Shiv

Trump Putin phone call

Trump Putin phone call: ट्रंप और पुतिन के बीच फोन पर लगभग दो घंटे हुई बात, इस शर्त पर होगी युद्ध समाप्ति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयास में जुटे हैं। इस सिलसिले में दोनों के बीच मंगलवार को तकरीबन 2 घंटे तक फ़ोन पर (Trump Putin phone call) बातचीत हुई। जानकारी के मुताबिक इस दौरान युद्धविराम समझौते और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। पुतिन से फोन पर बातचीत से पहले ट्रंप ने संकेत दिया कि क्षेत्रीय नियंत्रण और परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचे चर्चा का हिस्सा होंगे। बड़ी बात यह कि इस बातचीत की पुष्टि व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ डैन स्कैविनो ने की। उन्होंने बाकायदा ट्वीट कर बताया कि “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ओवल ऑफिस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ सुबह 10:00 बजे से बातचीत कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “चर्चा सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और अभी जारी है।” बता दें कि यह वार्ता तीन साल से चले आ रहे रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों का हिस्सा है। इस संघर्ष ने अब तक लाखों लोगों की जान ले ली है, करोड़ों को बेघर कर दिया है और यूक्रेन के कई क्षेत्रों को तबाह कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के तहत 30 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव पर बातचीत की। गौर करने वाली बात यह कि इस दौरान युद्ध विराम समझौते के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मनाने (Trump Putin phone call) की कोशिश कर रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर 30 दिनों के युद्धविराम समझौते को औपचारिक रूप से स्वीकार करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मनाने (Trump Putin phone call) की कोशिश कर रहे हैं। इसी सिलसिले में पिछले सप्ताह सऊदी अरब में हुई अमेरिका की अगुवाई वाली वार्ता के दौरान यूक्रेनी अधिकारियों ने सहमति व्यक्त की थी। इस वार्ता का नेतृत्व अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने किया था। पुतिन से फोन पर बातचीत से पहले ट्रंप ने संकेत दिया कि वार्ता के दौरान क्षेत्रीय नियंत्रण और परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचे के मुद्दे चर्चा का हिस्सा होंगे। इसे भी पढ़ें:- दुनिया के साथ-साथ डॉल्फिन ने भी मनाया सुनीता विलियम्स की वापसी का जश्न, ट्रंप ने दी बधाई   पूर्वी यूक्रेन के बड़े हिस्सों सहित कब्जे में लिए गए क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की रखी है (Trump Putin phone call) शर्त  विदित हो कि सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “वे यूक्रेन युद्ध में युद्धविराम और शांति स्थापित करने के प्रयास करेंगे और उन्हें विश्वास है कि यह संभव हो सकता है।” तो वहीं दूसरी तरफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले सप्ताह अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव का समर्थन किया था। लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट किया कि “रूस अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने से पहले कुछ महत्वपूर्ण शर्तों को पूरा करना चाहता है। जानकारी के मुताबिक क्रेमलिन ने क्रीमिया और पूर्वी यूक्रेन के बड़े हिस्सों सहित कब्जे में लिए गए क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की शर्त (Trump Putin phone call) रखी है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Putin phone call #TrumpPutin #RussiaUkraineWar #Geopolitics #GlobalDiplomacy #USRussiaRelations #TrumpNews #PutinUpdates #WarNegotiations #WorldPolitics #PeaceTalks

आगे और पढ़ें
Sunita Williams safe landing

Sunita Williams safe landing: दुनिया के साथ-साथ डॉल्फिन ने भी मनाया सुनीता विलियम्स की वापसी का जश्न, ट्रंप ने दी बधाई 

