Nidhi Sinha

Guru Dakshina Meaning & Importance

प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व

गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का एक अभिन्न अंग रही है। गुरु को ईश्वर के समान माना जाता है, क्योंकि वे ही शिष्य को अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शिष्य अपने गुरु को गुरु दक्षिणा देकर उनका आभार व्यक्त करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुरु को सबसे अच्छी गुरु दक्षिणा क्या दे? प्रेमानंद जी महाराज, जो एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और विचारक हैं, इस विषय पर गहन ज्ञान और सीख प्रदान करते हैं। उनके अनुसार, गुरु दक्षिणा (Guru Dakshina) केवल धन या भौतिक वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आंतरिक भावना और समर्पण से जुड़ी हुई है। गुरु दक्षिणा का वास्तविक अर्थ प्रेमानंद जी महाराज (Premanand Ji Maharaj) के अनुसार, गुरु दक्षिणा का वास्तविक अर्थ केवल धन या भौतिक वस्तुओं का दान नहीं है। गुरु दक्षिणा का मूल उद्देश्य गुरु के प्रति कृतज्ञता और समर्पण की भावना को व्यक्त करना है। गुरु शिष्य को ज्ञान, अनुशासन और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाते हैं, और शिष्य का कर्तव्य है कि वह इस ज्ञान को अपने जीवन में उतारे और उसे दूसरों तक पहुंचाए। गुरु दक्षिणा का सही अर्थ है गुरु के दिए हुए ज्ञान को अपने जीवन में लागू करना और उसे समाज के कल्याण के लिए उपयोग करना। गुरु दक्षिणा के रूप में क्या दें? इसे भी पढ़ें:- सीएम योगी ने अपने तीसरे टर्म को लेकर कही यह बड़ी बात, मचा सियासी हड़कंप  गुरु दक्षिणा का आध्यात्मिक महत्व प्रेमानंद जी महाराज (Premanand Ji Maharaj) के अनुसार, गुरु दक्षिणा (Guru Dakshina) का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। गुरु दक्षिणा केवल एक रस्म नहीं है, बल्कि यह शिष्य के जीवन में आंतरिक परिवर्तन लाने का एक साधन है। गुरु दक्षिणा देने का उद्देश्य शिष्य को आत्मनिरीक्षण करने और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना है। गुरु दक्षिणा के माध्यम से शिष्य अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करता है। गुरु की इच्छा यह है कि शिष्य भगवत प्राप्ति के मार्ग पर चले। उन्होंने जो नाम दिया है, उसका नाम जप करें। यदि शिष्य गुरु के बताए मार्ग पर नहीं चलेंगे, तो गुरु प्रसन्न नहीं होंगे। गुरु की प्रसन्नता मन, वचन और कर्म से उनकी आज्ञा का पालन करने में है। गुरु की आज्ञा का पालन करना सबसे बड़ी सेवा है। गुरु की आज्ञा सभी के लिए एक ही है: भजन करो, अच्छे आचरण अपनाओ और भगवान को प्राप्त करो। गुरु दक्षिणा और आधुनिक समय आधुनिक समय में गुरु दक्षिणा (Guru Dakshina) का अर्थ बदल गया है। आजकल लोग गुरु दक्षिणा को केवल धन या भौतिक वस्तुओं तक सीमित मानते हैं। लेकिन प्रेमानंद जी महाराज (Premanand Ji Maharaj) के अनुसार, गुरु दक्षिणा का वास्तविक अर्थ आंतरिक भावना और समर्पण से जुड़ा हुआ है। गुरु दक्षिणा के रूप में धन या भौतिक वस्तुएं देना गलत नहीं है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। शिष्य को गुरु के प्रति अपनी भक्ति और समर्पण को व्यक्त करना चाहिए और उनके दिए हुए ज्ञान को अपने जीवन में उतारना चाहिए। शिष्य अपने गुरु के प्रति अपनी भक्ति और समर्पण को व्यक्त करता है और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करता है। Latest News in Hindi Today Hindi News Premanand Ji Maharaj #PremanandJiMaharaj #GuruDakshina #SpiritualWisdom #HinduTradition #VedicTeachings #GuruShishyaBond #SpiritualGuide #IndianWisdom #PremanandMaharaj #DakshinaSignificance

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Kia EV6 Facelift Launched – Features, Specs & Range

