Pakistan Army urges citizens to stock 2-month

Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration: पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में डर का माहौल है। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सेना को किसी भी तरह हमले का जवाब देने के लिए खुली छूट दे दी है। कारण यही जो डरी सहमी पाक आर्मी ने (Pakistan Army) एलओसी (LOC) के आस-पास रहने वाले लोगों को खाने-पीने का सामान एडवांस में जमा करने (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) का आदेश दे दिया है। दरअसल, पीओके (POK) के प्रधानमंत्री चौधरी अनवर उल हक ने शुक्रवार को स्थानीय विधानसभा में कहा कि “नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित 13 निर्वाचन क्षेत्रों में दो महीने के लिए खाद्य आपूर्ति का भंडारण करने के निर्देश जारी किए गए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ” हमले के मद्देनजर क्षेत्रीय सरकार ने 13 निर्वाचन क्षेत्रों में खाद्य, दवाइयां और अन्य सभी बुनियादी आवश्यकताओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक अरब परुपये ($3.5 मिलियन) का आपातकालीन कोष भी बनाया है।”  पीओके में 1000 से अधिक मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए किये गए बंद (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) हालाँकि पीओके के प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि “नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों में सड़कों की मरम्मत के लिए सरकारी और निजी मशीनरी भी तैनात की जा रही है। इसके अलावा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में 1000 से अधिक मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए बंद कर दिए गए (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) हैं। पाक आर्मी (Pakistan Army) के स्थानीय अधिकारियों ने शुक्रवार को यह घोषणा की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की तरफ से हमले के डर की वजह से पीओके (POK) में स्थित मदरसों को बंद कर दिया गया। भारत यह दावा करता रहा है कि इन संस्थानों का इस्तेमाल आतंकवादियों के छिपने के ठिकाने के रूप में किया जा रहा है। इस बीच स्थानीय लोगों का मानना है कि “भारत पाकिस्तान के साथ पूर्ण पैमाने पर युद्ध तो नहीं करेगा, लेकिन नियंत्रण रेखा (LOC) के भीतर हमला जरूर करेगा।”  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने (Pakistan Army) हैं और दोनों के बीच युद्ध की स्थिति  हुई है बनी बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। पहले तो इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा’ से जुड़े आतंकी ग्रुप टीआरएफ ने ली थी, लेकिन भारत के रुख को देख टीआरएफ ने इससे पल्ला झाड़ लिया था। आलम यह है कि इस हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है। सेनाएं आमने-सामने (Pakistan Army) हैं। इस बीच ध्यान देने वाली बड़ी बात यह कि युद्ध के डर से पाकिस्तान की (Pakistan Army) ने अपने नागरिकों से 2 महीने का खाना, एडवांस में जमा करने के लिए कह दिया है। जानकारी के मुताबिक पीओके में पाकिस्तानी नेता, लोगों से कह रहे हैं कि “जंग कभी हो सकती है, इसलिए वो अपने घरों में दो महीने का खाना जमा करके (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) रख लें।” गौरतलब हो कि इस हमले एक बाद नई दिल्ली ने इस्लामबाद के खिलाफ कई सख्त कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने इत्यादि शामिल हैं। अब पाकिस्तान के लोगों के मन में डर माहौल है।  Latest News in HindiToday Hindi news Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration #PakistanArmy #PahalgamAttack #IndiaPakistanTension #PakistanNews #RationAlert #PakArmyFear #SecurityAlert #StockRation #BorderTensions #PanicInPakistan

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After Suhas Shetty's murde

Suhas Shetty Murder: सुहास शेट्टी की हत्या के बाद कर्नाटक में सियायत हुई तेज, बीजेपी ने सिद्दारमैया सरकार पर लगाया ये आरोप