जून 2024 में 8 दिनों के अंतरिक्ष मिशन के रवाना हुईं भारतीय मुल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) के यान में तकनीकी खामी आ गई थीं। जिसकी वजह से उन्हें स्पेस स्टेशन में 9 माह गुजारने पड़े। इस बीच अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा समेत दुनिया भर के वैज्ञानिक सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी का इंतजार कर रहे थे। उनकी वापसी के लिए स्पेसएक्स ने क्रू-9 मिशन लॉन्च किया था। नौ महीने से अधिक समय तक अंतरिक्ष में गुजारने के बाद भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने साथियों के साथ सकुशल लौट आईं (Sunita Williams safe landing) हैं। भारतीय समयानुसार, बुधवार तड़के 3:27 बजे उनका यान फ्लोरिडा तट के पास उतरा। उनके साथ क्रू-9 मिशन के अन्य दो सदस्य, निक हेग और अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी सुरक्षित वापस आ गए। बता दें कि स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल आईएसएस से 17 घंटे का सफर तय कर मैक्सिको की खाड़ी में पैराशूट की मदद से उतरा। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की सफल लैंडिंग के बाद सुनीता विलियम्स सहित सभी अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जैसे ही वे कैप्सूल से बाहर आए, उन्होंने कैमरे की ओर हाथ हिलाकर पृथ्वी पर वापस लौटने की खुशी जाहिर की।  लैंडिंग (Sunita Williams safe landing) के दौरान डॉल्फिन का झुंड पहुंचा था रिसीव करने  बता दें कि लैंडिंग (Sunita Williams safe landing) के दौरान एक रोचक घटना घटी। दरअसल, ड्रैगन कैप्सूल के लैंड होते ही अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की एक टीम बीच समुद्र में मौजूद पहुंची। इस दौरान उन्होंने कैप्सूल के पास डॉल्फिन का एक झुंड देखा। इसे देखकर वहां मौजूद सभी के चेहरे खिलखिला उठे। नजारा देखका ऐसा लग रहा था मानो डॉल्फिन स्वयं अंतरिक्ष यात्रियों को रिसीव करने पहुंची हैं। उन्हें खुद भी महीनों से  सुनीता विलियम्स की वापसी का इंतजार था। डॉल्फिन के इस झुंड का वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर ने डॉल्फिन वाला वीडियो ‘एक्स’ पर शेयर करते हुए कहा कि “अनप्लान्ड वेलकम क्रू! क्रू-9 के पास आज दोपहर को कुछ आश्चर्यजनक आगंतुक आए।” इसे भी पढ़ें:- नासा की ‘Crew-9’ मिशन: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर सफलतापूर्वक लैंडिंग (Sunita Williams safe landing) पर व्हाइट हाउस ने एलन मस्क, स्पेसएक्स और नासा को दिया धन्यवाद  The unplanned welcome crew! Crew-9 had some surprise visitors after splashing down this afternoon.🐬 pic.twitter.com/yuOxtTsSLV — NASA's Johnson Space Center (@NASA_Johnson) March 18, 2025 इस सफलता (Sunita Williams safe landing)  पर व्हाइट हाउस ने एलन मस्क, स्पेसएक्स और नासा को धन्यवाद देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि “जो वादा किया, वो निभाया। नौ महीने से फंसे अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित घर लाने के लिए धन्यवाद।” इसके अलावा इस सफलता के लिए नासा की पूरी टीम की सराहना की गई। मिशन के दौरान नासा ने दोनों अंतरिक्ष यात्रियों की भी प्रशंसा की। इस अवसर पर अंतरिक्ष यात्री हेग ने कैलिफोर्निया के हॉथोर्न स्थित स्पेसएक्स फ्लाइट कंट्रोल सेंटर से रेडियो पर कहा कि “यह एक अद्भुत सफर था। मैं कैप्सूल को देख रहा हूं और बेहद उत्साहित हूं।”  नौ महीने बाद हुई सकुशल (Sunita Williams safe landing) वापसी  जानकारी के लिए बता दें कि सुनीता विलियम्स और वुच विल्मोर दोनों ही अंतरिक्ष यात्रियों की 5 जून को लॉन्च हुए बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल के लगभग एक सप्ताह बाद ही लौटना था, लेकिन स्पेस स्टेशन के रास्ते में आई तकनीकी खराबी की वजह से स्टारलाइनर को खाली वापस भेजा गया था। इस मिशन का उद्देश्य स्टारलाइनर की क्षमता को परखना था, जिसमें उसे अंतरिक्ष यात्रियों को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचाकर सुरक्षित वापस लाना था। हालांकि, यह मिशन केवल आठ दिनों का था, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण उनकी वापसी में टलती गई। आखिरकार नौ महीने बाद ही, सभी की सकुशल वापसी (Sunita Williams safe landing) हो गई। नासा ने इस वापसी को योजना के अनुसार सफल बताया और कहा कि “सभी अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news Sunita Williams safe landing Sunita Williams #SunitaWilliams #SpaceReturn #SafeLanding #NASA #AstronautLife #SpaceExploration #InspiringWomen #DolphinCelebration #ProudMoment #SpaceNews

आगे और पढ़ें
Superfast charging EV,

Superfast charging EV: चीन की नई सुपरफास्ट टेक्नोलॉजी का कमाल, 5 मिनट के चार्ज पर 400 KM चलेगी यह कार

आमतौर पर इलेक्ट्रिक कारों को फुल चार्ज होने में तकरीबन 4 से 5 घंटे का समय लगता है। कहने की जरूरत नहीं इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज करने में लगने वाला समय सच में बड़ा कष्टदायक होता है। क्या हो यदि आपकी कार सिर्फ 5 मिनट में ही चार्ज हो जाये? आप कहेंगे क्या मजाक है, यहां एक साधारण मोबाइल 5 मिनट में फूल चार्ज नहीं होता, भला 5 मिनट में इतनी बड़ी इलेक्ट्रिक कार कैसे फूल चार्ज हो जाएगी? जी हाँ, अब कार चार्ज होगी वो भी 5 मिनट में। यदि ऐसा संभव हो जाए तो आप निश्चित ही इसे किसी करिश्में से काम नहीं मानेंगे। वैसे तो आज की टेक्नोलॉजी में कुछ भी संभव है। दरअसल, चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी ने इस कारनामे को सच कर दिखाया है। बता दें कि चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी BYD (Build Your Dreams) ने अपनी नई सुपर ई-प्लेटफार्म चार्जिंग टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) की घोषणा की है। इसके मुताबिक अब इलेक्ट्रिक व्हीकल के मालिकों को घंटों चार्जिंग स्टेशन पर अपना वक़्त ज़ाया नहीं करना पड़ेगा। बता दें कि नई सुपर-ई-प्लेटफार्म चार्जिंग टेक्नोलॉजी से अब सिर्फ 5 मिनट में 400 KM की रेंज मिलेगी। यानी इस हिसाब से हर 1 सेकंड के चार्ज पर 1 KM की ड्राइविंग। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि यह नई टेक्नोलॉजी न सिर्फ टेस्ला को टक्कर देगी, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों को और भी आसान और दमदार बना देगी। यह इस समय दुनिया की सबसे तेज चार्जिंग टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) मानी जा रही है कहने की जरूरत नहीं इस नई तकनीक से कारें सिर्फ 5 मिनट चार्ज होकर 400 किलोमीटर तक चल सकेंगी। गौर करने वाली बात यह कि ये सिस्टम 1,000 किलोवॉट (1 मेगावॉट) की चार्जिंग क्षमता देता है जो टेस्ला की 500 किलोवॉट चार्जिंग स्पीड से दोगुना है। यह इस समय दुनिया की सबसे तेज चार्जिंग टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) मानी जा रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कंपनी के संस्थापक वांग चुआनफू ने इसे शेन्जेन स्थित मुख्यालय में लॉन्च के दौरान कहा कि “इससे इलेक्ट्रिक कारें उतनी ही जल्दी चार्ज हो सकेंगी, जितनी तेजी से पेट्रोल या डीजल गाड़ियों में ईंधन भरा जाता है।” बता दें कि BYD की यह नई सुपर चार्जिंग तकनीक सबसे पहले Han L सेडान और Tang L SUV में इस्तेमाल होगी। बड़ी बात यह कि इन गाड़ियों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। इन गाड़ियों का लॉन्च अप्रैल 2025 के पहले हफ्ते में होने की संभावना है। बात करें Han L और Tang L की कीमत की तो इनकी कीमत तकरीबन 270,000 – 350,000 युआन (लगभग 32 लाख – 42 लाख रुपये) के बीच होगी। इन गाड़ियों की खास बात यह कि इनमें 1000V हाई-वोल्टेज सिस्टम और 10C चार्जिंग तकनीक दी गई है। इसकी वजह से इन गाड़ियों की चार्जिंग स्पीड बड़ी तेज होगी।  इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर यह नई टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) इलेक्ट्रिक कारों को अधिक सुविधाजनक बनाएगी अहम बात यह कि यह नई टेक्नोलॉजी (superfast charging EV) इलेक्ट्रिक कारों को अधिक सुविधाजनक बनाएगी। बता दें कि BYD की यह पहल इलेक्ट्रिक गाड़ियों को तेज और ज्यादा एफिशिएंट बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। गौर करने वाली बात यह कि कंपनी ने चीन में 4,000 से ज्यादा सुपरफास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बनाई है, ताकि लंबी यात्रा के दौरान ग्राहकों को चार्जिंग की परेशानी न हो। बेशक BYD की यह नई तकनीक इलेक्ट्रिक कारों की दुनिया में बड़ा बदलाव लाने वाली है। और तो और सुपर-ई-प्लेटफार्म चार्जिंग टेक्नोलॉजी की मदद से ईवी मालिकों को लंबी यात्रा के दौरान चार्जिंग की कोई परेशानी भी नहीं होगी। निश्चित ही यह टेक्नोलॉजी BYD को न सिर्फ Tesla जैसे बड़े ब्रांड्स से आगे ले जाने में मदद करेगी बल्कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को और भी फेमस बनाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news #SuperfastEV #ElectricVehicle #FastChargingEV #EVRevolution #GreenEnergy #EVTechnology #ChinaEV #FutureCars #SustainableMobility #EVCharging

