Shiv

Mumbai attacks accused

Tahawwur Rana confession: एनआईए  की पूछताछ में मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा ने किया यह बड़ा खुलासा

मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं में शामिल मुख्य आरोपी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाने के बाद एनआईए की स्पेशल सेल में रखा गया है। एनआईए को राणा से पूछताछ के लिए 18 दिन की रिमांड मिली है। इस बीच एनआईए के अधिकारी लगातार पूछताछ कर रहे हैं। पूछताछ के दौरान राणा ने कई अहम जानकारियां दी (Tahawwur Rana confession) हैं। पूछताछ में राणा ने यह भी खुलासा किया था कि “मुंबई पर जो हमला 26/11 को हुआ था वह पहले किसी और भी दिन होने वाला था, लेकिन कुछ कारणों से नहीं हो सका था।” किसी कारणों से हेडली ने हमले को कुछ दिनों के लिए टाल दिया (Tahawwur Rana confession) था जानकारी के लिए बता दें कि तहव्वुर राणा से एनआईए ने मुंबई हमले को लेकर घंटों पूछताछ (Tahawwur Rana confession) की। यहाँ तक कि हेडली से उसके संपर्क और बाकी आतंकियों के संपर्क को लेकर भी जानकारियां जुटाई जा रही है। इस दौरान उससे 26/11 पर भी पूछा गया। पूछताछ ने उसने कहा कि “हमला तो 26/11 से और पहले ही हो जाता लेकिन हेडली ने कुछ कारणों से इसे कुछ दिनों के लिए टाला था।” दरअसल, तहव्वुर राणा ने बताया कि मुंबई हमले की साजिश पहले ही रची गई थी और हमले की तैयारी भी कर ली गई थी लेकिन अरब सागर में उफान के कारण समंदर की तेज लहरों के कारण आतंकियों के समुंदर के रास्ते आने में खतरा महसूस हो रहा था। जिसके चलते हमले को कुछ दिन के लिए टालना पड़ा  वरना तैयारी पूरी हो चुकी थी। हेडली ने राणा को यह जानकारी दी थी कि हमला कुछ दिनों के लिए टाला जा रहा है। समंदर की लहरें थोड़ा शांत होने के बाद हमला किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: – महाराष्ट्र के ठाणे में डॉ बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर पहले माल्यार्पण करने को लेकर दो गुटों में हुई झड़प मौसम और समुद्र की लहरों तक के उफान का गंभीरता से जायजा (Tahawwur Rana confession) लिया था एनआईए की पूछताछ में राणा ने यह भी बताया (Tahawwur Rana confession) कि हमले से पहले हेडली ने जहां-जहां अटैक किया जाना है, उन स्थानों की गंभीरता से रेकी की थी। गोलियां चलने के बाद लोगों के भागने के रास्तों से लेकर आतंकियों के निकलने के रास्ते का प्लान और उनके छिपने के लिए जगह, सबकी रेकी की गई थी। राणा ने ये भी बताया कि हमले के लिए समंदर के रास्ते किस समय आना सही है, यहां तक कि मौसम और समुद्र की लहरों तक के उफान का गंभीरता से जायजा लिया था। इतना सबकुछ करने के बाद ही हमले की साजिश को अंजाम दिया गया था। बहरहाल, पूछताछ जारी है। जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ेगी वैसे-वैसे आगे चलकर नए-नए खुलासे हो सकते हैं।   Latest News in Hindi Today Hindi news  Tahawwur Rana confession #TahawwurRanaConfession #NIAInterrogation #MumbaiAttacks #26_11Case #TerrorRevealed #TahawwurRanaNews #NIAUpdate #IndiaSecurity #TerrorAccused #PakistanLink

आगे और पढ़ें
Bangladesh plan Bengal

Bangladesh plan Bengal: साजिशकर्ताओं ने बंगाल को बांग्लादेश बनाने की योजना बनाई थी, बांटे गए थे 500-500 रुपए

