बरसात का मौसम आते ही मच्छरों से होने वाली समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। मच्छर आकार में छोटे होते हैं, लेकिन इनके कारण होने वाले रोग जानलेवा भी हो सकते हैं। दुनिया भर में मच्छरों की 3,500 से ज़्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। यह नमी वाले वातारण में पनपते और बढ़ते हैं। इनमें मादा मच्छरों के काटने से मनुष्यों और जानवरों में रोगों के फैलने की संभावना अधिक रहती है। मच्छरों से बचाव के सावधानियां बरतना जरूरी हैं। अच्छी बात यह है कि जल्दी ही आंध्र प्रदेश सरकार मच्छरों के खतरे से लड़ने के लिए एआई-बेस्ड स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (AI-based smart mosquito surveillance system) यानी एसएमओएसएस (SMOSS) शुरू करने की तैयारी में है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से।
क्या है एआई-बेस्ड स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (AI-based smart mosquito surveillance system)?
जैसा की पहले ही बताया गया है कि आंध्र प्रदेश सरकार बरसात के मौसम में मच्छरों के खतरे को कंट्रोल करने के लिए एक एआई बेस्ड सोल्यूशन को शुरू करने वाली है। इसका नाम है स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (Smart Mosquito Surveillance System) यानी एसएमओएसएस (SMOSS)। यह सिस्टम मच्छरों के लिंग, जाति, पॉपुलेशन डेंसिटी और मौसम की कंडीशन को पहचाने के लिए एआई से काम करने वाले सेंसर्स, ड्रोन और अन्य डिवाइसेस का इस्तेमाल करेगा। अगर किसी क्षेत्र में मच्छरों संख्या अधिक हो जाती है, तो यह सिस्टम ऑटोमेटिक एलर्ट भेजेगा। इससे उन क्षेत्रों में जल्दी से मच्छरों से बचाव क लिए छिड़काव और फोगिंग का इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी। यानी, एसएमओएसएस (SMOSS) के इस्तेमाल से मच्छरों को नष्ट करने और इनके कारण होने वाले रोगों से बचाव में मदद मिलेगी।
स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (Smart Mosquito Surveillance System) की खास बातें
एआई-बेस्ड स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (AI-based smart mosquito surveillance system) की कुछ खासियतें इस प्रकार हैं:
- यह सिस्टम में एआई पॉवर्ड सेंसर्स हैं जिससे मच्छरों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
- इस सिस्टम में लार्वीसाइड के छिड़काव के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे अधिक एरिया में कम समय और कम केमिकल का इस्तेमाल होगा।
- लाइव डाटा और सेंट्रल सर्वर पर स्ट्रीम करने के लिए इसमें रियल टाइम डैशबोर्ड है। इससे लगातार ट्रैकिंग और इंस्टेंट रिएक्शन संभव है।
एआई-बेस्ड स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (AI-based smart mosquito surveillance system) का उद्देश्य
आंध्र प्रदेश में इस सिस्टम को बहुत जल्दी लांच किया जा रहा है। इसके उद्देश्य इस प्रकार हैं”
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है लोगों को मच्छरों से होने वाली बीमारियों (SMOSS) से बचाना, जिसके हर साल लाखों मामले सामने आते हैं। इस सिस्टम से मच्छरों की डेंसिटी का भी पता चल सकता है और जरूरत पड़ने पर सही कार्यवाई करने में मदद मिलेगी। आंध्र प्रदेश सरकार जल्दी ही स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (Smart Mosquito Surveillance System) की शुरुआत करने वाली है और इसको राज्य के विभिन स्थानों से शुरू किया जाएगा जैसे विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, काकीनाडा, नेल्लोर और कुर्नूल आदि। अब जानिए कि मच्छरों से बचाव के लिए हमें क्या करना चाहिए?
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मच्छरों से बचाव के लिए क्या करें?
मच्छरों और उनसे होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को भी कुछ सावधानियों को बरतना चाहिए, जैसे:
- अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें। साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।
- घर से बाहर निकलते हुए पूरी बाजू वाली शर्ट और पेन्ट पहनें।
- मच्छरों से बचने के लिए मॉस्क्वीटो रिपेलेंट, नेट आदि का इस्तेमाल करें।
- शाम को घर के खिड़की और दरवाजों को बंद कर दें। खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं।
- पिकारिडिन या लेमन यूकेलिप्टस तेल युक्त इपीए अप्प्रूव्ड मच्छर भगाने वाली दवाओं का इस्तेमाल करें।
नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें।
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