आगे और पढ़ें
Rahul Gandhi question (2)

Rahul Gandhi question: संसद में पीएम मोदी ने महाकुंभ में मरने वालों को क्यों नहीं दी श्रद्धांजलि? 

महाकुंभ के भव्य आयोजन पर आज संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना बयान दिया। महाकुंभ की सफलता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि “हम सब जानते हैं कि गंगा को धरती पर लाने के लिए एक भगीरथ प्रयास हुआ था, वैसा ही महाकुंभ के महाप्रयास में भी दिखा।” नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि “प्रयागराज महाकुंभ से अनेक अमृत निकले हैं। इससे एकता का अमृत निकला है। देश के हर क्षेत्र और हर कोने से लोग इस आयोजन में आए और एक हो गए। लोग अहंकार से हम में एकजुट हो गए।” प्रधानमंत्री ने महाकुंभ की तुलना भारतीय इतिहास के मील के पत्थरों करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “हर राष्ट्र के जीवन में ऐसे क्षण आते हैं जो सदियों और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन जाते हैं। मैं प्रयागराज महाकुंभ को एक ऐसे मील के पत्थर के रूप में देखता हूं जिसमें देश के जागरूक होने का प्रतिबिंब दिखता है। सफल महाकुंभ, महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को जवाब है।” उन्होंने कहा कि महाकुंभ में बड़े और छोटे का कोई भेद नहीं था।” आदतन पीएम मोदी के बयान के बाद विपक्ष हमलावर हो गया। मजे की बात यह कि प्रधानमंत्री मोदी के बयान समाप्त होने के बाद सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के (Rahul Gandhi question) साथ-साथ पार्टी के अन्य नेताओं ने उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री सदन में बोलने वाले थे। समय रहते इसकी जानकारी नहीं दी गई।”  राहुल गांधी ने आरोप मढ़ते (Rahul Gandhi question) हुए कहा कि “पूरे मसले पर विपक्ष को नहीं बोलने दिया जाता इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप मढ़ते (Rahul Gandhi question) हुए कहा कि “पूरे मसले पर विपक्ष को नहीं बोलने दिया जाता। ये कैसा न्यू इंडिया है?” इसी के साथ राहुल गांधी ने ये भी कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी को बेरोजगारी के बारे में भी बोलना चाहिए था। परंतु उन्होंने इस पर कुछ नहीं बोला। पीएम मोदी को कुंभ में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।” बता दें कि संसद परिसर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “कुंभ हमारी परंपरा है, इतिहास है, संस्कृति है, लेकिन हमें इस बात की शिकायत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ में जान गंवाने वालों के बारे में कुछ नहीं कहा। मृतकों को श्रद्धांजलि तक नहीं दी।” इस बीच राहुल गांधी ने दृढ़ता से कहा कि “कुंभ में जाने वाले युवाओं को प्रधानमंत्री से रोजगार भी चाहिए। प्रधानमंत्री को रोजगार के बारे में भी बोलना चाहिए था।” इसे भी पढ़ें:- शरद पवार ने पीएम मोदी की तारीफ में पढ़े खूब कसीदे, चिट्ठी लिख कर दी बड़ी मांग आज के युवा परंपरा और संस्कृति को अपना रहे हैं- पीएम मोदी  आपको बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ के आयोजन पर अपनी बात रखते हुए कहा कि “मैंने लाल किले से सबका प्रयास के महत्व पर जोर दिया था। पूरे विश्व ने महाकुंभ के रूप में भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए। सबका प्रयास का यही साक्षात स्वरूप है।” इस दरम्यान प्रधानमंत्री ने कहा कि “पिछले साल अयोध्या के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हमने महसूस किया था कि कैसे देश एक हजार वर्षों के लिए तैयार हो रहा है। इसके ठीक एक साल बाद, महाकुंभ के आयोजन ने हम सबके इस विचार को और बल मिला है। ये सामूहिक चेतना देश का सामर्थ्य बताती है।” पीएम मोदी ने यह भी कहा कि “विघटन के दौर में हमारी एकता एक महत्वपूर्ण बिंदु है। और आज के युवा परंपरा और संस्कृति को अपना रहे हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi Rahul Gandhi question #RahulGandhi #PMModi #MahakumbhTragedy #ParliamentDebate #PoliticalControversy #KumbhMela #ModiRahulClash #BreakingNews #IndiaPolitics #OppositionAttack

