SBI CBO Recruitment 2025

एसबीआई सीबीओ भर्ती 2025: 2900 पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून, पाएं जानकारी

एसबीआई सीबीओ, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) में सर्कल बेस्ड ऑफिसर (Circle Based Officer) होते हैं। सर्कल बेस्ड ऑफिसर (Circle Based Officer) का रोल होता है खास रिलीजनल सर्किल में बैंकिंग ऑपरेशन, कस्टमर सर्विस, लोन प्रोसेसिंग आदि को मैनेज करना। बैंकिंग में अपना करियर बनाने के इच्छुक लोगों के लिए यह एक अच्छी खबर है। एसबीआई सीबीओ, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) के लिए भर्ती की जा रही है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुका है और इसके लिए 2900 से भी अधिक पोस्ट्स निकाली गई हैं। यह भी बता दें कि इसके लिए सिलेक्शन प्रोसेस में ऑनलाइन टेस्ट, स्क्रीनिंग, इंटरव्यू आदि शामिल है। यही नहीं, कैंडिडेट से लोकल लैंग्वेज टेस्ट भी लिया जाएगा। आइए पाएं जानकारी एसबीआई सीबीओ भर्ती (SBI CBO Recruitment) के बारे में।  एसबीआई सीबीओ भर्ती (SBI CBO Recruitment): यह जानकारी है जरूरी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) ने  2,964 पोस्ट्स के लिए वैकेंसी निकाली है। इसके लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन्स शुरू हो चुकी हैं। इसके लिए अंतिम तिथि 30 जून है। उसके बाद इनके लिए अप्लाई नहीं किया जा सकेगा। आपको यह भी बता दें कि 2,964 में से  2,600 पोस्ट्स रेगुलर जबकि 364 बैकलॉग पोजिशंस के लिए हैं। यह जानकारी भी जरूरी है कि सर्कल बेस्ड ऑफिसर (Circle Based Officer) की भर्ती विभिन्न स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) सर्कल्स के लिए है।  योग्यता और आयु सीमा  एसबीआई सीबीओ भर्ती (SBI CBO Recruitment) के लिए कैंडिडेट्स के पास किसी भी विषय में ग्रेजुएशन डिग्री होना अनिवार्य है। यह डिग्री किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट से ली होनी चाहिए। इसके साथ ही कैंडिडेट को लोकल लैंग्वेज का ज्ञान होना भी आवश्यक है। अगर बात की जाए एज लिमिट की तो इसके लिए आयु सीमा मिनिमम 21 और अधिकतम 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों जैसे अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के लिए भी कुछ छूट दी गई है। इसके साथ ही महिलाओं व विकलांग लोगों के लिए भी इसमें छूट दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप इस बैंक की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। फीस  एसबीआई सीबीओ भर्ती (SBI CBO Recruitment) के लिए सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लगों के लिए आवेदन शुक्ल 750 रुपये रखा गया है। लेकिन, अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को इसके लिए कुछ भी पे नहीं करना है। यही नहीं, अन्य कुछ वर्गों के लिए भी यह फ्री है। यह वर्ग कौन से हैं, इसके बारे में अधिक जानकारी भी आपको स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) की वेबसाइट पर मिल जाएगी।  इसे भी पढ़ें: यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स कैसे करें अप्लाई? नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news SBI CBO Recruitment #sbi #sbicbo2025 #sbirecruitment #bankjobs #cbo #govtjobs #careers

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Trump T1 phone

डोनाल्ड ट्रम्प ने लॉन्च किया अपना स्मार्टफोन ‘ट्रम्प टी1’, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन

जैसे आजकल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं, वैसे ही उनके नाम का फोन भी लोगों में प्रसिद्ध हो रहा है। इस फोन का नाम है “ट्रम्प टी1 (Trump T1)”। जैसा की पता चल रहा है कि इस स्मार्टफोन (Smartphone) का नाम डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के नाम पर रखा गया है जिसमें टी1 का अर्थ है ट्रंप1। इस फोन को ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन द्वारा लॉन्च किया गया है और यह अपने फीचर्स और डिजाइन की वजह से लोगों को पसंद आ रहा है। इस फोन को बनाने का उद्देश्य अमेरिका में बनाए प्रोडक्ट्स को लोगों में पॉपुलर बनाना है। आइए जानें ट्रम्प टी1 (Trump T1) के बारे में विस्तार से। इसके फीचर्स के बारे में भी जानें। ट्रम्प टी1 (Trump T1) के बारे में जानकारी ट्रम्प टी1 (Trump T1) को “मेड इन यूएसए” टैगलाइन के साथ बाजार में उतारा गया है, ताकि लोग अमेरिकी उत्पादों के प्रति आकर्षित हों और उनका अधिक इस्तेमाल करें। आइए जानें क्या हैं इसके फीचर्स और क्यों है यह खास:   डिजाइन  ट्रम्प टी1 (Trump T1) का डिजाइन एकदम यूनिक और लाजवाब है। इसकी बॉडी गोल्डन रंग की है। अगर बात की जाए इसकी डिस्प्ले की, तो इस फोन की डिस्प्ले  6.8 इंच की है और यह AMOLED डिस्प्ले है। इससे यूजर हाई क्वालिटी की तस्वीरें और वीडियोज का मजा ले पाएंगे। इसके साथ ही इस स्मार्ट फोन में 120Hz का रिफ्रेश रेट भी है। गेमिंग के शौकीन लोगों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है। अगर आप गेमर हैं तो इसे ट्राई कर सकते हैं।  कैमरा अगर आप फोटोग्राफर हैं या फोटोज खींचना व खिंचवाना आपको पसंद है, तो आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के नाम वाला यह स्मार्टफोन (Smartphone) 50MP का प्राइमरी रियर कैमरे के साथ आपको मिलेगा। 16MP का फ्रंट कैमरा की वजह से सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए भी इसका इस्तेमाल बेहतरीन माना गया है। बैटरी ट्रम्प टी1 (Trump T1) की बैटरी 5000mAh की है। इसका अर्थ है कि थोड़ी देर इसे चार्ज करके आप पूरा दिन इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। चार्जिंग की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप इस ट्रंप फोन को खरीद सकते हैं। थोड़ी ही देर में यह पूरा चार्ज हो जाता है और जल्दी डिस्चार्ज नहीं होता। स्टोरेज इस स्मार्टफोन (Smartphone) में 12GB रैम और 256GB की इंटरनल स्टोरेज मौजूद है। आप एक अलग मेमोरी कार्ड से इसे बढ़ा भी सकते हैं। इसकी स्टोरेज अच्छी है, जिसकी वजह से आप कुछ बिना खोये अपनी जरूरी फोटो, वीडियोज और अन्य डाक्यूमेंट्स को स्टोर कर के रख सकते हैं। ट्रम्प टी1 (Trump T1) स्मार्टफोन में एंड्रॉइड 15 है। यही नहीं इनमें  फिंगरप्रिंट सेंसर और एआई फेस अनलॉक जैसे अन्य कई फीचर्स  भी हैं। ट्रम्प टी1 (Trump T1) में केवल एक ही मोबाइल प्लान चलेगा जिसका नाम है द 47 प्लान। इसकी कीमत एक महीने की  47.45 डॉलर है। इस प्लान से यूजर को अनलिमिटेड टॉक, टेक्स्ट और डेटा मिलेगा। अगर बात की जाए इस फोन की कीमत की है तो इसकी कीमत 499 डॉलर यानी लगभग 43,000 रुपए है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक डिजाइन बेहतरीन और पावरफुल है ट्रम्प टी1 (Trump T1) फोन एक ऐसा स्मार्टफोन (Smartphone) है जिसका डिजाइन बेहतरीन है और यह पावरफुल है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह फोन एक अच्छा विकल्प है लेकिन आईफोन से इसकी तुलना नहीं की जा सकती है। क्योंकि, इसकी क्वालिटीज और मैनुफेक्चर क्वालिटी आईफोन के समान नहीं है। फिर भी यह एक अच्छा स्मार्टफोन (Smartphone) है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के प्रशंसक इस फोन को खरीद कर अमेरिकी फोन की खरीद को बढ़ावा दे सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Trump T1 #trumpt1 #donaldtrump #smartphonelaunch #trumptech #mobilespecs #latesttechnews #trumpphone #trends2025

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guggul benefits

गुग्गुल, एक ऐसी आयुर्वेदिक हर्ब जो स्वास्थ्य को सुधारे और रखें हमें स्वस्थ व तंदुरुस्त

यह तो हम सब जानते हैं कि आयुर्वेद (Ayurveda) की उत्पत्ति भारत में हुई है। इसका उद्देश्य सही डायट, व्यायाम और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ लोगों के संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार करना है। गुग्गुल (Guggul) ऐसी हर्ब है जिसे आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है। इसका इस्तेमाल पुराने समय से ही आयुर्वेदिक मेडिसिन्स के किया जाता रहा है। गुग्गुल का अर्थ है बीमारियों को दूर करना। गुग्गुल (Guggul) का सबसे बड़ा बायोएक्टिव कॉम्पोनेन्ट है ओलियो गम रेसिन, जिसके कई चिकित्सीय लाभ हैं। आयुर्वेदा (Ayurveda) के अनुसार यह हर्ब वजन कम करने, मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने आदि में बहुत बेनेफिशियल है। इसके और भी बहुत से फायदे हैं। आइए जानें गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul) के बारे में। गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul): पाएं जानकारी हेल्थललाइन (Healthline) के अनुसार गुग्गुल (Guggul) में प्लांट कंपाउंड्स, जरूरी तेलों, फ्लेवोनोइड्स और अमीनो एसिड का मिश्रण होता है। यह सभी हेल्थ के लिए फायदेमंद पाए गए हैं। आइए जानें गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul) के बारे में। शरीर से हानिकारक तत्वों को निकाले बाहर गुग्गुल (Guggul) शरीर से हानिकारक और विषाक्त चीजों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। अगर शरीर की डेटोक्सिफिकेशन करनी है, तो यह एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। यही नहीं,हेल्दी इशूज के लिए भी फायदेमंद है। कोलेस्ट्रॉल को कम करे यह हर्ब कोलेस्ट्रॉल लेवल को हेल्दी बनाए रखने में मदद करती है। कोलेस्ट्रॉल लेवल को बैलेंस करने की पूरी शक्ति गुग्गुल (Guggul) में होती है। अधिक कोलेस्ट्रॉल से हार्ट प्रॉब्लम्स होने की संभावना बढ़ जाती है। यानी, कोलेस्ट्रॉल को मैनेज कर के हार्ट संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है। पेट के लिए बेहतरीन ऐसा भी माना गया है कि पाचन क्रिया को सही बनाए रखने में यह हर्ब फायदेमंद है। शरीर की प्राकृतिक पाचन क्षमता को बढ़ाने में यह हर्ब मदद करती है। पेट संबंधी समस्याओं को दूर करने और पाचन क्षमता को बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।  वजन को रखे सही अगर आप वजन को सही रखना चाहते हैं, तो भी इस हर्ब का इस्तेमाल किया जा सकता है। गुग्गुल (Guggul) शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मददगार है और अधिक टिश्यू के बनने से रोकता है। यह ऑयल और फैट के पाचन में भी सहायता करता है। इससे मेटाबॉलिज्म भी बढ़ता है, जिससे कई तरीकों से वेट मैनेजमेंट में सहायता मिलती है। जोड़ों के लिए फायदेमंद गुग्गुल (Guggul) जॉइंट की मूवमेंट की सपोर्ट में भी फायदेमंद पाया गया है। इसमें डिटॉक्सिफाइंग गुण होते हैं जिससे जोड़ों से भी टॉक्सिन्स बाहर निकालते हैं। यह टॉक्सिन्स डिस्कम्फर्ट का कारण बन सकते हैं। यह जोड़ों के अंदर और आसपास के टिशूज को ल्युब्रिकेंट करने और उसकी मरम्मत करने में फायदेमंद पाया है, जिससे जोड़ों की मूवमेंट आसानी से हो पाती है। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा स्किन हेल्थ में बेहतरीन गुग्गुल (Guggul) को कुछ स्किन कंडीशंस को दूर करने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है जैसे एक्जिमा और सोरायसिस। यह दोनों स्किन की वो समस्याएं हैं जिसके कारण स्किन में इन्फ्लेमेशन होती है। हालांकि इसके बारे में अभी अधिक रिसर्च की जानी जरूरी है। कुछ स्टडीज में यह भी बता चला है कि यह हर्ब स्किन में रैशेज और खुजली जैसी समस्याओं से राहत पाने में भी फायदेमंद है। गुग्गुल (Guggul) को आमतौर पर हेल्थ के लिए अच्छा पाया गया है। लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन कुछ मामलों में नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए, इसके बारे में एक्सपर्ट या डॉक्टर से जान लें और उसके बाद ही इसका सेवन करें। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Guggul #guggul #ayurvedicherbs #naturalremedies #herbalhealth #guggulbenefits #ayurvedicmedicine #holistichealth

