Jharkhand Encounter: 15 Lakh Rewarded Pappu Lohra Killed: झारखंड के इचाबार सलैया जंगल में भीषण एनकाउंटर, मारा गया 15 लाख का इनामी कुख्यात पप्पू लोहरा

झारखंड के लातेहार जिले के इचाबार सलैया जंगल में शनिवार सुबह सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच एक भीषण मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के कुख्यात सरगना पप्पू लोहरा (Pappu Lohra) और उसके एक साथी को मार (Jharkhand Encounter: 15 Lakh Rewarded Pappu Lohra Killed) गिराया। यह वही पप्पू लोहरा था, जिसके सिर पर सरकार ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। यह मुठभेड़ लातेहार के उस इचाबार सलैया के जंगल में हुई जो कुछ साल पहले तक नक्सलियों का बड़ा गढ़ माना जाता था।  झारखंड पुलिस (Jharkhand Police) ने इस मुठभेड़ की जानकारी देते हुए बताया कि हमें खुफिया इनपुट मिला था कि पप्पू लोहरा (Pappu Lohra) अपने साथियों के साथ जंगल में छिपा हुआ है। इसके बाद झारखंड पुलिस (Jharkhand Police) के जवानों ने अर्ध सैनिक बलों के साथ मिलकर इचाबार सलैया जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षा बलों ने रात से ही इलाके की घेराबंदी शुरू की दी और सुबह होते ही दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। कई घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद जब फायरिंग थमी, तो सुरक्षा बलों को जमीन पर दो शव पड़े मिले। इनकी पहचान पप्पू लोहरा (Pappu Lohra) और उसके साथी के रूप में की गई। पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए यह एक बड़ी सफलता है।  पहले नक्सली था पप्पू लोहरा, फिर बना लिया अपना गैंग  पप्पू लोहरा का नाम झारखंड के नक्सल प्रभावित जिलों में आतंक का पर्याय बन चुका था। इसने एक आम नक्सली के तौर पर शुरुआत की की, लेकिन जब सुरक्षा बलों ने बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र में मौजूद नक्सलियों को वहां से खदेड़ दिया तो इसने नक्सलियों से अलग होकर अपना एक नया संगठन जेजेएमपी (JJMP) बना लिया। इसके बाद यह क्षेत्र में अवैध वसूली, लूटपाट, धमकी और सरकारी प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाने जैसे काम करना शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक, लोहरा का गिरोह क्षेत्र में ठेकेदारों, व्यापारियों और ग्रामीणों को धमका कर उनसे वसूली करता था। इसने कई बार सुरक्षा बलों पर भी हमला किया। जिसकी वजह से ही सुरक्षा बल लंबे समय से इसकी तलाश कर रही थी।  एनकाउंटर के बाद जब सुरक्षा बलों को पता चला कि मारा गया उग्रवादी पप्पू लोहरा है, तो मौके पर मौजूद जवानों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। इस ऑपरेशन को झारखंड पुलिस और राज्य सरकार नक्सल विरोधी मुहिम में एक निर्णायक सफलता मान रही है। क्योंकि यह सिर्फ एक आतंकी के अंत की कहानी नहीं है, बल्कि लाखों नागरिकों को उस भय और दबाव से छुटकारा दिलाने की थी, जो पप्पू लोहरा ने बना रखा था।  इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी जासूस ज्योति के समर्थन में उतरी पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर हीरा बतूल, जानें क्या है रिश्ता  छत्तीसगढ़ में भी नक्सलियों की कमर टूट रही है बता दें कि सुरक्षा बलों ने इस समय नक्सलवाद के खिलाफ जबरदस्त अभियान चला रखा है। पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने पिछले कुछ सप्ताह के अंदर ही 100 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया है। इसमें करोड़ों रुपये इनामी कई टॉप कमांडर भी शामिल हैं। इसके अलावा हजारों ने नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने हथियारों के साथ सरेंडर भी किया है। कहा जा रहा है कि देश में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक मोड़ में पहुंच गई है। भारत सरकार ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर देने का वादा किया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Jharkhand Encounter: 15 Lakh Rewarded Pappu Lohra Killed #PappuLohra #JharkhandEncounter #NaxalNews #CRPFSuccess #SalaiyaJungle #15LakhReward #MaoistKilled #BreakingNews #LawAndOrder #IndianSecurityForces

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India Slams Pakistan on Terrorism at UN

UN में भारत ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को जमकर धोया… सिंधु जल संधि पर भी कर दी बोलती बंद

