Dr. Ambedkar untold facts

10 Untold Facts About Dr. Ambedkar: अंबेडकर जयंती पर जानें डॉ बाबा साहब से जुड़ी 10 अनसुनी बातें

आज डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने उन्हें याद करते हुए ट्वीट किया है। बाबा साहेब को संविधान का निर्माता भी कहा जाता है, इन्हीं की अगुवाई में ही दुनिया के सबसे बड़े संविधान की रचना की गई थी। बाबा साहेब का जन्म मध्य प्रदेश के महू जिले में 14 अप्रैल 1891 में हुआ था। डॉ भीम राव अंबेडकर का असली सरनेम अंबडेकर नहीं था, उनका असली सरनेम सकपाल था। उनका ये नाम उनके पिता ने स्कूल में लिखवाया था, फिर उनके एक शिक्षक ने उन्हें अपना सरनेम अंबेडकर दे दिया था। उस दौर में अंबेडकर सबसे पढ़े-लिखे व्यक्तियों में से एक थे, उन्होंने जीवनभर छुआछूत और गरीबी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखी। आइए आज उनकी 135वीं जयंती पर जानते हैं उनके से जीवन से जुड़ी 10 अनकही 10 Untold Facts About Dr. Ambedkar बातें।  इसे भी पढ़ें: – जानिए प्रोटीन के उन 6 बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्सस के बारे में, जो बना सकते हैं आपको हेल्दी बाबा साहेब के से जीवन से जुड़ी 10 अनकही (10 Untold Facts About Dr. Ambedkar) बातें  Latest News in Hindi Today Hindi 10 Untold Facts About Dr. Ambedkar #AmbedkarJayanti2025 #DrAmbedkarFacts #BabasahebAmbedkar #AmbedkarLegacy #AmbedkarThoughts #SocialJustice #IndianConstitution #DalitIcon #UntoldFacts #AmbedkarInspiration

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Nirav Modi Mehul Choksi

Mehul Choksi Arrested in Belgium: 14,000 करोड़ रुपये डकारने वाला मेहुल चोकसी बेल्जियम में हुआ गिरफ्तार

रिपोर्ट्स के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में भगोड़े मेहुल चोकसी को बेल्जियम में पुलिस ने (Mehul Choksi Arrested in Belgium) गिरफ्तार कर लिया गया है।जानकारी के मुताबिक 65 वर्षीय चोकसी को शनिवार (12 अप्रैल) को केंद्रीय जांच ब्यूरो के अनुरोध पर गिरफ्तार किया गया है। फ़िलहाल अभी भी वो जेल में है। भारत अब बेल्जियम के अधिकारियों से उसके प्रत्यर्पण के लिए कह रहा है। गौर करने वाली बात यह कि चोकसी के खिलाफ कोई रेड नोटिस नहीं है। बता दें कि हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी और उसके भतीजे नीरव मोदी 14,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में आरोपी हैं। दोनों फरार चल रहे हैं। खैर, मार्च 2025 में बेल्जियम सरकार ने भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी की अपनी धरती पर मौजूदगी की पुष्टि की थी और कहा थी कि “वह इस मामले को बहुत महत्व और ध्यान दे रही है।” बेल्जियम पुलिस ने अस्पताल से किया गिरफ्तार (Mehul Choksi Arrested in Belgium)  प्राप्त जानकारी के मुताबिक चोकसी को बेल्जियम पुलिस ने एक अस्पताल से गिरफ्तार कर (Mehul Choksi Arrested in Belgium) अपनी कस्टडी में ले लिया है। वह इलाज के लिए बेल्जियम पहुंचा था। भारतीय एजेंसियों को जैसे ही उसकी मौजूदगी की खबर मिली वो एक्टिव हो गई। सीबीआई और ईडी ने 3 महीने पहले ही उसके प्रत्यर्पण के लिए एप्लिकेशन मूव की थी। मेहुल चोकसी इतना शातिर है कि बेल्जियम में शिंकजा कसता देख वह स्विट्ज़रलैंड भागने की फिराक में था। इससे पहले की वो भाग पात, भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर बेल्जियम प्रशासन ने उसे धर दबोचा। भारत से भागने के बाद चोकसी सीधा कैरेबियाई देश एंटीगुआ और बारबुडा पहुंच गया था। ख़बरों की माने तो उसने वहां की नागरिकता भी ले ली थी। इसके बाद वह वहां से डोमिनिका रिपब्लिक भी गया लेकिन वहां उसे अवैध रूप से घुसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन देशों से भारत कोई प्रत्यर्पण समझौता नहीं होने के कारण चोकसी भारत के चुंगल से बच निकला था। इस बार चौकसी ने गलती कर दी। जिस देश में उसमें पनाह ली उसका भारत से प्रत्यर्पण समझौता है। यह संधि 1901 से यानी अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। इसके तहत भारत चौकसी के प्रत्यपर्ण की मांग कर सकता है।  इसे भी पढ़ें:– इस वजह से अमेरिका ने ईरान को दी सैन्य हमला करने की धमकी बेल्जियम से भारत लाना है काफी (Mehul Choksi Arrested in Belgium) आसान  गौर करने वाली बात यह कि अभी महीना भर भी नहीं हुआ कि भगोड़े व्यवसायी मेहुल चोकसी और प्रीति चोकसी ने बेल्जियम का एफ रेजीडेंसी कार्ड हासिल किया था। प्रीति चोकसी बेल्जियम की निवासी हैं। दरअसल, चोकसी का पूरा परिवार बेल्जियम का है। साल 2024 में यह जोड़ा एंटीगुआ से बेल्जियम चला गया था। मेहुल के भतीजे नीरव मोदी को मई 2019 में लंदन में मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने गिरफ्तार किया था। नीरव के पास प्रत्यर्पण के लिए कानूनी विकल्प खत्म हो गए हैं, लेकिन वह मानवीय आधार पर ब्रिटेन में रहने में कामयाब रहा है। बता दें कि हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 13,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोपी है। सीबीआई ने मेहुल चोकसी और अन्य के खिलाफ 15 फरवरी, 2018 को पंजाब नेशनल बैंक से धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कर रखा है। देश से भागने के बाद मेहुल वर्षों तक गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था। मजे की बात यह कि खुद ही उस देश में पहुंच गया, जहां से उसे भारत लाना काफी (Mehul Choksi Arrested in Belgium) आसान है। बेल्जियम की एक अस्पताल से गिरफ्तारी के बाद अब चोकसी भारतीय एजेंसियों की पकड़ में आ सकता है।   Latest News in Hindi Today Hindi news Mehul Choksi Arrested in Belgium #MehulChoksi #PNBScam #ChoksiArrested #BelgiumNews #FraudAlert #NiravModi #FugitiveArrest #IndiaNews #ChoksiScam #BreakingNews

