Prisoner becomes teacher

Prisoner becomes teacher: 18 महीने से जेल में बंद कैदी बिहार में बना सरकारी टीचर, हाथ में हथकड़ी लगाए लिया नियुक्ति पत्र

दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो कोई भी काम किसी भी परिस्थिति में मुश्किल नहीं होता। इस कहावत को सच कर दिखाया है बिहार के गया के एक कैदी ने। सोचिये एक कैदी जो पीछले 18 महीनों से जेल में बंद है, उसने जेल में रहते हुए टीआरई-3 परीक्षा पास कर ली है। है न हैरत की बात। जिस तरह जेल का माहौल होता है उस माहौल में परीक्षा पास कर शिक्षक (Prisoner becomes teacher) बनना वाकई में बहुत बड़ी बात है। सुविधाओं के आभाव में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना सच में बहुत बड़ी बात है। यह घटना अपने आप में अनोखी है क्योंकि किसी कैदी को हथकड़ी पहने मंच पर नियुक्ति पत्र लेते हुए शायद ही पहले कभी देखा गया हो। बता दें कि विपिन कुमार नामक इस कैदी को टीआरई-3 परीक्षा पास करने के बाद नियुक्ति पत्र मिला। प्राप्त जानकारी के मुताबिक शनिवार को बोधगया में बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मिश्रा ने उन्हें यह नियुक्ति पत्र दिया। दरअसल, विपिन पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज है। और वो 18 महीने से जेल में बंद हैं। हालांकि,अभी तक आरोप तय नहीं हुए हैं। हथकड़ी पहने हुए ही मंच पर (Prisoner becomes teacher) पहुंचे नियुक्ति पत्र लेने   कार्यक्रम में विपिन को कड़ी सुरक्षा के बीच बेऊर जेल से लाया गया था। जब उनका नाम पुकारा गया, तो वे हथकड़ी पहने हुए ही मंच पर (Prisoner becomes teacher) पहुंचे। यह नजारा वहां मौजूद सभी लोगों के लिए हैरान करने वाला था। कैदी को हथकड़ी में नियुक्ति पत्र मिलते देखकर लोग दंग रह गए। ऐसा पहली बार हुआ था कि कोई कैदी जेल में रहते हुए शिक्षक बना हो और हथकड़ी पहने नियुक्ति पत्र ले रहा हो। बता दें कि विपिन कुमार गया के मोहनपुर प्रखंड के ऐरकी गांव के रहने वाले हैं। वह 2023 में पटना के सगुना मोड़ स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में पढ़ाते थे। उन पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज है। विपिन का कहना है कि “पड़ोस के एक कोचिंग संस्थान ने उन्हें साजिश रचकर फंसाया है।” जानकारी के मुताबिक उनके ऊपर अभी आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं। वे पिछले 18 महीनों से बेऊर जेल में बंद हैं। शनिवार को बोधगया के महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें शिक्षक पद का नियुक्ति पत्र दिया गया। इस दौरान बिहार सरकार के मंत्री और गया जिला प्रभारी नीतीश मिश्रा ने उन्हें यह नियुक्ति पत्र सौंपा। इसे भी पढ़ें:-  प्रभास की फिल्म देख 24 साल के मुस्लिम युवक ने शादीशुदा गर्लफ्रेंड का काटा सिर नियुक्ति पत्र मिलने के बाद (Prisoner becomes teacher) विपिन को वापस थाने ले जाया गया खैर,नियुक्ति पत्र मिलने के बाद (Prisoner becomes teacher) विपिन को वापस थाने ले जाया गया। वहां उन्होंने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि “मैं शिक्षक बनकर समाज की सेवा करना चाहता हूं।” इस बीच उन्होंने आगे कहा कि “जेल से बाहर आते ही बच्चों को शिक्षित करने में अपनी पूरी ताकत झोंक दूंगा। सच जल्द ही सामने आएगा।” वहीं, बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि “सरकार योग्य अभ्यर्थियों को उनका हक देने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि “विपिन की यह कहानी समाज के लिए प्रेरणादायक हो सकती है।” Latest News in Hindi Today Hindi News Prisoner becomes teacher #PrisonerTurnsTeacher #BiharNews #InspiringStory #EducationForAll #JusticeAndReform #TeacherTransformation #ViralNews #SocialChange #HumanRights #GovernmentJob #SecondChance #UnbelievableNews #BreakingNews #IndiaUpdates #Rehabilitation