आगे और पढ़ें
Man Kills Girl’s Brother Over Rejection

Man Kills Girl’s Brother Over Rejection: लड़की ने इनकार क्या किया, आरोपी ने घर में घुसकर उसके भाई को उतारा मौत के घाट और फिर खुद भी… 

सनक किसी भी चीज की अच्छी नहीं होती। विशेषकर नकारात्मक चीजों को लेकर। कभी-कभी यही सनक जाने-अनजाने में ऐसे काम करवा देती है जिसका खामियाजा दूसरों को भुगतना पड़ जाता है। ऐसी ही सनक का एक मामला केरला (Kerala) के कोल्लम जिले से प्रकाश में आया है, जहाँ एक युवक ने एक छात्र की उसीके घर में घुसकर हत्या कर दी। न सिर्फ उसकी हत्या की बल्कि खुद भी ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली। जानकारी के मुताबिक आरोपी तेजस ने कोल्लम के उलीयकोविल इलाके में रहने वाले छात्र फिबिन और उसके पिता गोमस के घर में घुसकर जानलेवा (Man Kills Girl’s Brother Over Rejection) हमला किया। उसने फिबिन पर कई बार चाकू से अचानक हमला किया। इस बीच खुद को बचाने के लिए घायल अवस्था में जैसे-तैसे फिबिन घर से बाहर निकला और फिर कुछ दूर जाकर बेहोश होकर गिर गया। फिबिन को इस तरफ गिरा देख स्थानीय लोगों ने उसे और उसके पिता गोमस को अस्पताल में भर्ती करवाया। जहाँ, फिबिन की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। उसके पिता का इलाज जारी है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी तेजस वहीं पास ही में मौजूद रेल्वे लाइन पर गया और चलती ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि आरोपी तेजस एसीपी रैंक के पुलिस अधिकारी का बेटा था।  शादी से इंकार करने के बाद तेजस अपसेट रहने लग गया (Man Kills Girl’s Brother Over Rejection) प्राप्त जानकारी के मुताबिक आरोपी तेजस और फिबिन की बहन ने एक साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। कॉलेज के दिनों से दोनों एक दूसरे को पसंद करते थे। इस बीच इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद फिबिन की बहन ने बैंक की कोचिंग की। और कोझिकोड इलाके में उसे एक निजी बैंक में नौकरी भी मिल गई। यह सब चल ही रहा था कि इसी दरम्यान इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी होने के बाद दोनों के परिवार वालों ने उनकी शादी की बात की। बड़ी बात यह कि दोनों के परिवार वाले शादी के लिए राजी भी हो गए। सब ठीकठाक था लेकिन इस बीच फिबिन की बहन ने अचानक शादी करने से मना कर दिया और उसने इस फैसले को अपने घरवालों से भी बता दिया। इस बात की जानकारी जब तेजस को हुई तो वो अपसेट हो गया (Man Kills Girl’s Brother Over Rejection)। इसी बीच वो पुलिस ट्रेनिंग ले रहा था। कहने की जरूरत नहीं, इस फैसले का असर उसकी ट्रेनिंग पर भी पड़ा और फिजिकल टेस्ट में फेल हो गया। फिजिकल टेस्ट में फेल होने की वजह से अब वो डिप्रेशन में रहने लगा। बेटे को इस तरह टूटता देख पुलिस अधिकारी पिता ने उसकी बाकायदा काउंसलिंग भी करवाई। यही नहीं, उन्होंने गोमस से मिलकर उसकी बेटी को समझाने को भी कहा। लेकिन गोमस की पत्नी ने साफ़ कह दिया कि “अगर बेटी तेजस से शादी नहीं करना चाहती है, तो वो उस पर दबाव नहीं बनाएंगे।” इसे भी पढ़ें:-सिर्फ इस एक छोटी सी वजह के चलते बाप-बेटे ने मिलकर की मां-बेटी की हत्या दरवाजा खोलते ही तेजस ने गोमस और फिबिन पर वार करना शुरू कर दिया (Man Kills Girl’s Brother Over Rejection) फिबिन की माँ ने जब शादी से साफ़ मना कर दिया तो आरोपी तेजस आग बबूला हो उठा। उसे हर हाल में फिबिन की बहन से शादी करनी थी। अब वो फिबिन की बहन को बार-बार फ़ोन कर परेशान करने लगा। इस बीच फिबिन ने तेजस को ऐसा न करने की हिदायत। फिबिन की हिदायत तेजस को इस कदर नागवार गुजरी कि अब उसने बदला लेने की ठान ली। और बदला लेने के इरादे से तेजस अपनी कार लेकर सोमवार शाम को गोमस के घर पहुंच गया। पुलिस के मुताबिक तेजस अपने साथ चाकू और 2 लीटर पेट्रोल लेकर गया था। घर जाने पर जैसे ही गोमस ने दरवाजा खोला तो, तेजस को देखकर दोनों में बहस शुरू हो गई। अभी दोनों की बहस हो ही रही थी कि इसी बीच फिबिन भी बाहर आ गया। फिबिन को देख तेजस का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। और उसने तेजस और गोमस पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया (Man Kills Girl’s Brother Over Rejection)। इस बीच दोनों पर हमला करने के बाद वो इस कदर डर गया कि उसने खुद ने भी ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। Latest News in Hindi Today Hindi News Man Kills Girl’s Brother Over Rejection Kerala #CrimeNews #ShockingIncident #MurderSuicide #ViolenceAgainstWomen #BreakingNews #JusticeForVictim #IndiaCrimeReport #TragicIncident #LawAndOrder #NewsUpdate

