Modi government internet speed

Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi: मोदी सरकार के इस फैसले के बाद WiFi से भी सुपरफास्ट चलेगा इंटरनेट

इंटरनेट की स्पीड को लेकर बहुतों की शिकायत रहती है। बढ़ते समय के साथ-साथ इंटरनेट का धीमा होना एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। दरअसल, वर्तमान में भारत में अधिकतर वाई-फाई राउटर 2.4 GHz और 5 GHz फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करते हैं। इन दोनों बैंड पर अधिक क्राउड होने की वजह से इंटरनेट की सपीड स्लो हो जाती है। जानकारी के मुताबिक बढ़ती शिकायतों को देखते हुए भारत सरकार ने 6 GHz बैंड का एक हिस्सा (5925 MHz से 6425 MHz तक) बिना किसी लाइसेंस के इस्तेमाल करने की इजाजत देने वाला ड्राफ्ट जारी किया (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) है। इसके तहत 6 GHz फ्रीक्वेंसी बैंड को घर के अंदर इस्तेमाल के लिए बिना लाइसेंस के इस्तेमाल करने की मंजूरी दी जा सकती है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ड्राफ्ट नियमों में कहा गया है कि 5925-6425 MHz बैंड में काम करने वाले लो-पावर इंडोर या बहुत लो-पावर आउटडोर डिवाइस के लिए अब कोई लाइसेंस या अनुमति की जरूरत नहीं होगी। बस शर्त यह है कि ये डिवाइस दूसरों के सिग्नल में दखल न दें।  कहने की जरुरत नहीं, इसका सीधा असर देशभर के यूजर को होगा।  अमेरिका और यूके जैसे कई देश पहले ही इस बैंड को कर रहे (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) हैं इस्तेमाल  इसकी मंजूरी मिलते ही Wi-Fi 6E और Wi-Fi 7 जैसे नए राउटर, इस नए फ्रीक्वेंसी बैंड का इस्तेमाल कर सकेंगे। कहा जा रहा है कि यह बैंड तेज स्पीड, कम लेटेंसी और बढ़िया परफॉर्मेंस देता है। कहा तो यह भी जा रहा है कि इससे वीडियो कॉलिंग, स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन गेमिंग एकदम स्मूथ हो जाएगी। बता दें कि अमेरिका और यूके जैसे कई देश पहले ही इस बैंड को इस्तेमाल कर रहे (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) हैं। खैर,अब भारत भी इस दिशा में कदम बढ़ाने जा है। आसान भाषा में समझें तो यदि आपके पास Wi-Fi 6E या Wi-Fi 7 राउटर है या आप आने वाले समय में खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह नियम विशेषकर आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इससे घर के भीतर आपको तेज इंटरनेट और बेहतर नेटवर्क क्वालिटी मिलेगी। लेकिन ध्यान रहे यह सुविधा सिर्फ घर के भीतर के लिए है। ध्यान यह भी रहे कि इसका इस्तेमाल गाड़ियों, जहाजों, ड्रोन या खुले मैदान में नहीं किया जा सकेगा। महत्वपूर्ण बात यह कि इस पर फ्रीक्वेंसी सिर्फ लो-पावर डिवाइस ही इस फ्रीक्वेंसी पर काम कर सकेंगे ताकि दूसरों के नेटवर्क में खलल न आये।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर यह भारत को वैश्विक डिजिटल विकास की राह पर ले (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) जाएगा आगे   अच्छी बात यह कि इंडस्ट्री ग्रुप जैसे आईएएफआई (IAFI) और बीआईएफ (BIF) ने मोदी सरकार के इस फैसले की सराहना की (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) है। उनका मानना है कि इससे विशेषतः स्कूलों, अस्पतालों और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। आईएएफआई के अध्यक्ष भारत भाटिया ने इसे दूरदर्शी कदम हुए कहा कि “यह भारत को वैश्विक डिजिटल विकास की राह पर आगे ले जाएगा।” वहीं BIF के अध्यक्ष टीवी रामचंद्रन ने कहा कि “500 MHz का यह कदम सही दिशा में है लेकिन भविष्य में और ज्यादा बैंड को खोलने की जरूरत होगी ताकि पूरी क्षमता का लाभ उठाया जा सके।” देखना दिलचस्प होगा कि सरकार कितनी जल्दी इसपर करती है और लोगों को धीमे इंटरनेट से राहत प्रदान करती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi #ModiGovt #InternetSpeed #DigitalIndia #WiFiUpgrade #5GIndia #SuperfastInternet #BroadbandIndia #IndiaTech #TechNews #Modi2025

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Mumbai Indians Qualify for IPL Playoffs Beating DC

Mumbai Indians Qualify for IPL Playoffs Beating DC: दिल्ली कैपिटल्स को हराकर मुंबई इंडियंस ने बनाई प्लेऑफ में जगह