कर्नाटक के मंगलूरू (Mangaluru) में गुरुवार की रात बजरंग दल (Bajarang Dal) के कार्यकर्ता सुहास शेट्टी (Suhas Shetty Murder) की बेहरमी से हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड की वजह से कर्नाटक की राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। पूरे शहर में तनाव का माहौल है। जानकारी के मुताबिक मंगलूरू पुलिस ने बढ़ते तनाव मद्देनजर पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है। सुरक्षा का आलम यह है कि पुलिस नेचप्पे-चप्पे पर चेकपोस्ट लगाए गए हैं। इस हत्याकांड के सिलसिले में बाजपे पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें तलाश में लगी हैं। इस पूरे मामले में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर. हितेंद्र ने कहा कि “हमने सुरक्षा व्यवस्था कर दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने आगे बताया कि “आरोपियों की पहचान हो चुकी है और हमारी टीमें उन्हें पकड़ने में जुटी हैं।” खैर, इस हत्याकांड के बाद भाजपा ने सुहास शेट्टी के परिजनों को 25 लाख रुपए देने की घोषणा की है। भाजपा नेता विजयेंद्र येदियुरप्पा ने कहा कि “कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से हिंदू समुदाय में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हम दृढ़ता से आग्रह करते हैं कि सुहास शेट्टी की क्रूर हत्या की जांच एनआईए को सौंपी जाए ताकि पूरी तरह से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।”  गुरुवार रात करीब 8:27 बजे मंगलूरू (Mangaluru) के बाजपे इलाके के किन्निकांबला में हुई यह (Suhas Shetty Murder) भयानक घटना  प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस मामले (Suhas Shetty Murder) में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच कर शुरू कर दी है। पुलिस इस हत्याकाँड को पुरानी दुश्मनी से जोड़कर देख रही है। फ़िलहाल पुलिस पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हत्या पुरानी दुश्मनी का नतीजा है या किसी हालिया घटना से जुड़ी हुई है। मसलन, कुछ दिन पहले कुदुपु में केरल के एक मजदूर की मॉब लिंचिंग हुई थी। गौरतलब हो कि सुहास शेट्टी एक हिस्ट्रीशीटर था। वह 2022 में हुए चर्चित फाजिल मर्डर केस का मुख्य आरोपी भी था। जानकारी के मुताबिक गुरुवार रात करीब 8:27 बजे मंगलूरू (Mangaluru) के बाजपे इलाके के किन्निकांबला में इस भयानक घटना को अंजाम दिया गया। सुहास एक गाड़ी (KA-12-MB-3731) में अपने 5 साथियों संजय, प्रज्वल, अन्वित, लतीश और शशांक के साथ घूम रहा था। तभी एक स्विफ्ट कार और पिकअप ट्रक में सवार 5-6 हमलावरों ने सुहास की गाड़ी को रोका। और इसके बाद उसे बाहर खींचकर उसपर तेज़ धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इसके बाद सभी आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए। इस बीच सुहास को गंभीर हालत में एजे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।  इसे भी पढ़ें:- ईंट की खराब क्वालिटी बनी हत्या की वजह, सीतामढ़ी में मजदूर की दर्दनाक मौत इस घटना के पीछे जिहादी मानसिकता (Suhas Shetty Murder) का हाथ- सांसद पीसी मोहन ध्यान देने वाली बात यह पूरा हमला सीसीटीवी में रिकॉर्ड (Suhas Shetty Murder) हो गया। इस हत्याकांड से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वायरल इस वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क पर गिरे सुहास पर हमलावर धारदार हथियारों से वार पर वार किये जा रहे हैं और वहां मौजूद लोग तमाशबीन बने देख रहे हैं। इस बीच बजरंग दल (Bajarang Dal) कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या के बाद कर्नाटक में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी शुरू हो गई। भाजपा ने इस घटना के पीछे जिहादी मानसिकता का हाथ बताया है। भाजपा सांसद पीसी मोहन ने कहा कि “यह हत्या जिहादी मानसिकता के लोगों द्वारा की है गई।” Latest News in Hindi Today Hindi News Mangaluru #SuhasShettyMurder #KarnatakaPolitics #Siddaramaiah #BJPVsCongress #KarnatakaNews #PoliticalClash #LawAndOrder #BreakingNews #IndiaPolitics #MurderCase

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Shirgaon Jatra incident

Shirgaon Jatra incident: गोवा के शिरगांव में आयोजित इस जात्रा के दौरान भगदड़ मचने से 7 लोगों की हुई मौत, 70 से अधिक घायल

