Nidhi Sinha

Nitish Kumar boosts pension by ₹700

चुनाव से पहले नीतीश का मास्टरस्ट्रोक, पेंशन में 700 रुपये की बढ़ोतरी

बिहार सरकार (Bihar Government) की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में एक बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत विधवाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगों को दी जाने वाली मासिक पेंशन (Monthly Pension) की राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर अब 1,100 रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने इस फैसले की घोषणा की है, जो कि चुनाव से पहले राज्य में करोड़ों वंचित वर्गों को सोच-समझकर लिया गया फैसला है।   पेंशन वृद्धि का उद्देश्य और सुविधा बढ़ी हुई वित्तीय सहायता बजट में बढ़त  राजनीतिक रणनीति यह घोषणा बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से कुछ ही महीने पहले किया गया है। ऐसे में नीतीश सरकार (Nitish Government) के इस निर्णय को चुनावी रणनीति के साथ भी जोड़कर में देखा जा सकता है। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने हालांकि 1,500 रुपये तक पेंशन बढ़ाने की मांग की थी, वहीं भाजपा (BJP) की कांग्रेस और राजद (Congress and RJD) ने इस कदम की सराहना की है।  सामाजिक-आर्थिक प्रभाव क्या हैं इसके राजनीतिक परिदृश्य?  राजद (RJD) का प्रस्ताव कांग्रेस ने भी पैकेज का किया ऐलान  नीतीश सरकार का सम्पूर्ण दृष्टिकोण इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार क्या होंगी चुनौतियां?   बिहार सरकार (Bihar Government) द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि में 700 रुपये की वृद्धि एक मजबूत और स्वागत योग्य कदम है, जो राज्य के गरीब, बीमार, बुजुर्ग और दिव्यांग वर्ग को आर्थिक राहत उपलब्ध कराएगा। यह कदम चुनावी रणनीति का भी एक हिस्सा प्रतीत होता है, लेकिन साथ ही यह वास्तविक आर्थिक सहायता भी प्रदान करता है। सरकारी बजट और सामाजिक योजनाओं की सक्रियता यह दर्शाती है कि बिहार में बड़ी संख्या में जरूरतमंदों तक सही समय पर सहायता पहुंचाना प्राथमिकता बना हुआ है। आगे जनता और प्रशासन दोनों को इस योजनाओं के कार्यान्वयन की पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि यह पहल सिर्फ घोषणा तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक बदलाव एवं सामाजिक न्याय का वाहन बने। Latest News in Hindi Today Hindi Tejaswi Yadav #NitishKumar #PensionHike #BiharElections2025 #PoliticalMasterstroke #BiharPolitics #SeniorCitizenBenefits

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Sun Salutation

Surya Namaskar: क्यों है सूर्य नमस्कार हर दिन का सबसे बेहतर योग अभ्यास?

योग भारतीय संस्कृति का अमूल्य उपहार है, जो न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी संतुलन प्रदान करता है। योग के तमाम आसनों में से सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) को सबसे बेहतर और संपूर्ण योगाभ्यास माना जाता है। आयुष मंत्रालय (Ayush Mantralaya) और योग से जुड़े जानकारों (Yoga Expert) के अनुसार नियमित और सही तरह से सूर्य नमस्कार करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को अत्यधिक लाभ मिलता है। सूर्य नमस्कार  (Surya Namaskar) सूर्य नमस्कार, जिसे सन सलुटेशन (Sun Salutation) भी कहा जाता है। सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) योग की एक शृंखलाबद्ध प्रक्रिया है, जिसमें कुल 12 आसनों (postures) का समावेश होता है। ये आसन शरीर के विभिन्न अंगों को सक्रिय करते हैं और रक्त संचार (Blood Circulation) को बेहतर बनाते हैं। हर आसन के साथ विशेष श्वास प्रक्रिया जुड़ी होती है, जिससे फेफड़ों की क्षमता (Lungs Capacity) भी बढ़ती है। प्राचीन ग्रंथों और आधुनिक शोधों के अनुसार सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) को दिन की शुरुआत में सूर्योदय के समय करना सर्वोत्तम होता है, क्योंकि तब शरीर सबसे अधिक ऊर्जा ग्रहण करने की स्थिति में होता है। सूर्य नमस्कार के 12 चरण (12 Stages of Surya Namaskar) क्या कहते हैं रिसर्च? जर्नल ऑफ बॉडी वर्क एंड मूवमेंट थेरेपी 2011 (Journal of Bodywork and Movement Therapies 2011) के अनुसार लगातार 12 हफ्तों तक सूर्य नमस्कार करने से बॉडी फ्लेक्सिबल होती है, फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है और मेंटल हेल्थ भी बेहतर रहता है। रिसर्च के अनुसार सूर्य नमस्कार न केवल कैलोरी बर्न करता है बल्कि यह कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए भी लाभकारी है। सूर्य नमस्कार के लाभ 1. संपूर्ण शरीर का व्यायाम- सूर्य नमस्कार (Sun Salutation) से शरीर के सभी मुख्य भाग जैसे पीठ, छाती, पेट, हाथ-पैर, गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर प्रभाव पड़ता है। यह एक प्रकार का फुल-बॉडी वर्कआउट है। 2. वजन घटाने में सहायक- रिसर्च के मुताबिक सूर्य नमस्कार की 12 पूर्ण चक्रों से लगभग 156 कैलोरी बर्न होती हैं। इसे नियमित करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिल सकती है। 3. हार्मोन बैलेंस करता है- सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) ग्रंथियों को सक्रिय करता है, विशेषकर थायरॉइड और पिट्यूटरी ग्रंथि। इससे हार्मोनल असंतुलन ठीक होता है, जो महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। 4. मानसिक तनाव में राहत- हर आसन में की जाने वाली गहरी सांसें और ध्यान, तनाव और चिंता को दूर करने में सहायक होती हैं। Harvard Health Publishing की एक रिपोर्ट के अनुसार, नियमित योग करने वाले लोगों में अवसाद और चिंता के लक्षणों में कमी देखी गई है। 5. पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है- पदहस्तासन और भुजंगासन जैसे आसन पेट के अंगों की मालिश करते हैं, जिससे कब्ज, एसिडिटी जैसी समस्याएं दूर होती हैं। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) किसे नहीं करना चाहिए? सूर्य नमस्कार (Sun Salutation) केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि यह एक आध्यात्मिक साधना है, जिसमें शरीर, मन और आत्मा तीनों को संतुलन मिलता है। प्राचीन भारत से लेकर आधुनिक फिटनेस विशेषज्ञों तक, सभी इस योग अभ्यास की प्रभावशीलता को मान्यता देते हैं। यदि आप दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य से करना चाहते हैं, तो सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) को अपनी दिनचर्या में अवश्य शामिल करें। योग से जुड़े जानकारों के अनुसार अगर आप शुरुआत करना चाहते हैं, तो सप्ताह में 3 से 5 दिन करें और फिर धीरे-धीरे आप आप अपने योगाभ्यास को बढ़ा सकते हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। किसी भी योगासन, चिकित्सा सलाह या इलाज के लिए डॉक्टर या योग से जुड़े जानकारों से सलाह लें।  Latest News in Hindi Today Hindi Sun Salutation #SuryaNamaskar #DailyYoga #YogaBenefits #SunSalutation #MorningYoga #HealthyLifestyle #YogaPractice #MindBodyWellness

