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CM Mohan Yadav convoy halted

CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed: सीएम मोहन यादव के काफिले की गाड़ियां अचनाक हुईं बंद, इस वजह से पेट्रोल पंप हुआ सीज

क्या हो यदि आप पेट्रोल पंप से डीजल भरवाएं और कुछ दूरी पर जाने के बाद अचानक से आपकी गाड़ी बंद पड़ जाए? निश्चित आप इसे तकनीकी खरीब समझकर धक्का मारने पर मजबूर होंगे। ये तो बात रही आम इंसान की। यही घटना अगर सूबे के मुख्यमंत्री के साथ हो तो? निश्चित ही सरकारी अमले में हड़कंप मचना तय है। दरअसल, मध्य प्रदेश के रतलाम में इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के काफिले में शामिल एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियां अचानक रास्ते में बंद हो गईं। पहले तो मामला तकनीकी खराबी का लगा, लेकिन जब जांच हुई तो सामने आया कि इन गाड़ियों में पानी मिला डीजल भरा गया था। सीएम के दौरे को देखते हुए प्रशासन को सीएम काफिले के लिए तत्काल इंतजाम करना (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) पड़ा। सीएम काफिले के लिए इंदौर से गाड़ियों का दूसरा रैक भेजा गया। मुख्यमंत्री मोहन आज रतलाम के पोलो ग्राउंड में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री स्किल एंड इम्पलॉयमेंट कॉन्क्लेव 2025 में शिकरत करेंगे। जानकारी के मुताबिक, इन सभी वाहनों में डोसीगांव स्थित पेट्रोल पंप से डीजल भरवाया गया था। घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित पेट्रोल पंप को सील कर दिया गया है और ईंधन के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।  चलते-चलते काफिले की 19 गाड़ियां अचानक बंद हो (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) गईं रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार शाम सीएम मोहन के रतलाम दौरे से पहले रतलाम के लिए रवाना हुईं सीएम काफिले की 19 गाड़ियों ने एक पेट्रोल पंप से डीजल भरवाया था। मुख्यमंत्री का काफिला रतलाम जा रहा था, लेकिन चलते-चलते काफिले की 19 गाड़ियां अचानक बंद हो (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) गईं, जिससे चालकों का गाड़ियों से उतरकर धक्का लगाना पड़ गया। आशंका जताई जा रही है कि गईं कि पेट्रोल पंप का डीजल मिलावटी होने के कारण काफिले की गाड़ियां बंद पड़ गई। सीएल काफिले की 19 गाड़ियों के अचानक बंद होने की सूचना मिलते ही जिले में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने आनन-फानन में उस पेट्रोल पंप को सील कर दिया, जहां से काफिले की गाड़ियों में तेल भऱवाया गया था। बता दें कि डीजल में मिलावट की पुष्टि की है, जिसके बाद प्रशासन ने पेट्रोल पंप के खिलाफ एक्शन लिया। गौरतलब है मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव आज रतलाम दौरे पर है। सीएम मोहन दोपहर भोपाल से रतलाम पहुंच रहे हैं।   इसे भी पढ़ें:- हिंदी अनिवार्यता पर बोले शरद पवार, कहा राजनीति नहीं, समझदारी है ज़रूरी काफिले की गाड़ियों में डीजल डालने के दौरान आया (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) पानी  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच में यह बात पता चली है कि जिन गाड़ियों में 20 लीटर डीजल डलवाया गया था, उनमें से लगभग 10 लीटर पानी निकला है। सभी वाहनों में लगभग यह स्थिति (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) है। यही नहीं, एक ट्रक चालक ने भी 200 लीटर डीजल भरवाया था। वो भी थोड़ी दूरी पर ही बंद हो गया। प्रशासन की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि बारिश के चलते डीजल टैंक में पानी का रिसाव हो सकता है। फिलहाल, कलेक्टर और जिला प्रशासन की टीम पूरे मामले की जांच में जुट गई है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है। तहसीलदार ने कहा, काफिले की गाड़ियों में डीजल डालने के दौरान पानी आया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर पेट्रोल पंप पर ईंधन की गुणवत्ता जांचने के क्या इंतजाम हैं? क्या सच में आम लोगों को भी ऐसा ही मिलावटी ईंधन दिया जा रहा है? Latest News in Hindi Today Hindi news CM Mohan Yadav #cmMohanyadav #convoyhalted #petrolpumpsealed #madhyapradeshnews #fuelqualityissue

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A Shiv Sena MP's driver received a ₹150 crore gift deed

Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe: शिवसेना सांसद के ड्राइवर को मिली 150 करोड़ रुपये की गिफ्ट डीड, EOW हुई एक्टिव

