Masik Shivratri 2025

Masik Shivratri: भगवान शिव-पार्वती की कृपा पाने का खास दिन है ‘मसिकशिवरात्रि’

हिंदू धर्म में शिवरात्रि का विशेष महत्व है। यह पर्व भगवान शिव (Lord Shiva) की आराधना और उनकी कृपा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। शिवरात्रि दो प्रकार की होती है – एक महाशिवरात्रि और दूसरी मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) । महाशिवरात्रि साल में एक बार मनाई जाती है, जबकि मासिक शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। आइए जानते हैं कि मासिक शिवरात्रि का क्या महत्व है, इसकी पूजा विधि क्या है और इससे जुड़ी कथा क्या है। मासिक शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त (Masik Shivratri Puja Muhurat) पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 27 मार्च को रात 11:03 बजे से आरंभ होकर 28 मार्च को शाम 07:55 बजे समाप्त होगी। इस आधार पर, चैत्र माह की मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) का व्रत गुरुवार, 27 मार्च 2025 को रखा जाएगा। मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव (Lord Shiva) की पूजा मध्य रात्रि में की जाती है।  मासिक शिवरात्रि का महत्व मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) का हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह व्रत भगवान शिव (Lord Shiva) और माता पार्वती की पूजा के लिए किया जाता है। मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है और उनकी कृपा प्राप्त की जाती है। इस व्रत को करने से भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। मासिक शिवरात्रि का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह व्रत भगवान शिव के प्रति भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। इस व्रत को करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? मासिक शिवरात्रि के लाभ नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Masik Shivratri #MasikShivratri #ShivParvati #LordShiva #ShivratriVrat #ShivPuja #Spirituality #Devotion #HinduFestivals #ShivaBlessings #ShivaBhakti

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Foods To Avoid Empty Stomach

जानिए इन 7 फूड्स के बारे में जिन्हें खाली पेट खाने से करना चाहिए नजरअंदाज

व्यस्त जीवनशैली के कारण हम में से अधिकतर लोग नाश्ते स्किप कर देते हैं, जो पूरी तरह से गलत है। ब्रेकफास्ट हमारे दिन का सबसे महत्वपूर्ण मील है, क्योंकि इसमें हम 10 से 12 घंटे बाद कुछ खाते हैं। जब इतने अंतर के बाद जब हम कुछ खाते हैं, तो सावधानियां बतरनी बहुत जरूरी हैं। दिन की शुरूआत में जो चीज सबसे पहले आपके पेट में जाती है, वही तय करती है कि आपका बाकी दिन कैसा बीतेगा? क्या आप जानते हैं कि जब हम खाली पेट (Empty Stomach) कुछ फूड्स का सेवन करते हैं, तो चाहे वो हेल्दी हों लेकिन पेट और डाइजेस्टिव प्रॉब्लम्स का कारण बन सकती हैं? जबकि कुछ फूड्स खाली पेट खाना सेहत के लिए अच्छा होता है। आइए जानें कौन से हैं वो फूड्स जिन्हें खाली पेट नहीं खाना चाहिए (Foods To Avoid Empty Stomach)? फूड्स जिन्हें खाली पेट नहीं खाना चाहिए (Foods To Avoid Empty Stomach): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार जब बात कई सामान्य नाश्तों की आती है, तो उनमें प्रोटीन और फाइबर की कमी होती है, जिससे आपको खाने के अगले मौके से पहले ही भूख लगने लगती है। वहीं, दूसरी चीजें फैट से भरी होती हैं और पेट को भरा और असहज महसूस करा सकती हैं। ऐसे में इस बात का पता होना चाहिए कि कौन से हैं वो फूड्स जिन्हें खाली पेट नहीं खाना चाहिए (Foods To Avoid Empty Stomach)?  1. खट्टे फल (Citrus fruits) खट्टे फल (Citrus fruits) खाने में स्वादिष्ट होते हैं, लेकिन यह कई बार समस्या के कारण भी बन सकते हैं। खट्टे फल (Citrus fruits) जैसे संतरा, निम्बू, चकोतरा आदि को खाली पेट (Empty Stomach) खाने से बचना चाहिए। इनमें सिट्रिक एसिड बहुत अधिक मात्रा में होते हैं, जिससे पेट में एसिडिटी बढ़ सकती है। सुबह खाली पेट इन्हें खाने से पेट में एसिडिटी बढ़ती है जिससे हार्टबर्न और अन्य कई समस्याएं हो सकती हैं।  2. चाय (Tea) अधिकतर लोग खाली पेट (Empty Stomach) सुबह उठते ही चाय (Tea) पीना पसंद करते हैं। इसी से उनके दिन की शुरुआत होती है। लेकिन, खाली पेट इसे पीना हानिकारक हो सकता है। स्टडीज की मानें तो अधिकतर लोग सुबह खाली पेट (Empty Stomach) चाय (Tea) पीने से परेशानियों का सामना कर सकते हैं। ऐसा भी माना गया है कि खाली पेट इसे पीने से जी मिचलाने और हार्टबर्न जैसे समस्याएं हो सकती हैं। इसका कारण यह है कि इसके टैनिन के कारण पैंक्रियाज ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन रिलीज करता है। इस प्रक्रिया से थकान और भूख बढ़ सकती है। 3. मसालेदार आहार (Spicy food) सुबह खाली पेट (Empty Stomach) मसालेदार आहार का सेवन करने से भी बचना चाहिए। यह मसालेदार आहार पेट की लायनिंग में समस्या का कारण बन सकता है। इससे डायजेशन प्रभावित हो सकता है और इसके साथ ही इससे कुछ अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। 4. कॉफी (Coffee) कॉफी उन प्रसिद्ध पेय पदार्थों में से एक है, जिसे बहुत से लोग सुबह उठते ही पीना पसंद करते हैं। लेकिन, यह बिलकुल भी हेल्दी नहीं है। कॉफी में कैफीन होता है जिसे इसकी अलर्टनेस को बढ़ाने वाले गुणों के लिए जाना जाता है। लेकिन, जब इसे खाली पेट (Empty Stomach) पिया जाता है, जो इसका प्रभाव उल्टा भी हो सकता है। इसके कारण लोग एंग्जायटी और घबराहट महसूस कर सकते हैं। 5. दही (Yogurt) दही खाने का एक हेल्दी विकल्प है, क्योंकि इसमें प्रोबायोटिक्स और कैल्शियम होता है। लेकिन, जब इसे खाली पेट (Empty Stomach) खाया जाता है तो पेट का एसिडिक एन्वॉयर्नमेंट हेल्दी गट बैक्टीरिया को नष्ट कर सकता है, जिससे उसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू कम हो सकती है। 6. तला हुआ भोजन (Oily food) पूरी, पकोड़े, भटूरे जैसे पसंदीदा नाश्ते को भी खाली पेट (Empty Stomach) खाना नुकसानदायक हो सकता है। तले हुए आहार में फैट कंटेंट अधिक होता है जिससे ब्लोटिंग व अपच जैसी परेशानियां हो सकती है और सुस्ती आ सकती है। इसे भी पढ़ें: तुलसी का पानी: जानें क्या हैं रोजाना सुबह इसे पीने के 6 आश्चर्यकारी फायदे 7. अधिक मीठी चीजें (Sugary food) अगर आपको मीठी चीजें खाना पसंद है और आप अक्सर मिठाईयां, पेस्ट्रीज या मीठे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, तो ध्यान रखें इन्हें नजरअंदाज करना बहुत जरूरी है। खासतौर पर इन्हें खाली पेट (Empty Stomach) नहीं खाना चाहिए। इससे इंसुलिन और ब्लड शुगर लेवल एकदम से बढ़ सकते हैं। इससे बाद में सुस्ती और थकावट का अनुभव हो सकता है। इसके साथ ही इससे डायरिया होने की संभावना भी बढ़ सकती है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें।  Latest News in Hindi Today Hindi  Foods To Avoid Empty Stomach #FoodsToAvoidEmptyStomach #EmptyStomach #Citrusfruits #Tea

