Vineet Pandey

Khalistan Supporters in Canada

‘भारत विरोधी खालिस्तानियों को हम पनाह देते हैं’; पीएम मोदी के दौरे के बाद कनाडा ने मानी अपनी गलती 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के दौरे के बाद कनाडा ने पहली बार स्वीकार किया है कि खालिस्तानी चरमपंथी उसके जमीन का इस्तेमाल भारत में हिंसा-आतंकवाद फैलाने के लिए कर रहे हैं। कनाडा की खुफिया एजेंसी कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट में बताया गया है कि खालिस्तानी चरमपंथी (Khalistani Extremists) कनाडा का इस्तेमाल भारत में हिंसा फैलाने, धन जुटाने और अलगावाद को बढ़ावा देने का प्लान बनाने के रूप में कर रहे हैं। सीएसआईएस (CSIS) ने अपनी यह वार्षिक रिपोर्ट बुधवार को जारी की। इसमें कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर प्रमुख खतरों और चिंताओं के बारे में बताया गया है।  खालिस्तानी आतंकवादियों का पनहगाह बन चुका है कनाडा  सीएसआईएस ने अपने इस रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा है कि, ‘खालिस्तानी चरमपंथी (Khalistani Extremists) कनाडा में मौजूद हैं और ये यहां के जमीन का इस्तेमाल मुख्य रूप से भारत में हिंसा को बढ़ावा देने, गैर कानूनी गतिविधियों के लिए धन जुटाने या अलगावाद को योजना बनाने के लिए लंबे समय से कर रहे हैं। सीएसआईएस की रिपोर्ट पुष्टि करती है कि कनाडा अब भारत विरोधी तत्वों के लिए एक सुरक्षित देश बन चुका है। इस रिपोर्ट ने भारत द्वारा सालों से उठाई जा रही चिंताएं पुष्ट की है। भारत दशकों से कनाडा को चेतावनी देता रहा है कि उसका देश खालिस्तानी आतंकवादियों  का पनहगाह बन चुका है, लेकिन कनाडा इस सच्चाई को स्वीकार्य करने को तैयार नहीं था। हालांकि अब उसकी खुद की खुफिया एजेंसी द्वारा यह खुलासा होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि कनाडा सरकार जल्द ही भारत विरोधी इन तत्वों पर कार्रवाई शुरू करेगा।  खालिस्तानी चरमपंथ को रोकने के लिए भारत कर रहा कनाडा में कार्रवाई  सीएसआईएस के रिपोर्ट में कहा गया है कि 1980 के दशक के मध्य से ही कनाडा में भारत विरोधी कुछ छोटे संगठन मौजूद हैं। जिन्हें खालिस्तानी चरमपंथी (Khalistani Extremists) माना जाता है, क्योंकि ये कनाडा का इस्तेमाल मुख्य रूप से भारत में हिंसा को बढ़ावा देने के लिए कर रहे हैं। कनाडा से उभरने वाला ये खालिस्तानी चरमपंथ कनाडा में भारतीय विदेशी हस्तक्षेप गतिविधियों को बढ़ावा देने का कारण है। इनको रोकने के लिए ही भारत हमारी धरती पर गैर अधिकृति कार्रवाई कर रहा है।   कनाडा ने खालिस्तानियों के लिए पहली बार किया उग्रवाद शब्द का इस्तेमाल सीएसआईएस के इस रिपोर्ट की सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात ये है कि कनाडा ने पहली बार खालिस्तानियों के लिए आधिकारिक तौर पर ‘उग्रवाद’ शब्द का इस्तेमाल किया है। यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे पहले कनाडा की सरकार इन खालिस्तानियों (Khalistani Extremists) को हल्के में लेती थीं और इनके कार्रवाई को ‘सामुदायिक गतिविधियों’ की तरह देखती थी। लेकिन सीएसआईएस ने जिस तरह से अब इन्हें उग्रवादी कहकर संबोधित किया उससे यही लगता है कि, खालिस्तानी उग्रवादी अब न केवल भारत के लिए खतरा हैं, बल्कि कनाडा के लिए भी खतरा बन चुके हैं। इसीलिए सीएसआईएस ने खालिस्तान पर चिंता व्यक्ति करते हुए इन पर कार्रवाई की मांग की है।   इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! ट्रूडो सरकार में बेहद खराब स्तर पर पहुंच गए थे दोनों देशों के रिश्ते  बता दें कि कनाडा में जब पीएम जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) की सरकार थी, तब दोनों देशों के रिश्ते बेहद खराब हो गए थे। साल 2023 में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद पीएम ट्रूडो इसका आरोप भारत पर लगाया था और दावा किया था कि उनके पास इस हत्याकांड में भारत की संलिप्तता के सबूत हैं। भारत ने इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे “बेतुका” और “बेबुनियाद” बताया था। साथ ही कनाडा पर भारत विरोधी तत्वों को पनाह देने का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद भारत ने कनाडा के छह राजनायिकों को देश से निकालने के साथ अपने राजनायिकों को भी वापस बुला लिया था। लेकिन कनाडा में सत्ता परिवर्तन होने के बाद दोनों देशों के संबंधों में सुधार होता नजर आ रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) ने हाल ही में संपन्न जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) को भी आमंत्रित किया था। इस दौरान दोनों देशों ने फिर से राजनायिक रिश्ते को पहले की तरह बहाल करने पर सहमति जताई।  Latest News in Hindi Today Hindi news Khalistani Extremists #PMModiVisit #CanadaKhalistanRow #IndiaCanadaTensions #ModiTrudeau #CanadaAdmitsMistake

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Donald Trump General Munir meeting

ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और पाकिस्तान के सेना प्रमुख व फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर (Asim Munir) के बीच व्हाइट हाउस में बुधवार दोपहर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों के बीच यह मुलाकात व्हाइट हाउस के कैबिनेट रूम में लंच के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में ईरान-इजरायल संघर्ष (Iran–Israel War) और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा हुई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पाकिस्तान की क्षेत्रीय समझ की सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तान ईरान को अमेरिका से बेहतर समझता है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है। हमें उनकी कूटनीतिक शक्ति और अनुभव का लाभ लेना चाहिए, खासकर ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।” डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने आगे कहा कि वे पाकिस्तान की उस भूमिका को भी महत्व देते हैं जो उसने हाल ही में भारत-पाक सीमा पर तनाव कम करने में निभाई है। पाकिस्तान दक्षिण एशिया में संतुलन बनाए रखने में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है। नोबेल शांति पुरस्कार की सिफारिश का असर? व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने बैठक के बाद प्रत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि यह बैठक जनरल मुनीर (Asim Munir) द्वारा ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सिफारिश किए जाने के बाद आयोजित की गई थी। अन्ना केली ने कहा, “फील्ड मार्शल मुनीर ने हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध रोकने में भूमिका निभाने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति ने इस सम्मान के लिए आसिम मुनीर (Asim Munir) का व्यक्तिगत रूप से आभार जताया।” मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने जनरल मुनीर की उस भूमिका की सराहना की जिससे भारत-पाक तनाव के बीच सैन्य संघर्ष टल सका। उन्होंने इसे एक “साहसिक और जिम्मेदार” कदम बताया। दोनों के बीच व्यापारिक संबंधों पर भी हुई चर्चा व्हाइट हाउस के अनुसार, इस बैठक में केवल कूटनीतिक मसलों पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक सहयोग और व्यापार को लेकर भी चर्चा हुई। ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिका पाकिस्तान और भारत के साथ त्रिपक्षीय व्यापारिक बातचीत की संभावनाएं तलाश रहा है। उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तान की आर्थिक चिंताओं को गंभीरता से ले रहे हैं। व्यापारिक मोर्चे पर शुरुआती बातचीत शुरू हो चुकी है, और हम आगे बढ़ने को तैयार हैं।” हालांकि, ट्रंप ने किसी संभावित समझौते की समय-सीमा या स्पष्ट ढांचे पर विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन यह संकेत जरूर दिए कि आने वाले समय में इस दिशा में ठोस प्रगति हो सकती है। इसे भी पढ़ें:- Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन ट्रंप के झूठे दावों को नाकार चुका भारत  बता दें कि हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारत ने पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकी ढांचे पर हमला किया था, जवाब में पाकिस्तान (Asim Munir) ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की। जिससे सीमा पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई थी। भारते ने जब पाकिस्तान के एयर बेस पर हमला किया तो उसने संघर्ष रोककर बातचीत की अपील की। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उनकी पहल पर भारत-पाकिस्तान संघर्ष रूका, लेकिन भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष के शामिल होने से इंकार कर दिया। भारत का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान के अपील पर रोका गया। हालांकि, इस संघर्ष के बाद से ही पाकिस्तान की लीडरशीप ट्रंप की चापलूसी करने में जुटी है। इसी के तहत मुनीर ने ट्रंप को शांति दूत बताते हुए नोबेल पुरस्कार देने की मांग की थी। पाकिस्तान के इस अपील से गदगद हुए ट्रंप ने मुनीर को मिलने के लिए व्हाइट हाउस बुला लिया था।   Latest News in Hindi Today Hindi news Asim Munir #Trump #Pakistan #IranIsraelConflict #GeneralMunir #MiddleEastPeace #USForeignPolicy

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Sharad Pawar Slams Ajit

सुलह की अटकलों पर विराम लगाते हुए शरद पवार ने अजित पवार को घेरा, बोले- ‘बीजेपी से हाथ मिलाने वालों को प्रोत्साहन नहीं’