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Iran–Israel

ईरान ने इजरायल पर रात भर बरसाईं बैलिस्टिक मिसाइल, इजरायल की चेतावनी-‘भीषण और लंबे युद्ध के लिए तैयार रहो’

ईरान और इजरायल के बीच पिछले सप्ताह से जारी जंग (Iran–Israel War) अब भीषण हो चुकी है। ईरान ने बीती रात इजरायल पर मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए। जवाब में इजरायल ने भी फाइटर जेड से ईरान के न्यूक्लियर और सैन्य ठिकानों के साथ इंडस्ट्रियल एरिया पर हमले किए। इन हमलों से दोनों तरफ भारी तबाही हुई है। ईरान के हमलों पर इजरायल ने दावा किया है कि वह उसके रिहायशी इलाकों पर मिसाइले दाग रहा है। इन हमलों से नाराज इजरायल ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि अब ये जंग (Iran–Israel War) और भीषण और लंबी होगी। ईरान बुरे से बुरे हालात के लिए तैयार रहे।  बता दें कि इजरायल-ईरान युद्ध (Israel–Iran War) नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है। यह युद्ध जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है भीषण होता जा रहा है। ईरान पीछे हटने की जगह अपने बैलिस्टिक मिसाइलों से इजरायल पर जबरदस्त हमला बोल रहा है। युद्ध लंबा खिंचता देख इजरायली सैन्य प्रमुख इयाल जमीर ने शुक्रवार को अपने नागरिकों से कहा कि, वो “लंबे संघर्ष” के लिए तैयार रहें। साथ ही ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को अपने एक-एक मिसाइल की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। क्योंकी हम ईरान पर और भी भीषण (Iran–Israel War) हमला करने जा रहे हैं।  इजरायल ने किया ईरान के एक और बड़े कमांडर को मारने का दाव  इजरायल ने दावा किया है कि उसके आईडीएफ ड्रोन (IDF Drone) हमले में एक ईरानी कमांडर मारा गया है। इजरायल ने बताया कि उसके ड्रोन ने ईरानी सैनिकों के एक ऐसे समूह पर हमला किया, जिसमें आईआरजीसी (IRGC) का कमांडर भी मौजूद था। यह कमांडर 15 मिसाइल लांचर का जिम्मेदार था। जब उ्रोन ने हमला किया, तब सैनिकों का यह समूह मिसाइल दागने की तैयारी कर रहा था, लेकिन इसके पहले सभी को मार दिया गया। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के बीरशेबा, तेल अवीव और यरूशलेम समेत कई दूसरे शहरों पर मिसाइलें दागी। इनमें से ज्यादातर मिसाइलों को इजरायल ने हवा में ही मार गिराया। हालांकि कुछ मिसाइलें इन शहरों में भी गिरी हैं, जिससे इजरायल को भारी नुकसान हुआ है।   इसे भी पइसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! इजरायली हमले के बीच परमाणु मसले पर बात नहीं करेगा ईरान ईरान और इजरायल (Iran–Israel) के बीच चह रहे इस युद्ध को रोकने के लिए अब कूटनीतिक प्रयास शुरू हो गए हैं। शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री ने ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के विदेश मंत्री से बात की। जिसके बाद ईरान ने बयान जारी कर कहा कि वह युद्ध पर बात कर सकता है, लेकिन इजरायली हमलों के बीच वह परमाणु मसले पर समझौता करने के लिए किसी भी देश से बातचीत नहीं करेगा। वहीं यूरोपीय देशों ने ईरान को अमेरिका से बातचीत करने को कहा है। यूरोपीय देशों ने ईरान और इजरायल से युद्ध को जल्द से जल्द रोकने की अपील की है।   ईरान को ट्रंप ने दिया दो सप्ताह का समय  ईरान और इजरायल (Iran–Israel) में संघर्ष विराम को लेकर व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान की मदद यूरोपीय देश नहीं कर सकते हैं। उन्हें अमेरिका से बात करनी होगी। वहीं ईरान पर हमले को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि, ईरान पर हमले के बारे में उन्होंने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। बातचीत के लिए ईरान के पास अभी दो सप्ताह का समय है। इसके बाद स्थितियों का आकलन करते हुए अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि युद्ध में उतरा जाए कि नहीं। अमेरिका का कहना है कि अभी ईरान के साथ वार्ता की संभावना तलाशा जा रहा है। ईरान के साथ अगर कोई समझौता होता है तो वह अमेरिका की शर्तों पर होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Iran–Israel #IranIsrael #IranIsraelwar