गोवा से दिल को दहला देने वाली खबर है। खबर के मुताबिक गोवा के शिरगांव में आयोजित की गई श्री लैराई जात्रा (Shirgaon Jatra incident) के दौरान हुई भगदड़ में 7 लोगों की मौत और 70 से अधिक धायल होने की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक 2 मई यानी शुक्रवार रात लैराई मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई। घायलों को बिना देर किये तत्काल गोवा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। दरअसल भारी तादाद में श्रद्धालुओं का इस जात्रा में शामिल होना ही हादसे की वजह बना। भीड़ इतनी थी कि तिल रखने की जगह नहीं थी। एक तो पारंपरिक जात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और ऊपर से अचानक मची अफरा-तफरी की वजह से भगदड़ मच गई। कुछेक घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है जबकि अन्य लोग खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। भगदड़ किस वजह से मची अभी तक इसक पता नहीं चल पाया है। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच में जुटी है।  मुख्यमंत्री डॉ. सावंत ने जाना मरीजों का हाल (Shirgaon Jatra incident) इस बीच भगदड़ की सूचना मिलते ही गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत अस्पताल जा पहुंचे और अस्पताल पहुंचकर उन्होंने घायलों का जायजा (Shirgaon Jatra incident) लिया। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. सावंत ने इस दरम्यान नॉर्थ गोवा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल और बिचोलिम अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ घायलों से मुलाकात की बल्कि उनके इलाज की भी जानकारी ली। इसके अलावा अधिकारियों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी कड़े निर्देश दिए। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा कि “आज सुबह शिरगांव के लैराई जात्रा में हुई दुखद भगदड़ से मैं बहुत दुखी हूं। मैं घायलों से मिलने अस्पताल गया तथा प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहा हूं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “माननीय प्रधानमंत्री जी ने मुझसे बात की और स्थिति का विस्तृत जायजा लिया तथा इस कठिन समय में अपना पूर्ण सहयोग देने की पेशकश की।” इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक गोवा के शिरोडा गांव में लैराई माता (Shirgaon Jatra incident) को पूजा जाता है बता दें कि लैराई देवी एक पूजनीय हिंदू देवी हैं। गोवा के शिरोडा गांव में लैराई माता (Shirgaon Jatra incident) को पूजा जाता है। लैराई देवी के इस मंदिर स्थानीय लोगों के अलावा इर्द-गिर्द के श्रद्धालु भारी मात्रा में आते हैं। गौरतलब हो कि लैराई देवी जात्रा को शिरगांव जात्रा के नाम से भी जाना जाता है। ये जात्रा गोवा का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार है। यह हर साल बिचोलिम तालुका के शिरगांव गांव में मनाया जाता है। इस उत्सव की बड़ी विशेषता यह कि इसमें आग पर चलने की परंपरा है। इसमें धोंड कहे जाने वाले श्रद्धालु जलते हुए शोलो पर नंगे पांव चलते हैं, जो उनकी उनकी आस्था और आध्यात्मिक शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि मोगरा के फूलों की माला माता को बहुत पसंद है, इसलिए इस मंदिर में खास तौर पर मोगरा के फूलों से बनी माला को चढ़ाया जाता है। ध्यान देने वाली बात यह कि इस जात्रा के अवसर पर शिरगांव में विशेष तैयारियां की जाती हैं। इस मौके पर पूरे शिरगांव सजाया जाता है। कई भक्त इस जात्रा के दौरान उपवास करते हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news Shirgaon Jatra incident #ShirgaonJatra #GoaStampede #JatraTragedy #ShirgaonNews #GoaNews #FestivalStampede #IndiaNews #BreakingNews #ReligiousFair #JatraIncident

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H5N1

महामारी की आशंका: अमेरिका में H5N1 के नए मामले, दुनिया भर में चिंता

एच5एन1 (H5N1) यानी एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza) वो वायरल इन्फेक्शन है, जो पक्षियों, गायों और अन्य जानवरों में सबसे पहले फैलता है। मनुष्यों में इसके फैलने की संभावना भी होती है। इसके कारण रोगी हल्की से लेकर गंभीर सांस संबंधी समस्याओं का अनुभव कर सकते हैं। अमेरिका में हाल ही में डेयरी गायों और लोगों में एच5एन1 (H5N1) इंफेक्शन के कुछ मामले सामने आएं हैं। इन मामलों के कारण इस वायरस की महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही जंगली पक्षियों और अन्य पक्षियों में भी यह फैल रहा है। यानी, यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है। आइए जानें एच5एन1 का नया खतरा (H5N1 new threat) क्या है? इससे बचने के तरीकों के बारे में भी जानें। एच5एन1 का नया खतरा (H5N1 new threat): पाएं जानकारी एच5एन1 (H5N1) या एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza) एक गंभीर समस्या है जिसके हाल ही में अमेरिका में बहुत से मामले सामने आएं हैं। यह मामले अभी डेयरी गायों और मनुष्यों में सामने आएं हैं। इसके कारण चिंताएं बहुत अधिक बढ़ गयी हैं। ग्लोबल वायरस नेटवर्क (GVN) जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य वायरस से होने वाली बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना, अनुसंधान को बढ़ावा देना और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में सुधार करना है। ग्लोबल वायरस नेटवर्क ने पूरी दुनिया के देशों की सरकारों से यह निवेदन किया है कि जल्दी इस रोग को लेकर कोई बड़ा फैंसला लें ताकि इससे निपटा जा सके। इससे एच5एन1 का नया खतरा (H5N1 new threat) बचा जा सकता है। आइए जानें की इस रोग के सिम्पटम्स क्या हो सकते हैं? एच5एन1 (H5N1) के सिम्पटम्स इस रोग के बारे में इन्फोर्मशन होना बेहद आवश्यक है। कुछ लोगों में एच5एन1 (H5N1) या एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza) निम्नलिखित लक्षण नजर आ सकते हैं: क्लेवलैंडक्लिनिक (Clevelandclinic) के अनुसार रोगी में नजर आने वाले एच5एन1 या एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza) के लक्षण गंभीर भी हो सकते हैं। इसके लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? H1N1 से कैसे बचें? एच5एन1 (H5N1) जैसे रोग से बचना जरूरी है। इसके बचाव के तरीके इस प्रकार हैं:  नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi H5N1 #Birdflu #H5N1newthreat #AvianInfluenza #H5N1