22 मई को इंडियन प्रीमियर लीग का (आईपीएल 2025) का 63वां मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेला (Mumbai Indians Qualify for IPL Playoffs Beating DC) गया। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने दिल्ली कैपिटल्स को 59 रनों से हरा दिया। सूर्यकुमार यादव मुंबई इंडियंस की इस जीत के हीरो रहे। इस हार के साथ ही दिल्ली के सफर पर यहीं पूर्णविराम लग गया। क्योंकि इस हार के बाद दिल्ली प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई। दरअसल, दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। अभी टीम का 23 रन ही बना था कि रोहित शर्मा 5 गेंदों में 5 रन बनाकर चलते बने। इसके बाद रिकेलटन 25 तो वहीं जैक्स 23 रन बनाकर आउट हो गए। तिलक वर्मा का भी बल्ला खामोश ही रहा। वो 27 रन बनाकर पवेलियन चले गए।  मुंबई इंडियंस की टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 180 रन (Mumbai Indians Qualify for IPL Playoffs Beating DC) बनाए  मुंबई इंडियंस की बल्लेबाजी देख एक समय तो ऐसा लग रहा था मानो यह 150 रन भी नहीं बना पाएगी। लेकिन सूर्यकुमार यादव की शानदार बल्लेबाजी के दम पर मुंबई इंडियंस की टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 180 रन बना (Mumbai Indians Qualify for IPL Playoffs Beating DC) लिया। सूर्या ने 43 गेंदों में धुंआधार 73 रनों की नाबाद पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 7 चौके और 4 छक्के जड़े। आखिरी के दो ओवर में मुंबई ने 48 रन बनाएं। दिल्ली की तरफ से मुकेश कुमार ने सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए।181 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की टीम शुरुआत अच्छी नहीं रही। बीमार अक्षर पटेल की जगह कप्तानी कर रहे फाफ डु प्लेसिस 7 गेंदों में 6 रन बनाकर चलते बने। ताश के पत्तों की तरह दिल्ली कैपिटल्स की टीम बिखर गई। इस तरह दिल्ली 18.2 ओवर में पूरी टीम महज 121 रन के स्कोर पर सिमट गई।  इसे भी पढ़ें:- चेन्नई सुपर किंग्स की दसवीं हार, राजस्थान रॉयल्स ने दी 6 विकेट से मात, वैभव सूर्यवंशी ने जीता दिल टूर्नामेंट में अपने पहले चार मैच जीतने के बाद भी सीजन में प्लेऑफ की रेस से हो (Mumbai Indians Qualify for IPL Playoffs Beating DC) गई बाहर  मुंबई के लिए सबसे सफल गेंदबाज मिचेल सैंटनर और जसप्रीत बुमराह रहे। दोनों ने 3-3 विकेट झटके। गौर करनेवाली बात यह कि पहली टीम बनी जो शुरूआती चार मैच जीतने के बाद भी प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई। इस हार के साथ ही दिल्ली के प्लेऑफ की उम्मीद खत्म हो गई। इस हार के साथ ही दिल्ली कैपिटल्स की टीम का आईपीएल 2025 से सफर खत्म हो गया। बता दें कि दिल्ली कैपिटल्स की टीम ऐसी पहली टीम बनी जो टूर्नामेंट में अपने पहले चार मैच जीतने के बाद भी सीजन में प्लेऑफ की रेस से बाहर हो (Mumbai Indians Qualify for IPL Playoffs Beating DC) गई। हार्दिक की कप्तानी वाली मुंबई ने प्लेऑफ में जगह बना ली। इस तरह मुंबई की टीम चौथी टीम बनी, जिसने आईपीएल 2025 के प्लेऑफ में एंट्री की। बता दें कि मुंबई के अलावा, आरसीबी, गुजरात और पंजाब की टीम प्लेऑफ में जगह बना चुकी थी। Latest News in Hindi Today Hindi news  Mumbai Indians Qualify for IPL Playoffs Beating DC #MumbaiIndians #IPL2025 #DelhiCapitals #MIvsDC #IPLPlayoffs #RohitSharma #CricketNews #IPLHighlights

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Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest: पानी की वजह से पाकिस्तान के सिंध में इस मंत्री का फूंका घर, हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों ने मचाया तांडव

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के हाल खस्ता है। दरअसल, पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पानी की तंगी को लेकर हालात इस कदर बेकाबू हो गए हैं कि लोग हिंसा पर उतर आये हैं। लोकल मीडिया के मुताबिक कई हफ्तों से चल रहा यह विवाद मंगलवार को उस समय हिंसक हो गया जब नौशहरो फिरोज जिले के मोरो शहर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस झड़प में एक प्रदर्शनकारी की जान चली गई। दरअसल, पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक विवादित नहर परियोजना को लेकर विरोध प्रदर्शन भड़का हुआ है। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने मोरो शहर में गृह मंत्री जियाउल हसन लंजर के घर को आग के हवाले कर (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) दिया। डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा के दौरान सिंध के गृह मंत्री जिया लंजर के आवास को फूंक दिया है। इस दौरान हुई झड़पों  में एक डीएसपी सहित छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। पुलिसकर्मी ही नहीं आम नागरिकों के भी घायल होने की खबर है। जानकारी के अनुसार सड़कों पर दर्जनों वाहनों को आग लगा दी गई है और पूरे इलाके में अफरा-तफरी और अराजकता का माहौल बना हुआ है। सिंध के लोग किसी भी हाल में नहर के विरोध में (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) थे खबर के मुताबिक सिंधु नदी पर नया नहर बनना प्रस्तावित था। सिंध के लोग किसी भी हाल में इस नहर के विरोध में (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) थे। इस बीच सिंध सभा द्वारा एक विरोश प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसे हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया। फिर क्या था इसके विरोध में हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों ने मोरो बाईपास रोड को जाम कर दिया। देखते ही देखते ही प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। और सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजर के घर में घुसकर तोड़फोड़ की। इसके साथ ही कई जगहों पर आग भी लगा दी। वहां मौजूद मोटरसाइकिलों को आग के हवाले किया गया। इस पूरे मामले पर पुलिस ने एक बयान जारी कर बताया कि “बेनजीराबाद के पुलिस उप महानिरीक्षक परवेज चंदियो और नौशहरो फिरोज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संघार मलिक घटनास्थल पर पहुंचे। हालात पर काबू पाने के लिए विभिन्न थानों से अतिरिक्त पुलिस बल को भी बुलाया गया।” इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल अजीज धामरा ने इसे आतंकी हरकत (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) दिया करार  पीपीपी सिंध के सूचना सचिव अजीज धामरा ने इस घटना की आलोचना करते हुए इसे एक आतंकी हरकत करार (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) दिया। इस पर उन्होंने कहा कि “जनता को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन किसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के घर पर हमला करना एक साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है।” यही नहीं, सिंध के गृह मंत्री ने नौशहरो फिरोज के एसएसपी से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि फरवरी 2025 में पाकिस्तान सरकार ने सिंधु नदी प्रणाली पर आधारित 6 नए नहरों के निर्माण की योजना की घोषणा की थी। इस योजना के अंतर्गत पंजाब, बलूचिस्तान और सिंध प्रांतों में नहरें बनाई जानी हैं। यह तो ठीक, लेकिन इस परियोजना के चलते विवाद भी हुए। आलोचकों का आरोप है कि पंजाब सरकार इस योजना के जरिए से सिंध के जल संसाधनों को पंजाब की ओर मोड़ना चाहती है। दरअसल, सरकार पंजाब की 1.9 मिलियन हेक्टेयर बंजर भूमि की सिंचाई करना चाहती है। यह तो ठीक लेकिन, सिंध के लोगों का मानना है कि “यह योजना उनके जल अधिकारों का हनन करती है। पहले से जल संकट का सामना कर रहे इलाके के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest #PakistanNews #SindhProtest #WaterCrisis #MinisterHouseBurned #PakistanPolitics #BreakingNews #PakistanRiots #ArmedProtest #SindhCrisis #WaterShortage