वक़्फ़ कानून लागू होने के बाद से पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल इलाके मुर्शिदाबाद में 10 अप्रैल से लगातार विरोध जारी है। विरोध के दौरान हुई हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। यही नहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तकरीबन 500 से अधिक लोगों ने हिंसा के डर से पलायन कर लिया है। वक़्फ़ संसोधन बिल पास होने के बाद से ही हिंसा और उपद्रव का अंदाजा था। ख़ुफ़िया विभाग ने पश्चिम बंगाल में अराजक तत्वों द्वारा हिंसा फ़ैलाने का इनपुट पहले दिया गया था। लेकिन राज्य सरकार की नाकामी के चलते हिंसा भड़क उठी। स्थित नियंत्रण के बाहर होती देख जिले में केंद्रीय सुरक्षा बल को तैनात किया गया है। इस बीच मुर्शिदाबाद दंगा मामले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस हिंसा की साजिश तीन महीने पहले ही रची गई थी। इसके अलावा तुर्कीए से फंडिंग भी की गई थी। हमलावरों को लूटपाट के लिए बाकायदा 500-500रुपये दिए गए थे। दरअसल, साजिशकर्ताओं का लक्ष्य बंगाल को बांग्लादेश (Bangladesh plan Bengal) जैसा बनाना था।  पहले रामनवमी की तारीख तय थी, लेकिन कड़ी सुरक्षा के चलते योजना को (Bangladesh plan Bengal) पड़ा टालना  भारतीय जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों की माने तो, इस हिंसा की प्लानिंग लंबे समय से की जा रही थी। पिछले 3 महीनों से इलाके के लोग इस घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। जांच के दौरान एजेंसियों को पता चला कि आतंकवाद फैलाने का यह एक नया तरीका है। इस दौरान यह भी पता चला कि दो महीने पहले एटीबी के दो जाने-माने सदस्य मुर्शिदाबाद आए और कहा कि “एक बड़ी दावत होगी।” दरअसल, वो मौके की ताक में थे। पहले रामनवमी की तारीख तय थी। लेकिन कड़ी सुरक्षा के चलते योजना को (Bangladesh plan Bengal) टालना पड़ा।  इसे भी पढ़ें: – जम्मू कश्मीर के पुंछ में मुठभेड़, 2 से 3 आतंकी जंगल में छुपे, गोलीबारी में सेना का एक जवान घायल बांग्लादेश की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी अराजकता फ़ैलाने की (Bangladesh plan Bengal) थी योजना  इस बीच वक़्फ़ संसोधन बिल पास हो गया और इस बिल ने अराजक तत्वों को अराजकता फ़ैलाने का मौका दे दिया। इसमें हिंदुओं की हत्या करना, उनके घरों को लूटना, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाना और ट्रेनों को बाधित करना उनका पहला मकसद था। उन्हें अधिक से अधिक चीजों का नुकसान करने की हिदायत दी गई थी। हमलावरों से कहा गया था कि जितनी ज्यादा चीजों को खराब करेंगे, उन्हें उतना ही पैसा दिया जाएगा। जांच एजेंसियों की मानें तो इस योजना में शामिल हर हमलावर और पत्थरबाजों को लूटपाट के लिए 500 रुपये दिए गए थे। यही नहीं, पिछले 3 महीनों से इनकी लगातार ट्रेनिंग भी चल रही थी। बांग्लादेश की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी अराजकता फ़ैलाने की योजना (Bangladesh plan Bengal) थी। हालाँकि मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से शांति की अपील करते हुए कहा कि “मैं सभी से कहूंगी कि सभी को अनुमति लेकर शांतिपूर्वक विरोध करने का अधिकार है, लेकिन कानून अपने हाथ में न लें। चाहे कोई भी हो। कानून तोड़ने वालों की कोई जरूरत नहीं है। जो शांत दिमाग रखता है, वही जीतता है।”   Latest News in Hindi Today Hindi news  Bangladesh plan Bengal #BangladeshPlanBengal #BengalConspiracy #WestBengalNews #PoliticalPlot #500RupeeNews #BengalNews #BreakingNews #IndiaAlert #BangladeshLink #ConspiracyExposed

आगे और पढ़ें
Ambedkar statue clash Thane

Ambedkar statue clash Thane: महाराष्ट्र के ठाणे में डॉ बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर पहले माल्यार्पण करने को लेकर दो गुटों में हुई झड़प

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली में सोमवार को डॉ बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित एक समारोह के दौरान हुई मामलू कहासुनी को लेकर दो गुटों में (Ambedkar statue clash Thane) झड़प हो गई। दरअसल, यह झड़प बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने को लेकर कहासुनी के बाद हुई। संबंधित मामले में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक डोंबिवली पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि “घटना मशाल चौक पर हुई। अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि “लोग रविवार देर रात 1:45 बजे से ही समारोह स्थल पर एकत्र होने लगे थे। एक समूह बाबासाहेब की प्रतिमा पर पहले माल्यार्पण करना चाहता था, लेकिन दूसरे समूह के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। इसे लेकर उनके बीच हुई बहस झड़प में तब्दील हो गई। इस झड़प में कुछ लोग घायल हुए और वाहनों को नुकसान पहुँचाया। उन्होंने कहा, “गिरफ्तार और घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं। हालाँकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। फ़िलहाल घटना की जांच जारी है।” आयोजित कार्यक्रम के दौरान अराजक तत्वों ने विवाद कर शुरू कर (Ambedkar statue clash Thane) दिया पथराव  यही नहीं, इसके अलावा अकोला शहर के गंगा नगर बाईपास के पास अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुछ अराजक तत्वों ने विवाद कर पथराव शुरू कर (Ambedkar statue clash Thane) दिया। सूचना पाते ही ओल्ड सिटी पुलिस की टीम घटनास्थल पर जा पहुंची। और पहुंचकर सबसे पहले स्थिति को नियंत्रण में किया। हालांकि इस बीच दोनों समूहों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम के दौरान किसी अनजान शख्स ने पास में खड़ी गाड़ी पर पत्थर फेंका। इस बीच मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया। ओल्ड सिटी के पीएसओ ने मौके पर पहुंचकर जमा भीड़ को हटाया और कार्यक्रम को बंद कराया।  इसे भी पढ़ें: – मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अहमद बदावी का निधन सीम देवेंद्र फडणवीस ने बाबासाहेब आंबेडकर की 134वीं जयंती पर मुंबई के चैत्यभूमि में उन्हें पुष्पांजलि की अर्पित  बता दें कि सोमवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बाबासाहेब आंबेडकर की 134वीं जयंती पर मुंबई के चैत्यभूमि में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार, विधान परिषद के अध्यक्ष राम शिंदे, संजय शिरसाट और राज्य कैबिनेट मंत्री आशीष शेलार ने भी मध्य मुंबई के शिवाजी पार्क में स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर (Ambedkar statue clash Thane) के अंतिम विश्राम स्थल चैत्यभूमि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। बता दें कि इससे पहले फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा कि “एक प्रख्यात अर्थशास्त्री, सामाजिक न्याय के वैश्विक प्रतीक और भारतीय संविधान के जनक, भारत रत्न बाबासाहेब आंबेडकर को उनकी जयंती पर नमन।”  Latest News in Hindi Today Hindi news Ambedkar statue clash Thane #AmbedkarStatueClash #ThaneNews #BabasahebAmbedkar #MaharashtraPolitics #DalitRights #AmbedkarJayanti #StatueDispute #CasteConflict #PoliticalClash #ThaneViolence

