Nidhi Sinha

Axiom Mission 4

अब 22 जून को लॉन्च होगा Axiom Mission 4: ISRO

भारत के अंतरिक्ष मिशन में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसमें भारत के शुभांशु शुक्ला का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा। साल 1984 में राकेश शर्मा के बाद शुभांशु दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बनने जा रहे हैं जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करेंगे। यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। शुभांशु शुक्ला को Axiom Mission 4 (Ax-4) के अंतर्गत अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। यह मिशन न केवल भारत के लिए बल्कि पोलैंड और हंगरी के लिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि इन तीनों देशों के प्रतिनिधि पहली बार मानव अंतरिक्ष यात्रा में भाग लेंगे। यह मिशन भारत की वैज्ञानिक क्षमता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति समर्पण का प्रतीक है। 22 जून को लॉन्च होगा Axiom Mission 4   ISRO ने एक्स पर यह जानकारी दी है कि अब 22 जून को Axiom Mission 4  लॉन्च होगा। इस 14 दिवसीय मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला न केवल अंतरिक्ष में रिसर्च करेंगे, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता का भी प्रदर्शन करेंगे। वह भारतीय छात्रों और शिक्षकों के साथ सीधे संवाद स्थापित करेंगे, जिससे न केवल बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी बल्कि युवाओं को प्रेरणा भी मिलेगी। यह प्रयास शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भारत के दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर दर्शाएगा। शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सहयोग से संभव हो रही है। ISRO ने हमेशा से नई तकनीक और स्वदेशी अंतरिक्ष तकनीक के विकास को प्राथमिकता दी है। इस मिशन में ISRO द्वारा तैयार किए गए विशेष वैज्ञानिक प्रयोगों को अंतरिक्ष में अंजाम दिया जाएगा, जिनके परिणाम आने वाले समय में विज्ञान, औषधि और पर्यावरण के क्षेत्रों में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। शुभांशु का चयन एक कठिन प्रक्रिया के बाद हुआ है, जिसमें शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और वैज्ञानिक समझ को परखा गया। भारत अब अंतरिक्ष विज्ञान में न केवल तकनीक और प्रक्षेपण के क्षेत्र में बल्कि मानव संसाधन के स्तर पर भी अग्रणी बनता जा रहा है। Axiom Mission 4  को @Axiom_Space द्वारा @NASA और @SpaceX के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस तरह भारत अब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ साझेदारी में सक्रिय रूप से भागीदारी कर रहा है। इससे भारत को वैश्विक मंच पर वैज्ञानिक शक्ति के रूप में मान्यता मिल रही है। इस मिशन का सबसे विशेष पक्ष यह है कि यह केवल वैज्ञानिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का भी प्रतीक बन रहा है। शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में भारत की संस्कृति, परंपरा और शांति के संदेश को लेकर जाएंगे, जिससे विश्व समुदाय में भारत की सॉफ्ट पावर को भी बल मिलेगा। इसे भी पढ़ें:- Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन युवाओं के रोलमॉडल हैं “शुभांशु शुक्ला” इनसबके अलावा शुभांशु शुक्ला के साथ जुड़ी यह ऐतिहासिक यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। जब भारतीय बच्चे यह देखेंगे कि उनका प्रतिनिधि अंतरिक्ष में जाकर न केवल वैज्ञानिक कार्य कर रहे हैं, बल्कि देश की पहचान भी मजबूत कर रहे हैं, जिससे वे भी विज्ञान, तकनीक और नई-नई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित होंगे। भारत के लिए यह अवसर केवल एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं है, बल्कि यह देश की वैज्ञानिक प्रगति, वैश्विक कूटनीति और युवाओं के उज्जवल भविष्य का प्रतीक है। यह मिशन दर्शाता है कि भारत अब केवल अपने लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक सहयोग और मानवता के हित में भी अंतरिक्ष विज्ञान का उपयोग कर रहा है। शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा भारत की अंतरिक्ष यात्रा में नया मोड़ लाने जा रही है। यह मिशन न केवल तकनीकी उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह देश के युवाओं को सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा भी देगा। यह ऐतिहासिक क्षण भारत को एक बार फिर गर्व से भर देगा, और अंतरिक्ष में भारत की मजबूत उपस्थिति को रेखांकित करेगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Axiom Mission 4  #AxiomMission4 #ISRO #ShubhanshuShukla #SpaceX #ISS #Falcon9 #SpaceExploration

