Kolkata Gangrape Case

Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced: कोलकाता गैंगरेप केस में बड़ा खुलासा, जबरन संबंध बनाया, दांत काटा और नाखूनों से खरोंचा

आरजी कर मेडिकल कॉलेज में रेप और मर्डर काण्ड के बाद एक बार फिर कोलकाता सुर्ख़ियों में है। लॉ स्टूडेंट के साथ हुए दुष्कर्म के बाद पश्चिम बंगाल की ममता सरकार एक बार फिर घिरती नजर आ रही है। दरअसल, दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज में कथित तौर पर पूर्व छात्र और दो वरिष्ठ छात्रों ने 24 वर्षीय लॉ छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना को अंजाम दिया है। गैंगरेप की शिकार हुई छात्रा की मेडिकल जांच में क्रूर यौन उत्पीड़न के सबूत मिले हैं, जिसमें “जबरन शारीरिक संबंध बनाने, शरीर पर दांत से काटने के निशान और उसके शरीर पर नाखून के खरोंच के निशान” शामिल (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) हैं। कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने पीटीआई को ये जानकारी दी है। विवाह प्रस्ताव को अस्वीकार करने पर छात्रा पर कथित तौर पर किया गया (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) था हमला  मामले के बारे पुलिस ने बताया कि “गैंगरेप की यह घटना 25 जून की शाम को छात्र संघ कार्यालय से सटे एक गार्ड के कमरे में हुई। मुख्य आरोपी के विवाह प्रस्ताव को अस्वीकार करने पर छात्रा पर कथित तौर पर हमला किया गया (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) था। एक प्रैक्टिसिंग क्रिमिनल लॉयर और दो वरिष्ठ छात्रों सहित तीन लोगों को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने अपराध स्थल को सील कर दिया है और आगे की जांच के लिए आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं।” छात्रा परीक्षा फॉर्म भरने के लिए कॉलेज गई (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) थी कस्बा पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के मुताबिक, छात्रा परीक्षा फॉर्म भरने के लिए कॉलेज गई थी। इस बीच उसे वहीं रहने के लिए कहा गया। उसने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी ने उसे जबरन शादी करने का प्रस्ताव दिया था जिसे उसने नहीं माना तो उसे खींचकर गार्ड के कमरे तक ले गए और वहां आरोपी ने उसके साथ बलात्कार किया, मारपीट की। उसके शरीर पर दांत से काटा और नाखून से (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) खरोंचा। जब वह घटना को अंजाम दे रहा था तो दो अन्य आरोपी गार्ड के कमरे के बाहर पहरा दे रहे थे।” उसके प्रेमी और परिवार के खिलाफ धमकियां भी दी गई (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) थीं जानकारी के मुताबिक घटना शाम 7.30 बजे से 10.30 बजे के बीच हुई। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि “मारपीट के दौरान उसका वीडियो भी बनाया गया और उस वीडियो को वायरल करने की भी धमकी दी गई।” मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक छात्रा को किसी को भी इस बारे में कुछ भी नहीं बताने की चेतावनी दी गई थी, साथ ही उसके प्रेमी और परिवार के खिलाफ धमकियां भी दी गई (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) थीं। इस पूरे मामले पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि “हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि फुटेज को दूसरे नंबरों पर भेजा गया था या नहीं?” तो वहीं मुख्य लोक अभियोजक सोरिन घोषाल ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को बताया कि “सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, सामूहिक बलात्कार के मामलों में शामिल समूह के सभी लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। भले ही उन सभी ने बलात्कार का कृत्य न किया हो। इस मामले में दो अन्य व्यक्तियों ने बलात्कार में मदद की। इसलिए यह सामूहिक बलात्कार का मामला है। वे भी मामले में आरोपी हैं।” इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद इकाई का पूर्व अध्यक्ष और टीएमसी के छात्र निकाय की दक्षिण कोलकाता शाखा का वर्तमान पदाधिकारी (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) था आरोपी  बात करें मुख्य आरोपी की तो मुख्य आरोपी लॉ कॉलेज का पूर्व छात्र है, जिसे 45 दिनों के लिए अस्थायी गैर-शिक्षण कर्मचारी के रूप में काम पर रखा गया था। उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल ने दावा किया कि वह कॉलेज की तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद इकाई का पूर्व अध्यक्ष और टीएमसी के छात्र निकाय की दक्षिण कोलकाता शाखा का वर्तमान पदाधिकारी (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) था। यही नहीं ऑनलाइन प्रसारित तस्वीरों में उन्हें सत्तारूढ़ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ भी दिखाया गया है। हैरत महत्वपूर्ण बात यह कि तृणमूल कांग्रेस ने आरोपी के साथ किसी भी तरह के संबंध से साफ़ इनकार करते हुए आरोपी को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है। Latest News in Hindi Today Hindi Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced #kolkatagangrape #kolkatacrime #sexualassault #womansafety #breakingnews #indiacrime #kolkatapolice

आगे और पढ़ें
BJP MLA scandal

BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct: बीजेपी नेत्री ने अपने ही विधायक पर लगाया समलैंगिकता और 13 वर्षीय नाबालिग के शारीरिक शोषण का आरोप

