Radhika Yadav murder

Why Radhika Yadav Was Murdered by Her Own Father?: आखिर पिता ने क्यों किया अपनी टेनिस चैंपियन बेटी राधिका यादव का मर्डर?

पिता पुत्री का रिश्ता बेहद खास होता हैं। लेकिन कभी-कभी इन्हीं रिश्तों में छोटी-छोटी बातों को लेकर ऐसी खटास उत्पन्न हो जाती है कि एक दूसरे के जान के प्यासे हो जाते हैं। कुछ इसी तरह की घटना दिल्ली से सटे गुरुग्राम में घटी है। जानकारी के मुताबिक 25 वर्षीय स्टेट लेवल टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की हत्या उनके ही पिता दीपक यादव ने गोली मारकर कर (Why Radhika Yadav Was Murdered by Her Own Father?) दी। घटना के समय घर में राधिका, उनके पिता दीपक, मां मंजू और चाचा कुलदीप मौजूद थी। बता दें कि राधिका यादव एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की टेनिस खिलाड़ी थी। उनकी युगल रैंकिंग अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ में 113 थी। पुलिस ने आरोपी दीपक यादव को गिरफ्तार कर लिया है और साथ उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर को भी जब्त कर लिया है। आपको बता दें कि राधिका यादव हरियाणा की एक उभरती हुई टेनिस प्लेयर थीं। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस का कहना है “पिता ने अपनी बेटी की हत्या इसलिए की क्योंकि वह एकेडमी बंद नहीं कर रही थी। दावा तो यह भी किया जा रहा है वो रील बनाया करती थी, जिसे गुस्से पिता ने उसे गोली मार दी। लेकिन पुलिस के बयान के मुताबिक एकेडमी बंद नहीं करने की वजह से ही मर्डर हुआ। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या कोई पिता इतनी छोटी से बात के लिए अपने जिगर के टुकड़े को मौत के घाट उतार देता है? दीपक यादव इस बात से खुश नहीं था कि उसकी बेटी उसकी मर्जी के बैगर ये एकेडमी (Why Radhika Yadav Was Murdered by Her Own Father?) चलाए खैर, पुलिस की माने तो “आरोपी पिता दीपक यादव इस बात से खुश नहीं था कि उसकी बेटी उसकी मर्जी के बैगर ये एकेडमी (Why Radhika Yadav Was Murdered by Her Own Father?) चलाए। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि जिस पिता ने अपनी बेटी को खेल में आगे बढ़ाने के लिए बचपन से ही सपोर्ट किया है। आखिर अचानक क्यों उसे एकेडमी चलाने से मना करेगा? और उससे भी बड़ा सवाल ये कि क्या सिर्फ यही वजह थी? भला कोई इतनी छोटी सी बात के लिए किसी को क्यों मारेगा? और वैसे में हरियाणा का इतिहास ही खेलों के प्रति अपने बच्चों और खासकर बेटियों को आगे बढ़ाने का रहा है। फिर दीपक यादव भला ऐसा क्यों करेगा? और उससे भी बड़ा सवाल यह भी कि जब राधिका यादव अपना ये एकेडमी कई सालों से चला रही थीं तो अचानक एकदम से उनके पिता एकेडमी बंद क्यों कराना चाहते थे? और इतनी ही दिक्क्त थी तो साल भर से चल कैसे रही थी। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या गुरुग्राम पुलिस पहेली को सुलझाए बगैर ही मामले को सुलझाने का प्रयास कर रही है? क्या पुलिस की तरह से दिया गया यह बयान जल्दबाजी नहीं है? सवाल ये भी कि क्या इस मामले में अभी कई राज ऐसे हैं जिनसे अभी भी पर्दा उठना बचा है? खैर, ये वो तमाम सवाल हैं जो इस मामले को सुलझाने के लिए बेहद जरूरी हैं।  इसे भी पढ़ें:- ठाणे स्कूल में पीरियड्स जांच के नाम पर छात्राओं का अपमान  सुबह करीब 10:30 बजे गोली चलने की आवाज सुनकर वह और उनका बेटा पीयूष पहली मंजिल पर पहुंचे तो राधिका रसोई में खून से लथपथ पड़ी (Why Radhika Yadav Was Murdered by Her Own Father?) थी इस पूरे मामले में राधिका के चाचा कुलदीप ने बताया कि “गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे गोली चलने की आवाज सुनकर वह और उनका बेटा पीयूष पहली मंजिल पर पहुंचे तो राधिका रसोई में खून से लथपथ पड़ी (Why Radhika Yadav Was Murdered by Her Own Father?) थी। पुलिस के मुताबिक, “ड्राइंग रूम में दीपक की लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ी थी। उन्होंने राधिका को तुरंत सेक्टर 56 के एशिया मरिंगो अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।” कुलदीप ने बताया कि “घटना के समय घर में दीपक, उनकी पत्नी मंजू और राधिका ही मौजूद थे। मुझे लगता है कि राधिका की हत्या उनके भाई दीपक ने ही की है।” गौरतलब हो कि 23 मार्च 2000 को हरियाणा में जन्मी राधिका यादव हरियाणा की एक उभरती हुई टेनिस प्लेयर थीं। उन्होंने स्टेट लेवल पर कई टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ में युगल टेनिस खिलाड़ी के रूप में रैंकिंग 113 थी।  Latest News in Hindi Today Hindi Why Radhika Yadav Was Murdered by Her Own Father? #RadhikaYadav #TennisChampion #FatherKilledDaughter #MurderNews #CrimeAlert #JusticeForRadhika