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Mumbai Indians vs Delhi Capitals

Mumbai Indians vs Delhi Capitals: मुंबई इंडियंस ने दिल्ली कैपिटल्स को दी 12 रनों से मात 

बीतते समय के साथ ही इंडियन प्रीमियर लीग 2025 का रोमांच बढ़ता ही जा रहा है। इसके रोमांच का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि हर फैंस को एक से बढ़कर एक रोमांचक मुकाबला देखने मिल रहा है। आईपीएल 2025 में रविवार 13 अप्रैल को दो मुकाबले खेले गए। जिसमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस ने जीत कर की। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने राजस्थान रॉयल्स को 9 विकेट से हराया। वहीं मुंबई ने रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को 12 रनों से शिकस्त दी। बीते रविवार यानी 13 अप्रैल को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians vs Delhi) Capitalsके बीच एक रोमांचक मुकाबले देखने मिला। इस मैच में  पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने दिल्ली कैपिटल्स को 12 रन से मात दे दी। गौर करने वाली बात यह कि दिल्ली की यह इस सीजन की पहली हार है। बड़ी बात यह कि लगातार दो मैच हारने के लिए बाद आखिरकार मुंबई ने अपने विजयी अभियान की शुरुआत एक बार फिर कर ली।  मुंबई इंडियंस के खिलाफ (Mumbai Indians vs Delhi) टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का किया फैसला  दरअसल, दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ (Mumbai Indians vs Delhi) टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया । पहले बल्लेबाजी करने उत्तरी मुंबई इंडियंस की टीम ने अच्छी कमाल की बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 205 रन बनाए। मुंबई की तरफ से तिलक वर्मा ने सर्वाधिक 59 रन बनाए। इसके अलावा रेयान रिकेल्टन ने 41 रन, सूर्यकुमार यादव ने 40 तो वहीं नमन धीर ने 38 रनों की पारी खेली। बता दें कि दिल्ली कैपिटल्स के लिए कुलदीप यादव और विप्रज निगम ने दो-दो विकेट चटकाए तो मुकेश कुमार को विकेट झटकने में सफलता मिली। दिल्ली कैपिटल्स की टीम 193 रन पर ही ऑल आउट (Mumbai Indians vs Delhi) हो गई 206 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की टीम 193 रन पर ही ऑल आउट (Mumbai Indians vs Delhi) हो गई। दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से करुण नायर ने शानदार 89 रन की पारी खेली। और करुण नायर ने बाद अभिषेक पोरेल ने 33 रन बनाए। इन दो बल्लेबाजों के अलावा दिल्ली कैपिटल्स का भी बल्लेबाज टिक नहीं पाया। मुंबई की तरफ कर्ण शर्मा ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए। मिचेल सेंटनर को दो विकेट मिले। दीपक चाहर और जसप्रीत बुमराह ने एक-ेएक विकेट झटके। मजेदार बात यह कि मैच के बाद दोनों टीमों के कप्तानों यानी हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें हार्दिक दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल को किस करते हुए नजर आ रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स को केकेआर से मिली करारी शिकस्त दिल्ली कैपिटल्स आसानी से मैच को अपने नाम कर (Mumbai Indians vs Delhi) सकती थी एक समय ऐसा लग रहा था कि दिल्ली कैपिटल्स आसानी से इस मैच को अपने नाम कर (Mumbai Indians vs Delhi) लेगी। लेकिन अंत में उन्हें 12 रन से मैच गंवाना पड़ा। कहने की जरूरत नहीं, मुंबई इंडियंस से मिली 12 रनों से हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल काफी निराश दिखे। अक्षर ने कहा कि “हमारे मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने बेहद खराब खेल का प्रदर्शन किया।” 205 रन के टारगेट को लेकर अक्षर पटेल ने कहा कि “उन्हें लगा कि 205 रन का लक्ष्य शानदार था क्योंकि यह अच्छी पिच थी और ओस भी आ रही थी। उन्होंने फील्डिंग में कुछ गलतियां की। अगर कैच नहीं छूटते तो टारगेट और कम रहता। इंपैक्ट सब के रूप में करुण नायर ने शानदार खेला दिखाया।” Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025  Mumbai Indians vs Delhi #mumbaiindians #delhicapitals #ipl2025 #mivsdc #cricketnews #iplhighlights #t20match #mivictory #iplthriller #indiansports