संयुक्त राष्ट्र (UN) में चल रही अरिया फॉर्मूला बैठक में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए (India Slams Pakistan on Terrorism at UN) उसके दोहरे चरित्र और सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) के उल्लंघन की तीखी आलोचना की। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश (Parvathaneni Harish) ने कहा कि पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह न सिर्फ संधि का उल्लंघन कर रहा है, बल्कि भारत पर लगातार आतंकवादी हमले करवा कर हजारों निर्दोष नागरिकों की जान भी ले चुका है। जिसकी वजह से सिंधु जल संधि  (Indus Water Treaty) को स्थगित कर दिया गया है।  पार्वथानेनी हरीश (Parvathaneni Harish) ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के साथ 1960 में सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को शांति और सद्भाव के आधार पर किया था। यह संधि उस समय भी लागू रही जब दोनों देशों के बीच तीन युद्ध हुए। भारत ने हर परिस्थिति में इस समझौते का सम्मान किया, लेकिन पाकिस्तान ने बार-बार इस संधि को ठेस पहुंचाई। उन्होंने कहा, “अब तक 20,000 से अधिक भारतीय नागरिक आतंकवाद की वजह से मारे जा चुके हैं। हाल ही में पहलगाम में हुआ आतंकी हमला भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है।” भारत के इस तीखे और तथ्यपूर्ण भाषण के बाद पाकिस्तान की स्थिति संयुक्त राष्ट्र में असहज हो गई। उसकी पहले से ही कमजोर पड़ चुकी अंतरराष्ट्रीय साख को और धक्का लगा।  तथ्यों के साथ पाकिस्तान की बोलती कर दी बंद संयुक्त राष्ट्र सभा को संबोधित करते हुए पार्वथानेनी हरीश (Parvathaneni Harish) ने यह भी याद दिलाया कि 2012 में जम्मू-कश्मीर में तुलबुल नेविगेशन प्रोजेक्ट पर आतंकियों ने हमला किया था। यह हमला न सिर्फ एक निर्माण परियोजना पर था, बल्कि यह पाकिस्तान की उस मंशा को भी जाहिर करता है कि, यह देश भारत के जल संसाधनों को नुकसान पहुंचाना और आम नागरिकों के जीवन को खतरे में डालना चाहता है। सिंधु जल संधि के अंतर्गत भारत को अपनी परियोजनाओं में आवश्यक तकनीकी सुधार और बदलाव करने का पूरा अधिकार है, ताकि संचालन सुरक्षित और प्रभावी हो सके। लेकिन पाकिस्तान ने बार-बार इन कार्यों में बाधा डाली।  इसे भी पढ़ें:- सेना से जारी तकरार के चलते मोहम्मद यूनुस दे सकते हैं इस्तीफा? आतंक और संधि अब एक साथ नहीं चल सकते भारतीय प्रतिनिधि ने सभा को यह भी बताया कि भारत ने पिछले दो वर्षों में कई बार संधि में संशोधन पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान को आमंत्रित किया, लेकिन पाकिस्तान का रवैया हर बार टकरावपूर्ण रहा। ऐसे में भारत के पास सीमित विकल्प ही बचे थे। यही वजह है कि भारत ने अब यह निर्णय लिया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक सिंधु जल संधि को स्थगित रखा जाएगा। अब आतंक और संधि एक साथ नहीं चल सकते। भारत ने हमेशा संयम और उदारता का प्रदर्शन किया है, लेकिन अब वह अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और नागरिकों की जान को खतरे में नहीं डाल सकता। भारत के इस ठोस रुख ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब समय आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी पाकिस्तान की आतंकवाद-समर्थक नीतियों पर गंभीरता से विचार करे। Latest News in Hindi Today Hindi news India Slams Pakistan on Terrorism at UN IndiaVsPakistan #UNSpeech #TerrorismDebate #IndiaStandsStrong #SindhuWaterTreaty #PakExposed #ModiAtUN #IndiaUNResponse #DiplomaticStrike #GlobalTerrorTalk

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Asaduddin Owaisi

असदुद्दीन ओवैसी ने क्यों कहा “मेरा हाल तो ऐसा हो गया है, जैसे गरीब की जोरू, सबकी भाभी बन गई है”

पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब करने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)  के अंतर्गत भारतीय प्रतिनिधिमंडलों को दुनियाभर के देशों में भेजा जा रहा है। यह मिशन न केवल पाकिस्तान की नापाक इरादे को उजागर कर रहा है बल्कि भारत की सैन्य और कूटनीतिक ताकत को भी मजबूती दे रहा है। और अब इसी संदर्भ में एक राजनीतिक विवाद सुर्ख़ियों में है। दरअसल ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की द्वारा कही बात सुर्ख़ियों में है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने लिखा था पत्र  भोपाल के कांग्रेस नेता और विधायक आरिफ मसूद (Congress Leader Arif Masood) ने कुछ दिन पहले चिट्ठी लिखी थी, जिसमें यह लिखा गया था कि ओवैसी के विदेश दौरे पर जा रहे सांसदों को कहा कि वे केंद्र सरकार से साफ करें कि मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में दिए गए विवादित बयान पर यदि विदेशों में सवाल उठे तो उसका जवाब क्या दिया जाए। उनका तर्क था कि विदेशों में भारत की छवि पर असर न पड़े, इसलिए पहले से स्पष्टीकरण होना चाहिए। असदुद्दीन ओवैसी का तीखा पलटवार अब इसी विषय पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और ओवैसी ने अपने ही अंदाज़ में कहा कि  “दुनिया में कोई ऐसा माई का लाल पैदा  नहीं हुआ, जिसके सवाल का जवाब अल्लाह और उसके रसूल के सदके में ओवैसी न दे सके।” ओवैसी ने आरिफ मसूद को ‘छोटा भाई’ कहकर संबोधित किया और कहा कि वह पूरी बेबाकी से हर मंच पर जवाब देने को तैयार हैं।  असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा उन्हें प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया जाना इस बात का संकेत है कि सरकार भी उनकी बेबाकी की कद्र करती है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर भी तंज कसते हुए कहा कि “मेरा हाल तो ऐसा हो गया है, जैसे गरीब की जोरू, सबकी भाभी बन गई है।” उनका इशारा था कि हर दल उनके निर्णयों पर टिप्पणी कर रहा है, मानो वे किसी के अपने नहीं। इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी जासूस ज्योति के समर्थन में उतरी पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर हीरा बतूल, जानें क्या है रिश्ता  AIMIM और असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति  असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) भारतीय राजनीति में एक प्रखर और मुखर नेता के रूप में जाने जाते हैं। AIMIM की स्थापना उनके दादा अब्दुल वहीद ओवैसी ने की थी, लेकिन इसे राष्ट्रीय पहचान असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में मिली। वे हमेशा से मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों को संसद और अन्य मंचों पर मजबूती से उठाते रहे हैं। उनकी पार्टी AIMIM ने हैदराबाद के बाहर भी उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और झारखंड जैसे राज्यों में अपनी पैठ बनाने की कोशिश की है। हालांकि उन पर यह आरोप भी लगते रहे हैं कि उनकी राजनीति ध्रुवीकरण को बढ़ावा देती है, लेकिन ओवैसी हमेशा यह कहते आए हैं कि वे सिर्फ संविधान और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात करते हैं। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) जैसे महत्त्वपूर्ण मुद्दे पर जब राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो जाती है, तब असली फोकस छूटने लगता है। आरिफ मसूद की चिंता अपनी जगह वाजिब हो सकती है, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी ने जिस तरह से आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, वह दिखाता है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखने को तैयार हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय राजनीति में  असदुद्दीन ओवैसी  (Asaduddin Owaisi) एक ऐसे नेता हैं, जो किसी भी कठिन परिस्थिति में अपने विचारों को स्पष्ट और निर्भीकता से रखने से नहीं चूकते। उनकी यही शैली उन्हें बाकी नेताओं से अलग बनाती है – चाहे वह संसद हो या फिर कोई अंतरराष्ट्रीय मंच। Latest News in Hindi Today Hindi news Asaduddin Owaisi  #AsaduddinOwaisi #Congress #ArifMasood #OperationSindoor