वैसे तो भाजपा बेटी बचाओ-बेटी बढ़ाओ और नारी सशक्तिकरण पर जोर देती नजर आती तो है, लेकिन धरातल स्थिति बिलकुल इसके विपरीत ही नजर आ रही है। पार्टी के नेता और विधायक इन नारों पर अमल करते नजर नहीं आते। ताजा मामला है, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का, जहाँ भाजपा विधायक को लेकर हंगामा मचा हुआ है। दरअसल, भाजपा विधायक पर समलैंगिक होने के साथ ही 13 वर्षीय नाबालिग के शारीरिक शोषण का आरोप (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) लगा है। यह आरोप किसी विरोधी पार्टी की नहीं बल्कि भाजपा महिला मोर्चा नेता द्वारा लगाया गया है। यही नहीं, इसे लेकर बुलाई महापंचायत में पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। बता दें कि यह महापंचायत भाजपा महिला मोर्चा की नेता कोमल गुर्जर द्वारा गंगोह भाजपा विधायक कीरत सिंह गुर्जर के खिलाफ बुलाई गई थी। कोमल गुर्जर द्वारा बुलाई गई महापंचायत में दोनों पक्ष से बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे। पंचायत में दोनों पक्षों में जमकर बहस भी हुई। इस बीच मामला बिगड़ता देख पुलिस ने लाठी भांजनी शुरू कर दी। बड़ी बात यह कि बवाल बढ़ता देख इस महापंचायत के बाद भाजपा ने कोमल गुर्जर के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें पार्टी से निकाल दिया। जल्द ही पुख्ता सबूत सार्वजनिक (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) करुँगी- कोमल  कोमल ने विधायक पर उनके पति और परिजनों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि “जल्द ही वह पुख्ता सबूत सार्वजनिक (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) करेंगी।” अब इन आरोपों को खारिज करते हुए विधायक कीरत ने सबूत दिखाने की चुनौती दी है। बता दें कि इससे पहले कोमल गुर्जर ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर कहा था कि “गंगोह विधायक के इशारे पर मेरे परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। मेरे पैर में टक्कर मारी गई। इसके बाद मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए।” यही नहीं, इसी वीडियो में उन्होंने महापंचायत बुलाई थी। वीडियो में उन्होंने कहा कि “इस पंचायत में वही आएं जो मेरे भाई हैं, चमचों की जरूरत नहीं है। भाजपा कहती है कि हम महिलाओं का सम्मान करते हैं। तो मेरा भी सम्मान है।” पंचायत में महिला के आरोपों को लेकर लोगों ने उलटे महिला पर ही नाराजगी (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) जताई खैर, भाजपा नेत्री कोमल के आरोपों के चलते ही 24 जून रंढेड़ी गांव स्थित बाबा घूमरा देव मंदिर परिसर में गुर्जर समाज की पंचायत हुई थी। गौर करने वाली बात यह कि इस पंचायत में महिला के आरोपों को लेकर लोगों ने उलटे महिला पर ही नाराजगी (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) जताई। पंचायत में वक्ताओं ने इसे साजिश और विधायक के खिलाफ षडयंत्र करार दिया। इसके बाद पंचायत में गुर्जर समाज लोगों भी 27 जून को पंचायत में पहुंचे। 24 जून की पंचायत में वक्ताओं ने विधायक कीरत के खिलाफ भाजपा के ही एक दूसरे नेता की साजिश बताते हुए मामले में सम्मानजनक समाधान की चेतावनी दी थी।  इसे भी पढ़ें:- मध्य प्रदेश में कर्ज चुकाने के लिए पत्नी को किया दोस्त के हवाले, दोस्त ने लूटी इज्जत कोमल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर गंगोह विधायक की छवि को नुकसान पहुंचाया है मामला यहीं ठंडा नहीं हुआ। इसके बाद शहरी पुल स्थित रमेश पंवार घसौती के यहां गुर्जर समाज की पंचायत हुई। इस पंचायत में वक्ताओं ने विधायक के खिलाफ कोमल के आरोपों पर रोष जताया। सामाजिक नेताओं ने कहा कि “अगर शिकायत थी भी तो संगठन के सामने अपनी बात रखते। सोशल मीडिया पर समाज के नेता की छवि धुमिल करने पर की क्या जरूरत (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) थी? नेत्री के बवाल के बाद इस मामले में रामपुर मनिहारान क्षेत्र के उमाही कलां गांव निवासी सुधीर कुमार ने महिला कोमल चौधरी के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। सुधीर कुमार ने अपनी शिकायत में कहा कि “कोमल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर गंगोह विधायक की छवि को नुकसान पहुंचाया है।” Latest News in Hindi Today Hindi BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct #bjp #mla #minorabuse #homosexualmisconduct #politics #breakingnews #bjpcontroversy #sexualabusecase #indianpolitics

आगे और पढ़ें
Kanhaiya Kumar Reveals CM Face

Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar: कन्हैया कुमार ने बता दिया कौन होगा महागठबंधन से बिहार का मुख्यमंत्री?

इस साल अक्टूबर-नवंबर में बिहार में विधानसभा के चुनाव होने की संभावना है। हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा कौन होगा, इसको लेकर कांग्रेस ने तस्वीर पूरी तरह साफ कर दी है। दरअसल, 27 जून को न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि “महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के लिए तेजस्वी यादव के प्रमुख चेहरा होने को लेकर कोई असमंजस और विवाद (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) नहीं है।” उन्होंने कहा कि “विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन के जीतने पर सबसे बड़े घटक दल के रूप में राष्ट्रीय जनता दल का नेता ही स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री होगा। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव में मुद्दे महत्वपूर्ण हैं, लेकिन एक साजिश के तहत इनसे ध्यान भटकाने के लिए बार-बार चेहरे की बात की जा रही है।  बीजेपी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाकर, इस पद पर अपना चेहरा लाने की कोशिश (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) में है कन्हैया कुमार ने कहा कि “मेरे खयाल से पिछली बार भी बदलाव का माहौल था। थोड़े अंतर से महागठबंधन की सरकार नहीं बन पाई। पिछले पांच वर्षों से बिहार की जो स्थिति है, उससे लगता है कि इस बार बदलाव की हवा पहले से कहीं  ज्यादा मजबूत है।” इस दौरान कन्हैया कुमार ने दावा किया (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) कि “बीजेपी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाकर, इस पद पर अपना चेहरा लाने की कोशिश में है।” उन्होंने कहा कि “ऐसा नहीं है कि वे नीतीश जी के अस्वस्थ होने पर यह कोशिश कर रहे हैं। वह पहले भी प्रयास कर चुके हैं। भाजपा पिछले कई दशकों से बिहार में वही करना चाहती है जो दूसरी जगह करने में सफल रही है। मतलब पहले क्षेत्रीय दल का साथ पकड़ो और फिर धीरे-धीरे उसे निगल जाओ। बिहार में ऐसा न कर पाने की वजह से बीजेपी नीतीश का साथ लेने को मजबूर हुई।” सीएम कौन होगा इस पर हमारे यहां कोई कोई संकट या संदेह नहीं (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) है  सीएम के सवाल पर कन्हैया ने कहा कि “सीएम कौन बनेगा, इस जनता तय करती है, जिनके पास संख्या बल होगा, वह सीएम बनेगा। आरजेडी ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी तो जाहिर है कि वह ज्यादा सीटें जीतेगी। संख्या बल उसके पास होगा। सीएम कौन होगा इस पर हमारे यहां कोई कोई संकट या संदेह नहीं है। इसे लेकर एनडीए में (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) है। वे तय नहीं कर पा रहे हैं कि कौन कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगा। इस चुनाव में नीतीश चेहरा होंगे या नहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है। लेकिन लोकतंत्र में चेहरा महत्वपूर्ण नहीं होता, मुद्दे महत्वपूर्ण होते हैं।” बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि “सत्ता पक्ष के लोग जानबूझकर सीएम फेस के नाम पर जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं। इसलिए महत्वपूर्ण मुद्दों को छोड़कर इंडिया गठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे के मामले को उठाकर ध्यान भटकाने की साजिश रच रहे हैं। जैसे ही भाजपा को मौका मिलेगा, वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हटाकर अपने नेता को बिहार में स्थापित करेगी। बिहार की जनता इस बार बदलाव चाहती है। वह एनडीए सरकार के छल को समझ चुकी है। संविधान विरोधी लोगों को जनता पसंद नहीं करती है।” इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? बिहार में इंडिया गठबंधन के घटक दलों के गठजोड़ को महागठबंधन के नाम से जाना (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) जाता है बता दें कि बिहार में इंडिया (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) गठबंधन के घटक दलों के गठजोड़ को महागठबंधन के नाम से जाना (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) जाता है। इस गठबंधन में वाम दलों के साथ ही राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। उसका मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से है। एनडीए में बीजेपी, नीतीश कुमार की जेडीयू, चिराग पासवान की एलजेपी (आर), जीतन राम मांझी की हम, और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम शामिल है। गौरतलब हो कि पिछले विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के सबसे बड़े घटक राजद ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 52 प्रतिशत की सफलता दर से 75 सीटें हासिल की थी तो वहीं कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और उसमे से सिर्फ 19 सीटें जीती थीं। इसके आलावा भाकपा (माले) लिबरेशन ने 19 सीट पर चुनाव लड़ा और 12 पर जीत हासिल की थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कांग्रेस इस बार भी पिछली बार इतनी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन राजद इस बार उसे उतनी सीटें देने के लिए तैयार नहीं है। फिर भी कांग्रेस इस बार ज्यादा मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी में है। Latest News in Hindi Today Hindi news Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar #kanhaiyakumar #biharpolitics #mahagathbandhan #biharcmface #2025elections #cmcandidate