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Maharashtra 2025 elections

महाराष्ट्र की राजनीति में क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दबाव बनाने के आरोप पर संजय राउत ने कह दी बड़ी बात 

शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा अभी खत्म नहीं हुई है। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने इस गठबंधन को लेकर विराम लगती चर्चा को एक बार फिर से हवा दे दी है। संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा है कि दोनों दलों के बीच अभी बातचीत चल रही है। किसी भी अन्य की तरफ से इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करना अनुचित है। आखिरी निर्णय उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और राज ठाकरे खुद करेंगे।  संजय राउत (Sanjay Raut) का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ठाकरे बंधुओं के बीच फिर से गठबंधन होने की चर्चा पर विराम लगता नजर आ रहा था। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) के नेता एक तरफ तो राज ठाकरे को गठबंधन के लिए संकेत भेज रहे थे, लेकिन मनसे अध्यक्ष इससे दूरी बनाते नजर आ रहे थे। उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) से एक होटल में मुलाकात कर यह संदेश दिया था कि वो भाजपा के साथ रहना पसंद करेंगे। लेकिन संजय राउत ने अब एक बार फिर से बयान देकर इस चर्चा को हवा दे दी है कि दोनों भाईयों के बीच अभी भी गठबंधन पर चर्चा चल रही है।   राजनीति में देर से आए लोग गठबंधन के खिलाफ- राउत संजय राउत ने मुंबई में मीडिया से बातचीत में कहा कि दावा किया, “मनसे के कुछ लोग इस गठबंधन के खिलाफ बयान दे रहे हैं, ऐसे लोग राजनीति में देर से आए हैं और इनकी जानकारी बेहद सीमित है। दूसरे लोग क्या कहते हैं और क्या करते हैं उसका कोई महत्व नहीं है। मैंने दोनों भाईयों (ठाकरे बंधुओं) को कई सालों तक करीब से देखा है और साथ में काम किया है। मैं जानता हूं कि आगे क्या होने जा रहा है और क्या नहीं होगा। शायद मुझसे बेहतर कोई दूसरा नहीं जानता। इस गठबंधन पर अंतिम फैसला लेने वाले केवल उद्धव और राज ही हैं।” संजय राउत यह बयान मनसे नेता संदीप देशपांडे के दबाव बनाने के आरोप के जवाब में दे रहे थे। राउत ने इस दौरान देशपांडे को कम जानकारी रखने वाला नेता तक कह दिया।  इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा गठबंधन के लिए दबाव बना रही है उद्धव की सेना- देशपांडे बता दें कि, मनसे नेता संदीप देशपांडे ने बीते दिनों कहा था कि उद्धव गुट गठबंधन के लिए मनसे पर दबाव बनाने की कोशिश न करे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि, ”आगामी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर शिवसेना (Uddhav Thackeray) गठबंधन करने पर आतुर नजर आ रही है। आखिर उद्धव की सेना  मनसे से गठबंधन को लेकर इतना उत्साह क्यों दिखा रही है? मैं अच्छे से समझ सकता हूं कि उनके दिन बेहद खराब चल रहे हैं, इसलिए उनके शीर्ष नेता इस समय मनसे के साथ गठबंधन की कोशिश में जुटे हैं।” संदीप देशपांडे ने इस दौरान यह भी कहा कि,  गठबंधन के लिए प्रयास करना गलत बात नहीं है, लेकिन इसके लिए उद्धव की पार्टी मनसे पर दबाव नहीं बना सकती है। हमारे नेता राज ठाकरे समय आने पर गठबंधन के बारे में उचित निर्णय लेंगे। देशपांडे ने यह भी कहा कि उद्धव की शिवसेना गठबंधन करने के लिए उत्साह तो दिखा रही है, लेकिन उनकी क्षमता क्या है। इस पार्टी को बीते विधानसभा चुनाव में मात्र 20 सीटें ही मिली हैं। उनके पास अभी अगर 60 विधायक होते तो क्या वो गठबंधन के लिए इतना ही उत्साह दिखाते? देशपांडे ने यह भी बताया कि मनसे ने साल 2014 और साल 2017 के चुनाव में उद्धव को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उस समय उन लोगों ने इंकार कर दिया और अब गठबंधन के लिए दबाव बना रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi  Uddhav Thackeray #uddhavthackeray #rajthackeray #sanjayraut #maharashtrapolitics #shivsenamns #indianpolitics #uddhavrajalliance

