Aurangzeb tomb

औरंगजेब की कब्र खोद अवशेषों को अरब सागर में विसर्जित करने की मांग, हिन्दू सेना अध्यक्ष ने गृह मंत्रालय को लिखा पत्र

महाराष्ट्र में औरंगजेब (Aurangzeb) को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी अब राजस्‍थान तक पहुंच गई है। हिन्दू सेना के अध्यक्ष विष्‍णु गुप्ता (Vishnu Gupta) अब इस विवाद में कूदते हुए गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से विष्णु गुप्ता ने गृह मंत्रलाय से मांग की है कि औरंगजेब को बर्बर शासक घोषित किया जाए, उसके नाम वाली सभी सड़कों का नाम बदला जाए और उसकी कब्र खोदकर उसके अवशेषों को जलाकर अरब सागर में विसर्जित किया जाए। विष्‍णु गुप्ता (Vishnu Gupta) ने तीन मांगों वाले अपने इस पत्र को गृह मंत्रालय को भेजा है। इस पत्र में उन्होंने आगे लिखा, हिन्दुओं पर अत्याचार करने वाले औरंगजेब (Aurangzeb) का कुछ लोग प्रशंसा कर रहे हैं। जबकि इसके बारे में देश को पता होना चाहिए कि यह बर्बर शासक था। हमने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर इसके अवशेषों को अरब सागर में बहाने की मांग की है। विष्‍णु गुप्ता ने कहा कि, जिस तरह से अमेरिका की सरकार ने आतंकवादी ओसामा बिन लादेन के साथ किया, उसी तरह महाराष्ट्र के संभाजीनगर में मौजूद औरंगजेब के कब्र को खोदकर अवशेषों को निकाला जाना चाहिए और उसे जला कर अरब सागर में विसर्जित कर देना चाहिए।  विष्‍णु गुप्ता ने अपने पत्र में और क्या लिखा? हिन्दू सेना अध्यक्ष विष्णु गुप्ता (Vishnu Gupta) ने पत्र में लिखा है कि “अनेक ऐतिहासिक अभिलेखों में औरंगजेब (Aurangzeb) की बर्बर कृत्य के बारे में बताया गया है। साथ ही उसने अपने इतिहास “मासिर-ए-आलमगीरी” में भी अपने हिन्दू विरोधी कृत्य को अच्छी तरह से प्रलेखित कराया है। उसके शासन में उसके लिए सैकड़ों हिंदू काम करते थे। फिर भी उसने हिंदू मंदिरों और मठों को नष्ट कराया। उन पर अत्याचार किया। उसने अपनी प्रजा के साथ दूसरे शासकों की बर्बर हत्या कराई। उसने गुरु तेग बहादुर सिंह, गोकुला जाट और छत्रपति संभाजी महाराज की भी बर्बर हत्या कराई।” विष्‍णु गुप्ता ने लिखा है “औरंगजेब ही वह शासक है जिसने अपनी गैर-मुस्लिम प्रजा से “जज़िया कर” वसूला। औरंगजेब कट्टरपंथी था और इसकी कट्टरता ने लाखों लोगों की जान ली। ऐसे अत्याचारी व्यक्ति को आदर्श नहीं बनाया जाना चाहिए।  इसे भी पढ़ें:- औरंगजेब ने भारत को ‘सोने की चिड़िया’ बनाया था, अबू आजमी के बयान पर बवाल; ठाणे में केस दर्ज अबू आजमी ने औरंगजेब पर दिया था विवादित बयान  बता दें कि, सपा विधायक अबू आजमी (Abu Azmi) ने बीते दिनों मुगल बादशाह औरंगजेब की जमकर तारीफ की थी। अबू आजमी ने कहा था “औरंगजेब के बारे में हमें गलत बताया जा रहा है। औरंगजेब ने अपने शासनकाल में कई मंदिर बनवाए थे और उसके समय में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। वह हिन्दुओं के खिलाफ नहीं था” सपा विधायक के इस बयान पर महाराष्ट्र की सियासत अभी तक उबल रही है। महाराष्ट्र में अबू आजमी (Abu Azmi) पर अब तक जहां दो एफआईआर दर्ज हो चुके हैं, वहीं विधानसभा से भी बजट सत्र तक के लिए सस्पेंड कर दिया है। अबू आजमी को जल्द ही गिरफ्तार भी किया जा सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Aurangzeb #AurangzebTomb #HinduSeva #ArabianSea #MughalHistory #AurangzebDebate #IndiaPolitics #HinduSentiments #HistoryMatters #HomeMinistry #ReligiousDebate

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Women money saving tips

Women money saving tips: इस कारण पैसों की बचत करने में पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं अधिक होती हैं माहिर