आगे और पढ़ें
Maharashtra Budget 2025

Maharashtra Budget 2025: महायुति की सरकार ने पेश किया बजट, लाडली बहनों को झटका

महाराष्ट्र में प्रचंड जीत के बाद बनी महायुति की सरकार ने सोमवार को अपना पहला बजट (Maharashtra Budget 2025) पेश किया। विधानसभा में अजित पवार और विधान परिषद में आशीष जयसवाल ने साल 2025-26 ने बजट पेश किया। गौर करने वाली बात यह कि देवेंद्र फडणवीस के दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार उपमुख्यमंत्री व राज्य के वित्तमंत्री अजित पवार ने साल 2025-26 के लिए 7,00,020 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बजट से महाराष्ट्र की लाडली बहनों को उम्मीद थी। उन्हें उम्मीद थी कि वित्त मंत्री उन्हें मासिकमिलने वाली 1500 रुपये को बढ़ाकर 2100 रुपये करेंगे। लेकिन लाडले वित्त मंत्री ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वो बात और है कि बजट में उन्होंने लाडली बहनों के लिए 36,000 करोड़ रुपये का प्रावधान जरूर किया है। खैर, बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री पवार ने कहा कि “औद्योगिक नीति 2025 का उद्देश्य नए निवेश को आकर्षित करना और मेक इन महाराष्ट्र की पहल को बढ़ावा देना है। इस दरम्यान वित्त मंत्री ने दावा किया कि कुल 7 लाख करोड़ का बजट “विकसित भारत-विकसित महाराष्ट्र” के सपने को साकार करने वाला और राज्य के विकास की रफ्तार को गति देगा।” इसके साथ ही वित्त मंत्री ने सीएनजी और एलपीजी वाहनों पर मोटर वाहन कर में 1 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव किया। बेशक इससे आने वाले दिनों में एलपीजी, सीएनजी और इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों महंगी हो जाएगी। इस दौरान वित्त मंत्री ने बजट में नई औद्योगिक नीति की घोषणा की। बड़ी बात यह कि इसमें 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 50 लाख नई नौकरियों के पैदा होने की उम्मीद है। बजट (Maharashtra Budget 2025) में मुंबई को लेकर किए गए हैं कई बड़े ऐलान  यही नहीं बजट (Maharashtra Budget 2025) में मुंबई को लेकर कई बड़े ऐलान किए गए हैं। वित्त मंत्री अजित पवार ने बजट संबोधन में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन की 140 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को साल 2030 तक 300 बिलियन डॉलर और साल 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस हेतु उन्होंने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 7 अलग-अलग स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यापारिक केंद्र बनाने का ऐलान किया है। इस सिलसिले में मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच जल्द ही मेट्रो का काम शुरू किया जाएगा। इस बारे में वित्त मंत्री ने बताया कि “अगले महीने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानें संचालित होंगी। इस हवाई अड्डे का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ठाणे में 100 बेड का अति विशेष उपचार अस्पताल बनाने का प्रस्ताव है।”  यही नहीं पवार ने यह भी कहा कि “मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 7 जगह पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यापार केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया है।” इसके अलावा सरकार ने ग्रामीण आवास के लिए 15,000 करोड़ रुपये के परिव्यय की घोषणा की है। सरकार का लक्ष्य 20 लाख घर बनाना है।  बजट (Maharashtra Budget 2025) में अजित पवार ने की पालघर जिले के बंदरगाह के 2030 तक चालू होने की घोषणा  इसके अलावा अपने बजट (Maharashtra Budget 2025) में अजित पवार ने पालघर जिले के बंदरगाह के 2030 तक चालू होने की घोषणा भी की। उन्होंने तीसरा हवाई अड्डा वधावन बंदरगाह के पास बनाए जाने का प्रस्ताव रखा है। जानकारी के मुताबिक वहां पर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन भी इसके इर्द-गिर्द होगा। यही नहीं पवार ने अपने बजट भाषण में जल्द ही शिरडी हवाई अड्डे पर विमानों के रात में भी उतरने की सुविधा शुरू होने की घोषणा की। बता दें कि इस दौरान वित्त मंत्री ने 45,852 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का बजट पेश किया। बजट में राजकोषीय घाटा 1,36,234 करोड़ रुपये और कुल व्यय 7,00,020 करोड़ रुपये रहने का अंदेशा जताया है। इसके अलावा राजस्व प्राप्तियां 5,60,963 करोड़ रुपये जबकि राजस्व व्यय 6,06,855 करोड़ रुपये रहने की बात कही गई है। पवार ने कहा कि “सरकार राजकोषीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीडीएसपी) के तीन प्रतिशत से कम रखने में सफल रही है। और राज्य का राजस्व घाटा लगातार सकल राज्य आय के एक प्रतिशत से कम रहा है।” खैर, ध्यान देने वाली बात यह कि बजट पेश करने के दौरान विपक्ष ने कई बार टिका टिप्पणी की। इस दौरान परिषद में विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट दिया। और विधान भवन की सीढ़ियों पर बैठक कर नारेबाजी की।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में सिर्फ हिंदू बेच सकेंगे झटका मांस, सरकार ने शुरू किया मल्हार सर्टिफिकेटन इस बजट (Maharashtra Budget 2025) की अहम बातें Latest News in Hindi Today Hindi news Maharashtra Budget 2025 #MaharashtraBudget2025 #LadkiBahinYojana #WomenEmpowerment #FinancialInclusion #AjitPawar #Mahagathbandhan #EconomicPolicy #SocialWelfare #BudgetAllocation #MaharashtraGovt

आगे और पढ़ें
Trump tariff claim

Tariff Dispute: भारत ने ट्रंप के टैरिफ वाले दावे से किया किनारा, कहा अभी कोई समझौता नहीं, बस बातचीत जारी

अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करने के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल से कनाडा, मैक्सिको और चीन समेत भारत पर टेरिफ लगाने की धमकी दी थी। यही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया था कि भारत टैरिफ कटौती पर सहमत (Tariff Dispute) हो गया है। जब कि भारत का कहना है कि “इस मुद्दे पर अमेरिका संग अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है।” हालाँकि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। जानकारी के मुताबिक ट्रंप के दावे के दो दिन बाद भारत सरकार ने सोमवार को संसदीय पैनल को ये बात बताई। संसदीय पैनल के समक्ष अपनी बात रखते हुए सरकार ने कहा कि “व्यापार शुल्क को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है। इस मुद्दे के हल के लिए सितंबर तक का समय मांगा गया है।” खैर, ऐसे में बड़ा सवाल यह कि ट्रंप आखिर करना क्या चाहते हैं? यह सवाल इसलिए भी क्योंकि ट्रंप ने दावा किया था कि “भारत टैरिफ कटौती पर राजी हो गया है।” तो वहीं इस मामले पर भारत का कहना है कि “अब तक ऐसा कोई समझौता हुआ ही नहीं।” जानकारी के मुताबिक वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति को बताया कि “भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ को बहुत कम करने को लेकर अब तक कोई समझौता नहीं हुआ है। दोनों ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं। सिर्फ तत्काल टैरिफ के मुद्दे पर ही नहीं दीर्घकालिक व्यापार सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।” संसदीय समिति के कई सदस्यों ने बर्थवाल से अमेरिका-भारत व्यापार (Tariff Dispute) वार्ता पर पूछे कई प्रश्न  जानकारी के मुताबिक समिति के कई सदस्यों ने बर्थवाल से अमेरिका-भारत व्यापार (Tariff Dispute) वार्ता पर कई प्रश्न पूछे। इस प्रश्न पर उन्होंने कहा कि “व्यापार वार्ता के दौरान भारत के हितों का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने समिति से कहा कि “भारत मुक्त व्यापार के पक्ष में है। और व्यापार का उदारीकरण चाहता है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि “टैरिफ वॉर छिड़ने से अमेरिका समेत किसी को भी फायदा नहीं होगा, इससे मंदी के हालात पैदा हो सकते हैं।” खैर, इस दौरान कुछ संसद सदस्यों ने वाणिज्य सचिव से यह भी पूछा कि “भारत सीमा शुल्क पर अमेरिकी कदमों को लेकर मेक्सिको और कनाडा की तरह अपनी आवाज क्यों नहीं उठा रहा?” इस कड़वे सवाल पर बर्थवाल ने कहा कि “दोनों मामलों की तुलना नहीं की जा सकती, क्योंकि अमेरिका के उनके साथ सुरक्षा संबंधी चिंताएं और सीमा आव्रजन संबंधी मुद्दे हैं।” इस दौरान समिति से वाणिज्य सचिव ने कहा कि “भारत ऐसे उद्योगों की रक्षा करेगा जो उसकी घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए अहम हैं। भारत द्विपक्षीय रूप से सीमा शुल्क कम कर सकता है लेकिन बहुपक्षीय रूप से ऐसा नहीं कर सकता। इसी वजह से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर काम किया जा रहा है।” इसे भी पढ़ें:- स्पेन में आतंकवाद के खिलाफ बड़ा एक्शन, दस पाकिस्तानी भाईजान गिरफ्तार किसी को भी ट्रंप के दावों और मीडिया रिपोर्टों पर नहीं करना चाहिए भरोसा (Tariff Dispute) गौर करने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि समिति के कई सदस्यों ने ट्रंप के उस दावे पर भी चिंता जाहिर की, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत टैरिफ घटाने को राजी (Tariff Dispute) हो गया है। बता दें कि कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा, असदुद्दीन ओवैसी और टीएमसी की सागरिका घोष जैसे विपक्षी सांसदों ने इसे लेकर कई सवाल पूछे। जिस पर सुनील बर्थवाल ने कहा कि “किसी को भी ट्रंप के दावों और मीडिया रिपोर्टों पर भरोसा नहीं करना चाहिए, क्यों कि दोनों ही देशों के बीच समझौते पर बातचीत अभी भी जारी है। उन्होंने संसदीय समिति को बताया कि “भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार शुल्क के मोर्चे पर किसी भी तरह की प्रतिबद्धता नहीं जताई है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Tariff Dispute #IndiaUSRelations #TariffDispute #TradeTalks #USIndiaTrade #TrumpIndia #EconomicPolicy #TariffWar #BilateralTrade #TradeNegotiations #GlobalEconomy

आगे और पढ़ें
ChampionsTrophy2025

Champions Trophy 2025 की क्लोजिंग सेरेमनी में इसलिए नहीं मौजूद था पीसीबी का कोई नुमाइंदा, आईसीसी ने तोड़ी चुप्पी

9 मार्च को दुबई के इंटरनेशनल ग्राउंड में हुए फाइनल में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से करारी शिकस्त देते हुए भारत ने चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 (Champions Trophy 2025) का खिताब अपने नाम किया था। 12 साल बाद टीम इंडिया ने खिताब पर कब्जा किया। 25 साल बाद मिली हार का बदला ले ही लिया। इधर भारतीय टीम ने चैम्पियंस ट्रॉफी क्या जीती उधर बवाल मच गया। दरअसल, जीत के बाद जब टीम इंडिया को बीसीसीआई के अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने भारतीय खिलाड़ियों को सफेद कोट और मैच ऑफिशियल्स को मेडल प्रदान किए। तो वहीं, आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने कप्तान रोहित शर्मा को ट्रॉफी सौंपी। इस दौरान मेजबान पीसीबी का कोई भी नुमाइंदा मंच पर नजर नहीं आया। फिर क्या था, यही से बवाल शुरू हो गया। इस पूरे मामले पर पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि “भारत ने चैम्पियंस ट्रॉफी जीती लेकिन पीसीबी का कोई प्रतिनिधि फाइनल के बाद मंच पर मौजूद नहीं था। पाकिस्तान मेजबान था। उनकी यह समझ में नहीं आया कि पीसीबी से कोई वहां क्यों नहीं था।” बता दें कि पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का मेजबान था, लेकिन भारत ने अपने सभी मैच दुबई में खेले। यहां तक कि भारत-पाकिस्तान मुकाबला भी दुबई में खेला गया और फाइनल मुकाबला भी दुबई में ही खेला गया।  पूरे मामले (Champions Trophy 2025) में अब आईसीसी ने अपनी तोड़ी चुप्पी  बवाल बढ़ता देख इस पूरे मामले (Champions Trophy 2025) में अब आईसीसी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। आईसीसी के प्रवक्ता ने निजी मीडिया चैनल इंडिया टुडे से हुई बातचीत में कहा कि पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी उपलब्ध नहीं थे। वह दुबई में ही नहीं थे। नियम के मुताबिक, ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के लिए केवल पदाधिकारियों को ही बुलाया जा सकता है, इसलिए पीसीबी की ओर से कोई भी ऑफिशियल इसके लिए उपलब्ध नहीं था। पाकिस्तान मेजबान था और पाकिस्तान की ओर से कोई ऑफिशियल या प्रतिनिधि वहां मौजूद होना चाहिए था। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक फाइनल के बाद पीसीबी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) सुमैर अहमद मैदान में मौजूद थे। लेकिन उन्हें समारोह में नहीं बुलाया गया। वह टूर्नामेंट के निदेशक भी हैं। इसे भी पढ़ें:- भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पर जमाया कब्जा, न्यूजीलैंड को हराकर रचा इतिहास व्यस्त होने के चलते पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी दुबई (Champions Trophy 2025) नहीं जा सके पीटीआई को एक सूत्र ने बताया कि पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी दुबई (Champions Trophy 2025) नहीं जा सके क्योंकि बतौर गृहमंत्री व्यस्त होने के चलते हुए दुबई नहीं पहुंच सके।  लेकिन पीसीबी के सीईओ को फाइनल और अवॉर्ड सेरेमनी में पाकिस्तान की नुमाइंदगी करने भेजा गया था। इस बीच उन्होंने कहा कि “किसी कारण से या गलतफहमी की वजह से उन्हें मंच पर नहीं बुलाया गया जहां से आईसीसी अध्यक्ष जय शाह,बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी और सचिव देवजीत सैकिया ने मेडल और ट्रॉफी भारतीय खिलाड़ियों को प्रदान किये थे। खैर, कुछ भी पीसीबी का नुमाइंदा मौजूद न होना यह बीसीसीआई के बढ़ते वर्चस्व को दर्शाता है। मजे की बात यह मेजबान पाकिस्तान पहले तो खुद फाइनल से गया उसके बाद फाइनल पाकिस्तान से बाहर चला गया। यह शायद पहला वाकया होगा जब मेजबान देश से बाहर फाइनल हो रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Champions Trophy 2025 #ChampionsTrophy2025 #PCB #ICCCeremonyControversy #CricketDiplomacy #ShoaibAkhtar #PakistanCricket #ICCCricket #CricketControversy #CricketNews #SportsDiplomacy