दमदार फीचर्स और शानदार रेंज के साथ लॉन्च हुई Kia EV6 Facelift 

भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग बढ़ती जा रही है और इसी बढ़ती डिमांड्स को देखते हुए Kia India ने अपनी नई इलेक्ट्रिक कार Kia EV6 Facelift को लॉन्च किया है। Kia EV6 Facelift अपने शानदार डिजाइन, एडवांस टेक्निक और दमदार बैटरी क्षमता के साथ लॉन्च की गई है। कंपनी ने अपनी इस इलेक्ट्रिक कार की कीमत ₹65.9 लाख (एक्स-शोरूम) रुपय रखी है, जो इस गाड़ी की शुरुआती कीमत है। इस बार यह कार सिर्फ GT Line AWD वेरिएंट में उपलब्ध होगी। Kia ने इस मॉडल में कई नई एडवांस टेक्नोलॉजी और सेफ्टी फीचर्स जोड़े हैं, जिससे  Kia EV6 Facelift और भी आकर्षक हो चुकी है।   Kia EV6 Facelift: डिजाइन और लुक  Kia ने इस नई इलेक्ट्रिक कार में 15 बदलाव किए हैं, जिससे इसका लुक पहले से ज्यादा स्पोर्टी और प्रीमियम नजर आता है। यह किआ के ‘Opposites United’ डिजाइन से प्रेरित है, जो इसे एक अलग पहचान देता है। लक्जरी इंटीरियर और हाई-टेक फीचर्स EV6 Facelift के इंटीरियर को बेहद प्रीमियम और स्पेसियस बनाया गया है, ताकि यात्रियों को एक शानदार ड्राइविंग एक्सपीरियंस मिल सके। सेफ्टी के लिए लेवल-2 ADAS और 27 एडवांस फीचर्स Kia EV6 Facelift को सेफ्टी के लिहाज से भी काफी अपडेट किया गया है। इसमें ADAS 2.0 पैकेज दिया गया है, जिसमें 27 एडवांस सेफ्टी और ड्राइवर असिस्टेंस फीचर्स शामिल हैं-  शक्तिशाली बैटरी और दमदार परफॉर्मेंस Kia EV6 Facelift को कंपनी के E-GMP (Electric Global Modular Platform) पर तैयार किया गया है, जिससे इसकी परफॉर्मेंस में बड़ा सुधार हुआ है-  कलर ऑप्शन और उपलब्धता Kia EV6 Facelift को कंपनी ने 5 आकर्षक रंगों में पेश किया है: इसे भी पढ़ें: Oppo का शानदार वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन 24,000 से कम में? क्या Kia EV6 Facelift खरीदना फायदेमंद रहेगा? अगर आप एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार की तलाश में हैं, जो शानदार रेंज, बेहतरीन फीचर्स और अत्याधुनिक सेफ्टी टेक्नोलॉजी से लैस हो, तो Kia EV6 Facelift एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। हालांकि, इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन यह कार लग्जरी, परफॉर्मेंस और टेक्नोलॉजी का परफेक्ट कॉम्बिनेशन प्रदान करती है। Kia ने EV6 Facelift को भारत में लॉन्च कर इलेक्ट्रिक कार बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इसकी लंबी रेंज, स्पोर्टी लुक, एडवांस सेफ्टी फीचर्स और फास्ट चार्जिंग तकनीक इसे एक शानदार विकल्प बनाते हैं। अगर आप फ्यूचरिस्टिक और हाई-परफॉर्मेंस EV की तलाश में हैं, तो यह कार निश्चित रूप से आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी। अगर आप एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं तो बेहतर रेंज, एडवांस फीचर्स और टेक्नोलॉजी से लैस Kia EV6 Facelift बेहतर ऑप्शन हो सकता है। हालांकि कीमत के मामले में KIA की EV6 Facelift महंगी है। ऐसे में आप अपने बजट को ध्यान में रखकर कार ले सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi Kia EV6 Facelift #KiaEV6Facelift #KiaEV6 #ElectricCar #EVRevolution #KiaMotors #EV6Facelift #ElectricSUV #CarLaunch #EVFuture #KiaCars

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ATM Withdrawal Fees to Increase from May 1, 2025​

1 मई 2025 से ATM से पैसे निकालना हो सकता है महंगा, लेकिन क्यों? 