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Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission

बिहार में बंपर भर्ती: बिहार में असिस्टेंट इंजीनियर के 1000+ पदों पर आवेदन शुरू

असिस्टेंट इंजीनियर (Assistant Engineer) एक ऐसी पोस्ट है, जिसमें टेक्निक और मैनेजमेंट स्किल की जरूरत होती है। अगर आप टेक्निकल प्रोब्लेम्स को सॉल्व करने और प्रोजेक्ट्स के विकास में रूचि रखते हैं तो असिस्टेंट इंजीनियर जॉब आपके लिए उपयुक्त रहेगी। बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (Bihar Public Service Commission) ने असिस्टेंट इंजीनियर (Assistant Engineer) के लिए पोस्ट्स निकाली हैं। यह भर्ती 1024 पोस्ट्स के लिए की जा रही है। इन पोस्ट्स के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस 30 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और इच्छुक कैंडिडेट 28 मई तक रजिस्टर कर सकते हैं। अगर आप भी अप्लाई करना चाहते हैं, तो देर न करें। आइए जानें बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission) के बारे में।  बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission): पाएं जानकारी इस पोस्ट्स के लिए ऑनलाइन आसानी से अप्लाई कर सकते हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करें। इसके लिए निम्नलिखित पोस्ट्स निकाली गई हैं: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission): एलिजिबिलिटी इन पोस्ट्स के लिए अप्लाई करने के लिए इच्छुक कैंडिडेट के पास सिविल, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री होना जरूरी है। यह डिग्री किसी मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालय या एआईसीटीई द्वारा एप्रूव्ड इंस्टिट्यूट से ही की होनी चाहिए। इसके अलाई किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से नियमित रूप से की जाने वाले टेक्निकल कोर्स की डिग्री भी मान्य होगी। आयु सीमा बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission) के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 साल है जबकि अधिकतम आयु पुरुषों की 37 साल है और महिलाओं की 40 साल है। आरक्षित वर्गों को इसमें कुछ छूट दी गई है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करें। इसे भी पढ़े: बिहार में स्टाफ नर्स की भर्ती: 11 हजार से अधिक पदों के लिए कर सकते हैं आवेदन कैसे करें अप्लाई? बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts released by Bihar Public Service Commission) के लिए आप इस तरह से आसानी से अप्लाई कर सकते हैं:  अगर बात की जाए असिस्टेंट इंजीनियर पोस्ट्स (Assistant Engineer Posts) की फीस के बारे में, तो जनरल कैंडिडेट के लिए यह फीस 750 रुपए है जबकि एससी, एसटी, बिहार की फेमल कैंडिडेट्स आदि के लिए यह शुक्ल केवल 200 रुपए है। अन्य कैंडिडेट्स के लिए यह शुक्ल 750 रुपए है। इच्छुक कैंडिडेट 28 मई से पहले अप्लाई करना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Bihar Public Service Commission #AssistantEngineerPosts #BiharPublicServiceCommission  #AssistantEngineer  #AssistantEngineerPostsreleasedbyBiharPublicServiceCommission

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World Immunization Week

World Immunization Week: इस वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक जानें बच्चों के लिए कौन सी वैक्सीन्स हैं जरूरी?