उपहार देने में कोई बुराई नहीं है। अक्सर लोग अपने परिचितों को उपहार भेंट स्वरूप देते हैं। लेकिन क्या हो यदि कोई अनजान शख्स किसी को करोड़ों की जमीन गिफ्ट में दे दे? आप कहेंगे आज के इस दौर में कौन दानवीर है जो करोड़ों की जमीन गैर परिचित शख्स को दान कर रहा है? जाहिर सी बात है जब देने और लेनेवाले में किसी भी तरह का कोई संबंध ही न हो, तो ऐसे में शक होना स्वाभाविक है। दरअसल, पूर्ववर्ती हैदराबाद के निजाम से नजदीकी संबंध रखने वाले परिवार के वंशज ने शिवसेना सांसद के ड्राइवर को तकरीबन 150 करोड़ रुपये मूल्‍य की तीन एकड़ जमीन गिफ्ट कर दी है। इसकी शिकायत मिलते ही आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) की टीम जांच में जुट (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) गई है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गिफ्ट देने और लेने वाले में दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है।  फिर भी ड्राइवर को प्राइम लोकेशन पर तीन एकड़ जमीन उपहार के तौर पर क्‍यों दी गई? शिकायत के बाद संबंधित ड्राइवर और सांसद के विधायक बेटे से पूछताछ की गई है।  सालार जंग परिवार से ताल्‍लुक रखने वाले मीर मजहर अली खान और उनके 6 अन्‍य संबंधियों ने किए (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) हैं हस्‍ताक्षर  बता दें कि 150 करोड़ रुपये की जमीन गिफ्ट देने का यह मामला हैदराबद के मशहूर सालार जंग फैमिली और शिवसेना सांसद संदीपनराव भुमरे के ड्राइवर जावेद रसूल शेख से जुड़ा है। रसूल शेख सांसद के साथ ही उनके विधायक बेटे विलास भुमरे से पिछले 13 साल से जुड़े हैं। गौरतलब हो कि सालार जंग पूर्ववर्ती हैदराबाद के निजाम के काल में दीवान थे। सालार जंग परिवार की बड़ी प्रतिष्‍ठा है। जानकारी के मुताबिक इस गिफ्ट डीड पर सालार जंग परिवार से ताल्‍लुक रखने वाले मीर मजहर अली खान और उनके 6 अन्‍य संबंधियों ने हस्‍ताक्षर किए (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) हैं। हालांकि, इन लोगों ने ईओडब्लू की ओर से जारी नोटिस का अभी तक जवाब नहीं दिया है। उनसे अपना बयान दर्ज करवाने को कहा गया है। बता दें कि मुजाह‍िद खान के एक वकील ने इस बाबत शिकायत की थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई है। कहने की जरूरत नहीं, हैदराबाद के प्रतिष्ठित सालार जंग परिवार द्वारा महाराष्ट्र में स्थित तकरीबन 150 करोड़ रुपये मूल्य की तीन एकड़ ज़मीन शिवसेना सांसद संदीपनराव भुमरे के ड्राइवर के नाम गिफ्ट किए जाने के मामले ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को एक वकील की शिकायत मिली कि सांसद के ड्राइवर जावेद रसूल शेख के नाम गिफ्ट डीड के जरिए कीमती ज़मीन ट्रांसफर कर दी गई है।  सालार जंग परिवार के सदस्य क्यों उसके नाम इतनी बड़ी संपत्ति गिफ्ट करना (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) चाहेंगे? जांच अधिकारियों की माने तो यह ज़मीन संभाजीनगर के दौलतपुरा इलाके में जलना रोड पर स्थित है। इसे प्राइम लोकेशन माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईओडब्लू के इंस्पेक्टर संभाजी पवार ने इस पूरे मामले पर कहा कि “हम जावेद के इनकम टैक्स रिटर्न और आय के अन्य स्रोतों की जांच करेंगे। उसे यह स्पष्ट करना होगा कि सालार जंग परिवार के सदस्य क्यों उसके नाम इतनी बड़ी संपत्ति गिफ्ट करना (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) चाहेंगे। इंस्पेक्टर ने बताया कि जावेद जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। जावेद का कहना है कि वह सालार जंग परिवार के वंशजों से अच्छे संबंध रखता है। इसलिए उन्होंने उसे यह ज़मीन तोहफे में दी। दस्तावेजों के मुताबिक, गिफ्ट डीड उसी समय बनाई गई जब मजहर अली और अन्य ने एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 12 में से 3 एकड़ ज़मीन पर अपना दावा साबित किया था। फ़िलहाल पुलिस ने गिफ्ट डीड पर हस्ताक्षर करने वाले सालार जंग परिवार के सदस्य मीर मजहर अली खान और उनके छह रिश्तेदारों को बयान दर्ज करने के लिए नोटिस भेजा है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? दोनों में न तो कोई संबंध है और न ही ये इस्लाम के एक ही सेक्‍ट से ताल्लुक रखते (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe हैं टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतकर्ता वकील मुजाहिद खान ने सवाल उठाया कि बिना किसी पारिवारिक या रिश्तेदारी के इतनी कीमती ज़मीन किसी ड्राइवर को क्यों दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गिफ्ट डीड सिर्फ रक्त संबंधियों के बीच मान्य होती है। यहां दोनों में न तो कोई संबंध है और ये इस्लाम के अलग-अलग सेक्‍ट से ताल्लुक रखते (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe हैं। फिलहाल यह पहेली बनी हुई है कि ड्राइवर जावेद का सालार जंग परिवार से क्या वास्तविक संबंध है और यह ज़मीन उसे गिफ्ट क्यों की गई? हालांकि इस मामले में सांसद संदीपनराव भुमरे और उनके बेटे विलास भुमरे ने सफाई देते हुए कहा कि “ड्राइवर हमारे यहां काम करता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हम उसके हर फैसले के लिए जिम्मेदार हैं। इस बीच उन्होंने यह भी बताया कि “पुलिस ने उनसे और उनके पिता से भी पूछताछ की है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe #shivsenanews #150crgift #eowprobe #maharashtrapolitics #driverscandal #politicalnews #mumbainews #indianpolitics

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Shocking data breach!

Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed: इस ऐप पर आपकी प्राइवेसी की कीमत सिर्फ 99 रूपये है, मोबाइल नंबर से डिटेल्स हो रही हैं लीक

आज के डिजिटल युग में कुछ भी सेफ नहीं है। यदि आपको लगता है कि आपकी प्राइवेसी को कोई भेद नहीं सकता, तो यह आपकी सबसे बड़ी भूल है। कहने की जरूरत नहीं, आज के दौर में साइबर सुरक्षा सबसे बड़े संकट के रूप में देखी जा रही है। आपको जानकर हैरत होगी कि हालिया रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ किसी भी शख्स के मोबाइल नंबर के जरिये उसका नाम, पता, वैकल्पिक नंबर, और आधार कार्ड जैसी पहचान पत्र डिटेल्स महज कुछ सेकंड में ही प्राप्त की जा सकती है। वो भी महज 99 रुपए में। ये सच है, आपकी प्राइवेसी की कीमत सिर्फ 99 रुपए (Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed) है। यानी कि कोई भी चाहे तो सिर्फ 99 रुपये में आपकी निजी जानकारी हथिया सकता है। सोचनीय बात यह है कि आपको पता भी नहीं चलेगा कि कोई आपका डाटा सिर्फ 99 रूपये में खरीद ले रहा है। ऐसे में सबसे बड़ी चिंतावाली बात यह है कि आपके डेटा का इस्तेमाल यदि कोई अपराधी कर ले, तो वह फर्जी केवाईसी, बैंक लोन, फ्रॉड ट्रांजैक्शन कर सकता है। यही नहीं, वह आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल भी कर सकता है। लोगों की प्राइवेसी को लेकर कई सवाल उठने लगे (Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed) हैं दरअसल, आपका यह डाटा टेलीग्राम बॉट बेच रहा है। जानकारी के मुताबिक टेलीग्राम बॉट लोगों की पर्सनल जानकारी को बेच रहा है। चौंका देने वाले हुए इस खुलासे से अब ऐप का इस्तेमाल करने वाले लोगों की प्राइवेसी को लेकर सवाल उठने लगे (Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed) हैं। बेशक रिपोर्ट ये सोचने पर मजबूर करती है कि क्या ऐप बनाने वाली कंपनी के पास डेटा वाकई सुरक्षित है भी या नहीं? वैसे तो ऐप्स यूजर्स की सेफ्टी और प्राइवेसी को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन क्या वाकई में उनके दावों पर आँख मूंदकर यकीन किया जा सकता है? वो बात और है कि लोगों की सेफ्टी के लिए ऐप में टू स्टेप वेरिफिकेशन का फीचर दिया जाता है, लेकिन बड़ा सवाल वही कि क्या इस फीचर को ऑन करने के बाद भी आप डिजिटल दुनिया में सेफ हैं? हालिया रिपोर्ट्स की माने तो किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर डालने पर उसकी निजी जानकारी टेलीग्राम बॉट द्वारा उजागर की जा रही है।  बॉट यूजर्स की संवेदनशील जानकारी को लीक कर (Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed) रहा है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टेलीग्राम के पास एक ऐसा बॉट है, जो खरीदारों को भारतीय यूजर्स की संवेदनशील निजी डेटा को बेच रहा है। ये बॉट यूजर्स का नाम, पिता का नाम, पता, आधार नंबर, पैन कार्ड नंबर और वोटर आईडी नंबर जैसी जानकारी को लीक कर (Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed) रहा है। बॉट इन सभी जरूरी जानकारी को उपलब्ध कराने से पहले प्लान खरीदने के लिए कहता है। इसके प्लान की कीमत 99 रुपए से 4999 रुपए तक है। प्लान खरीदने के बाद ये बॉट खरीदार से 10 अंकों का मोबाइल नंबर भेजने के लिए कहता है। 10 अंकों का मोबाइल नंबर भेजते ही महज दो सेकंड के भीतर ये बॉट नंबर से जुड़ी व्यक्ति की पूरी प्रोफाइल डिटेल दे देता है। जिसमें नाम, ऑल्टरनेट फोन नंबर, पता और सारी डॉक्यूमेंट्स की डिटेल शामिल होती है।  गौर करनेवाली बात यह कि बॉट टेलीग्राम की एक प्रमुख विशेषता है। बॉट को कोई भी बना सकता है।  इसे भी पढ़ें:-  इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे शुभांशु शुक्‍ला, अब अंतरिक्ष में रहकर करेंगे रिसर्च  ऐसे में लाख टके का सवाल यह कि इससे (Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed) बचें कैसे?  Latest News in Hindi Today Hindi Privacy Leaked for ₹99 via App, Mobile Numbers Exposed #privacybreach #dataleak #mobileleak #cybersecurity #indiadata #techalert #privacyviolation #appsecurity

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Khamenei statement

Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire: सीजफायर के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कही यह बात