आज के डिजिटल वर्ल्ड में एटीएम (ATM) का उपयोग तेजी से बढ़ा है। लोग जब भी पैसों की जरूरत महसूस करते हैं, तो सबसे पहले एटीएम का रुख करते हैं। बैंक में लंबी लाइन लगने के बजाय 24×7 उपलब्ध एटीएम से आसानी से पैसे निकाल लेते हैं। लेकिन अब यह सुविधा भी थोड़ी महंगी होने वाली है। दरअसल 1 मई 2025 से एटीएम से कैश निकालने पर ज्यादा फी देना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि नए नियमों के तहत ATM से बार-बार पैसे निकालना कितना कॉस्टली होगा। कैश निकालने पर बढ़ेगी फी  अब तक बैंक अपने ग्राहकों को हर महीने एक निश्चित संख्या में फ्री ट्रांजेक्शन (Free Transaction) की सुविधा देते थे। यदि कोई ग्राहक इस निर्धारित सीमा से अधिक पैसे निकालता है, तो उसे अतिरिक्त चार्ज देना पड़ता है। अब नई रिपोर्ट के अनुसार एटीएम ट्रांजेक्शन चार्ज (ATM Transaction Charge) बढ़ाने का फैसला भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा लिया गया है। अभी तक एक अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर बैंक 17 रुपये शुल्क लेता था, लेकिन अब यह बढ़कर 19 रुपये हो जाएगा। कब से लागू होंगे नए नियम? नए एटीएम शुल्क 1 मई 2025 से लागू होने की संभावना है। सिर्फ कैश निकालने पर ही नहीं, बल्कि बैलेंस चेक करने और मिनी स्टेटमेंट निकालने पर भी चार्ज बढ़ सकता है। वर्तमान में, इन सेवाओं पर 6 रुपये शुल्क लिया जाता है, जिसे बढ़ाकर 7 रुपये किया जा सकता है। क्या आप जानते हैं कि बैलेंस चेक करने पर भी कटते हैं पैसे? कई लोग एटीएम (ATM) में जाकर बार-बार अपना बैंक बैलेंस चेक करते हैं या मिनी स्टेटमेंट (Mini Statement) निकालते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि इसके लिए भी शुल्क लिया जाता है। ऐसे में बिना सोचे-समझे बार-बार एटीएम का उपयोग करना अब जेब पर भारी पड़ सकता है। एक महीने में कितनी ट्रांजेक्शन फ्री? बैंकों ने ग्राहकों को कुछ निश्चित संख्या में फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा दी हुई है। स्वयं के बैंक के एटीएम से: ग्राहक प्रत्येक महीने तीन बार तक बिना किसी शुल्क के पैसे निकाल सकते हैं। अन्य बैंकों के एटीएम से: यदि आप अपने बैंक के एटीएम (ATM) के अलावा किसी अन्य बैंक के एटीएम का उपयोग करते हैं, तो केवल तीन बार तक मुफ्त निकासी की अनुमति होती है। इसके बाद इंटरचेंज फीस (Interchange Fees) देनी होती है। इसे भी पढ़ें:- क्या है अटल कैंटीन योजना? बढ़ते शुल्क का असर आम जनता पर बढ़ते एटीएम चार्ज (ATM Charge) का असर खासतौर पर उन लोगों पर पड़ेगा, जो बार-बार नकद पैसे निकालते हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए बैंकों द्वारा यह कदम उठाया जा रहा है, ताकि लोग ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई (UPI) का अधिक इस्तेमाल करें। अगर आप एटीएम चार्ज (ATM Charge) से बचना चाहते हैं, तो डिजिटल पेमेंट सिस्टम जैसे यूपीआई, नेट बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट का अधिक उपयोग करें। यह न सिर्फ आपके समय की बचत करेगा, बल्कि आपको अतिरिक्त चार्ज से भी बचाएगा।  1 मई 2025 से एटीएम से पैसे निकालने और अन्य सेवाओं पर बढ़े हुए शुल्क लागू हो सकते हैं। अब हर अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर 19 रुपये और बैलेंस चेक करने या मिनी स्टेटमेंट निकालने पर 7 रुपये का शुल्क देना होगा। ऐसे में बेवजह एटीएम का उपयोग करने से बचें और डिजिटल ट्रांजेक्शन की ओर रुख करें, ताकि आपका पैसा बच सके। Latest News in Hindi Today Hindi News   #ATMWithdrawalCharges #RBIInterchangeFee #ATMFees2025 #BankingUpdates #CashWithdrawalCost #ATMTransactionFees #ReserveBankOfIndia #FinancialNews #BankCharges #DigitalBanking

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Atal Canteen Yojana Affordable Meals for Everyone

क्या है अटल कैंटीन योजना?

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश कर दिया है। यह बजट खासतौर पर दिल्ली के बुनियादी ढांचे, प्रदूषण नियंत्रण, महिला सशक्तीकरण और गरीब वर्ग के कल्याण पर केंद्रित है। यह बजट खास इसलिए भी है क्योंकि बीजेपी के 27 साल बाद सत्ता में लौटने के बाद यह पहला बजट है। मुख्यमंत्री गुप्ता ने इसमें कई बड़े ऐलान किए, जिनमें सबसे चर्चित योजना अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को कम कीमत में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) क्या है? दिल्ली सरकार द्वारा प्रस्तावित अटल कैंटीन योजना  (Atal Canteen Scheme), तमिलनाडु की अम्मा कैंटीन (Amma Canteen Scheme) और कर्नाटक की इंदिरा कैंटीन  (Indira Canteen) की तर्ज पर बनाई गई है। इस योजना के तहत दिल्ली के झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में 100 अटल कैंटीन खोली जाएंगी। हर कैंटीन में 5 रुपये में गरम, ताजा और पौष्टिक भोजन (Healthy Food) उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे गरीब और श्रमिक वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी। यह कैंटीन खासकर रिक्शा चालक, मजदूर, फुटपाथ पर काम करने वाले लोग और अन्य दिहाड़ी मजदूरों के लिए मददगार साबित होगी। किन लोगों को मिलेगा अटल कैंटीन योजना का लाभ? झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब परिवार रिक्शा चालक, मजदूर और फुटपाथ पर काम करने वाले लोग दिहाड़ी मजदूर, सफाई कर्मचारी और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग ऐसे लोग जो अत्यधिक महंगाई के कारण पौष्टिक भोजन नहीं ले पाते हैं योजना का उद्देश्य और सरकार की मंशा अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। सरकार इस योजना के तहत स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर कुपोषण की समस्या को दूर करने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा, इससे दिल्ली में भोजन की बर्बादी को भी कम करने में मदद मिलेगी। बजट में अन्य प्रमुख घोषणाएं 1. यमुना की सफाई और पुनरुद्धार दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की सफाई और पुनरुद्धार को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। इस परियोजना को अहमदाबाद के साबरमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट से प्रेरित बताया जा रहा है। इसके तहत यमुना नदी के किनारे सौंदर्यीकरण, प्रदूषण नियंत्रण और जल की शुद्धता बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा। 2. दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण दिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। इस बजट में सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं: इसे भी पढ़ें:-आगरा और पानीपत में बनेगा छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य ‘शिव स्मारक, CM फडणवीस ने बताया इस फैसले का कारण? 3. महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तीकरण योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए सरकार ने नई योजनाओं की घोषणा की: 4. बुनियादी ढांचा विकास और परिवहन सुधार सरकार ने दिल्ली के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 28,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का ऐलान किया है। 5. व्यापार और उद्योग को बढ़ावा नई औद्योगिक नीति लागू होगी। दिल्ली सरकार (Delhi Government) का यह बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। गरीबों के लिए अटल कैंटीन (Atal Canteen), महिलाओं के लिए आर्थिक योजनाएं, पर्यावरण सुधार के लिए यमुना पुनरुद्धार और प्रदूषण नियंत्रण तथा व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति जैसे कई अहम फैसले इस बजट का हिस्सा हैं। बीजेपी सरकार (BJP Government) ने इस बजट के जरिए दिल्ली की जनता को यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनका ध्यान सिर्फ बुनियादी विकास ही नहीं बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग की समस्याओं के समाधान पर भी है। अब देखना यह होगा कि ये योजनाएं जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव डालती हैं और दिल्ली के विकास में कितना योगदान देती हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News  Atal Canteen Scheme #AtalCanteenYojana #AffordableMeals #SubsidizedFood #GovtScheme #BudgetMeals #PublicWelfare #FoodForAll #IndiaGovt #CanteenScheme #CheapMeals