महाराष्ट्र की राजनीति में चाचा-भतीजे के पुनर्मिलन की अटकलों के बीच अब शरद पवार (Sharad Pawar) ने एक ऐसा बयान दिया है, जो साफ इशारा करता है कि वे एनसीपी के बागी गुट के साथ सुलह के पक्ष में नहीं हैं। पिंपरी चिंचवाड़ में आयोजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की एक कार्यकर्ता सभा को संबोधित करते हुए शरद पवार (Sharad Pawar) ने अजित पवार (Ajit Pawar) का नाम बिना लिए उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग भाजपा के साथ हाथ मिलाकर अवसरवादी राजनीति करते हैं, उन्हें कभी भी प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता। शरद पवार (Sharad Pawar) का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनके और अजित पवार (Ajit Pawar) के बीच हालिया मुलाकातों ने दोनों गुटों के विलय की अटकलें तेज कर दी थी। कहा जा रहा था कि महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव (Maharashtra local body elections) से पहले दोनों गुट फिर से एक हो सकते हैं। लेकिन शरद पवार के इस बयान के बाद ऐसा लग रहा है कि दोनों गुटों के बीच चल रही समझौते की बातचीत पटरी से उतर गई है।  गांधी, नेहरू, फुले, आंबेडकर की विचारधारा वालों को ही लेंगे साथ- शरद पवार  शरद पवार ने अपने संबोधन में कहा, ” पार्टी के कुछ लोगों का कहना है कि सबको साथ लेकर चलना चाहिए, लेकिन मैं इससे असहमत नहीं हूं। मेरे लिए यह देखना जरूरी है कि ये ‘सब’ कौन हैं? मैं सिर्फ उन लोगों को साथ ले सकता हूं जो महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, महात्मा फुले और डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा में विश्वास रखते हैं।” उन्होंने अजित पवार (Ajit Pawar) का बिना नाम लिए कहा कि यदि कोई सत्ता की लालसा में भाजपा के साथ जुड़ता है, तो वह न तो एनसीपी की मूल विचारधारा से मेल खाता है और न ही ऐसी राजनीति को बढ़ावा दिया जा सकता है। ऐसे लोगों के लिए मेरी पार्टी में कोई जगह नहीं है। शरद पवार ने आगे कहा कि एनसीपी की बुनियाद सेक्युलर सोच पर रखी गई है और यह कांग्रेस की विचारधारा के समानांतर है। अगर कोई नेता भाजपा के साथ गठबंधन करता है, तो यह हमारी आत्मा के खिलाफ है। कोई भी किसी के साथ जुड़ सकता है, परंतु एनसीपी जैसी पार्टी के लिए भाजपा के साथ जाना संभव नहीं। शरद पवार का यह बयान सीधे तौर पर अजित पवार गुट पर निशाना माना जा रहा है, जिन्होंने जुलाई 2023 में एनसीपी से अलग होकर भाजपा और शिंदे गुट के साथ मिलकर सरकार बनाई। पवार ने अपने संबोधन से स्पष्ट संकेत दिया है कि राजनीतिक सिद्धांतों के साथ समझौता कर केवल सत्ता पाने की कोशिश करने वालों को वह अपनी पार्टी में वापस नहीं लेंगे। ‘पार्टी छोड़ चुके नेताओं की चिंता न करें’ शरद पवार (Sharad Pawar) ने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि उन्हें उन नेताओं की चिंता नहीं करनी चाहिए जो पार्टी छोड़कर चले गए हैं। बल्कि, अब जरूरत इस बात की है कि पार्टी पूरी ताकत के साथ आगामी स्थानीय निकाय चुनावों (Maharashtra local body elections) की तैयारी में जुट जाए। कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की असली ताकत कार्यकर्ता हैं और जब तक जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत रहेगा, तब तक कोई भी राजनीतिक चुनौती बड़ी नहीं होगी। इसलिए पूरे जोर-शोर से निकाय चुनाव की तैयारी करो।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा चाचा-भतीजे की मुलाकातों से उठी थी सियासी सरगर्मी बता दें कि, हाल ही में शरद पवार और अजित पवार के बीच कुछ अनौपचारिक मुलाकातें हुई थीं, जिनके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई थी कि शायद एनसीपी के दोनों धड़े एक बार फिर एकजुट हो सकते हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि यह मिलन आगामी निकाय चुनाव (Maharashtra local body elections) में एनसीपी के वोटों को एकजुट करने की रणनीति हो सकती है। लेकिन शरद पवार का ताजा बयान इन तमाम अटकलों पर फिलहाल पानी फेरता नजर आ रहा है। उन्होंने साफ तौर पर अवसरवादिता और विचारधारा से समझौते को नकारते हुए अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। इससे यह भी साफ हो गया कि उन्होंने अपने भतीजे अजित पवार और उनके साथियों की वापसी के दरवाजे लगभग बंद कर दिए हैं, कम से कम तब तक के लिए जब तक वे भाजपा के साथ हैं। अब देखना यह होगा कि शरद पवार के इस बयान का अजित पवार किस तरह से जवाब देते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sharad Pawar #SharadPawar #AjitPawar #BJPAlliance #MaharashtraPolitics #NCP #IndianPolitics

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Iran vs Israel war 2025

‘हैदर के नाम पर ईरान ने किया इजरायल के खिलाफ जंग का ऐलान’…, खामेनेई ने कहा यहूदी शासन पर दया नहीं दिखाएंगे 

ईरान ने इजरायल के बीच छह दिनों से चल रहा भीषण संघर्ष अब घोषित युद्ध (Israel–Iran War) में बदल चुका है। युद्ध का ऐलान ईरान ने किया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा- ‘महान हैदर के नाम पर, जंग शुरू हो गयी है।’ इसके कुछ देर बाद एक दूसरे पोस्ट में खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने लिखा- “ ईरान कभी भी इजरायल से समझौता नहीं करेगा। आतंकवादी यहूदी शासन को कड़ा जवाब देने का समय आ गया है। हम उन पर कोई दया नहीं दिखाएंगे।” ईरान के इस घोषणा के बाद दोनों देशों के बीच चल रहे इस संघर्ष को अब युद्ध (Israel–Iran War) कहा जाएगा। बता दें कि, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) को चेतावनी देते हुए बिना किसी शर्त के सरेंडर करने को कहा था। ट्रंप ने कहा कि, हमें पता है कि “सुप्रीम लीडर’ कहां पर छिपा है, हम उसे मारने वाले नहीं हैं, अभी तो कम से कम नहीं मारेंगे। लेकिन हम सभी का धैर्य अब जवाब दे रहा है।” राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि खामेनेई को बिना शर्त सरेंडर कर देना चाहिए। छठे दिन और भीषण हुई जंग  इजरायल और ईरान के बीच चल रहा भीषण संघर्ष छठे दिन में पहुंच गया है, साथ ही यह अब युद्ध में बदल गया है। ईरान ने युद्ध का ऐलान करने के साथ इजरायल पर मिसाइल हमले भी तेज कर दिए हैं। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान ने इजरायल पर एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। इनमें फत्ताह मिसाइलें भी शामिल हैं। यह एक हाइपरसोनिक मिसाइल है जो ध्वनि की गति से पांच गुना तेज गति से चलती है। इस मिसाइल को रोकना किसी भी ऐयर डिफेंस सिस्टम के लिए मुश्किल है। ईरान के मिसाइल हमले के बाद इजरायल के तेल अवीव में कई जगह धमाके की आवाज सुनी गई। कई जगहों पर आग लगने और लोगों के घायल होने की भी खबर है। ईरान के सरकारी मीडिया ने यह भी बताया कि इजरायली सेना ने उसके खोजिर मिसाइल प्रोडक्शन फैसेलिटी को निशाना बनाया है। यहां पर इरान भारी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल बनाता है।  अमेरिका भी जंग में हो सकता है शामिल ईरान और इजरायल के बीच चल रहे इस जंग में अमेरिका भी शामिल हो सकता है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले में इजराइल को सहयोग देने पर विचार कर रहे हैं। रॉयटर्स ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारी से बातचीत के आधार पर दावा किया है कि ईरान का भूमिगत फोर्डो यूरेनियम संवर्धन सुविधा इजरायल के प्राथमिक लक्ष्यों में से एक है। इजरायल (Ayatollah Ali Khamenei) यहां पर हवाई हमला कर चुका है, लेकिन यह परमाणु ठिकाना एक पहाड़ के नीचे 300 फीट की गहराई में मौजूद है, जिसकी वजह से इजरायली हमले से इसे कोई खास नुकसान नहीं हुआ। इसलिए इजरायल अब अमेरिका से मदद मांगी है, जिस पर अमेरिका विचार कर रहा है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक तेहरान छोड़ रहे लोग, ट्रैफिक से सड़कें हुई जाम इजरायल और अमेरिका द्वारा तेहरान को जल्द से जल्द खाली करने की चेतावनी जारी होने के बाद लोग तेहरान छोड़ रहे हैं। लाखों लोगों के एक साथ सड़क पर आ जाने के कारण हर जगह ट्रैफिक जाम नजर आ रहा है। तेहरान को पश्चिम एशिया के सबसे बड़े शहरों में गिना जाता है। यहां पर एक करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं। इजरायल के बढ़ते हवाई हमलों के कारण हर कोई इस शहर को छोड़ कर भाग रहा है। कहा जा रहा है कि इजरायल जल्द ही अमेरिका के साथ मिलकर इस शहर पर भीषण हमला कर सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Ayatollah Ali Khamenei #Iran #Israel #Haider #Khamenei #MiddleEast #ZionistRegime #IranIsraelConflict