पैसे बचाने के मामले में महिलाओं का कोई सानी (Women money saving tips) नहीं है। विशेषकर भारतीय महिलाओं के मामले में। उनके पास एमरजेंसी फंड होता ही है। किसी भी तरह की एमेर्जेंसी क्यों न हो। उनके पास मिल ही जाएंगे। पुरुषों के मामले में मामला उल्टा है। उनकी तनख्वाह महीने की पहली तारिख को होती है और 10 तारीख आते-आते उनका हाथ खाली हो जाता है। कहने का अर्थ यह कि सैलेरी मिलने के 15 दिन बाद उनका हाथ तंग हो जाता है। यह सच भी है। ऐसा नहीं है कि यह कोई हवा-हवाई बात है। कई रिसर्च और सर्वे में इस बात की पुष्टि भी की गई है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में बचत करने में ज्यादा आगे रहती हैं। खैर, हर घर और हर इंसान की यही शिकायत है कि कुछ दिन बात पैसे नहीं बचते। ऐसे में इस समस्या का एक ही समाधान है। और वह समाधान आपके अपने घर में ही है। विशेषकर विवाहित पुरुषों के मामले में। और वो समाधान है आपकी अपनी पत्नी। आपको करना कुछ नहीं है। बस आपको अपनी तनख्वाह अपनी पत्नी के हाथ में लेकर सौंपना है बस। एक बार अपनी सैलरी अपनी पत्नी को देकर देखिये, फिर कभी आपको पैसों की तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा। दरअसल, ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पैसों की बचत के मामले में महिलाएं, पुरुषों से हमेशा से ही आगे रहती हैं। कई रिसर्च और सर्वे में इस बात की पुष्टि भी की जा चुकी है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में बचत करने में सदैव आगे रहती हैं। यहां हम आपको उन कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी वजह से महिलाओं को पुरुषों की तुलना में पैसे बचाने में आगे रहती हैं।  दूर की सोचती हैं महिलाएं (Women money saving tips) महिलाएं एक कदम आगे बढ़कर दूर का सोचती हैं। इसके अलावा वो फाइनेंशियल प्लानिंग और बजट (Women money saving tips) बनाना पसंद करती हैं। एक बड़ी वजह यह भी जिस कारण उनमें बचत करने की आदत विकसित होती है। इसलिए जब वे कुछ दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करती हैं, तो पैसों की बचत करना आसान हो जाता है। एक रिसर्च के अनुसार, महिलाएं आर्थिक मामलों में मदद लेने से भी नहीं कतराती। इस कारण उन्हें बचत और निवेश के बारे में जानकारी मिलती रहती है।  पुरुषों की तुलना में अधिक अनुशासित होती हैं महिलाएँ  कहने की जरूरत नहीं कि पैसों की बचत (Women money saving tips) के लिए नियम और लिमिट तय करनी होती हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि महिलाएँ पुरुषों की तुलना में अधिक अनुशासित होती हैं। इसलिए नियमों का पालन करना और ज़्यादा पैसे बचाना उनके लिए बड़ा आसान होता है। महलाओं का आर्थिक अनुशासन ही उन्हें पैसों की बचत करने में निपुण बनाता है।   इसे भी पढ़ें:- International Women’s Day :इतिहास, महत्व और 2025 की थीम अधिक जोखिम लेना नहीं करतीं पसंद  पुरुषों की तुलना में महिलाएं आमतौर पर आर्थिक बचत (Women money saving tips) से जुड़े मामलों में अधिक जोखिम लेना नहीं पसंद करतीं। कारण यही जो अकारण वे शेयर मार्केट, लॉटरी या अन्य जोखिम भरी स्कीमों के बजाय बचत खाता जैसे सुरक्षित निवेश के विकल्पों को चुनती हैं। जाहिर सी बात है जोखिम कम होने से नुकसान की गुंजाईश भी कम होती है।  पैसों का सदुपयोग करने में होती हैं निपुण  समय के साथ महिलाएं घर में हर किसी और हर चीज का बेहतर ख्याल रखकर बड़ी ज़िम्मेदार बन जाती हैं। जिस वजह से उनमें बचत करने की आदत पड़ जाती है। कारण यही जो हर घर में महिलाएं अपने परिवार के पैसों को मैनेज करने की जिम्मेदारी को बखूबी उठाती हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi Women money saving tips #moneytips #womensavings #financialfreedom #smartwomen #moneymatters #savemoney #financialindependence #wealthymindset #budgetingtips #moneygoals #financialwisdom #womenempowerment #investmenttips #financialgrowth #staytuned

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Trump limits Musk’s authority: एलन मस्क पर सख़्त हुए ट्रंप, कहा- आपको सरकारी कर्मचारियों को निकालने का कोई हक नहीं

जब से डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ ली है तब से ट्रंप और एलन मस्क दोनों ताबड़तोड़ एक के बाद एक चौंकाने वाले निर्णय ले रहे हैं। चाहे वो कनाडा और मैक्सिको समेत अन्य देशों पर टैरिफ लगाना हो या फिर अपने ही देश के सरकारी कर्मचारियों की छटनी करनी हो। बेख़ौफ़ होकर निर्णय ले रहे थे। लेकिन इस बीच स्थिति बदलते देर नहीं लगी। इस दरम्यान अनावश्यक हुई सरकारी कर्मचारियों की छंटनी के बाद बगावती सुर बुलंद होने लगे और असंतोष की भावना पनपने लगी। बगावती सुर बुलंद होता देख ट्रंप ने कहा कि “टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क केवल विभागों को सलाह देने तक (Trump limits Musk’s authority) सीमित हैं। और वे कर्मियों या नीतियों पर स्वतंत्र रूप से फैसले नहीं ले सकते।” बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कैबिनेट को स्पष्ट किया कि “बिलियनेयर सलाहकार एलन मस्क को संघीय विभागों के अध्यक्ष की तरह अधिकार नहीं दिए गए हैं। और न ही उन्हें सरकारी कर्मचारियों को निकालने का कोई अधिकार है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क केवल विभागों को सलाह देने तक सीमित हैं।”   इबोला रोकथाम के लिए फंडिंग को गलती से रद्द करना एक बड़ी चूक (Trump limits Musk’s authority) थी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एलन मस्क ने स्वीकार किया कि “पिछले सप्ताह ट्रंप की पहली कैबिनेट बैठक में इबोला रोकथाम के लिए फंडिंग को गलती से रद्द करना एक बड़ी चूक (Trump limits Musk’s authority) थी।” दरअसल, एलन मस्क और उनकी डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशियेंसी (डीओजेई) फेडरल कर्मचारियों की छंटनी सहित खर्चों में कटौती के उपायों पर काम कर रही है। गौर करने वाली बात यह कि मस्क के पास स्वयं सरकारी कर्मचारियों को निकालने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशियेंसी की पहल के चलते भारी संख्या में छंटनी और इस्तीफे हुए हैं। इस बीच जानकारी के लिए बता दें कि 20,000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। और तकरीबन 75,000 कर्मचारियों ने स्वेच्छा से इस्तीफा देने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इन छंटनियों का सबसे अधिक असर उन कर्मचारियों पर पड़ा है, जो प्रोबेशन की अवधि में थे। इसके पीछे की बड़ी वजह यह कि उनके पास नागरिक सेवा से जुड़े संरक्षण के अधिकार सीमित होते हैं। इस कारण उन्हें हटाना बेहद आसान होता है। इसे भी पढ़ें:-  नरम पड़े डोनाल्ड ट्रंप, 45 दिन बाद मैक्सिको-कनाडा को दी राहत एलन मस्क के अधिकारों को सीमित (Trump limits Musk’s authority) करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि इन नौकरियों में कटौती का प्रभाव कई एजेंसियों पर पड़ा है। जिनमें आंतरिक राजस्व सेवा (आईआरएस), ऊर्जा विभाग, दिग्गज मामलों का विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ़ वेटरन्स अफेयर्स) और अन्य शामिल हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति के नए निर्देश एलन मस्क के अधिकारों को सीमित (Trump limits Musk’s authority) करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। ट्रंप के आदेश के अनुसार डीओजेई और उसकी टीम सलाहकार की भूमिका में रहेंगे। लेकिन अंतिम फैसले लेने का अधिकार कैबिनेट सचिवों के पास ही होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump limits Musk’s authority #TrumpVsMusk #ElonMusk #DonaldTrump #SpaceX #USPolitics #TechRegulation #MuskVsGovernment #TrumpNews #Tesla #XCorp