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजरायल के साथ लड़ाई में अपने देश की जीत का दावा (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) किया है। जीत का दावा करते हुए खामेनेई ने कहा कि “ईरानी हमलों से इजरायल घुटनों पर आ गया और सीजफायर के लिए मजबूर हुआ।” गुरुवार को ईरानी सरकारी मीडिया में देश के नाम संदेश जारी खामेनेई ने कहा कि “मैं महान राष्ट्र ईरान और उसके लोगों को बधाई देता हूं। इजरायली सरकार अपने सभी शोर और दावों के बावजूद तेहरान के मिसाइल हमलों के सामने हार गया। हमने इस लड़ाई में उनको कुचल कर रख दिया है।” सरकारी मीडिया के मुताबिक फिलहाल  खामेनेई का छोटा वीडियो जारी किया गया है। उनका पूरा वीडियो संदेश बाद में जारी किया जाएगा। इस वीडियो में हमले को लेकर और भी जानकारी खामनेई देंगे और देश की रणनीति को सामने रखेंगे। ईरान के सुप्रीम लीडर ने पहली बार देश की जनता को संबोधित (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) किया दरअसल, 24 जून को ईरान-इजराइल युद्ध में सीजफायर होने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर ने पहली बार देश की जनता को संबोधित (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) किया है। उन्होंने अपने संबोधन में ईरान की जनता को जीत की बधाई दी। साथ ही कहा कि ईरान ने जायनी दुश्मन को ध्वस्त कर दिया है। इस संदेश से पहले ईरान के अधिकारियों के हवाले से न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट की है कि इजराइल और अमेरिकी हमले से बचने के लिए सुरक्षाबल खामेनेई को तेहरान के एक सुरक्षित बंकर में ले गए थे। खामेनेई की ओर से सार्वजनिक बयान ना आने की वजह से लगातार कई सवाल उठ रहे थे। ऐसे में उनके संदेश से एक बात तो साफ़ जो गई है कि वो देश छोड़कर भागे नहीं हैं। अयातुल्ला अली खामेनेई का दावा है कि अमेरिका ने युद्ध में इसलिए प्रवेश किया क्योंकि उसे लगा कि अगर वह ऐसा नहीं करता तो इजरायल पूरी तरह से नष्ट हो जाता। खामेनेई ने यह भी कहा कि “यहां भी, इस्लामिक रिपब्लिक विजयी हुआ और बदले में अमेरिका के चेहरे पर जोरदार तमाचा मारा।” इजरायली हमलों में ईरान के कई शीर्ष सैन्य कमांडर और कई परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) गई थी 13 जून को इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई तब शुरू हुई जब इजरायल ने ईरान पर यकायक ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए। इन हमलों में ईरान के कई शीर्ष सैन्य कमांडर और कई परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) गई थी। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया और इजरायल पर मिसाइल से हमले शुरू कर दिए। 12 दिन तक दोनों के बीच भीषण लड़ाई देखने मिली। इस बीच 22 जून को इस लड़ाई में अमेरिका भी कूद गया। अमेरिका ने इजरायल के समर्थन में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे। इसमें अमेरिका ने बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया और ईरान की तीन न्यूक्लियर साइट को तबाह कर देने का दावा किया। इसके बाद ईरान ने कतर में अमेरिकी एयरबेस पर भी 14 मिसाइलें दाग दीं। इसे भी पढ़ें:- अमेरिकी बमों से नष्ट नहीं हुए ईरानी परमाणु ठिकानें, पेंटागन के खुफिया रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम का ऐलान (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) किया जारी इस लड़ाई के बीच 24 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम का ऐलान किया। पहले तो इजरायल और ईरान ने शुरू में सीजफायर पर सहमति ना बनने के बात कही, लेकिन बाद में दोनों देशों ने इसे मान लिया। गौरतलब हो कि 24 जून को सुप्रीम लीडर ने कहा था कि जो लोग ईरानी लोगों और उनके इतिहास को जानते (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) हैं, वे जानते हैं कि ईरानी राष्ट्र आत्मसमर्पण करने वाला राष्ट्र नहीं है।” दरअसल, ये ट्रंप के उस धमकी का जवाब था जिसमें कहा गया था कि “ईरान बिनाशर्त सरेंडर करे। मजे की बात यह कि सीजफायर के बाद अमेरिका, इजरायल और ईरान की ओर से अपने-अपने दावे किए जा रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire #khamenei #iran #ceasefire #iranisupremeleader #irannews #middleeast #iranisraelconflict #breakingnews

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Nitish Kumar Approves New Gun License

Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy: नीतीश कुमार के आदेश पर इन्हें मिलेगा बंदूक का लाइसेंस

आगामी कुछ ही महीनों में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले में हाई-प्रोफाइल हत्याओं का सिलसिला भी जोर पकड़ लिया है। इन हत्याओं की वजह से नीतीश कुमार की सरकार खासी चिंतित है। हाल के दिनों में हुई हत्याओं के मद्देनज़र सूबे की सरकार ने अहम कदम उठाते हुए राज्यभर में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने का फैसला किया (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) है। दरअसल, पिछले हफ्ते ही लखीसराय जिले में एक मुखिया और उसके सहयोगी की एक समारोह से घर लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले फरवरी में गया जिले के चिरैला पंचायत के उप मुखिया और जेडीयू के ब्लॉक सचिव महेश मिश्रा की हत्या कर दी गई थी।  पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) थी गौरतलब हो कि पिछले कुछ महीनों में बिहार में इस तरह के हमले बढ़ गए हैं। राज्य में हत्या की कोशिश और धमकियों की ढेरों घटनाएं कई अन्य जिलों समस्तीपुर, सारण, जमुई, नवादा, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और वैशाली में भी सामने आई हैं। निरंतर हो रहे हमलों और खराब होती सुरक्षा को लेकर चिंतित पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) थी। जाहिर सी बात है, राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सरकार के जिम्मे होता है। ऐसे में लोगों के मन से डर खत्म करने के लिए बिहार सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया।  शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन करने का (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) आदेश दिया  बता दें कि सरकार की तरफ से यह फैसला पंचायत प्रतिनिधियों और मुखियाओं पर एक के बाद एक हुए कई हिंसक हमलों के बाद लिया गया है। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्वाचित पंचायत सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस आवेदनों पर कार्रवाई शुरू करने का स्पष्ट निर्देश दिया (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) गया है। निर्देश में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। सरकार ने अपने आदेश में कहा कि “सत्यापन प्रक्रिया को बिना किसी अनावश्यक देरी के तत्काल पूरा किया जाये।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? मुख्यमंत्री नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने का (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) दिया निर्देश  हो रही हत्याओं के मद्देनजर मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई थी। इस बैठक में पंचायती राज विभाग द्वारा शुरू किए गए इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) गयी है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने और पंचायत प्रतिनिधियों के आवेदनों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले स्थानीय प्रतिनिधियों का समर्थन पाने के मकसद से राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कई कदमों में से यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले पंचायत सदस्यों के भत्ते बढ़ा दिए गए थे। कुल-मिलाकर बिहार सरकार की ओर से यह कदम हाल के दिनों में कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं के मद्देनजर उठाया गया है। इसके अलावा एक अन्य अहम फैसले में बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं की शादी के लिए हर पंचायत में मैरिज हॉल बनाने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए 4,026 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। खबर के मुताबिक इसे स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों जीविका दीदियों के जरिए लागू किया जाएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy #nitishkumar #gunlicensepolicy #biharnews #firearmpermit #biharupdate #selfdefense #bihargovernment