आगे और पढ़ें
Narendra Modi past life

Narendra Modi past life: बीजेपी सांसद के इस बयान पर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक मचा हंगामा, कांग्रेस ने कही यह बात 

मुगल शासक औरंगजेब को लेकर महाराष्ट्र में बवाल मचा हुआ है। मचे बवाल के बीच बीजेपी सांसद के बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। दरअसल, बीजेपी के सांसद ने शिवाजी महाराज को लेकर ऐसा बयान दिया कि उस पर विवाद शुरू हो गया है। बता दें कि ओडिशा के बारगढ़ से बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित ने संसद में कहा कि “पीएम मोदी (Narendra Modi) पिछले जन्म में (Narendra Modi past life) मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज थे। कहने की जरूरत नहीं सांसद के इस बयान पर बवाल मच गया।” लोकसभा में बोलते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि “उनकी मुलाकात एक संत से हुई थी।” इस बीच उन्होंने कहा कि “गिरिजा बाबा नाम के एक संत ने मुझे बताया कि देश के पीएम नरेंद्र मोदी का पूर्व जन्म छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में था। इसीलिए वह राष्ट्र निर्माण में काम कर रहे हैं।” इस पर अधिक जानकारी देते हुए सांसद प्रदीप पुरोहित ने आगे कहा कि “पीएम मोदी वास्तव में छत्रपति शिवाजी महाराज हैं, जिन्होंने महाराष्ट्र समेत पूरे देश को विकास और प्रगति की तरफ ले जाने के लिए पुनर्जन्म लिया है।” जाहिर सी बात है सांसद के इस बयान में हंगामा मचना ही था। हालांकि इस बयान के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आसन से आग्रह किया कि “अगर इस टिप्पणी से किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो इसे सदन की कार्यवाही से हटाने के बारे में विचार किया जाए।” खबर के मुताबिक उपसभापति ने उनके बयान को सदन की कार्यवाही को निकालने का आदेश दिया। बता दें कि चेयर पर बैठे दिलीप सैकिया ने निर्देश दिया कि प्रदीप पुरोहित की बातों की जांच करके उसे सदन की कार्यवाही से हटाने की प्रक्रिया की जाए।  बीजेपी सांसद के इस बयान (Narendra Modi past life) का कांग्रेस समेत विपक्ष के कई सदस्यों ने जताया विरोध  बीजेपी सांसद के इस बयान (Narendra Modi past life) का कांग्रेस समेत विपक्ष के कई सदस्यों ने विरोध जताया। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने प्रदीप पुरोहित के बयान की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “अखंड भारत के आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज का बार-बार अपमान करने तथा महाराष्ट्र और दुनियाभर के शिव प्रेमियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए भाजपा नेतृत्व द्वारा एक सुनियोजित साजिश रची जा रही है। इन लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की मानद टोपी नरेन्द्र मोदी के सिर पर रखकर शिवाजी महाराज का घोर अपमान किया है। अब इस भाजपा सांसद का यह घिनौना बयान सुनिए। हम शिवाजी का बार-बार अपमान करने के लिए भाजपा की सार्वजनिक रूप से निंदा करते हैं। भाजपा शिव-द्रोही है। हम शिवाजी का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। नरेंद्र मोदी को तुरंत देश से माफी मांगनी चाहिए और इस सांसद को निलंबित करना चाहिए।” इसे भी पढ़ें:- नागपुर में औरंगजेब की कब्र के विवाद को लेकर हुई हिंसा, आगजनी और पथराव के बाद कई इलाकों में लगा कर्फ्यू बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित के बयान (Narendra Modi past life) की कड़ी निंदा कर रहे हैं सोशल मीडिया यूजर्स यही नहीं, सोशल मीडिया यूजर्स भी बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित के बयान (Narendra Modi past life) की कड़ी निंदा कर रहे हैं। नेटिज़ेंस उनपर टूट पड़े हैं। उनका कहना है कि ये छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान है। एक यूजर ने लिखा कि “शिवाजी महाराज स्वराज्य के संस्थापक थे, न कि किसी पार्टी के प्रतीक। उनके शौर्य, बलिदान और विचारधारा को राजनीति से जोड़ना क्या उनकी महानता को सीमित करना नहीं? बता दें कि वर्तमान समय में मुगल बादशाह औरंगजेब को लेकर भी देश में काफी बहस चल रही है। इसलिए छत्रपति शिवाजी और मराठा साम्राज्य को लेकर भी देश में काफी बयानबाजी हो रही है और मुगल साम्राज्य की आलोचना की जा रही है Latest News in Hindi Today Hindi news Narendra Modi Narendra Modi past life #NarendraModi #ShivajiMaharaj #BJPMPStatement #PoliticalControversy #ParliamentDebate #SocialMediaBuzz #ModiShivajiRow #IndiaPolitics #ViralNews #BreakingNews

आगे और पढ़ें
Israel breaks ceasefire with airstrikes

Gaza airstrike: इजराइल ने युद्धविराम तोड़ गाजा पर किया हवाई हमला, 200 से अधिक लोगों की हुई मौत 