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Trump softens stance

Trump softens stance: नरम पड़े डोनाल्ड ट्रंप, 45 दिन बाद मैक्सिको-कनाडा को दी राहत

इस साल 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति पद का पदभार संभालने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप बड़े एक्शन में दिख रहे थे। बता दें कि बीते 45 दिनों में ऐसा कोई दिन नहीं रहा, जब ट्रंप और उनके प्रशासन के लोगों ने टैरिफ शब्द का नाम न लिया हो। इसके चलते उन्होंने टैरिफ वार की धमकी अपने पड़ोसी मुल्कों कनाडा और मैक्सिको भी दी। लेकिन अब धीरे-धीरे उनके तेवर नरम (Trump softens stance) पड़ते जा रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने पहले मैक्सिको और फिर कनाडा को टैरिफ से छूट देने की घोषणा कर दी। दरअसल, अमेरिका और कनाडा के बीच चल रहे टैरिफ वार के दौरान, कनाडा ने अमेरिका द्वारा दी गई छूट के बावजूद अपने जवाबी टैरिफ को हटाने से इंकार कर दिया है। गुरुवार को कनाडा के एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आयातित वस्तुओं पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को एक महीने के लिए टाल दिया है, लेकिन इसके बावजूद कनाडा द्वारा अमेरिका पर लगाए गए जवाबी टैरिफ अभी भी प्रभावी रहेंगे। इस दौरान कनाडा ने आरोप लगाया कि “राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ पहले लागू करके और फिर उन्हें हटाकर सोची समझी रणनीति के तहत अनिश्चितता और अव्यवस्था पैदा की। उनकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। कनाडा और मैक्सिको से आयातित उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ को महीने भर के लिए टाल (Trump softens stance) दिया था।  दरअसल, ट्रंप ने कनाडा और मैक्सिको से आयातित अधिकांश उत्पादों पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को एक महीने के लिए टाल (Trump softens stance) दिया था। हालांकि, कनाडा के एक अधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि अमेरिका के खिलाफ लगाए गए उनके जवाबी टैरिफ अब भी लागू रहेंगे। ये टैरिफ लगभग $30 बिलियन (यूएस$21 बिलियन) मूल्य के हैं और इनमें अमेरिकी संतरे का रस, मूंगफली का मक्खन, कॉफी, जूते, सौंदर्य प्रसाधन, मोटरसाइकिल और कुछ प्रकार के कागज उत्पाद शामिल हैं। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आदेशों पर हस्ताक्षर करने से पहले घोषणा की कि “अधिकांश टैरिफ 2 अप्रैल से प्रभावी होंगे। फिलहाल कुछ अस्थायी और छोटे टैरिफ लागू हैं।” हालांकि इस बीच ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि “वह ऑटोमोबाइल पर 25 प्रतिशत टैरिफ में छूट को एक और महीने तक बढ़ाने पर विचार नहीं कर रहे हैं।” ट्रंप के आदेशों के अनुसार, 2020 में हुए (यूएसएमसीए) व्यापार समझौते के तहत मेक्सिको से होने वाले आयात को एक महीने के लिए 25 प्रतिशत टैरिफ से मुक्त रखा जाएगा। जानकारी के मुताबिक कनाडा से ऑटो से संबंधित आयात, जो व्यापार समझौते के नियमों का पालन करते हैं। उन्हें एक महीने के लिए 25 प्रतिशत टैरिफ से छूट मिलेगी। तो वहीं कनाडा से अमेरिकी किसानों द्वारा आयात किए जाने वाले पोटाश पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। बता दें कि यह वही दर है जिस पर ट्रंप कनाडाई ऊर्जा उत्पादों पर शुल्क लगाना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें:-भारत समेत इन देशों के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप का सख्ती की घोषणा,  2 अप्रैल से होगा एक्शन कनाडा से लगभग 62 प्रतिशत आयातों पर अब भी नए टैरिफ (Trump softens stance) लागू हो सकते हैं व्हाइट हाउस के अधिकारी के मुताबिक, कनाडा से लगभग 62 प्रतिशत आयातों पर अब भी नए टैरिफ (Trump softens stance) लागू हो सकते हैं। इसके पीछे की वजह यह कि  वे यूएसएमसीए समझौते के मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इसी तरह, मेक्सिको से आयात होने वाले ऐसे उत्पादों पर भी कर लगाया जाएगा जो यूएसएमसीए के अनुरूप नहीं हैं, जैसा कि ट्रंप के आदेशों में कहा गया है। बता दें कि मंगलवार को ट्रंप ने अमेरिका के तीन प्रमुख व्यापारिक साझेदारों, क्रमश: कनाडा, मेक्सिको और चीन पर टैरिफ लगाकर एक नया व्यापारिक संघर्ष शुरू किया, जिसके जवाब में इन देशों ने भी प्रतिक्रिया दी। फिर क्या था इसके बाद इससे वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल मच गई। खैर, इस बीच कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने गुरुवार को कहा कि “राष्ट्रपति द्वारा टैरिफ लागू करने और फिर उन्हें हटाने से हमारी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे अनिश्चितता और अराजकता बढ़ रही है।” इस दौरान उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “कनाडा इस स्थिति से नाखुश है और यह सुनिश्चित करेगा कि अमेरिकी जनता को इसका एहसास हो।” हालाँकि इस बीच ट्रूडो ने यह भी उम्मीद जताई कि निकट भविष्य में कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध जारी रहेगा।” खैर, इसका असर यह कि गुरुवार को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में बाजार गिरावट के साथ खुले। अमेरिकी निवेशक ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी से घबराए हुए हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump softens stance #DonaldTrump #TrumpNews #USPolitics #MexicoCanada #TradeRelations #TrumpUpdates #GlobalTrade #USA #PolicyChange #BreakingNews