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Surya Gochar 2025

सूर्य गोचर 2025: 14 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश करते ही चमकेंगी इन 3 राशियों की किस्मत 

साल 2025 में 14 अप्रैल को सूर्य देवता अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करने जा रहे हैं। इस खगोलीय घटना को ज्योतिष शास्त्र में “सूर्य गोचर” (Surya Gochar) कहा जाता है, जिसका सीधा प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। लेकिन इस बार सूर्य के राशि परिवर्तन से विशेष रूप से तीन राशियों के लिए समय बहुत ही शुभ रहने वाला है। इन जातकों के लिए आने वाला समय तरक्की, सफलता और समृद्धि से भरपूर रहेगा। सूर्य का राशि परिवर्तन – एक विशेष घटना ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य हर माह एक राशि से दूसरी में प्रवेश करते हैं, लेकिन जब वे अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव और महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस साल सूर्य का यह विशेष गोचर 14 अप्रैल 2025 को होगा। सूर्य देव का मेष राशि में प्रवेश न केवल व्यक्ति के जीवन में, बल्कि राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आता है। सूर्य की मेष राशि में उच्चता का क्या है महत्व? मेष राशि सूर्य की उच्च राशि मानी जाती है। जब सूर्य मेष में आते हैं, तो उनका तेज, ऊर्जा और प्रभाव सबसे अधिक होता है। यह समय आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, निर्णय शक्ति और मान-सम्मान में वृद्धि के लिए आदर्श माना जाता है। विशेष रूप से उन लोगों को लाभ होता है जो प्रशासन, राजनीति, सरकारी सेवा, व्यापार या नेतृत्व से जुड़े क्षेत्र में कार्यरत हैं। इन 3 राशियों (Zodiac Signs) के लिए शुरू हो रहे हैं सुनहरे दिन: मेष राशि14 अप्रैल को सूर्य (Surya Gochar) के मेष राशि में उच्च स्थिति में प्रवेश से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे। यह गोचर आपकी बौद्धिक क्षमता को निखारेगा और समाज व परिवार में आपके विचारों को सराहा जाएगा। करियर से जुड़ी अड़चनें दूर होंगी और आप काम में पहले से अधिक ऊर्जावान महसूस करेंगे। इस दौरान आप अपने सभी कार्य समय से पहले पूरे कर पाएंगे। साथ ही, कार्य संबंधी यात्राएं होंगी जो लाभदायक सिद्ध होंगी। इसे भी पढ़ें:- बजरंगबली की कृपा चाहिए तो लगाएं ये भोग, हर परेशानी होगी दूर कर्क राशिसूर्य (Surya) जब आपके दशम भाव में उच्च स्थिति में आएंगे, तब यह समय आपके लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा। इस भाव में सूर्य का होना दिग्बली माना जाता है, जिससे करियर में उन्नति के योग बनते हैं। अप्रैल से मई के मध्य तक आपको नई नौकरी या प्रमोशन मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में भी सौहार्द और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। पिताजी या किसी बुजुर्ग की सलाह आपके लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकती है। आर्थिक समस्याओं से राहत मिलेगी और आप परिवार तथा प्रोफेशनल ज़िंदगी में एक कुशल नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभाएंगे। धनु राशिसूर्य (Surya Gochar) जब आपके पंचम भाव में प्रवेश करेंगे, तो यह शिक्षा, प्रेम और रचनात्मकता के क्षेत्रों में प्रगति का संकेत देगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सफलता मिल सकती है। स्कूल या कॉलेज के छात्र अपनी प्रतिभा से सबका ध्यान आकर्षित करेंगे। यह समय प्रेम जीवन के लिए भी अनुकूल है—आप अपने पार्टनर के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। आपकी बातों में सच्चाई और गहराई होगी, जिससे लोग आप पर भरोसा करेंगे। सामाजिक पहचान बढ़ेगी, और अगर आप लेखन, संगीत या कला क्षेत्र से जुड़े हैं तो आपकी कोई रचना लोगों के बीच प्रसिद्ध हो सकती है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Surya Gochar #SuryaGochar2025 #SunTransit2025 #AriesTransit #LuckyZodiacSigns #Astrology2025 #Horoscope2025 #April14SuryaGochar #SunInAries #ZodiacLuck #AstroUpdate