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ED report Sonia, Rahul Gandhi crime money

ED report Sonia, Rahul Gandhi crime money: नेशनल हेराल्ड केस में ईडी का बड़ा दावा, सोनिया-राहुल गांधी ने अपराध से कमाए इतने करोड़ रूपये

ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट को बताया कि “कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कथित तौर पर तक़रीबन 142 करोड़ रुपये की आपराधिक आय से लाभ (ED report Sonia, Rahul Gandhi crime money) उठाया है।” गौरतलब हो कि इस मामले में कोर्ट ने राहुल और सोनिया गांधी सहित सैम पित्रोदा और अन्य को नोटिस जारी किया है। ईडी के विशेष वकील जोहेब हुसैन ने तर्क दिया कि आपराधिक गतिविधि के माध्यम से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त की गई कोई भी संपत्ति अपराध की आय के रूप में योग्य है। इसमें न सिर्फ अनुसूचित अपराधों से संपत्तियां शामिल हैं, बल्कि उन संपत्तियों से जुड़ी आय भी शामिल है।  सोनिया, राहुल और कई अन्य लोगों पर 988 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का लगाया (ED report Sonia, Rahul Gandhi crime money) था आरोप  ईडी के स्पेशल वकील जोहेब हुसैन ने दावा किया कि आरोपियों द्वारा प्राप्त 142 करोड़ रुपये की किराये की आय को अपराध की आय के रूप में माना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि “सोनिया और राहुल गांधी, जिनके पास सामूहिक रूप से यंग इंडियन में 76% हिस्सेदारी है, ब्रीच ऑफ ट्रस्ट में शामिल थे। ईडी के अनुसार, यंग इंडियन ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) से सिर्फ 50 लाख रुपये में 90.25 करोड़ रुपये की संपत्ति हासिल की।” जानकारी के मुताबिक पिछले महीने दाखिल की गई अपनी चार्जशीट में ईडी ने सोनिया, राहुल और कई अन्य लोगों पर 988 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया (ED report Sonia, Rahul Gandhi crime money) था। जानकारी के मुताबिक यह चार्जशीट दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की सुसंगत धाराओं के तहत दाखिल की गई थी। चार्जशीट में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को आरोपी नंबर 1 और उनके बेटे राहुल गांधी को आरोपी नंबर 2 बनाया गया है। साल 1938 में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने नेशनल हेराल्ड की थी अखबार की स्थापना  अपनी चार्जशीट में केंद्रीय एजेंसी ने अपने आरोपों को पुख्ता करने के लिए आयकर विभाग के 2017 के मूल्यांकन आदेश का सहारा लिया है। इस चार्जशीट में में दावा किया गया है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रमुख सदस्यों ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) और यंग इंडियन के प्रमुख अधिकारियों के साथ मिलकर एजेएल की संपत्तियों पर नियंत्रण पाने हेतु आपराधिक साजिश रची। इसकी अनुमानित कीमत करीब 2,000 करोड़ (ED report Sonia, Rahul Gandhi crime money) रुपये है। ध्यान देने वाली बात यह कि एजेएल एक गैर-सूचीबद्ध सार्वजनिक कंपनी है, जो ऐतिहासिक रूप से नेशनल हेराल्ड अखबार के प्रकाशन से जुड़ी हुई है। बात करें नेशनल हेराल्ड अखबार की तो, साल 1938 में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना की थी। यह अखबार स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कांग्रेस पार्टी का मुखपत्र हुआ करता था। इसे एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड यानी कि एजेएल प्रकाशित करती थी। जिसकी स्थापना 1937 में हुई थी। एजेएल के पास दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और अन्य शहरों में कई महंगी प्रॉपर्टी थीं। ये सभी प्रॉपर्टी उन्हें सरकारी रियायतों पर मिली थीं।  इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी जासूस ज्योति के समर्थन में उतरी पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर हीरा बतूल, जानें क्या है रिश्ता  इसका मकसद सिर्फ 2000 करोड़ रुपये (ED report Sonia, Rahul Gandhi crime money) की प्रॉपर्टी पर करना था कब्जा  इस बीच लगातार हो रहे घाटे की वजह से साल 2008 में नेशनल हेराल्ड अखबार बंद हो गया। गौर करनेवाली बात यह कि उस समय एजेएल पर कांग्रेस पार्टी का 90 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज था। खैर, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और वकील सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली की एक कोर्ट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज की। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि “गांधी परिवार ने यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईपीएल) नाम की कंपनी के जरिए एजेएल की संपत्तियों को धोखे से हासिल किया था। सुब्रमण्यम स्वामी के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया अवैध थी। और इसका मकसद सिर्फ 2000 करोड़ रुपये (ED report Sonia, Rahul Gandhi crime money) की प्रॉपर्टी पर कब्जा करना था। Latest News in Hindi Today Hindi news ED report Sonia, Rahul Gandhi crime money #EDReport #SoniaGandhi #RahulGandhi #NationalHeraldCase #CrimeMoney #IndianPolitics #CongressScam #MoneyLaundering #PoliticalNews #BreakingNews

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Israel bombings Gaza

Israel Gaza Conflict: इजरायल ने गाजा को किया तबाह, दिन-रात हो रही बमबारी, पलायन या मौत दो ही विकल्प