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Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage : 6 महीने पहले हुई थी शादी, इसके चलते पत्थर से सिर कुचलकर उतारा पत्नी को मौत के घाट 

लालच हर हाल में बुरी ही होती है। बड़े बुजुर्गों से अक्सर सुना होगा कि लालच बेवजह निर्माण होने वाली समस्याओं का नाम है। कभी-कभी लोभी इंसान लोभ के चक्कर में इस कदर पागल हो जाता है कि किसी की जान लेने से भी नहीं कतराता। इसी लालच से जुड़ा एक वाकया हुआ है राजस्थान के झुंझुनूं में जहाँ, पत्नी की बीमा की रकम हथियाने के लिए पति ने अपनी ही पत्नी को मौत के घाट उतार (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) दिया। यही नहीं, हत्या को सड़क दुर्घटना दिखाने के लिए उसने मनगढ़ंत कहानी भी रची। कहने की जरूरत नहीं, दिल दहला देने वाली इस घटना ने समूचे इलाके को झकझोर दिया है। दरअसल, राजस्थान के झुंझुनूं जिले स्थित नवलगढ़ कस्बे में रहने वाले एक शख्स ने पैसों के लालच में अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। हैरत यह कि अभी 6 महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस जघन्य अपराध के पीछे का मकसद 10 लाख रुपये की बीमा राशि हासिल करना था। आरोपी पति ने इस धनराशि को पाने के लिए न सिर्फ अपनी पत्नी की हत्या की, बल्कि पूरे मामले को दुर्घटना का रूप देकर पुलिस को गुमराह भी करने की कोशिश की। चार साथियों के साथ मिलकर पत्नी की पत्थर से सिर कुचलकर की (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) हत्या  जानकारी के मुताबिक आरोपी सहीराम ने अपनी पत्नी कृष्णा सैनी को मौत के घाट उतारने के लिए बाकायदा पहले से सुनियोजित तरीके से योजना बना रखी थी। योजना पर अमल करते हुए 13 मई 2025 की रात को उसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर पत्नी की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने हेतु मनगढंत झूठी कहानी तक रच डाली। इस बीच हादसे की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। शुरुआती जांच में आरोपी पति ने सड़क हादसे की कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घटना को संदिग्ध मानकर गहनता से छानबीन करना शुरू कर दिया। डिप्टी एसपी राजवीर सिंह और सीआई सुगन सिंह के नेतृत्व में गठित जांच टीम ने मामले को बड़ी गंभीरता से लिया। इस दौरान प्रारंभिक बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों में विरोधाभास देखकर पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी। तकनीकी सबूत, कॉल डिटेल्स और घटनास्थल के विश्लेषण से हत्या की योजना का पर्दाफाश हुआ। गौर करने वाली बात यह कि जाँच के दौरान पुलिस को कई ऐसे सबूत मिले जी सीधे तौर पर शक की तरफ इशारा कर रहे थे। आखिरकार पुलिस द्वारा इकट्ठा किए गए सबूतों ने सच को उजागर कर ही दिया।  इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला अपराध का मुख्य मकसद बीमा राशि  (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) थी जाँच में शामिल पुलिस टीम की माने तो मुख्य आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस नृशंस हत्या को अंजाम दिया। फ़िलहाल सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस आगे की जांच में जुट गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मामले की जांच में पता चला कि अपराध का मुख्य मकसद बीमा राशि थी। पति ने 10 लाख की राशि को पाने के लिए नृशंस हत्या का षड्यंत्र अपने चार साथियों के साथ मिलकर (Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage) रचा। पुलिस के मुताबिक उसने अपने चार साथियों की मदद से पत्थर से सिर कुचलकर पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहीराम सहित सचिन कुमावत, मुकेश कुमार, प्रदीप सिंह और राम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी अपराध में संलिप्त थे। सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और पुलिस अब आगे की पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश के और अन्य पहलुओं को उजागर किया जा सके। Latest News in Hindi Today Hindi news Wife Killed by Husband 6 Months After Marriage #WifeKilled #DomesticViolence #CrimeNews #MarriageMurder #IndiaNews

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Coronavirus new variant 2025

JN.1 variant of interest: WHO ने क्यों कहा JN.1 को वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट? जानिए कोरोना वायरस JN.1 वेरिएंट के लक्षण और बचाव