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Bedroom Vastu Tips

Bedroom Vastu Tips: बेडरूम में नेगेटिव एनर्जी से बचने के लिए अपनाएं ये वास्तु टिप्स

वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम (Bedroom) घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, क्योंकि यहां हम अपना अधिकांश समय आराम और नींद में बिताते हैं। लेकिन कई बार बेडरूम डिजाइन करते समय लोग कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो नेगेटिव एनर्जी को आकर्षित करती हैं। इससे न केवल नींद प्रभावित होती है, बल्कि जीवन में तनाव और समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं। आइए जानते हैं कि बेडरूम बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कैसे नेगेटिव एनर्जी से बचा जा सकता है। बेडरूम के लिए जरूरी चीजें शास्त्रों के अनुसार बेडरूम का आरामदायक और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना आवश्यक है। इसके लिए सबसे पहले एक अच्छी क्वालिटी का गद्दा होना चाहिए, जो पीठ दर्द और शरीर के दर्द से बचाव करता है। इसके अलावा, कमरे में पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए, लेकिन बहुत तेज रोशनी से परहेज करना चाहिए, क्योंकि यह नींद को प्रभावित कर सकती है। नाइट लैंप का उपयोग करने से कमरे में शांति बनी रहती है। बेडरूम के रंग (Bedroom Color) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हल्के और सौम्य रंग मानसिक शांति प्रदान करते हैं, जबकि अधिक गहरे रंग तनाव बढ़ा सकते हैं। साथ ही, कमरे में अच्छी सुगंध का होना भी आवश्यक है, जिसके लिए सुगंधित मोमबत्तियां या एसेंशियल ऑयल डिफ्यूज़र का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा, अच्छी क्वालिटी के परदे भी जरूरी हैं, जो कमरे में पर्याप्त अंधेरा बनाए रखते हैं और गोपनीयता सुनिश्चित करते हैं। बेडरूम के लिए वास्तु टिप्स (Bedroom Vastu Tips) 1. बेडरूम की दिशा और स्थान वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम हमेशा घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। यह दिशा स्थिरता और शांति का प्रतीक मानी जाती है। अगर बेडरूम उत्तर-पूर्व दिशा में बनाया जाता है, तो यह नेगेटिव एनर्जी को आकर्षित करता है और जीवन में अशांति लाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार बेडरूम कभी भी घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने नहीं होना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और व्यक्ति की मानसिक शांति प्रभावित होती है। 2. बेड की सही पोजिशनिंग बेडरूम में बेड की सही पोजिशनिंग बेहद जरूरी है। वास्तु के अनुसार, बेड हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर सिर करके लगाना चाहिए। इससे नींद अच्छी आती है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अगर बेड उत्तर दिशा की ओर सिर करके लगाया जाता है, तो यह नेगेटिव एनर्जी (Negative Energy) को बढ़ावा देता है। इसके अलावा, बेड कभी भी खिड़की या दरवाजे के ठीक सामने नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे ऊर्जा का रिसाव होता है। 3. दर्पण का गलत प्लेसमेंट बेडरूम (Bedroom) में दर्पण का गलत प्लेसमेंट भी नेगेटिव एनर्जी को आकर्षित करता है। वास्तु के अनुसार, दर्पण कभी भी बेड के सामने नहीं लगाना चाहिए। इससे व्यक्ति की ऊर्जा प्रभावित होती है और नींद में बाधा आती है। अगर बेडरूम में दर्पण लगाना जरूरी हो, तो इसे बेड के साइड में लगाएं और सोते समय इसे कपड़े से ढक दें। इससे नेगेटिव एनर्जी (Negative Energy) से बचा जा सकता है। 4. बेडरूम की सफाई और वेंटिलेशन है जरूरी राजाराम के अनुसार, बेडरूम को अधिक आरामदायक बनाने के लिए उसमें पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और हवा का प्रवाह होना आवश्यक है। यदि कमरे में खिड़की नहीं है या वेंटिलेशन सही नहीं है, तो यह सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए, ताजी हवा के लिए उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था करना जरूरी है। साथ ही, बेडरूम में अनावश्यक सामान और गंदगी इकट्ठा करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) बढ़ सकती है। एक साफ-सुथरा और व्यवस्थित कमरा सकारात्मक माहौल बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा, ताजगी बनाए रखने के लिए कमरे में एक छोटा इनडोर प्लांट लगाना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे भी पढ़ें:- दो बार बन रहा है यह दुर्लभ योग, जानें किनके लिए है विशेष शुभ 5. पौधों का चयन बेडरूम (Bedroom) में पौधे लगाना अच्छा माना जाता है, लेकिन कुछ पौधे नेगेटिव एनर्जी को बढ़ावा देते हैं। वास्तु के अनुसार, बेडरूम में कांटेदार पौधे या सूखे हुए पौधे नहीं रखने चाहिए। बेडरूम में तुलसी, मनी प्लांट या लकी बांस जैसे पौधे रख सकते हैं, जो सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का संचार करते हैं। 6. प्रकाश का सही उपयोग बेडरूम (Bedroom) में प्रकाश का सही उपयोग भी बेहद जरूरी है। वास्तु के अनुसार, बेडरूम में तेज रोशनी वाले बल्ब या ट्यूब लाइट नहीं लगाने चाहिए। इससे मन अशांत होता है और नींद प्रभावित होती है। बेडरूम में हल्की और मध्यम रोशनी का उपयोग करना चाहिए। इससे मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का संचार होता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news #BedroomVastu #VastuTips #PositiveEnergy #VastuForHome #BedroomDecor #VastuShastra #HomeEnergy #VastuRemedies #HealthyLiving #VastuForPeace