बीते कई दिनों से गाजा में हर दिन हमला तीव्र होता जा (Israel Gaza Conflict) रहा है। गाजा में आये दिन औसतन 200 से अधिक लोगों की मौत हो रही है। हालांकि इजराइल-हमास में जारी संघर्ष के बीच नेतन्याहू ने गाजा पर नियंत्रण का ऐलान कर दिया है। लेकिन, एक तरफ जहाँ इजराइल ने गाजा पर नियंत्रण की घोषणा की है तो वहीं दूसरी तरफ हमास आम नागरिकों को ढाल बना रहा है। इजराइली सेना और हमास के बीच जारी संघर्ष अब इस स्थिति में पहुँच गया जहाँ सिर्फ मौत ही मौत है। इजरायल आये दिन गाजा पर बमबारी कर रहा है। इस बमबारी के बीच हमास आम लोगों को शील्ड बनाकर इजराइली हमले रोकना चाहता है। इसके चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ गया है। बढ़ते दबाव के चलते डोनाल्ड ट्रंप ने दोहरी नीति अपना ली है। उनकी इस नीति की वजह से यूरोपीय देशों के बीच मतभेद होने लगे हैं। होने वाले अगले एक्शन को लेकर सभी ने चिंता जाहिर की है। खैर, इजरायल द्वारा किये जा रहे हमलों की वजह से गाजा में खाद्य संकट का खतरा गहरा गया है। हालाँकि बढ़ते संकट के बीच इजराइल कुछ सहायता पहुंचाने की बात कर रहा है। ऐसे में लोग अपनी जान बचाकर पलायन कर रहे हैं।  फिलिस्तीनियों के पलायन तक जिंदा रहने की आखिरी उम्मीद वाला एक ही शहर (Israel Gaza Conflict) है राफा  बता दें कि गाजा का अंतिम दक्षिणी सिरा राफा है, जो फिलिस्तीनियों के पलायन तक जिंदा रहने की आखिरी उम्मीद वाला शहर (Israel Gaza Conflict) है, लेकिन ये शहर अब जमींदोज होने के कगार पर है। गाजा पर ये कार्रवाई इजराइली सेना ऑपरेशन गिडियंस चैरियट के तहत कर रही है और हैरानी की बात ये है कि, न तो इजराइल के इस ऑपरेशन पर ट्रंप कुछ बोल रहे हैं, न ही उन्हें इस संहार कार्यक्रम से कोई फर्क पड़ रहा है। ऐसे में बहुत मुमकिन है कि ऑपरेशन गिडियंस चैरियट को ट्रंप का मूक समर्थन है। इसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि गाजा में जारी संहार ट्रंप के प्लान के तहत ही हो रहा है। और तो और कहना यह भी गलत नहीं होगा कि गाजा के विनाश की योजना भी पेंटागन में ही तैयार की गई थी? खैर, बीच वैश्विक समुदाय की नज़र गाजा की तरफ घूम चुकी है। जिसके चलते ट्रंप खुद को इस कार्रवाई से अलग करने ढोंग करने लगे हैं।  अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद हम गाजा पर नियंत्रण (Israel Gaza Conflict) रखेंगे- पीएम बेंजामिन नेतन्याहू इस बीच इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि “अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद हम गाजा पर नियंत्रण (Israel Gaza Conflict) रखेंगे। इस स्थिति में गाजा पर खाद्यान्न का संकट मंडरा सकता है। इसलिए हम सहायता आपूर्ति पर लगी रोक हटा रहे हैं।” हालाँकि इस बयान के अनुरूप इजराइली कार्रवाई भी दिख रही है। ये रोकी गई सहायता है, जिसे शुरू किया जाना है, तो दूसरी तरफ इजराइली सेना ने गाजा पर विध्वंसक हमले भी जारी रखे हैं। बता दें कि राफा,खान यूनिस, बेत लाहिया और नुसीरत शिविर में इतने भयावह हमले हुए हैं कि इसे रोकने के लिए फिलिस्तीन हाथ जोड़ गुजारिश कर रहा है। राफा शहर जमींदोज होने के कगार पर है। हालांकि इस कार्रवाई के बीच इजराइल ने गाजा से बाहर निकलने की ढील भी दी है जिसमें चुनिंदा फिलिस्तीनी ही बाहर जा सकते हैं और ये सख्ती इसलिए बरती गई है, ताकि हमास के लड़ाके गाजा से बाहर न निकल सकें। कारण यही जो, इस सख्ती ने यूरोप के कई देशों को भी इजराइल के खिलाफ खड़ा कर दिया है।  इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल गाजा तक पहुंचने वाली सहायता पर प्रतिबंध नहीं हटाता है तो इजराइल के खिलाफ हमें कोई करनी (Israel Gaza Conflict) पड़ेगी ठोस कार्रवाई  इस पूरे बवाल पर फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा ने संयुक्त बयान जारी करके कहा है कि “अगर इजराइल गाजा पर नए हमले नहीं रोकता है, गाजा तक पहुंचने वाली सहायता पर प्रतिबंध नहीं हटाता है तो इजराइल के खिलाफ हमें कोई ठोस कार्रवाई करनी (Israel Gaza Conflict) पड़ेगी।” यह तो ठीक, लेकिन नेतन्याहू ने गाजा पर नियंत्रण के लिए कदम आगे बढ़ा दिया है। बेशक नेतन्याहू को रोक पाना सबके बस की बात नहीं है। हालांकि ट्रंप टाल सकते हैं, लेकिन ट्रंप ने कुछ और ही सोच रखा है। कुछ भी ही इजरायल गाजा को वीरान कर के ही मानेगा। और बड़ी बात यह कि ट्रंप खुद भी यही चाहते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news #IsraelGazaConflict #GazaUnderAttack #IsraelAirstrikes #MiddleEastCrisis #PalestineConflict #GazaWar #BreakingNews #HumanitarianCrisis #GazaNews #PrayForGaza

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Did Rajiv Gandhi know about his assassination

Did Rajiv Gandhi Sense His Own Death?: क्या सच में हो गया था पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी को अपनी मौत का आभास?