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Eknath Shinde & Kunal Kamra

हम व्यंग्य को समझते हैं, लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए: एकनाथ शिंदे 

महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। कॉमेडियन कुणाल कामरा (Comedian Kunal Kamra) द्वारा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Deputy CM Eknath Shinde) पर की गई टिप्पणी के बाद विवाद तेजी से बढ़ गया है। एक ओर उद्धव ठाकरे (Udhaw Thakrey) गुट कुणाल कामरा के समर्थन में खड़ा है, तो दूसरी ओर मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने कामरा को समन जारी कर पेश होने के लिए कहा है। इस विवाद के बीच अब एकनाथ शिंदे का बयान भी सामने आ गया है, जिसमें उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एकनाथ शिंदे की प्रतिक्रिया एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने बीबीसी मराठी के एक कॉन्क्लेव में इस मामले पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है और हम व्यंग्य को समझते हैं, लेकिन इसकी भी एक सीमा होनी चाहिए। किसी के खिलाफ बयान देना ऐसा नहीं होना चाहिए कि वह ‘सुपारी’ लेकर बोला गया लगे। हर किसी को अपनी भाषा और स्तर का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है।” एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने आगे कहा कि कुणाल कामरा (Kunal Kamra) की टिप्पणी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं बल्कि किसी एजेंडे के तहत दिया गया बयान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि वे काम करने वाले व्यक्ति हैं और अनावश्यक बहस में पड़ना नहीं चाहते। शिवसेना कार्यकर्ताओं की तोड़फोड़ जब शिंदे से पूछा गया कि क्या वे अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई तोड़फोड़ का समर्थन करते हैं, तो उन्होंने इस पर संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैं कभी भी तोड़फोड़ का समर्थन नहीं करता, लेकिन जब कोई व्यक्ति आरोप लगाता है, तो उसे भी अपनी भाषा और स्तर का ध्यान रखना चाहिए। कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया स्वाभाविक थी। मैं संवेदनशील और सहनशील हूं, लेकिन सभी कार्यकर्ता इतने सहनशील नहीं हो सकते।” इस बयान से स्पष्ट होता है कि शिंदे सीधे तौर पर तोड़फोड़ का समर्थन नहीं कर रहे, लेकिन इसे कार्यकर्ताओं की स्वाभाविक प्रतिक्रिया के रूप में देख रहे हैं। क्या कहा था कुणाल कामरा ने? कुणाल कामरा  (Kunal Kamra)  ने मुंबई के खार इलाके में स्थित हैबिटेट स्टूडियो में एक कार्यक्रम के दौरान फिल्म ‘दिल तो पागल है’ के गाने का संशोधित संस्करण प्रस्तुत कर एकनाथ शिंदे पर कटाक्ष किया था। इस प्रस्तुति में उन्होंने ‘गद्दार’ शब्द का उपयोग कर शिंदे पर तंज कसा, जिससे शिवसेना (Shiv Sena) कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। इसके बाद रविवार रात बड़ी संख्या में शिवसेना (Shiv Sena) कार्यकर्ता होटल यूनिकॉन्टिनेंटल के बाहर इकट्ठा हुए, जहां क्लब स्थित था, और उन्होंने क्लब व होटल परिसर में तोड़फोड़ कर दी। इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने कुणाल कामरा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। एमआईडीसी थाने के एक अधिकारी ने बताया कि कामरा पर भारतीय दंड संहिता की धारा 353(1)(बी) (सार्वजनिक उत्पात संबंधी बयान) और 356(2) (मानहानि) समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसे भी पढ़ें: योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल विवाद के राजनीतिक मायने इस पूरे विवाद का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर साफ दिख रहा है। एक तरफ उद्धव ठाकरे गुट इस मामले में कुणाल कामरा का समर्थन कर रहा है, तो दूसरी तरफ शिवसेना (शिंदे गुट) अपने नेता के बचाव में खड़ा है। यह विवाद न केवल राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है, बल्कि इसमें कानून व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बहस भी तेज हो गई है। जहां कुछ लोग इसे हास्य और व्यंग्य की स्वतंत्रता मान रहे हैं, वहीं अन्य इसे लक्षित हमले के रूप में देख रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कानूनी प्रक्रिया में इस मामले का क्या नतीजा निकलता है और इसका महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra Politics) पर क्या प्रभाव पड़ता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Eknath Shende #ComedianKunalKamra #Shivsena #EknathShende #MahrashtraPolice

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Government Scheme Review Meeting

नय वित्त वर्ष में सरकार की योजनाओं की होगी समीक्षा, हो सकते हैं बड़े बदलाव!