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PM Modi's Foreign Visit Row

पीएम मोदी की विदेश यात्रा पर सीएम मान के तंज से गरमाई सियासत, विदेश मंत्रालय ने बताया गैर-जिम्मेदाराना और अशोभनीय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) अपने विदेश यात्रा से वापस लौट आए हैं, लेकिन अब पीएम मोदी (PM Modi) के इस यात्रा पर राजनीति शुरू हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने इस हालिया विदेश यात्राओं पर तंज करके देश की राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री मान के विवादित बयान का एक तरफ जहां देश का बुद्धजीवी वर्ग आलोचना कर रहा है, वहीं भारत के विदेश मंत्रालय (Indian Foreign Ministry) ने भी कड़ा जवाब दिया है। विदेश मंत्रलाय के प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री मान का नाम लिए बिना उनके बयान को “गैर-जिम्मेदाराना, खेदजनक और अशोभनीय” करार दिया है। 10,000 की जनसंख्या वाले देशों की यात्राएं करते हैं और वहां उन्हें सबसे बड़ा अवॉर्ड मिल रहा है बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने हाल ही में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) की विदेश यात्राओं पर कटाक्ष करते हुए कहा था, “प्रधानमंत्री 140 करोड़ की आबादी वाले देश में कम रहते हैं, लेकिन वहां रहते नहीं हैं। 10,000 की जनसंख्या वाले देशों की यात्राएं करते हैं और वहां उन्हें सबसे बड़ा अवॉर्ड मिल रहा है। इतने लोग तो हमारे यहां पर जेसीबी से खुदाई देखने के लिए इकट्ठे हो जाते हैं।” उन्होंने यह टिप्पणी पीएम मोदी के ब्राजील, घाना, त्रिनिदाद-टोबैगो, अर्जेंटीना और नामीबिया दौरे के संदर्भ में की थी। सीएम मान (Bhagwant Mann) का यह बयान विपक्षी आलोचना के साथ-साथ राजनीतिक व्यंग्य के तौर पर सामने आया, लेकिन इसकी गूंज अब विदेश नीति के गलियारों तक पहुंच गई है। विदेश मंत्रालय ने दी कड़ी प्रतिक्रिया विदेश मंत्रालय (Indian Foreign Ministry) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से प्रेस ने जब इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “हमने ग्लोबल साउथ के मित्र देशों के साथ भारत के संबंधों पर राज्य के एक उच्च पदाधिकारी द्वारा की गई कुछ टिप्पणियां देखी हैं। ये टिप्पणियां गैर-जिम्मेदाराना, खेदजनक हैं और राज्य के किसी पदाधिकारी को शोभा नहीं देतीं।” हालांकि इस दौरान रणधीर जायसवाल ने सीधे भगवंत मान का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि वे किसे संबोधित कर रहे हैं। जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार खुद को इस तरह के हर उस अनुचित टिप्पणी से अलग करती है, जो दोस्त देशों के साथ हमारे संबंधों को कमजोर कर सकती हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की राजनीतिक बयानबाजी, विशेष रूप से राज्य स्तर के जिम्मेदार नेताओं द्वारा, विदेश नीति के गंभीर मसलों को स्थानीय राजनीति के चश्मे से देखने का प्रयास है, जो दीर्घकालिक रूप से राजनयिक रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकता है। क्योंकि पीएम मोदी की इस यात्रा का उद्देश्य ग्लोबल साउथ देशों के साथ भारत के रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना था। इन दौरों के दौरान ऊर्जा सहयोग, व्यापार, कृषि, डिजिटल इनोवेशन और वैश्विक मंचों पर समर्थन जैसे कई मुद्दों पर बातचीत हुई। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ भाजपा ने किया तगड़ा पलटवार   सीएम मान के बयान के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक बार फिर आमने-सामने आ गई हैं। भाजपा नेताओं ने भगवंत मान (Bhagwant Mann) की टिप्पणी को “राजनीतिक अपरिपक्वता” और “संविधानिक मर्यादा का उल्लंघन” बताया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने सीएम मान पर पलटवार करते हुए इसे शर्मनाक करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ”प्रधानमंत्री को विदेशों में मिलने वाला सम्मान 140 करोड़ भारतीय के लिए गर्व की बात है। चाहे सम्मान देने वाला कोई भी देश हो, जब भारत के नेतृत्व को वैश्विक मंच पर सम्मान मिलता है तो वो क्षण संपूर्ण भारत की प्रतिष्ठा का प्रतीक बनता है। लेकिन भगवंत मान जैसे कुछ लोग, जिनके लिए केजरीवाल और उनके जूतों की चाटुकारिता के अलावा सब कुछ छोटा है, वो इस सम्मान का मजाक बनाते हैं। सीएम मान के बयान पर विवाद बढ़ता देश आप (AAP) पार्टी के नेता सफाई देना शुरू कर चुके हैं। आप नेताओं का कहना है कि भगवंत मान का मकसद प्रधानमंत्री के विदेश दौरों की उपयोगिता और लागत को लेकर सवाल उठाना था, न कि भारत के कूटनीतिक रिश्तों को कमतर आंकना। Latest News in Hindi Today Hindi news Bhagwant Mann #PMModi #CMMann #ForeignVisit #MEA #Politics2025 #ModiVsMann #IndianPolitics #LatestNews #ModiAbroad #MEAStatement

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Ice Bath Benefits & Risks You Should Know

आइस बाथ- एक लोकप्रिय ट्रेंड जिसके कई हैं फायदे, लेकिन इसके इन स्वास्थ्य जोखिमों से रहें सावधान