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PM Modi and President Trump

Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोदी और ट्रंप (Modi and Trump) की बात तकरीबन  35 मिनट तक चली। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब राष्ट्रपति ट्रंप को अपनी पहले से तय भारत की यात्रा स्थगित कर अमेरिका लौटना पड़ा, जिससे दोनों नेताओं की संभावित मुलाकात टल गई है। ट्रंप के आग्रह पर यह फोन कॉल हुआ, जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मोदी और ट्रंप की आतंकवाद मुद्दे पर हुई बात  प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने बातचीत के दौरान आतंकवाद के मामले पर भारत की स्थिति को साफ तरीके से ट्रंप के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवाद को ‘छद्म युद्ध’ के रूप में देखता है और इसके खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता देता है। इस क्रम में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का भी जिक्र किया जो फिलहाल जारी है। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। दोनों नेताओं के बीच पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत-पाकिस्तान के बढ़ते तनाव (India-Pakistan Tension) पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पीएम मोदी ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील (PM Modi and President Trump) या अमेरिका की किसी मध्यस्थता पर कोई चर्चा नहीं हुई। पाकिस्तान के आग्रह पर ही भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता हुई थी। प्रधानमंत्री ने ट्रंप को यह भी आश्वस्त किया कि भारत की ओर से कोई ऐसी पहल नहीं हुई जो अमेरिका को बीच में लाने की ओर संकेत दे। इस बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप (President Trump) ने भारत के आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में पूरी सहानुभूति और समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि अमेरिका इस लड़ाई में भारत के साथ है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी इस बातचीत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोदी और ट्रंप की मुलाकात जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान होनी थी, लेकिन ट्रंप के अमेरिका लौटने के कारण ऐसा नहीं हो पाया। ट्रंप ने मोदी को अमेरिका आने का दिया निमंत्रण  बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने पूछा कि क्या पीएम मोदी कनाडा से वापसी में अमेरिका आ सकते हैं। लेकिन पीएम मोदी (PM Modi) ने पहले से तय कार्यक्रमों का हवाला देते हुए असमर्थता जताई। इसके बावजूद दोनों नेताओं ने भविष्य में शीघ्र मिलने की बात पर सहमति जताई। इसके अलावा विदेश सचिव ने यह भी जानकारी दी कि 9 मई की रात अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पीएम मोदी को कॉल किया था और आगाह किया था कि पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला कर सकता है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि अगर पाकिस्तान ऐसा करता है तो भारत जवाब देने में देर नहीं करेगा और यह जवाब पहले से भी ज्यादा शक्तिशाली होगा। इसके अगले ही दिन 10 मई को भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर सशक्त कार्रवाई की, जिससे उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक यह बातचीत भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा मसलों पर साझा दृष्टिकोण को और मजबूती देने का संकेत है। पीएम मोदी की यह पहल भारत की स्पष्ट विदेश नीति और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रवैये को दर्शाती है। वहीं अमेरिका की ओर से मिला समर्थन भारत के लिए कूटनीतिक रूप से एक अहम संकेत है कि उसकी सुरक्षा चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप (PM Modi and President Trump) की यह बातचीत न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण रही, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत अब किसी भी तरह के आतंकवादी हमले के जवाब में संकोच नहीं करेगा और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को मजबूती से रखेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #ModiTrumpTalks #IndiaUSRelations #GlobalTerrorism #Diplomacy #USSupportsIndia

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Top 7 Medical Colleges In India

Top 7 Medical Colleges In India: भारत के टॉप 7 मेडिकल कॉलेज 

भारत में चिकित्सा शिक्षा का एक समृद्ध इतिहास रहा है और यहां कई प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज हैं जो विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं। हर साल लाखों छात्र NEET परीक्षा के माध्यम से इन संस्थानों में प्रवेश पाने का सपना देखते हैं। यदि आप भी चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि भारत के शीर्ष मेडिकल कॉलेज कौन से हैं, और उनकी विशेषताएं क्या हैं। आइए जानते हैं भारत के टॉप 7 मेडिकल कॉलेजों (Top 7 Medical Colleges In India) के बारे में विस्तृत जानकारी। भारत के टॉप 7 मेडिकल कॉलेज (Top 7 Medical Colleges In India)  1. एम्स, नई दिल्ली (AIIMS Delhi) स्थान: नई दिल्ली स्थापना: 1956 एम्स भारत का सबसे प्रतिष्ठित और सर्वश्रेष्ठ मेडिकल संस्थान माना जाता है। यहां की फैकल्टी, रिसर्च फैसिलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लिनिकल एक्सपोजर अंतरराष्ट्रीय स्तर का है। यहां हर साल NEET-UG के माध्यम से कुछ ही छात्रों को दाखिला मिलता है, जिससे इसकी प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता दोनों ही शीर्ष पर रहती है। 2. अर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज, पुणे (AFMC Pune) स्थान: पुणे, महाराष्ट्र स्थापना: 1948 AFMC भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन आता है। यह कॉलेज न सिर्फ बेहतरीन मेडिकल शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि देश सेवा का अवसर भी देता है। यहां से पढ़े हुए डॉक्टर्स भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में सेवा देते हैं। 3. मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली (MAMC Delhi) स्थान: दिल्ली स्थापना: 1959 MAMC दिल्ली सरकार द्वारा संचालित है और इसका संबंध एलएनजेपी हॉस्पिटल से है। यहां छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और बेहतरीन क्लिनिकल ट्रेनिंग मिलती है। इसकी फीस भी अन्य निजी कॉलेजों की तुलना में काफी कम है। 4. क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर (CMC Vellore) स्थान: वेल्लोर, तमिलनाडु स्थापना: 1900 CMC वेल्लोर न सिर्फ दक्षिण भारत बल्कि पूरे देश में अपनी चिकित्सा सेवा और सामाजिक कार्यों के लिए जाना जाता है। यहां की मेडिकल ट्रेनिंग बेहद व्यावहारिक होती है और छात्र विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं में भाग लेते हैं। 5. कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मणिपाल (KMC Manipal) स्थान: मणिपाल, कर्नाटक स्थापना: 1953 KMC एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज है लेकिन इसकी रैंकिंग और शिक्षा का स्तर काफी ऊंचा है। यहां आधुनिक लैब्स, रिसर्च फैसिलिटी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी छात्रों को ग्लोबल एक्सपोजर देता है। 6. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ (KGMU Lucknow) स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश स्थापना: 1905 KGMU भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेजों (Medical College) में से एक है। यहां न सिर्फ उत्तर भारत बल्कि पूरे देश से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। इसकी बड़ी हॉस्पिटल फैसिलिटी छात्रों को प्रैक्टिकल अनुभव देती है। इसे भी पढ़ें: यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स 7. ग्रांट मेडिकल कॉलेज, मुंबई (Grant Medical College, Mumbai) स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र स्थापना: 1845 यह कॉलेज सर जे.जे. ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स से जुड़ा हुआ है और यह पश्चिम भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में से एक है। इसकी पुरानी विरासत और आधुनिक शिक्षा पद्धति इसे छात्रों के लिए एक पसंदीदा विकल्प बनाती है। अगर आप मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं, तो भारत के टॉप 7 मेडिकल कॉलेज (Top 7 Medical Colleges In India) को अपने लक्ष्य में जरूर शामिल करें। इन संस्थानों में न केवल शिक्षा का उच्च स्तर है, बल्कि ये डॉक्टरों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बनाते हैं। हालांकि इनमें दाखिला पाना आसान नहीं होता, लेकिन मेहनत, समर्पण और सही दिशा में तैयारी से यह सपना जरूर पूरा किया जा सकता है। इन कॉलेजों में एम्स दिल्ली, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर, मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान शामिल हैं। यहां से निकले छात्र विश्वभर में भारत का नाम रोशन करते हैं। इन कॉलेजों की पढ़ाई के साथ-साथ क्लिनिकल एक्सपोजर भी शानदार होता है। Latest News in Hindi Today Hindi news #Top7MedicalCollegesInIndia #Medicalcollege #Doctor #Education