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WPL2025Final

WPL 2025 का फाइनल: दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के बीच महामुकाबला आज

विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2025 का आज फाइनल मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स वीमेन (DCW) और मुंबई इंडियंस वीमेन (MIW) के बीच होने वाला है। आज का मैच मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में शाम 8 बजे से खेला जाएगा। दोनों टीमें लीग चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक पहुंची हैं, जिससे फैंस को एक रोमांचक और कांटे की टक्कर वाले मुकाबले की उम्मीद है। दिल्ली कैपिटल्स का लीग चरण में शानदार प्रदर्शन दिल्ली कैपिटल्स वीमेन की टीम का इस सीजन का प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा है। उन्होंने लीग चरण में कुल आठ मुकाबले खेले, जिसमें से पांच में जीत दर्ज की और तीन में हार का सामना करना पड़ा। इस प्रदर्शन के साथ दिल्ली कैपिटल्स ने 10 अंकों के साथ तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया और सीधे फाइनल में जगह बना ली। दिल्ली कैपिटल्स की कप्तान मेग लैनिंग ने इस सीजन में टीम को बेहतरीन ढंग से नेतृत्व दिया है। उनकी रणनीति और बल्लेबाजी ने टीम को कई मुकाबलों में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा और मरिजाने कैप जैसी खिलाड़ियों ने भी अपने प्रदर्शन से टीम को मजबूत किया है। गेंदबाजी में शिखा पांडे और राधा यादव की जोड़ी ने विपक्षी टीमों के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं। मुंबई इंडियंस का प्रभावशाली प्रदर्शन मुंबई इंडियंस वीमेन की टीम का प्रदर्शन भी इस सीजन में शानदार रहा। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने आठ मुकाबलों में पांच जीत दर्ज की और तीन मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस प्रदर्शन के चलते मुंबई की टीम 10 अंकों और +0.192 नेट रन रेट के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर रही। मुंबई इंडियंस की सफलता में कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ-साथ नेट साइवर-ब्रंट, पूजा वस्त्राकर और हेले मैथ्यूज का योगदान अहम रहा। वहीं, गेंदबाजी में इस्सी वोंग और अमेलिया केर की धारदार गेंदबाजी ने टीम को मुश्किल परिस्थितियों में जीत दिलाई। मुंबई इंडियंस ने एलिमिनेटर में दिखाई ताकत फाइनल में पहुंचने के लिए मुंबई इंडियंस को एलिमिनेटर मुकाबले में गुजरात जायंट्स का सामना करना पड़ा। इस मैच में मुंबई की टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। उन्होंने गुजरात जायंट्स को 47 रनों के अंतर से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इस मुकाबले में मुंबई के बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने संतुलित प्रदर्शन किया, जिससे टीम को एकतरफा जीत मिली। हेड टू हेड रिकॉर्ड: कौन है मजबूत दावेदार? अगर दिल्ली कैपिटल्स वीमेन और मुंबई इंडियंस वीमेन के अब तक के आमने-सामने के प्रदर्शन की बात करें तो दोनों टीमों के बीच कुल सात मुकाबले हुए हैं। इनमें से दिल्ली कैपिटल्स ने चार मुकाबले जीते हैं, जबकि मुंबई इंडियंस ने तीन मैचों में जीत हासिल की है। दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने अपने आक्रामक बल्लेबाजी क्रम के दम पर कई बार मुंबई इंडियंस को दबाव में डाला है। वहीं, मुंबई इंडियंस की टीम अपने मजबूत ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए जानी जाती है। ऐसे में दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने वाला है। दिल्ली और मुंबई के बीच अहम खिलाड़ी कौन होंगे? दिल्ली कैपिटल्स: मेग लैनिंग- अनुभवी बल्लेबाज और कप्तान के रूप में लैनिंग का प्रदर्शन टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। शेफाली वर्मा- अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर शेफाली दिल्ली की पारी को तेज शुरुआत देने में सक्षम हैं। जेमिमा रोड्रिग्स- मिडल ऑर्डर में स्थिरता देने वाली बल्लेबाज जेमिमा पर भी फैंस की निगाहें रहेंगी। मुंबई इंडियंस: हरमनप्रीत कौर- कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत की अनुभवी नेतृत्व क्षमता टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकती है। नेट साइवर-ब्रंट- अपनी ऑलराउंड क्षमता के कारण साइवर-ब्रंट किसी भी समय मैच का रुख बदलने में सक्षम हैं। हेले मैथ्यूज- बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाली मैथ्यूज मुंबई के लिए तुरुप का पत्ता साबित हो सकती हैं। इसे भी पढ़ें:-गिरिडीह में होली जुलूस पर पत्थरबाजी, हिंसक झड़प और आगजनी किसके पास है फाइनल जीतने का मौका? दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के बीच अब तक के प्रदर्शन को देखते हुए फाइनल में कड़ी टक्कर होने की संभावना है। दिल्ली कैपिटल्स का मजबूत टॉप ऑर्डर और मुंबई इंडियंस का बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन इस मुकाबले को दिलचस्प बना सकता है। फैंस को उम्मीद है कि ब्रेबोर्न स्टेडियम में होने वाला यह महामुकाबला महिला क्रिकेट के स्तर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगा। दोनों टीमों के खिलाड़ी पूरे जोश के साथ मैदान में उतरेंगे, और दर्शकों को एक यादगार फाइनल देखने को मिलेगा। महिला प्रीमियर लीग 2025 का फाइनल मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए खास होने वाला है। दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस, दोनों ही टीमें शानदार फॉर्म में हैं और अपने-अपने मजबूत पक्षों के साथ फाइनल जीतने का दमखम रखती हैं। देखना दिलचस्प होगा कि इस रोमांचक भिड़ंत में कौन सी टीम जीत का ताज अपने सिर सजाती है। Latest News in Hindi Today Hindi news WPL #WPL2025Final #DelhiCapitals #MumbaiIndians #WomenInCricket #MegLanning #HarmanpreetKaur #CricketFinal #WPLChampions #CricketFever #WomensCricket