आज ही के दिन 34 वर्ष पूर्व लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम के आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की मौत हो गई (Did Rajiv Gandhi Sense His Own Death?) थी। हैरत की बात यह कि इस घटना से कुछ घंटे पहले ही नीना गोपाल ने राजीव गांधी का इंटरव्यू लिया था। इस दौरान उन्होंने राजीव से पूछा कि “क्या उन्हें लगता है कि उनकी जिंदगी खतरे में है?” इस सवाल के जवाब पर राजीव गांधी ने उल्टा पूछा कि “क्या आपने कभी गौर किया है कि दक्षिण एशिया में जब भी कोई महत्वपूर्ण नेता सत्ता पर काबिज होता है या अपने देश के लिए कुछ हासिल करने के करीब होता है, तब उसे कैसे नीचे गिराया जाता है, उस पर हमला किया जाता है, उसे मार दिया जाता है, श्रीमती इंदिरा गांधी को देखिए, शेख मुजीब, जुल्फिकार अली भुट्टो, भंडारनायके को देखिए।” नीना के मुताबिक इस इंटरव्यू के कुछ देर बाद राजीव गाँधी की हत्या कर दी गई थी।  रजीव गाँधी को भी अपनी हत्या का हो गया (Did Rajiv Gandhi Sense His Own Death?) था आभास? ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या जिस तरह इंदिरा गांधी ने अपनी हत्या की आशंका जता दी थी ठीक उसी तरह क्या रजीव गाँधी को भी अपनी हत्या का आभास हो गया (Did Rajiv Gandhi Sense His Own Death?) था? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लिट्‌टे के इंटरसेप्ट किए गए कई मैसजों में राजीव गांधी को खत्म करने की बात कही गई थी। ये खुफिया इनपुट अप्रैल 1990 से मई 1991 के बीच इंटरसेप्ट किए गए थे। बता दें कि नीना गोपाल ने कर्नल हरिहरन के हवाले से अपनी किताब में लिखा है कि जब उनकी टीम ने राजीव गांधी की हत्या की साजिश रचने का संकेत देने वाला लिट्‌टे का एक कैसेट उन्हें सुनाया, तो वे सन्न रह गए थे। यहाँ ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि अनहोनी होने की आशंका के बावजूद पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर भयावह लापरवाही बरती गई।  लिट्टे के खिलाफ सशस्त्र बलों को भेजना राजीव गाँधी को पड़ा (Did Rajiv Gandhi Sense His Own Death?) भारी दरअसल, श्रीलंका में फैले उग्रवादी विद्रोह को समाप्त करने हेतु राजीव गाँधी ने भारतीय सशस्त्र बलों को भेजा था। उनका यही कदम उनके जान की आफत (Did Rajiv Gandhi Sense His Own Death?) बना। जानकारी के मुताबिक यह कदम उठाने की सलाह कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग, सैन्य कमांडरों और खुफिया एजेंसियों ने दी थी। खैर, इस दौरान कई भारतीय सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इन सब के बावजूद लिट्टे पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद भारतीय सैनिकों को वापस बुला लिया गया। भले ही सैनिकों को वापस बुला लिया लेकिन तब तक राजीव गांधी लिट्टे का सबसे बड़ा दुश्मन बन चुके थे।  नहीं थे, सुरक्षा के पुख्ता (Did Rajiv Gandhi Sense His Own Death?) इंतजाम  गौरतलब हो कि साल 1991 में केंद्र में चंद्रशेखर सरकार के पतन के बाद मध्यावधि चुनावों की घोषणा कर दी गई (Did Rajiv Gandhi Sense His Own Death?) थी। चुनाव प्रचार जोरों पर थे। उन दिनों राजीव गांधी तमिलनाडु के चुनावी दौर पर थे। इस बीच 21 मई की रात चेन्नई से तकरीबन 40 किमी दूर श्रीपेरंबुदुर पहुंचे। हैरत की बात यह कि सुरक्षा के इन्तेजामत उस  तरह के नहीं थे जिस तरह के होने चाहिए थे। खैर, उन्हें पहुँचते-पहुँचते 10 बज गए थे। रात काफी हो चुकी थी, सो वो तेजी से कदम बढ़ाते हुए रेड कार्पेट से होते हुए स्टेज की तरफ बढ़ रहे थे। इस दौरान वो सभी से फूलमालाएं स्वीकार करते जा रहे थे। तभी उनकी नजर एक छोटी-सी लड़की कोकिला पर गई, जो कविता सुना रही थी। उसे देख वो रुक गए तभी आत्मघाती दस्ते में शामिल धनु हाथ में चंदन की माला लेकर आगे बढ़ी।  इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी जासूस ज्योति के समर्थन में उतरी पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर हीरा बतूल, जानें क्या है रिश्ता  धमाके के बाद उनकी पहचान उनके जूते से हो हुई (Did Rajiv Gandhi Sense His Own Death?) थी खैर, इस बीच उन्होंने कांस्टेबल अनुसूया को भीड़ को नियंत्रित करने का इशारा किया, लेकिन तब तक धनु राजीव के चरण स्पर्श करने का बहाना करते हुए झुकी और तभी उसने अपने शरीर से लिपटे आरडीएक्स विस्फोट से लदे डिवाइस के बटन को दबा दिया। धमाका इतना तीव्र था कि राजीव गाँधी के चिथड़े उड़  (Did Rajiv Gandhi Sense His Own Death?) गए। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि उनकी पहचान उनके जूते से हो हुई थी। कहते हैं बम विस्फोट में 46 साल के राजीव का शव इस कदर क्षत-विक्षत हो गया था कि डॉक्टरों ने बमुश्किल उसे रुई और पट्टियों की मदद से आकार दिया था।  Latest News in Hindi Today Hindi news Did Rajiv Gandhi Sense His Own Death? #RajivGandhi #DeathMystery #IndianPolitics #RajivAssassination #LTTE #IndiaHistory #PoliticalTruth #GandhiFamily #RajivLegacy #HistoricalFacts

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RR vs CSK full match report

CSK’s 10th Loss, RR Wins by 6 Wickets: चेन्नई सुपर किंग्स की दसवीं हार, राजस्थान रॉयल्स ने दी 6 विकेट से मात, वैभव सूर्यवंशी ने जीता दिल