आगे और पढ़ें
RG Kar incident

Gangrape at Kolkata Law College: आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म

साल भर पहले कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में छात्रा के साथ हुई दरिंदगी को कोई नहीं भूल सकता। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस अमानवीय घटना के विरोध में डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया था। अभी इसकी आग ठंडी भी नहीं हुई कि एक बार फिर से कोलकाता के एक और शिक्षण संस्थान से दरिंदगी की घटना प्रकाश में आई है। जानकारी के मुताबिक शहर के लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ गैंगरेप की (Gangrape at Kolkata Law College) घटना हुई है। गैंगरेप की इस घटना के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। फ़िलहाल इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ में जुटी हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपियों में उसी संस्थान का एक पूर्व छात्र और दो कर्मचारी शामिल हैं।  25 जून को शाम 7.30 बजे से 8.50 बजे के बीच तौर पर बलात्कार किया (Gangrape at Kolkata Law College) गया  पुलिस की माने तो, पीड़िता कस्बा थाने पहुंचकर कॉलेज के दो कर्मचारियों और एक पूर्व छात्र के खिलाफ गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की शिकायत के आधार पर नेशनल मेडिकल कॉलेज में उसकी जांच कराई गई। पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि “उसके साथ बुधवार, 25 जून को शाम 7.30 बजे से 8.50 बजे के बीच तौर पर बलात्कार किया (Gangrape at Kolkata Law College) गया।” आरोपियों में से एक ने उसके साथ बलात्कार किया और बाकियों ने मुख्य आरोपी की मदद की। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अगले दिन यानी 26 जून को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं और तीनों को कोर्ट ले जाने की तैयारी हो रही है। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के परिजनों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। हालांकि, परिजन से पूछताछ के दौरान वारदात को लेकर कोई विशेष जानकारी नहीं मिल पाई है।  गैंगरेप में टीएमसी का कार्यकर्ता भी शामिल (Gangrape at Kolkata Law College) है अब इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल में सियासत भी शुरू हो गई है। घटना को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। बीजेपी ने इस घटना को लेकर सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। बीजेपी का आरोप है कि इस गैंगरेप में टीएमसी का कार्यकर्ता भी शामिल (Gangrape at Kolkata Law College) है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “25 जून को कोलकाता के उपनगर कस्बा में एक लॉ कॉलेज के अंदर एक महिला लॉ छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। जिसमें कोई और नहीं बल्कि एक पूर्व छात्र और कॉलेज के दो कर्मचारी शामिल थे। चौंकाने वाली बात यह है कि रिपोर्ट बताती है कि इसमें एक टीएमसी सदस्य भी शामिल है।” ममता सरकार को घेरते हुए उन्होंने यह भी लिखा कि “आरजी कर का खौफ अभी भी कम नहीं हुआ है और फिर भी बंगाल में इस तरह के जघन्य अपराध हर रोज बढ़ रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- मध्य प्रदेश में कर्ज चुकाने के लिए पत्नी को किया दोस्त के हवाले, दोस्त ने लूटी इज्जत  ममता बनर्जी के राज में महिला असुरक्षित कर (Gangrape at Kolkata Law College) रही है महसूस  ममता बनर्जी के शासन में पश्चिम बंगाल महिलाओं के लिए एक बुरा सपना बन गया है। बीजेपी के मुताबिक ममता बनर्जी के राज में महिला असुरक्षित महसूस कर रही है। बलात्कार एक आम त्रासदी बन गई है।” इस पूरे मामले पर भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि “भाजपा पीड़िता और उसके परिवार के साथ खड़ी है। हम दंड से बचने की इस संस्कृति को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्प (Gangrape at Kolkata Law College) हैं। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हर अपराधी को सजा नहीं मिल जाती।” हालांकि कोलकाता में छात्रा के साथ रेप की यह कोई पहली वारदात नहीं है। पिछले साल आरजी कर मेडिकल कॉलेज में भी एक छात्रा के साथ रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद खूब हंगामा बरपा था।  Latest News in Hindi Today Hindi Gangrape at Kolkata Law College #kolkatalawcollege #gangrapeincident #rgkarkolkata #westbengalcrime #studentassault #campuscrime #breakingnews #kolkatanews