आखिरकार दो महीने तक इजरायल और हमास के बीच चला युद्धविराम टूट ही गया। दरअसल, मंगलवार की सुबह अचानक इजरायल ने गाजा पट्टी पर हमला  (Gaza airstrike) कर दिया। स्थानीय समय के मुताबिक सुबह 2 बजे एयर स्ट्राइक शुरू हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस हमले में तकरीबन 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। लगातार मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इस तरह इजरायल ने हमला करके सीजफायर तोड़ दिया है। बता दें कि पिछले सप्ताह ट्रंप प्रशासन ने युद्धविराम को बढ़ाने की कोशिश की और दोनों पक्षों के सामने एक प्रस्ताव रखा था। कतर की राजधानी दोहा में हुई यह बातचीत बेनतीजा साबित हुई थी। इस पर अधिक जानकारी देते हुए वाइट हाउस ने कहा कि “हमास ने उसके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।” वैसे यह हमला अचानक से नहीं हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ने पहले ही ट्रंप प्रशासन को इस हमले की जानकारी दे दी थी। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक वाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूजेस ने कहा  कि “हमास युद्धविराम बढ़ाने के लिए बंधकों को रिहा कर सकता था, लेकिन उसने इससे इनकार कर दिया और युद्ध का विकल्प चुना।” ऐसे में बड़ा सवाल यह कि यह सीजफायर टूटा क्यों? आईडीएफ के हमला करने के बाद इजरायल के रक्षा मंत्री बयान जारी कर कहा कि “आज रात हम गाजा की लड़ाई में वापस आ गए हैं।” हमास की ओर से बंधकों को रिहा करने से मना करने और आईडीएफ सैनिकों को नुकसान पहुंचाने की धमकियों के मद्देनजर यह हमला किया गया है। गौर करने वाली बात यह कि इजरायल ने गाजा पर ऐसे समय में हमला किया है जब अमेरिका यमन के हूतियों पर बम बरसा रहा है।  हमास द्वारा हमारे बंधकों को रिहा करने से बार-बार इनकार करने के बाद हुआ हमला  इस हमले पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि “उन्होंने युद्ध विराम को बढ़ाने के लिए चल रही बातचीत में प्रगति की कमी के कारण हमलों (Gaza airstrike) का आदेश दिया। यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि क्या यह ऑपरेशन एक बार की दबाव रणनीति थी या 17 महीने पुराना युद्ध फिर से शुरू किया जा रहा है।” नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि “यह हमास द्वारा हमारे बंधकों को रिहा करने से बार-बार इनकार करने और अमेरिकी राष्ट्रपति के दूत स्टीव विटकॉफ और मध्यस्थों से प्राप्त सभी प्रस्तावों को अस्वीकार करने के बाद हुआ है।” तो वहीं हमास के एक अधिकारी ताहिर नुनू ने इजरायली हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि “अंतर्राष्ट्रीय समुदाय एक नैतिक परीक्षण का सामना कर रहा है, या तो वह कब्जे वाली सेना द्वारा किए गए अपराधों की वापसी की अनुमति देता है या फिर वह गाजा में निर्दोष लोगों के खिलाफ आक्रामकता और युद्ध को समाप्त करने की प्रतिबद्धता को लागू करता है।” इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर इजराइली हवाई हमलों में (Gaza airstrike) मरने वालों की संख्या 200 के आस-पास बताई जा रही है जानकारी के लिए बता दें कि इजराइल ने सोमवार को गाजा पट्टी, दक्षिणी लेबनान और दक्षिणी सीरिया में हवाई हमले किए, जिसमें कई लोग मारे गए। इजराइली हवाई हमलों में (Gaza airstrike) मरने वालों की संख्या 200 के आस-पास बताई जा रही है। इजराइली सेना ने कहा कि “वह हमलों की साजिश रच रहे आतंकवादियों को निशाना बना रही थी।” उसने आगे कहा कि “वह दक्षिणी सीरिया में सैन्य कमांड सेंटर और उन जगहों को निशाना बना रही थी, जहां असद की सेना के हथियार और वाहन थे। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल एक बार फिर जमीनी आक्रमण की योजना बना रहा है. गाजा में यह इजरायली सैनिकों की वापसी का संकेत है। बता दें कि इजरायल और हमास का युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को तब शुरू हुआ जब हमास ने इजरायल पर हमला कर दिया था। तब से लेकर अब तक युद्ध में 48,000 फिलिस्तीनियों के मारे जाने की रिपोर्ट्स आई थी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Gaza airstrike #IsraelGazaWar #GazaAirstrike #MiddleEastConflict #IsraelAttack #GazaUnderAttack #WarCrimes #BreakingNews #PalestineCrisis #CeasefireBroken #HumanRights

आगे और पढ़ें
Aurangzeb Tomb Row Sparks Curfew

Nagpur violence: नागपुर में औरंगजेब की कब्र के विवाद को लेकर हुई हिंसा, आगजनी और पथराव के बाद कई इलाकों में लगा कर्फ्यू