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PM Modi Bihar Visit: विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने एक बार फिर बिहार का दौरा (PM Modi Bihar Visit) किया और सीवान की धरती से कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी। साथ ही अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए जनता को सतर्क रहने का संदेश दिया। यह दौरा चुनावी दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह छह महीने में पीएम मोदी का चौथा और बीते 20 दिनों में दूसरा बिहार दौरा है। संविधान और स्वतंत्रता संग्राम की भूमि को नमन सीवान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बिहार की ऐतिहासिक भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा, “यह धरती संविधान को ताकत देने वाली, स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा देने वाली है। बिहार ने देश को नेतृत्व दिया है और आने वाले समय में भारत को तीसरी सबसे बड़ी महाशक्ति बनाने में बिहार की बड़ी भूमिका होगी।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बताया कि वह हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे हैं और समृद्ध देशों के नेताओं से मुलाकात की है। उन्होंने बताया कि विदेशी नेता भारत की तेज प्रगति और वैश्विक स्तर पर बढ़ती भूमिका से प्रभावित हैं। ऐसे में बिहार (Bihar) को इस प्रगति का केंद्र बताया और राज्य की जनता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सतर्क रहें। विपक्ष पर हमला: जंगलराज और पलायन का जिक्र अपने संबोधन में पीएम मोदी (PM Modi) ने आरजेडी और कांग्रेस (RJD and Congress) पर सीधा हमला करते हुए कहा कि “जंगलराज वाले फिर से मौके तलाश रहे हैं और तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।” उन्होंने लालू यादव की पार्टी और उनके सहयोगियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि “पंजे और लालटेन वाले दलों ने बिहार की पहचान पलायन से जोड़ दी थी। उन्होंने बिहार के स्वाभिमान को गहरी ठेस पहुंचाई।” उन्होंने आगे कहा कि एनडीए सरकार (NDA Government) को जब बिहार की जनता ने मौका दिया, तब गरीबी हटाने का वास्तविक प्रयास दिखा और देशभर में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए। पीएम ने बताया कि आज दुनिया भारत के इस प्रयास की तारीफ कर रही है। विकास की बौछार: 5736 करोड़ की योजनाएं इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बिहारवासियों को 5736 करोड़ रुपये की 22 बड़ी विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें प्रमुख योजनाएं शामिल हैं: इन योजनाओं से न केवल राज्य के बुनियादी ढांचे को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार और जीवनस्तर में भी सुधार होगा। इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री राजनीतिक हलचल: विपक्ष का तंज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के इस दौरे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि “पीएम मोदी बिहार आएंगे (PM Modi Bihar Visit) और फिर से जंगलराज की स्क्रिप्ट पढ़ेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बार-बार पुराने मुद्दों को उछालती है और असल समस्याओं से ध्यान हटाती है। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का यह दौरा न केवल राजनीतिक बल्कि विकासात्मक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। जनता के सामने एक बार फिर एनडीए सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की झलक पेश की गई है। वहीं, विपक्ष को घेरते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने जनता से अपील की कि वे विकास के इस मार्ग को बनाए रखें और भूतकाल की राजनीति से सावधान रहें। आने वाले महीनों में बिहार की राजनीतिक दिशा तय करने में इस दौरे की बड़ी भूमिका होगी। Latest News in Hindi Today Hindi  PM Modi Bihar Visit #PMModiBiharVisit #PMModi #BiharElection #BiharAssemblyElection