आगे और पढ़ें
Maharashtra Made Liquor - MML

महाराष्ट्र में एल्कोहॉल की कीमतों में 30% से 50% तक की होगी बढ़त

महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में एक बड़ा और प्रभावशाली कदम उठाते हुए राज्य की आबकारी नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए निर्णय के तहत शराब पर उत्पाद शुल्क (Excise duty) में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिसका सीधा असर शराब की खुदरा कीमतों पर पड़ेगा। इस बदलाव का उद्देश्य सरकारी राजस्व बढ़ाना और स्थानीय शराब उद्योग को प्रोत्साहन देना है, लेकिन इसके साथ-साथ इससे उपभोक्ताओं और स्थानीय व्यापारियों के सामने नई चुनौतियाँ भी खड़ी हो सकती हैं। उत्पाद शुल्क में भारी बढ़ोतरी कैबिनेट के इस नए फैसले के अनुसार भारत में बनी अंग्रेजी शराब (Indian Made Foreign Liquor – IMFL) पर अब उत्पाद शुल्क को उसकी विनिर्माण लागत के तीन गुना से बढ़ाकर 4.5 गुना कर दिया गया है। इसका सबसे अधिक असर उन ब्रांड्स पर पड़ेगा जिनकी विनिर्माण लागत लगभग 260 रुपये प्रति बल्क लीटर है। साथ ही देशी शराब पर भी शुल्क बढ़ा दिया गया है, जो पहले 180 रुपये प्रति प्रूफ लीटर था, उसे अब 205 रुपये प्रति प्रूफ लीटर कर दिया गया है। इस बदलाव के कारण शराब की कीमतों में औसतन 30-50% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। उदाहरण के लिए, देशी शराब की 180 ml बोतल अब 60-70 रुपये की बजाय 80 रुपये में बिकेगी। IMFL की सामान्य श्रेणी की बोतल 115-130 रुपये से बढ़कर 205 रुपये की हो सकती है, जबकि प्रीमियम विदेशी शराब की कीमत 210 रुपये से बढ़कर 360 रुपये तक पहुंचने की संभावना है। नई शराब श्रेणी – महाराष्ट्र निर्मित शराब (MML) सरकार ने एक नई श्रेणी की घोषणा भी की है, जिसे “महाराष्ट्र निर्मित शराब” (Maharashtra Made Liquor – MML) नाम दिया गया है। यह श्रेणी देशी और अंग्रेजी शराब के बीच की कड़ी के रूप में विकसित की जाएगी। इसका निर्माण केवल अनाज आधारित शराब से किया जाएगा, और केवल वे उत्पाद ही इसमें शामिल होंगे जो महाराष्ट्र के भीतर निर्मित और पंजीकृत हैं। इससे राज्य के स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जबकि इसमें विदेशी या राष्ट्रीय ब्रांडों को शामिल नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे एक नई बाजार श्रेणी विकसित होगी, जिससे उत्पादों की विविधता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं के पास स्थानीय विकल्प उपलब्ध होंगे। सरकार की उम्मीदें और संभावित लाभ सरकार को इस नई नीति से सालाना आबकारी संग्रह में 14,000 करोड़ रुपये (Maharashtra Made Liquor – MML) की बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसके अलावा, MML श्रेणी से अलग से 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटाए जाने की संभावना भी जताई गई है। एक अन्य लाभ स्थानीय किसानों को हो सकता है, क्योंकि MML श्रेणी के तहत अनाज आधारित शराब का उत्पादन बढ़ेगा। इससे कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी और किसानों की आय में भी इज़ाफा हो सकता है। इसके अलावा राज्य में जिन 38 शराब निर्माण इकाइयों की गतिविधियाँ फिलहाल ठप हैं, उन्हें भी इस नई नीति के माध्यम से पुनर्जीवित किया जा सकता है। इसे भी पढ़ें:- कौन सा रिचार्ज प्लान आपके लिए हो सकता है बेस्ट? आलोचना और चुनौतियाँ हालांकि सरकार इस नीति को राजस्व और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद मान रही है, लेकिन उद्योग विशेषज्ञ और कई व्यापारिक संगठनों ने इसकी आलोचना की है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी दर से उत्पाद शुल्क बढ़ाने से शराब की तस्करी बढ़ सकती है, खासकर पड़ोसी राज्यों से, जहां शराब सस्ती है। इससे राज्य को राजस्व में अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा और स्थानीय व्यवसायों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ताओं पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोग, जो पहले ही महंगाई से जूझ रहे हैं, उनके लिए शराब अब और अधिक महंगी हो जाएगी। इससे अवैध शराब की बिक्री या उत्पादन बढ़ने का खतरा भी है, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। महाराष्ट्र सरकार की नई आबकारी नीति दूरगामी आर्थिक लक्ष्यों और राजस्व बढ़ाने की दिशा में एक साहसिक कदम है। हालांकि इससे राज्य को वित्तीय रूप से लाभ मिल सकता है और स्थानीय उद्योगों को नई ऊर्जा मिल सकती है, लेकिन इसके साथ जुड़ी चुनौतियों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। यह आवश्यक है कि सरकार इस नई नीति के क्रियान्वयन के दौरान तस्करी, अवैध व्यापार और उपभोक्ता हितों पर विशेष ध्यान दे। साथ ही, शराब के दुरुपयोग को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करना होगा। केवल राजस्व बढ़ाना ही नहीं, बल्कि संतुलित और जिम्मेदार नीति ही इस बदलाव को सफल बना सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi Maharashtra Made Liquor – MML #maharashtra #alcoholpricehike #liquornews #taxincrease #2025news #alcoholnews #maharashtranews

आगे और पढ़ें
India's No.1 Management Institute

रैंक नंबर 1, उत्कृष्टता की पहचान, जानिए आईआईएम अहमदाबाद के बारे में कुछ रोचक बातें