पिछले कुछ समय से आइस बाथ (Ice bath) चैलेंज सोशल मीडिया पर बहुत प्रचलित हो रहा है। ऐसा माना गया है कि इसके कई फायदे हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो इससे कुछ समस्याएं भी हो सकती हैं। अगर आप आइस बाथ के बारे में नहीं जानते हैं, तो आपको बता दें कि इसे कायरोथेरेपी भी कहा जाता है। इसमें ठंडे पानी में बर्फ मिला कर नहाया जाता है ताकि सूजन और मांसपेशियों में दर्द को कम किया जा सके। लेकिन, हाल ही में हुई रिसर्च बताती हैं कि आइस बाथ (Ice bath) से कई नुकसान भी हो सकते हैं। आइए जानें आइस बाथ से जुड़े हेल्थ रिस्क्स (Health risks of ice bath) के बारे में। आइस बाथ से जुड़े हेल्थ रिस्क्स (Health risks of ice bath): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार अगर आइस बाथ (Ice bath) को सही से लिया जाए तो यह उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, जो स्पोर्ट्स में भाग लेते हैं। लेकिन, इसको आजमाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लें और इसकी सही तकनीक के बारे में जान लें। आइए जानें आइस बाथ से जुड़े हेल्थ रिस्क्स (Health risks of ice bath) के बारे में। हायपोथर्मिया ठंडे पानी में ज्यादा समय रहने से शरीर पर फिजिकल रिएक्शन हो सकता है। 15 डिग्री सेल्सियस  से कम तामपान के पानी में जाना बहुत हानिकारक सिद्ध हो सकता है। इसमें शरीर का तापमान बहुत कम हो सकता है जिसे हायपोथर्मिया कहा जाता है। यह एक एमेर्जेंसी हैं, जिसमें तुरंत डॉक्टर की सलाह की आवश्यकता होती है। यही नहीं, ठंडे पानी से बाहर आने के बाद भी शरीर का टेम्प्रेचर कम हो सकता है और कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। ब्लड प्रेशर पर असर आइस बाथ से जुड़े हेल्थ रिस्क्स (Health risks of Ice bath) ब्लड प्रेशर से भी संबंधित हैं। इससे हार्ट रेट बढ़ जाती और यह अनकण्ट्रोल हो सकती है। इसका प्रभाव ब्लड प्रेशर पर भी पड़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। यही नहीं, अधिक ठंड से एकदम हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम भी बढ़ सकता है। उन लोगों के लिए आइस बाथ (Ice bath) खासतौर पर खतरनाक है जिन्हें हार्ट, ब्लड वेसल्स या दिमाग से सम्बन्धित कोई समस्या है। सांस संबंधी समस्याएं आइस बाथ (Ice bath) के दौरान ठंडे पानी में रहने से सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं जैसे रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस। इस पानी में अधिक देर तक रहने से नर्वस और ब्लड वेसल्स को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकता है। जिससे पैरों और हाथों में दर्द, उनका सुन्न होना या ठंड के प्रति सेंसिटिविटी बढ़ सकती है। यह तो थे आइस बाथ से जुड़े हेल्थ रिस्क्स (Health risks of ice bath)। आइए जानें कि सही मार्गदर्शन और सलाह के बाद आइस बाथ के फायदे (Benefits of ice bath) के बारे में। इसे भी पढ़ें:-  एयर पॉल्यूशन से बढ़ सकता है एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा आइस बाथ के फायदे (Benefits of ice bath) आइस बाथ के फायदे (Benefits of Ice bath) इस प्रकार हो सकते हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Ice bath #icebath #coldtherapy #healthtrend #cryotherapy #wellnesstips

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Maharashtra Passes Public Security

विरोध और मतभेद के बीच महाराष्ट्र में पास हुआ ‘लोक सुरक्षा विधेयक’: वामपंथी संगठनों पर शिकंजा, विपक्ष ने जताई शंका

महाराष्ट्र विधानसभा ने राजनीतिक विरोध और वैचारिक मतभेद के बीच बहुप्रतीक्षित ‘महाराष्ट्र लोक सुरक्षा विधेयक, 2025’ (Maharashtra Public Security Bill) को बहुमत से पास कर दिया है। यह विधेयक राज्य में वामपंथी उग्रवाद, माओवादी विचारधारा और सरकार विरोधी चरमपंथी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से लाया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) द्वारा पेश किए गए इस बिल को लेकर जहां सत्ता पक्ष इसे राज्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का नया रास्ता बता रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने विधानसभा में लोक सुरक्षा विधेयक (Maharashtra Public Security Bill) पेश करते हुए कहा कि गडचिरोली और कोकण जैसे जिले शहरी और ग्रामीण नक्सलवाद से प्रभावित हैं, जो राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह विधेयक उन संगठनों पर सख्ती से कार्रवाई करेगा जो गुरिल्ला युद्ध और हिंसक विचारधारा के जरिए सामाजिक अस्थिरता फैलाना चाहते हैं।” सीएम फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने यह भी बताया किया कि यह कानून UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) जैसी केंद्रीय कानूनी व्यवस्थाओं की खामियों को पूरा करेगा, जो केवल आतंकवाद तक सीमित हैं। यह नया विधेयक चरमपंथी संगठनों की वैचारिक और संगठित गतिविधियों पर भी शिकंजा कसने का काम करेगा।  विधेयक में संशोधन के लिए आम जनता से मिले थे 12,500 सुझाव  बता दें कि महाराष्ट्र लोक सुरक्षा विधेयक, 2025′ (Maharashtra Public Security Bill) पहली बार जुलाई 2024 के मानसून सत्र में विधानसभा में प्रस्तुत किया गया था। उस समय विधेयक में ‘व्यक्ति और संगठन’ जैसे शब्दों के कारण यह विवादों में घिर गया था। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि यह विधेयक असहमति जताने वाले आम नागरिकों को भी निशाना बना सकता है। इसी के चलते विधेयक को एक संयुक्त समिति के पास भेजा गया। इस समिति में जयंत पाटिल, नाना पटोले, जितेंद्र आव्हाड, भास्कर जाधव और अंबादास दानवे जैसे वरिष्ठ विपक्षी नेता शामिल थे। समिति को इस विधेयक को लेकर आम जनता से 12,500 सुझाव प्राप्त हुए। समिति की सिफारिशों के आधार पर विधेयक में तीन अहम संशोधन किए गए। पहला- ‘व्यक्ति और संगठन’ शब्द हटाकर केवल ‘चरमपंथी विचारधारा वाले संगठन’ रखा गया। दूसरा- निगरानी के लिए हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय सलाहकार बोर्ड गठित करने का प्रावधान किया गया। तीसरा- जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर की जगह अब डीएसपी स्तर के अधिकारियों को दी जाएगी। सरकार ने विधेयक को लेकर पत्रकार संगठनों से भी संवाद कर यह भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि यह कानून मीडिया की स्वतंत्रता या अभिव्यक्ति के अधिकारों को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं करेगा। फडणवीस ने कहा कि सरकार किसी भी लोकतांत्रिक विचारधारा या आलोचना को दबाने की मंशा नहीं रखती। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ विपक्ष की आशंकाएं और विरोध बरकरार हालांकि, विपक्षी दलों ने संशोधन के बावजूद इस विधेयक को लेकर अपनी गंभीर शंकाएं और आपत्तियां दर्ज की हैं। एनसीपी विधायक भास्कर जाधव ने विधेयक को लेकर सवाल किया कि अगर यह कानून राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इतना जरूरी है, तो दूसरे भाजपा शासित राज्यों में इसे क्यों नहीं लाया गया? इसे लाने का मतलब सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाना है। वहीं जयंत पाटिल ने कुछ संशोधनों का स्वागत किया, लेकिन कहा कि “फडणवीस (Devendra Fadnavis) ध्यान रखें, पी चिदंबरम जिस कानून (PMLA) को लाए थे, वही बाद में उनके खिलाफ लागू हुआ।” एनसीपी विधायक नितिन राऊत ने भी विधयेक को लेकर आशंका जताई कि इस कानून का इस्तेमाल भविष्य में लोकतांत्रिक आंदोलनों, धरनों या मोर्चों पर लागू हो सकता है। उन्होंने कहा, “भीमा कोरेगांव मामले में ‘अर्बन नक्सल’ जैसे शब्दों का दुरुपयोग हुआ था। ऐसा न हो कि यह कानून भी राजनीति का हथियार बन जाए।”  राऊत ने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि ‘चरमपंथी’ और ‘वामपंथी’ की परिभाषा क्या होगी। उन्होंने कहा कि राज्य का हर जागरूक नागरिक नक्सलवाद के खिलाफ है, लेकिन कानून का दायरा स्पष्ट होना चाहिए। विपक्ष के इन तमाम विरोध के बाद भी महाराष्ट्र लोक सुरक्षा विधेयक अब कानून बन गया है। सरकार इसे राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक मजबूत हथियार मान रही है। अब आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह कानून वास्तव में शांति स्थापित करता है या असहमति को दबाने का माध्यम बनता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Devendra Fadnavis #Maharashtra #PublicSecurityBill #Opposition #Politics #LeftistGroups #AssemblyNews