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Madhya Pradesh crime

MP Man gave his wife to a friend to repay debt: मध्य प्रदेश में कर्ज चुकाने के लिए पत्नी को किया दोस्त के हवाले, दोस्त ने लूटी इज्जत 

इंसान पैसों के खातिर किस कदर गिर सकता है इसका कोई निश्चित पैमाना नहीं है। देश में जितने में क्राइम होते हैं, उनमें अधिकतर मामलों का संबंध पैसों और हवस से ही होता है। ऐसी ही एक सनसनीखेज घटना घटी है मध्य प्रदेश के थार में, जहाँ एक सनकी पति ने बेशर्मी की सभी हदें पार कर (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) दीं। उसने कर्ज न चुका पाने कारण अपनी पत्नी को अपने दोस्त के हाथों बेच दिया। दोस्त ने भी मजबूरी का नाजायज फायदा उठाते हुए उसके साथ एक नहीं कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। उसकी कहानी सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, महिला का पति धार जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर कानवन थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसकी पत्नी इंदौर में रहती थी। फ़िलहाल महिला की शिकायत पर इंदौर के महिला थाने में ही जीरो एफआईआर दर्ज कराई गई। अब पुलिस जुए में पत्नी को जीतने वाले मित्र की तलाश कर रही है।  कर्ज में डूबे पति ने उसे दोस्त के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए किया (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) था मजबूर  धार जिले के कानवन थाना प्रभारी अभय नीमा ने बताया कि “महिला ने आरोप लगाया है कि उसका पति जुआरी है। जुए की बुरी लत के कारण दिन-ब-दिन  उसका कर्ज बढ़ता जा रहा है।” कानवन थाना प्रभारी ने बताया कि महिला ने अपनी शिकायत कहा कि “कर्ज में डूबे उसके पति ने उसे अपने उस दोस्त के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जिससे उसने पैसे उधार (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) दिए थे।” शिकायत के मुताबिक, जब पति कर्ज चुकाने में असमर्थ हो गया, तो उसने एक दोस्त के साथ सौदा किया और कर्ज चुकाने के लिए अपनी पत्नी को उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। थाना प्रभारी ने बताया कि “फिलहाल आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।”  कर्ज चुकाने के लिए उसने पत्नी के जेवर तक रख (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) दिए गिरवी  जानकारी के मुताबिक पीड़िता ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि 2016 में उसकी शादी कानवन में युवक से हुई। पीड़िता के मुताबिक शादी से पहले सब ठीक-ठाक था। लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद उसे जुए की लत लग गई। वो जुआ खेलने के लिए अक्सर अपने मित्र अभिमन्यु सिंह से पैसे उधार लिया करता था। दिल्ली में रहने वाला अभिमन्यु जानते-बूझते उसे पैसे उधार देता रहा। इस तरह जुए की लत की वजह से ऊपर तकरीबन 8 लाख का कर्ज हो गया। इस बीच कर्ज इतना बढ़ा कि देनदारों ने भी हाथ खड़े कर दिए। लेनदार अब तकाजा करने (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) लगे। कर्ज चुकाने के लिए उसने पत्नी के जेवर तक गिरवी रख दिए, लेकिन फिर भी कर्ज कम नहीं हुआ। अब वो अपनी पत्नी पर ही बाहरी लोगों से पैसे मांगकर लाने का दबाव बनाने लगा।  इसे भी पढ़ें:- क्राइम सीन ने खोला खौफनाक राज, सोनम के सामने खून से लथपथ राजा ने तोड़ा था दम यह कहकर पीड़िता का जबरन दो बार शारीरिक शोषण किया कि (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) उसने उसे 50 हजार में ख़रीदा है कहीं से कोई जुगाड़ होता न देख उसने दोस्त का उधार चुकाने के लिए अपनी पत्नी को ही दांव पर लगाने की सोची। कारण यही जो दो बार वो पत्नी को दिल्ली ले गया और उसे अपने मित्र अभिमन्यु के पास छोड़ (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) दिया। अभिमन्यु ने भी कोई दया नहीं दिखाई। उसने यह कहकर पीड़िता का जबरन दो बार शारीरिक शोषण किया कि उसने उसे 50 हजार में ख़रीदा है। इस बीच 22 मई को जब अभिमन्यु इंदौर आया तो उसने महिला को होटल में बुलाया। इस दौरान उसने जबरन संबंध बनाने की कोशिश की। इस बार पीड़िता ने इसका विरोध किया। न सिर्फ उसने विरोध किया बल्कि अपने परिचितों के जरिए पुलिस में शिकायत भी की। शिकायत के बाद इंदौर के महिला थाने में केस दर्ज किया गया है। इस पूरे मामले पर धार के एएसपी गीतेश कुमार गर्ग ने कहा कि “मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता का बयान इंदौर में दर्ज किया जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi MP Man gave his wife to a friend to repay debt #mpcrime #madhyapradesh #shockingnews #womanassault #indianews #viralnews #crimealert #trendingindia