आईपीएल सीजन 2025 (IPL2025) का 62वां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया। 20 मई को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मैच में राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 6 विकेट से हरा (CSK’s 10th Loss, RR Wins by 6 Wickets) दिया। इस सीजन में राजस्थान की यह चौथी जीत है तो वहीं चेन्नई सुपर किंग्स की दसवीं हार। राजस्थान का ये आखिरी लीग स्टेज का मैच था। इस हार जीत से दोनों ही टीमों को विशेष फर्क नहीं पड़ता क्योंकि दोनों ही टीमें प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकीं हैं और पॉइंट्स टेबल पर नीचे से टॉप पर हैं। वैभव सूर्यवंशी राजस्थान की जीत के हीरो रहे। दरअसल, इस मुकाबले में टॉस जीतकर राजस्थान रॉयल्स ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। उनका यह फैसला सही साबित हुआ।  188 रनों का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत बड़ी शानदार (CSK’s 10th Loss, RR Wins by 6 Wickets) रही टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। महज 12 रनों पर ही उसके दो विकेट गिर गए। इसके बाद बल्लेबाजी करने ए आयुष म्हात्रे ने तूफानी पारी खेलते हुए टीम को संभाला। उन्होंने 20 गेंदों पर 43 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 1 छक्का भी शामिल था। इसके अलावा शिवम् दुबे ने भी अपने बल्ले का जौहर दिखाते हुए 39 रन बनाए। जिसके चलते सीएसके की टीम 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 187 रन बनाने में कामयाब रही। 188 रनों का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत बड़ी शानदार रही। यशस्वी जायसवाल ने 19 गेंदों पर 5 चौके और 2 छक्के की मदद से 36 रन बनाए तो वहीं, वैभव सूर्यवंशी ने 33 गेंदों पर 57 रन बनाकर मैच को का रुख ही बदल (CSK’s 10th Loss, RR Wins by 6 Wickets) दिया। इस पारी में उन्होंने 4 चौके और 4 छक्के जड़े। वैभव के अलावा कप्तान संजू सैमसन ने 41 तो ध्रुव जुरेल ने 12 गेंदों पर नाबाद 31 रन बनाए। इस तरह राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपरकिंग्स को 6 विकेट से हरा दिया।  इसे भी पढ़ें:-  सनराइजर्स हैदराबाद की जीत ने किया लखनऊ सुपरजायंट्स को प्लेऑफ की रेस से बाहर, भिड़े खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने छुए धोनी के पैर (CSK’s 10th Loss, RR Wins by 6 Wickets) ध्यान देने वाली बात यह कि इस वर्ष रवींद्र जडेजा ने 13 मुकाबले में सिर्फ 280 रन ही बनाए हैं। रही बात उनके औसत की तो उन्होंने 31.11 के औसत से रन बनाएं हैं। कहने की जरूरत नहीं दोनों टीमों के लिए आईपीएल का 18वां सीजन काफी खराब रहा (CSK’s 10th Loss, RR Wins by 6 Wickets) है। खैर, राजस्थान के इस आखिरी लीग मैच में एक जबरदस्त नजारा देखने मिला। हुआ यह कि मैच खत्म होने के बाद जब सभी खिलाड़ी एक-दूसरे से हाथ मिला रहे थे। तब सीएसके के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और वैभव आमने-सामने आ गए। वैभव ने हाथ मिलाने की जगह धोनी के पैर छुए। इसके बाद धोनी ने वैभव को बड़े प्यार से देखा और वैभव ने भी अपनी मासूम मुस्कान दी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस वीडियो को देखकर वैभव की जमकर तारीफ कर रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news CSK’s 10th Loss, RR Wins by 6 Wickets #IPL2025 #CSKvsRR #VaibhavSuryavanshi #ChennaiSuperKings #RajasthanRoyals #IPLHighlights #CSK10thLoss #RRVictory #T20Cricket #CricketNews

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Mother & Minor Lover Involved in Shocking Child Abuse Case

Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case: पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला

सरकार लाख चाहे बेटी बचाओ की मुहीम क्यों न चला ले, समाज में बैठे दरिंदे मंसूबों पर पानी फेरने के लिए तैयार बैठे हैं। देश के हर कोने में हर दिन कोई न कोई मासूम किसी न किसी की हवस का शिकार बनती रहती है। ताजा मामला है देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई की है, जहाँ एक कलयुगी डायन ने अपनी ढाई साल की नन्हीं मसूम का गला घोंट (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) दिया। आगे की बात जानकर हो सकता है आपका कलेजा कांप उठे। नन्हीं सी जान को मारने से पहले उसने अपने 19 साल के प्रेमी से दुष्कर्म भी करवाया। सोचनीय बात यह कि दुष्कर्म वो भी अपनी ही ढाई साल की बच्ची का। आपने जो पढ़ा, वो सच है। दिल दहला देने वाली यह घटना मलाड के मालवणी स्थित एक झोपड़पट्टी में हुई है। फ़िलहाल पुलिस ने हत्यारन महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। 30 वर्षीय हत्यारन माँ की शादी दो साल पहले टूट गई (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) थी जाँच में मुंबई पुलिस को पता चला कि 30 वर्षीय हत्यारन माँ की शादी दो साल पहले टूट गई थी। इस दौरान वो पेट से थी। बच्चे को जन्म देने के बाद से वह अपनी मां के घर पर रहा करती थी। इस दरम्यान उसकी पहचान पड़ोस में रह रहे 19 साल के लड़के से होती है। पहली बार में ही दोनों एक दूसरे के करीब आ जाते हैं और दोनों के बीच संबंध स्थापित हो जाते (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) हैं। पुलिस के मुताबिक, “महिला और 19 साल का उसका प्रेमी दोनों रिलेशनशिप में थे।” दोनों के रिश्तों की भनक किसी को नहीं थी। इस बीच एक दिन हत्यारन की माँ यानी बच्ची की नानी घर पर नहीं थी। मौका देख 19 साल प्रेमी घर आया और बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की जिद करने लगा। पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि आरोपी ने इससे पहले भी यह जिद की थी। पहले तो वह अपनी बेटी का उत्पीड़न कराने के लिए तैयार नहीं हुई, लेकिन बार-बार जिद करने के बाद वह तैयार हो गई। अपनी आँखों के सामने अपनी ही फूल सी बच्ची का (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) करवाया दुष्कर्म चूँकि घर पर कोई था नहीं, सो उसने अपनी आँखों के सामने ही अपनी फूल सी बच्ची का दुष्कर्म (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) करवाया। इस बीच वह मासूम दर्द के मारे चीखती रही, लेकिन उस हैवान को जरा भी तरस नहीं आया। उसकी चीख ऐसी की कान के पर्दे फट जाएँ। अपनी हवस मिटाने के बाद फिर दोनों ने मिलकर उसका गला घोंट दिया। पुलिस के मुताबिक हत्यारन महिला ने कबूल किया कि वो अपनी बेटी को किसी भी हाल में अपने साथ नहीं रखना चाहती थी। उसकी बूढ़ी माँ ही उसका ध्यान रखती थी, जो बतौर सहायिक के रूप में काम करती है और 3000 महीना कमाती है। खैर, मामला सामने आता भी नही, वो तो गला घोंटने के बाद दोनों रविवार देर रात मालवणी के एक अस्पताल में लेकर गए। आरोपियों ने मौजूद डॉक्टरों से कहा कि “बच्ची को मिर्गी का दौरा पड़ा है। जिसके कारण वह बेहोश हो गई है।” इसे भी पढ़ें:- लालू की पार्टी आरजेडी के नेता शंभू गुप्ता 2 करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार आरोपियों ने अपराध को छिपाने की (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) की कोशिश इस बीच डॉक्टर ने चेक करना शुरू किया। जांच करने पर पता चला कि बच्ची की मौत दम घुटने से हुई है, न कि मिर्गी की वजह से आई बेहोशी है। फ़िलहाल, ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने जांच के दौरान बच्ची को मृत घोषित कर दिया। तभी डॉक्टर की नजर बच्ची के प्राइवेट पार्ट्स पर ताजे चोट के निशान पड़ी, जो कि यौन उत्पीड़न की तरफ इशारा कर रहे थे। शक होने पर डॉक्टरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने पहुंचकर दोनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि दोनों ने आरोपियों ने अपराध को छिपाने की कोशिश (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) की। उन्होंने दावा किया कि बच्ची को मिर्गी का दौरा पड़ा था लेकिन, डॉक्टर ने देखा कि बच्ची की मौत दम घुटने से हुई है।” पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं जिनमें, 70,64,65 (2), 66,103,238,3 (5) शामिल है के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम की धारा 6,10.21 के तहत मामला दर्ज किया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case #ChildAbuse #ChildSafety #StopChildAbuse #JusticeForChildren #ProtectKids #CrimeNews #ChildProtection #BreakingNews #ChildRights #LawAndOrder