सोमवार को महाराष्ट्र के नागपुर में (Nagpur violence) जमकर हिंसा और पथराव हुआ। दरअसल, एक अफवाह के बाद नागपुर के महल और हंसपुरी इलाके में दो गुटों के बीच पथराव और आगजनी की घटना हुई। उपद्रवियों ने हंसपुरी इलाके में बीती रात कई दुकानों और घरों को निशाना बनाया। स्थानीय लोगों की माने तो उपद्रवियों ने दुकानों में तोड़फोड़ की और 8 से 10 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। हिंसा का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि पुलिस को पथराव और आगजनी के बाद बिगड़ी कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करने के साथ ही आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर अचानक हिंसा भड़की ही क्यों? दरअसल, नागपुर के कई इलाकों में सोमवार की शाम इस अफवाह के बाद हिंसा फैल गई कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान कुरान को जला दिया गया। फ़िलहाल पुलिस अधिकारियों ने इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कानून-व्यवस्था का उल्लंघन न करने की सख्त चेतावनी दी है तो वहीं सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार रात शांति की अपील की और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की बात कही है।  उपद्रवियों ने (Nagpur violence) दुकानों में तोड़फोड़ करने के साथ-साथ आगजनी और पथराव किया प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो कुछ नकाबपोश उपद्रवी हाथों में धारदार हथियार, स्टिकर और बोतलें लेकर आए थे। उन्होंने यहां पर जमकर (Nagpur violence)  हंगामा किया। दुकानों में तोड़फोड़ की और पथराव किया। यही नहीं उपद्रवियों ने वाहनों को आग के हवाले कर दिया।” इसके बाद हिंसा भड़क उठी। अचानक भड़की इस हिंसा में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। खैर, नागपुर के महल और हंसपुरी इलाके में भड़की हिंसा के बाद प्रशासन ने अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया। इस पूरे मामले में नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर कुमार सिंघल ने बताया कि “नागपुर शहर के कोतवाली,  इमामवाड़ा, पचपावली, शांतिनगर, गणेशपेठ, लकड़गंज, सक्करदरा, नंदनवन, यशोधरा नगर और कपिल नगर के पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। यह कर्फ्यू अगले आदेश तक लागू रहेगा।” फिलहाल पुलिस की गाड़ी यहां गश्त कर रही है। पुलिस न सिर्फ माइक लाउडस्पीकर पर लोगों से घरों में रहने की अपील कर रही है बल्कि कर्फ्यू की जानकारी भी दे रही है। बता दें कि नागपुर में हिंसा से प्रभावित इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 (जो पहले आईपीएसी की 144 हुआ करती थी) के तहत कर्फ्यू लगा दिया गया है। पुलिस के अनुसार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि पथराव करने वाले को पकड़ा जा सके। नागपुर में हिंसा (Nagpur violence) को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस आयुक्त को दिए सख्त कदम उठाने के आदेश  नागपुर में हिंसा (Nagpur violence) को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वहां के पुलिस आयुक्त को कड़े कदम उठाने के लिए कहा है। हिंसा के बाद देर रात जारी बयान में फडणवीस ने कहा कि “नागपुर के महल इलाके में जिस तरह से स्थिति तनावपूर्ण हुई, वह बेहद निंदनीय है। कुछ लोगों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी की। यह गलत है। मैं स्थिति पर नजर रख रहा हूं। मैंने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है, उठाएं। अगर कोई दंगा करता है या पुलिस पर पत्थरबाजी करता है या समाज में तनाव पैदा करता है, तो ऐसे सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे नागपुर की शांति को भंग न होने दें। अगर कोई तनाव पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” इस बीच नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने कहा कि “पुलिस तलाशी अभियान चला रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है।” पुलिस ने धारा 163 लागू कर दी है। सभी को कहा गया है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और कानून को अपने हाथ में न लें। अफवाहों पर विश्वास न करें। इस क्षेत्र को छोड़कर, पूरा शहर शांतिपूर्ण है।” इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर नागपुर में जो स्थिति निर्माण हुई है, जिन लोगों ने भी वो स्थिति निर्माण की है, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए- चंद्रशेखर बावनकुले नागपुर में हिंसा (Nagpur violence) की घटना महाराष्ट्र के मंत्री और राज्य भाजपा प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि “नागपुर में जो स्थिति निर्माण हुई है, जिन लोगों ने भी वो स्थिति निर्माण की है, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस प्रशासन वहां मौजूद है। नागपुर की जनता बहुत संवेदनशील है। हमने नागपुर में कभी ऐसी घटना नहीं देखी।” यही नहीं, नागपुर से सांसद और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि “कुछ अफवाहों के कारण नागपुर में धार्मिक तनाव की स्थिति पैदा हुई है। नागपुर शहर का इतिहास ऐसे मामलों में शांति बनाए रखने का रहा है। मैं अपने सभी भाइयों से आग्रह करता हूं कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखें।” Latest News in Hindi Today Hindi news Nagpur violence #NagpurViolence #AurangzebTombRow #NagpurCurfew #StonePelting #CommunalClashes #MaharashtraNews #NagpurRiots #ViolenceInNagpur #LawAndOrder #BreakingNews

आगे और पढ़ें
Female Constable Falls in Love with Her Friend, Wants Marriage

Female constable love story: महिला कांस्टेबल को अपनी ही सहेली से हुआ इश्क़, करना चाहती है शादी

कहते हैं प्यार कभी भी किसी से भी हो सकता है। प्यार न सरहद देखता है और न ही जात-पात। यहाँ तक की प्यार धर्म की ऊंची दीवारों को भी लांघ जाता है।यह तो ठीक, लेकिन प्यार यदि जेंडर की सीमा को भी लांघ जाए तो इसे आप क्या कहेंगे? हैरत यह कि आजकल के प्यार में जेंडर की भी कोई सीमा नहीं रह गई है। जमाना इस कदर एडवांस हो चुका है कि महिला को महिला से और पुरुष जो पुरुष साथी से ही प्यार होने लगा है। कुछ ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के मथुरा में प्रकाश में आया है। जानकारी के मुताबिक यहाँ एक महिला पुलिसकर्मी पुरुष बनना चाहती है। पुरुष बनने के पीछे की वजह यह कि उसे अपनी ही सहेली से प्यार (Female constable love story) हो गया है। प्यार भी कोई ऐसा वैसा नहीं। महिला का प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि बात शादी करने तक आ पहुंची है। लिहाजा वो शादी के लिए लिंग परिवर्तन करवाना चाहती है।   महिला कांस्टेबल (Female constable love story) अपनी सहेली से करना चाहती है शादी  मीडिया रिपोर्ट के अनुसार महिला पुलिसकर्मी मथुरा के नौहझील इलाके की रहने वाली है। साल 2010 से वो दिल्ली पुलिस में काम कर रही है। शादी के लिए उसने बाकायदा दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आवेदन देकर लिंग परिवर्तन की अनुमति मांगी है। फिलहाल इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने मथुरा पुलिस को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि 2010 बैच की यह महिला कांस्टेबल अपने परिवार के साथ रहती है। उसे अपनी ही सहेली से प्यार (Female constable love story) हो गया और अब वह उसके साथ शादी करना चाहती है। इसीलिए उसने लिंग परिवर्तन कराने का फैसला लिया। दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने इस मामले में यूपी के मथुरा एसएसपी से रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  इसे भी पढ़ें:- योगी सरकार के आठ साल में सुधरी यूपी की कानून व्यवस्था, 222 अपराधी ढेर, 130 आतंकी गिरफ्तार  दिल्ली पुलिस की एक टीम महिला कांस्टेबल के गांव पहुंचकर उसके परिवार से की बातचीत (Female constable love story)  महत्वपूर्ण बात यह कि दिल्ली पुलिस के पत्र के बाद मथुरा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच के सिलसिले में दिल्ली पुलिस की एक टीम महिला कांस्टेबल के गांव पहुंची और वहां उसके परिवार से बातचीत (Female constable love story) की। कहा जा रहा है कि जल्द ही इस मामले की रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को भेजी जाएगी। इस रिपोर्ट के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली पुलिस महिला कांस्टेबल के अनुरोध पर क्या निर्णय लेती है। खैर, ऐसे में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि कब कौन किस पर दिल हार बैठे, आज के दौर में कुछ कहा नहीं जा सकता। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले, राजस्थान के भरतपुर की रहने वाली सविता ने भी अपनी सहेली पूजा के साथ शादी करने के लिए लिंग परिवर्तन करवाया था। जयपुर में कोचिंग के दौरान दोनों के बीच प्यार हुआ था। इसके बाद 31 मई 2022 को सविता ने इंदौर में जेंडर चेंज करवा लिया। जेंडर चेंज करवाने के बाद नवंबर 2024 में दोनों ने जयपुर के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी। ध्यान देने वाली बात यह कि इस तरह के मामलों में लिंग परिवर्तन हेतु कानूनी और सामाजिक प्रक्रियाएं अपनानी होती हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Female constable love story #FemaleConstableLoveStory #SameSexLove #LGBTQLove #LoveBeyondGender #PoliceLoveStory #TrueLove #LGBTQRights #LoveIsLove #BreakingStereotypes #WomenInUniform