1 अप्रैल से नय फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की शुरुआत होने जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि इसमें कई बड़े बदलावकिये जा सकते हैं। केंद्र सरकार (Central Government) इस फाइनेंशियल ईयर में अपनी सभी कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार इस समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं के खर्च की गुणवत्ता, फंड्स के सही उपयोग और उनकी प्रभावशीलता पर विचार विमर्श करेगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य अनावश्यक योजनाओं को खत्म करना और सरकारी फंड्स (Government Funds) के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना होगा। हर पांच साल में होती है समीक्षा यह समीक्षा हर पांच साल में एक बार की जाती है, जिससे योजनाओं को उनकी उपयोगिता और आवश्यकता के आधार पर जारी रखने, संशोधित करने या समाप्त करने का निर्णय लिया जा सके। सरकार इस रिव्यू प्रक्रिया को नए वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप आगे बढ़ाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजनाओं में अनावश्यक खर्च को रोका जाए और अधिक प्रभावी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। किन बिंदुओं पर की जा सकती है समीक्षा? सरकार इस समीक्षा में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करने जा रही है। इनमें निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा— समीक्षा प्रक्रिया में वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग प्रमुख भूमिका निभाएगा और विभिन्न मंत्रालयों से फीडबैक लेकर आवश्यक सुधारों की सिफारिश करेगा। वित्त वर्ष 2026 के लिए केंद्र सरकार की 10 प्रमुख योजनाएं और उनका बजट अप्रैल में आ सकती है समीक्षा रिपोर्ट सरकार ने नीति आयोग को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वह ऐसे क्षेत्रों की पहचान करे जहां राज्य सरकारों की योजनाएं केंद्र की योजनाओं के समान हैं। अप्रैल 2025 तक नीति आयोग की रिपोर्ट आने की संभावना है, जिसमें यह सिफारिशें शामिल होंगी कि- नीति आयोग की रिपोर्ट को वित्त आयोग के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) का बजट और महत्व केंद्र सरकार (Central Government) विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) को भी लागू कर रही है, जिनमें शामिल हैं— CSS बजट 2025-26 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने CSS के तहत 5.41 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया है।2024-25 में यह बजट 5.05 लाख करोड़ रुपये था, जिसे संशोधित कर 4.15 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार ने मार्च 2015 में मुख्यमंत्रियों के एक उप-समूह का गठन कर CSS योजनाओं की संख्या 130 से घटाकर 75 कर दी थी। यह फैसला योजनाओं को अधिक लक्षित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया था। इसे भी पढ़ें:- योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल क्या होगा बदलाव? इस समीक्षा से सरकार बिना उपयोग वाली योजनाओं को बंद करेगी।कम प्रभावी योजनाओं को मिलाकर एक नई, प्रभावी योजना बनाई जा सकती है।सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि योजनाओं का क्रियान्वयन राज्यों में बेहतर तरीके से हो।फंड्स का सही उपयोग हो, जिससे लाभार्थियों को अधिक फायदा मिले। केंद्र सरकार (Central Government) का यह कदम सरकारी योजनाओं को बेहतर, प्रभावी और अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि इस समीक्षा से बेहतर योजना प्रबंधन और फंड के सही उपयोग को सुनिश्चित किया जाता है, तो इससे करोड़ों लोगों को लाभ मिलेगा। अब देखना यह होगा कि अप्रैल में आने वाली नीति आयोग की रिपोर्ट में कौन-कौन सी योजनाओं पर बदलाव की सिफारिश की जाती है और वित्त आयोग इस पर क्या निर्णय लेता है! Latest News in Hindi Today Hindi news Government Scheme Review Meeting #GovernmentScheme #RivewMeeting #CentralGovernment #GovernmentScheme

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Yogi Govt's 8 Years Service, Security & Good Governance

योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार के आठ साल पूरे हो चुके हैं। इस खास मौके पर सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के मार्गदर्शन को श्रेय देते हुए राज्य की 25 करोड़ जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यूपी की डबल इंजन सरकार ने सेवा, सुरक्षा और सुशासन के मंत्र को साकार करते हुए राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। 8 साल पहले की स्थिति और बदलाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने बीते आठ वर्षों की तुलना करते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश अराजकता और पहचान के संकट से जूझ रहा था। अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर थे, जिसके कारण राज्य को ‘बीमारू’ की श्रेणी में रखा जाता था। महिलाएं और व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करते थे, वहीं किसानों की स्थिति बदहाल थी। लेकिन सरकार बदलते ही व्यापक सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाए गए और आज यूपी विकास के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। सेवा, सुरक्षा और सुशासन का नया दौर योगी सरकार (Yogi Government) ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जिसके परिणामस्वरूप अपराधों में भारी कमी आई। माफियाओं और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की गई, जिससे प्रदेश में निवेश और व्यापार के लिए अनुकूल माहौल बना। इसके अलावा, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर प्रदेश की जनता को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi) का मानना है कि उत्तर प्रदेश अब देश की अर्थव्यवस्था का इंजन बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के समर्थन से सरकार ने विकास के अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आज यूपी देश के विकास को एक नई दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। पुलिस सुधार और कानून-व्यवस्था उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए योगी सरकार ने पुलिस व्यवस्था को सशक्त बनाने पर जोर दिया। सरकार ने देश का सबसे बड़ा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया और अब तक 2.16 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की है। इससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हुई है। विकास उत्सव का आयोजन सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए 25 से 27 मार्च तक विकास उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सभी जिलों में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi) ने कहा कि आठ साल पहले प्रदेश की अर्थव्यवस्था और अधोसंरचना बदहाल थी, लेकिन आज यूपी देश में विकास के मॉडल के रूप में पहचाना जाता है। इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? सरकार बदलने से व्यापक सुधार सीएम योगी (CM Yogi) ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश वही है, प्रशासन वही है, लेकिन केवल सरकार बदलने से बड़े बदलाव संभव हुए हैं। योजनाओं के सही क्रियान्वयन और पारदर्शिता के कारण उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की श्रेणी से निकलकर देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में शुमार हो चुका है। कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार कृषि क्षेत्र में भी यूपी ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 2017 से पहले जहां किसानों की आत्महत्या की खबरें आम थीं, वहीं अब प्रदेश कृषि उत्पादन (Agricultural Production) में अग्रणी बन चुका है। सरकार ने किसानों की कर्जमाफी से लेकर नई तकनीकों को अपनाने तक अनेक कदम उठाए, जिससे कृषि विकास दर 13.5% तक पहुंच गई और राज्य की जीडीपी में 28% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। योगी सरकार (Yogi Adityanath) के आठ सालों में उत्तर प्रदेश ने एक नई दिशा पकड़ी है। सेवा, सुरक्षा और सुशासन के साथ प्रदेश में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। अपराध पर नियंत्रण, किसानों का उत्थान, बुनियादी ढांचे का विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसी उपलब्धियां इस सरकार की कार्यशैली को दर्शाती हैं। आने वाले वर्षों में भी यह सरकार प्रदेश को और आगे ले जाने के लिए संकल्पित है। Latest News in Hindi Today Hindi news  CM Yogi Adityanath #YogiGovernment #UPDevelopment #GoodGovernance #8YearsOfYogi #UPProgress #SecurityFirst #YogiAdityanath #NewUttarPradesh #GrowthWithYogi #UPModel

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Mango

डायबिटीज और हार्ट पेशेंट के लिए आम से जुड़ी जरूरी जानकारी

आम जिसे फलों का राजा कहा जाता है। यह न केवल भारत में बल्कि दुनियाभर में पसंद किया जाता है। इसकी मीठास और स्वाद के कारण इसे विशेष महत्व प्राप्त है और इसके अनेक स्वास्थ्य लाभ भी हैं। आम का सेवन सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि यह हमारे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करता है। इस लेख में हम आम के लाभ, इसके पोषक तत्वों और खासकर डायबिटीज और हार्ट पेशेंट के लिए इसके लाभों के बारे में चर्चा करेंगे। आम में मौजूद पोषक तत्व आम में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च सर्विस (USDA) के अनुसार 165 ग्राम आम में निम्नलिखित पोषक तत्व पाए जाते हैं: कैलोरी: 99प्रोटीन: 1.4 ग्रामफैट: 0.6 ग्रामकार्बोहाइड्रेट्स: 25 ग्रामशुगर: 22.5 ग्रामफाइबर: 2.6 ग्रामविटामिन C: 67%कॉपर: 20%फोलेट: 18%विटामिन A: 10%विटामिन E: 10%पोटैशियम: 6%ये सभी तत्व शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक होते हैं। हालांकि, आम का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अधिक सेवन से शारीरिक समस्याएँ हो सकती हैं। गर्मियों में आम के लाभ गर्मियों में आम का सेवन कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार, आम शरीर को ठंडक प्रदान करने में मदद करता है और लू या अत्यधिक गर्मी से बचाव करता है। आम का जूस शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और शरीर का तापमान कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, अगर बुखार हो, तो कच्चे आम को उबालकर शरीर पर लगाने से तापमान में कमी आ सकती है। आम का सेवन कैसे करें कच्चा आम: गर्मियों में कच्चे आम का सेवन विशेष रूप से किया जाता है। कच्चे आम को भूनकर उसमें नमक और भुने जीरे का पाउडर डालकर शिकंजी बनाया जा सकता है, जो शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है।पका हुआ आम: पके आम का सेवन ताजे रूप में किया जा सकता है, या इसे दूध और ड्राई फ्रूट्स के साथ मिलाकर स्मूदी बनाई जा सकती है। डायबिटीज पेशेंट के लिए आम डायबिटीज (Diabetics) पेशेंट के लिए आम का सेवन एक भ्रमपूर्ण विषय रहा है, क्योंकि आम में शुगर की मात्रा अधिक होती है। लेकिन हार्टलैंड इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एंड एजुकेशन द्वारा किए गए एक शोध में यह पाया गया कि संतुलित मात्रा में आम का सेवन ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। शोध में यह भी सामने आया कि आम में मौजूद फाइबर और मैंगिफेरिन डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी हैं और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को आम का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। हार्ट पेशेंट के लिए आम आम में पोटैशियम और मैग्नेशियम जैसे तत्व होते हैं, जो दिल और रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखते हैं। नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार, आम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, विशेष रूप से मैंगिफेरिन, हृदय की सेहत के लिए लाभकारी होते हैं। यह रक्तचाप को नियंत्रित करने, कोलेस्ट्रॉल स्तर को संतुलित रखने और हृदय संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। हालांकि, हार्ट पेशेंट को आम का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है। इसे भी पढ़ें: पाचन को सही बनाए रखने के साथ ही यह हैं बेल के 7 हेल्थ बेनेफिट्स आम से जुड़ी कुछ खास जानकारियाँ आम न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसके स्वास्थ्य लाभ भी अद्वितीय हैं। यह हमें विभिन्न पोषक तत्व प्रदान करता है, जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक हैं। गर्मी के मौसम में आम का सेवन शरीर को ठंडक प्रदान करता है और लू से बचाता है। डायबिटीज और हार्ट पेशेंट के लिए भी आम का सेवन संतुलित मात्रा में फायदेमंद हो सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह पर यह सेवन करना जरूरी है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Depression in people who sleep late at night#Mango #Mangobenefits #diabetics #heartpatients