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BSNL

कौन सा रिचार्ज प्लान आपके लिए हो सकता है बेस्ट?

भारत में टेलीकॉम बाजार में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और BSNL के बीच रिचार्ज प्लान्स को लेकर कॉम्पटीशन तेजी से चल रही है। हालांकि जियो और एयरटेल बड़े पैमाने पर आकर्षक डेटा और कॉलिंग पैक ग्राहकों के लिए पेश कर रहे हैं, लेकिन सरकारी कंपनी BSNL ने अपनी सस्ती और सुविधाजनक योजनाओं के ज़रिए अपनी अलग पहचान बनाई है। आइए जानते हैं BSNL, जियो और एयरटेल के अलग-अलग प्लान्स के बारे में।  BSNL, जियो और एयरटेल का आकर्षक डेटा और कॉलिंग पैक 1. BSNL ₹198—40 दिन अनलिमिटेड डेटा BSNL ने हाल ही में 198 रुपये का एक पैक लॉन्च किया है, जिसमें 40 दिनों के लिए 2GB/दिन डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा दी जा रही है। जबकि जियो या एयरटेल में 40 दिन की वैलिडिटी वाले कोई प्लान उपलब्ध नहीं है।  2. BSNL ₹107—50 दिनों के लिए 3GB डेटा और कॉलिंग BSNL का दूसरा आकर्षक ऑफर 107 रुपये का है। इस प्लान के अंतर्गत आपको 50 दिनों की वैधता के साथ 3GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा दी जाती है। यह किसी अन्य कंपनी की तुलना में बेहतर है, क्योंकि जियो और एयरटेल में 50 दिनों की वैधता तक के ऐसे बजट-फ्रेंडली प्लान उपलब्ध नहीं हैं। 3. जियो ₹579—56 दिन, 1.5GB/डेटा रिलायंस जियो 56 दिनों वाला सबसे किफायती लोकप्रिय प्लान देता है 579 रुपये में 1.5GB/दिन डेटा, 100 SMS/दिन और अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ-साथ JioTV, JioCinema आदि ऐप्स का सब्सक्रिप्शन भी वैलिडिटी और बेनिफिट के मामले में यह प्लान कॉम्पिटिशन जरूर दे रहा है। 4. एयरटेल ₹579—56 दिन, 1.5GB/दिन और अनलिमिटेड कॉलिंग एयरटेल में भी 579 रुपये का प्लान उपलब्ध है। 56 दिनों के लिए 1.5GB/दिन डेटा, 100 SMS/दिन, अनलिमिटेड कॉलिंग और साथ में Apollo 24|7 और Wynk Music जैसे प्रीमियम बेनिफिट।  BSNL के अन्य प्लान  485 रुपये में 80 दिन के लिए 2GB/दिन डेटा की सुविधा मिलती है। BSNL 2025 ने चार हजार से अधिक 4G टावर लगाए हैं और 5G के लिए भी तैयारी शुरू हो चुकी है। क्या करें ग्राहक? कम खर्च में डेटा उपयोग करने वाले यूजर्स के लिए BSNL 107 या 198 रुपये का प्लान बेहतर साबित हो सकता है। डेटा, कॉलिंग और ऐप्स की जरूरत वाले यूजर्स के लिए जियो/एयरटेल के 579 रुपये का प्लान बेहतर ऑप्शन हो सकते हैं। खासकर उन लोगों के लिए जो वीडियो स्ट्रीमिंग, OTT और ऐप्स का उपयोग करते हैं। BSNL के 40 और 50‐दिनों की वैलिडिटी वाले 198 और 107 रुपये के प्लान निश्चित रूप से किफायती हैं। दूसरी ओर जियो और एयरटेल 56‑दिनों वाले प्लान्स के जरिए डेटा, कॉलिंग, SMS और डिजिटल ऐप्स का पूरा पैकेज मिल जाता है, जो अधिक मल्टीमीडिया उपयोगकर्ताओं के अनुकूल हैं। भारतीय टेलीकॉम बाजार में तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच BSNL , जियो और एयरटेल जैसी कंपनियां अपने-अपने टारगेट यूजर्स के अनुसार रिचार्ज प्लान्स पेश कर रही हैं। जहां जियो और एयरटेल मल्टीमीडिया सुविधाओं, OTT सब्सक्रिप्शन और हाई-स्पीड डेटा के साथ डिजिटल युग के लिए तैयार प्लान्स लेकर आते हैं, वहीं BSNL सीमित बजट वाले यूजर्स के लिए कम कीमत में बेसिक डेटा और कॉलिंग सुविधाएं उपलब्ध कराता है। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार BSNL का 198 रूपये वाला प्लान 40 दिन की वैधता के साथ अनलिमिटेड डेटा सुविधा देता है, जो कि बाजार में मौजूद अन्य कंपनियों के प्लान्स की तुलना में अनूठा है। इसके अलावा, ₹107 वाले 50-दिन के प्लान में भी अनलिमिटेड कॉलिंग और 3GB डेटा जैसी सुविधाएं काफी किफायती हैं। वहीं दूसरी तरफ जियो और एयरटेल के ₹579 प्लान 56 दिन की वैधता के साथ प्रतिदिन 1.5GB डेटा, 100 SMS और OTT जैसे अतिरिक्त फायदे भी देते हैं, जो डिजिटल सुविधा चाहने वालों के लिए फायदेमंद हैं। इसलिए अगर आप बेसिक कॉलिंग और सीमित डेटा उपयोगकर्ता हैं, तो BSNL के प्लान आपकी जरूरतों को कम कीमत में पूरी तरह संतुष्ट कर सकते हैं। वहीं, यदि आप OTT प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया, गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग के लिए अधिक डेटा और सुविधाएं चाहते हैं, तो एयरटेल और जियो जैसे विकल्प आपके लिए बेहतर होंगे। इस तरह कहा जा सकता है कि भारत के टेलीकॉम बाजार में सभी वर्गों के उपयोगकर्ताओं के लिए उपयुक्त प्लान्स मौजूद हैं लेकिन, लेकिन आप अपनी जरूरतों के अनुसार इनका फायदा उठा सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi BSNL #BestRechargePlan2025 #MobilePlansIndia #JioRecharge #AirtelOffers #BSNLPlans #UnlimitedData #PrepaidVsPostpaid