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स्वस्तिक का महत्व

Swastik benefits : स्वस्तिक बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान, तभी मिलेगा शुभ परिणाम

स्वस्तिक का प्रतीक हिन्दू धर्म में एक बेहद शुभ और पवित्र चिन्ह माना जाता है। यह चिन्ह न केवल धार्मिक अवसरों पर, बल्कि जीवन के हर पहलू में सकारात्मकता और समृद्धि का संकेत देता है। प्राचीन काल से यह प्रतीक शांति, सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता रहा है। आज भी भारतीय घरों में स्वस्तिक के चिन्ह को शुभ माना जाता है और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में इसका प्रयोग किया जाता है। लेकिन स्वस्तिक बनाने से पहले कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि इसके परिणाम सकारात्मक और शुभ हों।  स्वस्तिक का महत्व स्वस्तिक का आकार और प्रतीक एक क्रॉस के रूप में होता है, जिसमें चार समान लंबाई की शाखाएँ होती हैं जो एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं। यह प्रतीक सूर्य की चारों दिशाओं को दर्शाता है, जो सम्पूर्ण ब्रह्मांड में फैलती है। स्वस्तिक का अर्थ है ‘कल्याण’, ‘शांति’ और ‘सौम्यता’। यह धर्म, सुख, समृद्धि और आशीर्वाद का प्रतीक है। हिन्दू धर्म में स्वस्तिक का प्रयोग पूजा-पाठ, उत्सवों और संस्कारों में प्रमुख रूप से किया जाता है। स्वस्तिक बनाने से जुड़ी महत्त्वपूर्ण बातें स्वस्तिक को शुभ और परिणामकारी बनाने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए: सही दिशा में स्वस्तिक बनाएं स्वस्तिक बनाने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि स्वस्तिक का चिन्ह किस दिशा में बनाया जा रहा है। हिन्दू धर्म में स्वस्तिक का चिन्ह हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर बनाना शुभ माना जाता है। इन दिशाओं में स्वस्तिक बनाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। स्वस्तिक के निशान का आकार और अनुपात स्वस्तिक का आकार भी महत्वपूर्ण होता है। स्वस्तिक के चार भाग समान रूप से और समांतर होने चाहिए। यदि स्वस्तिक के प्रत्येक भाग की लंबाई में भिन्नता होगी, तो यह शुभ संकेत नहीं माना जाता है। इसका मतलब यह हो सकता है कि आपकी पूजा या कार्य में विघ्न आ सकता है। स्वस्तिक के बीच में एक बिंदु का होना कुछ विद्वान और धार्मिक गुरु यह मानते हैं कि स्वस्तिक के बीच में एक बिंदु होना चाहिए। यह बिंदु देवताओं के आशीर्वाद का प्रतीक होता है। बिना बिंदु के स्वस्तिक में आधिकारिक शक्ति का अभाव होता है। स्वस्तिक के बनाए जाने का समय स्वस्तिक का प्रतीक विशेष रूप से उन समयों में बनाना चाहिए, जब विशेष पूजा का आयोजन किया जा रहा हो। जैसे कि व्रत, महा पूजा, शादी, गृह प्रवेश, आदि। इसके अलावा, यह सुनिश्चित करें कि स्वस्तिक को दिन के शुभ समय में और बिना किसी विघ्न के बनाना जाए। स्वस्तिक का प्रयोग घर में स्वस्तिक का प्रयोग घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थल, और मंदिरों में शुभ लाभ के लिए किया जाता है। घर में स्वस्तिक के प्रतीक को रांगोली के रूप में, या दीवारों पर सजावट के रूप में बनाना चाहिए। यह घर के प्रत्येक सदस्य के लिए सुख-शांति और समृद्धि लाता है। इसके अलावा, स्वस्तिक को घर में किसी भी स्थान पर फर्श या आंगन में बनाना शुभ माना जाता है, ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हो। स्वस्तिक को सफाई से बनाएं स्वस्तिक का चिन्ह हमेशा साफ-सुथरी और स्वच्छ जगह पर बनाएं। यदि आपके पास स्वस्तिक बनाने के लिए रंगों का प्रयोग हो, तो उन रंगों का चयन भी शुद्ध और पवित्र होना चाहिए। इसे भी पढ़ें:- इन 3 दिनों तक बंद रहते हैं कपाट, बंटता है अनोखा प्रसाद! सर्वोत्तम शुभ मुहूर्त में स्वस्तिक बनाना स्वस्तिक का प्रतीक शुभ मुहूर्त में बनाना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। हिन्दू धर्म में विशेष दिनों का महत्व होता है, जैसे कि बुधवार, रविवार और अन्य विशेष तिथियां, जो स्वस्तिक के लिए सबसे उत्तम मानी जाती हैं। सर्वोत्तम सामग्रियों का चयन स्वस्तिक बनाते समय यदि आप स्वस्तिक को किसी वस्तु पर उकेर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि वह वस्तु शुद्ध और पवित्र हो। उदाहरण स्वरूप, स्वस्तिक को लकड़ी, धातु, पत्थर, मिट्टी, या कागज पर उकेरा जा सकता है, लेकिन इसकी शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए। स्वस्तिक के लाभ स्वस्तिक का प्रयोग करने से घर में शांति और सुख बढ़ता है। यह बुरे समय से बचने का उपाय भी माना जाता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करता है। जिन घरों में नियमित रूप से स्वस्तिक का प्रतीक लगाया जाता है, वहां नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता और घर में स्थिरता बनी रहती है। स्वस्तिक का सही ढंग से उपयोग करने से घर में समृद्धि, ताजगी और शांति बनी रहती है। Latest News in Hindi Today Hindi news स्वस्तिक #SwastikSymbol #VastuTips #AuspiciousSigns #SpiritualSymbols #PositiveEnergy #HinduTraditions #GoodLuck #VedicWisdom #SacredSymbols #Prosperity