आगे और पढ़ें
CSK Registers Second Win in IPL 2025 After 5 Losses

CSK second win IPL 2025: लगातार 5 मुकाबला हारने के बाद चेन्नई सुपर किंग्सने दर्ज की दूसरी जीत

आईपीएल 2025 का 30वां मुकाबला बीते 14 अप्रैल को लखनऊ स्थित इकाना क्रिकेट स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया। जहां चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने आखिरी ओवरों में एमएस धोनी के आतिशी बल्लेबाजी के बदौलत तीन गेंद शेष रहते पांच विकेट से जीत (CSK second win IPL 2025) दर्ज की। लखनऊ के खिलाफ इस मुकाबले में चेन्नई के सामने 167 रन का लक्ष्य था। गौर करने वाली बात यह कि महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में चेन्नई सुपर किंग्स की कमान आते ही टीम के तेवर बदलने लगे हैं। लगातार 5 मुकाबला हारने के बाद चेन्नई को आखिरकार इकाना में आकर जीत मिल ही गई। बता दें कि आईपीएल 2025 में चेन्नई की यह दूसरी जीत है। लखनऊ की टीम 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 166 रन (CSK second win IPL 2025) ही बना सकी। दरअसल, चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ की टीम की शुरुआत ठीक नहीं रही। लखनऊ की ओर से मिचेल मार्श और एडेन मार्करम ने पारी की शुरुआत की। टीम को पहले ही ओवर में बड़ा झटका लगा जब खलील अहमद ने इनफॉर्म बल्लेबाज एडेन मार्करम को त्रिपाठी के हाथों कैच कराया। लखनऊ के लिए निकोलस पूरन भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए और 9 गेंद में 8 रन बनाकर आउट हो गए। लखनऊ की तरह दे पंत ने 49 गेंद में 4 चौके और 4 छक्के की मदद से 63 रन की अहम पारी खेली। उनकी इस पारी के दम पर लखनऊ की टीम 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 166 रन (CSK second win IPL 2025) बनाए। इसे भी पढ़ें:- आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स को केकेआर से मिली करारी शिकस्त धोनी और शिवम दुबे ने मिलकर दिलाई टीम को जीत (CSK second win IPL 2025) 167 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई की ओर से नई जोड़ी शेख रशीद और रचिन रवींद्र ने पारी की शुरुआत की। दोनों ने पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी कर चेन्नई को शानदार शुरुआत दी। दोनों ने 29 गेंद में 52 रन की साझेदारी की। मैच के हीरो रहे शिवम दुबे और धोनी जिन्होंने छठे विकेट के लिए 28 गेंद में 57 रन की नाबाद पारी खेली। मैच में एमएस धोनी ने 11 गेंदों में 26 रनों की धुंआधार पारी खेली। धोनी ने 15वें ओवर में मैदान पर कदम रखा था और शिवम दुबे के साथ मिलकर टीम को जीत (CSK second win IPL 2025) तक पहुंचाया। सीएसके के कप्तान ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। कहने की जरूरत नहीं लखनऊ के खिलाफ खेली गई पारी से उन्होंने इस पारी से अपने आलोचकों को चुप करा दिया है। यही नहीं इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच (पीओटीएम) चुना गया। गौर करने वाली बात यह कि 43 वर्षीय धोनी ने साल 2019 के बाद पहली बार यह अवार्ड जीता है। और तो और इसके साथ ही लीग के इतिहास में यह पुरस्कार जीतने वाले वो सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। बता दें कि धोनी की मौजूदा उम्र 43 साल और 282 दिन है। Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 CSK second win IPL 2025 #CSK #IPL2025 #ChennaiSuperKings #CSKWin #IPL #MSDhoni #CSKComeback #CricketNews #IPLHighlights #CSKFans