इम्यूनाइजेशन यानी प्रतिरक्षीकरण उस प्रोसेस को कहा जाता है, जिसमें वैक्सीन (Vaccine) के माध्यम से व्यक्ति किसी रोग के प्रति रेजिस्टेंस बन सकता है। यानी, इससे रोगों से बचाव में मदद मिलती है। वैक्सीन (Vaccine) से शरीर का इम्यून सिस्टम को स्टिमुलेट किया जा सकता है ताकि भविष्य में किसी भी तरह के इन्फेक्शन्स और रोगों से बचाव हो सके। हर साल 24 अप्रैल से 30 अप्रैल को वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) के रूप में मनाया जाता है ताकि लोगों को टीकाकरण के बारे में बताया जा सके। इससे लोगों को गंभीर बीमारियों से बचने में मदद मिलेगी। आइए जानें वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) के बारे में और अधिक। यह भी जानें कि बच्चों को कौन सी वैक्सीन्स लगवानी चाहिए (Which vaccines should children get)?  वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) की थीम  इस साल वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) की थीम है  “सभी के लिए वैक्सीनेशन (Vaccination) मानवीय रूप से संभव है’। इस थीम के माध्यम से वैक्सीनेशन (Vaccination) के महत्व और प्रयासों को हाईलाइट किया गया है। वैक्सीनेशन (Vaccination) से बीमारियों से बचाव और जीवन को बचाने में मदद मिली है। इससे यह संदेश भी मिलता है कि हर व्यक्ति चाहे वो किसी भी उम्र का हो, वैक्सीनेशन (Vaccination) करा सकता है। बच्चों को कौन सी वैक्सीन्स लगवानी चाहिए (Which vaccines should children get)? डब्ल्यूएचओ (WHO) का कहना है की हर साल अप्रैल के अंतिम हफ्ते में इस दिन को मनाने का उद्देश्य है वैक्सीन (Vaccine) के इस्तेमाल को बढ़ाना देना ताकि हर उम्र के लोग बीमारियों से बच सकें। जानिए बच्चों को कौन सी वैक्सीन्स लगवानी चाहिए (Which vaccines should children get)? जन्म के बाद शिशु के जन्म लेते ही उसे बैसिलस कैलमेट-गुएरिन, ओरल पोलियो वैक्सीन और हेपेटाइटिस बी बर्थ डोज दी जाती है। 6 हफ्ते की उम्र के शिशु 6  हफ्ते की उम्र के शिशु को ओरल पोलियो वैक्सीन, पेंटावेलेंट, रोटावायरस वैक्सीन, न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन और इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन दी जाती है। 10 हफ्ते के उम्र के शिशु इस उम्र के शिशु को पेंटावलेंट की दूसरी डोज, ओरल पोलियो वैक्सीन (Vaccine) की तीसरी डोज और रोटावायरस की दूसरी डोज दी जाती है। 14 हफ्ते के उम्र के शिशु 14 हफ्ते के शिशु को पेंटावलेंट की अंतिम डोज के साथ ही ओरल पोलियो वैक्सीन की अंतिम डोज और न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (Vaccine) की डोज दी जाती है। इसके साथ ही इनएक्टिव पोलियो वैक्सीन की अंतिम डोज भी इसी उम्र में दी जाती है। 9-12 महीने के शिशु इस उम्र के शिशु को मीसल्स और रूबेला के साथ न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन का बूस्टर दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें जापानी इंसेफेलाइटिस की डोज भी दी जाती है। इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? 16-24 महीने के शिशु इस उम्र के शिशु को मीसल्स और रूबेला की दूसरी डोज, जापानी इंसेफेलाइटिस की अंतिम डोज, डीपीटी (DPT) यानी डिप्थीरिया, टेटनस और पर्टुसिस (काली खांसी) का बूस्टर और ओरल पोलियो वैक्सीन का बूस्टर दिया जाता है। यह तो थी बच्चों में वैक्सीन (Vaccine) की लिस्ट और वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) के बारे में जानकारी। इसके साथ ही कुछ अन्य वैक्सीन्स भी हैं जो बच्चों को लगवानी चाहिए। इसके बारे में आप अपने डॉक्टर से बात करें और सलाह लें। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi World Immunization week #Whichvaccinesshouldchildrenget #Vaccination #vaccine #WorldImmunizationweek

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ACB Files Case Against Sisodia & Jain

ACB Files Case Against Sisodia & Jain : एंटी करफ्शन ब्यूरो ने मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ करोड़ों रूपये के घोटाले का मामला किया दर्ज