आईआईएम (IIM) यानी इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (Indian Institute of Management) भारत के मुख्य मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट हैं। यह इंस्टीट्यूट बेहतरीन बिजनेस स्टडी और रिसर्च के लिए प्रसिद्ध हैं। आईआईएम (IIM) में कई अन्य कोर्स भी किए जा सकते हैं जैसे पोस्टग्रेज्यूटेड प्रोग्राम, पीएचडी आदि। इन इंस्टिस्टिट्यूट्स में स्टूडेंट्स को अच्छी शिक्षा मिलती है, यहां की फैकल्टी अच्छी है और इसके साथ ही यहां से पढ़ाई करने के बाद नौकरी के अच्छे मौके भी मिलते हैं। भारत में कुल 21 आईआईएम (IIM) हैं, जो पूरे देश में अलग-अलग जगहों में स्थित हैं। इन इंस्टीट्यूट्स में एडमिशन पाना आसान नहीं होता। इसके लिए छात्रों को एक कठिन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) भारत का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (Indian Institute of Management) है। आइए जानें आईआईएम अहमदाबाद के बारे में रोचक बातें (Interesting facts about IIM Ahmedabad)। आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad): कुछ खास बातें जिनके बारे में जानकारी है जरूरी आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) भारत का सबसे प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल है। इसका टीचिंग मॉडल, फैकल्टी, प्लेसमेंट आदि सभी बेहतरीन हैं। आइए जानें आईआईएम अहमदाबाद के बारे में रोचक बातें (Interesting facts about IIM Ahmedabad):  भारत का नंबर 1 इंस्टीट्यूट जैसा की पहले ही बताया गया है कि यह इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (Indian Institute of Management) इंस्टिट्यूट भारत का सबसे बेहतरीन यानी नंबर 1 बिजनेस स्कूल है। यह संस्थान अपनी अच्छी शिक्षा और रिसर्च के लिए प्रसिद्ध है। यह देश और दुनिया में अपनी अच्छी रैंकिंग के लिए भी जाना जाता है। आईआईएम अहमदाबाद के बारे में रोचक बातें (Interesting facts about IIM Ahmedabad) इस प्रकार हैं: कैंपस क्या आप जानते हैं कि आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) के कैंपस को वास्तुकार लुई कान द्वारा डिजाइन किया गया था? इसमें रेड ब्रिक आर्किटेक्चर का इस्तेमाल किया गया है जो इसे अनोखा और सुंदर बनाता है। इस कैंपस में हर सुविधा प्रदान की गई है। स्टूडेंट्स के डेवलपमेंट के लिए यह एक बेहतरीन स्थान है। यहां अच्छे होस्टल्स, खेल सुविधाओं के साथ ही हेल्थ सेंटर भी है। यहां छात्रों के लिए स्क्वैश कोर्ट, स्विमिंग पूल और जिम की सुविधा भी है। बेहतरीन प्लेसमेंट  आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) में छात्रों को अच्छी प्लेसमेंट दीं जाती है। यहां के छात्रों को नेशनल के साथ ही इंटरनेशनल कंपनियों में प्लेसमेंट मिलती है। इन कंपनियों में अमेजॉन, गूगल,  बीसीजी आदि शामिल हैं। यहां के छात्रों को एक अच्छा सैलरी पैकेज मिलता है, जो भारत के अन्य इंस्टीट्यूट्स के मुकाबले अधिक है। हार्वर्ड केस मेथड  आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) में मुख्यतया हार्वर्ड केस मेथड का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें रियल बिजनेस प्रॉब्लम्स का एनालिसिस कर के उनका सलूशन निकाला जाता है। इससे छात्रों को प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस मिलता है। पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन और प्रबंधन गुरु सीके प्रहलाद आदि इसी इंस्टीट्यूट से पढ़े हुए हैं। यह पूर्व छात्र इंस्टीट्यूट की उत्कृष्टता का प्रतीक हैं और इससे यह भी पता चलता है कि यह इंस्टीट्यूट अपने छात्रों को सफल बनाने में मदद करता है।  इसे भी पढ़ें:- भारत में जल्द ही लांच होगी वजन कम करने की यह दवा  विदेशी कैंपस आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) ने अपना पहला विदेश कैंपस दुबई में स्थापित किया है, जहां इस साल सितम्बर से प्रवेश मिलेगा। यानी नहीं, इस इंस्टीट्यूट की दुनिया भर में मुख्य इंस्टीट्यूट्स के साथ पार्टनरशिप है। इससे यहां से छात्रों को विदेश में एक समेस्टर बिताने का मौका मिलता है। इससे छात्रों को न केवल इंटरनेशनल एक्सपीरियंस मिलता है बल्कि उन्हें दुनिया को व्यापक दृष्टिकोण से देखने का अवसर भी मिलता है। संक्षेप में कहा जाए तो इस इंस्टीयूट में दाखिला ले कर छात्र अपने करियर को सफल बना सकते हैं बल्कि अच्छा अनुभव भी प्राप्त कर सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi IIM Ahmedabad #IIMAhmedabad #IIMA #TopManagementInstitute #IIMAFacts #BestIIMIndia #IIMRanking #BusinessSchoolIndia

आगे और पढ़ें
CM Mohan Yadav convoy halted

CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed: सीएम मोहन यादव के काफिले की गाड़ियां अचनाक हुईं बंद, इस वजह से पेट्रोल पंप हुआ सीज