आगे और पढ़ें
Doctor kills wife

Doctor kills wife: चरित्र पर शक की वजह से डॉक्टर पति ने भाई के साथ मिलकर पत्नी को उतारा मौत के घाट

महाराष्ट्र में नागपुर के हुडकेश्वर से दिल को दहला देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां सिर्फ चरित्र पर शक की वजह से डॉक्टर ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या हत्या कर दी। यह घटना हुडकेश्वर पुलिस थाना क्षेत्र के लाडेकर लेआउट स्थित एक आवासीय मकान में (Doctor kills wife) घटी। घटना के दौरान पति ने अपनी पत्नी के हाथ-पैर बांध दिए और उसके भाई ने उसके सिर पर रॉड से वार किया, जिससे डॉक्टर की पत्नी की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक मृतक का नाम डॉक्टर अर्चना राहुले था। महिला डॉक्टर सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थी। हत्या करने के दोनों आरोपी डॉक्टर हैं। इन आरोपियों के नाम पति अनिल राहुले और देवर रवि राहुले हैं। आरोपी पति डॉ. अनिल (52) छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित एक मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर हैं। मृतक का एक बेटा है जो तेलंगाना राज्य के करीमनगर में एमबीबीएस के तीसरे वर्ष में पढ़ रहा है, जो अपनी मां की हत्या पिता के द्वारा किए जाने से गह्ररे सदमे में है। बता दें कि डॉक्टर दंपति ने प्रेम विवाह किया था। खैर, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।   आरोपी राजू ने लोहे की रॉड से सिर पर वार कर उतार दिया मौत (Doctor kills wife) के घाट जानकारी के मुताबिक डॉक्टर अनिल राहुले अर्चना के चरित्र पर शक करता था। आए दिन वह अर्चना के साथ विवाद किया करता था। अनिल अक्सर अपनी पत्नी से लड़ता था और मारपीट किया करता था। इसके चलते दोनों की शादीशुदा जिंदगी बड़ी तनावपूर्ण चल रही थी। विगत 8 अप्रैल को अनिल ने खैरलांजी में रहने वाले अपने बड़े भाई राजू को बताया कि अर्चना के किसी के साथ अनैतिक संबंध हैं। फिर उसने कुछ आपत्तिजनक देखने की भी बात की और फिर परिवार की बदनामी के डर से राजू को अर्चना की हत्या करने के लिए तैयार किया। योजना के तहत 9 अप्रैल की शाम राजू खैरलांजी से और अनिल रायपुर से नागपुर पहुंच गए। घर के समीप एक गली में मुलाकात की और सीधे घर में गए। घर जाने पर अनिल और अर्चना के बीच गरमागरम बहस हुई। इसी दौरान अनिल ने अर्चना के पैर पकड़ लिए और राजू ने लोहे की रॉड से सिर पर वार कर मौत (Doctor kills wife) के घाट उतार दिया। पुलिस ने बताया कि “हत्या के बाद दोनों भाइयों ने सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम का इस्तेमाल करके घर को बंद कर दिया और भाग गए।” खुद ही दी पुलिस को हत्या की (Doctor kills wife) सूचना  फिर 3 दिन बाद अनिल 12 अप्रैल को अपने घर लौटा और शोर मचाया। इसके बाद उसने पुलिस को इसकी (Doctor kills wife) सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची ने प्रथमदृष्टया इसे डकैती का मामला समझा। फिर पुलिस की नजर शव पर पड़ी। शव का सिर सड़ चुका था। इस अनिल बेचैन था और रह रहकर बेहोश होने का नाटक कर रहा था। अनिल ऐसे नाटक कर रहा था जैसे मानो पत्नी की मौत का गहरा सदमा पहुंचा है। बड़ी बात यह कि घर की कोई भी वस्तु गायब नहीं हुई थी। अर्चना के दोनों फोन भी वहीं पड़े थे। पुलिस को उसकी इस हरकत पर शक हुआ। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया कि हत्या लूट या चोरी के इरादे से नहीं हुई है। पुलिस ने तुरंत कॉल डिटेल्स खंगाले और पहला संदेह अनिल पर ही हुआ।  इसे भी पढ़ें:- पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा 9 अप्रैल को अपनी पत्नी की हत्या कर रायपुर चला गया था (Doctor kills wife) डॉक्टर पति  अधिकारी ने बताया कि “पूछताछ के दौरान अनिल ने अपनी पत्नी की हत्या की बात स्वीकार की।” जिसके बाद उसे और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हत्या के पीछे कहीं कोई और मकसद तो नहीं था? पुलिस के मुताबिक आरोपी पति ने 9 अप्रैल को अपनी पत्नी की हत्या कर दी और शव को घर पर (Doctor kills wife) ही छोड़कर रायपुर चला गया था। शनिवार को घर लौटने पर दरवाजा खोलते ही अनजान होने का नाटक करते हुए आरोपी पति ने उसकी पत्नी की हत्या हो जाने की बात कही। रविवार को दोपहर में दोनों को न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 17 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए। खैर, आजकल रिश्तों में दरार होना बड़ी आम बात है। लोग शक होने पर भी वर्षों पुराने रिश्ते भी तोड़ देते हैं। कभी-कभी तो छोटा-मोटा विवाद होने पर ही लोग एक दूसरे के खून के प्यासे बन जाते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi News Doctor kills wife #DoctorKillsWife #CrimeNews #DomesticViolence #MurderCase #CharacterDoubt #IndiaCrime #BreakingNews #WifeMurder #FamilyCrime #ShockingNews