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Donald Trump Iran attack,

जी-7 शिखर सम्मेलन बीच में छोड़ अमेरिका लौटे डोनाल्ड ट्रंप, क्या ईरान पर फाइनल अटैक की हो रही तैयारी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कनाडा में हो रहे जी-7 शिखर सम्मेलन (G-7 Summit) को बीच में छोड़ वापस लौट गए हैं। यह सब ऐसे समय में हो रहा है, जब इजरायल-ईरान युद्ध (Israel-Iran War) अपने चरम पर पहुंच गया है और दोनों तरफ से जबरदस्त बमबारी हो रही है। जिससे दोनों देशों को भारी नुकसान हुआ है। कहा जा रहा है कि इजरायल अब अमेरिका के सहयोग से ईरान पर फाइनल अटैक करने की तैयारी कर रहा है। जिसकी वजह से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) वापस अमेरिका चले गए।  व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ट्रंप की वापसी को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, ‘ जी-7 शिखर सम्मेलन (G-7 Summit) से काफी कुछ हासिल किया गया है और आगे भी इसका फायदा मिलता रहेगा, लेकिन इजरायल और ईरान संघर्ष (Israel-Iran War) के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) राष्ट्राध्यक्षों के साथ रात्रिभोज के बाद शिखर सम्मेलन को छोड़ वापस आ गए हैं।’  बता दें कि विश्व के कई प्रमुख नेता शांति और विकास के मुद्दे पर चर्चा के लिए कनाडा में एकत्र हुए हैं। इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज सुबह कनाडा पहुंच गए हैं। कहा जा रहा था कि इस सम्मेलन में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी, लेकिन इजरायल-ईरान युद्ध के कारण जी-7 शिखर (Benjamin Netanyahu) सम्मेलन प्रभावित हो रहा है। इजरायल और ईरान युद्ध खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है और अनियंत्रित होकर आगे बढ़ रहा है। जिसकी वजह से ट्रंप को वापस अमेरिका लौटना पड़ा है।  तेहरान को तत्काल खाली करें- ट्रंप  कनाडा पहुंचने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। यहां पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं कहना चाहता हूं कि हर किसी को तत्काल तेहरान को खाली कर देना चाहिए!’ इसके बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि, ‘‘ईरान को उस समझौते पर हस्ताक्षर कर देना चाहिए था, जिसके लिए मैंने उनसे कहा था। उन्होंने यह न करके स्थिति को शर्मनाक बना लिया है। अब बेवजह मानव जीवन का नुकसान हो रहा है। मैं कई बार कह चुका हूं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। सभी लोगों को तत्काल तेहरान छोड़ देना चाहिए।’ इसके तुरंत बाद ट्रंप जी-7 शिखर सम्मेलन को छोड़ कर चले गए।   खामेनेई की मौत से रूकेगा संघर्ष- नेतन्याहू  वहीं, दूसरी तरफ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कहा कि इस संघर्ष की समाप्ति ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) की मौत के बाद होगा। उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि खामेनेई की हत्या से यह संघर्ष बढ़ेगा नहीं, बल्कि संघर्ष समाप्त होने वाला है। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या इजरायल वास्तव में खामेनेई को मारना चाहता है तो, नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कहा कि “हम वही कर रहे हैं, जो हमें करना चाहिए।” इजरायल संघर्ष शुरू होने के समय से ही ईरान के टॉप लीडरशिप, परमाणु ठिकानों और सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है।   इसे भी पढ़ें:-  ईरान ने इजरायल पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से भी किया इनकार अब तक ईरान ने इजरायल पर 370 से ज्यादा मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन से हमला किया है  इजरायल ने बताया कि शुक्रवार को संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक ईरान ने उस पर 370 से ज्यादा मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन से हमला किया है। ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोन को इजराइल ने हवा में ही मार गिराया, लेकिन कई मिसाइल अपने टारगेट पर गिरी हैं। जिसकी वजह से 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 500 लोग घायल हैं। बीती रात भी ईरान ने कई शहरों को निशाना बनाकर मिसाइल दागी। ईरान के इन हमलों में तेल अवीव में मौजूद अमेरिकी दूतावास को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि यहां पर किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।       Latest News in Hindi Today Hindi news Benjamin Netanyahu #Trump #G7Summit #USA #IranAttack #WorldNews #MiddleEast #CrisisAlert