आप आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन एक बार फिर मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। एक बार फिर उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पूर्व आप मंत्रियों मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ नया मामला दर्ज किया (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) है। एसीबी (ACB) ने मंत्रियों के खिलाफ स्कूलों में कक्षों के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। इन पर आरोप है कि आप सरकार के दौरान इन्होने 12,000 से अधिक कक्षाओं और स्कूल भवनों के निर्माण में जरूरत से अधिक धन खर्च किए। इसमें 2000 करोड़ रुपये धन की अनियिमतता पाई गई है। बहुत मुमकिन है कि ऐसे में अब मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ फिर से नया मामला खुलने पर फिर से संकट खड़ा हो सकता है। कक्ष निर्माण बनाने की लागत करीब 5 गुना अधिक हो गई (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) है बता दें कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान शिक्षा विभाग डिप्टी सीए्म मनीष सिसोदिया के अधीन था। यही नहीं, सत्येंद्र जैन पीडब्ल्यूडी के प्रभारी मंत्री थे, जो सरकारी एजेंसी है जो ऐसे निर्माण कार्य करती हैं। दरअसल यह मामला दिल्ली के सरकारी स्कूलों के लिए 12,748 कक्षाओं और भवनों के निर्माण से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक निर्माण कार्य 34 ठेकेदारों को दिया गया था। उनमें से अधिकांश ठेकेदार आप पार्टी से ताल्लुक रखते हैं। एसीबी ने ये भी आरोप लगाया कि निर्माण तय समय में पूरा नहीं हुआ जिससे लागत में भारी वृद्धि भी हुई। इस पूरे मामले परएसीबी ने बताया कि “भाजपा नेताओं द्वारा कक्ष निर्माण में घोटाले की शिकायत दर्ज कराने के बाद मामले की जांच तब शुरू की गई।” बीजेपी नेताओं का आरोप था कि कक्ष निर्माण बनाने की लागत करीब 5 गुना अधिक हो गई (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) है। ऐसे में निर्माण कार्य में धन की अनियमितता पाई गई। मामले की छानबीन शुरू की गई है।” इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ पहले ही शराब नीति में घोटाले के (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) आरोप में चल रहा है केस  प्राप्त जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट में बताया गया है कि एसपीएस निर्माण की लागत 2,292 रुपये प्रति वर्ग फीट तक पहुंच गई है, जो कंक्रीट से बने स्कूल भवनों के निर्माण की लागत 2044-2416 रुपये प्रति वर्ग फीट के बराबर है। यही नहीं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि “नए टेंडर लाए बिना ही प्रोजेक्ट की लागत में करीब 326 करोड़ रुपये की वृद्धि कर दी गई।” बता दें कि अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ पहले ही शराब नीति में घोटाले के (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) आरोप में केस चल रहा है। फिलहाल ये तीनों ही जमानत पर रिहा हुए हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news ACB Files Case Against Sisodia & Jain #ManishSisodia #SatyendarJain #ACB #DelhiScam #CorruptionCase #ACBAction #ScamNews #DelhiPolitics #FIR #NewsUpdate

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Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam

Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam: पहलगाम हमले के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को औकात दिखाते हुए कही यह बड़ी बात

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से देश को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का अलग ही चेहरा देखने मिला है। मुस्लिमों की राजनीति करने के लिए जाने जाने वाले असदुद्दीन ओवैसी की इस हमले के बाद बतौर एक राष्ट्रवादी नेता वाली छवि बनकर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) आई है। पहलगाम हमले के बाद से ओवैसी इस कदर नाराज हैं कि वो पाकिस्तान को पानी पी पीकर कोस रहे हैं। गौर करने वाली बात यह कि वो अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के नापाक को इरादों की पोल खोलकर रख दी है। जिस तरह से आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म और नाम पूछकर बेरहमी से मारा है। इसे लेकर ओवैसी काफी क्रोध में हैं। उन्होंने पाकिस्तान की तुलना आतंकी संगठन आईएस (इस्लामिक स्टेट) से कर दी है। गौर करने वाली बात यह कई वो न सिर्फ पाकिस्तान पर हमलावर हैं बल्कि पाकिस्तानी नेताओं के बेशर्म बयानों का करारा जवाब भी दे रहे हैं।  पाकिस्तान की भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को कर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) दिया है नाकाम  कहने की जरूरत नहीं, जिस तरह असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान को अपने निशाने लिया है उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि उन्होंने पाकिस्तान की भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम कर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) दिया है। बड़ी बात तो यह कि उन्होंने अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को हैरान कर दिया है। पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ओवैसी इस तरह मुखर होकर पाकिस्तान का विरोध करेंगे। दरअसल, ओवैसी देश की मुस्लिम सियासत का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। सड़क से संसद तक वो मुसलमानों की आवाज को बुलंद करते रहते हैं। मुद्दा चाहे वो बाबरी मस्जिद का रहा हो, या फिर तीन तलाक का, या फिर मुद्दा चाहे लव जिहाद का हो या सीएए और एनआरसी का, उन्होंने हर मुद्दे पर खुलकर मुखालफत की है। उनके गुस्से को कौन भूल सकता है जब उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान बिल की कॉपी को फाड़कर अपने गुस्से का इजहार किया था।  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को कमजोर करने की कोशिशें न (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) होने दें कामयाब  इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि पहलगाम में जिस तरह से आतंकियों ने लोगों से नाम और धर्म पूछकर 26 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतारा उसे देखकर लोगों का खून खौल रहा है। इस हमले के बाद ही ओवैसी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि “आईएसआई और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों का मकसद भारत में हिंदू-मुस्लिम विवाद कराना है। इसीलिए कश्मीर में गैर मुस्लिमों को निशाना बनाया गया।” इस बीच उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि “राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को कमजोर करने की कोशिशें कामयाब न (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) होने दें।” पाकिस्तान को आडे हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “ये कुत्ते कमीने नाम और धर्म पूछकर निर्दोष लोगों को मार रहे थे, जहां इतने सारे टूरिस्ट थे, वहां सीआरपीएफ कैंप नहीं था।” उन्होंने आगे कहा कि “इन कमीनों-हरामजादों ने लोगों से उनका धर्म पूछने के बाद उन्हें गोली मार दी।” आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को पाकिस्तान हुकूमत की नाजायज औलाद बताते हुए उन्होंने कहा कि “भारत के खिलाफ पाकिस्तान लंबे समय से आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहा है, लेकिन अब इसे जड़ से मिटाने का समय आ गया है। इस तरह ओवैसी ने भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम करने की कवायद की और संकट की इस घड़ी में एक रहने का संदेश दिया, जो कि काबिलेतारीफ है। यही नहीं, ओवैसी भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान की पहचान से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। वो टू नेशन थ्योरी को भी खारिज कर चुके हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam #Owaisi #PahalgamAttack #Pakistan #NationalistOwaisi #IndianPolitics #Terrorism #BreakingNews #IndiaFirst #LatestNews #OwaisiSpeech

