Dwipushkar Yoga: दो बार बन रहा है यह दुर्लभ योग, जानें किनके लिए है विशेष शुभ

Dwipushkar Yoga 2024

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने में इस साल दो बार द्विपुष्कर योग बन रहा है, जो एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ योग माना जाता है। सनातन धर्म में चैत्र मास का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि यह महीना पूरी तरह से मां दुर्गा को समर्पित होता है। इस दौरान भक्त प्रतिदिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और उपासना करते हैं। विशेष रूप से, चैत्र नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, साथ ही श्रद्धालु नवरात्रि व्रत का पालन करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से साधक की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि एवं सौभाग्य की वृद्धि होती है।

ज्योतिषीय दृष्टि से, इस वर्ष चैत्र मास में दो बार दुर्लभ द्विपुष्कर योग का संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस योग के दौरान मां दुर्गा की भक्ति और साधना करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही, इस शुभ योग में किए गए कार्यों में सफलता और सिद्धि प्राप्त होती है।

आइए जानते हैं कि द्विपुष्कर योग (Dwipushkar Yoga) क्या है, यह कब बन रहा है और किन लोगों के लिए यह विशेष रूप से शुभ होगा।

द्विपुष्कर योग क्या है?

द्विपुष्कर योग (Dwipushkar Yoga) एक अत्यंत शुभ और दुर्लभ योग है, जो तब बनता है जब एक ही दिन में दो पुष्कर योग होते हैं। पुष्कर योग को हिंदू ज्योतिष में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह धन, समृद्धि और सौभाग्य लाने वाला होता है। जब एक दिन में दो बार पुष्कर योग बनता है, तो इसे द्विपुष्कर योग कहा जाता है।

पुष्कर योग तब बनता है जब बृहस्पति और चंद्रमा की स्थिति विशेष रूप से अनुकूल होती है। यह योग व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करता है।

चैत्र महीने में द्विपुष्कर योग का समय

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि, यानी 16 मार्च को द्विपुष्कर योग (Dwipushkar Yoga) बन रहा है। यह योग दिन में 11:44 बजे से प्रारंभ होकर शाम 04:58 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, वैष्णव जनों को समर्पित पापमोचनी एकादशी के अवसर पर, 26 मार्च को भी द्विपुष्कर योग का संयोग बन रहा है।

26 मार्च को यह शुभ योग ब्रह्म मुहूर्त में 03:49 बजे से सुबह 06:18 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस योग के दौरान भगवान विष्णु और मां दुर्गा की पूजा करने से साधक को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह योग वृषभ, तुला, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है, जिससे उन्हें देवी दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होगी।

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द्विपुष्कर योग का महत्व

द्विपुष्कर योग (Dwipushkar Yoga) का हिंदू ज्योतिष में विशेष महत्व है। यह योग व्यक्ति के जीवन में धन, समृद्धि और सौभाग्य लाने वाला होता है। इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है और व्यक्ति को जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

द्विपुष्कर योग के दिन दान-पुण्य, पूजा-पाठ और मंत्र जाप करने से विशेष लाभ मिलता है। इस दिन किए गए कार्यों से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और उसे मनचाहे फल की प्राप्ति होती है।

नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें।

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