क्या हो यदि आप पेट्रोल पंप से डीजल भरवाएं और कुछ दूरी पर जाने के बाद अचानक से आपकी गाड़ी बंद पड़ जाए? निश्चित आप इसे तकनीकी खरीब समझकर धक्का मारने पर मजबूर होंगे। ये तो बात रही आम इंसान की। यही घटना अगर सूबे के मुख्यमंत्री के साथ हो तो? निश्चित ही सरकारी अमले में हड़कंप मचना तय है। दरअसल, मध्य प्रदेश के रतलाम में इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के काफिले में शामिल एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियां अचानक रास्ते में बंद हो गईं। पहले तो मामला तकनीकी खराबी का लगा, लेकिन जब जांच हुई तो सामने आया कि इन गाड़ियों में पानी मिला डीजल भरा गया था। सीएम के दौरे को देखते हुए प्रशासन को सीएम काफिले के लिए तत्काल इंतजाम करना (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) पड़ा। सीएम काफिले के लिए इंदौर से गाड़ियों का दूसरा रैक भेजा गया। मुख्यमंत्री मोहन आज रतलाम के पोलो ग्राउंड में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री स्किल एंड इम्पलॉयमेंट कॉन्क्लेव 2025 में शिकरत करेंगे। जानकारी के मुताबिक, इन सभी वाहनों में डोसीगांव स्थित पेट्रोल पंप से डीजल भरवाया गया था। घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित पेट्रोल पंप को सील कर दिया गया है और ईंधन के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।  चलते-चलते काफिले की 19 गाड़ियां अचानक बंद हो (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) गईं रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार शाम सीएम मोहन के रतलाम दौरे से पहले रतलाम के लिए रवाना हुईं सीएम काफिले की 19 गाड़ियों ने एक पेट्रोल पंप से डीजल भरवाया था। मुख्यमंत्री का काफिला रतलाम जा रहा था, लेकिन चलते-चलते काफिले की 19 गाड़ियां अचानक बंद हो (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) गईं, जिससे चालकों का गाड़ियों से उतरकर धक्का लगाना पड़ गया। आशंका जताई जा रही है कि गईं कि पेट्रोल पंप का डीजल मिलावटी होने के कारण काफिले की गाड़ियां बंद पड़ गई। सीएल काफिले की 19 गाड़ियों के अचानक बंद होने की सूचना मिलते ही जिले में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने आनन-फानन में उस पेट्रोल पंप को सील कर दिया, जहां से काफिले की गाड़ियों में तेल भऱवाया गया था। बता दें कि डीजल में मिलावट की पुष्टि की है, जिसके बाद प्रशासन ने पेट्रोल पंप के खिलाफ एक्शन लिया। गौरतलब है मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव आज रतलाम दौरे पर है। सीएम मोहन दोपहर भोपाल से रतलाम पहुंच रहे हैं।   इसे भी पढ़ें:- हिंदी अनिवार्यता पर बोले शरद पवार, कहा राजनीति नहीं, समझदारी है ज़रूरी काफिले की गाड़ियों में डीजल डालने के दौरान आया (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) पानी  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच में यह बात पता चली है कि जिन गाड़ियों में 20 लीटर डीजल डलवाया गया था, उनमें से लगभग 10 लीटर पानी निकला है। सभी वाहनों में लगभग यह स्थिति (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) है। यही नहीं, एक ट्रक चालक ने भी 200 लीटर डीजल भरवाया था। वो भी थोड़ी दूरी पर ही बंद हो गया। प्रशासन की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि बारिश के चलते डीजल टैंक में पानी का रिसाव हो सकता है। फिलहाल, कलेक्टर और जिला प्रशासन की टीम पूरे मामले की जांच में जुट गई है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है। तहसीलदार ने कहा, काफिले की गाड़ियों में डीजल डालने के दौरान पानी आया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर पेट्रोल पंप पर ईंधन की गुणवत्ता जांचने के क्या इंतजाम हैं? क्या सच में आम लोगों को भी ऐसा ही मिलावटी ईंधन दिया जा रहा है? Latest News in Hindi Today Hindi news CM Mohan Yadav #cmMohanyadav #convoyhalted #petrolpumpsealed #madhyapradeshnews #fuelqualityissue

आगे और पढ़ें
Sharad Pawar says imposition of Hindi

हिंदी अनिवार्यता पर बोले शरद पवार, कहा राजनीति नहीं, समझदारी है ज़रूरी

हाल ही में देशभर में हिंदी भाषा (Hindi Language) को अनिवार्य किए जाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप अनिवार्य किये जाने पर सभी राजनीतिक पार्टियों की अपनी-अपनी सोच है। कुछ राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं, तो कुछ इसका समर्थन। अब इसी मुद्दे पर महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार (NCP (SP) Sharad Pawar) का बड़ा बयान सामने आया है। शरद पवार ने न सिर्फ हिंदी के महत्व को स्वीकार किया, बल्कि यह भी समझाने की कोशिश की कि भाषा के सवाल पर संतुलन और संवेदनशीलता ज़रूरी है। हिंदी को पूरी तरह इग्नोर नहीं किया जा सकता शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा है कि हिंदी को देश की एक महत्वपूर्ण भाषा के रूप में नकारा नहीं जा सकता। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने यह भी माना कि देश में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा हिंदी (Sharad Pawar) है और इसे अनदेखा करना उचित नहीं होगा। हालांकि उन्होंने इस विषय को भावनात्मक नहीं बल्कि तर्कसंगत तरीके से देखने की सलाह दी है। पांचवी कक्षा के बाद हिंदी अनिवार्य करने का सुझाव शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा है कि पहली से चौथी कक्षा तक हिंदी को अनिवार्य करने से बच्चों पर दबाव पड़ सकता है। उनके अनुसार इस उम्र में मातृभाषा और स्थानीय भाषाओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए ताकि बच्चे अपनी मूल भाषा में मजबूत आधार बना सकें। उन्होंने यह सुझाव दिया कि पांचवीं कक्षा के बाद हिंदी को अनिवार्य किया जा सकता है, जिससे बच्चे बिना मानसिक दबाव के हिंदी सीखने में सक्षम हो सकते हैं। महाराष्ट्र के लोग हिंदी विरोधी नहीं शरद पवार (Sharad Pawar) ने ये भी कहा कि महाराष्ट्र के लोग हिंदी के विरोध में नहीं हैं। महाराष्ट्र की जनता अन्य भाषाओं के प्रति भी उतना ही स्नेह रखते हैं जितना मराठी के प्रति। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी को लेकर जो विरोध दिखाई देता है, वह भाषा से अधिक राजनीतिक भावनाओं और क्षेत्रीय अस्मिता से जुड़ा है। ठाकरे परिवार की बातों पर गौर शरद पवार ने यह भी बताया कि उन्होंने उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और राज ठाकरे (Raj Thackeray) दोनों की इस मुद्दे पर राय सुनी है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के विचारों को समझना और उनका विश्लेषण करना ज़रूरी है। पवार ने यह संकेत दिया कि वह किसी भी कार्यक्रम में शामिल होने से पहले उसके उद्देश्य और एजेंडे को पूरी तरह से समझना चाहेंगे। राज ठाकरे के मोर्चे पर प्रतिक्रिया जब पवार से पूछा गया कि क्या वे राज ठाकरे के हिंदी-विरोधी मोर्चे में शामिल होंगे, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी के बुलावे पर सिर्फ़ इसलिए शामिल नहीं हो सकते कि वह कोई बड़ा नेता है। यदि मुद्दा वाकई में जनहित का है और गंभीरता से उठाया गया है, तो ही वह उसका समर्थन करेंगे। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? सभी राजनीतिक दलों से समझदारी की अपील शरद पवार ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि भाषा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जल्दबाज़ी या भावनात्मक बयानबाज़ी से बचें। उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा को थोपना या किसी भाषा को नीचा दिखाना देश की एकता और विविधता के लिए ठीक नहीं है। क्योंकि भाषा संस्कृति से जुड़ी होती है और इस पर संवाद, समझ और सम्मान की ज़रूरत होती है। शरद पवार (Sharad Pawar) का बयान ऐसे वक्त में महत्वपूर्ण है जब देशभर में भाषायी पहचान और राष्ट्रीय एकता के सवाल पर बहस चल रही है। उनका दृष्टिकोण संतुलित, व्यावहारिक और भविष्य को ध्यान में रखकर है। भाषा का सवाल केवल शिक्षा या प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और सांस्कृतिक दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में शरद पवार जैसे अनुभवी नेताओं की भूमिका इस बहस को सही दिशा देने में अहम हो सकती है। वैसे अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या केंद्र सरकार (Central Government) इस दिशा में कोई नई नीति अपनाती है और क्या राज्य सरकारें इस पर सहयोग करती हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sharad Pawar #sharadpawar #hindiimposition #languagepolitics #indianpolitics #hindidebate