कोरोना वायरस के फैलने की खबर एक बार फिर सुर्खियों में है। पहले सिंगापूर, हॉन्गकॉन्ग और थाइलैंड में कोरोना वायरस फैलने की जानकारी मिली और अब धीरे-धीरे भारत में भी इस इंफेक्शन का खतरा एक बार फिर से बढ़ चुका है। कोरोना वायरस (Coronavirus) एक इंफेक्सियस डिजीज है और जब भी इस वायरस का नाम सामने आता है तो साल 2020 और 2021 की घटनाएं ना चाहते हुए हम सभी के जहन में आ जाता है।  ऐसे में फिर इंफेक्शन का फैलना की खबरे लोगों के मन में डर पैदा कर रही हैं। इस बार कोविड 19 का JN.1 वेरियंट (COVID 19 JN.1 Variant) काफी चर्चा में है। क्या है JN.1 वेरिएंट (JN.1 Variant), JN.1 के लक्षण (Symptoms of JN.1 Variant)  क्या हो सकते हैं और JN.1 से बचाव कैसे संभव है ये सब समझेंगे।  क्या है JN.1 वेरिएंट?  नेशनल सेंटर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार कोरोना वायरस का JN.1 वेरिएंट है। इस बार कोविड-19 इंफेक्शन का कारण ओमिक्रोन वेरिएंट JN.1 और इसके सब-वेरिएंट्स LF.7 और NB.1.8 को माना जा रहा है। JN.1 इंफेक्शन ओमिक्रोन के BA.2.86 फेमली से होने वाला एक नया वेरिएंट है। जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन (John Hopkins Medicine) के रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार JN.1 की पहचान पहली बार अगस्त 2023 में की गई थी। इस वेरिएंट में लगभग 30 म्यूटेशन पाए गए हैं, जो शरीर की इम्यून सिस्टम (Immune System) से बचने में सक्षम बनाते हैं। इसके अलावा इसमें कुछ अन्य म्यूटेशन भी होते हैं, जो इसके तेजी से फैलने की क्षमता को बढ़ाते हैं। हालांकि BA.2.86 वेरिएंट SARS-CoV-2 वेरिएंट्स में शामिल नहीं हुआ। क्या है JN.1 वेरिएंट के लक्षण? NCBI के अनुसार JN.1 वेरिएंट (Symptoms of JN.1 Variant) के लक्षण कोरोना वायरस के लक्षणों के समान हैं। जैसे: ऊपर बताए लक्षण JN.1 वेरिएंट के लक्षण  (Symptoms of JN.1 Variant) हो सकते हैं। इसलिए अगर ऊपर बताए लक्षणों में कोई भी लक्षण महसूस हो तो डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।  कितना खतरनाक है कोविड 19 का JN.1 वेरिएंट ( JN.1 Variant)? कोविड 19 का JN.1 वेरिएंट ( JN.1 Variant) कितना खतरनाक है, इसकी जानकारी अब तक शेयर नहीं की गई है और WHO इसपर नजर बनाए हुए है और इसे JN.1 को वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट (JN.1 as a variant of interest) कहा है। लेकिन ये जरूर कहा जा रहा है कि कमजोर इम्मुनिटी वाले लोगों में कोविड 19 के JN.1 वेरिएंट (COVID 19  JN.1 Variant) का भी खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए इम्मुनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाए रखना बेहद जरुरी है।  इसे भी पढ़ें: गर्मी के मौसम में अपना रखें खास ख्याल और बरते यह 6 सावधानियां JN.1 वेरिएंट से बचाव कैसे संभव है?  JN.1 वेरिएंट से बचाव के लिए नीचे दिए पॉइंट्स को ध्यान रखें और फॉलो करें- इन ऊपर बताए बिंदुओं को फॉलो कर JN.1 वेरिएंट से बचने में मदद मिल सकती है।  ध्यान रखें कि किसी भी बीमारी या  इंफेक्शन से आसानी से बचा जा सकता है, लेकिन इसके लिए सतर्कता जरुरी है। इसलिए किसी भी तरह की शारीरिक परेशानी महसूस होने पर डरे नहीं और हेल्थ एक्सपर्ट से अपनी शारीरिक समस्या के बारे में बात करें। कोविड 19 के JN.1 वेरिएंट (COVID 19  JN.1 Variant) संक्रामक जरूर है लेकिन इससे आसानी से बचा जा सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi (NCBI) #JN1Variant #COVID19 #WHOAlert #CoronavirusUpdate #CovidSymptoms #JN1Symptoms #VirusPrevention #HealthAlert

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India Halts Indus River Water to Pakistan

India Stops Indus Water to Pakistan: इस हरकत की वजह से पाकिस्तान को नहीं देंगे सिंधु नदी का एक बूंद भी पानी

भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम के बाद भी शीत युद्ध है कि जारी रही है। दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। 22 अप्रैल को आत्मघाती आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ जितने भी समझौते हुए थे सभी रद्द कर दिए गए हैं। यहाँ तक कि पाकिस्तान के साथ सभी तरह के व्यापार को भी रद्द कर दिया (India Stops Indus Water to Pakistan) गया है। इस बीच विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की ओर से गुरुवार को कहा गया है कि “पाकिस्तान की ओर से जब तक सीमा पर आतंकवाद को समर्थन दिया जाता रहेगा तक सिंधु नदी का एक बूंद पानी तक पड़ोसी मुल्क को नहीं दिया जाएगा।” दरअसल, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को पुनः जोर देते हुए कहा कि “पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता।” बता दें कि सिंधु जल संधि को लेकर भारत अपने निर्णय पर कायम है।  अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र पर से कब्जा छोड़ (India Stops Indus Water to Pakistan) दे पाकिस्तान  इस बीच रणधीर जायसवाल ने साफ और स्पष्ट शब्दों में कहा कि “भारत और पाकिस्तान के साथ कोई भी द्विपक्षीय वार्ता तभी होगी जब वह अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र पर से कब्जा छोड़ (India Stops Indus Water to Pakistan) देगा।” इस बीच कश्मीर मुद्दे को सुलझाने में भारत और पाकिस्तान की मदद को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रुचि पर जवाब देते गए जायसवाल ने कहा कि “भारत-पाकिस्तान के बीच कोई भी बातचीत द्विपक्षीय होनी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि “संवाद और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते। जहां तक आतकंवाद की बात है, तो पाकिस्तान को उन आतंकियों को भारत को सौंपना चाहिए जिनकी सूची कुछ साल पहले पड़ोसी मुल्क को दी गई थी। पाक के साथ जम्मू कश्मीर चर्चा तभी हो सकती है जब सीमा पार आतंकी ट्रेनिंग कैंप चलने बंद हों।”  इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही ऐलान कर दिया (India Stops Indus Water to Pakistan)  है कि पानी और खून एक साथ नहीं बहेगा इस दरम्यान रणधीर जायसवाल ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही ऐलान कर दिया (India Stops Indus Water to Pakistan)  है कि पानी और खून एक साथ नहीं बहेगा। ऐसे में सिंधु जल संधि समझौता को रद्द करने का फैसला किया गया है। यह समझौता तब तक रद्द रहेगा जब तक सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा दिया जाता रहेगा। भारत किसी भी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ है। आतंकवादियों को जो लोग पनाह दे रहे हैं उनके खिलाफ बिना रुके भारत की लड़ाई जारी रहेगी।” यही नहीं, इस बीच प्रधानमंत्री नेरेंद्र मोदी ने राजस्थान की धरती से पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ खुली चेतावनी दी। पीएम ने बीकानेर में आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को साफ करते हुए कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद से निपटने के तीन सूत्र तय कर दिए हैं। पहला- जावब देने का समय और तरीका सेना तय करेगी, एटम बम की गीदड़भभकी से भारत डरने वाला नहीं है। आतंक के आका और आतंक को पनाह देने वालों को अलग-अलग नहीं देखेंगे। हालांकि पीएम ने यह भी कहा, “पाकिस्तान का असली चेहरा पूरी दुनिया को दिखाया जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi news India Stops Indus Water to Pakistan #IndusWaterTreaty #IndiaPakistan #IndusRiver #WaterDispute #ModiGovernment #Geopolitics #IndiaNews #PakistanNews

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Mohammad Yunus May Resign

Mohammad Yunus May Resign: सेना से जारी तकरार के चलते मोहम्मद यूनुस दे सकते हैं इस्तीफा?

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश में स्थति डाँवाडोल बन गई है। वैसे तो बांग्लादेश में लंबे समय से राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है। शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से अब तक बांग्लादेश स्थिर नहीं हो पाया है। खैर, वर्तमान में बांग्लादेश की कमान अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के हाथों में हैं इसके बावजूद स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। इस बीच खबर है कि मुहम्मद यूनुस जल्द अपने पद से जल्द ही इस्तीफा दे (Mohammad Yunus May Resign) सकते हैं। बीबीसी बांग्ला की रिपोर्ट की माने तो, बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस को काम करना लगातार मुश्किल होता चला जा रहा है। जानकारी के मुताबिक राजनीतिक दलों में आपसी सहमत न बन पाने के कारण मतभेद बढ़ता जा रहा है। बढ़ते मतभेद और राजनीतिक गतिरोध के चलते खबर है कि मुहम्मद यूनुस इस्तीफा देने का मन बना रहे हैं। हालाँकि हाल के दिनों में मुहम्मद यूनुस और बांग्लादेश की सेना के प्रमुख के बीच भी तकरार की खबरें आईं थीं।  अगर युनुस अपना काम नहीं कर सकते तो उनके रहने का कोई मतलब (Mohammad Yunus May Resign) नहीं दरअसल, बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी के नेता निद इस्लाम ने खुलासा करते हुए कहा कि “मुहम्मद यूनुस इस्तीफा देने का (Mohammad Yunus May Resign) सोच रहे हैं।” जानकारी के मुताबिक निद इस्लाम ने मुहम्मद यूनुस से मुलाकात करने के बाद कहा कि “हम उनके इस्तीफे के बारे में सुन रहे हैं। इसलिए मैं इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए उनसे मिलने गया था। उन्होंने मुझे बताया कि वह इस बारे में सोच रहे हैं। उन्हें लगता है कि मौजूदा स्थिति ऐसी है कि वह काम करना जारी नहीं रख सकते।” इसपर अधिक बोलते हुए इस्लाम ने कहा कि “उन्होंने युनुस से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राजनीतिक दल एकजुट होकर सहयोग करेंगे और मुझे उम्मीद है कि सभी उनके साथ सहयोग करेंगे।” हालांकि, एनसीपी नेता ने कहा कि “अगर युनुस अपना काम नहीं कर सकते तो उनके रहने का कोई मतलब नहीं।” कहा तो यहाँ तक जा रहा है कि मोहम्मद युनुस ने पद से इस्तीफा देने की धमकी दी। ऐसे में खबर भी है कि युनुस अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं, क्योंकि राजनीतिक दल एक आम सहमति पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस वजह से युनुस को काम करने में दिक्कत हो रही है। माइंड गेम खेलने लगे (Mohammad Yunus May Resign) हैं मोहम्मद यूनुस  दरअसल, यूनुस सरकार एक नहीं, कई मोर्चों पर तमाम तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है। सबसे बड़ा संकट सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान के साथ लगातार बढ़ता तनाव है। कहने की जरूरत नहीं, सेना और यूनुस के बीच मतभेद जग जाहिर है। तनाव बढ़ने की वजह लोग जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग बताई जा रही है। यही नहीं, बांग्लादेशी सेना मोहम्मद यूनुस की कार्यशैली और उनकी चीन और पाकिस्तान समर्थक नीतियों से असंतुष्ट है। ऐसे में मोहम्मद यूनुस खुद की कुर्सी जाती देख इमोशनल ब्लैकमेल करने लगे हैं। करीबियों का कहना है कि यूनुस बांग्लादेश में अपना एकछत्र राज चाहते हैं। वो किसी की नहीं सुनते। ऐसे में जब उनसे सही से सरकार चलाने और चुनाव कराने के लिए कहा गया तो वह माइंड गेम खेलने लगे (Mohammad Yunus May Resign) हैं।  इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल आखिर क्यों  मोहम्मद यूनुस इस्तीफा देने की सोच (Mohammad Yunus May Resign) रहे ऐसे में बड़ा और महत्वपूर्ण सवाल यह कि मोहम्मद यूनुस आखिर इस्तीफा क्यों देने की सोच (Mohammad Yunus May Resign) रहे? क्या वो सेना से डरे हुए हैं या फिर उन्हें लग रहा है कि बांग्लादेश हाथ से निकलने वाला है। जानकारी के मुताबिक बांग्लादेश के आर्मी चीफ जनरल वाकर-उज-जमान यूनुस को सुनाते हुए कहा है कि देश का भविष्य कोई गैर निर्वाचित सरकार तय नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि देश में जल्द से जल्द चुनाव होने चाहिए। भविष्य एक निर्वाचित सरकार तय करे। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने चुनाव के लिए दिसंबर 2025 की डेडलाइन दी है। कहने की जरूरत नहीं कि आर्मी चीफ के इस अल्टीमेटम के बाद यूनुस की कुर्सी डगमगा गई है। उन्हें अब लग रहा है कि उनकी कुर्सी जाने ही वाली है। सो, इसलिए वह खुद इस्तीफा देकर एक अलग खेल खेलना चाहते हैं। यूनुस के इस्तीफा देने के पीछे एक वजह यह भी हो सकती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Mohammad Yunus May Resign #MohammadYunus #Resignation #MaldivesPolitics #MilitaryTension #BreakingNews