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9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath: 9वीं पास रिंकू सिंह बने अफसर, योगी सरकार ने दी ये बड़ी जिम्मेदारी

टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज रिंकू सिंह न सिर्फ अपनी विस्फ्टोक बल्लेबाजी बल्कि अपनी शादी को लेकर भी इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज से सगाई की थी। खैर, पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे खराब, वाली कहावत शायद रिंकू सिंह पर सटीक न बैठती हो। ऐसा इसलिए कि अपने बल्ले से गेंदबाजों को दिन में तारे दिखाने वाले रिंकू सिंह अब सरकारी नौकरी (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) करते नजर आएंगे। दरअसल, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने क्रिकेट में उनके योगदान को देखते हुए सरकारी नौकरी प्रदान की है। क्रिकेट के बाद रिंकू सिंह अब सरकारी नौकरी भी अपना करिश्मा दिखाते नजर आएंगे। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा रिंकू सिंह को बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बनाया गया है। काबिलियत (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) देख उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बनाया है बात करें रिंकू सिंह की शिक्षा की तो वो महज नौवीं पास हैं। क्रिकेट जगत में अपने बल्लेबाजी के दम पर अपनी पहचान बनाने वाले सिंह सिर्फ कक्षा नौ तक ही पढ़े हैं। दरअसल, घर की माली हालत और परिस्थिति की वजह से वो अधिक पढ़ नहीं सके। घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के चलते उनको अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी। गौरतलब हो कि उनके पिता गैस सिलेंडर की डिलवरी करने का काम किया करते थे। बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद रिंकू सिंह ने अपने हुनर और जज्बे के बल पर क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। कारण यही जो उनकी काबिलियत (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) देख उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बनाया है।  रिंकू सिंह नियमों के तहत ये सरकारी नौकरी दी गई (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) है बता दें कि क्रिकेटर रिंकू सिंह सीधे भर्ती नियमों के तहत ये सरकारी नौकरी दी गई (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) है। बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बनने के बाद अब रिंकू सिंह अपने जिले में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की देख रेख करेंगे। बेसिक एजुकेशन ऑफिसर का काम जिले की प्राथमिक आर उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूलों में शिक्षा का संचालन और व्यवस्था देखना होता है। महत्वपूर्ण बात यह कि पूरे जिले के सरकारी स्कूलों की जिम्मेदारी भी बेसिक एजुकेशन ऑफिशर के ऊपर ही होती है। बीएसए जिले के सरकारी स्कूलों का समय-समय पर निरीक्षण करके देखते है कि वहां शिक्षा व्यावस्था सही है या नहीं। इस तरह अब रिंकू शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं देते हुए दिखाई देंगे। कहने की जरूरत नहीं, इन दिनों उनके सितारें बुलंदियों पर हैं।  इसे भी पढ़ें:- सौरव गांगुली ने विराट कोहली के रिटायरमेंट पर फोड़ा बम, कही यह बात रिंकू सिंह ने अभी तक टीम इंडिया के लिए 33 टी20 और 2 वनडे मैच (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) खेले हैं रही बात रिंकू सिंह के करियर की तो उन्होंने अभी तक टीम इंडिया के लिए 33 टी20 और 2 वनडे मैच खेले हैं। टी20 क्रिकेट में रिंकू सिंह ने 546 रन बनाए है, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा वनडे में रिंकू ने महज 55 रन बनाए हैं। बात करें आईपीएल की तो आईपीएल में उन्होंने अब तक 59 मैच खेले है, जिसमें रिंकू ने 1099 रन बनाए हैं। इनमें 4 अर्धशतक शामिल हैं। खैर, ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि टी20 क्रिकेट में अपने बल्ले से धमाल मचाने रिंकू (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बन किस तरह शिद्द्त के साथ अपने कर्तव्यों का वहन करते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news 9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath #rinkusingh #yogiadityanath #upnews #governmentjob #latestnews #breakingnews

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Iran uranium missing

400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran- Real or Drama?: क्या सच में ईरान का 400 Kg संवर्धित यूरेनियम लापता हुआ है या फिर खेला अभी बाकी है?