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Iran US tensions

Iran: Military Will Decide Response to US Actions: अमेरिका को कब, कहां और कैसे जवाब देना है? ये अब सेना तय करेगी- ईरान

रविवार को ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत अमेरिका ने अपने B2 बॉम्बर्स से ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों नातांज, फोरदो और इस्फहान पर हमले किए। हमले के बाद ईरान ने अमेरिका से इस हमले का बदला लेने का संकेत दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबीक संयुक्त राष्ट्र में इसका ऐलान करते हुए ईरानी राजदूत ने कहा, हम कब-कहां और कैसे बदला लेंगे, ये ईरानी सेना तय (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) करेगी। वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि दुश्मन ने बड़ी भारी भूल की है, उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हम दुश्मन पर हमले तेज करेंगे। गुनहगारों को सजा मिलकर रहेगी। यहूदी देश ने बड़ी भयंकर भूल की है। उसे सजा मिलनी चाहिए और ये उसे मिलकर रहेगी। उसे सजा मिल भी रही है।  ईरानी सेना अमेरिका पर ईरान की उचित प्रतिक्रिया के समय, प्रकृति और पैमाने को तय (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) करेगी परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले के बाद ईरान में तबाही मची है। इस हमले के बाद ईरान ने बड़ा बयान दिया है और कहा है कि अमेरिका ने देश के परमाणु कार्यक्रम पर हमला करके कूटनीति को नष्ट करने का फैसला किया और अब ईरानी सेना अमेरिका पर ईरान की उचित प्रतिक्रिया के समय, प्रकृति और पैमाने को तय (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) करेगी। बता दें कि रविवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक में ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत आमिर सईद इरावानी ने कहा कि अमेरिका द्वारा उसके तीन परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करने के बाद ईरान ने युद्धोन्मादी अमेरिकी शासन को बार-बार चेतावनी दी थी कि वह इस दलदल में न फंसे। राजदूत ने बैठक में कहा, हम सभी आवश्यक उपाय करेंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु स्थलों पर हमला करके कूटनीति को नष्ट करने का फैसला किया और अब ईरानी सेना ईरान की उचित प्रतिक्रिया के समय, प्रकृति और पैमाने को तय करेगी। इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को घेरते हुए इरावानी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को तुरंत ऐसे अन्याय और कानूनों के उल्लंघन के मामले में कदम उठाना चाहिए। ऐसा नहीं होता है तो यूएन खुद अपनी हैसियत खो देगा।  इसे भी पइसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! संयुक्त राज्य अमेरिका एक और महंगे और निराधार युद्ध में फंस गया (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) है ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत इरावानी यहीं नहीं रुके, उन्होंने ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पश्चिम का घटिया काम करने और अमेरिकी विदेश नीति को हाईजैक करने में सफल होने का आरोप लगाया, जिससे संयुक्त राज्य अमेरिका एक और महंगे और निराधार युद्ध में फंस गया (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) है। हमले के बाद उनका गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की आक्रामकता को अंतर्राष्ट्रीय कानून का स्पष्ट और घोर उल्लंघन करार दिया। इरावानी ने कहा कि इस सप्ताह ईरान के विदेश मंत्री ने कई यूरोपीय समकक्षों के साथ बातचीत की, संयुक्त राज्य अमेरिका ने उस कूटनीति को नष्ट करने का फैसला किया। हालांकि इस दौरान उन्होंने यह भी पूछा कि इस स्थिति से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है? पश्चिमी देशों के दृष्टिकोण से, ईरान को बातचीत की मेज पर वापस लौटना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने एक बार फिर बिना सोचे समझे अपनी सुरक्षा को सिर्फ इसलिए दांव पर लगाया है कि नेतन्याहू को बचाया जा सके, लेकिन ईरान को अपनी आत्मरक्षा का वैधानिक अधिकार है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Iran: Military Will Decide Response to US Actions #iran #usairstrikes #middleeastcrisis #iranmilitary #geopolitics #breakingnews #worldnews #irannews #tensionsrise

