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Owaisi's Absence

Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?: क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी?

साल के अंत में बिहार में चुनाव होने हैं। चुनाव भले ही साल के अंत में होने हैं लेकिन सरगर्मियां अभी से गई हैं। सभी राजनीतिक दल अभी से अपना-अपना नफा नुकसान देखने लगे हैं। इसी कड़ी में हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम असदुद्दीन ओवैसी भी अपनी पैठ जमाने के लिए इंडिया गठबंधन में शामिल होना चाहते (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) हैं। इसके चलते एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान ने बाकायदा लालू यादव को पत्र लिखा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर ऐसी कौन सी वजह है जो ओवैसी लालू के साथ हाथ मिलाना चाहते हैं? ओवैसी इंडिया गठबंधन में इसलिए भी शामिल होना हैं क्योंकि उनकी नजर मुस्लिम वोटों पर है। वैसे तो बिहार में हर बार की तरह इस बार भी सभी की नजर मुस्लिम वोटो पर है। हो भी क्यों न, बिहार में 50 से अधिक सीटों पर मुस्लिम वोटर्स काबिज जो हैं। बता दें कि मुस्लिम बिहार की कुल आबादी का 17 प्रतिशत है। ध्यान देने वाली बात यह कि बिहार में कभी भी मुस्लिम वोटर एकतरफा वोट कास्ट नहीं करते हैं। बिहार में मुस्लिम जेडीयू, आरजेडी को वोट करते रहे हैं। 2020 के विधानसभा में 76 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स इंडिया गठबंधन के साथ (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) थे आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक इंडिया गठबंधन को मुस्लिम वोट सबसे ज्यादा मिलता रहा है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को 87 प्रतिशत मुस्लिमों ने वोट किया था। जबकि 2020 के विधानसभा में 76 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स इंडिया गठबंधन के साथ (Will Owaisi’‘s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) थे। बात करें साल 2020 में हुए विधानसभा चुनाव की तो इस चुनाव में आरजेडी को ओवैसी की पार्टी ने काफी नुकसान पहुंचाया था। जिसका सीधा फायदा जेडीयू को हुआ था। जेडीयू पिछले चुनाव में मात्र 43 सीटों पर सिमट कर रह गई थी। जिसके लिए वे चिराग पासवान की पार्टी को जिम्मेदार मानते हैं। हालांकि उनको जो सीटें मिली हैं उसमें सीमांचल का योगदान अधिक है। इसकी सबसे बड़ी वजह ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम थी। वैसे भी जिस राज्य में मुस्लिम आबादी अधिक होती है, वहां पर ओवैसी पहुंच जाते हैं और विपक्षी पार्टियों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाते हैं। कारण यही जो विरोधी दल उन्हें बीजेपी की बी भी कहते हैं। हालांकि ओवैसी और बीजेपी दोनों इसे सिरे से ख़ारिज करते हैं।  चुनाव के कुछ समय बाद ही ओवैसी के 5 में से 4 विधायक आरजेडी में शामिल हो गए (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) थे कहने की जरूरत नहीं, साल 2020 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम वोटों के बिखरने से एनडीए को फायदा हुआ था। हालांकि ये बात आरजेडी ख़ारिज करती है। ऐसा इसलिए कि आरजेडी के मुखिया लालू यादव को लगता है कि बिहार में अमूमन अधिकतर मुस्लिम वोटर्स उन्हीं की पार्टी को वोट करता है। दरअसल, लंबे समय से लालू यादव बिहार में एमवाई समीकरण को साधे हुए (Will Owaisi’‘s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) हैं। बड़ा कारण यही जो बिहार में उन्हें मुस्लिम वोटर्स के लिए किसी अन्य पार्टी से गठबंधन की जरूरत नहीं है। वो बात और है कि पिछली बार उन्हें कुछ सीटों का नुकसान हुआ था, लेकिन चुनाव के कुछ समय बाद ही ओवैसी के 5 में से 4 विधायक आरजेडी में शामिल हो गए थे। एक बड़ी वजह यह भी जो लालू यादव ओवैसी को बिहार में बड़ी चुनौती नहीं मानते।  इसे भी पढ़ें:-  मीरा रोड थप्पड़ कांड पर संजय निरुपम ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, आखिर पुलिस क्यों नहीं ले रही है कोई एक्शन? ओवैसी यदि इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनते हैं तो मुस्लिम वोटर एक मुस्त होकर इंडिया गठबंधन को वोट (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) करेंगे वैसे भी बीजेपी कभी नहीं चाहेगी कि ओवैसी कभी इंडिया गठबंधन में शामिल हों। क्योंकि ओवैसी यदि इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनते हैं तो मुस्लिम वोटर एक मुस्त होकर इंडिया गठबंधन को वोट करेंगे। इसमें नुकसान बीजेपी का (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) होगा। इसके अलावा बीजेपी के सहयोगी दल जेडीयू ने वक्फ बिल का सपोर्ट किया था। ऐसे में इस बार उससे मुस्लिम वोटर्स के छिटकने का भी डर है। इसके बावजूद दोनों पार्टियों ने मुस्लिम वोटर्स को रिझाने की रणनीति बना ली है। दरअसल, बिहार की 17 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स की आबादी में से 10 प्रतिशत पसमांदा यानी अति पिछड़े मुस्लिम हैं। जेडीयू का मानना है कि नए वक्फ कानून से पसमांदा मुस्लिमों को फायदा होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि जेडीयू और बीजेपी का यह पैंतरा इंडिया गठबंधन के खिलाफ कितना कारगर सिद्ध होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Owaisi’ #Owaisi #LaluYadav #BiharElections2025 #AIMIM #BiharPolitics #Mahagathbandhan #MuslimVotes #PoliticalAnalysis

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PM Modi praises Bihar’s rich heritage

PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago: त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर पीएम मोदी ने बिहार की विरासत को बताया भारत और दुनिया का गौरव

इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर हैं। इस बीच वहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “मैं कुछ समय पहले ही पक्षियों की इस खूबसूरत भूमि पर आया हूं। और मेरा पहला जुड़ाव यहां के भारतीय समुदाय के साथ (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) है। यह पूरी तरह से स्वाभाविक लगता है, क्योंकि हम एक परिवार का हिस्सा हैं।” पीएम मोदी ने कहा कि “जब मैं पिछली बार आया था, तब से लेकर अब तक 25 साल हो चुके हैं। हमारी दोस्ती और भी मजबूत हुई है। बनारस, पटना, कोलकाता और दिल्ली भले ही भारत के शहर हों, लेकिन यहां की सड़कों के नाम भी हैं। नवरात्रि, महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी यहां हर्ष, उल्लास और गर्व के साथ मनाई जाती है। चौताल और भिटक गण यहां पर पनपते रहते हैं। मैं यहां कई जाने-पहचाने चेहरों की गर्मजोशी देख सकता हूं। मैं युवा पीढ़ी की चमकीली आंखों में जिज्ञासा देख सकता हूं, जो एक साथ जानने और बढ़ने के लिए उत्सुक हैं। हमारे रिश्ते भूगोल और पीढ़ियों से कहीं आगे तक फैले हुए हैं।” प्रधानमंत्री कमला जी के पूर्वज बिहार के बक्सर में रहा (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) करते थे इस बीच पीएम मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर को महाकुंभ के संगम और सरयू नदी का पवित्र जल भी दिया। इसके साथ ही उन्हें श्री राम मंदिर की प्रतिकृति भी भेंट की। पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि “आप सभी जानते हैं कि इस वर्ष की शुरुआत में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम महाकुंभ हुआ (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) था। मुझे महाकुंभ का जल अपने साथ ले आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मैं कमला जी से अनुरोध करता हूं कि वे सरयू नदी और महाकुंभ का पवित्र जल यहां गंगा धारा में अर्पित करें।” इसके बाद लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “प्रधानमंत्री कमला जी के पूर्वज बिहार के बक्सर में रहा करते थे। कमला जी स्वयं वहां जाकर भी आई हैं। लोग इन्हें बिहार की बेटी मानते हैं। यहां उपस्थित अनेक लोगों के पूर्वज बिहार से ही आए हैं। बिहार की विरासत भारत के साथ ही दुनिया का भी गौरव है। लोकतंत्र हो, राजनीति हो, कूटनीति हो, उच्च शिक्षा हो, बिहार ने सदियों पहले दुनिया को ऐसे अनेक विषयों में नई दिशा दिखाई थी। मुझे विश्वास है कि 21वीं सदी की दुनिया के लिए भी बिहार की धरती से नई प्रेरणाएं और नए अवसर निकलेंगे।” मुझे यकीन है कि आप सभी ने 500 साल बाद अयोध्या में रामलला की वापसी का स्वागत (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) किया होगा- पीएम मोदी  इस बीच रामचरित मानस का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, मैं प्रभु श्री राम में आपकी गहरी आस्था से अवगत हूं। यहां की राम लीलाएं वास्तव में अनूठी हैं। रामचरितमानस में कहा गया है कि प्रभु श्री राम की पवित्र नगरी इतनी सुंदर है कि इसकी महिमा का गुणगान दुनिया भर में होता (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) है। मुझे यकीन है कि आप सभी ने 500 साल बाद अयोध्या में रामलला की वापसी का स्वागत किया होगा। आपने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पवित्र जल और शिलाएं भेजी थीं। मैं भी इसी तरह की भक्ति भावना के साथ यहां कुछ लाया हूं। राम मंदिर की प्रतिकृति और पवित्र सरयू से कुछ जल लाना मेरे लिए सम्मान की बात है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वो समय अब दूर नहीं है कि जब कोई भारतीय चंद्रमा पर पहुंचेगा और भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा। हम अब तारों को सिर्फ गिनते नहीं हैं, आदित्य मिशन के रूप में उनके पास जाने का प्रयास करते हैं। हमारे लिए अब चंदा मामा दूर के नहीं है। हम अपनी मेहनत से असंभव को भी संभव बना रहे हैं। इसे भी पढ़ें:-  मीरा रोड थप्पड़ कांड पर संजय निरुपम ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, आखिर पुलिस क्यों नहीं ले रही है कोई एक्शन? आपके पूर्वजों ने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिल में रामायण को ले (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) गए पीएम मोदी ने आगे कहा, त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय समुदाय की यात्रा साहस के बारे में है। आपके पूर्वजों ने जिन परिस्थितियों का सामना किया, उसने सबसे मजबूत आत्माओं को भी तोड़ दिया होगा, लेकिन उन्होंने उम्मीद के साथ कठिनाइयों का सामना (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) किया। उन्होंने समस्याओं का डटकर सामना किया। उन्होंने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिल में रामायण को ले गए। उन्होंने अपनी मिट्टी छोड़ी, लेकिन अपना नमक नहीं। वे केवल प्रवासी नहीं थे, वे एक शाश्वत सभ्यता के दूत थे। उनके योगदान ने इस देश को सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से लाभान्वित किया है। Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi #PMModi #BiharHeritage #TrinidadVisit #GlobalPride #IndiaCulture #ModiAbroad #BiharPride #IndianDiaspora #ModiSpeech #IndianCulture

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Meera Road Slap Case

Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case: मीरा रोड थप्पड़ कांड पर संजय निरुपम ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, आखिर पुलिस क्यों नहीं ले रही है कोई एक्शन?

महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदी अनिवार्यता को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच जारी घमासान है कि थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस बीच मुंबई के मीरा रोड में हुआ भाषा विवाद भी अब तूल पकड़ता जा रहा है। दरअसल, मनसे के कार्यकर्ताओं ने मीरा रोड स्थित जोधपुर स्वीट शॉप के 48 वर्षीय मालिक बाबूलाल खिमजी चौधरी को मराठी भाषा न आने के चलते मारापीटा (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) था। इस घटना के विरोध में गुरुवार को मीरा भाईंदर के व्यापारियों ने दुकानें बंद रखी थी। पीड़ित बाबूभाई खिमाजी चौधरी ने मीरा भाईंदर वसई विरार के पुलिस को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मनसे कार्यकर्ताओं की पिटाई के बाद बाबूलाल चौधरी ने कानूनी तरीके से लड़ने का फैसला किया है ताकि इस तरह की हरकत किसी और के साथ न हो। हालांकि पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।  सीसीटीवी फुटेज के जरिए इस थप्पड़ कांड के तीन आरोपियों की पहचान (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) हुई है दर्ज एफआईआर के मुताबिक मनसे के कार्यकर्ता पानी की बोतलें खरीदना चाहते थे, लेकिन जब उन्होंने उनसे हिंदी में बात की, तो उन्होंने मराठी में बात करने की मांग की। मैंने कहा कि “हम सभी भाषाएं बोलते हैं, इसलिए उन्होंने मुझे पीटने की धमकी दी। इसके वह आगे खड़े चौधरी के पास पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने पूछा कि महाराष्ट्र में कौन सी भाषा बोली जाती (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) है? तो चौधरी ने कहा कि “सभी भाषाएं बोली जाती हैं।” इसके बाद चौधरी को मनसे कार्यकर्ताओं ने पीटना शुरू कर दिया। इस मार-पिटाई का वीडियो ऑनलाइन वायरल हुआ है। खैर, इस बीच सीसीटीवी फुटेज के जरिए इस थप्पड़ कांड के तीन आरोपियों की पहचान हुई है। जिनके नाम क्रमशा: प्रमोद निलेकर, अक्षय सालवी और करन कंदानगिरे हैं। मजे की बात यह कि 72 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों गिरफ्तार नहीं किया है। मनसे का आरोप है कि बेवजह इस घटना को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ऐसी घटनाओं का संज्ञान लें और सख्त कार्रवाई (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) करें इस मुद्दे पर एकनाथ शिंदे की पार्टी के नेता संजय निरुपम ने मुख्यमंत्री फडणवीस से कार्रवाई की मांग की है। निरुपम ने कहा है कि “कार्रवाई नहीं हुई तो गैर मराठी भारी खतरे में आ जाएंगे।” संजय निरुपम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि “महाराष्ट्र में रहनेवाले सभी लोगों को मराठी में संवाद करना चाहिए। यह आग्रह उचित है, परंतु इसके लिए गुंडागर्दी और मारपीट सर्वथा अनुचित (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ऐसी घटनाओं का संज्ञान लें और सख्त कार्रवाई करें। वरना बीएमसी चुनाव तक मुंबई और आसपास के इलाकों में रहने वाले गरीब और कमजोर गैर मराठी भाषी लोगों की सुरक्षा लगातार खतरे में रहेगी। कृपया इसकी गंभीरता को समझें और कड़ा एक्शन लेने का आदेश जारी करें।” इसे भी पढ़ें:- कांवड़ यात्रा में दुकानों के लाइसेंस मुद्दे पर बोले ओवैसी, कहा- “क्‍या पैंट उतरवा देंगे” क्या देश के नागरिक को इस तरह भाषा न आने के नाम पर सरे आम मारा पीटा जा सकता है? हालाँकि यह पहली बार नहीं है जब मनसे के कार्यकर्ताओं ने गैर-मराठियों को मारा न (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) हो। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या देश के नागरिक को इस तरह भाषा न आने के नाम पर सरे आम मारा पीटा जा सकता है? देश में कानून व्यवस्था है भी कि नहीं? एक तरफ बीजेपी कहती है, बाटोगे तो काटोगे तो वहीं दूसरी तरफ भाषा और प्रांत के नाम पर देश के नागरिकों को बेवजह पीटा जा रहा है। बड़ा सवाल यह कि प्रसाशन कब तक इस तरह की घटनाओं पर आँख मूंदे बैठा रहेगा? कुल-मिलाकर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है बीएमसी चुनाव और मराठी वोटो के छिटकने के डर से प्रशासन कड़ी कार्रवाई करने से बच रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sanjay Nirupam #sanjaynirupam #meeraroadslapcase #mumbainews #viralvideo #justice #policeinaction

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Bride Killed for Dowry

Bride Killed Over Dowry, Groom Remarried Instantly: दहेज नहीं मिला तो नई नवेली बहू की हत्या कर बेटे की करा दी दूसरी शादी

इक्कीसवीं सदी में एक तरफ जहाँ भारत विश्वगुरु बनने की और अग्रसर है, तो वहीं दूसरी ओर आज भी देश में दहेज़ लोभी दहेज के खातिर निर्दोषों को मौत के घात उतर दे रहे हैं। ताजा मामला है उत्तर प्रदेश के भदोही का जहाँ दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर शादी के महज दो महीने बाद एक नवविवाहिता की उसके ससुराल वालों ने हत्या कर (Bride Killed Over Dowry, Groom Remarried Instantly) दी। दरअसल, घटना जिले के गोपीगंज थाना क्षेत्र की है, जहां 22 वर्षीय रोशनी विश्वकर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, मृतका के ससुराल वाले इसे आत्महत्या बता रहे हैं, जबकि रोशनी के मायके वालों ने उसके पति और ससुराल पक्ष पर गला घोंटकर मारने का आरोप लगाया है। इस पूरे मामले पर गोपीगंज थाना के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि “मृतका रोशनी विश्वकर्मा के भाई संजय कुमार विश्वकर्मा की शिकायत पर पति प्रदीप विश्वकर्मा, सास राधा देवी, ससुर बलराम और ननद पूनम विश्वकर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत  धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।” यह शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत (Bride Killed Over Dowry, Groom Remarried Instantly हुई थी थाने में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, गोपीगंज थाना के वार्ड नंबर- 4 में रहने वाली रोशनी की शादी 6 मार्च 2025 को प्रदीप विश्वकर्मा से हुई थी। प्रदीप कोइरौना थाना क्षेत्र के सदाशिव पट्टी गांव में रहा करता (Bride Killed Over Dowry, Groom Remarried Instantly) है। महत्वपूर्ण बात यह कि यह शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई थी। शुरू में सब ठीक था। लेकिन इस बीच देहज न मिलने की वजह से ससुराल वालों का मुंह फूला रहता था। आये दिन दहेज को लेकर ताना मारा करते थे। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि सामूहिक विवाह में कोई दहेज न मिलने पर प्रदीप के परिवार वालों ने 31 मई को धूमधाम से दूसरी शादी करने की बात कही थी। इस बीच दूसरी शादी के बाद से ही रोशनी के ससुराल वालों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया।  उससे लगातार सोने के जेवर और नकदी की मांग करने लगे थे। आये दिन उसे दहेज़ लाने की बात कहा करते थे।  इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर 15 जून को ससुराल वालों ने रोशनी की हत्या कर (Bride Killed Over Dowry, Groom Remarried Instantly) दी प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर 15 जून को ससुराल वालों ने रोशनी की हत्या कर (Bride Killed Over Dowry, Groom Remarried Instantly) दी। इसके बाद सबूत मिटाने के इरादे से वे रोशनी के शव को ससुराल से लगभग 20 किलोमीटर दूर गोपीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाकर लावारिस छोड़ दिया। रोशनी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उसका अपना पति उसे दहेज़ के चंद पैसों के खातिर अपने परिवार के संग मिलकर मौत के घाट उतार देगा। लेकिन, हुआ वही जो सदियों से होता आया है। दहेज़ लोभियों ने एक और निर्दोष की जान ली। थाना प्रभारी ने बताया कि “इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और पुलिस जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।” यह हमारे समाज की बिडंबना है कि आज भी देश में बेटियों को दहेज़ के खातिर मौत के घाट उतार दिया जाता है। बेशक देश में दहेज़ विरोधी कानून हैं लेकिन धरातल पर उसका अमल होता दिखता नहीं है। यदि वाकई कानून का सख्ती से पालन हो रहा होता तो आज देश में कोई बेटी कम से कम दहेज़ के चलते अपनी जान से हाथ नहीं धोती। अब वक़्त आ गया है कि सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे ताकि कोई और दहेज़ लोभियों की भेंट न चढ़े।   Latest News in Hindi Today Hindi Bride Killed Over Dowry, Groom Remarried Instantly #bridekilled #dowrydeath #groomremarried #instantmarriage #dowryviolence #indiacrime #bridejustice #viralnews #shockingcrime #justiceforbride