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National Savings Certificate

National Savings Certificate: निवेश का एक विकल्प NSC भी है

अगर आप निवेश करते समय जोखिम से बचना चाहते हैं और चाहते हैं कि आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे, साथ ही अच्छा रिटर्न भी मिले, तो पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (National Saving Certificate) स्कीम आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। यह एक गारंटीड रिटर्न वाली योजना है, जिसे भारत सरकार द्वारा समर्थित किया गया है, और इसमें टैक्स छूट (Tax Rebate) जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी शामिल हैं। क्या है NSC स्कीम? नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (National Savings Certificate) भारतीय डाक विभाग द्वारा चलाई जा रही एक छोटी बचत योजना है, जिसे खासकर उन निवेशकों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो कम जोखिम और निश्चित लाभ को प्राथमिकता देते हैं। यह स्कीम एक 5 साल की फिक्स्ड टेन्योर सेविंग स्कीम है, जिसमें आप न्यूनतम ₹1,000 से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। कौन खोल सकता है NSC अकाउंट? भारत सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार, निम्नलिखित व्यक्ति NSC  (National Saving Certificate) अकाउंट खोल सकते हैं: निवेश की राशि और शुरुआत इस स्कीम की सबसे खास बात यह है कि निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। आप ₹1,000 से शुरुआत करके, ₹100 के गुणज (multiples) में अपनी सुविधा अनुसार राशि जमा कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए भी उपयुक्त है जो छोटे-छोटे निवेश करके एक बड़ी बचत बनाना चाहते हैं। मिल रहा है 7.7% ब्याज वर्तमान में NSC पर 7.7% सालाना ब्याज दर मिल रही है, जो तुलनात्मक रूप से FD और अन्य बचत योजनाओं से बेहतर है। यह ब्याज तिमाही चक्रवृद्धि (compound) रूप में बढ़ता है, लेकिन भुगतान मैच्योरिटी पर ही होता है। इस स्कीम की सबसे खास बात यह है कि यह भारत सरकार द्वारा समर्थित है, यानी पूंजी पूरी तरह सुरक्षित रहती है। टैक्स बचत का भी फायदा NSC  (National Saving Certificate) में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है। यह टैक्सपेयर्स के लिए एक बहुत बड़ा लाभ है, क्योंकि उन्हें एक ही निवेश में दो फायदे मिल जाते हैं – सुरक्षित बचत और टैक्स में कटौती। NSC अकाउंट को बंद कब किया जा सकता है? सामान्य स्थिति में NSC (National Savings Certificate) को 5 वर्ष की अवधि पूरी होने से पहले बंद नहीं किया जा सकता। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में अकाउंट को समय से पहले बंद किया जा सकता है: NSC अकाउंट (NSC Account) को केवल कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में ट्रांसफर किया जा सकता है: खाताधारक की मृत्यु होने पर नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को संयुक्त खाते के एक धारक की मृत्यु पर अन्य धारक को कोर्ट के आदेश या नामित प्राधिकारी को गिरवी रखने की स्थिति में NSC बनाम अन्य निवेश विकल्प अगर आप NSC (National Saving Certificate) की तुलना बैंक एफडी (Bank FD), पीपीएफ (PPF) या सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) जैसे विकल्पों से करें, तो NSC में कम अवधि, सरकार की गारंटी और टैक्स में छूट जैसी खूबियाँ इसे काफी प्रतिस्पर्धी बनाती हैं। विशेष रूप से वेतनभोगी वर्ग, वरिष्ठ नागरिक और टैक्स बचत चाहने वालों के लिए यह स्कीम एक भरोसेमंद विकल्प मानी जाती है। क्यों लिया जा सकता है NSC? अगर आपकी प्राथमिकता बिना परेशानी के निवेश, सरकार द्वारा गारंटी और टैक्स बचत है, तो NSC स्कीम आपके लिए बिल्कुल उपयुक्त है। यह स्कीम आपको छोटे निवेश से बड़ी बचत करने का अवसर देती है, वह भी बिना किसी जटिल प्रक्रिया के।  Latest News in Hindi Today Hindi National Savings Certificate #NSC #NationalSavingsCertificate #SecureInvestment #TaxSaving #SmallSavings #IndiaInvestment