बेशक ईरान और इजरायल के बीच सीजफायर लागू होने से दोनों देशों के बीच युद्ध रुक गया है, लेकिन इस बीच तेहरान के 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम को लेकर अफवाहें हैं कि थमने का नाम नहीं ले रही हैं। दरअसल, इजरायल और अमेरिका के हमले एकमात्र लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना था। हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना था। इसी उद्देश्य अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर हवाई हमले किए। लेकिन इस बीच बड़ा सवाल यह कि 60 प्रतिशत संवर्धित 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम कहां (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है? फ़िलहाल इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। कई रिपोर्टों में तो यहाँ तक दावा किया गया है कि परमाणु संयंत्रों पर हमलों से पहले ही ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। जेडी वेंस ने कहा कि इस यूरेनियम से बनाए जा सकते (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) हैं 10 परमाणु हथियार ऐसे में महत्वपूर्ण बात यह कि यदि ईरान का 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम सुरक्षित (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है? तो फिर तो वो भविष्य में अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा सकता है। इस हिसाब से तो इजरायल और अमेरिका दोनों के हाथ खाली ही रहे। जिस उद्देश्य से उन्होंने युद्ध किया था वो तो पूरा ही नहीं हुआ, यदि 400 किलोग्राम यूरेनियम 60 प्रतिशत तक संवर्धित हैं तो। हालांकि इस बात को अधिक गंभीरता से इसलिए भी लिए जा रहा है क्योंकि अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने एबीसी न्यूज चैनल से बातचीत में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि “ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर अमेरिकी हवाई हमले किए। अमेरिकी हमलों में ईरान के परमाणु संयंत्र ‘बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए या उन्हें एक तरह से मिटा दिया गया। फिर भी उन्हें संदेह है।” जेडी वेंस ने कहा कि इस यूरेनियम से 10 परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं।” इसे भी पढ़ें:- अमेरिकी बमों से नष्ट नहीं हुए ईरानी परमाणु ठिकानें, पेंटागन के खुफिया रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा यदि 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम ईरान के पास (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है, तो वो आज नहीं तो, कल परमाणु हथियार बना ही लेगा यहाँ तक कि कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी हमलों से पहले ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में फोर्डो परमाणु सुविधा के बाहर 16 ट्रकों का काफिला दिखाई दिया था। हालांकि इस बीच इजरायली खुफिया ने भी शंका जताई है कि हो सकता है कि ईरान ने हमलों से पहले ही यूरेनियम को स्थानांतरित कर दिया हो। यही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ईरान के परमाणु संयंत्रों की तत्काल निरीक्षण की अपील की है। इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि गायब यूरेनियम को लेकर अमेरिका और इजरायल दोनों के माथे पर चिंता की लकीरे उठ रही हैं। खैर, इसमें कोई राय नहीं है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों ने ईरान को काफी नुकसान पहुंचाया है। लेकिन बात फिर वही कि यदि 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम ईरान के पास (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है, तो वो आज नहीं तो, कल परमाणु हथियार बना ही लेगा। फ़िलहाल ईरान और इजरायल के बीच अभी अस्थायी सीजफायर हुआ है। लापता 400 किलोग्राम यूरेनियम को नष्ट करने के लिए इजरायल आगे ईरान पर यदि हमला करता है, तो इसमें कोई हैरानी भी नहीं होनी चाहिए। देखना दिलचस्प होगा कि यह सीजफायर कब तक रहता है? Latest News in Hindi Today Hindi 400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama? #iran #uranium #missinguranium #nuclearnews #irannews #enricheduranium #truthordrama

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hahbaz Begs for Talks

Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror: इस देश के सामने गिड़गिड़ाए शहबाज शरीफ, कहा- पीओके-आतंकवाद सारे मसले सुलझाएंगे, बस भारत से बात करवा दो

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान की अकड़ इस कदर ढीली हुई है कि वो भारत से बात करने के लिए लालायित बैठा है। दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारत से बात करके पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर, आतंकवाद और व्यापार से जुड़े मुद्दा सुलझाना चाहते हैं। इस हेतु उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अब्दुलअजीज अल सउद से कहा (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) है कि वह हर हाल में भारत से बात करने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तानी न्यूज चैनल एआरवाई न्यूज की माने तो, शहबाज शरीफ की मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात हुई। इस दौरान उन्होंने सऊदी अरब से कहा कि “पाकिस्तान पीओके, सिंधु जल संधि, व्यापार और आतंकवाद पर भारत के साथ बात करने के लिए तैयार है।” भारत ने पाकिस्तान नागरिकों की वापसी के साथ अटारी वाघा बॉर्डर बंद कर दिया (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) था गौरतलब हो कि 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान को लेकर सख्त कदम उठाए थे। भारत ने पाकिस्तान नागरिकों की वापसी के साथ अटारी वाघा बॉर्डर बंद कर दिया (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) था। इस कड़ी में भारत ने न सिर्फ पाकिस्तानियों को सार्क वीजा की छूट देना बंद कर किया था बल्कि  पाकिस्तान हाई कमीशन में स्टाफ की संख्या भी कम कर दी थी। यही नहीं, भारत ने सख्त कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था। आतंकवाद को लेकर भारत का एकदम रुख साफ है। भारत के मुताबिक जब तक पाकिस्तान आतंकवाद और पीओके का मामला नहीं सुलझाएगा, तब तक उसके साथ किसी और मुद्दे पर भी चर्चा नहीं की जाएगी।  पाकिस्तान ने ओआईसी में 57 मुस्लिम देशों के सामने (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) रखा सिंधु जल संधि का मुद्दा  गौरतलब हो कि 65 साल पहले 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी के पानी के बंटवारे को लेकर समझौता हुआ था। यह समझौता दोनों देशों को मान्य था। हुए समझौते के तहत पश्चिमी नदियों- सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी पर पाकिस्तान का और पूर्वी नदियों- रावी, ब्यास और सतलज के पानी पर भारत का अधिकार है। इस तरह भारत को 20 फीसदी और पाकिस्तान को 80 फीसदी पानी मिलता है। इस लिहाज से पानी की इस पर ज्यादा निर्भरता है। इस बीच बात न बनती और भारत के कड़े रुख को देखते हुए पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि का मुद्दा ओआईसी में 57 मुस्लिम देशों के सामने (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) रखा। यही नहीं, ऑपरेशन सिंदूर के बाद अलग-अलग देशों की यात्रा पर भेजे गए बिलावल भुट्टो जरदारी के डेलीगेशन ने भी पानी का मुद्दा उठाया। यह सब इसलिए ताकि भारत पर दबाव बनाया जा सके। मजे की बात यह कि पाकिस्तान की सभी कोशिशें नाकाम रहीं और किसी भी देश ने घास तक नहीं डाली।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिकी बमों से नष्ट नहीं हुए ईरानी परमाणु ठिकानें, पेंटागन के खुफिया रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) की थी  बता दें कि जम्मू-कश्मीर स्थित पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में स्थित लश्कर-ए-तैयबा, हुए हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के नौ ठिकानों को तबाह कर दिया था। इससे तिलमिलाए पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश (Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror) की। जिसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई की। भारत की कार्रवाई में पाकिस्तान के नूर खान जैसे बड़े एयरबेस को काफी नुकसान हुआ था। कहने की जरूरत नहीं, पहलगाम आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। अब इस बढ़े हुए तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री दुनिया के कई देशों में सामने भारत से बात कर समझौता करने की दुहाई दे चुके हैं। भारत ने साफ़ कर दिया है कि बात अब होगी तो सिर्फ पीओके और आतंकवाद पर ही होगी। देखना दिलचस्प होगा कि आगे चलकर क्या भारत पाकिस्तान के प्रति नरम रुख अख्तियार करता है या फिर आपने रुख में कोई बदलाव न कर पाकिस्तान को नाकों चने चबवाने के लिए और मजबूर करता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Shehbaz Sharif Seeks Talks With India Over PoK, Terror #shahbazsharif #pokissue #terrorism #indiapakistantalks #bilateraltalks #indiaupdates #pakistannews