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UCEED Counselling 2025

UCEED Counselling: काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू, जल्दी करें आवेदन और सुरक्षित करें अपनी सीट

अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी को आईआईटी बॉम्बे द्वारा आयोजित किया जाता है। इन्होने इसका रिजल्ट 7 मार्च 2025 को घोषित कर दिया है। अब आईआईटी बॉम्बे( IIT Bombay) ने इसके लिए कॉउंसलिंग शुरू कर दी है और इसके लिए एक नोटिफिकेशन भी जारी की गयी है। उम्मीदवार आसानी से ऑनलाइन इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस कॉउंसलिंग के आधार पर ही योग्य उम्मीदवारों को देश के बेहतरीन डिजाइन इंस्टीट्यूट्स में यूजी डिजाइन कोर्सेस में प्रवेश मिलेगा। अधिक जानकारी आप ऑफिशियल वेबसाइट पर पा सकते हैं। आइए पाएं जानकारी यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) के बारे में। यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling): पाएं जानकारी जो उम्मीदवार यूसीडी परीक्षा में सफल हुए हैं, वो आईआईटी के विभिन्न परिसरों में बैचलर ऑफ डिजाइन प्रोग्रमम में प्रवेश के लिए कॉउंसलिंग और सीट अलॉटमेंट प्रोसेस में भाग ले सकते हैं। इस कॉउंसलिंग प्रोसेस में भाग लेने वाले मुख्य इंस्टीट्यूट्स में आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी इंदौर, आईआईटी रुड़की, आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay), आईआईटी गुवाहाटी और आईआईआईटीडीएम जबलपुर आदि शामिल हैं। इस कॉउंसलिंग में कैंडिडेट्स को उनके रैंक्स, सीट्स, प्राथमिकता आदि के अनुसार सीट मिलने का मौका मिलेगा। अन्य जानकारी आपको इनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी।  यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) प्रोसेस और फीस यूसीडी परीक्षा में भाग लेने वाले कैंडिडेट्स को 4000 रुपए फीस जमा करानी होगी और यह फीस पूरी तरह से नॉन-रिफंडेबल है यानी यह बापस नहीं होगी। आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) द्वारा इसके बारे में पूरी जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी की है। इसमें इस प्रोग्राम के लिए 245 सीटें उपलब्ध हैं। यह सीट आवंटन कैंडिडेट्स को मेरिट लिस्ट और उमीदवार की प्राथमिकता के आधार पर होगा। इस बात का ध्यान रखें कि इस सीटों का आवंटन स्टेप बाय स्टेप तरीके से किया जाएगा। अगर किसी कैंडिडेट को पहले राउंड में सीट नहीं मिलती है, तो वो अगले राउंड में शामिल हो सकते हैं। इसी तरह से पांच राउंड आयोजित किए जाएंगे। इसकी जानकारी भी प्रतियोगियों को पहले ही प्रदान कर दी जाएगी। यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) सीट एलोकेशन और अन्य जानकारी अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी की परीक्षा के लिए ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन पिछले साल 1 अक्टूबर को शुरू हुआ था और इसकी परीक्षा 19 जनवरी 2025 को आयोजित की गयी थी। आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) द्वारा यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) सीट एलोकेशन के लिए पांच राउंड आयोजित किए जाएंगे। इस हर एक रौँफ के बाद कट-ऑफ लिस्ट को निकाला आएगा, जिससे यह तय होगा कि किस उम्मीदवार को अगले रॉउंड में सीट मिलेगी। कैसे करें अप्लाई? जो कैंडिडेट यूसीईईडी परीक्षा में उपस्थित हुए थे और कॉउंसलिंग के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, वो इस तरह से इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं: इसे भी पढ़े: 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, जानें आवेदन प्रक्रिया और योग्यता ध्यान रखें कि अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) 14 मार्च से शुरू हो चुकी है और यह पांच राउंड्स में होगी। कॉउंसलिंग के लिए आप इस रेजिस्ट्रेशन को  केवल 31 मार्च तक ही कर सकते हैं। इसके बाद आप रेजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे। पहले राउंड के सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट 21 अप्रैल को आएगा।  इस बात का भी ध्यान रखें कि ऑनलाइन सीट अलॉट करने की प्रोसेस के दौरान किया गया एडमिशन ऑफर ही फाइनल होगा। जरूरी फीस के भुगतान, डाक्यूमेंट्स के वेरिफिएशन और अन्य फॉर्मलिटीज के बाद ही प्रतियोगी को प्रवेश मिलेगा। योग्य उमीदवार इस मौके को न गवाएं और आज ही यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) के लिए आवेदन करें।  Latest News in Hindi Today Hindi news UCEED Counselling #UndergraduateCommonEntranceExaminationforDesign #UCEED #UCEEDCounselling #IIT Bombay #IIT