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how to handle wife’s affair

How to handle wife’s affair: वाइफ के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर होने पर क्रोधित न हों, आजमाएं इन पांच तरीकों को 

किसी भी शादीशुदा जिंदगी में सबसे जरूरी है, ‘आपसी विश्वास’। दुनिया का कोई भी रिश्ता विश्वास और एक दूसरे के सम्मान पर ही टिका हुआ है। जब तक विश्वास है, तब तक रिश्ता बना रहता है। विश्वास के डगमगाते ही रिश्ता भी डगमगा जाता है। कभी-कभी शक के चलते हालात इस कदर बन जाते हैं कि प्रगाढ़ से प्रगाढ़ रिश्तों में भी दरार आ जाती है। वैसे भी कौन किसे कब धोखा दे, कहा नहीं जा सकता। कहीं पति, पत्नी से दगाबाजी कर बैठता है तो कहीं पत्नी पति से। एक तरह से देखा जाए तो दोनों धोखा देने के मामले में एक-दूसरे से कम (how to handle wife’s affair) नहीं हैं। हालाँकि पहले मर्दों के ही अफेयर होते थे, अब औरतों के भी अफेयर होने लगे हैं। पहले वासना लोगों के बस में हुआ करती थी, अब लोग वासना के बस में हैं। बस बात इतनी सी है।  हो रही मौतों और दगाबाजी का एकमत्र वजह है विवाहोत्तर (how to handle wife’s affair) संबंध खैर, वर्तमान हालात पर नजर डालें तो कोई एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशन के चक्कर में अपने लवर के साथ मिलकर अपनी पत्नी को तो कहीं कोई अपने पति को ही  ठिकाने लगा दे रहा है। हो रही मौतों और दगाबाजी का एकमत्र वजह है विवाहोत्तर (how to handle wife’s affair) संबंध। यह एक बड़ी गंभीर समस्या है, जिससे आज का युवा पीड़ित है। एक दूसरे पर शक करने की बीमारी ने सात जन्मों के पवित्र रिश्तों को खोखला कर दिया है। ऐसे में मान लो यदि आपकी अपनी वाइफ का दिल किसी और पर आ जाये या फिर वो किसी और के प्रेम में पड़ जाए तो? कहने की जरूरत नहीं, यह भी पति के लिए मुश्किल भरा क्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में आगबबूला होने के बजाय समझदारी से काम लें। यहाँ हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आप आसानी से इस तरह की सिचुएशन को टैकल कर सकते हैं। यदि आपको अपनी पत्नी के एक्स्ट्रा मैरिटल के बारे में पता चलता हैं, तो इन पांच तरीकों को आजमाएं।  शांत होकर और खुले मन से करें (how to handle wife’s affair) बात  कहने की जरूरत नहीं, दुनिया का कोई भी पति नहीं चाहेगा कि उसकी अपनी पत्नी का किसी और के साथ अफेयर हो। यह किसी भी पति के लिए नाकाबिले बर्दाश्त है। ऐसे में गुस्से में आकर पत्नी पर अनावश्यक लांछन लगाने अथवा कुछ भी कहने से बचें। सबसे पहले न सिर्फ शांत मन से बात को समझने की कोशिश करें बल्कि पत्नी की भावनाओं को भी समझें। धैर्यपूर्वक उनकी बातों (how to handle wife’s affair) को सुनें और मामले को हर संभव सुलझाने की कोशिश करें। पत्नी को ऐसा न करने की हिदायत दें। यदि परिवार है, तो उन्हें परिवार की जिम्मेदारी का अहसास कराएं। और किसी भी तरह का कदम उठाने से पहले उन्हें गहन विचार-विमर्श करने की सलाह दें।  रिश्तों के महत्व  को (how to handle wife’s affair) समझाएं  आपको चाहिए कि आप अपने अनमोल पलों का उन्हें अहसास (how to handle wife’s affair) कराएं। अपने रिश्तों की गहराई और प्रेम को समझाएं। एक दूसरे के साथ साझा किए गए लम्हों की उनसे चर्चा करें, ताकि उन्हें रिश्तों के महत्व का अहसास हो सके। निश्चित यह उन्हें सोचने पर मजबूर करेगा कि क्या नया अट्रैक्शन उनके पुराने रिश्ते की गहराई से ज्यादा कीमती है।  पत्नी की भावनाओं का सम्मान करें  अपनी पत्नी के इमोशंस को अनदेखा करने या उनका मजाक उड़ाने से बचें। हो सकता है, उनके जज्बात सच्चे हों, वो बात और है कि ये आपके लिए दुखदायी हो। उनकी भावनाओं की कदर करें और उसे स्वीकारने की कोशिश करें। उन्हें अपनी पीड़ा का अहसास कराएं। उन्हें यह समझाएं कि उनका यह कृत्य किस तरह उन्हें भीतर ही भीतर खाये जा रहा है। बेशक आपका ये नजरिया रिश्तों को मधुर बना (how to handle wife’s affair) सकता है।  इग्नोर करने से रिश्तों में आ जाती है कड़वाहट  कभी-कभी वाइफ को इग्नोर करने से रिश्तों में कड़वाहट आ (how to handle wife’s affair) जाती है। पति को चाहिए कि वो खुद आगे बढ़कर रिश्ते को सुधारने की पहल करे। मसलन, एक साथ क्वालिटी टाइम बिताना, छोटी-छोटी खुशियां शेयर करना अथवा उनकी पसंद-नापसंद का ख्याल रखना। इससे उनकी नजर में आपकी छवि अपने रिश्तों को बनाये रहने वाले के रूप में होगी। दरअसल,  ये दर्शाएगा कि आप रिश्ते को बचाने के लिए कितने गंभीर हैं।  इसे भी पढ़ें: Health issues in summer: गर्मी में होने वाली 5 सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं और उनसे सुरक्षित रहने के टिप्स समझदार इंसान से (how to handle wife’s affair) सलाह लें  यदि बातचीत से हालात सुधरते न दिखें, तो कपल काउंसलिंग या मैरिज थेरपी का सहारा लें। एक निष्पक्ष व्यक्ति भी दोनों पक्षों की बात सुनकर रिश्ते को मजबूत करने के तरीके सुझा सकता है। यह कदम रिश्ते को टूटने से बचा (how to handle wife’s affair) सकता है। यदि आपके परिवार में कोई समझदार इंसान हो तो नकी मदद लेना भी एक समझदारी से भरा कदम हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi how to handle wife’s affair RelationshipAdvice #MarriageCounseling #ExtramaritalAffair #EmotionalHealing #MentalPeace # MarriageCrisis #HandleAffairWisely #SelfGrowth #TrustIssues #CalmInChaos

