Petrol Bomb Attack on Jews in US: अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा

Petrol bomb attack USA

गाज़ा में इजरायल द्वारा हो रही हमास के आतंकियों पर बमबारी लगातार जारी है। इस बमबारी में कई निर्दोष नागरिकों के भी मारे जाने की खबरें हैं। इस बमबारी का असर अब दुनिया के अन्य देशों में भी दिखने लगा है। लोग और देश दो धड़ों में बट गए हैं। एक धड़ा इजरायल की इस कार्रवाई को जायज़ ठहरा रहा है तो दूसरा इसे अति करार दे रहा है। इसी क्रम में अमेरिका के कोलोराडो में एक व्यक्ति ने ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा लगाते हुए भीड़ पर पेट्रोल (Petrol Bomb Attack on Jews in US) बम से हमला कर दिया। इस हमले में कम से कम 6 लोग घायल होने की बात कही जा रही है। खैर, पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है। संदिग्ध की पहचान 45 वर्षीय मोहम्मद साबरी सोलिमा के रूप में हुई है। एफबीआई इसे एक्ट ऑफ टेरर (आतंकी कृत्य) करार दे रही है। एफबीआई के डायरेक्टर काश पटेल ने इसे टारगेटेड आतंकवादी हमला बताया तो वहीं कोलोराडो अटॉर्नी जनरल फिल वीजर ने कहा कि यह जिस समूह को निशाना बनाया गया था, उसे देखते हुए यह एक हेट क्राइम का मामला प्रतीत होता है। इसके आलावा एफबीआई के असिसटेंट डायरेक्टर बेन विलियमसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, संदिग्ध यहूदी लोगों की भीड़ पर बम फेंकते समय ‘फ्री फिलिस्तीन’ चिल्लाया था। 

वह आदमी बिना शर्ट के खड़ा था और उसके हाथ में कांच की बोतल (Petrol Bomb Attack on Jews in US) थी- चश्मदीद

चश्मदीदों में से एक कोलोराडो यूनिवर्सिटी की 19 वर्षीय ब्रुक कॉफमैन ने बोल्डर में हुई घटना को अपनी आंखों के सामने देखा। इस संबंध में उसने कहा कि उसने चार महिलाओं को पैरों पर जली हुई अवस्था में जमीन पर लेटे या बैठे देखा। उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि उनमें से एक के शरीर का अधिकांश हिस्सा बुरी तरह से जल गया है और उसे किसी ने झंडे में लपेट दिया है। उसने आगे कहा कि मैंने एक आदमी को देखा, जिसे उसने हमलावर बताया। वह आदमी बिना शर्ट के खड़ा था और उसके हाथ में कांच की बोतल (Petrol Bomb Attack on Jews in US) थी। वह चिल्ला रहा था। कॉफमैन ने कहा, हमले के बाद हर कोई चिल्ला रहा था, ‘पानी लाओ, पानी लाओ।’ दरअसल, गाजा में बचे इजरायली बंधकों की याद में एक प्रदर्शनी निकाली गई थी। उसी दौरान इस हमले को अंजाम दिया गया। इस पूरे मामले पर बोल्डर पुलिस के मुखिया स्टीफन रेडफर्न ने कहा, पर्ल स्ट्रीट के डाउनटाउन बोल्डर में रविवार की दोपहर यह हमला हुआ और यह काम अस्वीकार्य था। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप पीड़ितों, उन पीड़ितों के परिवारों और इस त्रासदी में शामिल सभी लोगों के लिए दुआ करें। बेशक इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि यह घटना गाजा में इजरायल के युद्ध को लेकर अमेरिका में बढ़े तनाव के बीच हुई है।

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यह हमला वाशिंगटन डीसी में इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की घातक गोलीबारी के बाद हुआ (Petrol Bomb Attack on Jews in US) है

यहाँ ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि गाजा युद्ध ने यहूदी विरोधी हेट क्राइम में वृद्धि हुई गई। यही नहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में इजरायल के रूढ़िवादी समर्थकों द्वारा फिलिस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शनों को यहूदी विरोधी बताने के कदमों को भी बढ़ावा दिया है। ट्रंप के प्रशासन ने युद्ध के प्रदर्शनकारियों को बिना किसी आरोप के हिरासत में ले लिया है और ऐसे प्रदर्शनों की अनुमति देने वाले कई अमेरिकी यूनिवर्सिटी को दिए जाने वाले फंड में कटौती कर दी है।  गौरतलब हो कि यह हमला पिछले महीने वाशिंगटन डीसी में इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की घातक गोलीबारी के बाद हुआ (Petrol Bomb Attack on Jews in US) है। बता दें कि अमेरिकी यहूदी समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे लोगों के एक समूह पर किसी ने गोलियां चला दी थीं। कहने की जरूरत नहीं गाज़ा में हो रही बमबारी और यहूदी समुदाय में हो रहे इस तरह के हमलों ने अमेरिका में गाजा में इजरायल समर्थकों और फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों के बीच युद्ध को लेकर तनाव बढ़ा दिया है। 

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