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In Match 64 of IPL 2025

LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL: आईपीएल के 64वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुजरात टाइटंस को 33 रनों से दी करारी शिकस्त

22 मई को इंडियन प्रीमियर लीग  2025 (IPL 2025) का 64वां महामुकाबला गुजरात टाइटंस (GT)और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेला गया। अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुजरात टाइटंस को 33 रनों से करारी शिकस्त (LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL) दी। लखनऊ की इस जीत के हीरो रहे मिचेल मार्श ने 64 गेंदों का सामना करते हुए 117 रन बनाए। उन्होंने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। दरअसल, गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।  मिचेल मार्श ने इस मैच में 64 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और 6 छक्के की (LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL) मदद से 117 रन बनाए टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स ने शानदार शुरुआत (LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL) की। लखनऊ की तरफ से सलामी बल्लेबाज मिचेल मार्श ने इस मैच में 64 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और 6 छक्के की मदद से 117 रन बनाए। इस मैच में निकोलस पूरन ने मिचेल मार्श का बखूबी साथ दिया। निकोलस पूरन ने 27 गेंदों का सामना करते हुए 56 रन बनाए। इसके अलावा एडन मार्करम ने 36 और कप्तान ऋषभ पंत ने 16 रन बनाए। इसके बदौलत ही लखनऊ ने गुजरात के सामने 235 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया।  235 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत अच्छी नहीं (LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL) रही 235 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत अच्छी नहीं (LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL) रही। गुजरात के बल्लेबाजों का बल्ला शांत रहा। इस मैच में शुभमन गिल फ्लॉप रहे। वह सिर्फ 35 रन ही बना सके। शाहरुख खान ने गुजरात के लिए शानदार अर्धशतक जड़ा। महत्वपूर्ण बात यह कि लखनऊ सुपर जायंट्स के गेंदबाजों ने अपनी गेंदबाजी के कमाल दिखाते हुए गुजरात को 202 रन पर ही रोक दिया। लखनऊ के लिए विलियम ओ’रूके ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए। इसके अलावा आवेश खान और आयुष बडोनी को 2-2 विकेट मिला। तो वहीं, आकाश महाराज सिंह और शहबाज अहमद ने 1-1 विकेट झटके। लखनऊ की धारदार गेंदबाजों के सामने गुजरात के बल्लेबाज एक बाद एक धराशायी होते गए। इस तरह गुजरात ख़राब बल्लेबाजी और रणनीति के चलते सिर्फ 202 रन ही बना सकी। बेशक इस मैच में गुजरात टाइटंस की हार का प्रमुख कारण उसकी खराब गेंदबाजी रही।   इसे भी पढ़ें:- दिल्ली कैपिटल्स को हराकर मुंबई इंडियंस ने बनाई प्लेऑफ में जगह गुजरात ने पहले ही प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर (LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL) लिया है खैर, गुजरात ने पहले ही प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर (LSG Crushes GT by 33 Runs in IPL) लिया है और लखनऊ की टीम प्लेऑफ की रेस से बाहर निकल चुकी है। ऋषभ पंत ने टॉस हार के बाद कहा कि “पहले गेंदबाजी करनी चाहिए थी, विकेट अच्छा लग रहा है। जब आप पहले ही बाहर हो जाते हैं तो चुनौती होती है, लेकिन हमें क्रिकेट खेलने पर गर्व है। एक टीम के रूप में, हम अलग-अलग विकल्प आजमा रहे हैं जो हमें जीतने का सबसे अच्छा मौका देते हैं। कुछ भी जो हमें अगले सीजन के लिए तैयार करने में मदद कर सकता है। आकाश दीप को टीम में शामिल किया है। हमारी टीम में कुछ और बदलाव भी हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news #IPL2025 #LSGvsGT #LucknowSuperGiants #GujaratTitans #Match64 #IPLHighlights #CricketNews #LSGWin #GTLoss #IPLPointsTable

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Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years

Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years: दोस्त ने लगाया था पेन की चोरी का आरोप, 2 साल बाद इस तरह मौत के घाट उतारकर लिया बदला