आगे और पढ़ें
UPSC

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन भर्ती: जानें योग्यता, आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (Union Public Service Commission) यानी यूपीएससी ने कुछ पोस्ट्स के लिए भर्तियां निकाली हैं। इच्छुक उम्मीदवार आसानी से इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए पूरी जानकारी आपको इनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी। आप ऑनलाइन इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। यूपीएससी (UPSC) असिस्टेंट प्रोफेसर और डेंजरस गुड्स इंस्पेक्टर के पदों के लिए भर्तियां करने वाला है। अगर आप भी इसके लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो यहां आपको पूरी जानकारी मिलेगी। आइए जानें यूपीएससी द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर और डेंजरस गुड्स इंस्पेक्टर की भर्ती (Recruitment of Assistant Professor and Dangerous Goods Inspector by UPSC) के बारे में विस्तार से।  यूपीएससी द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर और डेंजरस गुड्स इंस्पेक्टर की भर्ती (Recruitment of Assistant Professor and Dangerous Goods Inspector by UPSC) इन पदों के लिए आवेदन से पहले यह जानना जरूरी है कि यहां अप्लाई करने की अंतिम तिथि 27 मार्च 2025 है। यह प्रक्रिया 8 मार्च से शुरू हो चुकी है। यानी आप केवल 8 मार्च से  27 मार्च तक ही अप्लाई कर सकते हैं। यूपीएससी द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर (Assistant Professor) और डेंजरस गुड्स इंस्पेक्टर की भर्ती (Recruitment of Assistant Professor and Dangerous Goods Inspector by UPSC)के लिए  कुल 30 रिक्तियां निकाली गयी हैं। इसमें अधिकतर भर्तियां असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए हैं। यह भर्तियां इस प्रकार हैं: यूपीएससी द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर और डेंजरस गुड्स इंस्पेक्टर की भर्ती (Recruitment of Assistant Professor and Dangerous Goods Inspector by UPSC) के लिए योग्यता यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (Union Public Service Commission) द्वारा आयोजित इन भर्तियों के लिए उम्मीदवारों के लिए शैक्षिक योग्यता इस प्रकार है:  अगर आपको इसके बारे में अधिक जानकारी चाहिए तो ऑफिशियल वेबसाइट्स पर विजिट करें।  यूपीएससी (UPSC) द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर और डेंजरस गुड्स इंस्पेक्टर के लिए आयुसीमा और शुल्क  इस परीक्षा में अप्लाई करने वाले उम्मीदवारों के लिए आयुसीमा 35 साल निर्धारित की गयी है। इसके अलावा अन्य आरक्षित वर्गों के लिए यह आयुसीमा अलग है। उन्हें आयुसीमा में छूट दी गई है। इसके बारे में पूरी जानकारी आपको इनकी ऑफिशियल वेबसाईट कर मिल जाएगी। अगर बात की जाए आवेदन शुक्ल की, तो जनरल और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए यह आवेदन शुल्क केवल 25 रुपए है। महिलाओं, एससी, एसटी आदि उम्मीदवारों को इसमें भी छूट दी गयी है। आप ऑनलाइन इसका भुगतान कर सकते हैं।  इसे भी पढ़े: राजस्थान लोक सेवा आयोग में लेक्चरर पदों पर भर्ती: जानें आवेदन करने के लिए क्या है योग्यता? कैसे करें अप्लाई?  यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (Union Public Service Commission) द्वारा आयोजित इस टेस्ट के लिए आप इस तरह से अप्लाई कर सकते हैं:  अगर आप इन पोस्ट्स के लिए अप्लाई करने के योग्य हैं और इच्छुक हैं तो इस सुनहरे मौके को न गवाते हुए समय रहते ही इसके लिए अप्लाई करें। Latest News in Hindi Today Hindi news UPSC #Officialwebsite #RecruitmentofAssistantProfessorandDangerousGoodsInspectorbyUPSC #UnionPublicServiceCommission #UPSC