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Mohan Bhagwat

Mohan Bhagwat Comments on PM Modi’s Retirement Speculation: क्या सच में मोहन भागवत ने पीएम मोदी को दिए रिटायरमेंट के संकेत?

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहते हैं। इस बार फिर उन्होंने अपने बयान से खलबली मचा दी है। दरअसल, बुधवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में मोरोपंत पिंगले: द आर्किटेक्ट ऑफ हिंदू रिसर्जेंस पुस्तक के विमोचन पर एक सार्वजनिक सभा को संबोधित किया (Mohan Bhagwat Comments on PM Modi’s Retirement Speculation) था। इस सभा के दौरान उन्होंने मोरोपंत पिंगले की कही 75 साल में रिटायर होने की बात की थी। उन्होंने यह बात छेड़कर एक नई बहस शुरू कर दी है। इस बीच मजे की बात यह कि नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मोहन भागवत के इस बयान पर  शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया दी। संजय राउत ने उनके बयान पर कहा कि “यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा है।” इस साल सितंबर में 75 साल के होने जा रहे (Mohan Bhagwat Comments on PM Modi’s Retirement Speculation) हैं पीएम नरेंद्र मोदी  जानकारी के लिए बता दें कि “इस बयान को लेकर शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने कहा है कि “संघ प्रमुख मोहन भागवत यह संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दे रहे हैं।” इस बीच दिलचस्प बात यह कि पीएम नरेंद्र मोदी इस साल सितंबर में 75 साल के होने जा रहे (Mohan Bhagwat Comments on PM Modi’s Retirement Speculation) हैं। बता दें कि संघ प्रमुख भागवत ने अपने बयान में कहा था कि “जब आपको कोई 75 साल का होने पर बधाई देता है, तो इसका अर्थ है कि अब आपको रुक जाना चाहिए और दूसरों को काम करने का मौका देना चाहिए।” अब उनके इस बयान के बाद राउत की प्रतिक्रिया सामने आई। राउत कहा कि “संघ प्रमुख पीएम मोदी को यह संदेश दे रहे हैं।” राउत ने अपनी बात रखते हुए कहा कि “पीएम मोदी ने लालकृष्ण आडवाणी, जसवंत सिंह, मुरली मनोहर जोशी आदि जैसे नेताओं को जबरन रिटायरमेंट दिलाया, क्योंकि वह 75 साल के हो गए थे। अब देखते हैं कि क्या मोदी इसका पालन खुद भी करेंगे।” संजय राऊत इससे पहले भी मार्च के महीने में प्रधानमंत्री मोदी के रिटायरमेंट को लेकर दावे कर चुके (Mohan Bhagwat Comments on PM Modi’s Retirement Speculation) हैं यह कोई पहली बार नहीं हैं जब संजय राऊत ने पीएम मोदी के रिटायरमेंट पर कटाक्ष न किया हो। इससे पहले भी मार्च के महीने में वो प्रधानमंत्री मोदी के रिटायरमेंट को लेकर दावे कर चुके (Mohan Bhagwat Comments on PM Modi’s Retirement Speculation) हैं। गौरतलब हो कि जब प्रधानमंत्री संघ मुख्यालय के दौरे पर नागपुर आए थे, तब उन्होंने कहा था कि “पीएम मोदी अपने रिटायरमेंट का ऐलान करने के लिए आरएसएस के नागपुर मुख्यालय गए।” दरअसल, संजय राउत का मानना था कि पीएम मोदी बीते 10-11 सालों में आरएसएस मुख्यालय नहीं गए, संभवतः इसलिए यह दौरा उनके आगामी राजनीतिक भविष्य के लिए अहम था। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 साल का होने के बाद भी सक्रिय राजनीति से रिटायर नहीं (Mohan Bhagwat Comments on PM Modi’s Retirement Speculation) होंगे- अमित शाह  बता दें कि पिछले वर्ष मई में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया था कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 साल का होने के बाद भी सक्रिय राजनीति से रिटायर नहीं (Mohan Bhagwat Comments on PM Modi’s Retirement Speculation) होंगे।” शाह ने कहा था कि “मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि भाजपा के संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। मोदी 2029 तक देश की अगुवाई करेंगे और मोदी आने वाले चुनावों में भी नेतृत्व करेंगे।” विपक्षी गठबंधन पर तंज कसते हुए गृहमंत्री ने कहा कि “इंडिया गठबंधन के लिए कोई खुशखबरी नहीं है। वो झूठ फैलाकर चुनाव नहीं जीत सकते।” Latest News in Hindi Today Hindi news Mohan Bhagwat #MohanBhagwat #PMModi #RetirementHint #RSS #ModiNews #IndianPolitics #2025Buzz