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Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides

Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides: 767 किसानों की आत्महत्या पर भड़के राहुल गांधी, कहा “अन्नदाता की जिंदगी आधी हो रही है, तमाशा देख रहे मोदी”

रायबरेली सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जमकर निशाना साधा है। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि “महाराष्ट्र में सिर्फ 3 महीनों में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) है।” दरअसल, महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के चौंकाने वाले मामले सामने आए है। महाराष्ट्र विधानसभा में सरकार की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से मार्च 2025 के बीच केवल तीन महीनों में 767 किसानों ने आत्महत्या की। इनमें से सबसे अधिक मामले विदर्भ क्षेत्र से दर्ज हुए हैं। इन आंकड़ों पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर धावा बोल दिया। उन्होंने कहा कि “वे तमाशा देख रहे हैं।” इस दौरान उन्होंने यह दावा भी किया कि “उनका यह “सिस्टम” किसानों को मार रहा है, लेकिन पीएम नरेन्द्र मोदी अपने पीआर का तमाशा देख रहे हैं। इस मुद्दे पर बात करते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया। अपने पोस्ट में उन्होंने महाराष्ट्र में पिछले तीन महीनों में हुए किसानों की आत्महत्या के आंकड़ें बताते हुए, इस स्थिति को चिंताजनक बताया। सोचिए.. सिर्फ 3 महीनों में महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली, (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) क्या ये सिर्फ एक आंकड़ा है?  किसानों की आत्महत्या पर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल (Rahul Gandhi) ने अपने पोस्ट में लिखा कि “सोचिए.. सिर्फ 3 महीनों में महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली। क्या ये सिर्फ एक आंकड़ा है? नहीं। ये 767 उजड़े हुए घर (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) हैं। 767 परिवार जो कभी नहीं संभल पाएंगे। और सरकार? चुप है। बेरुख़ी से देख रही है। किसान हर दिन कर्ज़ में और गहराई तक डूब रहा है, बीज महंगे हैं, खाद महंगी है, डीजल महंगा है लेकिन एमएसपी की कोई गारंटी नहीं।” यही नहीं, उन्होंने ने सिस्टम पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वो कर्ज़ माफ़ी की मांग करते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज़ कर दिया जाता है। लेकिन जिनके पास करोड़ों हैं? उनके लोन मोदी सरकार आराम से माफ कर देती है। आज की ही खबर देख लीजिए, अनिल अंबानी का ₹48,000 करोड़ का एसबीआई फ्रॉड। मोदी जी ने कहा था, किसान की आमदनी दोगुनी करेंगे, आज हाल ये है कि अन्नदाता की ज़िंदगी ही आधी हो रही है। ये सिस्टम किसानों को मार रहा है, चुपचाप, लेकिन लगातार और मोदी जी अपने ही PR का तमाशा देख रहे हैं।”  सरकार किसानों की आत्महत्या को लेकर चुप्पी साधी हुए है और (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) बरत रही है बेरुखी  बता दें कि कांग्रेस के पूर्व राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार पर जमकर निशाना (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आत्महत्या को लेकर चुप्पी साधी हुए है और बेरुखी बरत रही है। कहने की जरूरत नहीं महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या का मामला किसी से छुपा नहीं हैं। अब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गाँधी पर पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक चार्ट शेयर कर दावा किया गया कि “कांग्रेस सरकार के 15 साल के कार्यकाल के दौरान महाराष्ट्र में 55,928 किसानों ने आत्महत्या की।” कांग्रेस को घेरते हुए मालवीय ने कहा कि “मृतकों को गिनने की राजनीति घृणित है, लेकिन राहुल गांधी जैसे लोगों को आईना दिखाना जरूरी है।”  इसे भी पढ़ें:- कांवड़ यात्रा में दुकानों के लाइसेंस मुद्दे पर बोले ओवैसी, कहा- “क्‍या पैंट उतरवा देंगे” चुनावों के दौरान बीजेपी ने कर्जमाफी का किया (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) था वादा  गौरतलब हो कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी ने कर्जमाफी का वादा किया (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) था। सरकार गठन के 6 महीने बाद भी सरकार अपने इस वादे को पूरा नहीं कर पाई है। हालांकि इस मुद्दे पर डिप्ट सीएम अजीत पवार ने कहा कि “किसान सरकार की ऋणमाफी की घोषणा का इतंजार करने की बजाय समय पर अपने फसल ऋण की किस्तें चुकाए”, तो वहीं एकनाथ शिंदे ने कहा कि “सरकार घोषणा पत्र के वादों को पूरा करने को लेकर सजग है। कर्जमाफी ही नहीं हर वादा पूरा किया जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi #RahulGandhi #FarmerSuicides #ModiGovernment #767Farmers #FarmersProtest #IndiaPolitics #RahulVsModi #FarmerCrisis