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Why Practice Yoga on an Empty Stomach

योग क्यों करना चाहिए खाली पेट? जानिए वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक कारण 

योग भारतीय जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। लेकिन जब भी योग की बात होती है, अक्सर सलाह दी जाती है कि इसे खाली पेट किया जाए। आखिर ऐसा क्यों? क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक या आयुर्वेदिक कारण है? आज इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि योग (Yoga) खाली पेट क्यों करना चाहिए और इसके पीछे विशेषज्ञों और रिसर्च का क्या कहना है। योग और पाचन – एक सीधा संबंध योग करते समय शरीर के कई हिस्सों पर खिंचाव और दबाव पड़ता है, खासतौर पर पेट और आंतों पर। अगर आप खाना खाने के तुरंत बाद या तीन से साढ़े तीन घंटे के अंदर योग करेंगे तो इससे ना ही खाना ठीक तरह से डायजेस्ट हो पायेगा और ना ही योगासन का आपको लाभ मिलेगा। योग से जुड़े जानकारों की मानें  भोजन के तुरंत बाद योग करने से एसिडिटी (Acidity), गैस (Gas), उल्टी (Vomiting) जैसा एहसास और पेट में भारीपन महसूस हो सकता है। इससे न केवल योग का लाभ कम होता है, बल्कि शरीर को नुकसान भी हो सकता है। क्या कहती है रिसर्च? The American Journal of Physiology के रिसर्च के अनुसार भोजन के बाद बॉडी का ब्लड फ्लो डायजेस्टिव सिस्टम की ओर होता है। ऐसे में कोई भी शारीरिक क्रिया  विशेषकर योग की शैली से नुकसान पहुंच सकता है। जर्नल ऑफ क्लिनिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (2020) की रिपोर्ट के अनुसार व्यायाम या योग भोजन के तुरंत बाद करने से अपच indigestion, एसिड रिफ्लक्स acid reflux और ब्लोटिंग bloating की शिकायत आम हो जाती है। आयुर्वेद के अनुसार,भोजन के बाद शरीर में अग्नि (पाचन ऊर्जा) सक्रिय रहती है। यदि आप इस समय योग करते हैं, तो ऊर्जा विभाजित हो जाती है – न पाचन ठीक से होता है, न योग के लाभ मिलते हैं। आयुर्वेद योग को सतोगुणी क्रिया मानता है, जो शुद्धता, संयम और एकाग्रता को बढ़ावा देता है — और यह तभी संभव है जब पेट खाली हो। कब करें योग? योग विशेषज्ञों की राय है कि भोजन और योग के बीच कम से कम 3 से 3.5 घंटे का अंतराल होना चाहिए। अगर आपने दोपहर 1 बजे खाना खाया है, तो योग 4:30 या 5 बजे से पहले नहीं करना चाहिए। वैसे आप भोजन के तुरंत बाद आप वज्रासन जरूर कर सकते हैं, क्योंकि यह एकमात्र ऐसा आसन है जो पाचन में मदद करता है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक खाली पेट योग के फायदे खाली पेट योग करना केवल परंपरा नहीं, बल्कि विज्ञान और आयुर्वेद से सिद्ध एक प्रभावी तरीका है जिससे न केवल शरीर को लाभ होता है बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा भी जागृत होती है। चाहे आप शुरुआत कर रहे हों या अनुभवी योगी हों, यह नियम हमेशा याद रखें – योग से पहले पेट खाली रखें और इसका लाभ आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर लाभ होगा। नोट: अगर आप किसी भी शारीरिक या मानसिक से परेशान हैं तो हेल्थ से जुड़े एक्सपर्ट से मिलें। क्योंकि हेल्थ एक्सपर्ट आपके परेशानियों को समझकर उसका सही इलाज कर सकते हैं।   Latest News in Hindi Today Hindi news पाचन ऊर्जा Yoga #Yoga #EmptyStomachYoga #Ayurveda #HealthBenefits #YogaRoutine #MorningYoga #YogaForEnergy

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Ministry of Statistics and Programme Implementation

भारत में बढ़ती बेरोजगारी दर: मई 2025 के आंकड़े युवाओं और महिलाओं के लिए चिंता का संकेत