आगे और पढ़ें
Stone Pelting in Guna During Hanuman Jayanti

Guna MP stone pelting: एमपी के गुना में हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव के बाद हुआ बवाल, बुलडोजर चलाने की मांग

धार्मिक आयोजन के दौरान हुए पत्थराव के बाद सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हनुमान चौराहे पर हिंदू समुदाय के लोगों ने जमा होकर धरना प्रदर्शन किया और आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की (Guna MP stone pelting) मांग की है। इसके साथ ही चौराहे से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च भी निकाला। फ़िलहाल हालात को संभालने के लिए पुलिस के जवान तैनात किए गए। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कर्नलगंज में फ्लैग मार्च भी निलाका। इस दरम्यान पुलिस ने न सिर्फ लोगों को अपने-अपने घरों में रहने की अपील की है बल्कि बाहरी लोगों के कर्नलगंज में एंट्री पर रोक भी लगा दी है। तो वहीं इस पूरे मामले पर “गुना एसपी संजीव कुमार का कहना है कि “स्थिति नियंत्रण में है। मैं खुद कर्नलगंज में कलेक्टर के साथ निकाला हूं। जिन लोगों ने भी यहां घुसने का प्रयास किया है उनका सीसीटीवी के जरिए पहचाना जा रहा है। और उनकी खोज भी की जा रही है। अब तक इस मामले में 17 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी।” हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस पर हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद हिंदू संगठनों में है भारी आक्रोश  बता दें कि गुना शहर के कर्नलगंज क्षेत्र में हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस पर हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। सोमवार को गुना के हनुमान चौराहे पर विभिन्न संगठनों के हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने पथराव के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ अज्ञात लोग आक्रोशित होकर कर्नलगंज इलाके की ओर रवाना हो गए। हालांकि इन्हें हाट रोड पर पुलिस ने रोकने की कोशिश भी की, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर दूसरे रास्ते से कर्नलगंज इलाके की तरफ बढ़ गए। इस बीच प्रधान डाकघर के सामने स्थित एक गली में कुछ घरों के अंदर तोडफ़ोड़ की भी बात सामने आई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने घरों के दरवाजों पर डंडे बरसाए, कुछ मोटरसाइकिलों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। मामला बिगड़ता देख गुना एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने मोर्चा संभाला और पुलिस बल के साथ खुद मौके पर जा पहुंचे। इस दरम्यान हंगामा कर रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस लाठीचार्ज भी करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद हंगामा कर रहे उपद्रवी मौके से भाग निकले। खैर, इस दौरान हनुमान चौराहे पर संगठनों की ओर से लगातार नारेबाजी की जाती रही। हैरत की बात यह कि पुलिस को भी समझ नहीं आ रहा है कि कितने संगठन विरोध जता रहे हैं और कौन हंगामा कर रहा है? इस अनियंत्रित भीड़ को काबू करना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।  इसे भी पढ़ें:– राजस्थान के इस जिले में बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं लोग, 800 घरों में नहीं है पीने का पानी  हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद शुरू हुई राजनीति  इस बीच  गुना में हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद जमकर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने तो पुलिस की भूमिका पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अब्बास हफ़ीज़ का कहना है कि “पुलिस ने एकतरफा एक्शन लिया है।” यही नहीं, जिले के एसपी का वीडियो भी जारी जारी किया है। जिसमें एसपी ने ये कबूला कि “जुलूस गलत रूट पर निकल। CCTV में पत्थरबाजी नहीं दिखी। जिस रूट पर जुलूस निकला उसकी अनुमति नहीं ली गई, मस्जिद के सामने जानबूझकर नारे लगाए गया। अब कांग्रेस ने दोनों पक्षों पर कार्रवाई की मां की है। उनका कहना है कि “पक्षपात कौन कर रहा है, एसपी का पहला बयान सही है या बाद की कार्रवाई सही है, जवाब मिलना चाहिए।” भाजपा प्रवक्ता मिलन भार्गव ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि “जब महू में घटना हुई थी तब भी कांग्रेस ने रास्ते पर सवाल उठाए थे। अब फिर कांग्रेस प्रवक्ता कह रहे हैं कि गलत रास्ते से जुलूस निकाला गया। भारत में आदमी क्या जय श्री राम नहीं बोल सकता?” कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “कांग्रेस का चरित्र है दूसरा पाकिस्तान बनाना। कांग्रेस देश को बंटवारे के रास्ते पर ले जा रही है। हिंदुओं की यात्रा निकलती हैं, तो तकलीफ किसे हो रही है देख सकते हैं।”   Latest News in Hindi Today Hindi news Guna MP stone pelting #GunaNews #HanumanJayanti #StonePelting #MPNews #BulldozerAction #ReligiousProcession #GunaViolence #MadhyaPradesh #HinduFestival #BreakingNews

