पति की लंबी आयु के लिए रखें ये शुभ व्रत और करें ये उपाय
पति की लंबी आयु और सुख-शांति के लिए भारतीय संस्कृति में सदियों से व्रत और पूजा का विशेष महत्व रहा है। विवाह एक पवित्र बंधन है, जिसमें पति-पत्नी एक-दूसरे के लिए भगवान का रूप माने जाते हैं। इसलिए पति की लंबी आयु के लिए पत्नी द्वारा किया गया व्रत न केवल धार्मिक कर्तव्य माना जाता है, बल्कि यह परिवार में खुशहाली और समृद्धि का भी प्रतीक होता है। हर वर्ष कई ऐसे व्रत और पर्व आते हैं जो पति की लंबी आयु और कल्याण के लिए समर्पित होते हैं। लेकिन समय के साथ कुछ नए और पुराने व्रतों को लेकर जानकारी भी बदलती रहती है। तो आइए जानते हैं कि आज के समय में पति की लंबी आयु के लिए कौन-कौन से व्रत रखने चाहिए और इनकी पूजा विधि क्या है। 1. करवा चौथ हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष महत्व है। यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं करवा माता के साथ भगवान शिव (Lord Shiva), माता पार्वती, श्री गणेश और भगवान कार्तिकेय की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि करवा माता की कृपा से सुहागन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस व्रत में सूर्योदय से लेकर चंद्रमा के दर्शन तक निर्जला उपवास किया जाता है। इस दिन महिलाएं सुहागिन होने का विशेष महत्व समझते हुए सजी-संवर कर चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। 2. हरियाली तीज व्रत हरियाली तीज का व्रत श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। यह व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख की कामना के लिए करती हैं। इस दिन विशेष रूप से भगवान शिव (Lord Shiva) और माता पार्वती की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन महिलाएं 16 श्रृंगार करके विधिपूर्वक पूजा करें तो उन्हें अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कुंवारी कन्याएं भी यह व्रत मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए करती हैं। 3. कजरी तीज कजरी तीज का पर्व हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। इसे सतूड़ी तीज भी कहा जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति के सुख और लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। साथ ही, यह व्रत कुंवारी कन्याओं के लिए भी विशेष माना गया है, जो अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए इसे करती हैं। मान्यता है कि माता पार्वती ने इसी तिथि को भगवान शिव (Lord Shiva) को पति रूप में पाने के लिए कठिन तप किया था, और उनके तप से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए थे। इस कारण यह तिथि अत्यंत पवित्र मानी जाती है और माता पार्वती की विशेष पूजा होती है। 4. कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी व्रत यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित है और माना जाता है कि इससे जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। इस व्रत को रखने से मानसिक शांति मिलती है और पारिवारिक सुख-शांति बनी रहती है। पति की लंबी आयु और समृद्धि के लिए भी यह व्रत अत्यंत शुभ माना गया है। इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां 5. मंगला गौरी व्रत हिंदू परंपरा में श्रावण मास के प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत विशेष रूप से विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए करती हैं। यह उपासना माता पार्वती को समर्पित होती है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और भक्ति के साथ करने से वैवाहिक जीवन में सुख और सौभाग्य बना रहता है। साथ ही, यह व्रत अविवाहित कन्याओं के लिए भी लाभकारी माना गया है—उनकी मनोकामना पूर्ण होती है और उन्हें इच्छित वर प्राप्त होता है। 6. वैभव लक्ष्मी व्रत वैभव लक्ष्मी व्रत मुख्य रूप से धन-संपत्ति की प्राप्ति और मां लक्ष्मी (Lord Laxmi) की कृपा पाने के उद्देश्य से किया जाता है। हालांकि, यदि पति-पत्नी मिलकर इस व्रत को विधिपूर्वक करें तो उनके आपसी संबंधों में भी मजबूती आती है और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बढ़ती है। यह व्रत जीवन में समृद्धि लाने वाला माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से न केवल पारिवारिक कलह समाप्त होती है, बल्कि माता लक्ष्मी की कृपा से हर क्षेत्र में उन्नति होने लगती है। प्रत्येक शुक्रवार को किए जाने वाले इस व्रत से भाग्य भी प्रबल हो जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news #husbandlonglife #vratformarriedwomen #auspiciousfast #hinduvrat #spiritualremedies #karwachauth #loveanddevotion #suhaagvrat #indiantraditions