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iPhone 17 delay

Foxconn Move May Delay iPhone 17 Production Timeline: Foxconn के इस कदम से iPhone 17 के प्रोडक्शन में हो सकती है देरी

आईफोन 17 का बेसब्री से इंतजार कर रहे लोगों के लिए बुरी खबर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में आईफोन के प्रोडक्शन को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, आईफोन बनाने वाली बड़ी कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) ने 300 से अधिक चीनी इंजीनियर्स और टेक्नीशियंस से भारत छोड़ने को कहा है। गौरतलब फॉक्सकॉन,आईफोन बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। जानकारी के मुताबिक ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका और चीन के बीच चल रही तनातनी को देखते हुए यह फैसला लिया गया (Foxconn Move May Delay iPhone 17 Production Timeline) है। गौर करनेवाली बात यह है कि यह सब उस समय हो रहा है जब ऐपल भारत में अपना बिजनेस बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे में भारत में आईफोन को असेंबल करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। खबर तो यह भी है कि पिछले कई महीनों में चीनी कर्मचारी अपनी नौकरी छोड़कर चीन वापिस लौट चुके हैं।  अमेरिका और चीन के बीच आए व्यापारिक तनाव के बाद आईफोन के कारोबार को वहां से शिफ्ट होने से रोकने की एक बड़ी (Foxconn Move May Delay iPhone 17 Production Timeline) कोशिश है बता दें कि चीन की तरफ से लगातार इस बात का दबाव बनाया जा रहा था कि वे भारत और दक्षिण एशिया में आईफोन के प्रोडक्शन से जुड़े टेक्नोलॉजी को न भेजे और न ही प्रशिक्षित स्टाफ को ही वहां से (Foxconn Move May Delay iPhone 17 Production Timeline) भेजे। ऐसा अमेरिका और चीन के बीच आए व्यापारिक तनाव के बाद आईफोन के कारोबार को वहां से शिफ्ट होने से रोकने की एक बड़ी कोशिश है। वर्तमान में एपल के कुल उत्पादन का पांचवां हिस्सा भारत में प्रोडक्शन हो रहा है। और ये सिर्फ चार साल के अंदर हुआ है। एपल की कोशिश थी कि अमेरिका में बिकने वाले ज्यादातर फोन का 2026 के आखिर तक भारत में ही प्रोडक्शन हो, लेकिन टेक्निकल स्टॉक की भारी कमी की वजह से अब इसके प्रोडक्शन में देरी हो सकती है।  चीनी कर्मचारी सबसे बड़ी मजबूरी (Foxconn Move May Delay iPhone 17 Production Timeline) हैं क्योंकि दोनों में टेक्निकल स्किल गैप पैदा हो सकता है। फॉक्सकॉन के अनुभवी चीनी टेक्नीशियंस न सिर्फ प्रोडक्शन को मैनेज करते थे, बल्कि साथ ही वो लोकल वर्कफोर्स को ट्रेनिंग देते थे। अब उनकी गैरमौजूदगी में आईफोन जैसे हाई-एंड प्रोडक्ट्स को असेंबल करना चुनौतियों भरा हो सकता है। महत्वपूर्ण बात यह कि लंबे समय से आईफोन चीन में ही बनते आए हैं, ऐसे में चीनी कर्मचारी उनकी सबसे बड़ी मजबूरी (Foxconn Move May Delay iPhone 17 Production Timeline) हैं। बेशक आईफोन बनाने का जितना अनुभव है चीनी कर्मचारियों के पास उतना भारतीयों के पास नहीं है। इससे प्रोडक्शन की स्पीड प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में जब तक भारत में उतनी ही अनुभवी लोकल टीम तैयार नहीं हो जाती, तब तक फॉक्सकॉन को कई ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कहने की जरूरत नहीं चीनी इंजीनियरों की वापसी से भारत की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स प्रभावित हो सकती है। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के चलते फॉक्सकॉन के इस कदम से भारत में आईफोन का निर्माण प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। और इसकी वजह से iPhone 17 के उत्पादन में देरी संभव है। इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले फॉक्सकॉन और ऐपल आईफोन 17 की ज्यादा से ज्यादा यूनिट बनाने की तैयारी कर रहे हैं इस पूरे मामले पर विशेषज्ञों का कहना है कि “भारत में आईफोन 17 लाइनअप के प्रोडक्शन में देरी हो सकती है। ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन तमिलनाडु के ओरागदम में ईएसआर (ESR) इंडस्ट्रियल पार्क में एक नई यूनिट स्थापित की (Foxconn Move May Delay iPhone 17 Production Timeline) है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने भारत और साउथ-ईस्ट एशिया में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करने और इंजीनियरों को भेजने पर रोक के लिए एजेंसियों और स्थानीय सरकारों पर दबाव बनाया है। जानकारों के मुताबिक, फॉक्सकॉन और ऐपल आईफोन 17 की ज्यादा से ज्यादा यूनिट बनाने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में अगर अनुभवी चीनी कर्मचारियों को प्रोडक्शन के काम से वापिस बुलाया जाता है, तो नए मॉडल्स की प्रोडक्शन बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi  Foxconn #Foxconn #iPhone17 #AppleNews #iPhoneDelay #TechUpdate #AppleLeak #iPhone17Launch

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Owaisi Slams UP Govt Over Kawad Yatra

Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses: कांवड़ यात्रा में दुकानों के लाइसेंस मुद्दे पर बोले ओवैसी, कहा- “क्‍या पैंट उतरवा देंगे”