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Lakshmi's vahan,

उल्लू कैसे बना मां लक्ष्मी का वाहन: जानिए क्या है पौराणिक कहानी

हिंदू धर्म में देवी-देवताओं के वाहनों का विशेष महत्व है। ये वाहन न केवल देवताओं की शक्ति और प्रभाव को दर्शाते हैं, बल्कि उनके चरित्र और गुणों को भी प्रकट करते हैं। मां लक्ष्मी, (Maa Lakshmi) जो धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी हैं, उनका वाहन उल्लू (Owl) है। यह बात अक्सर लोगों को आश्चर्यचकित करती है कि आखिर उल्लू जैसा पक्षी मां लक्ष्मी का वाहन कैसे बन गया। इसके पीछे एक पौराणिक कथा और गहरा रहस्य छिपा है। आइए जानते हैं कि उल्लू कैसे मां लक्ष्मी का वाहन बना और इसका क्या महत्व है। उल्लू और मां लक्ष्मी की पौराणिक कथा पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) ने यह निर्णय लिया कि वह अपने लिए एक वाहन चुनेंगी। उन्होंने सभी जानवरों को अपने पास आने का आमंत्रण दिया और यह शर्त रखी कि जो जानवर कार्तिक अमावस्या के दिन सबसे पहले उनके पास पहुंचेगा, वही उनका वाहन बनेगा। सभी जानवर इस अवसर का लाभ उठाने के लिए उत्सुक थे, क्योंकि मां लक्ष्मी का वाहन बनना एक बहुत बड़ा सम्मान था। कार्तिक अमावस्या के दिन, सभी जानवर मां लक्ष्मी के पास पहुंचने के लिए तैयार हो गए। गरुड़, हंस, सिंह, नंदी और अन्य जानवरों ने सोचा कि वे सबसे पहले पहुंचकर मां लक्ष्मी का वाहन बन जाएंगे। लेकिन उल्लू, जो अक्सर रात में ही सक्रिय रहता है, ने इस दिन एक अलग रणनीति बनाई। मां लक्ष्मी ने धरती पर एक उल्लू को देखा। उल्लू (Owl) रात के अंधेरे में भी अच्छी तरह देख सकता है और वह बहुत चालाक और बुद्धिमान भी होता है। तब से उल्लू मां लक्ष्मी का वाहन है और उनके साथ रहता है। उल्लू का महत्व और प्रतीकात्मकता उल्लू (Owl) को मां लक्ष्मी का वाहन बनाने के पीछे कई प्रतीकात्मक कारण हैं। उल्लू को बुद्धिमान और चालाक पक्षी माना जाता है। यह रात के अंधेरे में भी देख सकता है, जो अंधकार में प्रकाश की ओर ले जाने का प्रतीक है। मां लक्ष्मी धन और समृद्धि की देवी हैं और उनका उल्लू पर सवार होना यह दर्शाता है कि धन और समृद्धि को प्राप्त करने के लिए बुद्धिमत्ता और चालाकी की आवश्यकता होती है। उल्लू को अक्सर अंधविश्वास और डर का प्रतीक माना जाता है, लेकिन हिंदू धर्म में इसका विपरीत महत्व है। उल्लू मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) के साथ रहकर यह संदेश देता है कि धन और समृद्धि को प्राप्त करने के लिए अंधविश्वास से दूर रहना चाहिए और बुद्धिमत्ता से काम लेना चाहिए। उल्लू का मां लक्ष्मी का वाहन बनना यह भी दर्शाता है कि धन और समृद्धि को सही तरीके से प्रबंधित करने के लिए बुद्धिमत्ता और सतर्कता की आवश्यकता होती है। इसे भी पढ़ें:- कब से शुरू हो रहे हैं नवरात्र, जानें मां दुर्गा के आगमन का संकेत उल्लू की पूजा और महत्व हिंदू धर्म में उल्लू को मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi का वाहन मानकर उसकी पूजा की जाती है। कई लोग मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान उल्लू की मूर्ति या चित्र भी रखते हैं। मान्यता है कि उल्लू की पूजा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और धन और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। उल्लू की पूजा करने के लिए लोग उसकी मूर्ति या चित्र को मां लक्ष्मी के साथ स्थापित करते हैं और उसे फूल, अक्षत और मिठाई अर्पित करते हैं। उल्लू की पूजा करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर में धन और समृद्धि का वास होता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Maa Lakshmi #MaaLakshmi #LakshmiVahan #UlluStory #HinduMythology #LakshmiPuran #WealthSymbol #MythologicalTales #HinduGods #SpiritualWisdom #ReligiousLegends

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WhatsApp Holi Stickers

व्हाट्सएप पर AI जनरेटेड होली स्टिकर्स कैसे भेजें?