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India Women vs England

Indian Women Cricket Team ने इंग्लैंड को हराकर रचा इतिहास, T20 सीरीज 3-1 से की अपने नाम

भारतीय महिला क्रिकेट टीम  (Indian Women Cricket Team) ने 2025 की पांच मैचों की टी20 सीरीज (T20 Series) में एक यादगार जीत दर्ज करते हुए इंग्लैंड को चौथे मुकाबले में 6 विकेट से हराकर सीरीज में 3-1 की बढ़त हासिल कर ली है। यह मैच बुधवार को मैनचेस्टर के प्रतिष्ठित ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेला गया, जिसमें भारतीय महिला क्रिकेट टीम  (Indian Women Cricket Team) ने न सिर्फ इंग्लैंड को उनके घर में शिकस्त दी, बल्कि अपनी विदेशी धरती पर बहु-मैच द्विपक्षीय T20 सीरीज (Multi-match bilateral T20 series) में पहली बार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। पुराने आंकड़े तोड़े, नया इतिहास बनाया इससे पहले भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ कभी भी विदेशी सरजमीं पर बहु-मैच वाली T20 सीरीज (Multi-match bilateral T20 Series) नहीं जीती थी। भारत और इंग्लैंड (India vs England) के बीच पहला टी20 मुकाबला 2006 में डर्बी में हुआ था, जिसमें भारत को जीत मिली थी, लेकिन इसके बाद से अब तक भारत को सभी विदेशी T20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत ने लंबे समय से चले आ रहे हार के सिलसिले को तोड़ा है। मैच का संक्षिप्त हाल मैच की शुरुआत इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने के फैसले के साथ हुई। मेज़बान टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट खोकर 126 रन बनाए। भारत की ओर से एन चारिणी और राधा यादव ने शानदार गेंदबाजी की और दो-दो विकेट चटकाए, जबकि अमनजोत कौर और दीप्ति शर्मा को एक-एक सफलता मिली। इंग्लैंड के लिए सोफिया डंकली ने सबसे ज्यादा 22 रन बनाए। एलिस कैप्सी ने 18, टैमसिन ब्यूमॉन्ट ने 20 और पेज स्कोलफील्ड ने 16 रनों की छोटी लेकिन अहम पारियां खेलीं। अंतिम ओवरों में सोफी एक्लेस्टोन  ने 16 और इसी वोंग  ने 11 ररन तेजी से बनाये, जिससे इंग्लैंड की टीम (England Team) 126 के स्कोर तक पहुंच सकी। भारतीय बल्लेबाज़ों का दमदार प्रदर्शन 127 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय महिला टीम (Indian Women Cricket Team) की शुरुआत धमाकेदार रही। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने आक्रामक अंदाज़ में रन बनाना शुरू किया और पहले विकेट के लिए 56 रनों की साझेदारी की। शेफाली ने मात्र 19 गेंदों में 31 रन बनाए, जिसमें छह चौके शामिल थे। मंधाना ने भी 31 गेंदों में 32 रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर (Captain Harmanpreet Kaur) ने तीसरे विकेट के लिए 48 रनों की साझेदारी कर इंग्लैंड की वापसी की सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हरमनप्रीत 25 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन जेमिमा ने नाबाद रहते हुए टीम (T20 Series) को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। उन्होंने 22 गेंदों में 24 रन बनाए, जबकि ऋचा घोष सात रन बनाकर नाबाद रहीं। सीरीज का अंतिम मुकाबला यह जीत भारत के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक रही, लेकिन अब सभी की निगाहें 12 जुलाई को बर्मिंघम में होने वाले पांचवें और अंतिम मुकाबले पर टिकी हैं। भले ही भारत सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुका हो, लेकिन क्लीन स्वीप के इरादे से टीम पूरी ताकत झोंकने को तैयार है। वहीं, इंग्लैंड की टीम सम्मान बचाने के लिए उतरेगी। टीम इंडिया की रणनीति की जीत इस मुकाबले में भारत की जीत का श्रेय उनके संतुलित प्रदर्शन को जाता है। गेंदबाजी में जहां स्पिनर्स ने दबाव बनाया, वहीं बल्लेबाजी में संयम और आक्रामकता का अच्छा संतुलन देखने को मिला। कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट टीम की रणनीति और खिलाड़ियों की फॉर्म ने मिलकर टीम को ऐतिहासिक सफलता दिलाई। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात महिला क्रिकेट को मिली नई पहचान इस जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट (Indian Women Cricket Team) ने यह भी साबित किया है कि वे अब विश्व स्तर पर किसी भी टीम को चुनौती देने में सक्षम हैं। लगातार बेहतर प्रदर्शन से न केवल महिला खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि भारत में महिला क्रिकेट (Women’s Cricket) की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ रही है। यह जीत सिर्फ एक मैच की नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम के उभरते आत्मबल और क्षमता की कहानी है। यह संकेत है कि अब वक्त आ गया है, जब महिला क्रिकेट (Women’s Cricket) को पुरुषों के बराबर सम्मान और समर्थन मिलना चाहिए। Latest News in Hindi Today Hindi news T20 Series #IndiaWomen #T20Series #HistoricWin #CricketNews #INDvsENG