एक बार फिर कांवड़ यात्रा से पहले उत्तर प्रदेश में सियासत गरमा गई है। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कुछ सख्त नियम जारी किए हैं। इसमें खाने-पीने की दुकानों पर मालिक के नाम की अनिवार्यता के साथ ही लाइसेंस और पहचान पत्र जरूरी कर दिया गया है। गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने कहा है कि ढाबा और रेस्टोरेंट में मालिक और मैनेजर का नेमप्लेट जरूरी है। खैर, पिछले साल की तरह इस बार भी कांवड़ यात्रा के दौरान यूपी में बवाल मचा हुआ है। दरअसल, यूपी में उन दुकानों को बंद कराने की खबरें आ रही हैं, जिनके पास नाम और लाइसेंस नहीं हैं। इस मुद्दे पर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया। ओवैसी ने कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) कहा कि “मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा मार्ग पर भोजनालय चलाने वाले दुकानदारों को बेवजह परेशान किया जा रहा है।”  बीजेपी पर तंज करते हुए ओवैसी ने कहा कि “ये अफसोस की बात है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल साफ तौर पर निर्देश दिए थे, फिर भी यूपी सरकार ऐसे विजिलेंटे ग्रुप्स को खुली छूट दे रही है। आखिर इनको रोका क्यों नहीं जा रहा?” सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए उन्‍होंने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल ऐसे फैसलों पर राज्य सरकार को फटकार लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद ऐसा रवैया है, जो कि प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल है।” बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर खुले में मांस बिक्री ना होने के साथ ही ओवररेटिंग पर सख्ती के निर्देश और संचालक को अपना नाम लिखे होने के निर्देश दिए हैं। पहले कांवड़ यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण होती थी, लोग श्रद्धालुओं का स्वागत करते थे, चाहे वे किसी भी धर्म के क्यों (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) न हों सूबे की सरकार पर सवाल खड़ा करते हुए ओवैसी ने कहा कि “पहले कांवड़ यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण होती थी, लोग श्रद्धालुओं का स्वागत करते थे, चाहे वे किसी भी धर्म के क्यों न हों, लेकिन अब कुछ तत्व संगठित होकर यात्रा के बहाने अराजकता फैला रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि “मुजफ्फरनगर में बाईपास के पास पहले ऐसी कोई दिक्कत नहीं होती (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) थी। अब कोई ग्रुप बनाकर होटल वालों से आधार कार्ड मांगा जाता है। अरे तुम कौन होते हो पूछने वाले? न तुम एसपी हो, न आरडीओ, न एसडीएम।” इस बीच ओवैसी ने एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि “एक युवक से आधार कार्ड मांगने के बाद जब उसने नहीं दिखाया, तो उसका कपड़ा उतार दिया गया। बाद में पता चला कि उसका नाम गोपाल था।” इस कृत्य की आलोचना करते हुए ओवैसी ने कहा कि वो चाहे वो गोपाल हो या कोई और हो, किसी को ये अधिकार नहीं कि वो इस तरह की गुंडागर्दी करे।”  इसे भी पढ़ें:- विजय दिवस के पहले नारायण राणे ने राज को याद दिलाया उद्धव का किया अपमान, कही यह बात  पुलिस ने भले ही नोटिस दिया हो, लेकिन क्या वह इन लोगों को गिरफ्तार (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) करेगी? यही नहीं उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि “पुलिस ने भले ही नोटिस दिया हो, लेकिन क्या वह इन लोगों को गिरफ्तार (Owaisi Questions UP Govt Over Kawad Yatra Shop Licenses) करेगी? क्या बुलडोजर का डर दिखाया जाएगा? सरकार की मंशा पर शक जताते हुए उन्होंने कहा कि “अगर सरकार की नीयत कमजोर है तो ये लोग खुद को सत्ता के संरक्षित मानकर जो चाहें करेंगे।” बता दें कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान बिना लाइसेंस वाले दुकानों को बंद करने की बात एक बार फिर उठ रही है। इस मुद्दे पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार और प्रशासन पर करारा हमला किया। सरकार को आड़े हाथों लेते हुए ओवैसी ने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद यूपी सरकार कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए अराजकता फैलाने वाले तत्वों की कड़ी आलोचना की।” खैर, देखना दिलचस्प होगा कि आगे यह बवाल शांत होता है या फिर इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर इसे और तूल दिया जाता है? Latest News in Hindi Today Hindi news Owaisi #Owaisi #KawadYatra #UPGovt #ShopLicense #PoliticalNews #IndiaNews #Controversy

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Owaisi Slams EC

Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar: बिहार में चुनाव आयोग के इस प्रोसेस पर भड़के ओवैसी, कहा- “करोड़ों वोटर्स नहीं डाल सकेंगे वोट”