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Sonam black magic

राजा को वश में करने के लिए सोनम करती थी ‘ब्लैक मैजिक’!, पिता ने हत्या को लेकर किया बड़ा खुलासा

राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) की हत्या को 13 दिन पूरे हो गए। सोमवार को इंदौर में तेरहवीं कार्यक्रम किया गया था। इस दौरान मीडिया से बातचीत में राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) के पिता अशोक रघुवंशी ने सोनम को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि, मुझे पूरा विश्वास है कि सोनम तंत्र-मंत्र करती थी और इसका इस्तेमाल उसने उनके बेटे राजा पर भी किया था। जिसकी वजह से ही सोनम जो भी सही-गलत कहती, वह उसे करता था।  बता दें कि राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) के साथ मनीमून मनाने मेघालय गए थे। जहां पर सोनम ने साजिश रच राजा की हत्या करा दी। इस आरोप में मेघालय पुलिस (Meghalaya Police) ने पत्नी सोनम, इसके प्रेमी राज कुशवाह और इसके तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि सोनम (Sonam Raghuvanshi) ने राजा रघुवंशी की हत्या के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी दी थी, लेकिन आरोपियों को पूरे पैसे अभी नहीं मिले थे। पुलिस इन आरोपियों से अभी पूछताछ कर रही है। कहा जा रहा है कि इस मामले में जल्द ही कई दूसरे बड़े खुलासे भी हो सकते हैं।  सोनम ने राजा से घर के मुख्य दरवाजे पर टांगवाई थी पोटली- पिता राजा रघुवंशी के पिता अशोक रघुवंशी ने सोनम के तंत्र-मंत्र (sonam black magic )का जिक्र करते हुए कहा, “सोनम शादि के बाद जब घर आई, तभी से कुछ न कुछ टोना-टोटका करती रहती थी। उसके कहने पर ही राजा ने हमारे घर के मुख्य द्वार पर एक पोटलीनुमा चीज टांग दी थी। उस समय जब सोनम से इस बारे में घर वालों ने पूछा तो उसने कहा था कि इसे टांगने से घर पर किसी की बुरी नजर नहीं लगती और तरक्की आती है।” राजा के पिता ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सोनम तंत्र-मंत्र पर विश्वास करती थी और इससे ही उसने मेरे बेटे को अपने वश में किया। उसने मेरे बेटे की हत्या में भी इसका इस्तेमाल किया है। अशोक रघुवंशी ने कहा कि राजा की मौत के बाद घर के दरवाजे पर टंगी उस पोटलीनुमा चीज को हटा दिया गया था। उन्होंने मांग की कि उनके बेटे की हत्या में शामिल सभी दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।  मां ने कहा- सोनम मिली तो जरूर पूछूंगी एक सवाल वहीं, राजा रघुवंशी की मां उमा ने भी मीडिया से बातचीत की और कहा कि उनका बेटा राजा और सोनम दोनों मांगलिक थे और पारंपरिक तौर-तरीके से दोनों की शादी सोनम के परिवारिक ज्योतिषी द्वारा निकाले गए मुहूर्त के अनुसार हुई थी। उमा ने कहा, “सोनम शादी के बाद ससुराल आई और मात्र चार दिन यहां रही और फिर मायके चली गई थी। हमने उसे हंसी-खुशी मायके विदा की थी। अगर वह मुझे कभी मिलती है, तो मैं उससे यह जरूर पूछूंगी कि मेरे बेटे ने ऐसी क्या गलती की थी, जो उसकी हत्या करा दी? अगर साथ नहीं रहना था तो छोड़ भी सकती थी। उसे उसके अपराध की सजा जरूर मिलनी चाहिए।” इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक सोनम के भाई का नार्को टेस्ट कराने की मांग  इस हत्याकांड के सोनम ( sonam black magic )का भाई गोविंदा भी चर्चा में है। गोविंदा कभी राजा की मां से गले मिलकर रोता और माफी मांगते हुए नजर आ रहा है तो कभी अपने जीजा राजा का तर्पण करने उज्जैन चला जाता है। गोविंदा बिना बुलाए राजा की तेरहवीं में भी पहुंचा गया। इस घटना के बाद भी उसका राजा के घर बार-बार जाना अब राजा के परिजनों को खटकने लगा है। राजा के परिजनों ने गोविंद का नार्को टेस्ट कराने और उससे पूछताछ करने की मांग की है। बताया जा रहा है कि शिलांग पुलिस जल्द ही गोविंदा से भी पूछताछ कर सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi sonam black magic #Sonam #BlackMagic #RajaMurder #CrimeNews

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Vijay Rupani death

गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी का लकी नंबर 1206 ही बन गई मौत की तारीख, जानें क्यों था खास?