आगे और पढ़ें
Drinking water problem

Rajasthan water crisis: राजस्थान के इस जिले में बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं लोग, 800 घरों में नहीं है पीने का पानी 

राजस्थान अपनी गर्मी के लिए मशहूर है। यहाँ की तपती गर्मी के झेल पाना सबके बस की बात नहीं। गर्मी का मौसम आते ही यहाँ पीने की पानी समस्या होना आम है। हर साल यहाँ पानी की किल्ल्त देखी जाती है। ऐसा ही एक मामला है, राजस्थान के सीकर जिले स्थित सबलपुरा गांव का, जहाँ पानी की समस्या खड़ी (Rajasthan water crisis) हो गई है। पानी कमी से गुस्साएं गाँव वालों का कहना है कि पिछले कई दिनों से जल आपूर्ति विभाग की ओर से बनाई गई पानी की टंकी से एक बूंद भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। इस वजह से लगभग 800 घरों में पीने के पानी का संकट बना हुआ है। पानी का संकट गहराता देख स्थानीय लोगों ने बताया कि वे लगातार जिला कलेक्टर आवास, जलदाय विभाग और स्थानीय प्रशासन के पास अपनी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। यहां तक कि प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। परंतु अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। इस बीच ग्रामीणों ने जलदाय विभाग, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया।   पैसे खर्च कर मंगवाने पड़ (Rajasthan water crisis) रहे हैं प्राइवेट पानी के टैंकर पानी की कमी का आलम यह है कि सबलपुरा के ग्रामीणों को मजबूरन पैसे खर्च कर प्राइवेट पानी के टैंकर मंगवाने पड़ (Rajasthan water crisis) रहे हैं। हालांकि उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जलदाय विभाग के अधिकारियों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। सबलपुरा के उप-सरपंच गजेंद्र सिंह ने बताया कि “गांव में करीब एक सप्ताह से पेयजल की समस्या बनी हुई है। दरअसल, पहले सबलपुरा ग्राम पंचायत में आता था। परिसीमन के बाद इसे सीकर नगर पालिका क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है। लगभग 30 साल पहले विधायक कोटे से गांव में एक ट्यूबवेल का निर्माण करवाया गया था। इसी ट्यूबवेल से पानी की टंकी में सप्लाई होती है। अब यह ट्यूबवेल काफी पुराना हो चुका है और उसकी मोटर भी बार-बार खराब हो रही है।  इसे भी पढ़ें:–  रेखा गुप्ता रबर स्टांप CM…’,अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री पति के बैठक पर AAP का हमला, भाजपा का जबरदस्त पलटवार 181 पर कई बार शिकायत दर्ज करवाई और स्थानीय प्रशासन को भी (Rajasthan water crisis) करवाया अवगत  ग्रामीणों का कहना है कि “जलदाय विभाग की टंकी से आधे गांव में ही पानी पहुंचता है और वह भी कुछ ही मिनटों की सप्लाई में सीमित होता है, जिससे जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं। जब इस समस्या की शिकायत विधायक से की गई, तो उन्होंने सिर्फ आश्वासन दिया। अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। जलदाय विभाग के अधिकारियों ने दूसरे ट्यूबवेल के लिए प्रस्ताव भेजने की बात कही है, लेकिन उसमें भी समय लगेगा।” इस बीच ग्रामीणों ने यह भी कहा कि “उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर कई बार शिकायत दर्ज करवाई और स्थानीय प्रशासन को भी अवगत (Rajasthan water crisis) करवाया। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस गंभीर समस्या को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।   Latest News in Hindi Today Hindi news  Rajasthan water crisis #RajasthanWaterCrisis #WaterShortage #DrinkingWaterCrisis #NoWater #WaterScarcity #SaveWater #RuralCrisis #IndiaWaterIssue #DroughtAlert #WaterCrisisNews

आगे और पढ़ें
Trump Xi Jinping warning

Trump Xi Jinping warning: ट्रंप के टैरिफ की मार से चीन हुआ बेहाल, डोनाल्ड ट्रंप ने जिनपिंग को दी यह धमकी