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Mamata Banerjee statement

Mamata Banerjee statement: वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कही यह बात, भड़की बीजेपी  

वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हिंसक विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। मुर्शिदाबाद में नए कानून के विरोध में शुक्रवार को मालदा, मुर्शिदाबाद, दक्षिण 24 परगना और हुगली जिलों में हिंसा भड़कने के दौरान पुलिस वैन समेत कई वाहनों को आग लगा दी गई, सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके गए और सड़कें जाम कर दी गईं। बता दें कि वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल में हो रहे विरोध-प्रदर्शन और हिंसा के बीच टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की पहली प्रतिक्रिया (Mamata Banerjee statement) सामने आई है। जारी इस हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर कहा कि “सभी धर्मों के लोगों से मेरी विनम्र अपील है कि कृपया शांत रहें, संयमित रहें। धर्म के नाम पर किसी भी अधार्मिक गतिविधि में शामिल न हों। हर इंसान की जान कीमती है। राजनीति के लिए दंगे न भड़काएं। जो लोग दंगे भड़का रहे हैं, वे समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि “याद रखें, हमने वह कानून नहीं बनाया, जिस पर बहुत से लोग भड़के हुए हैं। यह कानून केंद्र सरकार ने बनाया है। इसलिए आप जो जवाब चाहते हैं, वह केंद्र सरकार से मांगना चाहिए।” इस दौरान उन्होंने पूछा कि “हमने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि “हम इस कानून का समर्थन नहीं करते। यह कानून हमारे राज्य में लागू नहीं होगा। तो दंगा किसलिए?” दंगा भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी (Mamata Banerjee statement) ममता बनर्जी ने कहा (Mamata Banerjee statement) कि “दंगा भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम किसी भी हिंसक गतिविधि का समर्थन नहीं करते। कुछ राजनीतिक दल राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके बहकावे में न आएं।” ममता ने आगे कहा कि “मुझे लगता है कि धर्म का मतलब मानवता, सद्भावना, सभ्यता और सद्भाव है। मैं सभी से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करती हूं।” बता दें कि मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के विरोध में बीते एक सप्ताह में दो बार हिंसा भड़की हुई है। इसे लेकर भाजपा लगातार ममता बनर्जी पर निशाना साध रही है। इसे भी पढ़ें:-ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ममता बनर्जी के भाषण के दौरान हुआ जमकर हंगामा, बोलो दीदी को कोई फर्क नहीं पड़ता  केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन कानून को अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगी- ममता बनर्जी  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा (Mamata Banerjee statement) कि “वे केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन कानून को अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगी।” उन्होंने यह भी कहा कि “लोग उन पर भरोसा करें कि यह कानून बंगाल में नहीं आएगा।” क्या सच में ममता बनर्जी अपने राज्य में वक़्फ़ संसोधन बोल को नहीं लागू करेंगी, आखिर क्यों? ऐसे में यहाँ जानना जरूरी यह कि राज्य सरकारें केंद्रीय कानूनों को रोकने में कितनी सक्षम हैं? तो अनुच्छेद 254 के अनुसार, अगर केंद्र का कानून लागू है, तो राज्य सरकार उसके खिलाफ नहीं जा सकती। लेकिन राजनीतिक कारणों से, राज्य सरकारें कानूनों को लागू करने में बाधा डालने की कोशिश कर सकती हैं। खैर, यह एक संवैधानिक मुद्दा बन सकता है। जानकारों की माने तो अनुच्छेद 256 के मुताबिक राज्य सरकारें केंद्र द्वारा कानून और उनके निर्देशों का पालन करने से मना नहीं सकती हैं। केंद्र के निर्देशों को पालन करना राज्यों का दायित्व है। Latest News in Hindi Today Hindi news Mamata Banerjee statement #WaqfActControversy #WestBengalPolitics #MamataBanerjee #BJPVsTMC #WaqfDebate #MinorityRights #PoliticalClash #IndiaNews #WaqfLawProtest #PropertyDispute