अहमदाबाद विमान हादसे (Ahmedabad Plane Crash) में जान गंवाने वाले गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी अपने जीवन में नंबर्स को काफी अहम मानते थे। वो एक नंबर को अपने लिए बेहद लकी मानते थे। यह खास नंबर था ‘1206’। यह नंबर विजय रूपाणी (Vijay Rupani) के जीवन से बेहद गहराई के साथ जुड़ा था। वो इस नंबर को अपने लिए सौभाग्यशाली मानते थे। यही वजह है कि विजय रूपाणी (Vijay Rupani) के हर गाड़ी का नंबर प्लेट पर यही नंबर है, चाहे वह स्कूटर हो या फिर कार। विजय रूपाणी को करीब से जानने वाले लोगों का कहना था कि इस नंबर से उन्हें हद से ज्यादा लगाव था, लेकिन 12/06 तारीख को यह लकी नंबर दुनिया के लिए एक त्रासदी में बदल गया। क्योंकि इस तारीख को विजय रूपाणी जिस फ्लाइट से लंदन अपनी पत्नी और बेटी से मिलने जा रहे थे, वह अहमदाबाद से उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई।  साधारण जीवन, लेकिन असाधारण जनसेवा गुजरात के पूर्व सीएम 68 वर्षीय विजय रूपाणी (Vijay Rupani) का जन्म म्यांमार में 2 अगस्त 1956 को हुआ था। जैन परिवार से आने वाले रूपाणी सात भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। म्यांमार में जब राजनीतिक उथल-पुथल शुरू हुई तो उनका परिवार साल 1960 में वापस राजकोट लौट आया। रूपाणी ने यहीं से अपनी शिक्षा पूरी की और राजनीति में कदम रखा। इमरजेंसी के दौरान रूपाणी 11 माह जेल में रहे और 1987 में वह पहली बार राजकोट नगर निगम (आरएमसी) के पार्षद बने। वो साल 1996 से 1997 तक राजकोट के मेयर और 2006 से 2012 तक राज्यसभा सांसद रहे। इसके बाद रूपाणी राज्य की राजनीति में सक्रिय हुए और साल 2014 में पहली बार विधायक बनने के साथ कैबिनेट मंत्री के तौर पर भी शपथ लिया। रूपाणी को अगस्त 2016 में आनंदीबेन पटेल की जगह सीएम की जिम्‍मेदारी मिली। हालांकि रूपाणी ने सितंबर 2021 में सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।   राजनीतिक करियर में अहम था यह नंबर  विजय रूपाणी (Vijay Rupani) 1206 को अपना लकी नंबर क्यों मानते थे, इसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन उनको करीब से जानने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें इस नंबर से जुड़ाव राजनीति के शुरुआती दौर से ही रहा है। यही वजह है कि विजय रूपाणी के पहली स्कूटी से लेकर अब तक मौजूद सभी गाड़ियों में यही नंबर प्लेट है। बताया जा रहा है कि रूपाणी इस नंबर को अपने राजनीतिक करियर में बेहद अहम मानते थे, लेकिन 12/06 तारीख को यही नंबर उनकी जिंदगी का आखिर दिन बन गया।    इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक विजय रूपाणी ने कई बार टाली थी लंदन यात्रा भाजपा ने इस समय विजय रूपाणी को पंजाब और चंडीगढ़ का प्रभारी बना रखा था। पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने हादसे के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि विजय रूपाणी जी पहले यह यात्रा 5 जून को करने वाले थे, लेकिन लुधियाना वेस्ट उपचुनाव प्रचार के कारण उन्होंने इसे टाल दिया। इसके बाद 9 जून को जाने पर विचार कर रहे थे, लेकिन आखिर में वो 12 जून को लंदन के लिए रवाना हुए। सुनील जाखड़ ने कहा कि अगर वे इससे पहले ही लंदन चले जाते, तो शायद वो बच जाते। रूपाणी की मौत के बाद से राजकोट समेत पूरा गुजरात शोक में डूबा है। इनके कार्यकाल में हुए विकास के कई कार्यकाल के लिए इन्हें याद किया जा रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi Vijay Rupani #vijayrupani #gujaratpolitics #luckynumber #breakingnews #rip #vijayrupaninews #indiaupdates #gujaratexcm #latestnews

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Ahmedabad plane crash

क्या ‘कॉन्फिगरेशन एरर’ से हुआ अहमदाबाद विमान हादसा? एविएशन एक्सपर्ट ने बताए हादसे के चार संभावित कारण

अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के क्रैश (Ahmedabad Plane Crash) होने से सैकड़ों लोगों की जान चली गई। मृतकों में फ्लाइट में सवार 241 लोगों के अलावा जमीन पर मौजूद दर्जनों लोग भी शामिल हैं। इस दर्दनाक हादसे ने लोगों को यह समझने का मौका दिया कि एक छोटी सी तकनीकी या ऑपरेशन गलती (कॉन्फिगरेशन एरर) से कैसे एक बड़ा विमान हादसा हो सकता है। इस विमान के दोनों पायलट काफी अनुभवी थे और मौसम भी बिल्कुल साफ था, लेकिन इसके बाद भी हादसा होना कॉन्फिगरेशन एरर (Configuration Error) की तरफ संकेत कर रहा है। आइये जानते हैं कि कॉन्फिगरेशन एरर क्या होती है?  कॉन्फिगरेशन एरर किसे कहा जाता है? विमान के टेकऑफ के समय विमान को उड़ाने के लिए कई सेटिंग्स करनी पड़ती है, इन सेटिंग्स में होने वाली गलती को ही कॉन्फिगरेशन एरर (Configuration Error) कहा जाता है। पायलट से होने वाली एक छोटी सी गलती भी विमान को सही ढंग से उड़ान भरने से रोक देती हैं। इसमें तय स्पीड से पहले टेकऑफ (रोटेशन) करना, फ्लैप्स की गलत सेटिंग, कम थ्रस्ट या लैंडिंग गियर का सही समय पर उठाना जैसी गलतियां शामिल होती हैं। इनमें से एक गलती विमान को उड़ान भरने से रोक सकता है, जिससे पायलट विमान से नियंत्रण खो देता है। यह विमान जिस तरह टेकऑफ के समय ही हादसे का शिकार हुआ, उसे देखते हुए कॉन्फिगरेशन एरर (Configuration Error) को ही सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। आइये जानते हैं क्या हो सकती हैं संभावित गलतियां।   मानवीय चूक की संभावना इस हादसे को लेकर कई एविएशन एक्सपर्ट मानवीय चूक होने का अनुमान लगा रहे हैं। इन एविएशन एक्सपर्ट (Ahmedabad Plane Crash) का मानना है कि हो सकता है टेकऑफ के समय पायलट्स किसी अलर्ट या एटीसी के संदेश को सुनने में उलझ गया हो या दोनों पायलट ने आपसी तालमेल से सेटिंग्स को सही से क्रॉसचेक न कर पाए हों। जिसकी वजह से यह हादसा हुआ हो। बोइंग 787 में भले ही  इलेक्ट्रॉनिक चेकलिस्ट होती है, लेकिन अहमदाबाद के गर्म मौसम में बहुत ज्यादा जांच की जरूरत पड़ता है।  विमान में थ्रस्ट में कमी भीषण गर्मी के कारण इंजन की पावर कम हो जाती है, इसलिए विमान के टेकऑफ के लिए सही थ्रस्ट सेट करना बहुत जरूरी होता है। एविएशन एक्सपर्ट का मानना है कि अगर पायलट्स ने कम थ्रस्ट में ही विमान को उड़ाने की कोशिश की हो या वजन का गलत हिसाब लगाया हो, तो विमान उड़ान भरने लायक उंचाई पर नहीं पहुंच पाएगा। इसकी वजह से विमान नीचे आ सकता है।  समय से पहले रोटेशन रोटेशन का मतलब उड़ान भरते समय विमान की नोज को ऊपर उठाना ताकि विमान ऊपर उठ सके। रोटेशन के लिए 787 जैसे विमान को आमतौर पर 140-160 नॉट्स की स्पीड चाहिए होती है। अगर विमान इससे पहले ही ऊपर उठने की कोशिश करता है, तो उसे ठीक से लिफ्ट नहीं मिल पाती। इससे विमान पूरा जोर लगाने के बाद भी हवा में अस्थिर होकर गिर सकता है।  इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार ऑटोमेशन पर भरोसा अहमदाबाद में हादसे का शिकार हुआ 787 विमान (Ahmedabad Plane Crash) काफी एडवांस है। इसमें लगा फ्लाइट मैनेजमेंट सिस्टम (FMS) टेकऑफ से जुड़ी गणनाएं खुद करता है। लेकिन अगर विमान के एफएमएस (FMS) में तापमान और वजन की गलत जानकारी फिड कर दी जाए तो इस सिस्टम की सारी गणनाएं गलत हो सकती है। पायलट्स कई बार  जल्दबाजी में इस मशीन पर ही पूरी तरह से भरोसा कर लेते हैं और मैन्युअली जांच नहीं करते। ऐसे में हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि इस विमान को उड़ा रहे दोनों पायलट काफी अनुभवी थे, ऐसे में मशीन पर अंधविश्वास करने की संभावना कम है।  Latest News in Hindi Today Hindi Ahmedabad Plane Crash #ahmedabadplanecrash #aviationexpert #configurationerror #aviationaccident #flightsafety #breakingnews #indianaviation #latestupdate

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Who Planned Raja's Murder

राजा की हत्या कि किसने बनाया प्लान, किलर्स को कितने पैसे दिए, पुलिस से बचने की क्या थी योजना? सोनम से पूछताछ के लिए सवालों की लिस्ट तैयार

मेघालय में हनीमून मनाने गए राजा रघुवंशी हत्या (Raja Raghuvanshi Murder) मामले में आरोपी पत्नी सोनम, राज, विशाल, आनंद और आकाश को कोर्ट ने पूछताछ के लिए 8 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। इस राजा हत्याकांड (Raja Raghuvanshi Murder) की जांच कर रही मेघालय की एसआईटी (SIT) इन सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ कर हत्याकांड के रहस्यों से पर्दा उठाने की कोशिश करेगी। एसआईटी (SIT) की टीम ने इन सभी आरोपियों से पूछताछ के लिए प्रश्नों की एक लंबी लिस्ट तैयार की है। इस पूछताछ के दौरान आरोपियों का एक दूसरे से आमना-सामना भी कराया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, हमारे पास पहले से ही कई पुख्ता सबूत हैं। इन्हीं सबूतों के आधार पर पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने पूछताछ के लिए जो लिस्ट तैयार की है, उसमें सबसे ज्यादा प्रश्न सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) के लिए हैं।  आइये जानते हैं कि पुलिस सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) से किस तरह के सवाल पूछ सकती है?  1. मेघालय में हनीमून मनाने का प्लान कब और किसके साथ बनाई? 2. मेघालय से वापसी के टिकट क्यों नहीं बुक कराया? क्या यह हत्या के साजिश का हिस्सा था? 3. आप राज कुशवाह को कब से जानती हैं और उसके साथ आप लगातार संपर्क में क्यों थी?  4. एन्क्रिप्टेड ऐप चैट से हमें पता चला है कि हनीमून के दौरान आपके और राज कुशवाहा के बीच बातचीत हो रही थी। आप दोनों किस मुद्दे पर बातचीत कर रहे थे?  5. आप अपनी लाइव लोकेशन क्यों आरोपियों को शेयर कर रही थी? 6. आपको और राजा को मावलखियात में 23 मई को तीन ऐसे लोगों के साथ देखा गया था, जो हिन्दी बोल रहे थे। वो कौन लोग थे?  7. स्थानीय गाइड अल्बर्ट पड़े ने हमें बताया है कि आपने 22 और 23 मई को गाइड लेने से इंकार कर दिया था। ऐसा आपने क्यों किया था? 8. गाइड अल्बर्ट ने मावलखियात में आपके साथ मौजूद उन तीन लोगों की पहचान राज रघुवंशी हत्याकांड के आरोपी के तौर पर की है। क्या आपने ही राजा की हत्या के लिए उन्हें हायर किया था? 9. राजा रघुवंशी की हत्या कराने के लिए हत्यारों से सबसे पहले किसने संपर्क किया था? 10. राजा की हत्या के लिए किलर्स को कितने पैसे देने थे, कितने पैसे दिए गए और किसने दिए? 11. आपने अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के लिए मेघालय को ही क्यों चुना? क्या आपने मेघालय के अलावा किसी दूसरी जगह पर जाने की प्लानिंग की थी? 12. राजा रघुवंशी की हत्या करने के लिए राज कुशवाहा मेघालय (Raja Raghuvanshi Murder) क्यों नहीं आया? 13. राजा रघुवंशी की हत्या करने के बाद आप सबसे पहले कहां गई और 17 दिनों तक कहां कहां रही? इस दौरान पुलिस से छिपने में आपकी किसने मदद की? इसे भी पढ़ें:- सोनम रघुवंशी ने ही कराई थी अपने पति राजा की हत्या, गाजीपुर पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण 14. राजा की हत्या के बाद पुलिस से बचने के लिए आपने क्या प्लान बनाया था और इसके बारे में किसे-किसे पता था? 15. पुलिस को हत्या वाली जगह से राजा की स्मार्टवॉच और फोन के अलावा आपके भी गहने मिले हैं, लेकिन राजा का करीब 10 लाख रुपये का सोना गायब है। इसके बारे में बताइए?  16. राजा रघुवंशी की हत्या के लिए हथियार को किसने, कहां से और कितने में खरीदा गया? 17. क्या आपने राज कुशवाह के साथ मिलकर शादी के बाद ही राजा की हत्या की योजना बना ली थी? Latest News in Hindi Today Hindi news Raja Raghuvanshi Murder #rajamurdercase #sonaminterrogation #crimeupdate #mysteryunfolds #latestnews #breakingnews #investigation #murderplot #crime2025