लंबे अरसे से अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक युद्ध चला आ रहा है। ट्रंप प्रशासन में इसे अधिक तेजी (Trump Xi Jinping warning) मिली। गौरतलब हो कि अमेरिका ने चीन से आयातित वस्तुओं पर 145% तक की टैरिफ लगा दिया है। इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी सामानों पर 125% तक का जवाबी शुल्क लगाया है। हालांकि, इस बीच शुक्रवार को अमेरिका ने स्मार्टफोन, लैपटॉप, सेमीकंडक्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर टैरिफ में छूट की घोषणा की थी। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टैरिफ नीति से पूरी दुनिया को हिला रखा है। अब वह सेमिकंडक्टर पर नया टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि “अनुचित व्यापारिक व्यवहार के लिए ‘किसी को बख्शा नहीं जायेगा।” इस बीच उन्होंने यह भी साफ़ किया कि शुक्रवार को जिन उत्पादों पर टैरिफ छूट दी गई है, वे अब भी 20% फेंटानिल टैरिफ के दायरे में हैं।  हम किसी भी देश, खासकर चीन जैसे दुश्मन व्यापारिक राष्ट्रों के आगे बंधक (Trump Xi Jinping warning) नहीं बन सकते राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि “अब समय आ गया है कि हम अपने उत्पादों का निर्माण अमेरिका में ही करें। हम किसी भी देश, खासकर चीन जैसे दुश्मन व्यापारिक राष्ट्रों के आगे बंधक नहीं बन सकते। ये देश दशकों से हमारा व्यापारिक शोषण करते आ रहे हैं, लेकिन अब वो दिन (Trump Xi Jinping warning) लद चुके हैं।” हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि “अमेरिका जल्द ही राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ जांच के तहत सेमीकंडक्टर और संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन की समीक्षा करेगा।” अहम बात ये कि यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन पर चीन को रियायत देने के आरोप लग रहे हैं। दरअसल, शुक्रवार को स्मार्टफोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अमेरिका की तरफ से लगाए गए टैरिफ से छूट तो दी गई थी, लेकिन अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक ने साफ किया है कि “यह सिर्फ एक अस्थायी राहत है, जब तक कि ट्रंप प्रशासन सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए नया टैरिफ ढांचा तैयार नहीं कर लेता।”  इसे भी पढ़ें:– 14,000 करोड़ रुपये डकारने वाला मेहुल चोकसी बेल्जियम में हुआ गिरफ्तार स्थायी टैरिफ नीति पर काम हो (Trump Xi Jinping warning) रहा है कहने की जरूरत नहीं कि इस कदम से ऐसा लगने लगा था कि अमेरिका दबाव कम करने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप और वाणिज्य सचिव ने इसे सिर्फ एक अस्थायी कदम बताया। महत्वपूर्ण बात यह कि इस नई छूट से एपल, एनविडिया और डेल जैसी अमेरिकी टेक कंपनियों को राहत मिल सकती है। ये कंपनियां अपने कई उत्पादों का निर्माण चीन में कराती हैं।  विशेषकर आईफोन और अन्य प्रीमियम प्रोडक्ट्स के लिए डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला फायदेमंद साबित हो सकता है। ऐसे में ट्रंप ने खुद स्पष्ट कर दिया है कि “स्थायी टैरिफ नीति पर काम हो (Trump Xi Jinping warning) रहा है।” वैसे आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका चीन समेत अन्य देशों के साथ व्यापारिक संबंधों में कितनी सख्ती अपनाता है और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ता है?  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Xi Jinping warning #TrumpWarning #XiJinping #USChinaTensions #TradeWar #TrumpTariffs #ChinaEconomy #Geopolitics #USChinaRelations #GlobalTrade #TrumpNews

आगे और पढ़ें
Dr. Ambedkar untold facts

10 Untold Facts About Dr. Ambedkar: अंबेडकर जयंती पर जानें डॉ बाबा साहब से जुड़ी 10 अनसुनी बातें

आज डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने उन्हें याद करते हुए ट्वीट किया है। बाबा साहेब को संविधान का निर्माता भी कहा जाता है, इन्हीं की अगुवाई में ही दुनिया के सबसे बड़े संविधान की रचना की गई थी। बाबा साहेब का जन्म मध्य प्रदेश के महू जिले में 14 अप्रैल 1891 में हुआ था। डॉ भीम राव अंबेडकर का असली सरनेम अंबडेकर नहीं था, उनका असली सरनेम सकपाल था। उनका ये नाम उनके पिता ने स्कूल में लिखवाया था, फिर उनके एक शिक्षक ने उन्हें अपना सरनेम अंबेडकर दे दिया था। उस दौर में अंबेडकर सबसे पढ़े-लिखे व्यक्तियों में से एक थे, उन्होंने जीवनभर छुआछूत और गरीबी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखी। आइए आज उनकी 135वीं जयंती पर जानते हैं उनके से जीवन से जुड़ी 10 अनकही 10 Untold Facts About Dr. Ambedkar बातें।  इसे भी पढ़ें: – जानिए प्रोटीन के उन 6 बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्सस के बारे में, जो बना सकते हैं आपको हेल्दी बाबा साहेब के से जीवन से जुड़ी 10 अनकही (10 Untold Facts About Dr. Ambedkar) बातें  Latest News in Hindi Today Hindi 10 Untold Facts About Dr. Ambedkar #AmbedkarJayanti2025 #DrAmbedkarFacts #BabasahebAmbedkar #AmbedkarLegacy #AmbedkarThoughts #SocialJustice #IndianConstitution #DalitIcon #UntoldFacts #AmbedkarInspiration