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Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble: शादी में बाधा बन रही थी विवाहिता प्रेमिका, शराब पिलाकर प्रेमी ने किया कत्ल, इस तरह खुला राज़

प्रेमी और प्रेमिका एक दूसरे से प्रेम तो करते हैं, लेकिन कहीं न कहीं उनके प्रेम में कहीं न कहीं खोट जरूर होता है। और यही खोट आगे चलकर एक दूसरे की जान की आफत बन जाता है। कुछ इसी तरह का मामला है यूपी के कौशांबी जिले का, जहाँ एक प्रेम कहानी का दुखद अंत हो गया। दरअसल, एक प्रेमी ने शादी में बाधा बन रही विवाहिता प्रेमिका की बेरहमी से हत्या कर (Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble) दी। और हत्या कर शव को यमुना में फेंक दिया। घटना मोहब्बत पुर स्थित पइंसा थाना क्षेत्र की है। इस पूरे मामले पर पुलिस ने बताया कि “मोबाइल कॉल रिकॉर्डिंग से मामले का इस पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ। खुलासे के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गांव के ही रहने वाले अविवाहित भूप सिंह यादव से थे (Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble) अनीता के अवैध संबंध  इस घटना पर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि “पइंसा थाना क्षेत्र के खूजा गांव की रहने वाली अनीता का पति रामराज निर्मल, मुंबई में काम करता है। पति के दूर रहने के कारण गांव के ही रहने वाले अविवाहित भूप सिंह यादव से उसके अवैध संबंध (Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble) थे। भूप सिंह अक्सर अनीता को जमीन, ट्रैक्टर और ट्यूबेल अनीता के नाम पर करने का लालच दिया करता था। वो सिर्फ उसे प्रेम के नाम पर धोखा दे रहा था। इस तरह दिन बीतते गए। इस बीच दोनों के रिश्ते ने नया मोड़ तब लिया, जब भूप सिंह की शादी की बात चली और अनीता उसकी शादी का विरोध करने लगी। विरोध करना जायज़ ही था। वो अनीता को शादी का झांसा जो दे रहा था। इसी कड़ी में अनीता से शादी को किनारा करने के लिए ही भूप सिंह ने नवंबर, 2024 में उसे फतेहपुर में किराए का कमरा दिलवा दिया। अब वहां वो बतौर पति उसके साथ वहां रहने लगा। अनीता उसके साथ यहाँ 11 दिसंबर, 2025 तक वहां रही। फिर एक दिन अचानक अनीता का मोबाइल अचानक बंद हो गया।  उसे शक था कि अनीता देवी का दूसरे पुरुषों से भी था (Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble) संबंध  इस तरह अचानक मोबाइल बंद होने से अनीता के पति रामराज निर्मल ने 18 जून, 2025 को थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया गया कि “भूप सिंह ने उसकी पत्नी अनीता को कहीं छुपा दिया है।” स्थानीय पुलिस ने बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर एक टीम गठित कर दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि “बुधवार को मुखबिर की सूचना पर आरोपी भूप सिंह को गिरफ्तार (Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble) किया। शुरुआत में तो उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिसिया धमक के आगे वो जल्द ही टूट गया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि “उसे शक था कि अनीता देवी का दूसरे पुरुषों से भी संबंध था।” पूछताछ में उसने ये भी बताया कि “उसे अपनी जाति बिरादरी में शादी करनी थी, जिसमें अनीता बाधक बन रही थी।” उसके अनुसार उसने अनीता को रास्ते से हटाने के लिए दिसंबर, 2024 को पहले तो उसे खुद शराब पिलाई। शराब पिलाने के बाद उसकी हत्या कर दी। और हत्या करने के बाद शव को यमुना में फेंक दिया। पुलिस के अनुसार भूप सिंह ने बताया कि अनीता उससे जबरन शादी चाहती थी।  इसे भी पढ़ें:- ठाणे स्कूल में पीरियड्स जांच के नाम पर छात्राओं का अपमान  महिला के शव की तलाश की जा रही (Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble) है पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि युवक किसी और से शादी करना चाहता (Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble) था। जब यह बात उसने अपने प्रेमिका से बताई, तो उसने शादी नहीं करने के एवज में ट्यूबवेल, जमीन और ट्रैक्टर की मांग की। इसे लेकर युवक ने महिला की हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी। इस सिलसिले में उसने पहले उसे शराब पिलाई और फिर महेवाघाट इलाके में ले जाकर उसकी हत्या कर दी। और लाश को यमुना नदी में फेंक दिया। खैर, गिरफ्तारी के बाद आरोपी भूप सिंह यादव ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। महिला के शव की तलाश की जा रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi Lover Kills Married Girlfriend to Escape Marriage Trouble #loverkills #marriedgirlfriend #relationshipcrime #murdernews #trendingcrime #crimeupdate #breakingnews #indiacrime #lovetriangle #murdercase

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Thane School Girls Humiliated Over Periods Check