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Sanjay Raut on Maharashtra Govt

महाराष्ट्र सरकार का शासन औरंगजेब से भी बदतर: संजय राउत 

महाराष्ट्र में मुगल शासक औरंगजेब (Aurangzeb) पर शुरू हुआ विवाद और राजनीतिक बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। इस बहस में अब शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) भी कूद पड़े हैं। राउत ने कहा है कि भाजपा की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार औरंगजेब से भी बदतर है। इस नकारी सरकार के कारण ही महाराष्ट्र के किसान मर रहे हैं, बेरोजगार और महिलाएं आत्महत्या करने को मजबूर हैं।  बता दें कि औरंगजेब (Aurangzeb) को लेकर पिछले कई दिनों से सियासी संग्राम चल रहा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सपा विधायक अबु आजमी ने औरंगजेब को क्रूर शासक मानने से इनकार करते हुए कहा कि औरंगजेब के समय में भारत सोने की चिड़िया थी। औरंगजेब के समय में मंदिर नहीं तोड़ गए थे और संभाजी महाराज की हत्या राजनीतिक कारण से हुई थी। आजमी के इस बयान का सभी पार्टियों ने विरोध किया और खूब सियासी बयानबाजी हुई। बात औरंगजेब की कब्र खोदने तक पहुंच गई। अब इस विवाद में संजय राउत (Sanjay Raut) भी कूद गए हैं।  जनता त्रस्त है, लेकिन ये अत्याचार करने में जुटे- संजय  संजय राउत (Sanjay Raut) ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘औरंगजेब को जमीन के नीचे दफन हुए 400 साल हो चुका है, उसे भूल जाइए। क्या महाराष्ट्र के किसान औरंगजेब (Aurangzeb) के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। वे भाजपा की अगुवाई वाली सरकार की वजह से ऐसा कर रहे हैं।’ संजय राउत ने कहा कि जिस तरह से मुगल शासक औरंगजेब ने अत्याचार किए थे, उसी तरह ये सरकार भी जनता पर अत्याचार कर रही है। इनकी वजह से किसान, बेरोजगार और महिलाएं आत्महत्या कर रही। जनता त्रस्त है, लेकिन ये अत्याचार करने में जुटे हैं।   इसे भी पढ़ें:-गिरिडीह में होली जुलूस पर पत्थरबाजी, हिंसक झड़प और आगजनी संजय राउत ने यह बयान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के उस टिप्पणी पर दी। जिसमें फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कहा था कि हर देशवासी महसूस कर रहा है कि छत्रपति संभाजी नगर में मौजूद औरंगजेब की कब्र को हटा देना चाहिए। संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता औरंगजेब का कब्र हटाने की नहीं सोच रही, वह इस अत्याचारी सरकार को हटाने की सोच रही है। यह सरकार राज्य को लूटने में जुटी हुई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sanjay Raut #SanjayRaut #MaharashtraPolitics #ShivSena #UddhavThackeray #EknathShinde #BJPShivSena #Aurangzeb #MVA #MaharashtraNews #PoliticalControversy