आगे और पढ़ें
Nirav Modi Mehul Choksi

Mehul Choksi Arrested in Belgium: 14,000 करोड़ रुपये डकारने वाला मेहुल चोकसी बेल्जियम में हुआ गिरफ्तार

रिपोर्ट्स के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में भगोड़े मेहुल चोकसी को बेल्जियम में पुलिस ने (Mehul Choksi Arrested in Belgium) गिरफ्तार कर लिया गया है।जानकारी के मुताबिक 65 वर्षीय चोकसी को शनिवार (12 अप्रैल) को केंद्रीय जांच ब्यूरो के अनुरोध पर गिरफ्तार किया गया है। फ़िलहाल अभी भी वो जेल में है। भारत अब बेल्जियम के अधिकारियों से उसके प्रत्यर्पण के लिए कह रहा है। गौर करने वाली बात यह कि चोकसी के खिलाफ कोई रेड नोटिस नहीं है। बता दें कि हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी और उसके भतीजे नीरव मोदी 14,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में आरोपी हैं। दोनों फरार चल रहे हैं। खैर, मार्च 2025 में बेल्जियम सरकार ने भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी की अपनी धरती पर मौजूदगी की पुष्टि की थी और कहा थी कि “वह इस मामले को बहुत महत्व और ध्यान दे रही है।” बेल्जियम पुलिस ने अस्पताल से किया गिरफ्तार (Mehul Choksi Arrested in Belgium)  प्राप्त जानकारी के मुताबिक चोकसी को बेल्जियम पुलिस ने एक अस्पताल से गिरफ्तार कर (Mehul Choksi Arrested in Belgium) अपनी कस्टडी में ले लिया है। वह इलाज के लिए बेल्जियम पहुंचा था। भारतीय एजेंसियों को जैसे ही उसकी मौजूदगी की खबर मिली वो एक्टिव हो गई। सीबीआई और ईडी ने 3 महीने पहले ही उसके प्रत्यर्पण के लिए एप्लिकेशन मूव की थी। मेहुल चोकसी इतना शातिर है कि बेल्जियम में शिंकजा कसता देख वह स्विट्ज़रलैंड भागने की फिराक में था। इससे पहले की वो भाग पात, भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर बेल्जियम प्रशासन ने उसे धर दबोचा। भारत से भागने के बाद चोकसी सीधा कैरेबियाई देश एंटीगुआ और बारबुडा पहुंच गया था। ख़बरों की माने तो उसने वहां की नागरिकता भी ले ली थी। इसके बाद वह वहां से डोमिनिका रिपब्लिक भी गया लेकिन वहां उसे अवैध रूप से घुसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन देशों से भारत कोई प्रत्यर्पण समझौता नहीं होने के कारण चोकसी भारत के चुंगल से बच निकला था। इस बार चौकसी ने गलती कर दी। जिस देश में उसमें पनाह ली उसका भारत से प्रत्यर्पण समझौता है। यह संधि 1901 से यानी अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। इसके तहत भारत चौकसी के प्रत्यपर्ण की मांग कर सकता है।  इसे भी पढ़ें:– इस वजह से अमेरिका ने ईरान को दी सैन्य हमला करने की धमकी बेल्जियम से भारत लाना है काफी (Mehul Choksi Arrested in Belgium) आसान  गौर करने वाली बात यह कि अभी महीना भर भी नहीं हुआ कि भगोड़े व्यवसायी मेहुल चोकसी और प्रीति चोकसी ने बेल्जियम का एफ रेजीडेंसी कार्ड हासिल किया था। प्रीति चोकसी बेल्जियम की निवासी हैं। दरअसल, चोकसी का पूरा परिवार बेल्जियम का है। साल 2024 में यह जोड़ा एंटीगुआ से बेल्जियम चला गया था। मेहुल के भतीजे नीरव मोदी को मई 2019 में लंदन में मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने गिरफ्तार किया था। नीरव के पास प्रत्यर्पण के लिए कानूनी विकल्प खत्म हो गए हैं, लेकिन वह मानवीय आधार पर ब्रिटेन में रहने में कामयाब रहा है। बता दें कि हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 13,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोपी है। सीबीआई ने मेहुल चोकसी और अन्य के खिलाफ 15 फरवरी, 2018 को पंजाब नेशनल बैंक से धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कर रखा है। देश से भागने के बाद मेहुल वर्षों तक गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था। मजे की बात यह कि खुद ही उस देश में पहुंच गया, जहां से उसे भारत लाना काफी (Mehul Choksi Arrested in Belgium) आसान है। बेल्जियम की एक अस्पताल से गिरफ्तारी के बाद अब चोकसी भारतीय एजेंसियों की पकड़ में आ सकता है।   Latest News in Hindi Today Hindi news Mehul Choksi Arrested in Belgium #MehulChoksi #PNBScam #ChoksiArrested #BelgiumNews #FraudAlert #NiravModi #FugitiveArrest #IndiaNews #ChoksiScam #BreakingNews

आगे और पढ़ें
Translate »