इस साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी माहौल के मद्देनजर राजनीतिक हलकों में हलचल मची हुई है। यहाँ सबसे बड़ी चर्चा यहां पर वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चर्चा जोरों पर है। अमूमन सभी विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। इस कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग की बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की योजना कर विरोध किया (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) है। न सिर्फ विरोध किया है बल्कि इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने कहा कि “बूथ स्तर के अधिकारियों के लिए इतने कम समय में करोड़ों वोटर्स के रिकॉर्ड को अपडेट करना करीब-करीब असंभव है।” उन्होंने कहा, “आप चाहते हैं कि यह प्रक्रिया एक महीने में निपटा ली जाए। यह कैसे संभव है? आप इसे महज एक महीने में कैसे कर सकते हैं? इसके पीछे क्या तर्क है?” करोड़ों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हो (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) जाएंगे और वे वोट डालने के अपने अधिकार से वंचित हो जाएंगे एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में ओवैसी ने यह चेतावनी भी दी कि इस संशोधन की वजह से वोटिंग लिस्ट से करोड़ों नाम छूट सकते हैं। ओवैसी ने कहा, “आप जल्दबाजी करके इन चीजों को रद्द नहीं कर सकते। अगर कल चुनाव होते हैं तो मुझे पूरा यकीन है कि इसमें कई नाम छूट जाएंगे। इसका दोष कौन लेगा? ऐसा करना अभी असंभव है और मेरी आशंका है कि हजारों नहीं, बल्कि लाखों, शायद करोड़ों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हो (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) जाएंगे और वे वोट डालने के अपने अधिकार से वंचित हो जाएंगे।” खैर, इस बीच एआईएमआईएम चीफ ने लाल बाबू हुसैन केस का भी हवाला दिया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि जिस व्यक्ति का नाम पहले से ही वोटर लिस्ट में है, उसे बिना नोटिस और उचित प्रक्रिया के हटाया नहीं जा सकता।  इसे भी पढ़ें:- विजय दिवस के पहले नारायण राणे ने राज को याद दिलाया उद्धव का किया अपमान, कही यह बात  बीएलए के लिए एक महीने में इसे कर पाना कैसे संभव (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) होगा गौरतलब हो कि चुनाव आयोग की तरफ से एसआईआर की प्रक्रिया 24 जून को अधिसूचित की गई थी। इसकी कड़ी आलोचना करते हुए एआईएमआईएम चीफ ओवैसी ने कहा कि “इसमें वोटर्स को नुकसान (Owaisi Slams EC, Says Crores May Miss Voting in Bihar) होगा। बिहार के ज्यादातर युवा पलायन कर चुके हैं। वे आर्थिक और अन्य वजहों से केरल, मुंबई, हैदराबाद, पंजाब और दिल्ली आदि राज्यों में चले जाते हैं, इसी तरह सीमांचल का अधिकांश क्षेत्र बाढ़ की वजह से करीब छह महीने तक कटा रहता है। अब, आप इसे एक महीने में करना चाहते हैं।” यही नहीं, चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हुए ओवैसी ने कहा कि “बीएलए आपके घर कितनी बार आएगा? शायद वह एक बार, दो बार और तीन बार आएगा। यह काफी चौंकाने वाला है कि चुनाव आयोग ऐसा कर रहा है।” उन्होंने कहा कि बिहार में करीब 8 करोड़ वोटर्स हैं। बीएलए के लिए एक महीने में इसे कर पाना कैसे संभव होगा? यह मानवीय रूप से असंभव है।” ऐसा ही नहीं है कि ओवैसी ही नहीं बल्कि अन्य राजनीतिक दल भी इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं ने कल बुधवार को चुनाव आयोग से मुलाकात कर इस प्रक्रिया को कराने के समय से जुड़ी अपनी चिंताओं से अवगत कराया। उनका आरोप है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कराई जा रही इस कवायद की वजह से राज्य के 2 करोड़ लोग वोट डालने का अधिकार खो सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Owaisi #Owaisi #BiharElections #ElectionCommission #VotingRights #AIMIM #BiharNews #IndianPolitics

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Daughter-in-law Kills Over Property, Jewelry Dispute: जमीन और जेवर देख ललचाई बहु ने सास की करवाई हत्या, इस बात से थी नाराज

कहने की जुरूरत नहीं कि आजकल रिश्तों की कोई मर्यादा बची ही नहीं है। कभी अवैध संबंधों के चलते तो कभी प्रॉपर्टी के चलते अपने ही अपनों की जान के प्यासे बने हुए हैं। ताजा मामला यूपी के झांसी का है, जहाँ एक कलयुगी बहू ने अपने हिस्से की जमीन को हथियाने और घर पर रखे जेवरात पर हाथ साफ़ करने के इरादे से अपनी सास की हत्या करवा दी। घटना के 5 दिन बाद पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया (Daughter-in-law Kills Over Property, Jewelry Dispute) है। जानकारी के मुताबिक घटना झाँसी स्थित टहरौली थाना क्षेत्र के कुम्हरिया गांव की है, जहाँ एक बहू ने अपनी बहन के प्रेमी के साथ मिलकर लाखों के जेवर और अपने हिस्से की जमीन को हथियाने चक्कर में अपनी सास की हत्या करवा दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हत्यारोपी बहू और उसकी बहन को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।  सास सुशीला जमीन बेचने से साफ इनकार कर रही (Daughter-in-law Kills Over Property, Jewelry Dispute) थी हत्या के पीछे संपत्ति का विवाद खुलकर आया। दरअसल, मृतका सुशीला के छोटे बेटे संतोष की पत्नी पूजा चाहती थी कि परिवार की 16 बीघे की जमीन में से उसे 8 बीघे का हिस्सा दे दिया जाए। इसे बेचकर वह पति के साथ ग्वालियर में बसना चाहती थी। इस बात पर पूजा के पति संतोष और ससुर अजय की सहमति तो थी, लेकिन सुशीला जमीन बेचने से साफ इनकार कर रही (Daughter-in-law Kills Over Property, Jewelry Dispute) थी। इसे लेकर पिछले एक साल से घर में विवाद चल रहा था। सास के रुख से नाराज पूजा ने खतरनाक योजना बनाई और ग्वालियर में रहने वाली अपनी बहन कमला को अपनी सास की हत्या के लिए राजी किया। सास की हत्या का शक न हो इसके लिए पूजा अपने मायके चली गई और अपने ससुर को भी मायके बुला लिया। ताकि सास घर में अकेली बचे। प्लान के मुताबिक 24 जून को अनिल और पूजा की छोटी बहन कमला रात के अंधेरे में घर में गए और घर में अकेली रह रही सास सुशीला को जहरीला इंजेक्शन लगाने के बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। सुशीला की हत्या करने के बाद अनिल और कमला दोनों 8 लाख रुपये की कीमत के जेवरात लेकर मौके से फरार हो गए।  वह अपने हिस्से की 8 बीघा जमीन बेचकर ग्वालियर में रहना चाहती (Daughter-in-law Kills Over Property, Jewelry Dispute) थी इस हत्या से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतका सुशीला के पति ने पूरे मामले की रिपोर्ट टहरौली थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने जैसे ही पूरे मामले की जांच-पड़ताल शुरू की, सबसे पहले शक की सुई बहू पूजा पर ही गई। जांच के दौरान पुलिस को जब कुछ सबूत हाथ लगे, तो पूजा को हिरासत में ले लिया। शुरुआत में तो उसने पुलिस को छकाने की खूब कोशिश की, लेकिन पुलिसिया पूछताछ में टूट गई और उसने सास की हत्या करवाने का जुर्म कबूल कर लिया।  कहने की जरूरत नहीं, 55 साल की सुशीला देवी की हत्या के लिए उसकी अपनी ही बहू ने जो प्लान बनाया उसको सुनकर पुलिस भी सन्न रह गई। पूजा ने बताया कि जेठ और ससुर के पास 16 बीघा जमीन (Daughter-in-law Kills Over Property, Jewelry Dispute) है। वह अपने हिस्से की 8 बीघा जमीन बेचकर ग्वालियर में रहना चाहती थी। जेठ और ससुर तैयार थे, लेकिन सास सुशीला मना कर रही थी। इसीलिए उसकी हत्या करवा दी।  इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म पुलिस ने आरोपी के पास से जेवरात बरामद कर लिए (Daughter-in-law Kills Over Property, Jewelry Dispute) हैं हत्या के बाद से बहन का प्रेमी फरार चल रहा था। इस बीच पुलिस पिछले कई दिनों से उसकी छोटी बहन कमला के प्रेमी अनिल वर्मा की तलाश में जुटी थी कि देर रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली की हत्यारोपी अनिल वर्मा लूट के जेवरात को लेकर अपने किसी परिचित के घर मोटरसाइकिल से बेचने जा रहा है। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने जैसे ही अनिल को रोकने की कोशिश की उसने पुलिस पर फायरिंग कर (Daughter-in-law Kills Over Property, Jewelry Dispute) दी। जवाबी फायरिंग में अनिल को पुलिस की गोली लग गई। इलाज के लिए आरोपी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया है। पुलिस ने उसके पास से जेवरात बरामद कर लिए हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi Daughter-in-law Kills Over Property, Jewelry Dispute #daughterinlaw #murdercase #propertydispute #familycrime #crimealert #jewelrydispute #indianews #shockingcrime