ठाणे स्कूल में पीरियड्स जांच के नाम पर छात्राओं का अपमान 

ठाणे के शाहपुर इलाके में एक स्कूल में जो कुछ हुआ, उसने समाज की सोच और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल प्रशासन ने केवल एक खून के धब्बे के आधार पर दस से अधिक छात्राओं के कपड़े उतरवाकर यह जांचने की कोशिश की कि कौन सी लड़की पीरियड्स (Menstrual Cycle) में है। इस घटना के बाद छात्रों के माता-पिता में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते पुलिस ने स्कूल की प्रिंसिपल, एक आया, चार शिक्षकों और दो ट्रस्टियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। बाथरूम में खून के धब्बे से शुरू हुआ मामला मामला मंगलवार का है जब स्कूल के बाथरूम में खून के धब्बे दिखाई दिए। इसके बाद यह बात टीचरों तक पहुंची। हैरानी की बात यह रही कि छात्राओं के पीरियड्स (Menstrual Cycle) की जानकारी पूछ कर ली जा सकती थी, लेकिन जिस तरह से स्कूल की प्रिंसिपल (School Principal) समेत अन्य स्टाफ की मानसिक सोच अमानवीय और असंवेदनशील है। स्कूल की प्रिंसिपल समेत अन्य स्टाफ ने क्लास 5 से 10 तक की सभी लड़कियों को एक बड़े हॉल में बुलाया, जहां एक बड़ी स्क्रीन पर बाथरूम में मिले खून के धब्बे दिखाए गए। इसके बाद लड़कियों से पूछा गया कि कौन-कौन पीरियड्स (Menstrual Cycle) में है। जिन्होंने हाथ उठाया, उनके नाम लिख लिए गए। लेकिन जिन लड़कियों ने हाथ नहीं उठाया, उन्हें एक-एक कर बाथरूम में ले जाया गया और आया द्वारा उनकी जबरन जांच कराई गई। इस दौरान कई छात्राओं को न केवल मानसिक तनाव (Mental Stress) से गुजरना पड़ा, बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी गहरी चोट पहुंची। एक छात्रा की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी बेटी से प्रिंसिपल ने जबरदस्ती पूछताछ की कि वह पीरियड्स में नहीं होते हुए पैड क्यों पहन रही है। जब छात्रा ने जवाब देने की कोशिश की, तो प्रिंसिपल ने उसे झूठा ठहराया और जबरन उसका अंगूठा लेकर एक कथित बयान पर निशान भी लिया। माता-पिता का गुस्सा फूटा घटना के बाद जब छात्राएं घर पहुंचीं तो कई लड़कियां रोते हुए अपने माता-पिता से मिलीं और पूरा वाकया बताया। बुधवार को गुस्साए अभिभावकों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। पुलिस की ओर से बताया गया है कि सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस छात्राओं की गवाही ली जा रही है और आगे की जांच जारी है। इसे भी पढ़ें:- आरसीबी के तेज गेंदबाज यश दयाल पर यौन शोषण का केस दर्ज स्कूल की लापरवाही  यह घटना केवल एक स्कूल की लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि किशोरियों के यौन स्वास्थ्य और निजता को लेकर कितनी असंवेदनशीलता अब भी मौजूद है। मासिक धर्म (Menstrual Cycle) कोई अपराध नहीं है और इसे लेकर शर्म या अपमान की भावना पैदा करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि एक शैक्षणिक संस्थान जो बच्चों के भविष्य की नींव रखता है, वह बच्चों की गरिमा को इस हद तक कुचल सकता है। बच्चों की मानसिक स्थिति, आत्मसम्मान और विश्वास को झकझोरने वाला यह मामला कहीं न कहीं स्कूल प्रशासन की विफलता और सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करता है। अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या शिक्षा मंत्रालय को ऐसे मामलों पर तुरंत हस्तक्षेप कर एक गाइडलाइन जारी नहीं करनी चाहिए?   Latest News in Hindi Today Hindi Menstrual Cycle #ThaneSchool #PeriodsCheck #GirlsRights #SchoolControversy #StudentAbuse

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Lula Warns Trump Over 50% Tariff Amid