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BJP MLA Suspended

BJP MLA Suspended: कर्नाटक विधानसभा से BJP के 18 विधायक क्यों किये गए निलंबित?

कर्नाटक विधानसभा (Karnataka Assembly) से BJP के 18 विधायकों (BJP MLA Suspended) को निलंबित कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष, यूटी खादर ने शुक्रवार को हनी ट्रैप (Honey Trap) मामलों के संबंध में हंगामा करने और सदन की कार्यवाही में बाधा पहुंचाने के कारण इन विधायकों को छह महीने के लिए निलंबित करने का फैसला लिया है। हनी ट्रैप (Honey Trap) मामले की जांच हाई कोर्ट के जज से कराने की मांग विपक्षी नेताओं ने कर्नाटक सरकार से कहा था कि राज्य के एक मंत्री और अन्य राजनेताओं से जुड़े कथित ‘हनी ट्रैप’ मामले की जांच हाई कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश से कराई जाए। शुक्रवार को बीजेपी विधायकों (BJP MLA) ने विधानसभा में कागज फाड़कर और वेल के पास आकर हंगामा किया, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। मंत्री एचके पाटिल द्वारा विधेयक पेश कर्नाटक के कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एचके पाटिल (HK Patil) ने इस मामले में कार्यवाही को बाधित करने के लिए 18 बीजेपी विधायकों को छह महीने के लिए निलंबित करने वाला एक विधेयक विधानसभा में पेश किया। यह विधेयक पारित कर दिया गया और निलंबन की प्रक्रिया शुरू की गई। कर्नाटक का ‘हनी ट्रैप’ मामला कर्नाटक में हाल ही में एक हाई-प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले (Honey Trap Case) ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी। यह मामला तब सामने आया जब कर्नाटक के सहकारिता मंत्री के.एन. राजन्ना ने विधानसभा में खुलासा किया कि वह खुद हनी ट्रैप (Honey Trap) का शिकार होने से बच गए, लेकिन राज्य के 48 अन्य नेताओं, विधायकों, और यहां तक कि केंद्रीय नेताओं के भी इस जाल में फंसने की संभावना जताई। इस खुलासे ने सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी को एक गंभीर विवाद में घसीट लिया है। सदन में बीजेपी विधायक द्वारा मामले का उठाना 20 मार्च 2025 को कर्नाटक विधानसभा (Karnataka Assembly) में बजट सत्र (Budget Session) के दौरान बीजेपी विधायक बसनगौड़ा पाटिल यत्नाल ने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हनी ट्रैप की घटनाएं बढ़ रही हैं और सहकारिता मंत्री राजन्ना को भी निशाना बनाया। इसके जवाब में मंत्री राजन्ना ने स्वीकार किया कि उनके खिलाफ हनी ट्रैप की कोशिश की गई थी, और यह समस्या केवल उनके तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “कर्नाटक अब पेन ड्राइव और सीडी का कारखाना बन चुका है। मेरे पास जानकारी है कि 48 लोग, जिनमें विधायक, केंद्रीय नेता, और जज भी शामिल हैं, इस जाल में फंस चुके हैं।” इसे भी पढ़ें: इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर भड़की स्वाति मालीवाल, सुप्रीम कोर्ट से की दखल देने की मांग मंत्री जारकीहोली द्वारा हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश का स्वीकार करना इसके बाद राज्य के लोक निर्माण विभाग के मंत्री सतीश जारकीहोली ने भी इस मामले की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “यह सच है कि एक मंत्री को हनी ट्रैप (Honey Trap) में फंसाने की कोशिश की गई थी। यह दो बार हुआ, लेकिन दोनों बार यह प्रयास असफल रहे। कर्नाटक में हनी ट्रैप कोई नई बात नहीं है, यह पिछले 20 सालों से चल रहा है। कुछ लोग इसे राजनीति में निवेश के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।” जारकीहोली ने यह भी सुझाव दिया कि संबंधित मंत्री को पुलिस में शिकायत दर्ज करनी चाहिए ताकि इस मामले के पीछे के लोग पकड़े जा सकें। कर्नाटक का यह हनी ट्रैप मामला (Honey Trap Case) राजनीति में नया मोड़ ले चुका है और राज्य की सियासी सरगर्मियों को और तेज कर दिया है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, और यह मामला कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। Latest News in Hindi Today Hindi news BJP MLAs Suspended #BJPMLA #HoneyTrapCase #KarnatakaAssembly