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One Nation One Election

One Nation One Election: इतना भी आसान नहीं है वन नेशन-वन इलेक्शन करवाना, कुल इतने हजार करोड़ होंगे खर्च

देश में हर साल कहीं न कहीं, कोई न कोई चुनाव होता ही रहता है। कभी इस राज्य में चुनाव तो कभी उस राज्य में। इस बीच बीते वर्षों में वन नेशन वन इलेक्शन (One Nation One Election) की चर्चा जोरों पर है। कुछ राजनीतिक पार्टियां हैं जो इसके पक्ष में हैं, तो कुछ विपक्ष में। खैर, ऐसे में बड़ा सवाल कि क्या देश में वन नेशन वन इलेक्शन यानी एक साथ लोकसभा और विधानसभ चुनाव संपन्न करा पाना आसान है? और उससे भी बड़ा सवाल यह कि इसे कराने में आखिर खर्च कितना आएगा? कहने की जरूरत नहीं इसे कराने में कई हजार करोड़ खर्च होंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यदि साल 2029 में सरकार वन नेशन वन इलेक्शन कराती है तो चुनाव आयोग को काम से काम 1 करोड़ ईवीएम मशीन, 34 लाख वीवीपैट मशीन, 48 लाख बैलेटिंग यूनिट और 35 लाख कंट्रोल यूनिट की जरूरत होगी। इसे खरीदने में कुल 5,300 करोड़ रुपये से भी अधिक खर्च होगा।  ज्वाइंट पार्लियामेंटरी कमेटी वन नेशन-वन इलेक्शन (One Nation One Election) के मुद्दे पर कर रही है विचार  दरअसल, इकोनॉमिक्स टाइम्स की मानें तो इस पर चुनाव आयोग ने एक असिसमेंट किया है, जिसमें एक साथ चुनाव कराने में 5,300 करोड़ रुपये से ज्यादा आने आने का अनुमान लगाया गया है। फिलहाल अभी वन नेशन वन इलेक्शन (One Nation One Election) बिल ज्वाइंट पार्लियामेंटरी कमेटी के पास है, जिस पर सुझाव लिए जा रहे हैं। इस बीच चुनाव आयोग संसदीय समिति के सवालों का जवाब तैयार कर रहा है। यह समिति वन नेशन-वन इलेक्शन (एक देश, एक चुनाव) के मुद्दे पर विचार कर रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक समिति ने चुनाव आयोग से पूछा है कि “एक साथ चुनाव कराने में कितना खर्च आएगा और क्या इससे खर्च कम हो सकता है? जाहिर सी बात है, चुनाव आयोग का जवाब ईवीएम और वीवीपैट मशीनों पर ही आधारित होगा।  एक साथ चुनाव कराने हेतु चुनाव (One Nation One Election) आयोग को लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कई चुनौतियों का भी करना पड़ेगा सामना  वर्तमान में चुनाव आयोग के पास 30 लाख से अधिक बीयू, 22 लाख सीएयू (बीयू और सीयू मिलकर ईवीएम बनाते हैं) और लगभग 24 लाख वीवीपैट हैं। यह तो ठीक, लेकिन ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि साल इनमें कई मशीने 15 साल पुरानी हैं। कई मशीनें 2013-14 में खरीदी गई थीं। जाहिर सी बात है ऐसे में साल 2029 में होने वाले इलेक्शन के लिए तकरीबन 20 लाख बीयू, 13.6 लाख सीयू और 10 लाख से ज्यादा वीवीपैट की कमी हो सकती है। यही नहीं, एक साथ चुनाव कराने हेतु चुनाव (One Nation One Election) आयोग को लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा। वजह यह कि चुनाव आयोग को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को रखने के लिए अधिक से अधिक गोदामों की ज़रूरत होगी। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम जैसे राज्यों के पास अपने खुद के गोदाम ही नहीं हैं। इसे भी पढ़ें:- लालू की पार्टी आरजेडी के नेता शंभू गुप्ता 2 करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार वन नेशन-वन इलेक्शन (One Nation One Election) के लिए बड़ी तादात में कर्मचारियों को तैयार करना और उन्हें ट्रेनिंग देना नहीं है आसान  इसके अलावा एक साथ चुनाव कराने (One Nation One Election) के लिए बड़ी तादात में कर्मचारियों को तैयार करना और उन्हें ट्रेनिंग देना आसान नहीं है। यही नहीं, इसके अलावा मशीनों की जांच के लिए मैन्युफैक्चरर के इंजीनियरों को बुलाना होगा। गौरतलब हो कि यह काम लोकसभा चुनाव से छह महीने पहले और विधानसभा चुनाव से चार महीने पहले शुरू हो जाता है। 12 लाख से ज़्यादा पोलिंग स्टेशनों और गोदामों की सुरक्षा के लिए भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की ज़रूरत होगी। ऐसा इसलिए कि साल 2024 के लोकसभा इलेक्शन में 10.53 लाख पोलिंग स्टेशन थे। चुनाव आयोग का अनुमान है कि साल 2029 में पोलिंग स्टेशन्स की संख्या में  15% इजाफा हो सकता है। 15% इजाफा होने का अर्थ है वन नेशन वन इलेक्शन के लिए 12.1 लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन्स की आवश्यकता होगी। बता दें कि हर पोलिंग स्टेशन पर दो सेट ईवीएम की ज़रूरत होती है। पोलिंग स्टेशन्स की संख्या बढ़ने का अर्थ है ईवीएम के साथ सब की संख्या बढ़ जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news One Nation One Election #OneNationOneElection #ElectionReformIndia #SimultaneousPolls #ModiGovernment #IndianPolitics #LokSabha2024 #ElectionCost #OnePollIndia #LawCommission #DemocracyIndia