आगे और पढ़ें
A Shiv Sena MP's driver received a ₹150 crore gift deed

Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe: शिवसेना सांसद के ड्राइवर को मिली 150 करोड़ रुपये की गिफ्ट डीड, EOW हुई एक्टिव

उपहार देने में कोई बुराई नहीं है। अक्सर लोग अपने परिचितों को उपहार भेंट स्वरूप देते हैं। लेकिन क्या हो यदि कोई अनजान शख्स किसी को करोड़ों की जमीन गिफ्ट में दे दे? आप कहेंगे आज के इस दौर में कौन दानवीर है जो करोड़ों की जमीन गैर परिचित शख्स को दान कर रहा है? जाहिर सी बात है जब देने और लेनेवाले में किसी भी तरह का कोई संबंध ही न हो, तो ऐसे में शक होना स्वाभाविक है। दरअसल, पूर्ववर्ती हैदराबाद के निजाम से नजदीकी संबंध रखने वाले परिवार के वंशज ने शिवसेना सांसद के ड्राइवर को तकरीबन 150 करोड़ रुपये मूल्‍य की तीन एकड़ जमीन गिफ्ट कर दी है। इसकी शिकायत मिलते ही आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) की टीम जांच में जुट (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) गई है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गिफ्ट देने और लेने वाले में दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है।  फिर भी ड्राइवर को प्राइम लोकेशन पर तीन एकड़ जमीन उपहार के तौर पर क्‍यों दी गई? शिकायत के बाद संबंधित ड्राइवर और सांसद के विधायक बेटे से पूछताछ की गई है।  सालार जंग परिवार से ताल्‍लुक रखने वाले मीर मजहर अली खान और उनके 6 अन्‍य संबंधियों ने किए (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) हैं हस्‍ताक्षर  बता दें कि 150 करोड़ रुपये की जमीन गिफ्ट देने का यह मामला हैदराबद के मशहूर सालार जंग फैमिली और शिवसेना सांसद संदीपनराव भुमरे के ड्राइवर जावेद रसूल शेख से जुड़ा है। रसूल शेख सांसद के साथ ही उनके विधायक बेटे विलास भुमरे से पिछले 13 साल से जुड़े हैं। गौरतलब हो कि सालार जंग पूर्ववर्ती हैदराबाद के निजाम के काल में दीवान थे। सालार जंग परिवार की बड़ी प्रतिष्‍ठा है। जानकारी के मुताबिक इस गिफ्ट डीड पर सालार जंग परिवार से ताल्‍लुक रखने वाले मीर मजहर अली खान और उनके 6 अन्‍य संबंधियों ने हस्‍ताक्षर किए (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) हैं। हालांकि, इन लोगों ने ईओडब्लू की ओर से जारी नोटिस का अभी तक जवाब नहीं दिया है। उनसे अपना बयान दर्ज करवाने को कहा गया है। बता दें कि मुजाह‍िद खान के एक वकील ने इस बाबत शिकायत की थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई है। कहने की जरूरत नहीं, हैदराबाद के प्रतिष्ठित सालार जंग परिवार द्वारा महाराष्ट्र में स्थित तकरीबन 150 करोड़ रुपये मूल्य की तीन एकड़ ज़मीन शिवसेना सांसद संदीपनराव भुमरे के ड्राइवर के नाम गिफ्ट किए जाने के मामले ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को एक वकील की शिकायत मिली कि सांसद के ड्राइवर जावेद रसूल शेख के नाम गिफ्ट डीड के जरिए कीमती ज़मीन ट्रांसफर कर दी गई है।  सालार जंग परिवार के सदस्य क्यों उसके नाम इतनी बड़ी संपत्ति गिफ्ट करना (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) चाहेंगे? जांच अधिकारियों की माने तो यह ज़मीन संभाजीनगर के दौलतपुरा इलाके में जलना रोड पर स्थित है। इसे प्राइम लोकेशन माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईओडब्लू के इंस्पेक्टर संभाजी पवार ने इस पूरे मामले पर कहा कि “हम जावेद के इनकम टैक्स रिटर्न और आय के अन्य स्रोतों की जांच करेंगे। उसे यह स्पष्ट करना होगा कि सालार जंग परिवार के सदस्य क्यों उसके नाम इतनी बड़ी संपत्ति गिफ्ट करना (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) चाहेंगे। इंस्पेक्टर ने बताया कि जावेद जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। जावेद का कहना है कि वह सालार जंग परिवार के वंशजों से अच्छे संबंध रखता है। इसलिए उन्होंने उसे यह ज़मीन तोहफे में दी। दस्तावेजों के मुताबिक, गिफ्ट डीड उसी समय बनाई गई जब मजहर अली और अन्य ने एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 12 में से 3 एकड़ ज़मीन पर अपना दावा साबित किया था। फ़िलहाल पुलिस ने गिफ्ट डीड पर हस्ताक्षर करने वाले सालार जंग परिवार के सदस्य मीर मजहर अली खान और उनके छह रिश्तेदारों को बयान दर्ज करने के लिए नोटिस भेजा है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? दोनों में न तो कोई संबंध है और न ही ये इस्लाम के एक ही सेक्‍ट से ताल्लुक रखते (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe हैं टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतकर्ता वकील मुजाहिद खान ने सवाल उठाया कि बिना किसी पारिवारिक या रिश्तेदारी के इतनी कीमती ज़मीन किसी ड्राइवर को क्यों दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गिफ्ट डीड सिर्फ रक्त संबंधियों के बीच मान्य होती है। यहां दोनों में न तो कोई संबंध है और ये इस्लाम के अलग-अलग सेक्‍ट से ताल्लुक रखते (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe हैं। फिलहाल यह पहेली बनी हुई है कि ड्राइवर जावेद का सालार जंग परिवार से क्या वास्तविक संबंध है और यह ज़मीन उसे गिफ्ट क्यों की गई? हालांकि इस मामले में सांसद संदीपनराव भुमरे और उनके बेटे विलास भुमरे ने सफाई देते हुए कहा कि “ड्राइवर हमारे यहां काम करता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हम उसके हर फैसले के लिए जिम्मेदार हैं। इस बीच उन्होंने यह भी बताया कि “पुलिस ने उनसे और उनके पिता से भी पूछताछ की है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe #shivsenanews #150crgift #eowprobe #maharashtrapolitics #driverscandal #politicalnews #mumbainews #indianpolitics