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IPL 2025 BCCI Announces Major Relief for Captains

IPL 2025: BCCI ने कप्तानों को दी बड़ी राहत

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 18वें सीजन की शुरुआत से पहले BCCI ने क्रिकेट टीम के कप्तानों के लिए हित में फैसला लेते हुए  बड़ी राहत दी है। अब स्लो ओवर रेट की वजह से कप्तानों पर बैन नहीं लगाया जाएगा। क्रिकबज की रिपोर्ट अनुसार आईपीएल 2025 (IPL 2025) में कप्तानों पर स्लो ओवर रेट के चलते कोई सजा नहीं दी जाएगी। इसके पहले आईपीएल में तीन मैचों में स्लो ओवर रेट के लिए कप्तान को एक मैच के लिए बैन किया जाता था, लेकिन अब BCCI ने इस नियम में बदलाव किया है। स्लो ओवर रेट के लिए बदलाव आईपीएल 2025 (IPL 2025) में अब कप्तानों को स्लो ओवर रेट की वजह से बैन का सामना नहीं करना पड़ेगा। पहले के नियमों के अनुसार यदि किसी टीम को सीजन में तीन मैचों में स्लो ओवर रेट की दोषी पाया जाता था, तो कप्तान पर एक मैच का बैन लगा दिया जाता था। पहले मैच में स्लो ओवर रेट होने पर कप्तान की 20 प्रतिशत मैच फीस काटी जाती थी और दूसरे मैच में यह बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाती थी। तीसरी बार यह गलती होने पर कप्तान को एक मैच के लिए बैन झेलना पड़ता था। लेकिन आईपीएल 2025 (IPL 2025) में अब ऐसा नहीं होगा। बीसीसीआई ने कप्तानों के साथ हुई मीटिंग में यह बड़ा निर्णय लिया है। अब, स्लो ओवर रेट के मामले में कप्तान को डिमेरिट पॉइंट्स दिए जाएंगे और केवल बहुत ही गंभीर मामलों में कप्तान पर बैन लगाया जाएगा। इस बदलाव से कप्तानों को राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें अब हर बार स्लो ओवर रेट के लिए सजा का सामना नहीं करना पड़ेगा। गेंद पर लार लगाने से प्रतिबंध हटाया गया आईपीएल 2025 (IPL 2025) में एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है, और वह है गेंदबाजों को बॉल पर लार का इस्तेमाल करने की अनुमति। BCCI ने 2020 में लगाए गए इस प्रतिबंध को अब हटा लिया है और आईपीएल 18वें सीजन में गेंदबाजों को फिर से बॉल पर लार लगाने की छूट मिल गई है। कोविड-19 (Covid-19) के कारण पहले यह प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन अब बीसीसीआई ने स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। इसे भी पढ़ें: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर नई गेंदों का इस्तेमाल इस सीजन में एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब प्रत्येक इनिंग में दो नई गेंदों का उपयोग किया जाएगा। पहले 10 ओवर के लिए एक नई गेंद का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि अगले 10 ओवर के लिए दूसरी नई गेंद का उपयोग किया जाएगा। यह बदलाव खेल की गति और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया है। इससे दोनों टीमों को समान परिस्थितियों में खेलने का अवसर मिलेगा, क्योंकि हर टीम को नई गेंद से खेलते समय समान लाभ मिलेगा। इम्पैक्ट प्लेयर नियम आईपीएल 2025 (IPL 2025) में इम्पैक्ट प्लेयर के नियम को भी जारी रखा गया है। कई क्रिकेट पंडितों और फैंस का यह मानना था कि बीसीसीआई इस नियम को समाप्त करने पर विचार कर सकता है, लेकिन बीसीसीआई ने इसे इस सीजन में भी बरकरार रखा है। इस नियम के तहत, किसी भी टीम को मैच के दौरान एक अतिरिक्त खिलाड़ी को शामिल करने का विकल्प होता है, जो टीम की रणनीति में बदलाव लाने में मदद करता है। यह नियम टीम को मैच के दौरान अधिक लचीलापन प्रदान करता है, खासकर जब टीम के खिलाड़ी किसी चोट या थकान से जूझ रहे होते हैं। आईपीएल 2025 (IPL 2025) में कप्तानों के लिए बीसीसीआई के द्वारा किए गए इन बदलावों से निश्चित रूप से खेल को और भी रोमांचक और दिलचस्प बनाया जाएगा। स्लो ओवर रेट पर बैन की नीति में बदलाव और लार के उपयोग की छूट से खेल के तरीके में नया मोड़ आएगा। साथ ही, इम्पैक्ट प्लेयर और दो नई गेंदों के उपयोग से मैचों में रणनीतिक दृष्टिकोण भी बढ़ेगा। इन बदलावों से खिलाड़ियों और टीमों को नई चुनौती मिलेगी और दर्शकों को एक बेहतर क्रिकेट अनुभव मिलेगा। Latest News in Hindi Today Hindi news #IPL2025 #BCCI #IPLCaptains #CricketNews #T20Cricket #IPLUpdates #IndianCricket #CricketFans #IPLBreaking #BCCIUpdate

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