आगे और पढ़ें
Jio's New Prepaid Plan with Hotstar Subscription

Jio का नया किफायती प्रीपेड प्लान: JioHotstar सब्सक्रिप्शन के साथ शानदार डील

भारत में टेलीकॉम सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच रिलायंस जियो अपने ग्राहकों के लिए एक नया और किफायती प्रीपेड रिचार्ज प्लान लेकर आया है। इस नए प्लान की खासियत यह है कि इसमें न केवल डेटा और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं, बल्कि जियो के नए ओटीटी प्लेटफॉर्म JioHotstar का कॉम्प्लीमेंट्री सब्सक्रिप्शन भी शामिल है। हाल ही में JioCinema और Disney+ Hotstar के विलय के बाद इस नई स्ट्रीमिंग सर्विस को लॉन्च किया गया था, जिससे भारतीय यूजर्स को बेहतर कंटेंट देखने का अनुभव मिल सके। Jio के नए प्लान की खासियत रिलायंस जियो ने अपने प्रीपेड ग्राहकों के लिए एक 100 रुपये का विशेष रिचार्ज प्लान लॉन्च किया है, जो 90 दिनों की वैधता के साथ आता है। इस प्लान के तहत ग्राहकों को JioHotstar का Ad-Supported सब्सक्रिप्शन फ्री में मिलेगा। यानी, यूजर्स बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के JioHotstar पर उपलब्ध कंटेंट का आनंद ले सकते हैं। 5GB हाई-स्पीड डेटा बेनिफिट इस प्लान में JioHotstar सब्सक्रिप्शन के अलावा 5GB हाई-स्पीड इंटरनेट डेटा भी मिलता है। हालांकि, इस डेटा की खपत पूरी होने के बाद स्पीड घटकर 64kbps हो जाएगी। यह प्लान उन ग्राहकों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जो कम कीमत में हाई-स्पीड डेटा और ओटीटी कंटेंट का लाभ उठाना चाहते हैं। JioHotstar के अन्य प्लान्स Jio का दावा है कि इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर 3 लाख घंटे से अधिक की फिल्में, टीवी शो, एनीमे और लाइव स्पोर्ट्स उपलब्ध हैं, जिससे यह एक बेहतरीन एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म बन गया है। हाई वैल्यू प्लान: ज्यादा डेटा के साथ बेहतर सुविधा अगर आप अधिक डेटा की तलाश में हैं, तो 195 रुपये का हाई-वैल्यू प्लान एक शानदार विकल्प हो सकता है। इस प्लान को क्रिकेट डेटा पैक (Credit Data Pack) के रूप में पेश किया गया है और इसमें यूजर्स को 15GB हाई-स्पीड डेटा मिलता है। यह उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है जो स्ट्रीमिंग, ब्राउजिंग और सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। अगर आपके लिए वॉयस कॉलिंग और SMS भी जरूरी हैं, तो 195 रुपये का प्लान सही रहेगा क्योंकि इसमें डेटा के साथ-साथ ये सुविधाएं भी मिलती हैं। इसे भी पढ़ें:-  दुबई में सस्ता क्यों हैं सोना? विदेश से सोना लाने के क्या हैं नियम? Jio का यह प्लान क्यों है खास? रिलायंस जियो का यह नया प्रीपेड प्लान उन यूजर्स के लिए एक शानदार विकल्प है, जो कम कीमत में ओटीटी कंटेंट और हाई-स्पीड डेटा का लाभ उठाना चाहते हैं। JioHotstar के कॉम्प्लीमेंट्री सब्सक्रिप्शन के साथ यह प्लान न केवल मनोरंजन का शानदार जरिया है, बल्कि किफायती भी है। अगर आप OTT स्ट्रीमिंग और डेटा कनेक्टिविटी दोनों का बेहतरीन अनुभव चाहते हैं, तो यह प्लान आपके लिए एक बेस्ट डील साबित हो सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news JioHotstar #JioPrepaid #JioHotstar #JioRecharge #HotstarSubscription #JioDeals #AffordablePlans #JioOffers #PrepaidPlan #JioStreaming #BestRecharge