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Dwipushkar Yoga 2024

Dwipushkar Yoga: दो बार बन रहा है यह दुर्लभ योग, जानें किनके लिए है विशेष शुभ

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने में इस साल दो बार द्विपुष्कर योग बन रहा है, जो एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ योग माना जाता है। सनातन धर्म में चैत्र मास का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि यह महीना पूरी तरह से मां दुर्गा को समर्पित होता है। इस दौरान भक्त प्रतिदिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और उपासना करते हैं। विशेष रूप से, चैत्र नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, साथ ही श्रद्धालु नवरात्रि व्रत का पालन करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से साधक की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि एवं सौभाग्य की वृद्धि होती है। ज्योतिषीय दृष्टि से, इस वर्ष चैत्र मास में दो बार दुर्लभ द्विपुष्कर योग का संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस योग के दौरान मां दुर्गा की भक्ति और साधना करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही, इस शुभ योग में किए गए कार्यों में सफलता और सिद्धि प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कि द्विपुष्कर योग (Dwipushkar Yoga) क्या है, यह कब बन रहा है और किन लोगों के लिए यह विशेष रूप से शुभ होगा। द्विपुष्कर योग क्या है? द्विपुष्कर योग (Dwipushkar Yoga) एक अत्यंत शुभ और दुर्लभ योग है, जो तब बनता है जब एक ही दिन में दो पुष्कर योग होते हैं। पुष्कर योग को हिंदू ज्योतिष में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह धन, समृद्धि और सौभाग्य लाने वाला होता है। जब एक दिन में दो बार पुष्कर योग बनता है, तो इसे द्विपुष्कर योग कहा जाता है। पुष्कर योग तब बनता है जब बृहस्पति और चंद्रमा की स्थिति विशेष रूप से अनुकूल होती है। यह योग व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करता है। चैत्र महीने में द्विपुष्कर योग का समय ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि, यानी 16 मार्च को द्विपुष्कर योग (Dwipushkar Yoga) बन रहा है। यह योग दिन में 11:44 बजे से प्रारंभ होकर शाम 04:58 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, वैष्णव जनों को समर्पित पापमोचनी एकादशी के अवसर पर, 26 मार्च को भी द्विपुष्कर योग का संयोग बन रहा है। 26 मार्च को यह शुभ योग ब्रह्म मुहूर्त में 03:49 बजे से सुबह 06:18 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस योग के दौरान भगवान विष्णु और मां दुर्गा की पूजा करने से साधक को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह योग वृषभ, तुला, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है, जिससे उन्हें देवी दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होगी। इसे भी पढ़ें:- होलिका दहन की रात काले तिल और सरसों से करें ये चमत्कारिक टोटके! द्विपुष्कर योग का महत्व द्विपुष्कर योग (Dwipushkar Yoga) का हिंदू ज्योतिष में विशेष महत्व है। यह योग व्यक्ति के जीवन में धन, समृद्धि और सौभाग्य लाने वाला होता है। इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है और व्यक्ति को जीवन में सफलता प्राप्त होती है। द्विपुष्कर योग के दिन दान-पुण्य, पूजा-पाठ और मंत्र जाप करने से विशेष लाभ मिलता है। इस दिन किए गए कार्यों से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और उसे मनचाहे फल की प्राप्ति होती है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news #DwipushkarYoga #RareYoga2024 #AuspiciousTime #HinduAstrology #ShubhMuhurat #YogaForSuccess #LuckyDays #SpecialYoga #VedicAstrology #DivineTiming

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Holi Festival 2025

होली: कहां और कैसे मनाई जाती है रंगों की यह अनूठी पर्व

होली (Holi), रंगों का त्योहार भारत के सबसे लोकप्रिय और उत्साहपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह त्योहार न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में भारतीय समुदायों द्वारा बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। होली का त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो आमतौर पर मार्च के महीने में पड़ता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत, प्रेम, भाईचारे और एकता का प्रतीक है। होली के इस पावन अवसर पर लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर, गले मिलकर और मिठाइयां खिलाकर खुशियां बांटते हैं। होली का त्योहार भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि भारत के अलग-अलग राज्यों और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में होली कैसे मनाई जाती है। ब्रज की होली: राधा-कृष्ण की लीलाओं का प्रतीक ब्रज भूमि, जो कि मथुरा और वृंदावन को मिलाकर बनती है, होली (Holi) के उत्सव का केंद्र मानी जाती है। यहां होली का त्योहार राधा और कृष्ण की दिव्य लीलाओं के साथ जुड़ा हुआ है। ब्रज में होली का उत्सव लगभग एक सप्ताह तक चलता है। यहां लट्ठमार होली विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें महिलाएं पुरुषों को लाठियों से मारती हैं और पुरुष खुद को ढाल से बचाते हैं। यह परंपरा श्रीकृष्ण और गोपियों की लीलाओं से जुड़ी हुई है। मथुरा-वृंदावन की होली: भक्ति और उल्लास का मेल मथुरा और वृंदावन में होली का त्योहार भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यहां के मंदिरों में विशेष होली समारोह आयोजित किए जाते हैं। बांके बिहारी मंदिर और इस्कॉन मंदिर में होली के दौरान भक्तों की भीड़ उमड़ती है। यहां होली के दिन फूलों की होली (Holi) खेली जाती है, जिसमें रंगों की जगह फूलों का उपयोग किया जाता है। बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह परंपरा श्रीकृष्ण और राधा की लीलाओं से जुड़ी हुई है। इस दौरान महिलाएं पुरुषों को लाठियों से मारती हैं और पुरुष खुद को ढाल से बचाते हैं। यह अनूठी परंपरा देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक यहां आते हैं। बंगाल की होली: दोल यात्रा पश्चिम बंगाल में होली को दोल यात्रा या दोल पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार राधा और कृष्ण की पूजा के साथ जुड़ा हुआ है। इस दौरान मंदिरों में राधा और कृष्ण की मूर्तियों को सजाया जाता है और उन्हें झूले पर झुलाया जाता है। यहां होली के दिन रंगों के साथ-साथ भक्ति और संगीत का भी विशेष महत्व होता है। हरियाणा की होली: भाभी-देवर की मस्ती हरियाणा में होली (Holi) का त्योहार भाभी और देवर के रिश्ते की मस्ती और उल्लास से भरा होता है। यहां भाभी द्वारा देवर को सताए जाने की प्रथा है, जिसमें भाभी देवर को रंग लगाने के साथ-साथ उन्हें मजाक में डांटती और सताती हैं। यह परंपरा भाईचारे और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने का एक अनूठा तरीका है। महाराष्ट्र की होली: रंग पंचमी और सूखे गुलाल की धूममहाराष्ट्र में होली को रंग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। यहां सूखे गुलाल से होली खेलने की परंपरा है। रंग पंचमी के दिन लोग एक-दूसरे पर गुलाल उड़ाते हैं और मिठाइयां बांटते हैं। यह त्योहार यहां पांच दिनों तक चलता है, जिसमें पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य का आयोजन भी किया जाता है। गोवा की होली: शिमगो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूमगोवा में होली (Holi) को शिमगो के रूप में मनाया जाता है। यहां होली के दिन जलूस निकालने की परंपरा है, जिसमें स्थानीय लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होते हैं। जलूस के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें नृत्य, संगीत और नाटक शामिल होते हैं। यह त्योहार गोवा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। पंजाब की होली: होला मोहल्ला और शक्ति प्रदर्शनपंजाब में होली को होला मोहल्ला के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार आनंदपुर साहिब में विशेष रूप से मनाया जाता है। इस दौरान सिख योद्धाओं द्वारा शक्ति प्रदर्शन किया जाता है, जिसमें मार्शल आर्ट्स, घुड़सवारी और अन्य शारीरिक कौशल का प्रदर्शन शामिल होता है। यह त्योहार सिख समुदाय की वीरता और शौर्य को याद करने का अवसर प्रदान करता है। दक्षिण गुजरात और मध्यप्रदेश की होली: आदिवासी संस्कृति का रंगदक्षिण गुजरात के आदिवासी समुदाय के लिए होली सबसे बड़ा त्योहार है। यहां आदिवासी लोग पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ होली मनाते हैं। इसी तरह, मध्यप्रदेश के मालवा अंचल के आदिवासी इलाकों में भी होली को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। यहां होली के दिन आदिवासी लोग पारंपरिक गीत गाते हैं और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते हैं। होली (Holi) का त्योहार भारत की विविध संस्कृतियों को एक सूत्र में बांधता है। यह त्योहार हमें प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश देता है। इसे भी पढ़ें:- तो इसलिए होती है शनिवार को शनिदेव की जगह क्यों हनुमान जी की पूजा नेपाल की होली: फागु पूर्णिमा नेपाल में होली को फागु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार नेपाल में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और नेपाली लोक संगीत और नृत्य का आनंद लेते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होली होली का त्योहार अब केवल भारत तक ही सीमित नहीं है। यह त्योहार दुनिया भर में भारतीय समुदायों द्वारा मनाया जाता है। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में होली के उत्सव का आयोजन किया जाता है। इन देशों में होली के दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं, नृत्य और संगीत का आनंद लेते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Holi #HoliFestival #FestivalOfColors #Holi2025 #ColorfulHoli #HappyHoli #HoliCelebration #HoliIndia #HoliTradition #HoliFun #HoliVibes

