की नसें भी ब्लेड से काट दीं और फिर चाकू से गला रेतकर उनकी हत्या (Parents kill children) कर दी। ये सब करने के बाद दोनों मिलकर खुद की भी कलाई काट आत्महत्या करने की कोशिश भी की। अगले दिन जब शिवलाल के भाई की पत्नी ने घर के बाहर खून देखा तो सकपका गई। और डर के मारे अपने घरवालों को सूचित किया। घरवालों ने पुलिस को सोचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची। एसपी ने बताया कि “मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को अचेत अवस्था में पाया। घर में खून फैला हुआ था।” जानकारी के मुताबिक पुलिस की टीम ने घर से जहर की खाली बोतल, ब्लेड और एक चाकू बरामद किया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Parents kill children #ParentsKillChildren #FamilyMurderCase #ChildMurder #CrimeNews #PoisonedKids #TragicIncident #DomesticCrime #MurderStory #ShockingCrime #CrimeInIndia

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