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Indian Railways changes waiting ticket system

Railway waiting ticket: रेलवे ने बदला वेटिंग टिकट सिस्टम, जानिए क्या है नया नियम 

भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों में भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब रेलवे ने यह तय किया है कि किसी भी ट्रेन में कुल सीटों या बर्थ की संख्या का अधिकतम 25% हिस्सा ही वेटिंग टिकट (Railway waiting ticket) के रूप में जारी किया जाएगा। यह नई व्यवस्था यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव देने, टिकट कन्फर्मेशन को लेकर स्पष्टता लाने और ओवरबुकिंग जैसी समस्याओं को कम करने के मकसद से लागू की जा रही है। क्या है नया नियम? रेल मंत्रालय के अनुसार अब राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, मेल/एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों सहित सभी कैटेगरी की ट्रेनों में वेटिंग टिकटों की सीमा तय कर दी गई है। इसे  अगर आसान शब्दों में समझें तो किसी ट्रेन में कुल 1,000 बर्थ या सीटें हैं, तो केवल 250 यात्रियों को ही वेटिंग टिकट (Waiting ticket confirm) दिए जाएंगे। इससे पहले यात्रियों को आखिरी समय तक यह चिंता रहती थी कि उनका टिकट कन्फर्म होगा या नहीं। अब इस नियम से यात्रियों को पहले से अंदाजा लग सकेगा कि उनका टिकट कन्फर्म (Ticket confirm) होगा या नहीं। किन-किन श्रेणियों में होगा यह लागू? यह नियम सभी प्रमुख श्रेणियों— रेलवे का मानना है कि दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों को भी ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। अभी तक क्या थी स्थिति? जनवरी 2013 के एक सर्कुलर के अनुसार रेलवे प्रत्येक श्रेणी में एक फिक्स संख्या तक वेटिंग टिकट जारी करता था। जैसे: इस कारण कई बार यात्रियों को आरक्षित टिकट (Reserved ticket) होने के बावजूद यात्रा में खासी असुविधा होती थी। आखिरी समय तक कन्फर्म टिकट (Confirm ticket) का इंतजार करना पड़ता था और कई बार वे जबरदस्ती आरक्षित कोचों में चढ़ जाते थे, जिससे अव्यवस्था फैलती थी। इसे भी पढ़ें:- कौन सा रिचार्ज प्लान आपके लिए हो सकता है बेस्ट? रेलवे का डेटा क्या कहता है? रेलवे अधिकारियों के मुताबिक चार्ट तैयार होने तक आमतौर पर 20 से 25 फीसदी वेटिंग टिकट कन्फर्म (Waiting ticket confirm) हो जाते हैं। इसी अनुभव के आधार पर रेलवे ने यह 25% वेटिंग लिमिट तय की है। इसका मकसद है कि यात्रियों को साफ जानकारी मिल सके और वो बिना कन्फर्म टिकट यात्रा करने से बचें। नए नियमों के संभावित फायदे क्या है यात्रियों की राय? रेलवे द्वारा जारी इस निर्णय को कई यात्रियों ने सराहा है। खासकर त्योहारी सीजन में टिकट मिलना बेहद मुश्किल होता है, ऐसे में वेटिंग टिकट (Waiting ticket) की संख्या सीमित करना यात्रियों को सही दिशा में योजना बनाने में मदद करेगा। वहीं कुछ यात्री यह भी मानते हैं कि अगर वेटिंग टिकट (Waiting ticket) की संख्या सीमित होगी तो ज्यादा लोग तत्काल या डायनेमिक प्राइसिंग की ओर जाएंगे, जिससे टिकट महंगे हो सकते हैं। भारतीय रेलवे (Indian Railway) द्वारा वेटिंग टिकट की सीमा को 25% तक सीमित करने का फैसला यात्री सुविधा की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न केवल टिकट कन्फर्मेशन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा, बल्कि ट्रेनों में अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था को भी रोकने में मदद करेगा। यह निर्णय उस दिशा में एक प्रयास है, जिसमें रेलवे सिर्फ अधिक से अधिक लोगों को यात्रा सुविधा देना नहीं बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण अनुभव भी सुनिश्चित करना चाहता है। रेलवे की यह नई नीति अगले कुछ महीनों में ट्रेनों में भीड़ और टिकट व्यवस्था में कैसा सुधार लाती है, यह देखना दिलचस्प होगा।  Latest News in Hindi Today Hindi Waiting ticket confirm #IndianRailways #WaitingTicketUpdate #TrainRules2025 #IRCTC #RailwayNews #TravelIndia