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Shambhu Gupta opium case

RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium: लालू की पार्टी आरजेडी के नेता शंभू गुप्ता 2 करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार

कहने के लिए तो बिहार में पूर्णतया शराब बंदी है, लेकिन सूबे में नशे का कारोबार है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। आये दिन पुलिस कार्रवाई करती रहती है। ऐसी ही एक कार्रवाई के तहत पुलिस ने मोतिहारी जिले में नशे की एक बड़ी खेप पकड़ी है। जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई कोटवा थाना क्षेत्र में बिहार एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई है। इस कार्रवाई में तेजस्वी यादव के सबसे करीबी माने जाने वाले आरजेडी नेता को पुलिस ने अफीम के साथ (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) पकड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोतीहारी जिले में पुलिस ने राष्ट्रीय जनता दल के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष शंभू गुप्ता को तकरीबन दो करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। इसके साथ उनके दो अन्य सहयोगियों को भी हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार किये गए आरोपियों की पहचा बांका निवासी नरेश साह और यूपी के सहारनपुर निवासी सोमपाल कुमार के रूप में हुई है। दोनों का आपराधिक इतिहास रहा है।  शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) नेपाल से भारी मात्रा में अफीम लाकर बिहार और उत्तर प्रदेश में इसकी करता था सप्लाई  खबर के मुताबिक पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) एक ऐसे अफीम तस्करी रैकेट का सरगना है जो नेपाल से भारी मात्रा में अफीम लाकर बिहार और उत्तर प्रदेश में इसकी सप्लाई करता था। फिर क्या था, इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने अपना जाल बिछाया और शंभू गुप्ता को 4.074 किलोग्राम अफीम के साथ धर दबोचा। अफीम के साथ-साथ उसके पास से 55,000 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस की माने तो “शंभू गुप्ता के खिलाफ पहले से ही मोतीहारी के छतौनी थाना और झारखंड के जमशेदपुर में हत्या, अपहरण और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों में तीन मुकदमे दर्ज हैं।” खैर, वर्तमान में पुलिस इस तस्करी रैकेट की गहराई तक जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन शामिल है और अफीम की यह खेप किन-किन स्थानों पर पहुंचाई जानी थी। इसके अलावा पुलिस जब्त किये मोबाइल की कॉल हिस्ट्री खंगाल रही है, ताकि अन्य तस्करों की पहचान की जा सके।  शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) व उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए की गई थी विशेष टीम गठित इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब गहनता से जाँच में जुटी हुई है कि आखिर तकरीबन 2 करोड़ की अफीम उसने कहाँ से ली और आगे चलकर वो किन किन को इसे डिलीवर करना चाहता था। इसके साथ ही पुलिस इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश में जुटी है। इस पूरे मामले पर सदर एसडीपीओ जितेश पांडे ने बताया कि “शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) व उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की गई थी।” उन्होंने विस्तारपूर्वक बताया कि “हम इस रैकेट के पूरे नेटवर्क को उजागर करने में जुटे हैं। शंभू गुप्ता की आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उनकी गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है।” गौरतलब हो कि यह गिरफ्तारी बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। बिहार पुलिस ने ट्वीट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी और इसे मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया। बता दें कि शंभू गुप्ता पर पहले से हत्या और अपहरण के मामले दर्ज हैं।  इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) आरजेडी मधुबन संगठन जिला के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष भी है इस पूरे मामले पर जितेश पांडेय ने बताया कि “एसपी के निर्देश पर शराब एवं ड्रग्स माफिया के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में इन लोगों को पकड़ा गया है।” बता दें कि तस्कर शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) आरजेडी मधुबन संगठन जिला के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष है। इसके अलावा वह दुलमा पंचायत से मुखिया भी रह चुका है। इसके अलावा वो मधुबन विधानसभा से प्रत्याशी के रूप में अपना प्रचार-प्रसार करने का भी काम किया है। इसके साथ ही वह आरजेडी के कई कार्यक्रम में हिस्सा लेता रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium #RJDLeaderArrested #ShambhuGupta #OpiumSmuggling #₹2CroreDrugs #BiharNews #DrugBust #LaluYadav #RJDScandal #PoliticalCrime #NarcoticsIndia

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