आगे और पढ़ें
PM Modi and President Trump

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- ‘भारत के साथ ट्रेड डील लगभग फाइनल, चीन को लेकर भी कर दी बड़ी घोषणा

अमेरिका और भारत के बीच हो रहे ट्रेड डील (Indo-US Trade Deal) को लेकर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बड़ा संकेत दिया है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने व्हाइट हाउस में हो रहे बिग ब्यूटीफुल बिल इवेंट में बोलते हुए कहा कि वो जल्द ही भारत के साथ एक बहुत बड़ी डील (Indo-US Trade Deal) करने जा रहे हैं। यह डील अमेरिका और भारत दोनों के लिए फायदेमंद रहने वाला है। इसी इवेंट में ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड डील हो चुकी है। बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने इसी साल 2 अप्रैल को कई देशों पर भारी भरकम टैक्स लगाने की घोषणा की थी। इसी दौरान भारत से आने वाले कई सामानों पर भी 26 फीसदी तक एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने की घोषणा की गई थी। हालांकि, दबाव बढ़ने पर ट्रंप प्रशासन ने नए ट्रैरिफ पर 90 दिनों की रोक लगाते हुए कहा था कि यह टैक्स 9 जुलाई से दोबारा लागू होगा। इसके बाद से ही ट्रंप प्रशासन के अधिकारी कई देशों के साथ बातचीत कर इस ट्रेड डील करने में जुटा है। पिछले कई दिनों से अमेरिकी अधिकारी भारत से भी ट्रेड डील (Indo-US Trade Deal) करने में जुटे हैं। भारत चाहता है कि उसे अमेरिका द्वारा थोपे गए इस एक्स्ट्रा टैक्स से पूरी तरह छूट मिले। वहीं, अमेरिका चाहता है कि उसके कृषि उत्पादों के लिए  भारत अपने बाजार को पूरी तरह खोले और कुछ खास प्रोडक्ट्स पर टैक्स छूट दे। ट्रंप ने ट्रेड डील के बारे में क्या कहा? बिग ब्यूटीफुल बिल इवेंट में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इसी मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि, “हर कोई हमारे साथ सौदा करना चाहता है और ट्रेड डील का हिस्सा बनना चाहता है। आप लोग याद कीजिए कुछ महीने पहले मीडिया कहती थी कि, क्या वाकई कोई देश है जिसकी हमारे साथ ट्रेड डील करने में कोई दिलचस्पी हो? छोड़ो, हमने कल ही खास ट्रेड डील पर चीन के साथ हस्ताक्षर किए हैं। हमने पिछले कुछ दिनों में कई बेहतरीन सौदे किए हैं। हमारे पास एक और बड़ा सौदा करने वाले हैं, शायद भारत (Indo-US Trade Deal) के साथ। यह बहुत बड़ा होने वाला है। जहां हम एक तरफ भारत के दरवाजे अपने लिए खोलने जा रहे हैं, वहीं चीन के दरवाजे अपने लिए खोल चुके हैं।”  ट्रंप ने इस दौरान यह भी कहा कि इस तरह का खास सौदा हर देश के साथ नहीं किया जाएगा। इस तरह का सौदा कुछ खास देशों के लिए ही है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हम हर किसी के साथ इस तरह का सौदा नहीं करेंगे। कुछ देशों को हम सिर्फ पत्र भेजकर उनका धन्यवाद करेंगे। ऐसे देशों को अमेरिका में अपना प्रोडेक्ट बेचने के लिए 25, 35, 45 फीसदी टैरिफ का भुगतान करना ही होगा। यह तरीका सभी के लिए आसान होगा।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? भारत और चीन से डील के बारे विस्तार से नहीं बताया  ट्रंप ने अपने भाषण के दौरान न तो यह बताया कि अमेरिका ने चीन के साथ किस तरह की डील की है और न ही यह बताया कि भारत के साथ किस तरह की डील करने जा रहे हैं। हालांकि इसी माह के शुरुआत में CNN ने चीन के साथ ट्रेड डील को लेकर एक रिपोर्ट लिखी थी, जिसमें बताया था कि दोनों देश एक नया व्यापार समझौता करने के बेहद करीब हैं। यह डील अमेरिका के लिए ज्यादा फायदेमंद होने वाला है। इसी रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि भारत और अमेरिका भी ट्रेड डील पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन भारत और पाकिस्तान में सीजफायर कराने का जबरन श्रेय लेने के कारण भारत इस डील को धीमा कर दिया है। हालांकि ट्रंप के बयान से ऐसा लग रहा है कि दोनों देश इस डील के करीब पहुंच गए हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Indo-US Trade Deal #donaldtrump #indiatradedeal #usindiarelations #chinaannouncement #trumplatestnews

आगे और पढ़ें
Translate »