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Aerial Yoga Benefits

Aerial Yoga: एरियल योगा के एक नहीं, बल्कि हैं कई फायदे 

आज के समय में फिटनेस और मानसिक संतुलन दोनों पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो गया है। ऐसी स्थितियों में एरियल योगा (Aerial Yoga) बेहद लाभकारी माना जाता है। एरियल योगा को  हैंगिंग योगा, एंटी‑ग्रैविटी योगा या हैम्मॉक योगा भी कहा जाता है। इसमें रेशम जैसे मजबूत कपड़े से बनी हैम्मॉक को ठोस संरचना से लटकाया जाता है और आप उसमें ऊपर‑नीचे झूलते हुए योगासन करते हैं। यह जिम्नास्टिक, पिलाटिस, डांस और पारंपरिक योग का मिश्रण है। Benefits of Aerial Yoga: एरियल योगा के फायदे  शारीरिक लचीलापन और मसल्स टोनिंग- हवा में झूलते हुए मांसपेशियां बिना अतिरिक्त दबाव के स्ट्रेच होती हैं। इससे शरीर लचीला होता है, विशेषकर कोर, रीढ़ और कंधों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। यह वजन घटाने और शरीर को शेप में लाने में भी मददगार है। स्पाइन व बैक पेन में राहत- उल्टे पोज़ (इनवर्सन) की तकनीक से रीढ़ की हड्डी को डी-कंप्रेस करने में मदद मिलती है। इससे पीठ, रीढ़ और हिप्स पर पड़ने वाला तनाव कम होता है। पाचन में सुधार- स्ट्रेच करने वाली आसनों से पाचन क्रिया तेज होती है, जिससे कब्ज, गैस या अपच जैसी समस्याओं में आराम मिलता है। हार्ट हेल्थ- नियमित योगासन से ब्लड फ्लो बेहतर होता है, ब्लड सर्कुलेशन सक्रिय होता है और दिल की कार्यक्षमता में सुधार होता है। मानसिक स्वास्थ्य़- तनाव, चिंता और अवसाद जैसी परेशानियों पर भी यह मददगार होता है। हवा में झूलने से एक आंतरिक सुकून मिलता है और मूड में स्पष्ट सुधार होता है। एरियल योगा (Aerial Yoga) सिर्फ युवा ही नहीं बल्कि सभी उम्र के लिए फायदेमंद है। शरीर की संतुलन क्षमता बढ़ती है और ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है। एरियल योगा: किसे करना चाहिए और किसे नहीं? एरियल योगा (Aerial Yoga) स्वास्थ्य के लिए जबरदस्त फ़ायदेमंद है लेकिन कुछ स्थितियों में सावधानी जरूरी है। इसकी शुरुआत अनुभवी प्रशिक्षक की निगरानी में होनी चाहिए। यह प्रेग्नेंट, हाई ब्लड प्रेशर, ग्लूकोमा या हाल ही में चोट लगने की स्थिति में करने के लिए उपयुक्त नहीं। शुरुआत में उल्टे आसनों के दौरान चक्कर या परेशानी महसूस हो सकती है, इसलिए धीरे–धीरे इस योगा का अभ्यास करें। कैसे करें एरियल योगा? एरियल योगा (Aerial Yoga) करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करें। जैसे :  चोट से बचने के लिए और एरियल योगा का गलत तरीका फॉलो ना करें इसलिए एक्सपर्ट की मौजूदगी में एरियल योगा (Aerial Yoga) करना चाहिए। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार शुरुआती चुनौतियाँ एरियल योगा (Aerial Yoga) शुरू में चुनौतीपूर्ण लग सकता है, लेकिन जैसे-जैसे शरीर इसकी लय में समाहित होता है, यह मनोरंजक तथा प्रभावशाली अभ्यास बन जाता है। बॉलीवुड में कई सेलिब्रिटीज जैसे तापसी पन्नू, करीना कपूर और मलाइका अरोड़ा ने इसका अनुभव लिया है, और सकारात्मक परिवर्तन महसूस किए हैं। यदि आप एक नया चुनौतीपूर्ण लेकिन संपूर्ण फिटनेस और मानसिक संतुलन वाला अभ्यास ढूंढ रहे हैं, तो एरियल योगा आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है।  नोट: यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। किसी भी योगासन, चिकित्सा सलाह या इलाज के लिए डॉक्टर या योग प्रशिक्षक से जुड़ना आवश्यक है। Latest News in Hindi Today Hindi Aerial Yoga #aerialyoga #yogaforhealth #fitnessgoals #antiGravityYoga #yogaposes #aerialfitness #wellness