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Jasprit Bumrah 5 wickets

जसप्रीत बुमराह ने रचा इतिहास: इंग्लैंड में पांच विकेट, SENA में 150 विकेट पूरे

भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) इस समय इंग्लैंड दौरे पर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ खेल रही है और पहले टेस्ट में ही जसप्रीत बुमराह ने ऐसी गेंदबाज़ी की है, जिसे सालों तक याद रखा जाएगा। लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर खेले जा रहे इस मैच में जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) ने ना केवल इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ी, बल्कि अपने नाम कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी दर्ज किए। पहली पारी में दोनों टीमों ने किया शानदार प्रदर्शन पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने शानदार शुरुआत की और 471 रन बनाए। कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली और युवा बल्लेबाज़ों ने शानदार योगदान दिया। इसके जवाब में इंग्लैंड ने भी मज़बूती से खेल दिखाया और उनकी पहली पारी 465 रनों पर सिमटी। इस तरह भारत को पहली पारी में मामूली 6 रनों की बढ़त मिली। जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) की धमाकेदार गेंदबाज़ी इस पारी में अगर कोई सबसे बड़ा अंतर बना, तो वह थे जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) 24.4 ओवर की लंबी स्पेल में उन्होंने 83 रन देकर 5 विकेट लिए और इंग्लैंड की आधी टीम को अकेले पवेलियन भेज दिया। यह बुमराह के टेस्ट करियर का 14वां पांच विकेट हॉल (Five-wicket haul) था। खास बात यह है कि उन्होंने ये प्रदर्शन एक ऐसी पिच पर किया जो बल्लेबाज़ों के अनुकूल मानी जा रही थी। इंग्लैंड में रचा भारतीय रिकॉर्ड जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) इंग्लैंड की धरती पर तीन बार टेस्ट पारी में पांच विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। इससे पहले कोई भी भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड में यह कारनामा तीन बार नहीं कर सका था। उन्होंने इस मुकाम पर पहुंचते हुए 9 दिग्गज भारतीय गेंदबाज़ों (Indian Bowlers) को पीछे छोड़ा—जिनमें कपिल देव, इशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार और बीएस चंद्रशेखर जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी गेंदबाजों ने इंग्लैंड में दो बार पांच विकेट हॉल लिए थे। SENA में ऐतिहासिक उपलब्धि इतिहास यहीं नहीं थमा जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) ने एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया—वह SENA देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में 150 टेस्ट विकेट लेने वाले पहले एशियाई गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सूची में पाकिस्तान के दिग्गज वसीम अकरम को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम 146 विकेट दर्ज थे। जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) के अब SENA देशों में कुल 150 विकेट हैं—जिसमें ऑस्ट्रेलिया में 64, इंग्लैंड में 42, साउथ अफ्रीका में 38 और न्यूजीलैंड में 6 विकेट शामिल हैं। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि बुमराह विदेशी ज़मीनों पर कितने प्रभावशाली और खतरनाक गेंदबाज़ साबित हुए हैं। दिग्गजों की सूची में शामिल अब बुमराह SENA देशों में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों की टॉप लिस्ट में आ चुके हैं। इस सूची में उनसे ऊपर सिर्फ वेस्टइंडीज के कर्टनी वॉल्श (213 विकेट) और कर्टली एम्ब्रोस (184 विकेट) हैं। बुमराह 150 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर हैं, जो उनकी निरंतरता और फिटनेस का भी प्रमाण है। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह न केवल भारतीय टीम के लिए मैच विनर हैं, बल्कि दुनिया भर में तेज गेंदबाज़ी के लिए एक नया मानक स्थापित कर चुके हैं। उनकी लाइन-लेंथ, यॉर्कर डालने की क्षमता और मुश्किल परिस्थितियों में विकेट निकालने की कला उन्हें बाकियों से अलग बनाती है। उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण है उनका आत्मविश्वास और टीम के लिए खुद को झोंक देना। जसप्रीत बुमराह ने लीड्स टेस्ट में सिर्फ पांच विकेट नहीं लिए—उन्होंने इतिहास रचा है। इंग्लैंड में सबसे ज्यादा पांच विकेट हॉल और SENA में 150 विकेट का रिकॉर्ड दर्शाता है कि वह भारत के ही नहीं, दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में शामिल हो चुके हैं। आने वाले मुकाबलों में उनसे और भी रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है। Latest News in Hindi Today Hindi news Jasprit Bumrah #jaspritbumrah #bumrah150wickets #indvseng #sena #cricketnews #teamindia #cricketmilestone

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Indus Waters Treaty

भारत सिंधु जल संधि बहाल करे, नहीं तो पाकिस्तान हमला करके सभी छह नदियों पर करेगा कब्जा- बिलावल भुट्टों की गीदड़भभकी

भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवादों में रही सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को भारत की तरफ से स्थगित करने के बाद से पाकिस्तान लगातार दर्द से बिलबिला रहा है। इस मुद्दे पर अब पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने भारत को युद्ध की धमकी देते हुए कहा है कि भारत के पास सिर्फ दो विकल्प हैं। बिलावल का यह बयान गृह मंत्री अमित शाह (Amit shah) के एक बयान के बाद आया है। अमित शाह ने एक इंटरव्यू में बात करते हुए कहा कि भारत का सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को बहाल करने का कोई इरादा नहीं है। शाह के इस बयान के बाद से ही पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में हडकंप मची हुई है।  अगर भारत सिंधु जल संधि को बहाल नहीं करता, तो पाकिस्तान हमला करके सभी छह नदियों पर कब्जा कर सकता है बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने भी अमित शाह (Amit shah) के इसी बयान का जवाब देते हुए एक रैली में भारत को सीधे तौर पर युद्ध की धमकी दी। बिलावल ने कहा, “भारत के पास अब केवल दो विकल्प हैं, या तो वह सिंधु जल संधि को मानते हुए हमारे साथ सहयोग करे या पाकिस्तान से युद्ध के लिए तैयार रहे।” बिलावल यहीं तक नहीं रुके, उन्होंने कहा कि अगर भारत सिंधु जल संधि को बहाल नहीं करता, तो पाकिस्तान हमला करके सभी छह नदियों पर कब्जा कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बिलावल भुट्टो का यह बयान पाकिस्तान की बौखलाहट को दिखाता है। भारत ने जब से सिंधु जल संधि पर रोक लगाया है, पाकिस्तान तभी से इस तरह की गीदड़भभकी दे रहा है।  हम सिंधु सभ्यता के संरक्षक हैं और इसकी रक्षा के लिए युद्ध का रास्ता भी अपनाना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने यह भी कहा कि भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को निलंबित करना “शांति को खत्म करने जैसा कदम” है। यह सिर्फ जल संकट नहीं, बल्कि पाकिस्तान के अस्तित्व का सवाल है और पाकिस्तान की सरकार इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। बिलावल ने धमकी देते हुए कहा, “हम सिंधु सभ्यता के संरक्षक हैं और इसकी रक्षा के लिए युद्ध का रास्ता भी अपनाना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे।” बता दें कि बिलावल भुट्टों इससे पहले भी इस तरह का भड़काऊ बयान दे चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर से पहले बिलावल ने भारत को धमकी देते हुए कहा था, “या तो नदियों में पानी बहेगा, या फिर भारत का खून।” इस तरह के बयान न केवल भारत-पाक के रिश्तों को और तनावपूर्ण बना रहे हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की छवि को भी प्रभावित कर रहे हैं। इसे भी पइसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! अमित शाह के बयान के बाद बौखलाया पाकिस्तान गृहमंत्री अमित शाह (Amit shah) ने हाल में एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें कहा था कि, भारत सिंधु जल समझौते को बहाल नहीं करेगा। शाह ने कहा, “भारत को अब अपने अधिकारों को जानने और उन पर अमल करने का समय आ गया है।” शाह के इस बयान को पाकिस्तान के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है कि भारत अब अपनी जल कूटनीति को रणनीतिक रूप से इस्तेमाल करने को तैयार है। इस बयान के तुरंत बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसे “अंतरराष्ट्रीय संधि का उल्लंघन” बताया और वैश्विक मंचों पर भारत की शिकायत करने की चेतावनी दी। वहीं बिलावल भुट्टों भारत को युद्ध की धमकी देने लगे। लेकिन भारत ने अब तक इस मुद्दे पर संयम दिखाया है और कभी भी युद्ध जैसी कोई भाषा नहीं अपनाई, लेकिन पाकिस्तान के राजनीतिक वर्ग द्वारा बार-बार युद्ध की धमकी देना कहीं न कहीं उनकी राजनीतिक अस्थिरता और आंतरिक दबावों को दर्शाता है। सिंधु जल संधि: क्या है विवाद की जड़? बता दें कि सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता से 1960 में हुई थी। इस संधि के तहत छह नदियों का पानी दोनों देशों में बांटा गया। भारत को रावी, ब्यास, सतलुज का पानी मिला था और पाकिस्तान को सिंधु, झेलम, चिनाब का पानी मिला था। इस संधि के तहत भारत पाकिस्तान की नदियों के पानी को रोक नहीं सकता, लेकिन सीमित सिंचाई, जल-विद्युत और घरेलू उपयोग के लिए संरचनाएं बना सकता है। हालांकि, भारत हमेशा से इस संधि को गलत मानता रहा, लेकिन कभी रोक नहीं लगाया। लेकिन पहलगाम हमले के बाद भारत ने इस संधि को स्थगित कर दिया है। भारत का कहला है कि पाकिस्तान के साथ यह संधि अच्दे रिश्ते और शांति के लिए किए गए थे, लेकिन बदले में पाकिस्तान ने भारत में आतंकवाद और हिंसा फैलाई। पानी और खून अब एक साथ नहीं बह सकता। इसलिए पाकिस्तन जब तक आतंकवाद को खत्म नहीं करता, तब तक यह संधि स्थगित रहेगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Amit shah Bilawal Bhutto #IndusWatersTreaty #BilawalBhutto #IndiaPakistan #RiverDispute #SouthAsiaTensions #Geopolitics #BreakingNews #PakistanThreat

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Iran nuclear strikes

Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes: ईरान के न्यूक्लियर साइट्स तबाह करने के बाद इस वजह से ट्रंप ने दिए खामेनेई को सत्ता से बेदखल करने के संकेत 