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Shocking reason behind Raja Raghuvanshi's

Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi: सोनम रघुवंशी और राज कुशवाहा ने इसलिए की थी राजा रघुवंशी की हत्या 

हनीमून मर्डर केस में पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिम ने राजा रघुवंशी मर्डर केस में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक जांच के दौरान इंदौर के राज कुशवाहा और सोनम रघुवंशी, दोनों ने रिश्ते में होने की बात स्वीकार (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) की है। इस पूरे मामले पर मेघालय पुलिस ने बताया कि सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर कथित तौर पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने अपने रिश्ते को स्वीकार कर ली है। मामले की जांच कर रही राज्य की विशेष जांच टीम ने पीड़ित परिवार के द्वारा सोनम रघुवंशी के नार्को टेस्ट की मांग को खारिज कर दिया है। नार्को टेस्ट की मांग पर उन्होंने कहा कि “उनके पास सभी आवश्यक सबूत हैं।” पुलिस का कहना है कि नार्को-टेस्ट के परिणाम अदालत में स्वीकार्य नहीं हैं।  दोनों ने रिश्ते में होने की बात स्वीकार कर (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) लिया है इस दौरान ईस्ट खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिम ने कहा कि “जांच के दौरान राज और सोनम दोनों ने रिश्ते में होने की बात स्वीकार की है। इससे पहले ही उन्होंने अपराध भी स्वीकार कर (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) लिया है। हमने मर्डर सीन रिक्रिएट किया, जिसमें उन्होंने हमें दिखाया कि कैसे राजा रघुवंशी की हत्या की। इस मामले में अब हमारे पास सबूत हैं। मुझे नहीं लगता कि हमें इस स्तर पर अब नार्को टेस्ट कराना चाहिए।” विवेक सिम ने आगे कहा कि “इस मामले को पूरी सावधानी से सुलझाया जा रहा है। ताकि केवल इकबालिया बयानों पर निर्भर रहने के बजाय मजबूत, स्वीकार्य सबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य जल्द से जल्द कानूनी रूप से टिकाऊ आरोपपत्र तैयार करना है।”   सोनम आर राज दोनों राजा की हत्या करना चाहते (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) थे, क्योंकि उनका रिश्ता था हालांकि, इस दौरान उन्होंने यह संकेत भी दिया कि “सोनम ने अपनी जिंदगी से अपने पति राजा रघुवंशी को हटाने के लिए और राज कुशवाहा के साथ रहने के लिए ये हत्या की साजिश रची होगी।” उनके मुताबिक सोनम आर राज दोनों राजा की हत्या करना चाहते (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) थे, क्योंकि उनका रिश्ता था और रीति-रिवाजों के कारण उन्हें माता-पिता और बाकी लोगों के बीच सहमति बनानी थी। इसलिए उन्होंने सोचा कि राजा से छुटकारा पाना ही बेहतर है। खैर, अब मेघालय पुलिस लोकेंद्र तोमर से पूछताछ करेगी। लोकेंद्र एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का मालिक और इंदौर में उसका फ्लैट है। उसी के फ्लैट में सोनम रघुवंशी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार होने से पहले कुछ समय के लिए रुकी थी। अब पुलिस इस बात की जानकारी जुटा रही है कि सोनम ने फ्लैट में जो बैग छोड़ा था, वह बैग हटाया क्यों गया? जानकारी के मुताबिक सोनम के बैग में एक देसी पिस्तौल, फोन, राजा के गहने और 5 लाख रुपये नकद थे। इसे भी पढ़ें:- क्राइम सीन ने खोला खौफनाक राज, सोनम के सामने खून से लथपथ राजा ने तोड़ा था दम पुलिस अब तक सोनम के वो गहने बरामद नहीं कर पाई है, जो वो मेघालय से वापस (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) लाई थी खैर, पुलिस के मुताबिक यह सबूत मिटाने का प्रयास (Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi) था। पुलिस दोनों लोगों पर सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। ध्यान देने वाली बात यह कि पुलिस अब तक सोनम के वो गहने बरामद नहीं कर पाई है, जो वो मेघालय से वापस लाई थी। खैर, पुलिस पूरी बारीकी के साथ जांच कर रही है। वो किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहती इसलिए प्रॉपर्टी डीलर सिलोम जेम्स, सुरक्षा गार्ड बलवीर और अपार्टमेंट के मालिक लोकेंद्र तोमर को गुरुवार को शिलांग की एक अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद सिलोम जेम्स और बलवीर को भी पूछताछ के लिए शिलांग लाया जाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi Why Sonam & Raj Killed Raja Raghuvanshi #sonamraghuvanshi #rajkushwaha #rajaraghuvanshimurder #crimecase2025 #latestnews

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