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BJP slams Congress

Ravalpindi Alliance: विवादित पोस्टर को लेकर इस भाजपा नेता ने कांग्रेस पर किया हमला, कहा “ये INDI नहीं, रावलपिंडी अलायंस है”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद से लोगों में भयंकर आक्रोश है। इस हमले के बाद पूरा देश एक सुर में आतंकियों और पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। देश के अधिकतर दल प्रधानमंत्री मोदी के साथ हैं। सभी ने पीएम को हर निर्णय में साथ देने का आश्वासन दिया है। यह तो ठीक, लेकिन इस बीच कांग्रेस ने पीएम मोदी का नाम लिए बगैर एक फोटो अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट की। पोस्ट की गई इस फोटो में एक शख्स का सिर गायब था। और सिर की जगह गायब लिखा हुआ था। इस पोस्ट के बाद लोग भड़क उठे। सोशल मीडिया पर किरकिरी होने के बाद कांग्रेस ने ट्वीट को डिलीट कर लिया। कांग्रेस ने भले ही इसे डिलीट कर दिया हो लेकिन अब इस पूरे मामले को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस के गायब पोस्ट पर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि “यह इंडी (INDI) गठबंधन नहीं है, यह रावलपिंडी (Ravalpindi Alliance) गठबंधन है। आज से हम इन्हें इंडी गठबंधन नहीं कहेंगे, हम इन्हें पिंडी गठबंधन कहेंगे। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के अन्य नेता पाकिस्तानी मीडिया के हीरो हैं। मुझे लगता है कि वह दिन दूर नहीं जब इस पिंडी गठबंधन के लोग पाकिस्तान में चुनाव लड़ेंगे।” हमारे स्वाभिमान और मनोबल से खेलने की कोशिश की (Ravalpindi Alliance) है भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि “पहलगाम में कश्मीर में आतंकी हमले के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का असली चेहरा देश के सामने बेनकाब हो रहा (Ravalpindi Alliance) है। धीरे-धीरे सच सामने आ रहा है। सर्वदलीय बैठक में कहते हैं कि हम सरकार के साथ हैं लेकिन जिस प्रकार पोस्टर कल कांग्रेस ने ट्वीट किया- सर तन से जुदा वाला पोस्टर, ये घृणित है। ये सोच-समझकर के किया गया है। दो तरह से बिल्डअप हो रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में कई बैठकें हो रही हैं। बाहर देशों के डिप्लोमैट्स से बात हो रही है। सभी देश आतंक से लड़ाई में भारत का समर्थन कर रहे हैं। सेना का मनोबल ऊंचा है। वहीं, दूसरा बिल्डअप ये हो रहा है कि पाकिस्तान को कैसे बचाया जाए और उन्हें क्लिन चिट दी जाए और पाकिस्तान के समर्थन में कैसे खड़ा हुआ जाए। ये किस तरह का पोस्टर था, पीएम मोदी के सिर को आपने गायब कर दिया। वह पूरे भारत को रिप्रेजेंट करते हैं। इन्होंने हमारे स्वाभिमान और मनोबल से खेलने की कोशिश की है।” इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला  ये देश अल्लाह के भरोसे चल रहा (Ravalpindi Alliance) है-शेख आमीन  यही नहीं, अपनी बात पर जोर देते हुए संबित पात्रा ने आगे कहा कि “कांग्रेस के सैफुद्दीन सोज कहते (Ravalpindi Alliance) हैं कि सिंधु समझौता पाकिस्तान की लाइफलाइन है और पानी बंद नहीं करना चाहिए। अगर पाकिस्तान कहे तो भारत को मान लेना चाहिए कि पहलगाम में उसने हमला नहीं कराया। राहुल गांधी के खास दोस्त शेख आमीन कहते हैं कि ये देश अल्लाह के भरोसे चल रहा है। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष पाकिस्तान को टेबल पर बैठकर बातचीत करने मांग कर रहे हैं। मणिशंकर अय्यर कह रहे हैं कि पहलगाम हमला एक मैनिफेस्टेशन है अनसुलझे सवालों का बंटवारे के समय। पूरा कश्मीर हमारा है और पीओके भी हमारा है। लेकिन कांग्रेस के मन में इस बात को लेकर संशय है।”  Latest News in HindiToday Hindi news  Ravalpindi Alliance #RavalpindiAlliance #INDIAlliance #BJPvsCongress #PoliticalRow #ControversialPoster #BJPStatement #CongressAttack #IndianPolitics #ModiVsOpposition #RavalpindiBlame