13 जून से ईरान-इजरायल के बीच जारी युद्ध है की थमने के नाम ही नहीं ले रहा है। तेहरान को न्यूक्लियर वेपन हासिल करने से रोकने के लिए इजरायल ने ईरान पर अचानक हमला किया था। अक्टूबर 2023 से गाजा में इजरायल के लंबे युद्ध के बाद पहले से ही चरम पर है ऊपर से ईरान और इजरायल युद्ध ने पूरे क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। इस दरम्यान दोनों के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिका की भी इंट्री हो गई। सरेंडर करने की हिदायत को अनदेखा करने के बाद अमेरिका ने ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर बी 2 बॉम्बर के जरिए अटैक किया। दरअसल, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाने के उद्देश्य से अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु केन्द्रों फोर्दो, नतांज और इस्फहान पर यह हमला किया। इस अटैक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सेना की तारीफ की। ध्यान देने वाली बात यह कि इस हमले के कुछ घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायली सेना को अमेरिका के साथ काम करने के लिए धन्यवाद दिया। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर भी बड़ा चौंकाने वाला बयान दिया (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) है। बयान के मुताबिक उन्होंने खामेनेई को सत्ता से बाहर करने का स्पष्ट संकेत दिया है।  ईरानी शासन ईरान को फिर से महान बनाने में असमर्थ है, तो क्यों (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) नहीं होगा शासन परिवर्तन? रविवार को ईरान की परमाणु साइट्स पर अमेरिका के बड़े पैमाने पर सटीक हमलों के बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने  इस्लामी गणराज्य में शासन परिवर्तन की संभावना का न सिर्फ संकेत दिया बल्कि देश की मौजूदा नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठाया। दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर किये एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, शासन परिवर्तन शब्द का उपयोग करना राजनीतिक रूप से सही नहीं है, लेकिन अगर वर्तमान ईरानी शासन ईरान को फिर से महान बनाने में असमर्थ है, तो शासन परिवर्तन क्यों (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) नहीं होगा? MIGA (मेक ईरान ग्रेट अगेन) यही नहीं, अपने एक अलग पोस्ट में ट्रंप ने सेना के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा, ईरान में परमाणु स्थलों को हुआ नुकसान बड़ा है। हमले कठोर और सटीक थे। हमारी सेना ने शानदार कौशल दिखाया। ट्रंप ने कहा, महान बी-2 पायलट अभी-अभी मिसौरी में सुरक्षित रूप से उतरे हैं। बेहतरीन काम के लिए धन्यवाद! डोनाल्ड जे. ट्रंप, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति। बड़ी बात यह कि ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिका द्वारा ऑपरेशन मिडनाइट हैमर शुरू करने के एक दिन बाद आई है।  इसे भी पइसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! अमेरिकी राष्ट्रपति और कमांडर-इन-चीफ के (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) थे स्पष्ट आदेश- अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ इसके अलावा रविवार को अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान में अमेरिका द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन की सफलता की (Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes) पुष्टि की। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी सैनिकों या नागरिकों को निशाना नहीं बनाया। बता दें कि संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ एयर फोर्स के अध्यक्ष जनरल डैन कैन के साथ मीडिया से रूबरू होते हुए हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, इस्फ़हान और नतांज में सफलतापूर्वक सटीक हमले किए हैं। पिछली रात, राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान के तीन परमाणु प्रतिष्ठानों- फोर्डो, इस्फहान और नतांज पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने या उसे गंभीर रूप से सीमित करने के लिए आधी रात को सटीक हमला किया। यह एक अविश्वसनीय और जबरदस्त सफलता थी। हेगसेथ ने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति और कमांडर-इन-चीफ के आदेश स्पष्ट थे। उन्होंने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को नष्ट कर दिया। हमारे कमांडर-इन-चीफ से हमें जो आदेश मिला वह केंद्रित था, यह शक्तिशाली था, और स्पष्ट था। हमने ईरानी परमाणु कार्यक्रम को नष्ट कर दिया। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Hints at Ousting Khamenei After Iran Strikes #Trump #Khamenei #IranStrike #USIranTensions #NuclearSiteAttack #MiddleEastCrisis #BreakingNews

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BPSC Special Teacher Vacancy 2025

BPSC ने निकाली स्पेशल टीचर पोस्ट्स, 7279 पदों पर निकली भर्ती, जानें कैसे करें आवेदन

बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन यानी बीपीएससी (BPSC) एक स्टेट लेवल रिक्रूटमेंट एजेंसी है, जो कॉम्पिटिटिव एग्जाम लेती है और बिहार में कई सरकारी पदों के लिए सही कैंडिडेट्स को चुनती है। बीपीएससी (BPSC) यह भी सुनिश्चित करती है कि यह परीक्षाएं पूरी पारदर्शित्ता और निष्पक्षता के साथ हों। बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (Bihar Public Service Commission) ने हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी की है। इसमें यह बताया गया है कि अध्यापकों की सात हजार से भी अधिक पोस्ट्स निकाली गई हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी आप को बीपीएससी (BPSC) की वेबसाइट पर मिल जाएगी। आइए जानें कि आप इसके लिए कैसे अप्लाई कर सकते हैं? इसके साथ ही बीपीएससी द्वारा निकाली टीचर्स पोस्ट्स (Teachers posts by BPSC) के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए, यह भी जानें? बीपीएससी द्वारा निकाली टीचर्स पोस्ट्स (Teachers posts by BPSC) जैसा की पहले ही बताया गया है कि बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (Bihar Public Service Commission) द्वारा स्पेशल टीचर (Special teacher) की नियुक्ति की जा रही है। जब भी इसकी रेजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू होगी, इच्छुक कैंडिडेट्स इसके लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। बीपीएससी द्वारा निकाली टीचर्स पोस्ट्स (Teachers posts by BPSC) के लिए कैंडिडेट्स की योग्यता के बारे में जानें: क्वालिफिकेशन इन पोस्ट्स के लिए कुल 7279 पदों पर स्पेशल टीचर्स (Special teacher) की भर्ती की जाएगी। इनमे से 5534 पोस्ट्स पहली से पांचवीं कक्षा के लिए हैं जबकि 1754 पोस्ट्स छठी से आठवीं कक्षा के लिए हैं। इन पदों के लिए सिलेक्शन रिटेन एग्जाम के आधार पर की जाएगी और इसमें इंटरव्यू नहीं लिया जाएगा। फीस  बीपीएससी द्वारा निकाली टीचर्स पोस्ट्स (Teachers posts by BPSC) के लिए भी आवेदन शुरू नहीं हुए हैं। यह 2 जुलाई से शुरू होंगे और 28 जुलाई तक आप इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद यह प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी। यह बात ध्यान में रखें कि आप इस डेट के बाद आवेदन नहीं कर सकते हैं। अगर बात करें फीस की तो स्पेशल टीचर (Special teacher) के लिए सामान्य और अनारक्षित श्रेणी के लोगों के लिए यह फीस 750 रुपये है जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाओं आदि को इसमें छूट दी गई है। उनके लिए यह फीस केवल 200 रुपये है।  इसे भी पढ़ें: यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स कैसे करें अप्लाई? Latest News in Hindi Today Hindi news Teachers posts by BPSC #BPSC #TeacherRecruitment #BiharJobs #GovernmentJobs #BPSC2025 #EducationJobs