आगे और पढ़ें
Lord Krishna’s Lost City Submerged in the Sea

द्वारका नगरी की कहानी: श्रीकृष्ण का भव्य साम्राज्य जिसे समुद्र ने निगल लिया

भारत की पौराणिक कथाओं में कई नगरों का वर्णन मिलता है, लेकिन कुछ नगर ऐसे हैं जो इतिहास और रहस्य के धुंध में लुप्त हो गए। इन्हीं में से एक है द्वारका नगरी, जिसे स्वयं भगवान श्रीकृष्ण (Lord Shri Krishna) ने बसाया था। यह नगर अपने वैभव, उन्नति और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध था, लेकिन एक दिन समुद्र की लहरों ने इसे अपने भीतर समा लिया। द्वारका के डूबने के पीछे क्या कारण था? क्या यह प्राकृतिक आपदा थी, या फिर यह किसी श्राप का परिणाम था? श्रीकृष्ण के द्वारका जाने की कथा धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, श्रीकृष्ण (Shri Krishna) को द्वारका जाने की आवश्यकता तब पड़ी जब उन्होंने अपने अत्याचारी मामा और मथुरा के राजा कंस का वध किया। कंस के ससुर और मगध के राजा जरासंध ने इस घटना का प्रतिशोध लेने का संकल्प लिया और मथुरा पर बार-बार आक्रमण करने लगा। वह 17 बार आक्रमण कर चुका था, लेकिन श्रीकृष्ण को पराजित नहीं कर सका। हालांकि, निरंतर युद्धों से न केवल आर्थिक हानि हो रही थी, बल्कि यादवों की सुरक्षा भी संकट में थी। इसे देखते हुए, श्रीकृष्ण (Shri Krishna) ने मथुरा छोड़कर यादवों के लिए एक नए सुरक्षित स्थान की स्थापना का निर्णय लिया। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा को भव्य नगर द्वारका के निर्माण का आदेश दिया। विश्वकर्मा ने समुद्र के ऊपर केवल एक रात में इस अद्भुत नगरी का निर्माण कर दिया, जहां यादवों को बसाया गया। इसके बाद श्रीकृष्ण “द्वारकाधीश” के नाम से प्रसिद्ध हुए। कैसी थी द्वारका नगरी? द्वारका (Dwarka), जिसका अर्थ है ‘द्वारों का नगर’, भगवान श्रीकृष्ण (Shri Krishna) की राजधानी थी। द्वारका एक भव्य और अद्भुत नगरी थी, जिसमें छह विशाल दरवाजे और भव्य प्रासाद थे। इसकी गलियां मोतियों और बहुमूल्य पत्थरों से सजी हुई थीं, जिससे यह एक स्वर्गीय नगर जैसी प्रतीत होती थी। इस अद्वितीय नगरी का निर्माण मय दानव की असाधारण वास्तुकला से हुआ था, जिसने इसे अद्भुत स्वरूप प्रदान किया। महाभारत में द्वारका का वर्णन ‘सोने से बनी नगरी’ के रूप में किया गया है, जो इसकी विलक्षण सुंदरता और समृद्धि को दर्शाता है। यह नगर सात टीलों पर स्थित था और एक मजबूत किलेबंदी से सुरक्षित था, जिससे यह बाहरी आक्रमणों से संरक्षित रह सके। 4000 साल पहले किसने दिया द्वारका को डूबने का श्राप? शास्त्रों में द्वारका (Dwarka) को कुशस्थली के रूप में वर्णित किया गया है, जो एक समृद्ध और खुशहाल नगरी थी। यहां के लोग प्रेम और भाईचारे के साथ रहते थे, और स्वयं श्रीकृष्ण इस नगर का संचालन कर रहे थे। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब सबकुछ इतना सुंदर और अद्भुत था, तो फिर द्वारका डूबी कैसे? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वारका के डूबने के पीछे दो श्रापों का बड़ा योगदान था। यह पवित्र नगरी, जो आज हिंदुओं के चारधाम और सप्तपुरी में शामिल है, कठोर श्रापों का शिकार हुई। आइए जानते हैं, कौन-कौन से श्रापों ने इस दिव्य नगरी को जलमग्न कर दिया। इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? द्वारका के जलमग्न होने का सबसे प्रसिद्ध श्राप ऋषि दुर्वासा और स्वयं श्रीकृष्ण के वचन से जुड़ा है। महाभारत का युद्ध विनाशकारी था, जिसमें कौरवों का अंत हो गया और पांडवों ने विजय प्राप्त की। युद्ध के बाद युधिष्ठिर का हस्तिनापुर में राजतिलक हुआ, जहां श्रीकृष्ण (Lord Shri Krishna) भी मौजूद थे। इसी दौरान, कौरवों की माता गांधारी ने श्रीकृष्ण को इस युद्ध का सबसे बड़ा दोषी मानते हुए श्राप दिया कि जैसे उनके कुल का विनाश हुआ, वैसे ही श्रीकृष्ण के सामने ही उनके वंश का नाश होगा। ऐसा माना जाता है कि द्वारका के डूबने का एक प्रमुख कारण यही श्राप था। महाभारत युद्ध के 36 साल बाद, समुद्र में पूरी द्वारका नगरी समा गई। एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, महर्षि विश्वामित्र, देव ऋषि नारद और कण्व ऋषि द्वारका नगरी पहुंचे थे। वहीं, कुछ यादव बालकों ने उनके साथ उपहास करने की योजना बनाई, जिसमें श्रीकृष्ण के पुत्र सांब भी शामिल थे। उन्होंने सांब को स्त्री वेश में ऋषियों के सामने प्रस्तुत किया और मज़ाक में कहा कि यह स्त्री गर्भवती है, कृपया बताएं कि इसके गर्भ में पलने वाला शिशु कौन होगा।  यह अपमान ऋषियों को सहन नहीं हुआ, और उन्होंने श्राप दिया कि इस गर्भ से एक मुसल (गदा जैसा हथियार) जन्म लेगा, जो पूरे यदुवंश के नाश का कारण बनेगा। इसके बाद यादवों के बीच कलह और संघर्ष बढ़ने लगे, और अंततः वे आपस में लड़-लड़कर खत्म हो गए। बलराम ने भी अपने शरीर का त्याग कर दिया, और श्रीकृष्ण को एक शिकारी के तीर से अनजाने में चोट लग गई, जिसके बाद वे अपने दिव्य लोक में चले गए। जब पांडवों को द्वारका (Dwarka) की स्थिति का पता चला, तो अर्जुन वहां पहुंचे और श्रीकृष्ण के बचे हुए परिजनों को इंद्रप्रस्थ ले आए। इसके बाद द्वारका नगरी धीरे-धीरे समुद्र में डूब गई और हमेशा के लिए विलुप्त हो गई। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Dwarka #DwarkaMystery #LordKrishna #LostCityDwarka #AncientIndia #Mythology #HinduHistory #KrishnaLegend #SubmergedCity #IndianHeritage #HistoricalMystery

आगे और पढ़ें
King Kohli Eyes More Records

Virat Kohli retirement: अभी रिटायरमेंट नहीं लेंगे किंग कोहली, तोड़ने हैं कई रिकार्ड्स