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Remedies to Remove Shani Effects

हनुमान जन्मोत्सव 2025: हनुमान जयंती पर जरूर करें ये उपाय, ढैय्या-साढ़ेसाती का असर होगा दूर

आज देशभर में आस्था और श्रद्धा के साथ हनुमान जन्मोत्सव (Hanuman Janmotsav) मनाया जा रहा है।  इस वर्ष यह पर्व शनिवार को पड़ रहा है, जो और भी अधिक शुभ माना गया है क्योंकि शनिवार और हनुमान जी का विशेष संबंध है। माना जाता है कि शनिवार के दिन हनुमान जी (Hanuman Ji) की उपासना करने से शनि से संबंधित समस्त दोष जैसे साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि पीड़ा से राहत मिलती है। इस दिन भक्त विशेष उपाय और पूजा-अर्चना करके बजरंगबली की विशेष कृपा पा सकते हैं। हनुमान जन्मोत्सव का महत्व हनुमान जी (Hanuman Ji)को संकटमोचन कहा गया है, जो अपने भक्तों की हर पीड़ा को हर लेते हैं। वे रामभक्त, बल-बुद्धि और ज्ञान के प्रतीक हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र माह की पूर्णिमा को हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करते हैं। मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई जाती हैं और हनुमान जी को उनका प्रिय भोग अर्पित किया जाता है। शनिवार और हनुमान जी का विशेष संबंध धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि हनुमान जी (Hanuman Ji) के सच्चे भक्तों पर शनि देव अपनी कड़ी दृष्टि नहीं डालते। इसी कारण शनि से जुड़े दोषों और कष्टों को दूर करने के लिए हनुमान जी की पूजा को सबसे प्रभावी माना जाता है। इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव शनिवार के दिन आ रहा है, जो एक शुभ और दुर्लभ योग है। ऐसे में यदि आप इस विशेष दिन पर कुछ खास उपाय अपनाते हैं, तो न केवल जीवन की कई समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है, बल्कि शनि की दशा, महादशा, साढ़ेसाती या ढैय्या जैसे कष्टों का प्रभाव भी कम हो सकता है। इस दिन अवश्य करें ये उपाय इसे भी पढ़ें:- बजरंगबली की कृपा चाहिए तो लगाएं ये भोग, हर परेशानी होगी दूर विशेष भोग: जो बनेंगे कृपा का माध्यम हनुमान जी (Hanuman Ji) को प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय भोग जैसे बेसन के लड्डू, बूंदी, इमरती, गुड़-चना, केला और खीर अर्पित करें। यह मान्यता है कि इन वस्तुओं का भोग लगाने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन से संकट दूर हो जाते हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Hanuman Janmotsav #HanumanJayanti2025 #HanumanJanmotsav #ShaniDosh #SadeSatiRemedy #HanumanRemedies #SpiritualTips #DhaiyyaRelief #HanumanPuja #RemoveNegativity #ShaniRemedies

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MP Court Gives Death Sentence in 6-Year-Old Rape Case

6-year-old rape and murder: एमपी में 6 साल की मासूम से रेप और हत्या के दोषी को कोर्ट ने दी सजा-ए-मौत