भारत में मई 2025 के रोजगार से जुड़े आंकड़े सरकार और आम जनता दोनों के लिए चिंता का विषय है। मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन (Ministry of Statistics and Programme Implementation) द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार इस महीने बेरोजगारी दर बढ़ गई है। यह सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी बेरोजगारी ने दस्तक दी है। खासतौर पर युवा वर्ग और महिलाओं में बेरोजगारी दर ने चिंताजनक स्तर पार कर लिए हैं, जो देश की सामाजिक और आर्थिक संरचना के लिए खतरे की घंटी है। युवाओं में तेजी से बढ़ी बेरोजगारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में बेरोजगारी (Unemployment) दर मई 2025 में बढ़कर 5.6% हो गई, जो अप्रैल 2025 में 5.1% थी। सबसे अधिक प्रभाव 15 से 29 वर्ष की आयु के युवाओं पर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस आयु वर्ग की बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) अप्रैल में 12.3% थी, जो मई में बढ़कर 13.7% हो गई। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह दर अप्रैल के 17.2% से बढ़कर मई में 17.9% पर पहुंच गई। यह इशारा करता है कि देश की युवाशक्ति, जो कि राष्ट्र निर्माण की रीढ़ मानी जाती है, बेरोजगारी की समस्या से परेशान है। महिलाओं में भी बढ़ी बेरोजगारी वैसे बेरोजगारी (Unemployment) का यह संकट केवल युवाओं तक सीमित नहीं रहा। महिलाओं की भागीदारी और रोजगार की स्थिति भी गिरावट में रही। मई 2025 में महिलाओं की बेरोजगारी दर 5.8% दर्ज की गई, जो पुरुषों की दर 5.6% से अधिक रही। यह दर्शाता है कि महिला सशक्तिकरण और आर्थिक भागीदारी के प्रयासों के बावजूद महिलाएं आज भी रोजगार के क्षेत्र में पिछड़ रही हैं, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में। गिरा लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) का गिरना एक और चिंता का विषय है। यह दर उन लोगों के प्रतिशत को दर्शाता है जो या तो काम कर रहे हैं या काम की तलाश में हैं। मई 2025 में यह दर घटकर 54.8% रह गई, जो अप्रैल में 55.6% थी। ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 56.9% और शहरी क्षेत्रों में 50.4% रही। इससे यह स्पष्ट है कि काम की तलाश में लगे लोगों की संख्या में भी गिरावट आई है, जो या तो अवसरों की कमी या हतोत्साहित कर देने वाली परिस्थितियों का संकेत देती है। वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो में गिरावट वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो (WPR) यानी काम कर रही जनसंख्या का अनुपात भी मई में कम हो गया। अप्रैल में जहां यह दर 52.8% थी, वहीं मई में यह घटकर 51.7% हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में WPR 54.1% रहा जबकि शहरी क्षेत्रों में यह घटकर 46.9% रहा। महिलाओं की स्थिति और भी चिंताजनक रही — ग्रामीण महिलाओं में यह दर 35.2% रही और शहरी क्षेत्रों में केवल 23.0%। कुल महिला वर्कर रेश्यो 31.3% रहा, जो यह दर्शाता है कि महिला श्रमबल का पूर्ण रूप से उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक रोजगार सृजन की चुनौती सरकार ने बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) में इस वृद्धि के पीछे का कोई विशेष कारण नहीं बताया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह डेटा देश में रोजगार सृजन की दिशा में जारी चुनौतियों को उजागर करता है। Centre for Monitoring Indian Economy (CMIE) जैसे शोध संस्थानों ने भी समय-समय पर यह चेतावनी दी है कि भारत में बेरोजगारी विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के बीच एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। हालांकि भारत की GDP ग्रोथ दर अभी भी मजबूत मानी जा रही है, लेकिन यह ग्रोथ जब तक रोजगार के अवसरों में तब्दील नहीं होती, तब तक इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगा। रोजगारहीन विकास न केवल सामाजिक असमानता को बढ़ावा देगा, बल्कि देश की सामाजिक स्थिरता और आर्थिक समरसता को भी नुकसान पहुंचा सकता है। मई 2025 के बेरोजगारी आंकड़े (May Unemployment Rate) यह साफ दर्शाते हैं कि भारत को अब रोजगार सृजन की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है। विशेषकर युवा और महिलाओं के लिए नीति आधारित, कौशल विकास पर केंद्रित और क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखने वाली योजनाएं बनानी होंगी। देश के लिए यह समय आत्मनिरीक्षण का है कि विकास केवल GDP तक सीमित न रहे, बल्कि हर नागरिक को रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाए। Latest News in Hindi Today Hindi Unemployment Rate #MayUnemploymentRate #UnemploymentRate #GDP #Job #WPR

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Women’s ODI World Cup 2025

Women’s ODI World Cup 2025: 5 अक्टूबर को मैदान में आमने सामने होंगे भारत और पाकिस्तान के प्लयेर 

महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 (Women’s ODI World Cup 2025) का आगमन 30 सितंबर से हो रहा है और इस बार का टूर्नामेंट खास तौर पर रोमांचक माना जा रहा है। ICC द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार यह मैच भारत के बेंगलुरु, इंदौर, गुवाहाटी और विशाखापट्टनम शहरों के स्टेडियमों और श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित होगी। Women’s ODI World Cup 2025: भारत vs श्रीलंका 30 सितंबर की शाम बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में महिला वनडे विश्व कप 2025 (Women’s ODI World Cup 2025) की शुरुआत भारत और श्रीलंका महिला टीमों के बीच होगी। दोनों टीमों के लिए यह मैच जान पहचान बनाने और टूर्नामेंट के माहौल में खुद को ढालने का अवसर होगा। लगातार हो रही आलोचनाओं के बावजूद भारत ने पिछले कुछ वर्षों में महिला क्रिकेट में लगातार सुधार और सफलता दर्ज की है। चर्चा में भारत–पाक मुकाबला भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच क्रिकेट मैच हो और इसकी चर्चा ना हो ऐसा भला कैसे हो सकता है। भारत बनाम पाकिस्तान की भिड़ंत 5 अक्टूबर को श्रीलंका के कोलंबो के  आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच विश्व कप का हाई-प्रोफाइल मुकाबला माना जा रहा है, जिसमें न केवल खेल की गुणवत्ता, बल्कि दोनों टीमों के बीच की पुरानी प्रतिद्वंद्विता और दर्शकों का उत्साह भी मुख्य भूमिका निभाएगा। महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 (Women’s ODI World Cup 2025): कब-कब खेले जाएंगे मैच?  ICC ने इस बार महिलाओं के लिए एक ‘हाइब्रिड मॉडल’ अपनाया है जिसमें पाकिस्तान की टीम अपने सभी मैच श्रीलंका के कोलंबो में खेलेगी। इसका उद्देश्य यात्रा की जटिलताओं को कम करना और पाकिस्तानी खिलाड़ियों को एक तरह का ‘होम ग्राउंड’ सुविधा उपलब्ध कराना है। यह व्यवस्था पाकिस्तानी टीम के लिए एक विशेष मददगार साबित हो सकती है, खासकर जब वे अन्य टीमों के साथ मुकाबला करेंगी। टूर्नामेंट और सेमीफाइनल–फाइनल कुल 28 लीग मैच खेले जाएंगे। इसके बाद तीन नॉकआउट मुकाबले होंगे: दो सेमीफाइनल और एक अंतिम। लीग स्टेज मैच बेंगलुरु, इंदौर, गुवाहाटी और विशाखापट्टनम में आयोजित होंगे। कोलंबो केवल पाकिस्तान आधारित मैचों और एक संभावित सेमीफाइनल (29 अक्टूबर) के लिए आयोजन स्थल है। यदि पाकिस्तान या कोई अन्य टीम लीग स्टेज से बाहर हो जाती है, तो पहले सेमीफाइनल का स्थान गुवाहाटी रहेगा; अन्यथा यह कोलंबो में खेला जा सकता है। 2 नवंबर: टूर्नामेंट का फाइनल या तो बेंगलुरु या कोलंबो में आयोजित होगा, जो पहले सेमीफाइनल की स्थिति और टीमों की प्रगति पर निर्भर करेगा। महिला क्रिकेट में पिछले वर्षों में इंडिया और ऑस्ट्रेलिया की दाढ़नात्मक वापसी देखी गई है। ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम, जिसने 2013 और 2017 में यह खिताब जीता था, इस बार भी अपनी मजबूत टीम लाकर खिताबी रक्षा की सौगंध खाई है। उनकी कप्तानी में मेग्ना क्लेन (Meg Lanning), एलिसा हीली (Ellyse Perry), तथा युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी जैसे मॅक्करे ब्रूक्स और एमिली रॉनॉल्ड्स शामिल हैं। दूसरी ओर भारत महिला टीम ने विश्व कप 2017 में फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन बाद में ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें हराया। उस समय से आराधना पंडित, स्मृति मंधाना, स्वराश्री भारत टीम की लहर बढ़ा रहे हैं। कप में सहभागिता करने वाली अन्य टीमें—जैसे इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश—भी मजबूत बल्लेबाजी आक्रमण और अनुभव की दृष्टि से तैयार होकर टूर्नामेंट में आई हैं। इसे भी पढ़ें:- बेंगलुरु भगदड़ मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, RCB के मार्केटिंग हेड समेत 3 अन्य गिरफ्तार महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि यह महिला क्रिकेट की विकास यात्रा का अक्स है। यह न केवल भारत और पाकिस्तान जैसे पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों को मैदान पर लाएगा, बल्कि ऑस्ट्रेलिया जैसे क्रिकेट दिग्गजों को भी भारत की घरेलू धरती पर टक्कर देने का मौका देगा। फैंस के लिए 30 सितंबर से शुरू यह प्रतियोगिता यादगार रहेगी और अंततः 2 नवंबर के फाइनल तक अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट को अपने चरम पर पहुंचती देखने को मिलेगा। खासकर 5 अक्टूबर को कोलंबो में होने वाला भारत-पाक मुकाबला, उच्चतम रोमांच व उत्साह लेकर आएगा—उसकी तुलना किसी प्रीमियर हॉलीवुड फिल्म से की जा सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Women’s ODI World Cup 2025 #Women’sODIWorldCup2025 #IndvsPak #India #Pakistan #Cricket #ODI

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Tejaswi Yadav

तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर हमला: बिहार में आयोगों की नियुक्तियों को बताया परिवारवाद

बिहार में महिला आयोग (Bihar Women’s Commission) समेत विभिन्न आयोगों में हुई नियुक्तियों को लेकर नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) पर हमला बोला है। तेजस्वी ने इन नियुक्तियों को पारदर्शिता और योग्यता के विरुद्ध बताते हुए सरकार पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया। तेजस्वी यादव ने उठाई ‘जमाई आयोग’ बनाने की मांग तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार सरकार को एक जमाई आयोग का गठन करना चाहिए क्योंकि यहां आयोगों की नियुक्तियां पारिवारिक रिश्तों के आधार पर की जा रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के दामाद, जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के दामाद और अशोक चौधरी (Ashok Chaudhari) के दामाद को आयोगों में नियुक्त किया गया है। यह स्पष्ट रूप से परिवारवाद को दर्शाता है और इससे योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हो रहा है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की पत्नी की नियुक्ति पर सवाल तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने विशेष रूप से बिहार महिला आयोग (Bihar Women’s Commission) में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार (Deepak Kumar) की पत्नी की नियुक्ति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें शिक्षाविद् के रूप में नियुक्त किया गया है, लेकिन क्या बिहार में कोई और योग्य शिक्षाविद नहीं था? तेजस्वी ने आरोप लगाया कि दीपक कुमार की पत्नी ने आवेदन में अपने पति का नाम छुपाकर पिता का नाम लिखा है, जो संदेह पैदा करता है। “मुख्यमंत्री अचेत हैं या शामिल?” तेजस्वी ने सवाल किया कि क्या नीतीश कुमार (Nitish Kumar) इन नियुक्तियों से अनजान हैं या वे स्वयं इस प्रक्रिया में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है और मुख्यमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सचिवालय में दलित और अल्पसंख्यक विरोधी मानसिकता के लोग काबिज हो चुके हैं और बीजेपी के वफादार कार्यकर्ताओं को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार “बिहार में हो रहा है मलाई का बंटवारा” तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के परिवारवाद विरोधी भाषणों को भी खोखला करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में गुपचुप तरीके से सरकार की मलाई बांटी जा रही है और मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री दोनों मिलकर स्पेशल अरेंजमेंट कमीशन (Special Arrangement Commision) चला रहे हैं, जहां केवल खास लोगों के बेटा, दामाद और पत्नी को ही मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला अगर यूं ही चलता रहा तो बिहार का प्रशासन और सचिवालय दोनों ही बर्बाद हो जाएंगे। तेजस्वी ने सरकार से अपील की कि वह पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखे ताकि योग्य युवाओं को भी अवसर मिल सके। तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) के इस बयान ने एक बार फिर बिहार की राजनीति को गर्म कर दिया है। उन्होंने ना केवल नीतीश सरकार (Nitish Kumar) के निर्णयों पर सवाल उठाए, बल्कि परिवारवाद के खिलाफ व्यापक बहस को भी हवा दी है। आने वाले चुनावी माहौल में यह मुद्दा किस दिशा में जाता है, यह देखना दिलचस्प होगा। Latest News in Hindi Today Hindi Tejaswi Yadav #tejashwiyadav #nitishkumar #biharpolitics #familyism #nepotism #biharnews #indiapolitics #breakingnews #latestupdate #politicalnews