होली का त्योहार (Holi Festival) रंगों, खुशियों और अपनों से जुड़े रहने का पर्व है। डिजिटल युग में होली की शुभकामनाएं देने के तरीके भी बदल गए हैं। अब केवल टेक्स्ट मैसेज या इमोजी ही नहीं, बल्कि AI (Artificial intelligence) जनरेटेड स्टिकर्स भी व्हाट्सएप पर खूब लोकप्रिय हो रहे हैं। ये स्टिकर्स न केवल त्योहार की भावना को खूबसूरती से व्यक्त करते हैं, बल्कि उन्हें अनोखा और खास भी बनाते हैं। अगर आप भी अपनी होली (Holi) को डिजिटल रूप से और मजेदार बनाना चाहते हैं, तो इस लेख में जानिए कैसे आप AI जनरेटेड होली स्टिकर्स बनाकर व्हाट्सएप पर भेज सकते हैं। AI जनरेटेड होली स्टिकर्स क्या हैं? AI जनरेटेड स्टिकर्स वे डिजिटल स्टिकर्स (Digital Stickers) होते हैं, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया जाता है। ये स्टिकर्स आपके पसंदीदा डिज़ाइन, इमेज या टेक्स्ट के आधार पर बनाए जाते हैं और इन्हें व्हाट्सएप पर आसानी से शेयर किया जा सकता है। AI स्टिकर्स के फायदे: AI से होली स्टिकर्स बनाने और व्हाट्सएप पर भेजने का तरीका स्टेप 1: AI टूल या ऐप चुनें AI जनरेटेड स्टिकर्स बनाने के लिए कई ऑनलाइन टूल और मोबाइल ऐप उपलब्ध हैं। कुछ लोकप्रिय विकल्प इस प्रकार हैं: आप इनमें से किसी भी ऐप या वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं। स्टेप 2: AI से होली थीम वाले स्टिकर्स बनाएं 1. AI इमेज जेनरेटर का उपयोग करें: कई AI प्लेटफॉर्म आपको टेक्स्ट-टू-इमेज फीचर देते हैं, जहां आप होली से संबंधित कमांड डालकर स्टिकर बना सकते हैं। उदाहरण के लिए, “Colorful Holi Celebration Sticker” या “Happy Holi with Gulal” जैसे कीवर्ड इस्तेमाल करें। 2. फोटो-आधारित स्टिकर्स बनाएं: यदि आप अपने फोटो को होली स्टिकर में बदलना चाहते हैं, तो PicsArt या Canva जैसे टूल्स का उपयोग करें। AI इन ऐप्स में आपके फोटो को रंगीन और होली थीम में बदल सकता है। 3. स्टिकर्स को एडिट करें: जब AI आपके स्टिकर्स बना दे, तो आप उन्हें एडिट कर सकते हैं। अतिरिक्त टेक्स्ट, इमोजी या डिज़ाइन जोड़ सकते हैं, ताकि वे और भी आकर्षक लगें। स्टेप 3: AI स्टिकर्स को व्हाट्सएप पर भेजें Sticker.ly जैसे ऐप में आप अपने स्टिकर्स को पैक में सेव कर सकते हैं। ऐप में ‘Add to WhatsApp’ का ऑप्शन चुनें और स्टिकर को व्हाट्सएप में जोड़ लें। व्हाट्सएप खोलें और किसी भी चैट में जाएं। स्टिकर आइकन पर क्लिक करें और अपने कस्टम होली स्टिकर्स चुनकर भेजें। इसे भी पढ़ें: Apple iPad Air: M3 चिप और मैजिक कीबोर्ड के साथ मिल रहे हैं नए फीचर्स AI जनरेटेड होली स्टिकर्स बनाने के टिप्स AI जनरेटेड होली स्टिकर्स के जरिए आप अपनी शुभकामनाएं अनोखे और मजेदार तरीके से भेज सकते हैं। अब पारंपरिक टेक्स्ट मैसेज की जगह इन रंगीन स्टिकर्स का उपयोग करें और इस होली को डिजिटल रूप से भी खास बनाएं। Latest News in Hindi Today Hindi news Holi Festival Canva #HoliStickers #AIGeneratedStickers #WhatsAppHoli #FestiveStickers #Holi2025 #StickerPack #ColorfulHoli #DigitalHoli #AIStickers #HoliFestival

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Nalanda woman murder

Nalanda woman murder: बिहार के नालंदा में महिला के साथ हैवानियत, पैरों में 10 कीलें ठोक सड़क किनारे फेका शव

बिहार के नालंदा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जानकारी के मुताबिक हरनौत प्रखंड के सरथा पंचायत के बहादुरपुर गांव के पास नेशनल हाईवे 30A के किनारे बुधवार सुबह एक अज्ञात महिला का शव (Nalanda woman murder) मिलने से लोग दहशत में हैं। शव की हालत देख हर कोई हैरान है। महिला के बाएं हाथ पर पट्टी बंधी थी, और उसके पैर में तकरीबन 10 कीलें ठोकी हुई थी। कहने की जरूरत नहीं, इस क्रूरता ने लोगों को झकझोर दिया है। बता दें कि सुबह-सुबह सड़क किनारे गड्ढे में पड़े शव पर स्थानीय लोगों की नजर पड़ी। देखते ही देखते सैकड़ों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। इस बीच ग्रामीणों ने तुरंत चंडी थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी। थाना अध्यक्ष ने बताया कि “महिला की उम्र करीब 30-35 साल प्रतीत होती है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। शव के पास कोई ऐसा सुराग भी नहीं मिला, जो उसकी शिनाख्त की जा सके।” महिला की हत्या (Nalanda woman murder) कहीं और हुई और शव कहीं और फेका गया  हालांकि पुलिस ने प्राथमिकी कर ली है। पुलिस को शक है कि महिला की हत्या (Nalanda woman murder) कहीं और हुई होगी और हत्यारे ने शव को यहां गड्ढे में फेंक दिया। पैर में कील और हाथ पर पट्टी ने इस मामले को और उलझा दिया है। बहरहाल, पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। इस बीच पुलिस इसे अंधविश्वास का मामला मानकर भी जाँच कर रही है। बता दें कि महिला नाइटी में थी। नाक में नथुनी, हाथों में चूड़ियां और पैरों में पायल एवं बिछिया थी। उसके हाथ में इंट्राकेट और बांह में पट्टी बंधी थी। संदेह यह भी जताया जा रहा है कि उसे मारने से पहले उसकी कहीं इलाज भी हुआ होगा। खैर, इस पूरे मामले पर चंडी थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि “प्रारंभिक जांच में लग रहा है कि महिला की पिटाई के बाद इलाज कराया गया था। लेकिन उसकी मौत हो गई। फिर इसके बाद शव को खेत में फेंक दिया गया। अभी तक शव की पहचान नहीं हुई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ पता चल सकेगा।”  इसे भी पढ़ें:- धर्म विशेष के चार युवकों ने 14 साल की लड़की से 2 महीने तक की हैवानियत, जबरन खिलाया बीफ, डाला तेजाब महिला के दोनों पैर के तलवों में कुछ कील गड़े हुए थे (Nalanda woman murder)  हैरत की बात यह कि इस पूरे मामले में 24 घंटे बीत जाने के बाद भी शव की पहचान नहीं हो सकी है। गुरुवार को हिलसा डीएसपी सुमित कुमार ने बताया कि “बुधवार को चंडी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि सड़क किनारे एक महिला का शव (Nalanda woman murder) पड़ा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। उसके बाद जांच की गई। महिला के दोनों पैर के तलवों में कुछ कील गड़े हुए थे। गर्दन पर राख का निशान था। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।” तो वहीं आरजेडी की प्रवक्ता एज्या यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “महिला अत्याचार और उत्पीड़न में बिहार शीर्ष राज्यों में है। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार को शर्म है कि आती ही नहीं! उनके गृह जिला में घटित इस रूह कंपकंपाने वाले वीभत्स कांड और दरिंदगी से भी अगर किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता तो वह इंसान है नहीं! वैसे इस घटना को भी बेशर्म भाजपाई औरएनडीए के सत्तालोलुप लोग राम राज्य की मंगलकारी घटना ही बताएंगे और कहेंगे कि 15वीं शताब्दी में क्या होता था जी?”  Latest News in Hindi Today Hindi News Nalanda woman murder #NalandaMurder #JusticeForVictim #BiharCrime #WomenSafety #CrimeNews #NalandaHorror #BrutalMurder #BiharNews #StopViolence #IndianLaw