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Nitish Kumar vs Tejashwi Yadav

Bihar Assembly Election 2025: बदलते समीकरणों में 2025 के चुनाव में बिहार की जनता किसका देगी साथ?

बिहार, ऐतिहासिक दृष्टि से भारत की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। यहां की राजनीति में जातीय समीकरण, सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय अस्मिता और विकास के मुद्दे हमेशा प्रभावी भूमिका निभाते रहे हैं। जैसे-जैसे 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) नज़दीक आ रहे हैं, बिहार की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीतियों से चुनाव जीतने का मौका तलाश रहें हैं। राजनीतिक परिदृश्य मौजूदा समय में बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सत्ता में है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) एक बार फिर से NDA का चेहरा हैं, जो अपने लंबे राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। वहीं दूसरी ओर, विपक्ष में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व में एकजुटता लाने की कोशिश हो रही है, जिसमें कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल भी शामिल हो सकते हैं। 2025 बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के प्रमुख मुद्दे 2025 के विधानसभा चुनाव में कई मुद्दे चर्चा में रहेंगे: विकास और बेरोजगारी- बिहार में शिक्षा और युवाओं की बेरोजगारी (Unemployment) लंबे समय से बड़ी चुनौती रही है। RJD जहां सरकार की बेरोजगारी नीति पर सवाल उठा रही है, वहीं सरकार यह दावा कर रही है कि नए उद्योगों और योजनाओं के ज़रिए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। जातीय जनगणना और सामाजिक न्याय- जातीय जनगणना (Caste Census) एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसे RJD और अन्य विपक्षी दल जोरशोर से उठा रहे हैं। यह सवाल न केवल वोट बैंक की राजनीति से जुड़ा है, बल्कि इससे सरकारी योजनाओं के पुनर्गठन की मांग भी जुड़ी हुई है। कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा- हाल के वर्षों में बढ़ते अपराध और महिला उत्पीड़न के मामले भी चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनने वाले हैं। माई समीकरण और नया जनाधार- RJD अपने पारंपरिक M-Y (मुस्लिम-यादव) समीकरण को मजबूत करने में जुटी है, वहीं BJP ने महिला वोटर्स, अति पिछड़े वर्गों और दलितों पर ज़ोर देना शुरू कर दिया है। नए गठजोड़ और समीकरण- राजनीति में कोई स्थायी मित्र या दुश्मन नहीं होता। इसी सिद्धांत पर बिहार की राजनीति (Bihar Politics) आगे बढ़ती रही है। जहां एक ओर JDU और BJP के बीच मतभेद की खबरें आती रही हैं, वहीं दूसरी ओर यह भी देखा गया है कि RJD और कांग्रेस के बीच तालमेल में कई बार दरार आती है। बिहार विधानसभा 2025 के चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) में यह देखना रोचक होगा कि क्या तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD एक प्रभावशाली विपक्ष खड़ा कर पाएगी या फिर नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) अपने शासन के अनुभव और विकास योजनाओं के दम पर एक बार फिर सरकार बनाने में सफल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका बिहार में NDA की चुनावी रणनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की लोकप्रियता एक बड़ा फैक्टर रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव (Loksabha Election 2025) में भी भाजपा ने बिहार में अच्छा प्रदर्शन किया था, जिसे वह विधानसभा में दोहराना चाहेगी। पीएम मोदी (PM Modi) द्वारा बिहार को दी जा रही विकास परियोजनाएं, जैसे कि रेलवे, सड़कों और प्रधानमंत्री आवास योजना, लोगों के बीच में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा युवा और महिला मतदाता 2025 का चुनाव युवाओं और महिलाओं के रुझान पर बहुत हद तक निर्भर करेगा। युवा मतदाता शिक्षा, रोज़गार और टेक्नोलॉजी से जुड़ी नीतियों की ओर देख रहे हैं, जबकि महिला मतदाता सुरक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं में भागीदारी के आधार पर वोट कर सकती हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) महज सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य की सामाजिक और आर्थिक दिशा तय करने का महत्वपूर्ण मौका होगा। राजनीतिक दलों को यह समझना होगा कि अब मतदाता केवल जाति और परंपरा के आधार पर वोट नहीं करते, बल्कि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारदर्शिता जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं। आगामी चुनाव में किसके सिर जीत का सेहरा बंधेगा, यह तो समय बताएगा, लेकिन इतना तय है कि बिहार की राजनीति (Bihar Politics) एक बार फिर देशभर के लिए चर्चा का केंद्र बनने वाली है। Latest News in Hindi Today Hindi  Chief Minister Nitish Kumar #BiharElection2025 #NitishKumar #TejashwiYadav #BiharPolitics #BJPvsRJD #BiharVoters #INDIABloc #NDABihar

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