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Amit Shah

हमारी भाषाएं केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भारतीय भाषाओं के महत्व पर कहा है कि अब समय आ गया है जब भारत को अपनी भाषाई विरासत पर गर्व करते हुए, देसी भाषाओं के बल पर वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ना चाहिए। गुरुवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने साफ किया कि “हमारी भाषाएं केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है।” अंग्रेज़ी का मोह छोड़, देसी भाषाओं का अभिमान ज़रूरी अमित शाह (Amit Shah) ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “अब वह समय दूर नहीं जब अंग्रेज़ी बोलने वालों को शर्म महसूस होगी। हम एक ऐसे समाज की ओर बढ़ रहे हैं जहां देसी भाषाओं को सम्मान और गर्व का प्रतीक माना जाएगा।” उन्होंने कहा कि केवल दृढ़ संकल्प वाले लोग ही सामाजिक बदलाव ला सकते हैं और भारतीय भाषाओं को अपनाकर हम एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में अग्रसर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “भाषाएं हमारी संस्कृति का रत्न हैं और इन रत्नों के बिना हम सच्चे भारतीय नहीं बन सकते।” विदेशी भाषाएं भारत की आत्मा को नहीं समझ सकतीं गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने अपने भाषण में इस बात पर बल दिया कि किसी भी विदेशी भाषा के जरिए भारत को पूरी तरह से समझा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “देश, संस्कृति, इतिहास और धर्म को जानने और समझने के लिए भारतीय भाषाएं (Mother tongue) ही पर्याप्त हैं। हम अधूरी विदेशी भाषाओं के सहारे संपूर्ण भारत की कल्पना नहीं कर सकते।” उन्होंने स्वीकार किया कि यह बदलाव आसान नहीं होगा, क्योंकि दशकों से देश में अंग्रेज़ी को श्रेष्ठता का प्रतीक माना जाता रहा है, लेकिन उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि भारतीय समाज इस बदलाव में सफल होगा। पंच प्रण से जुड़े भाषाई गर्व का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा प्रस्तुत पांच प्रतिज्ञा का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह अब 130 करोड़ भारतीयों का संकल्प बन चुका है। ये पंच प्रण हैं: उन्होंने कहा कि इन प्रतिज्ञाओं को पूरा करने की दिशा में भाषाओं की भूमिका अहम होगी। “2047 तक जब भारत आज़ादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब तक हम शिखर पर होंगे – और इस यात्रा की बुनियाद भारतीय भाषाएं ही होंगी।” प्रशासनिक प्रशिक्षण में भारतीय भाषाओं का समावेश ज़रूरी गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने यह भी ज़ोर दिया कि प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण में अब बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हमें अपनी सिविल सेवाओं को भारतीय भाषाओं में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित करना होगा। इससे न केवल प्रशासन लोगों के और करीब आएगा, बल्कि नीति निर्माण और क्रियान्वयन में भी स्थानीय सांस्कृतिक और भाषाई जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।” इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री नई शिक्षा नीति से मिला भाषाओं को समर्थन गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का यह वक्तव्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की उस भावना के अनुरूप है, जिसमें मातृभाषा में शिक्षा देने पर बल दिया गया है। नीति में कहा गया है कि कक्षा 5 तक और यदि संभव हो तो कक्षा 8 तक बच्चों को मातृभाषा या स्थानीय भाषा में शिक्षा दी जाए। इससे न केवल बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ती है, बल्कि वे अपनी जड़ों से भी जुड़े रहते हैं। भारत जैसे बहुभाषी देश के लिए भाषाई गौरव केवल संस्कृति की बात नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय एकता की नींव भी है। गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का यह आह्वान कि भारतीय भाषाएं ही हमारी असली शक्ति हैं, एक महत्वपूर्ण संदेश है — खासकर उस समय जब वैश्वीकरण के दबाव में देश अपनी भाषाई विविधता और गहराई को खोता जा रहा है। अब यह आवश्यक हो गया है कि नीतियों, प्रशासन और शिक्षा में भारतीय भाषाओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि भारत न केवल आर्थिक और तकनीकी रूप से, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी आत्मनिर्भर बन सके। Latest News in Hindi Today Hindi  #mothertongue #AmitShah #PMModi #Hindi #HindiLanguage