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में 6 साल की बच्चे के साथ रेप और उसकी हत्या (6-year-old rape and murder) करने के अपराधी को मौत की सजा दी गई है। जानकारी के मुताबिक प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान ने 88 दिन चली सुनाई के बाद शुक्रवार शाम आरोपी अजय को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही 3000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा पीड़िता के परिवार को 4 लाख रुपये के मुआवजे का भी ऐलान किया।  यही नहीं उन्होंने बच्ची पर कविता लिखकर संवेदना भी जताई है। दरअसल, आरोपी अजय ने 9 जनवरी की रात को बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। जिसके बाद मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। दुष्कर्म करने के बाद आरोपी ने उसका मुंह दबाकर (6-year-old rape and murder) कर दी थी हत्या  जानकारी के मुताबिक 2 जनवरी की रात 9 बजे आरोपी अजय ने बच्ची का अपहरण कर लिया था। जिसके बाद उसने झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ गलत काम किया। इस दौरान बच्ची के चिल्लाने पर आरोपी ने उसका मुंह दबाकर हत्या (6-year-old rape and murder) कर दी थी। हत्या करने के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया। इस बीच बच्ची के परिवार ने पूरे गांव में उसकी तलाश करने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी अजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। शुरुआत में न नुकुर करने के बाद अजय ने अपना गुनाह क़ुबूल कर लिया था।  इसे भी पढ़ें:- पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा जज ने आरोपी को 3000 रुपए का जुर्माना लगाते हुए मौत (6-year-old rape and murder) की सुनाई सजा  बता दें कि इस मामले में 13 जनवरी को कोर्ट में चालान पेश किया गया था। इसके बाद अभियोजन पक्ष की तरफ से कोर्ट में कुल 39 गवाह पेश किए गए थे। सभी ने घटना की पुष्टि की। इसके अलावा 96 दस्तावेज और 33 सबूत पेश किए गए। मुख्य बात यह कि डीएनए रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक मनोज जाट ने शासन का पक्ष रखा। कोर्ट ने सभी सबूतों के आधार पर आरोपी को पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में दोषी पाया। जज ने आरोपी को 3000 रुपए का जुर्माना लगाते हुए मौत (6-year-old rape and murder) की सजा सुनाई है। बच्चों के खिलाफ इस तरह की दुखद घटनाएं दिल को झकझोर देती हैं। आलम यह है कि दरिंदें हर नुक्कड़ और चौराहे पर बैठे हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता की सबब बनते जा रही है। मौजूदा दौर में बच्चों के प्रति बढ़े अपराध के बाद तो यही कहा जा सकता है कि जब तक आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलेगी तब तक उनके हौसलें पस्त नहीं होंगे। सरकार को ऐसे कानून बनाने चाहिए जिससे ऐसे दुर्दांत अपराधियों को ऊपरी अदालत में अपील करने का मौका ही न मिले। Latest News in Hindi Today Hindi News 6-year-old rape and murder #MPNews #ChildAbuse #JusticeForVictims #DeathPenalty #IndiaNews #RapeCase #CrimeNews #CourtVerdict #SaveChildren #LegalJustice

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Vasundhara Raje's Rift Shakes BJP

Vasundhara Raje BJP rift: वसुंधरा राजे की नाराजगी से बीजेपी में मचा हड़कंप, अशोक गहलोत ने तंज कसते हुए कही यह बात

राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की नाराजगी ने (Vasundhara Raje BJP rift) बीजेपी खेमे में हलचल मचा दी है। राजे के बयान का असर यह हुआ कि आनन-फानन मेंसीएम भजनलाल शर्मा को जलदाय विभाग के अधिकारियों को तलब करना पड़ा। दरअसल, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने झालावाड़ से राजस्थान में पानी के संकट का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद से सूबे सियासत गरमा गई थी।  विपक्ष ने सवाल उठाया कि अगर वसुंधरा राजे हकीकत में पानी के संकट पर गंभीर हैं तो पूरे राजस्थान को लेकर बात करनी चाहिए। इसके बाद बीजेपी बैकफुट पर आ गई। सीएम भजनलाल ने संबंधित विभाग से जुड़े अधिकारियों की क्लास ले ली। और सख्त चेतावनी देते हुए सूबे में पानी का विशेष इंतजाम करने की हिदायत दे दी।  पानी की किल्लत के चलते राजे ने अफसरों को लगाई फटकार (Vasundhara Raje BJP rift)  बता दें कि बीते दिनों पूर्व सीएम वसुंधरा राजे झालावाड़ के अपने निर्वाचन क्षेत्र में अचानक जा पहुंची और तपती गर्मी के बीच ग्रामीण इलाके में लोगों की समस्याएं सुनने लगी। स्थानीय लोगों ने पानी संकट की बात रखी, तो राजे ने अफसरों को फटकार (Vasundhara Raje BJP rift) लगाते हुए कहा कि “अफसर सो रहे हैं। जनता रो रही है, वे ऐसा नहीं होने देंगी।” गौर करने वाली बात यह कि राजस्थान में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की कार्यकारिणी का फैसला होना है। और ऐसे समय में राजे ने भजनलाल सरकार की ब्यूरोक्रेसी की क्लास उस समय लगाकर सीएम को सकते में डाल दिया है। कहने की जरूरत नहीं, राजे की इस नाराजगी को भजनलाल सरकार पर बिना नाम लिए हमला माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे पानी का मुद्दा उठाकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करके खुद की भी नाराजगी जाहिर कर दी। राजे की नाराजगी के बाद सकते में आई बीजेपी ने सफाई दी। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि “राजे अपनी क्षेत्र की चिंता कर रही हैं। उन्हें अधिकारियो को ऐसे समझना पड़ा।  इसे भी पढ़ें:- काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी को आड़े हाथों लेने का मौका दे दिया है कहने की जरूरत नहीं, राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी में गुटबाजी और सरकार से नाराजगी पर वार करने का मौका दे दिया। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राजे के बयान को जायज ठहराते हुए कहा कि “वसुंधरा राजे ने ठीक मुद्दा उठाया लेकिन वो दो बार सीएम रह चुकी हैं और सरकार को पानी को लेकर काम से संतुष्ट नहीं है तो पूरे राज्य के हित में इस मुद्दे को उठाना चाहिए और सरकार की पानी की योजना की खामियों को गिनाना चाहिए।” इत्तेफ़ाक की बात यह कि वसुंधरा राजे बयान के अगले दिन ही उनके करीबी सिविल लाइन विधायक गोपाल शर्मा ने अतिक्रमण हटाने के सरकारी अभियान का विरोध करते हुए अपनी ही सरकार पर हिन्दू विरोधी काम करने का आरोप मढ़ दिया। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि एक बार फिर राजथान बीजेपी की गुटबाजी खुलकर जाहिर होने लगी है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Vasundhara Raje BJP rift #VasundharaRaje #BJP #AshokGehlot #RajasthanPolitics #PoliticalRift #BJPNews #RajeVsBJP #GehlotRemark #BJPConflict #IndianPolitics