आगे और पढ़ें
Pakistan Army resignations

Pakistan Army resignations: बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी के हमलों से पाक आर्मी में दहशत का माहौल, 2500 सैनिकों ने दिया इस्तीफा

खुद को ऐटमी पावर बताने वाले पड़ोसी मुल्क पाकिस्‍तान में ट्रेन हाइजैक की घटना के बाद से लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं। विद्रोही संगठन बलूचिस्‍तान लिब्रेशन आर्मी (बीएलए) आए दिन पाकिस्‍तान आर्मी के काफिले पर हमले कर रही है। एक तरफ बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के हमले तेज होते जा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना के जवान बड़ी संख्या में सेना छोड़कर भाग रहे हैं। दरअसल, पाकिस्‍तान आर्मी के जवानों में इस वक्‍त दहशत का माहौल है। दहशत के इस माहौल में पाक आर्मी को एकजुट रख पाना पाक आर्मी के प्रमुख आसिफ मुनीर के लिए मुश्किल लगने लगा है। काबुल फ्रंटलाइन की रिपोर्ट की माने तो पिछले कुछ दिनों में पाकिस्‍तान की सेना पर हुए हमलों के बाद तकरीबन 2,500 जवानों ने सेना की नौकरी से इस्तीफा (Pakistan Army resignations) दे दिया है। बता दें कि सेना के भीतर बढ़ती असुरक्षा और लगातार होती सैनिकों की मौत के चलते पाकिस्तानी सेना के जवान घबराए हुए हैं। वो इस कदर डरे हुए हैं कि पाकिस्तान में अपनी जान जोखिम में डालने के बजाय सऊदी कतर, कुवैत, अरब और यूएई जैसे देशों में काम करने का विकल्प तलाश रहे हैं। उनके इस कदम के पीछे की बड़ी वजह यह कि पाक सैनिक लगातार जारी हिंसा और असुरक्षा का सामना ही नहीं करना चाहते। कहने की जरूरत नहीं कि बलूचिस्तान में बढ़ता विद्रोह यह दर्शाता है कि इलाके की स्थिरता चरमरा चुकी है।  सेना ने आधिकारिक तौर पर इस्तीफों (Pakistan Army resignations) को नहीं किया है स्वीकार  हाल की घटनाओं जैसे कि बलूचिस्तान में ट्रेन हाइजैक और नोशकी में सैन्य काफिले पर हमला ने हर किसी की चिंता को इस कदर बढ़ा दिया है कि वो विदेश में वैकल्पिक रोजगार की तलाश करने पर मजबूर हैं। हालांकि न तो पाकिस्तानी मीडिया और न ही सेना ने आधिकारिक तौर पर इस्तीफों (Pakistan Army resignations) को स्वीकार किया है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान नेशनल पार्टी के सांसद फुलैन बलोच ने यह दावा किया था कि बीएलए ने इतनी तदाद में आत्मघाती हमलावरों की भर्ती कर ली है कि उसने फिलहाल के लिए अस्थायी रूप से इन भर्तियों को दिया दी है। इन दिनों  बलूचिस्तान ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है। 11 मार्च के बाद से कई पाक सैनिकों को मौत के घाट उतारा गया है। बलूच विद्रोही पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लगातार हमले कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें:- योगी सरकार के आठ साल में सुधरी यूपी की कानून व्यवस्था, 222 अपराधी ढेर, 130 आतंकी गिरफ्तार इतनी बड़ी तादाद में सेना छोड़ने (Pakistan Army resignations) का मामला किसी बड़े संकट का है संकेत  ऐसे में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर सहसी हमले को अंजाम देकर बीएलए ने हाल के समय में अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। विद्रोहियों ने रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाए, ट्रेन पर हमला किया और लगभग 450 यात्रियों को बंधक बना लिया था। काबुल फ्रंटलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक सेना देश में जारी हिंसा और असुरक्षा के बीच लड़ाई को जारी रखना नहीं चाहती है। इतनी बड़ी तादाद में सेना छोड़ने (Pakistan Army resignations) का मामला किसी बड़े संकट का संकेत है। क्योंकि यह स्थिति न सिर्फ सुरक्षा के मुद्दे से नहीं, बल्कि देश के आंतरिक हालातों का परिणाम भी हो सकती है। अगर हालात इसी तरह बिगड़ते गए तो पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistan Army resignations #PakistanArmy #BalochistanLiberationArmy #BLAAttacks #PakistanCrisis #MilitaryResignations #BalochistanConflict #PakArmyRetreat #BLAInsurgency #PakistanUnrest #BalochRebellion

आगे और पढ़ें
Translate »