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Tamil Nadu budget controversy

Stalin Removes ₹ Symbol from Budget: सीएम स्टालिन ने हिंदी विरोध की हदें की पार, बजट से हटाया ₹ का सिंबल

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने हिंदी विरोध की सारी हदें पार कर दी हैं। हिंदी को लेकर उनके में इस कदर घृणा है कि उन्होंने तमिलनाडु बजट 2025-26 के लिए रुपये के सिंबल को ही हटा दिया।  दरअसल, तमिलनाडु सरकार ने तमिलनाडु बजट 2025-26 के लिए अपने पहले के लोगो में रुपये के प्रतीक को बदलकर (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) तमिल भाषा का प्रतीक शामिल किया है। बता दें कि स्टालिन लगातार राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध कर रहे हैं और इसी कड़ी में उन्होंने रुपये सिंबल भी बदल दिया। लोगो में तमिल शब्द ‘रुबय’ का प्रथम अक्षर अंकित किया गया है। तमिल भाषा में भारतीय मुद्रा को ‘रुबय’ बोला जाता है। लोगो में यह भी लिखा है कि सबकुछ सबके लिए, जिससे राज्य में सत्तारूढ़ द्रमुक शासन के समावेशी मॉडल के दावे का संकेत मिलता है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य विधानसभा में बजट प्रस्तुत करने वाले हैं। इस बीच स्टालिन ने मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को विनाशकारी नागपुर योजना करार दिया और दोहराया कि राज्य इसे स्वीकार नहीं करेगा भले ही केंद्र सरकार 10,000 करोड़ रुपये ही क्यों न प्रदान करे।  तमिलनाडु में हिंदी के विरोध को लेकर छिड़ी सियासी जंग के बीच लिया (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) यह फैसला गौर करने वाली बात यह कि तमिलनाडु सरकार का ये (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) फैसला ऐसे समय आया है, जब पहले से ही तमिलनाडु में हिंदी के विरोध को लेकर सियासी जंग छिड़ी हुई है। दरअसल, हाल ही में तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने जबरन हिंदी थोपने का आरोप लगाया था। एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि “अखंड हिंदी पहचान की कोशिश के कारण प्राचीन भाषाएं खत्म हो रही हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश कभी भी हिंदी के इलाके नहीं रहे। लेकिन अब उनकी असली भाषा भूतपूर्व की प्रतीक चिन्ह बनकर रह गई हैं।” इस बीच राज्य सरकार के इस कदम की प्रदेश भाजपा प्रमुख के. अन्नामलाई ने आलोचना करते हुए कहा कि “द्रमुक सरकार का वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट एक तमिल द्वारा डिजाइन किये गए रुपये के उस प्रतीक चिह्न को प्रतिस्थापित करता है, जिसे पूरे भारत द्वारा अपनाया गया और हमारी मुद्रा में शामिल किया गया है।” उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि “तिरु उदय कुमार, जिन्होंने रुपये का प्रतीक चिह्ल डिजाइन किया था, द्रमुक के एक पूर्व विधायक के बेटे हैं। उन्होंने तमिलनाडु के वित्त वर्ष 2024-25 के बजट का लोगो भी साझा किया, जिसमें भारतीय रुपये का प्रतीक चिह्न अंकित है।” बता दें कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को विनाशकारी नागपुर योजना करार देते हुए कहा कि “राज्य इसे स्वीकार नहीं करेगा भले ही केंद्र सरकार 10,000 करोड़ रुपये प्रदान करे।”  इसे भी पढ़ें:- होली पर योगी बाबा की पुलिस फुल अलर्ट पर, ड्रोन, सीसीटीवी और बॉडी वॉर्न कैमरों से पैनी नजर, गड़बड़ी करना पड़ेगा भारी  हिंदी भाषा (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) ने न जाने कितनी दूसरी भाषाओं को लील लिया है बता दें कि स्टालिन ने चेन्नई के नजदीक चेंगलपेट में एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि “कल आपने टेलीविजन पर संसदीय कार्यवाही देखी होगी। वह अहंकार से कह रहे हैं कि तमिलनाडु को 2,000 करोड़ रुपये तभी दिए जाएंगे, जब हिंदी और संस्कृत को स्वीकार किया जाएगा। कौन? वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान थे।” उन्होंने कहा कि राज्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध कर रहा है क्योंकि यह तमिलनाडु में शिक्षा के विकास को पूरी तरह से नष्ट कर देगा।” इस दौरान स्टालिन ने दूसरे राज्यों के लोगों से अपील करते हुए कहा कि “दूसरे राज्य में रहने वाले मेरे भाइयों और बहनों, क्या आपने कभी इस बारे में विचार किया है कि हिंदी भाषा (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) ने न जाने कितनी दूसरी भाषाओं को लील लिया है। मैथिली, अवधी, भोजपुरी, ब्रज, कुमाऊंनी, गढ़वाली और बुंदेली जैसी कई सारी भाषाएं हैं जो अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Stalin Removes ₹ Symbol from Budget #Stalin #HindiOpposition #TamilNaduPolitics #IndianPolitics #BudgetRow #RupeeSymbol #LanguageDebate #DMK #PoliticalNews #IndiaNews