भला एक सामान्य पेन की कीमत क्या होती है? 10 रूपये, या फिर बहुत महंगी हुई तो 50 रूपये। यह तो ठीक, लेकिन क्या कोई किसी का खून सिर्फ इसलिए कर देगा कि सामने वाले ने पेन की चोरी का इल्जाम लगाया (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) था? संभवतः नहीं। लेकिन यह घटना हुई है। घटना है, मध्य प्रदेश के मऊगंज  जिले के अंतर्गत आने वाले एक गांव की। दरअसल, मृतक नाबालिग युवक सुशील पाल और उसका दोस्त शमशाद मोहम्मद एक ही गांव के निवासी थे और पास के ही हायर सेकेंडरी स्कूल मे एक साथ कक्षा 9वीं मे पढ़ते थे। साथ में पढ़ते थे तो दोस्ती भी थी दोनों में। दोनों साथ ही स्कूल जाते थे। इस बीच साल 2023 के दरमियान एक दिन क्लास से सुशील पाल का एक पेन चोरी हो गया। उसने इस पेन चोरी का आरोप अपने ही दोस्त शमशाद मोहम्मद पर लगा दिया। जिसके चलते दोनों के बीच जमकर विवाद हुआ। जैसे-तैसे बीच-बचावकर मामले को शांत कराया गया।  शमशाद ने मन ही मन खुद के अपमान का बदला लेने की ठान  (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) ली  खैर, मामला तो शांत हो गया लेकिन शमशाद ने मन ही मन खुद के अपमान का बदला लेने की ठान  (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) ली और सुशील को सबक सिखाने के लिए योजना बनानी शुरू कर दीं। खैर, बीच देखते ही देखते दो साल का समय बीत गया। इस बीच दोनों के बीच दोस्ती फिर गहरा गई। दोनों ने इस घटना को भुला दिया था। इसी बीच दिन बीते 9 अप्रैल को घर से निकला 16 वर्षीय नाबालिग युवक अचानक से लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला तो थक हारकर अंततः घरवालों ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने परिजनों की फरियाद सुनकर युवक की खोजबीन शुरू कर दी। एक महीने तक की गई युवक की खोजबीन की बाद भी उसका कोई सुराग पुलिस के हाथ मे नहीं लग पाया।  अनजान युवक का शव कंकाल के रूप मे पड़े होने की सूचना पुलिस को दी  (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) गई इस दरम्यान ऐसे ही एक दिन नाबालिग के लापता होने के ठीक एक माह बाद यानी 9 मई को बहुती जल प्रपात में किसी अनजान युवक का शव कंकाल के रूप मे पड़े होने की सूचना स्थानीय लोगो के द्वारा पुलिस को दी  (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) गई। सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस की टीम बहुती जल प्रपात पहुंची और पहुंचकर युवक के शव को बरामद किया। इसके बाद नाबालिग के परिजनों को बुलाया गया। परिजनों ने कपड़ों से शव की पहचान की। आगे की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हेतु अस्पताल भेज दिया। इस बीच घटना की तफ्तीश में जुटी पुलिस की टीम को कुछ साक्ष्य मिले थे। पुलिस को आशंका थी कि युवक की हत्या करके उसके शव को जल प्रपात से नीचे फेंका गया है। इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला आखिरी बार सुशील गांव में ही (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) वह अपने कुछ दोस्तों के साथ देखा गया था। खैर इस दरम्यान पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय लोगों से बातचीत करनी शुरू कर दी। इस बातचीत में चौंकाने वाले खुलासे हुए। जानकारी के मुताबिक जिस दिन सुशील अचानक गायब हुआ (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) था उस दिन वह अपने कुछ दोस्तों के साथ गांव में ही देखा गया था। फिर क्या था पुलिस ने दोस्तों की पहचान करते हुए सुशील के दोस्त शमशाद मोहम्मद और उसके अन्य साथियों को गिरफ्तार कर थाने ले आई और पूछताछ शुरू कर दी। पहले तो सभी मुकर गए लेकिन पुलिस ने जब अपने अंदाज में पूछा तो वो टूट गए और अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस के मुताबिक “नाबालिग युवक के दोस्त ने ही अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।”  शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) गया   इस पूरे मामले पर मऊगंज एसपी दिलीप सोनी ने नाबालिग युवक की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए बताया कि “बीते 9 अप्रैल से लापता सुशील का शव कंकाल के रूप मे महीने भर बाद यानी 9 मई को मऊगंज के बहुती जल प्रपात से बरामद हुआ था। पुलिस की टीम ने मृतक के कपड़ों से उसकी पहचान की। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया (Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years) गया था। इस बीच महीने भर से जांच मे जुटी पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे थे जिसके बाद पुलिस वारदात में शामिल नाबालिग के कातिल दोस्त और उसके अन्य साथियों तक पहुंच गई।” जानकारी के मुताबिक 2 साल की पूरी प्लानिंग के बाद उसने अपने ही दोस्त की हत्या कर दी है। हत्या करने के बाद युवक के शव को जल प्रपात में फेंक दिया गया। फ़िलहाल पुलिस ने वारदात में शामिल शमशाद मोहम्मद मौसम कोल. योगेश कुमार राबत और नागलिंग राजकोल को गिरफ्तार किया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Friend Killed Over Pen Theft Allegation After 2 Years #PenTheftMurder #RevengeAfter2Years #CrimeNewsIndia #FriendshipGoneWrong #MurderOverPen #IndiaNews2025 #TrueCrimeStory #ViralNews #ShockingMurderCase

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India missile defense strategy

India Boosts Focus on Air Defense Systems: इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस

