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सोलापुर में जिला परिषद स्कूल का स्लैब गिरा, 13 छात्र और 2 शिक्षक घायल

सोलापुर: महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के अक्कलकोट तालुका के बबलाद गांव में जिला परिषद स्कूल के पोर्च का स्लैब अचानक गिर गया। हादसे में 13 छात्र घायल हो गए। कुछ रिपोर्टों में 2 शिक्षकों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और घायल बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

अचानक गिरा स्लैब, बच्चों में मची अफरा-तफरी

जानकारी के अनुसार, हादसा 10 अगस्त 2026 को दोपहर के समय हुआ। स्कूल के पोर्च की छत की एक परत अचानक नीचे गिर गई और मलबा छात्रों के ऊपर जा गिरा।

मलबा गिरते ही स्कूल में चीख-पुकार मच गई। मौजूद शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चों को मलबे से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।

13 छात्र घायल, 2 शिक्षकों के घायल होने की भी खबर

हादसे में कुल 13 छात्रों के घायल होने की पुष्टि कई रिपोर्टों में हुई है। वहीं, कुछ रिपोर्टों और वीडियो रिपोर्ट में 2 शिक्षकों के भी घायल होने की जानकारी दी गई है।

घायल छात्रों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई और उपचार के बाद घायल छात्रों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सभी बच्चों की हालत स्थिर बताई गई है।

करीब 25 साल पुरानी है स्कूल की इमारत

बताया जा रहा है कि यह स्कूल भवन करीब 25 साल पुराना है। यह सोलापुर जिला परिषद द्वारा संचालित कन्नड़ माध्यम का स्कूल है, जिसमें पहली से सातवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है।

स्कूल में करीब 250 छात्र पढ़ते हैं। ऐसे में स्कूल भवन के एक हिस्से का अचानक गिरना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही एंबुलेंस के साथ जिला परिषद के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायल बच्चों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।

प्रशासन की ओर से स्कूल भवन की स्थिति का जायजा लेने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि स्लैब गिरने की वास्तविक वजह क्या थी।

जर्जर स्कूल भवन को लेकर उठे सवाल

हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर स्कूल की पुरानी इमारत को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुरानी इमारत को गिराकर नई स्कूल बिल्डिंग बनाने की मांग उठाई है।

सवाल यह भी है कि यदि भवन पहले से कमजोर था तो वहां बच्चों की कक्षाएं क्यों संचालित की जा रही थीं। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों के पुराने सरकारी स्कूल भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान खींचा है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता

स्कूल में बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में भवन के किसी हिस्से का गिरना गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है।

अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता अब यह है कि स्कूल की इमारत की पूरी तरह जांच कराई जाए और जब तक भवन सुरक्षित घोषित न हो, तब तक बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

प्रशासन के सामने अब बड़ी चुनौती

हादसे के बाद प्रशासन के सामने स्कूल भवन की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की चुनौती है।

यदि भवन के अन्य हिस्से भी कमजोर पाए जाते हैं, तो उनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण की जरूरत पड़ सकती है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुराने स्कूल भवनों का नियमित निरीक्षण भी जरूरी माना जा रहा है।

निष्कर्ष

सोलापुर के बबलाद गांव में जिला परिषद स्कूल के पोर्च का स्लैब गिरने से 13 छात्र घायल हो गए। कुछ रिपोर्टों में 2 शिक्षकों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। राहत की बात यह है कि किसी गंभीर जनहानि की सूचना नहीं है और घायल छात्रों की स्थिति स्थिर बताई गई है।

लेकिन इस हादसे ने करीब 25 साल पुराने स्कूल भवन की सुरक्षा और सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासन की जांच और स्कूल भवन की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।

Source: ABP News / TV9 Bharatvarsh / स्थानीय प्रशासन से संबंधित रिपोर्ट्स

जय राष्ट्र न्यूज़

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