Lula Warns Trump Over 50% Tariff Amid Trade Tension: 50 फीसदी टैरिफ लगाने पर ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने ट्रंप दी यह चेतावनी 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिरवैश्विक व्यापार पर कड़ा कदम उठाते हुए एक साथ कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने का ऐलान किया। सबसे पहले उन्होंने लीबिया, अल्जीरिया, इराक, श्रीलंका (30%), ब्रुनेई, मोल्दोवा (25%) और फिलीपींस (20%) पर आयात शुल्क लगाने की घोषणा की। इसके बाद उन्होंने ब्राजील पर भी 50 प्रतिशत का सीधा टैरिफ थोप (Lula Warns Trump Over 50% Tariff Amid Trade Tension) दिया। जानकारी के लिए बता दें कि ये सभी शुल्क 1 अगस्त से लागू होंगे। इस बीच ट्रंप की घोषणा के चंद घंटों बाद ही ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आँख दिखाते हुए अमेरिका को आर्थिक जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। गुस्से से लाल सिल्वा ने दो टूक कहा कि “यदि अमेरिका ने ब्राजील पर एकतरफा तौर पर टैरिफ बढ़ाया तो ब्राजील भी उसी स्तर पर जवाबी कदम उठाएगा। गौरतलब हो कि ट्रंप ने यह फैसला ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के साथ हो रहे व्यवहार के संदर्भ में लिया बताया। बता दें कि बोलसोनारो इस समय तख्तापलट की साजिश रचने के आरोपों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।  अगर कोई देश एकतरफा रूप से टैरिफ बढ़ाता है तो ब्राजील उसकी प्रतिक्रिया आर्थिक पारस्परिकता कानून के तहत (Lula Warns Trump Over 50% Tariff Amid Trade Tension) देगा इस बीच ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा के ऑफिस ने अमेरिकी टैरिफ के जवाब में सख्त रुख अपनाते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया। अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि “अगर कोई देश एकतरफा रूप से टैरिफ बढ़ाता है तो ब्राजील उसकी प्रतिक्रिया आर्थिक पारस्परिकता कानून के तहत (Lula Warns Trump Over 50% Tariff Amid Trade Tension) देगा।” कहने की जरूरत नहीं, उनके इस बयान के बाद अमेरिका और ब्राजील के बीच संभावित व्यापार युद्ध की आशंका और गहरा गई है। दरअसल, ट्रंप का आरोप है कि ब्राजील, अमेरिका के साथ निष्पक्ष व्यापार नहीं कर रहा। बता दें कि ट्रंप की घोषणा के बाद ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दो टूक कहा कि “ब्राजील एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है, जो किसी भी तरह की बाहरी दखलअंदाजी को स्वीकार नहीं करेगा।” लूला ने यह भी लिखा कि “ब्राजील एक संप्रभु राष्ट्र है, जिसकी अपनी स्वतंत्र संस्थाएं हैं। हम किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को मान्यता नहीं देंगे।” देश में काम कर रही सभी कंपनियों, चाहे वे घरेलू हों या विदेशी, सभी को ब्राजील के कानूनों का पूरी तरह पालन करना (Lula Warns Trump Over 50% Tariff Amid Trade Tension) होगा इस बीच राष्ट्रपति लूला ने यह भी स्पष्ट किया कि “पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह ब्राजील की न्यायपालिका के अधीन है और इस पर कोई बाहरी दबाव असर नहीं (Lula Warns Trump Over 50% Tariff Amid Trade Tension) डालेगा। उन्होंने कहा कि “तख्तापलट की साजिश में शामिल लोगों पर चल रहे मुकदमे हमारे न्याय तंत्र के अधिकार क्षेत्र में हैं। इन्हें किसी धमकी या बाहरी हस्तक्षेप से प्रभावित नहीं किया जा सकता।” इस दौरान उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी अपना रुख साफ करते हुए कहा कि “ब्राजील में स्वतंत्रता का मतलब नफरत, हिंसा या अपमानजनक भाषा फैलाने की छूट नहीं है। राष्ट्रपति ने ब्राजील के कानूनों पर जोर देते हुए कहा कि “सरकार किसी भी प्रकार की ऑनलाइन हेट स्पीच, नस्लवाद, बाल शोषण या अन्य अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेगी। देश में काम कर रही सभी कंपनियों, चाहे वे घरेलू हों या विदेशी, सभी को ब्राजील के कानूनों का पूरी तरह पालन करना होगा।” इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील पर टैरिफ लगाने के अपने फैसले को (Lula Warns Trump Over 50% Tariff Amid Trade Tension) ठहराया जायज  डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील पर टैरिफ लगाने के अपने फैसले को जायज (Lula Warns Trump Over 50% Tariff Amid Trade Tension) ठहराया। न सिर्फ जायज ठहराया बल्कि उलटे ब्राजील पर आरोप लगाया कि “ब्राजील ने अमेरिकी चुनावों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला किया है।” जवाब में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने ट्रंप के आरोपों को निराधार और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने वाला बताते हुए कहा कि “पिछले 15 सालों में अमेरिका और ब्राजील के बीच व्यापार संतुलन अमेरिका के पक्ष में रहा है। अमेरिका को इस दौरान कुल 410 अरब डॉलर का लाभ हुआ है और यह कोई दावा नहीं, बल्कि खुद अमेरिकी सरकारी आंकड़े बताते हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news Lula Warns Trump Over 50% Tariff Amid Trade Tension #LulaDaSilva #TrumpTariff #TradeTensions #BrazilUSRelations #GlobalTrade

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Delhi Bumper Recruitment 2025

दिल्ली में बंपर भर्ती: जेल वार्डर समेत 2000 से अधिक पोस्ट्स के लिए कर सकते हैं अप्लाई

दिल्ली में सरकारी नौकरी पाने का सपना देखने वाले लोगों के लिए अब एक बेहतरीन अवसर है। दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (Delhi Subordinate Service Selection Board) यानी डीएसएसएसबी (DSSSB) ने एक नई नोटिफिकेशन जारी की है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार डीएसएसएसबी (DSSSB) ने 2000 से भी अधिक पोस्ट्स निकाली हैं। यह पोस्ट्स मलेरिया इंस्पेक्टर, पीजीटी, जेल वार्डर आदि की हैं। अगर आप इसके लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो ध्यान रखें कि 8 जुलाई से इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अगर आप इसके बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (Delhi Subordinate Service Selection Board) की ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं। इसके साथ ही आप इसके माध्यम से ऑनलाइन अप्लाई भी कर सकते हैं। आइए जानें इसके बारे में। डीएसएसएसबी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by DSSSB) के बारे में पाएं जानकारी दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (Delhi Subordinate Service Selection Board) ने लगभग 2119 पोस्ट्स निकाली हैं और यह बात जानना आपके लिए जरूरी है कि इसके लिए अप्लाई आप केवल 7 अगस्त तक कर सकते हैं। उसके बाद यह प्रोसेस बंद हो जायेगी और इसके लिए आपको अप्लाई करने का मौका नहीं मिलेगा।  डीएसएसएसबी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by DSSSB) की डिटेल्स डीएसएसएसबी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by DSSSB) के लिए विभिन्न पोस्ट्स के लिए कैंडिडेट को आवश्यक योग्यता और अनुभव की जरूरत होगी। इन 2119 पोस्ट्स की डिटेल इस प्रकार है: इनके बारे में अधिक जानकारी आपको दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (Delhi Subordinate Service Selection Board) की ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी। कैसे करें अप्लाई? डीएसएसएसबी (DSSSB) द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by DSSSB) के लिए अप्लाई करने से पहले यह जानना भी आपके लिए जरूरी है कि जनरल और अन्य कुछ केटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए इसकी एप्लीकेशन फीस केवल 100 रुपए है। जबकि, अन्य कुछ वर्गों और महिलाओं के लिए यह पूरी तरह से फ्री है। यानी, उन्हें इन पोस्ट्स के लिए अप्लाई करने के लिए कुछ भी पे नहीं करना होगा। इसके लिए आप इस तरह से अप्लाई कर सकते हैं: इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? डीएसएसएसबी (DSSSB) की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। इसका लिंक आपको गूगल पर सर्च करने पर भी मिल जाएगा। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news DSSSB #DelhiJobs #GovtJobs2025 #JailWarderRecruitment #SarkariNaukri #JobAlert #ApplyNow

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