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Dry Day liquor rush

Dry Day liquor rush: ड्राई डे से पहले ही लगी ठेकों पर शराबियों की लंबी कतारें, आपदा में अवसर, दोगुने हुए शराब के दाम

होली का त्योहार यानी रंगों का, मस्ती का और हुड़दंग का त्यौहार। देश भर में होली का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दिन क्या बूढ़े क्या जवां सब मस्ती के रंग में मस्त रहते हैं। अमूमन होली के समय लोग शराब के नशे में धुत दिखाई देते हैं। ऐसी स्थिति में झगड़े फसाद भी होते रहते हैं।इस दौरान विशेषतौर पर होली के मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्यों में पुलिस और प्रशासन की ओर से हर संभव प्रयास किए जाते हैं। इसी वजह से हर साल कई राज्यों की सरकारें होली के दिन ड्राई-डे घोषित करती है। बता दें कि होली के दिन यानी 14 मार्च को देश के कई राज्यों में ड्राई-डे घोषित (Dry Day liquor rush) किया गया है। जिनमें दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में शामिल है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, राजस्थान और महाराष्ट्र में भी होली के दिन शराब की दुकानें बंद रहेंगी। किसी भी तरह के हुड़दंग और कानूनी अव्यवस्था को टालने के लिए ही इन राज्यों की सरकारों ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। दरअसल, यह व्यवस्था राज्यों में सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है। बता दें कि बिहार और गुजरात में पहले से ही पूर्ण शराबबंदी लागू है। ड्राई-डे के चलते शराब दुकारों और ठेकों पर लगी हैं (Dry Day liquor rush) लंबी कतारें बता दें कि इस बीच 14 ड्राई डे घोषित किए गए राज्यों में आज सुबह से शराब दुकारों और ठेकों पर लंबी कतारें (Dry Day liquor rush) लगी हैं। गौर करने वाली बात यह कि गुजरात और बिहार में पूर्णत: शराबबंदी है। ऐसे में यहां के लोग होली या किसी भी त्योहार के दिन ड्राई डे घोषित होने पर पड़ोसी राज्यों से शराब की व्यवस्था करने में जुट जाते है। कल ड्राई डे घोषित होने की वजह से यहां के शराबी पड़ोसी राज्य से शराब का जुगाड़ कर रहे है। मजे की बात यह कि आपदा में अवसर मान बढ़ती मांग को देखते हुए कई जगहों पर शराब के दाम भी बढ़ गए हैं। कारण यही जो कई जगहों पर शराब के दाम बढ़ा दिए गए हैं। यहाँ तक कि कई जगहों पर शराब दोगुने दामों बिक रही है। इसे भी पढ़ें:- होली पर योगी बाबा की पुलिस फुल अलर्ट पर, ड्रोन, सीसीटीवी और बॉडी वॉर्न कैमरों से पैनी नजर, गड़बड़ी करना पड़ेगा भारी शराबियों ने पहले से ही इंतजाम करना (Dry Day liquor rush) शुरू कर दिया है होली के दिन दिल्ली-एनसीआर में भी शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने आदेश जारी किया है। दिल्ली के संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती का आदेश भी दिया गया है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी होली के दिन ड्राई डे रहेगा। हालांकि महाराष्ट्र और गोवा जैसे राज्यों में 14 फरवरी को ड्राइ डे रहेगा। लेकिन जानकारी के मुताबिक शाम के बाद शराब परोसी जा सकेगी। खैर, कुछ भी हो, होली के रंग का मजा किरकिरा न हो इसलिए शराबियों ने पहले से ही इंतजाम करना (Dry Day liquor rush) शुरू कर दिया है। चाहे कुछ भी हो, चाहे पूर्णता: शराब बंदी हो या फिर ड्राई-डे ही क्यों न हो, शराबी चाहे किसी भी राज्य या देश का ही क्यों न हो वो अपने पीने का इंतजाम कर ही लेता है। प्रशासन लाख चाहे कोशिश कर ले, शराबियों पर अंकुश नहीं लगा सकती है। वो किसी न किसी तरह जतन कर ही लेते हैं। ध्यान देने वाली बात यह कि जहाँ शराब बंदी होती है वहीं सबसे अधिक शराब पी भी जाती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Dry Day liquor rush #DryDayRush #LiquorBan #AlcoholShortage #LiquorPriceHike #DryDayIndia #LiquorQueue #AlcoholLovers #LiquorStock #WeekendDrinks #HighDemand

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