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Pakistani soldiers killed

बलूचिस्तान में भीषण जंग, BLA लड़ाकों के हमले में 23 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 9 बलूच लड़ाकों की भी मौत

भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन के युद्ध के बाद भले ही युद्धविराम हो गया हो, लेकिन पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर बलूच विद्रोहियों का हमला लगातार जारी है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर से बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर बड़ा हमला बोला है। बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में बलूच विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले में पाकिस्तानी सेना के 23 जवान मारे गए हैं। साथ ही इस मुठभेड़ में बलूच लिबरेशन आर्मी के भी 9 लड़ाकों की मौत हुई है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के प्रवक्ता जायंद बलूच ने इस संबंध में एक बयान जारी कर बताया कि एक बड़ी मुठभेड़ गोनी पारा इलाके में हुई। यहां पर पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) को अपने सैनिकों की मदद के लिए हेलीकॉप्टर से कमांडो तक उतारने पड़ गए।  मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना के अब तक 23 जवानों की हो चुकी है मौत  बीएलए (BLA) प्रवक्ता ने बताया कि उनके लड़ाके मस्तंग के इलाकों में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। जिससे सेना के साथ मुठभेड़ भी तेज हो रही है। इस इलाके में मंगलवार से भी बीएलए (BLA) लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच झड़प हो रही है और अब तक 8 पाकिस्तानी सैनिक मारे जा चुके हैं और कई घायल हैं। इसके अलावा गोनी पारा समेत दूसरे इलाकों में भी तेज झड़प हो रही है। बीएलए प्रवक्ता ने दावा किया है कि मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना के अब तक 23 जवानों की मौत हो चुकी है और उसके सैकड़ों सैनिक घायल हैं। दोनों तरफ से भारी गोलाबारी अभी भी जारी है।  बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर पड़ रहे हैं भारी  बता दें कि बलूचिस्तान में अलगाववादी सशस्त्र समूहों ने 6 जून से अपनी लड़ाई तेज कर दी है। ये लड़ाके मस्तंग इलाके में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। इन लड़ाकों को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना ने भारी संख्या में अपने जवानों को उतारा है, लेकिन इसके बाद भी बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर  भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों बलूच लड़ाकों ने बलूचिस्तान के कई शहरों पर धावा बोलकर कब्जा जमा लिया था। साथ ही कई हाईवे को भी बंद कर दिया। इससे तिलमिलाई पाकिस्तानी सेना ने बलूच नागरिकों पर हमला किया और कई नागरिकों को अपने साथ उठा ले गई। बलूच नागरिक समूहों का दावा है कि पाकिस्तानी सेना ने पासनी और दश्त बालनिगोर जिले में छापेमार कार्रवाई करते हुए 9 बलूच लोगों को उठा ले गई, जो अब लापता हैं।  बलूचिस्तान में बलूच लोगों को पाकिस्तानी सेना द्वारा जबरन उठा ले जाना और फिर उन्हें गायब कर देना बड़ी समस्या रही है। यहां के हजारों लोग कई सालों से गायब हैं, जिसका सीधा आरोप पाकिस्तानी सेना पर है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे ये लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर लगातार कर रहे हैं हमले  मानवाधिकार संगठन पाकिस्तानी सेना पर नागरिकों, छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गायब करने का आरोप लगाते हैं। पाकिस्तानी सेना के इस क्रूर कार्रवाई के कारण ही बलूचिस्तान में विद्रो हो रहा है। बलूचिस्तान में हजारों लोग अब हथियार उठा चुके हैं और पाकिस्तानी सेना से लड़ रहे। इस लड़ाई में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं, लेकिन बीएलए के लड़ाके हार मानने को तैयार नहीं। पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे ये लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर लगातार हमले कर रहे हैं। जिसकी वजह से इस राज्य में पाकिस्तान की पकड़ अब बेहद कमजोर हो चुकी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news बलूचिस्तान #balochistan #blaattack #pakistaninews #soldierskilled #balochfighters #breakingnews #pakistanviolence #conflictupdate #worldnews

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