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Volkswagen discount

Volkswagen की गाड़ियों पर 4 लाख रुपये से ज्यादा का डिस्काउंट!

जर्मनी की मशहूर लग्जरी कार निर्माता Volkswagen भारतीय बाजार में अपनी कारों की बिक्री बढ़ाने के लिए इस महीने ग्राहकों के लिए एक शानदार ऑफर लेकर आई है। कंपनी ने अपने पुराने स्टॉक यानी मई 2024 को क्लियर करने के लिए मार्च 2025 में अपनी कारों पर 4.20 लाख रुपये तक का भारी डिस्काउंट देने की घोषणा की है। अगर आप इस महीने कार खरीदने की योजना बना रहें हैं, तो Volkswagen द्वारा दी गई डिस्काउंट के बारे में जरूर जान लें। आइए जानते हैं कि किस मॉडल पर कितनी छूट मिल रही है- Volkswagen Taigun पर 2 लाख रुपये तक की छूट Volkswagen की कॉम्पैक्ट एसयूवी Taigun अगर आप मार्च के महीने में खरीदते हैं तो आपको 2 लाख रुपये तक का डिस्काउंट मिल सकता है। ध्यान रखें कि यह छूट सिर्फ 2024 मॉडल की बची हुई यूनिट्स पर ही लागू है। इस ऑफर में कैश डिस्काउंट, लॉयल्टी बोनस, स्क्रैपेज बोनस और एक्सचेंज बोनस जैसी सुविधाएं शामिल हैं। अगर आप 2025 मॉडल खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको 1 लाख रुपये तक की छूट मिल सकती है। यह एसयूवी अपने दमदार इंजन, शानदार फीचर्स और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स के कारण भारतीय बाजार में काफी लोकप्रिय है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 10.89 लाख रुपये से 19.08 लाख रुपये तक जाती है। Volkswagen Taigun की खासियत Volkswagen Virtus पर 1.50 लाख रुपये तक का डिस्काउंट अगर आप एक लक्जरी सेडान खरीदने की सोच रहे हैं, तो Volkswagen Virtus आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। इस सेडान पर कंपनी 1.50 लाख रुपये तक की छूट दे रही है, जो इसके 2024 मॉडल पर लागू होगी। वहीं, अगर आप 2025 मॉडल खरीदते हैं, तो 50,000 रुपये तक का फायदा उठा सकते हैं। Volkswagen Virtus भारतीय बाजार में अपने प्रीमियम डिजाइन, शानदार फीचर्स और दमदार इंजन के लिए जानी जाती है। इस कार की एक्स-शोरूम कीमत 10.34 लाख रुपये से 19 लाख रुपये तक है। Volkswagen Virtus की खासियत Volkswagen Tiguan पर 4.20 लाख रुपये तक का बंपर ऑफर Volkswagen ने अपनी फ्लैगशिप एसयूवी Tiguan पर इस महीने 4.20 लाख रुपये तक का भारी डिस्काउंट दिया है। यह छूट 2024 मॉडल पर लागू है। इस ऑफर में कैश डिस्काउंट, लॉयल्टी बोनस और एक्सचेंज बोनस शामिल हैं। Volkswagen Tiguan एक प्रीमियम एसयूवी है, जो अपने दमदार इंजन, शानदार सेफ्टी फीचर्स और लग्जरी इंटीरियर के लिए जानी जाती है। यह कार भारतीय बाजार में मिड-हाई सेगमेंट एसयूवी के रूप में काफी पसंद की जाती है। इसे भी पढ़ें:-  कई महीनों बाद भारतीय शेयर बाजार में आई तेजी Volkswagen Tiguan की खासियत Volkswagen की नई कारें जल्द होंगी लॉन्च Volkswagen भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की योजना बना रही है। खबरों के मुताबिक, कंपनी जल्द ही दो नई कारें लॉन्च कर सकती है। इससे भारतीय ग्राहकों को Volkswagen के नए और उन्नत मॉडल खरीदने का मौका मिलेगा। कैसे उठाएं इस ऑफर का लाभ? Volkswagen अपने भारतीय ग्राहकों के लिए इस महीने शानदार डिस्काउंट ऑफर लेकर आई है, जिसमें Taigun, Virtus और Tiguan पर 4.20 लाख रुपये तक की छूट मिल रही है। यदि आप एक लक्जरी कार खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो यह बेहतरीन मौका हो सकता है। हालांकि, ध्यान रखें कि यह ऑफर केवल मार्च 2025 तक के लिए मान्य है, इसलिए जल्दी फैसला लेना ही समझदारी होगी। इस ऑफर का लाभ उठाकर आप अपनी पसंदीदा Volkswagen कार को बेहद आकर्षक कीमत पर खरीद सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Volkswagen #VolkswagenDiscount #CarDeals #VWIndia #SUVOffers #FestiveDiscounts #CarLovers #AutoDeals #VolkswagenSale #BestCarOffers #LimitedTimeDeal

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14-Year-Old Girl Attacked with Acid