बढ़ते युद्ध के हालात को देखकर दुनियाभर के देशों ने एयर स्पेस सुरक्षा पर अपना फोकस बढ़ा दिया (India Boosts Focus on Air Defense Systems) है। इस्राइल-हमास के बीच हुई जंग ने एयरस्पेस सुरक्षा को लेकर समूची को सोचने पर मजबूर किया था। यही नहीं, ऑपरेशन सिंदूर ने भी एयर डिफेंस सिस्टम क्यों जरूरी है यह जता दिया। एयर डिफेंस सिस्टम की जरूरत का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि अमेरिका भी इस्राइल के आयरन डोम सिस्टम की तरह ही गोल्डन डोम बनाने की बात कह रहा है।  दरअसल, अमेरिका ने भी दो महीने पहले ही ऐलान किया था कि वो भी इस्राइल के तर्ज पर गोल्डन डोम बनाएंगे। यहाँ तक कि अमेरिका ने अपने मिसाइल डिफेंस सिस्टम गोल्डन डोम का डिजाइन भी चुन लिया है। भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान की तरफ से हुए हर हमले को (India Boosts Focus on Air Defense Systems) किया है नाकाम  ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान की तरफ से हुए हर हमले को (India Boosts Focus on Air Defense Systems) नाकाम किया। अब वो चाहे ड्रोन अटैक हो या मिसाइल अटैक। लेकिन इंडियन आर्म्ड फोर्सेस ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त करते हुए आतंकी ठिकानों के साथ ही पाकिस्तान के कई अहम एयरबेस भी तबाह किए। इस बीच जब हमास ने इस्राइल पर अटैक किया तो इस्राइल के आयरन डोम पर चर्चा शुरू हो गई कि क्या आयरन डोम सिस्टम पूरी तरह सफल नहीं रहा। इसके बाद फिर जब ईरान ने इस्राइल पर ताबड़तोड़ सैकड़ों मिसाइल दागी, तब इस्राइल ने दावा किया कि आयरन डोम ने ज्यादातर मिसाइल को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। जिसके बाद से सभी जगह एयर डिफेंस पर फोकस बढ़ा है। अमेरिका ने भविष्य के गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम (India Boosts Focus on Air Defense Systems) के लिए चुन लिया है डिज़ाइन  अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि “अमेरिका ने भविष्य के गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम (India Boosts Focus on Air Defense Systems) के लिए एक डिज़ाइन चुन लिया है। यह सिस्टम उनके कार्यकाल के आखिर तक ऑपरेशनल हो जाएगा। ,बता दें कि ट्रंप का कार्यकाल 2029 तक है। दरअसल, गोल्डन डोम का मकसद अमेरिका पर होने वाले संभावित हवाई हमलों के खतरे से निपटना है। जानकारी के मुताबिक यह बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों से भी सुरक्षा करेगा। यह सिस्टम अंतरिक्ष आधारित सेंसर से लैस होगा और गोल्डन डोम सैटेलाइट के एक पूरे नेटवर्क पर काम करेगा। यह न सिर्फ आने वाले खतरों का पता लगाएगा, बल्कि उन्हें ट्रैक करेगा और ट्रैक कर नष्ट भी कर देगा।  इसे भी पढ़ें:-  हाफिज सईद, जाकिउर्र रहमान लखवी और साजिद मीर जैसे आतंकी हमें सौंपे तभी रूकेगा ऑपरेशन सिंदूर आयरन डोम सिस्टम ऑब्जेक्ट का लगाते  (India Boosts Focus on Air Defense Systems) हैं पता  इसके अलावा बात करें इस्राइल के आयरन डोम सिस्टम की तो इसमें ऐसे रडार लगे हैं जो न सिर्फ आने वाले ऑब्जेक्ट का पता लगाते हैं बल्कि उसकी स्पीड और डायरेक्शन का पता भी लगा लेते (India Boosts Focus on Air Defense Systems) हैं। स्पीड का पता लगाने के बाद कंट्रोल सेंटर अनुमान लगाता है कि ऑब्जेक्ट से कितना खतरा है। खतरे का आभास होते ही मिसाइल फायरिंग यूनिट मिसाइल लॉन्च करके उस ऑब्जेक्ट को मार गिराती हैं। बता दें कि एक लॉन्चर में 20 इंटरसेप्टर मिसाइल होती हैं। यही नहीं इस्राइल के पास आयरन डोम सिस्टम के साथ और भी सिस्टम हैं जो मीडियम और लॉन्ग रेंज की मिसाइल को इंटरसेप्ट कर मार गिराते हैं।  भारत ने भी रक्षक-सुरक्षा कवच पर शुरू कर (India Boosts Focus on Air Defense Systems) दी है बात करनी खैर, इस बीच भारत ने भी रक्षक-सुरक्षा कवच पर बात करनी शुरू कर (India Boosts Focus on Air Defense Systems) दी है। जानकारी के मुताबिक हाल ही में हुए डीआरडीओ ने आयरन डोम की तरह ही रक्षक-सुरक्षा कवच का कॉन्सेप्ट तैयार किया। इसमें दिखाया गया कि किस तरह डीआरडीओ उन सब उपकरणों को इंटीग्रेट कर सकता है जो एयर डिफेंस के लिए हैं और इससे एक मजबूत सुरक्षा कवच बन सकता है। जानकारी के मुताबिक डीआरडीओ के इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन के डीजी बी. के. दास ने बताया कि रक्षक-सुरक्षा कवच में दो हिस्से हैं। पहला है निगरानी करना और दूसरा है अटैक करना। निगरानी के लिए अर्ली वॉर्निंग सिस्टम, सर्विलांस ड्रोन और सेटेलाइट हैं। ग्राउंड में लन्ग रेंज रडार है जो दुश्मन के किसी भी एरियल खतरे को ट्रैक करता है। उसे इंगेज करने के लिए हार्ड किल, सॉफ्ट किल, सर्फेस टू एयर मिसाइल, आर्टिलरी गन और लेजर बीम तकनीक है। उन्होंने कहा कि “ये सब बहुत कम कीमत में और बहुत कम वक्त में इंटीग्रेट हो सकते हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news India Boosts Focus on Air Defense Systems #IndiaDefense #AirDefenseSystem #MissileDefense #S400India #GlobalSecurity #IndiaMilitary #DefenseNews #IndiaStrategicMove

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