एयर पॉल्यूशन (Air pollution) गंभीर समस्याओं में से एक है। हमारे देश में यह समस्या बेहद गंभीर हो चुकी है। इस परेशानी का मुख्य कारण माना जाता जाता है गाड़ियों और इंडस्ट्रीज से निकले धुएं को। इस धुएं से कई हानिकारक गैसें निकलती हैं जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, ओजोन, नाइट्रोजन डाईऑक्साइड आदि। इनडोर और आउटडोर पॉल्यूशन सांस संबंधी और कई रोगों का कारण बन सकता है। लेकिन, हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार इसका प्रभाव मेंटल हेल्थ पर भी पड़ सकता है। डब्ल्यूएचओ ने एंग्जायटी और डिप्रेशन को पुअर एयर क्वालिटी (Poor air quality) के साथ लिंक किया है। आइए जानें पुअर एयर क्वालिटी और डिप्रेशन में कनेक्शन (Connection between poor air quality and depression) के बारे में।
पुअर एयर क्वालिटी और डिप्रेशन में कनेक्शन (Connection between poor air quality and depression)
डब्ल्यूएचओ (WHO) के डाटा के अनुसार लगभग पूरी दुनिया की अधिकतम आबादी ऐसी हवा में सांस लेती है, जो डब्ल्यूएचओ गाइडलाइन लिमिट्स से अधिक है तथा जिसमें प्रदूषकों का स्तर बहुत अधिक है। डब्ल्यूएचओ ने हाल ही में एक हैरान करने वाली जानकारी दी है। उनके अनुसार एयर पॉल्यूशन (Air pollution) मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स जैसे एंग्जायटी और डिप्रेशन का एक मुख्य कारण हो सकता है। एयर पॉल्यूशन (Air pollution) में मौजूद
हानिकारक पार्टिकल्स और गैसेस से हमारे दिमाग और शरीर दोनों को नुकसान पहुंचाते हैं। यह सब हमारी ब्लडस्ट्रीम पर पहुंच कर दिमाग में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा कर सकते हैं। इससे मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स को बढ़ावा मिलता है। यह तो थी पुअर एयर क्वालिटी और डिप्रेशन में कनेक्शन (Connection between poor air quality and depression) के बारे में जानकारी। अब जानते हैं एयर पॉल्यूशन के अन्य प्रभावों के बारे में।
एयर पॉल्यूशन के दिमाग पर इफेक्ट
जैसा की पहले ही बताया गया है कि एयर पॉल्यूशन (Air pollution) से मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क बढ़ता है। इससे एंग्जायटी, डिप्रेशन और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। इसके साथ ही इससे मेंटल हेल्थ की क्वालिटी कम होती है जिससे नींद में भी समस्या आ सकती है और अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों और पहले से ही मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स के रोगी पुअर एयर क्वालिटी (Poor air quality) के प्रति अधिक सेंसिटिव हो सकते हैं।
हालांकि, पुअर एयर क्वालिटी और डिप्रेशन में कनेक्शन (Connection between poor air quality and depression) के बारे में अभी अधिक स्टडी की जानी जरूरी है। यही नहीं, लोगों को एयर पॉल्यूशन (Air pollution) के सम्पर्क में आने से भी बचना चाहिए, ताकि कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बचा जा सके।
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एयर पॉल्यूशन को कम करने और इससे बचने के उपाय?
एयर पॉल्यूशन को कम करने और इससे बचने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं:
- वाहन से होने वाले एयर पॉल्यूशन (Air pollution) से बचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन या कार पूलिंग
- का इस्तेमाल करें। अधिक चलने या साइकिल का इस्तेमाल करने से भी पुअर एयर क्वालिटी (Poor air quality) को कम किया जा सकता है। अपनी वाहन को सही से मैंटेन करें।
- ऊर्जा का सही इस्तेमाल करें। जब जरूरत न हो तो बिजली और इससे बने उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचें। उन उपकरणों का चयन करें, जो एनर्जी स्टार लेबल के साथ हों। इसके साथ ही सोलर या विंड ऊर्जा से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल भी फायदेमंद है।
- रिसायकिलिंग को प्रोमोट करें। एयर पॉल्यूशन (Air pollution) को कम करने के लिए प्लास्टिक, शीशे, कागज आदि को रिसायकिल करें। फ़ूड या अन्य वेस्ट से खाद बनाएं और कूड़े को जलाने से बचें। डिस्पोजेबल प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल करने से बचें। इनकी जगह रीयूजेबल चीजों का प्रयोग करें। रसायनों और खतरनाक अपशिष्ट को सही तरह से डिस्पोज करें।
- जितना अधिक हो सके पेड़ लगाएं। एयर पॉल्यूशन (Air pollution) को मॉनिटर करते रहें और सावधानी बरते।
नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें।
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