Girl attacked with acid: धर्म विशेष के चार युवकों ने 14 साल की लड़की से 2 महीने तक की हैवानियत, जबरन खिलाया बीफ, डाला तेजाब

बीतते समय के साथ-साथ लोगों की इंसानियत भी दम तोड़ती नजर आने लगी है। लोगों में दया नाम की चीज रह ही नहीं गई है। इसका ताजा उदाहरण देखने मिला है उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में, जहाँ एक दलित नाबालिग के साथ विशेष धर्म के चार लोगों ऐसी दरिंदगी की है कि सुनकर ही रौंगटे खड़े हो जाएँ। जानकारी के मुताबिक चार युवकों ने 14 साल की लड़की को जबरन अगवा कर दो महीने तक उसके साथ पहले तो सामूहिक दुष्कर्म किया। और फिर उसे तरह-तरह की यातनाएं दी। यही नहीं, उसके हाथ पर बने ॐ के टैटू को मिटाने के लिए उसपर तेज़ाब (Girl attacked with acid) उड़ेल दिया। अचरज की बात यह कि हैवानियत का यह नंगा नाच योगी की उस सरकार में घटित हुआ है जो महिला सुरक्षा को सर्वोपरि रखने का दंभ भर्ती है। हैवानियत का आलम यह था कि जब उस लड़की ने दरिंदों से कुछ खाने को माँगा तो दरिंदों ने उसे जबरन बीफ खिला दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार नाबालिग दलित लड़की के साथ यह दरिंदगी करीब 2 महीने तक चलती रही। इस बीच पीड़िता की मौसी ने इस मामले की शिकायत भगतपुर थाने में की। शिकायत के बाद पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड सहिंता की धारा 137(2), 70(1), 123, 127(4), 299, 351(3), 124(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5 और 6 और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। यही नहीं, पुलिस ने इस घिनौने अपराध में शामिल मुख्य आरोपी सलमान को भी गिरफ्तार कर लिया है। जबकि अन्य की तलाश जारी है।  दो महीने तक बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक (Girl attacked with acid) किया दुष्कर्म   पुलिस की माने तो पीड़िता की मौसी ने शिकायत में बताया कि 2 जनवरी 2025 को उसकी भाभी की 14 वर्षीय बेटी दर्जी से कपड़े सिलवाने के लिए बाजार जा रही थी। रास्ते में उसी गांव के रहने वाले राशिद, सलमान, जुबैर और आरिफ नामक युवकों ने उसे जबरदस्ती कार में खींच लिया। इसके बाद उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद जब लड़की को होश आया तो वह एक कमरे में थी और उसके शरीर पर कोई कपड़े नहीं थे यानी वो पूरी तरह निर्वस्त्र थी। कमरे में अकेला पाकर आरोपियों ने दो महीने तक बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म  (Girl attacked with acid) किया। इस बीच दो महीने बाद पीड़िता जब बदतर हालत में घर लौटी, तो पीड़िता की मौसी ने बताया कि “लड़की के लापता होने के बाद उसकी काफी तलाश की गई लेकिन वह नहीं मिली। हमने 3 जनवरी को पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई लेकिन उसकी कोई खबर नहीं मिली।” इसके बाद लड़की किसी तरह 2 मार्च को घर पहुंची। उसकी हालत काफी खराब थी। जब भी उसे होश आता तो उसके साथ दुष्कर्म होता और जब भी वह खाना मांगती तो उसे गोमांस दिया जाता। उन्होंने आगे बताया कि “घर पहुंचने पर बेटी ने बताया कि आरोपियों ने उसके साथ दो महीने तक दरिंदगी की। जब भी वह होश में आती और खाना मांगती तो आरोपी उसे गोमांस खिला देते। जब भी नाबालिग पीड़िता मना करती तो उसे जबरदस्ती गोमांस खिला दिया जाता।” इसे भी पढ़ें:- इस वजह से हुई कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की हत्या, आरोपी ने खोले कई राज़ ओम का टैटू मिटाने के लिए आरोपियों ने डाला तेजाब (Girl attacked with acid)  बता दें कि शिकायत में कहा गया है कि “पीड़िता के हाथ पर ओम का टैटू बना हुआ था, जिसे आरोपियों ने तेजाब  (Girl attacked with acid) डालकर मिटा दिया। उसने उसके चेहरे पर तेजाब फेंकने की भी धमकी दी।” खैर, पिछले दो महीने से पीड़िता को प्रताड़ित करने के बाद आरोपियों ने उसे भोजपुर में छोड़ दिया और धमकी दी कि अगर उसने घर पर किसी को बताया तो उसे और उसकी चाची का अपहरण कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले में एसपी (ग्रामीण) कुंवर आकाश सिंह ने कहा कि “3 मार्च को एक शिकायत मिली थी, जिसमें कहा गया था कि एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था। जब वह बाजार गई थी, तो चार लोग उसे जबरन उठाकर ले गए। उसके साथ दो महीने तक दुष्कर्म किया गया। इस मामले में भगतपुर थाने में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।” यह तो ठीक लेकिन इन सब के बीच अहम बात यह कि जब दो महीने पहले ही पीड़िता की मौसी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी तो दो महीने तक योगी की पुलिस क्या कर रही थी? पुलिस ने आखिर क्यों दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई नहीं की? इन सब के बीच बड़ा सवाल यह कि एक दलित समाज की लड़की 2 महीने तक गायब रहती है और इस बीच न कोई दलितों का रहनुमा उसके सपोर्ट में दिखाई दिया और न ही जय भीम-जय मीम का भोंपू बजाने वाले नेताओं की भांड टोली ही दिखाई दी। मुख्य बात यह कि आखिर शासन और प्रशासन ऐसा क्या करे जिससे कि अपराधियों के मन में कानून का भय हो? क्या वजह है जो लोग बेख़ौफ़ होकर इस तरह के खौफनाक वारदात को अंजाम दे देते हैं? Latest News in Hindi Today Hindi News Girl attacked with acid #AcidAttack #JusticeForVictim #CrimeAgainstWomen #StopViolence #ForcedConversion #BeefControversy #ReligiousCrime #ProtectGirls #HumanRights #PunishTheGuilty

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