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Indian origin leaders Canada

Indian-origin leaders shine in Canada Elections: कनाडा के आम चुनाव में बजा भारतीयों का डंका,  24 भारतवंशियों समेत इन नेताओं ने मारी बाजी

कनाडा में हुए आम चुनाव (Canada Elections 2025) में भारी संख्या में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने बाजी (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) मारी है। जानकारी के मुताबिक कनाडा चुनाव में 24 भारतीय मूल के कनाडाई उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। जीतने वालों में अधिकतर उम्मीदवार पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक तकरीबन 65 भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में ताल ठोका था। जिनमें से रिकॉर्ड 24 ने जीत हासिल की। बता दें कि चार साल पहले हुए चुनाव में 21 उम्मीदवार जीते थे। इस जीत की बड़ी बात यह कि भारतीय मूल के इस विजेताओं में इनोवेशन, साइंस और इंडस्ट्री मिनिस्टर अनीता आनंद भी शामिल हैं। उन्होंने ओकविले ईस्ट सीट पर जीत हासिल की। संभवतः इस जीत के बाद उन्हें कार्नी की नई कैबिनेट में उन्हें महत्वपूर्ण पद मिल जाए। कनाडा के संघीय चुनावों में गौर करने वाली बात यह कि न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता और खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह को बर्नाबी सेंट्रल सीट पर करारी हार का सामना करना पड़ा और कनाडा में लिबरल की जीत हुई है।  भारतीय मूल के लोगों का कनाडा की राजनीति में किस तरह प्रभाव (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) बढ़ रहा है कहने की जरूरत नहीं कनाडा के 2025 संघीय चुनाव (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) में 24 भारतीय मूल के उम्मीदवारों की जीत यह बताती है कि भारतीय मूल के लोगों का कनाडा की राजनीति में किस तरह प्रभाव बढ़ रहा है। इस चुनाव में खास बात यह कि जस्टिन ट्रूडो का यार और खालिस्तानी एजेंडे को बढ़ावा देने वाला जगमीत सिंह हार गया। मजे की बात यह कि इस चुनाव में (Canada Elections 2025) ट्रूडो सरकार में किंगमेकर बताने वाला खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह और उसकी पार्टी की करारी हार हुई है। बता दें कि खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह को पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो के भारत विरोधी रुख के लिए जिम्मेदार कारणों में से एक माना जाता है। और तो और ट्रूडो अपनी अल्पमत सरकार को सत्ता में बनाए रखने के लिए जगमीत पर निर्भर थे। चूंकि जगमीत सिंह हार चुके हैं, तो ऐसे में उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी कनाडा में अप्रासंगिक हो गई है।  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक एक नजर डालते हैं जीते (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) हुए भारतवंशियों पर   Latest News in HindiToday Hindi news  Canada Elections 2025 #CanadaElections2025 #IndianOriginLeaders #NRIinPolitics #CanadaPolitics #IndianDiaspora #PunjabiInCanada #CanadaElectionResults #DesiPower #IndianCanadians #GlobalIndians

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