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Health Ministry confirms no link between COVID-19

No Link Between COVID Vaccine and Heart Attacks: स्वास्थ्य मंत्रालय का बड़ा बयान, “कोरोना वैक्सीन का हार्ट अटैक से कोई संबंध नहीं” 

बीते दिनों दिल का दौरा पड़ने से मौतों के मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि कोरोना वैक्सीन का हार्ट अटैक से कोई संबंध नहीं है। दरअसल, कर्नाटक में पिछले महीने में दिल का दौरा पड़ने से 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इसके लिए कनार्टक की सरकार ने कोरोना वैकसीन को जिम्मेदार ठहराया गया था। इसके बाद कोरोना वैक्सीन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी। अचानक दिल का दौरा पड़ने से होने वाली मौतों की वजह वैक्सीन को बताते हुए सवाल उठाए जा रहे थे। इस बीच मंत्रालय ने इन सवालों का जवाब एक मेडिकल रिसर्च के आधार पर दे दिया है। इस मुद्दे पर देश की दो सबसे बड़ी मेडिकल संस्थाओं भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने बड़ी और गहरी जांच की है, जिसमें साफ कहा गया है कि “कोविड वैक्सीन और अचानक मौतों का कोई सीधा संबंध नहीं (No Link Between COVID Vaccine and Heart Attacks) है।”  अचानक हुई मौतें कोरोना वैक्सीन का दुष्प्रभाव नहीं हैं, बल्कि जीवनशैली और पुरानी बीमारी मौत होने का प्रमुख कारण (No Link Between COVID Vaccine and Heart Attacks) है बता दें कि आईसीएमआर और एम्स की रिसर्च में स्पष्ट हो गया है कि कोरोना वैक्सीन और कर्नाटक में हो रही अचानक मौतों का कोई संबंध (No Link Between COVID Vaccine and Heart Attacks) नहीं है। दरअसल, यह रिसर्च कोरोना काल के बाद अचानक हुई मौतों को लेकर की गई थी। रिसर्च में निष्कर्ष निकला कि अचानक हुई मौतें कोरोना वैक्सीन का दुष्प्रभाव नहीं हैं, बल्कि जीवनशैली और पुरानी बीमारी मौत होने का प्रमुख कारण है। इस रिपोर्ट को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि “देश में कई एजेंसियों के माध्यम से अचानक होने वाली मौतों के मामलों की जांच की गई है, जिनसे यह साबित हो गया है कि कोविड-19 टीकाकरण और देश में अचानक होने वाली मौतों की खबरों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। हालांकि इस रिपोर्ट से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी कहा था कि “अचानक मौत की वजह कोविड वैक्सीन नहीं है। उस दौरान नड्डा ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की एक रिपोर्ट का हवाला दिया था। उन्होंने कहा था कि वैक्सीनेशन से जोखिम बढ़ा नहीं बल्कि कम हुआ है।  इसे भी पढ़ें:- सिर और गर्दन के कैंसर के 5 शुरुआती संकेत जिन्हें कभी भी नहीं करना चाहिए नजरअंदाज कर्नाटक के हासन जिले में दिल का दौरा पड़ने से 20 से जयादा लोगों की हो (No Link Between COVID Vaccine and Heart Attacks) चुकी है मौत  गौरतलब हो कि मई-जून 2025 के बीच कर्नाटक के हासन जिले में दिल का दौरा पड़ने से 20 से जयादा लोगों की मौत हो चुकी है। अचानक हुई इन मौतों का कारण कोरोना वैक्सीन का साइड इफेक्ट बताया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कोविड वैक्सीन के संभावित दुष्प्रभावों की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की। इस समिति का नेतृत्व जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च के निदेशक डॉ. केएस रविंद्रनाथ करेंगे। जांच 10 दिन में पूरी करके रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। कर्नाटक के CM सिद्धारमैया ने भी सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने कहा कि “दुनियाभर में हुई रिसर्च में साबित हुआ है कि कोरोना वैक्सीन के दुष्प्रभाव होते हैं। जल्दबाजी में वैक्सीन को परमिशन दी गई, जो अचानक हो रही मौतों का कारण हो सकती है।” कनार्टक के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2 साल में हासन जिले में 507 हार्ट अटैक के मरीज रिकॉर्ड हुए। इनमें से 190 लोगों की मौत हुई है। कहने की जरूरत नहीं, कोरोना महामारी के बाद हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई लोगों ने कोविड वैक्सीन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था लेकिन,आईसीएमआर और एम्स की ताजा रिपोर्ट से पता चला है कि वैक्सीन और हार्ट अटैक के बीच कोई सीधा संबंध नहीं (No Link Between COVID Vaccine and Heart Attacks) है।  Latest News in Hindi Today Hindi news COVID Vaccine #covidvaccine #heartattack #healthministry #vaccinesafety #covid19update #govtstatement #coronavirusnews #vaccinefacts #healthnews #covidtruth

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