टीम इंडिया ने रविवार को दुबई के इंटरनेशनल ग्राउंड में न्यूजीलैंड को पटखनी देते हुए चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया है। बेशक टीम इंडिया का दमखम देखने लायक था। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह कि फाइनल मुकाबले से पहले विराट कोहली और रोहित के संन्यास को लेकर काफी चर्चा हो रही थी। लाखों फैंस इस उम्मीद में थे कि ख़िताब जीतने के बाद संभवतः विराट कोहली और रोहित शर्मा संन्यास ले लें। इस बात की आशंका थी कि खिताब जीतने के बाद हो सकता है दोनों खिलाड़ी वनडे फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दें। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। भारत के धाकड़ बल्लेबाज विराट ने पुष्टि की है कि वह अभी रिटायरमेंट (Virat Kohli retirement) नहीं लेंगे। वो देश के लिए खेलते रहेंगे। उन्होंने तत्काल संन्यास की कोई घोषणा नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा कि “चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में न्यूजीलैंड पर भारत की जीत के बाद टीम अच्छे हाथों में है।” खैर, मैच खत्म होने के बाद कोहली से संन्यास का सवाल तो नहीं पूछा गया, लेकिन कोहली ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। जब आप टीम छोड़ते हैं, तो आप टीम को बेहतर स्थिति में छोड़ना चाहते हैं (Virat Kohli retirement)  विराट ने टीम इंडिया की शानदार जीत पर कहा कि “यह अद्भुत है। हम ऑस्ट्रेलिया के मुश्किल दौरे के बाद वापसी करना चाहते थे। हम एक बड़ा टूर्नामेंट जीतना चाहते थे। इसलिए चैंपियंस ट्रॉफी जीतना अद्भुत है। ड्रेसिंग रूम में बहुत प्रतिभा है और वे अपने खेल को और आगे ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। हम उनकी मदद करने और अपना अनुभव साझा करने के लिए खुश हैं। और यही बात इस भारतीय टीम को मजबूत बनाती है। सभी खिलाड़ियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। हम एक अद्भुत टीम का हिस्सा रहे हैं। प्रैक्टिस सेशन में हमने जितना काम किया है, उसके बाद खिताब जीतकर बहुत अच्छा लगता है।” रिटायरमेंट (Virat Kohli retirement) को स्पष्ट करते हुए कोहली ने कहा कि “जब आप टीम छोड़ते हैं, तो आप टीम को बेहतर स्थिति में छोड़ना चाहते हैं। मुझे लगता है कि हमारे पास एक ऐसी टीम है जो अगले आठ सालों तक दुनिया का सामना करने के लिए तैयार है। शुभमन ने शानदार प्रदर्शन किया है। श्रेयस ने कुछ बेहतरीन पारियां खेली हैं। केएल ने हमारे लिए मैच फिनिश किए हैं और हार्दिक ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया है।” कोहली ने आगे कहा कि “टीम दुनिया का सामना करने के लिए तैयार है।” इसे भी पढ़ें:- भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पर जमाया कब्जा, न्यूजीलैंड को हराकर रचा इतिहास रिटायरमेंट की तमाम अटकलों (Virat Kohli retirement) को चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने के बाद कर दिया खारिज  इस तरह कोहली ने अपने कैरियर को लेकर लगाई जा रही तमाम अटकलों (Virat Kohli retirement) को रविवार को चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने के बाद खारिज कर दिया। इसके अलावा एक वायरल वीडियो सामने आया है जिसमें रोहित शर्मा जश्न मनाने के दौरान विराट कोहली से अपने रिटायरमेंट को लेकर बात करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि रोहित कहते हैं कि “भाई हम रिटायर नहीं हो रहे हैं।” कहने की जरूरत नहीं, न सिर्फ कोहली के फैंस बल्कि टीम इंडिया को भी किंग कोहली से काफी उम्मीदें हैं। देखना यह दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में कोहली अपने बल्ले से कितने रिकॉर्ड तोड़ते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Virat Kohli retirement #ViratKohli #KingKohli #KohliRecords #ViratKohliRetirement #CricketLegend #KohliMilestones #IndianCricket #GoatKohli #KohliEra #RunMachine

आगे और पढ़ें
Choti Holi 13 मार्च 2025

Choti Holi 2025: कब मनाई जाएगी छोटी होली, जानिए इस दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

होली का त्योहार भारत के सबसे प्रसिद्ध और उत्साहपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह त्योहार न केवल रंगों और उल्लास से भरा होता है, बल्कि इसमें आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी छिपा होता है। होली का त्योहार दो दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें पहले दिन छोटी होली और दूसरे दिन बड़ी होली मनाई जाती है। छोटी होली, जिसे होलिका दहन (Holika Dahan) के नाम से भी जाना जाता है, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। आइए जानते हैं कि छोटी होली 2025 में कब मनाई जाएगी और इस दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। छोटी होली 2025 की तारीख छोटी होली फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। साल 2025 में छोटी होली (Choti Holi) 13 मार्च 2025, गुरुवार को मनाई जाएगी। इस दिन होलिका दहन किया जाएगा, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। छोटी होली के अगले दिन बड़ी होली मनाई जाएगी, जो 14 मार्च 2025, शुक्रवार को होगी। छोटी होली का महत्व छोटी होली  (Choti Holi) का त्योहार हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। छोटी होली के दिन होलिका दहन किया जाता है, जो प्रह्लाद और होलिका की कथा से जुड़ा हुआ है। पौराणिक कथा के अनुसार, प्रह्लाद भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के परम भक्त थे, जबकि उनके पिता हिरण्यकश्यपु भगवान विष्णु के विरोधी थे। हिरण्यकश्यपु ने प्रह्लाद को मारने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद हर बार बच गए। अंत में, हिरण्यकश्यपु ने अपनी बहन होलिका से प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठने को कहा। होलिका को वरदान प्राप्त था कि वह आग में नहीं जलेगी, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से होलिका जल गई और प्रह्लाद बच गए। इस घटना को याद करते हुए छोटी होली के दिन होलिका दहन किया जाता है। छोटी होली के दिन क्या करें? छोटी होली के दिन निम्नलिखित कार्य करने चाहिए: इसे भी पढ़ें:- इस साल होली के दिन लगेगा चंद्र ग्रहण, जानें इसका आपके जीवन पर क्या होगा प्रभाव छोटी होली के दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? छोटी होली के दिन निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए: छोटी होली के दिन क्या न करें? छोटी होली के दिन निम्नलिखित बातों से बचना चाहिए: नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Choti Holi #ChotiHoli2025 #HolikaDahan #HoliFestival #HoliCelebration #FestivalOfColors #HoliRituals #IndianFestivals #Holi2025 #HinduFestival #SpiritualTraditions