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Delhi Water Crisis

दिल्ली में पानी का संकट: आम आदमी पार्टी का बीजेपी सरकार पर तीखा हमला

देश की राजधानी दिल्ली इस समय एक गंभीर जल संकट (Water crisis in Delhi) से जूझ रही है। गर्मी के चरम पर पहुंचते ही राजधानी में पानी की भारी किल्लत ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। इस संकट को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की दिल्ली सरकार पर कड़ा हमला बोला है। आप नेता सौरभ भारद्वाज (AAP Politician Saurabh Bharadwaj) ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि “चार इंजन वाली सरकार” के बावजूद दिल्ली के नागरिक बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बीजेपी सरकार (BJP Government) बने चार महीने हो चुके हैं, लेकिन जनता की सबसे बुनियादी ज़रूरत यानी पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने में यह सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। राजधानी के कई इलाकों में जनता परेशान  आप नेता सौरभ भारद्वाज (AAP Politician Saurabh Bharadwaj) ने बताया कि अंबेडकर नगर, देवली, तुगलकाबाद, छतरपुर, मेहरौली, पालम, हरिनगर, रजौरी गार्डन, ग्रेटर कैलाश और जनकपुरी जैसे कई इलाकों में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। खास बात यह है कि ग्रेटर कैलाश जैसे क्षेत्रों में पहले कभी पानी की कमी नहीं थी, लेकिन अब वहां भी टंकियों में पानी नहीं आ रहा है। इस संकट के चलते जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग सड़कों पर उतर आए हैं, पानी की टंकी और मटके लेकर विरोध कर रहे हैं, और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के दफ्तरों का घेराव कर रहे हैं। बुधवार को दक्षिणी दिल्ली में महिलाओं ने मटके फोड़कर अपना गुस्सा जताया और “भाजपा हाय-हाय” के नारे लगाए। NGT की फटकार ने खोली पोल नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT) ने भी दिल्ली जल बोर्ड को गंभीर फटकार लगाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक NGT ने राजधानी में दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए इसे नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि पीने के पानी में पाए जाने वाले प्रदूषक तत्व, जैसे की ई. कोलाई, लेड और आर्सेनिक, गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं। वहीँ ICMR की रिपोर्ट के अनुसार गर्मियों में दूषित जल के सेवन से होने वाले संक्रमणों, जैसे कि डायरिया, टायफाइड और हेपेटाइटिस-A, के मामलों में 25–30% की वृद्धि दर्ज की जाती है। जल संकट के पीछे क्या कारण है? जानकारों के अनुसार दिल्ली की जल समस्या (Water crisis in Delhi) के पीछे कई वजहें हैं:-  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा क्या कर रही है सरकार? दिल्ली में बीजेपी (BJP) की तरफ से कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने अब तक स्थिति पर कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है, जिससे जनता में नाराजगी और बढ़ गई है। हालांकि सरकार का कहना है कि जल बोर्ड की कार्यप्रणाली में सुधार किया जा रहा है और जल्द ही अतिरिक्त टैंकरों की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन ये प्रयास तब तक अधूरे लगते हैं जब तक ज़मीन पर बदलाव दिखाई न दे। दिल्ली का जल संकट (Water crisis in Delhi) एक चेतावनी है कि यदि अब भी सरकारें सचेत नहीं हुईं तो भविष्य में ये परेशानी और ज्यादा बढ़ सकती है। आम आदमी पार्टी की तरफ से उठाए गए सवाल जायज हैं और यह सरकार की जवाबदेही तय करने का समय है। इस पूरे मसले में यह स्पष्ट होता जा रहा है कि पानी सिर्फ एक संसाधन नहीं, बल्कि राजनीति का भी केंद्र बन चुका है। लेकिन इस राजनीति के बीच आम दिल्लीवासी की प्यास कौन बुझाएगा, यह सबसे बड़ा सवाल है। Latest News in Hindi Today Hindi Water crisis in Delhi #DelhiWaterCrisis #AAPvsBJP #WaterShortageDelhi #Kejriwal #BJP #DelhiPolitics #WaterCrisis2025

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FASTag Annual Pass

FASTag Annual Pass: जानिए फास्टैग एनुअल पास के क्या हैं फायदे?

देश में हाईवे यात्रा को सस्ती और आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई पहल की है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister for Road Transport and Highways, Nitin Gadkari) ने ऐलान किया है कि अब कार, जीप और वैन जैसे निजी वाहनों के लिए एक खास फास्टैग एनुअल पास (FASTag Annual Pass) उपलब्ध कराया जाएगा। इस पास की कीमत 3000 रुपये होगी और यह सालभर के लिए वैध होगा, जिससे वाहन मालिक 7000 रुपये से भी अधिक की बचत कर सकेंगे। क्या है फास्टैग एनुअल पास? इस योजना के तहत वाहन चालक एक निर्धारित शुल्क चुकाकर एक वर्ष या 200 टोल ट्रिप तक की यात्रा कर सकते हैं। यह पास 15 अगस्त 2025 से लागू होगा और सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highway) पर ही मान्य होगा। यानी यदि आप रोज़ाना हाईवे से आते-जाते हैं तो यह योजना आपके लिए बहुत ही उपयोगी है। सफर बनेगा सरल और किफायती नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने बताया कि यह सुविधा लोगों की जेब पर बोझ कम डालेगी और टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ व समय की बर्बादी को भी रोकेगी। फास्टैग एनुअल पास (FASTag Annual Pass) की मदद से टोल पर तेज और झंझट-मुक्त लेन-देन संभव होगा। कैसे होगी बचत? मान लीजिए किसी टोल पर शुल्क 50 रुपये है और आप सालभर में 200 बार वहां से गुजरते हैं, तो कुल खर्च 10,000 रुपये तक पहुंच सकता है। लेकिन यदि आपके पास यह एनुअल पास है तो आप सिर्फ 3000 रुपये में वही 200 ट्रिप कर सकते हैं। यानी लगभग 7000 रुपये की सीधी बचत। पास कहां से मिलेगा? सरकार जल्द ही राजमार्ग यात्रा ऐप (Highway Travel App), एनएचएआई (NHAI) की वेबसाइट और मंत्रालय की आधिकारिक साइट पर इस पास को खरीदने की सुविधा शुरू करेगी। जो लोग पहले से फास्टैग (Fastag) का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें नया टैग लेने की जरूरत नहीं होगी। वे अपना मौजूदा टैग ही उपयोग में ला सकते हैं, यदि वह सभी मानदंडों को पूरा करता हो। यह पास जरूरी है या विकल्प? सरकार ने साफ किया है कि यह पास पूरी तरह से वैकल्पिक है। यदि कोई व्यक्ति नियमित फास्टैग भुगतान ही करना चाहता है, तो वह पहले की तरह टोल शुल्क अदा कर सकते हैं। यह सुविधा केवल उन लोगों के लिए है जो लंबी दूरी या बार-बार यात्रा करते हैं और पैसे की बचत करना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें:- कौन सा रिचार्ज प्लान आपके लिए हो सकता है बेस्ट? वैधता समाप्त होने पर क्या? अगर किसी ने 200 ट्रिप पूरे कर लिए हैं, लेकिन वर्ष समाप्त नहीं हुआ है, तो वे चाहें तो दूसरा एनुअल पास खरीद सकते हैं। इस तरह साल में ज़्यादा ट्रिप करने वालों को भी इसका पूरा लाभ मिलेगा। FASTag एनुअल पास (FASTag Annual Pass) योजना सरकार की एक आधुनिक और दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर में टोल भुगतान को आसान, तेज़ और किफायती बनाना है। इस योजना के तहत नॉन-कमर्शियल वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए केवल 3000 रुपये में सालभर या 200 ट्रिप (जो पहले पूरी हो) के लिए एक एनुअल पास उपलब्ध कराया जाएगा। इससे यात्रियों को हर बार टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। यह पास 15 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा और सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर मान्य होगा। इसके जरिए एक औसतन 50-100 रुपये की टोल यात्रा महज 15 रुपये में पूरी की जा सकेगी, जिससे सालाना लगभग 7000 रुपये तक की बचत संभव है। यह पहल खासतौर पर मेट्रो शहरों और टोल ज़ोन से गुज़रने वाले डेली कम्यूटर्स के लिए फायदेमंद साबित होगी। यह योजना डिजिटल इंडिया अभियान (Digital India Campaign) के तहत टोल सिस्टम (Toll System) को अधिक पारदर्शी, स्मार्ट और विवादरहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश की सड़क यात्रा प्रणाली को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। Latest News in Hindi Today Hindi Highway Travel App FASTag Annual Pass #FASTagAnnualPass #FASTagBenefits #TollSavings #NHAIFASTag #HighwayTravel #DigitalIndia