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Ram Mohan Naidu

 Ahmedabad Plane Crash: उड़ान भरने के तुरंत बाद 650 फीट की ऊंचाई पर आई तकनीकी खराबी

अहमदाबाद में हुए विमान हादसे (Ahmedabad Plane Crash) ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा लिया है। इस हादसे को लेकर आज नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जिसमें अहम जानकारी साझा की गई है। यह हादसा दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर हुआ था, जब विमान एयरपोर्ट से महज दो किलोमीटर की दूरी पर मेघानी नगर इलाके में क्रैश हो गया। क्या हुआ था उस दिन? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने बताया कि हादसे की जानकारी उन्हें दोपहर करीब 2 बजे मिली थी। जब विमान करीब 650 फीट की ऊंचाई पर था, तभी उसमें तकनीकी खराबी आई और पायलट ने तुरंत ATC (Air Traffic Control) को इमरजेंसी कॉल दी। विमान ने दोपहर 1:39 बजे टेक ऑफ किया था और महज एक मिनट के भीतर ही इमरजेंसी की सूचना दे दी गई थी। ATC ने जब विमान से संपर्क करने की कोशिश की तो उसे कोई जवाब नहीं मिला और अगले ही मिनट में विमान दुर्घटना (Plane accident) घट गई। यह विमान हाल ही में पेरिस से दिल्ली और दिल्ली से अहमदाबाद की उड़ानें सफलतापूर्वक पूरी कर चुका था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हादसे के ठीक पहले तक कोई समस्या सामने नहीं आई थी। View this post on Instagram A post shared by Ram Mohan Naidu Kinjarapu (@rammnk) ब्लैक बॉक्स मिला, जांच जारी हादसे के बाद घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। विमान में लगी आग पर शाम 6 बजे तक काबू पा लिया गया। मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने बताया कि ब्लैक बॉक्स शुक्रवार शाम 5 बजे घटनास्थल से बरामद कर लिया गया है, लेकिन उसकी जांच अभी चल रही है और हादसे की असली वजह सामने आने में थोड़ा समय लग सकता है। एयरपोर्ट 5 बजे फिर शुरू हुआ इस हादसे के कारण अहमदाबाद एयरपोर्ट (Ahmedabad Airport) को दोपहर 2:30 बजे बंद कर दिया गया था। सभी सुरक्षा और जांच प्रोटोकॉल को पूरा करने के बाद एयरपोर्ट को शाम 5 बजे फिर से संचालन के लिए खोल दिया गया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि विमान ने टेक ऑफ के महज एक मिनट बाद ही तकनीकी खराबी आई। जांच के लिए गठित की गई हाईलेवल समिति इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने एक हाईलेवल जांच समिति का गठन किया है। यह समिति DGCA (Directorate General of Civil Aviation) और अन्य संबंधित तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग से इस घटना की बारीकी से जांच करेगी। ब्लैक बॉक्स की जानकारी और डेटा का विश्लेषण करने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तकनीकी खराबी किस कारण से आई और क्या इसमें मेंटेनेंस या अन्य मानवीय चूक की भूमिका थी। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार विमान सुरक्षा पर फिर उठे सवाल यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब भारत की विमानन इंडस्ट्री तेज़ी से विकास कर रही है। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने यह साफ किया कि भारत में विमानन सुरक्षा के बहुत सख्त मानक हैं और किसी भी हादसे के बाद विस्तृत जांच करना हमारी प्राथमिकता होती है। उन्होंने कहा कि “जब यह घटना घटी, तो हमें लगा कि बोइंग 787 सीरीज में भी विस्तृत निगरानी की जरूरत है। DGCA ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।” अहमदाबाद विमान हादसा  (Ahmedabad Plane Crash) एक गंभीर चेतावनी है कि चाहे विमानन प्रणाली कितनी भी उन्नत क्यों न हो, तकनीकी चूक या असामान्य परिस्थितियाँ कभी भी किसी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि सरकार और विमानन विभाग ने तत्काल कदम उठाते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और सुरक्षा मानकों को और मज़बूत करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। हादसे की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही आगे की नीतियों और प्रक्रियाओं में आवश्यक बदलाव किए जा सकेंगे। इस बीच, पूरे देश की नजर इस जांच पर टिकी है और उम्मीद की जा रही है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Latest News in Hindi Today Hindi Ram Mohan Naidu  #AhmedabadPlaneCrash #AirIndia #PlaneCrash #DGCA #RamMohanNaidu #aviationexpert #configurationerror #aviationaccident #flightsafety #breakingnews #indianaviation #latestupdate

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