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NIA's Fear Over Tahawwur Rana Forces Tight Security Measures

Tahawwur Rana NIA fear: एनआईए को सता रहा इस बात का डर, कहीं तहव्वुर राणा….सख्त किया पहरा

26/11 को मुंबई में हुए आतंकी हमले के साजिशकर्ताओं में से एक आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किये जाने के बाद एनआईए मुख्यालय के भीतर बनी सबसे सुरक्षित सेल में रखा गया है। मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक 64 वर्षीय राणा (Tahawwur Rana NIA fear) के इर्द-गिर्द कड़े सुरक्षा के इंतजाम किया गए हैं। सुरक्षा का आलम यह है कि 24 घंटे सीसीटीवी के माध्यम से उसकी निगरानी की जा रही है। इसके अलावा सुरक्षाकर्मी भी कड़ा पहरा दे रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लोधी रोड पर स्थित एनआईए मुख्यालय को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। उसे ग्राउंड फ्लोर पर 14×14 सेल में रखा गया है। उसकी सुरक्षा का अंदाजा इसीसे लगा सकते हैं कि वो खुद की किसी भी तरह से नुकसान न पहुंचा ले इस हेतु उसे लिखने के लिए सिर्फ सॉफ्ट-टिप पेन के इस्तेमाल की ही अनुमति होगी। बता दें कि राणा को आत्महत्या की निगरानी पर रखा गया है। बेशक पूछताछ में कई जानकारी सामने आने की उम्मीद है। एनआईए ने शुक्रवार को आतंकी हमले के पीछे की बड़ी साजिश को उजागर करने के लिए राणा (Tahawwur Rana NIA fear) से पूछताछ शुरू कर दी है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनआईए ने शुक्रवार को आतंकी हमले के पीछे की बड़ी साजिश को उजागर करने के लिए राणा (Tahawwur Rana NIA fear) से पूछताछ शुरू कर दी है। शुरूआती पूछताछ में आईएसआई के साथ उसके संबंधों के अलावा भारत में छुपे स्लीपर सेल, विशेष रूप से उसके सहयोगी डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाऊद गिलानी से जुड़े लोगों पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना है। दरअसल, हेडली पर पुष्कर, गोवा, दिल्ली और अन्य स्थानों पर स्लीपर सेल की भर्ती करने का संदेह है। खैर, इस बीच मुंबई आतंकी हमले के मुख्य आरोपियों में से एक आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किए जाने के मामले में कांग्रेस ने कहा कि “मोदी सरकार ने इस प्रक्रिया की शुरुआत नहीं की और वास्तव में यूपीए के तहत शुरू हुई।”  इसे भी पढ़ें:- स्टील की दीवारें, मोशन सेंसर, बायोमेट्रिक लॉक और 24 घंटे SWAT तैनात, तहव्वुर राणा को जहां रखा गया उसकी सुरक्षा है बेहद खास मोदी सरकार इस घटनाक्रम का श्रेय (Tahawwur Rana NIA fear) ले रही है-पी चिदंबरम बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि “मोदी सरकार इस घटनाक्रम का श्रेय (Tahawwur Rana NIA fear) ले रही है, जबकि सच्चाई कोसों दूर है।” चिदंबरम ने कहा कि “यह प्रत्यर्पण किसी दिखावे का नतीजा नहीं है, यह इस बात का प्रमाण है कि जब कूटनीति, कानून प्रवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ईमानदारी से और बिना किसी तरह की छाती ठोकने के साथ किया जाता है, तो भारत क्या हासिल कर सकता है।” वो यही यहीं रुके और उन्होंने कहा कि “यह प्रक्रिया 11 नवंबर, 2009 को शुरू हुई, जब एनआईए ने कहा कि अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली और कनाडाई नागरिक राणा और 26/11 की साजिश में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ नई दिल्ली में मामला दर्ज किया था।” Latest News in Hindi Today Hindi News Tahawwur Rana NIA fear #TahawwurRana #NIA #ExtraditionCase #TerrorAlert #IndiaUSRelations #SecurityUpdate #2611Attack #NIAAlert #TerrorSuspect #BreakingNews

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