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Yoga for Kids: बच्चों के लिए योग: बढ़ाएं एकाग्रता और इम्यूनिटी

आज के डिजिटल युग में बच्चे तेजी से टेक्नोलॉजी से जुड़ रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही वे तनाव, ध्यान की कमी और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली जैसी समस्याओं का भी सामना कर रहे हैं। ऐसे में योग एक ऐसा प्राचीन उपाय है, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकता है। योग केवल वयस्कों के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों के लिए भी बेहद लाभकारी (Yoga for Kids)  माना गया है। यह उनके शरीर को मजबूत करता है, मन को शांत रखता है और एकाग्रता के साथ-साथ उनकी इम्यूनिटी (Immunity) को भी बेहतर बनाता है। Yoga for Kids: बच्चों के लिए योग के फायदे  बच्चों में योग (Yoga for Kids) का महत्व बच्चे स्वभाव से ही चंचल और ऊर्जा से भरपूर होते हैं। अगर इस ऊर्जा को सही दिशा दी जाए, तो वे शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद सशक्त बन सकते हैं। योग बच्चों को संतुलन, धैर्य, अनुशासन और आत्म-नियंत्रण सिखाता है, जो उनकी पढ़ाई और सामाजिक जीवन में भी मदद करता है। एकाग्रता बढ़ाने में योग की भूमिका आजकल बच्चों का ध्यान बहुत जल्दी भटकता है, खासकर मोबाइल, टीवी और गेम्स की वजह से। योग बच्चों की मानसिक स्थिरता बढ़ाकर उन्हें वर्तमान में जीने की कला सिखाता है। AIIMS (All India Institute of Medical Sciences) द्वारा की गई एक स्टडी में यह पाया गया कि 6 से 12 साल के बच्चों ने जब लगातार 3 महीने तक रोज़ 20 मिनट योग किया, तो उनकी एकाग्रता में 30% तक सुधार देखा गया। साथ ही उनके व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव आए। बच्चों में योग (Yoga for Kids): योगासन जो एकाग्रता बढ़ाते हैं-  इम्यूनिटी मजबूत करने में योग बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) मजबूत हो, तो वे बार-बार बीमार नहीं पड़ते। योग सांस प्रणाली, पाचन और रक्त संचार को बेहतर बनाता है, जिससे इम्यूनिटी मजबूत होती है। National Institute of Health (NIH) द्वारा प्रकाशित शोध के अनुसार, प्राणायाम और ध्यान करने से शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) का स्तर कम करता है, जिससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अधिक सक्रिय होती है। योगासन जो इम्यूनिटी बढ़ाते हैं: बच्चों के लिए योग (Yoga for kids) अभ्यास कैसे शुरू करें? इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक बच्चों के लिए योग के अन्य लाभ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए योग एक प्राकृतिक, सरल और प्रभावशाली उपाय है। यह न केवल उन्हें बीमारियों से बचाता है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है। आज जब तनाव और असंतुलन बचपन में ही दस्तक देने लगे हैं, तो योग बच्चों के जीवन में स्थिरता और ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने का माध्यम बन सकता है। नोट: यह ध्यान रखें कि बच्चों को अगर कोई शारीरिक या मानसिक समस्या है तो ऐसे में एकबार डॉक्टर से जरूर सलाह लें।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Cobra Pose #YogaForKids #ChildWellness #KidsYoga #ImmunityBoost #FocusWithYoga #HealthyKids #YogaBenefits #MindfulChildren

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