आगे और पढ़ें
Spain Pakistani arrests

Pakistani arrests in Spain: स्पेन में आतंकवाद के खिलाफ बड़ा एक्शन, दस पाकिस्तानी भाईजान गिरफ्तार

स्पेन के बार्सिलोना में एक संगठन के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन किया गया। खबर के मुताबिक कैटेलोनिया पुलिस, स्पेनिश राष्ट्रीय पुलिस और इतालवी पुलिस के संयुक्त अभियान में बार्सिलोना में 10 और इतालवी शहर पियासेंज़ा में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। इन पर अपने विरोधियों की हत्या और सिर कलम करने के लिए उकसाने का आरोप है। जानकारी के मुताबिक जांच में पता चला कि संदिग्ध किसी ऐसे संगठित आपराधिक संगठन से जुड़े थे, जो मैसेजिंग ग्रुप के जरिए हिंसक आदेश जारी करते थे। दरअसल, बार्सिलोना में बीती रात कई मस्जिदों पर आतंकवाद रोधी दस्ते ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस को शक था कि इन मस्जिदों से आतंकी गतिवधियां संचालित की जा रही हैं। मजे की बात यह कि इस छापेमारी के एक दिन पहले बार्सिलोना में ही 10 पाकिस्तानियों (Pakistani arrests in Spain) को आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार किया था। फिर क्या था इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षाबलों ने कई मस्जिदों में अचानक छापेमारी की।  यह समूह बड़ा ही संगठित और गुप्त था (Pakistani arrests in Spain) इस छापेमारी पर स्पेनिश पुलिस बलों द्वारा जारी किये गए बयान के मुताबिक, यह ऑपरेशन 3 मार्च की रात को किया गया था और जांच के बाद 2022 में 5 और 2023 में 14 लोगों की गिरफ्तारी हुई। इस बीच सोमवार को सैंट एड्रिया डे बेजोस, मोंटकाडा आई रेसच, सांता कोलोमा डे ग्रामेनेट और सबडेल में 10  (Pakistani arrests in Spain) गिरफ्तारियां हुईं। जांच में पता चला कि संगठन एक चरमपंथी समूह से जुड़ा हुआ था। पुलिस के अनुसार, यह समूह बड़ा ही संगठित और गुप्त था। ये मैसेजिंग ऐप के माध्यम से विरोधियों के खिलाफ हिंसक संदेश फैलाने का काम करता था। इस दौरान कुछ व्यक्तियों ने यूरोप में विशिष्ट लोगों को संभावित लक्ष्य के रूप में पहचान करनी शुरू कर दी थी। ध्यान देने वाली बात यह कि इस संगठन के पोस्ट में उन व्यक्तियों की भी प्रशंसा की गई थी, जिन्होंने ईशनिंदा के आरोप में यूरोप और पाकिस्तान में हमले किए थे। समूह का उद्देश्य न सिर्फ चरमपंथी विचारों का प्रचार करना था बल्कि संभावित लक्ष्यों की पहचान करना भी था ताकि भविष्य में सटीक कार्रवाई की जा सके। इसे भी पढ़ें:- भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पर जमाया कब्जा, न्यूजीलैंड को हराकर रचा इतिहास दस के दस गिरफ्तार पाकिस्तानियों (Pakistani arrests in Spain) को केंद्रीय जांच न्यायालय के समक्ष किया गया पेश  खैर, यह भी पता चला है कि गिरफ्तार महिलाओं में से एक के नेतृत्व वाले मैसेजिंग समूह में सिर्फ महिलाएं ही शामिल थीं। जांच अधिकारियों ने पुष्टि की है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का संबंध आतंकवादी संगठन से है। जिसे अपने आर्थिक समर्थन के लिए अपने सदस्यों से ही दान मिला करता था। जानकारी के लिए बता दें कि 6 मार्च को, दस के दस गिरफ्तार पाकिस्तानियों (Pakistani arrests in Spain) को केंद्रीय जांच न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। उन पर आतंकवाद की सहायता, उसे बढ़ावा देने, आर्थिक मदद करने और भर्ती करने के साथ-साथ संभावित लक्ष्यों की पहचान करने हेतु प्रारंभिक कदम उठाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले की सुनवाई उपर्युक्त अदालत के न्यायाधीश की देखरेख में हो रही है। खबर के मुताबिक न्यायाधीश ने स्पेन के राष्ट्रीय न्यायालय के लोक अभियोजक कार्यालय के सहयोग से चार लोगों को हिरासत में लेने का आदेश दिया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistani arrests in Spain #SpainTerrorAction #PakistanArrests #TerrorismCrackdown #SpainPolice #GlobalSecurity #BreakingNews #TerrorSuspects #InternationalCrime #LawEnforcement #SecurityAlert

आगे और पढ़ें
Translate »