गर्मी का मौसम अपने साथ कई समस्याओं को लेकर आता है। बढ़ते तापमान के कारण स्टमक इंफेक्शन, गर्मी से थकावट, जोड़ों में दर्द और मांसपेशियों में ऐंठन जैसी परेशानियों में बढ़ोतरी होती है। पिछले कुछ सालों से ग्लोबल वार्मिंग और कई अन्य कारणों से भारत के कई हिस्सों में बहुत अधिक गर्मी पड़ रही है। यह हीटवेव्स (Heatwaves) डिहाइड्रेशन (Dehydration) का कारण भी बन सकती हैं। शरीर को इस और कई अन्य समस्याओं से बचाने के लिए जरूरी है शरीर का डाइड्रेट रहना। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि शरीर को हाइड्रेट बनाए रखने के लिए केवल पानी ही पर्याप्त नहीं है? आइए पाएं हीटवेव्स और डिहाइड्रेशन (Heatwaves and dehydration) के बारे में पूरी जानकारी।
हीटवेव्स और डिहाइड्रेशन (Heatwaves and dehydration): पाएं जानकारी
यूनिसेफ (UNICEF) के अनुसार हीटवेव्स (Heatwaves) में बहुत अधिक गर्मी और ह्यूमिडिटी न केवल परेशान करने वालो हो सकती है, बल्कि इससे कई हेल्थ रिस्क भी हैं खासतौर पर बच्चों, बुजर्गों और गर्भवती महिलाओं को। अगर सावधानी न बरती जाए, तो अधिक हीट, हीट स्ट्रोक या कई अन्य घातक प्रॉब्लेम्स का कारण बन सकती है। अगर बात की जाए हीटवेव्स (Heatwaves) की, तो इसे बहुत अधिक गर्मी के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। यह असामान्य रूप से गर्म मौसम का वो समय है, जो कई दिनों तक परेशान कर सकता है।
हीटवेव का शरीर पर क्या प्रभाव हो सकता है?
हीटवेव्स (Heatwaves) के दौरान हमारा शरीर तापमान को रेगुलेट करने के लिए संघर्ष करता है जिससे हीट से सम्बन्धित बीमारियां हो सकती हैं जैसे डिहाइड्रेशन (Dehydration)। गंभीर मामलों में यह हीटस्ट्रोक का कारण भी बन सकती है, जो जानलेवा है। डिहाइड्रेशन (Dehydration) में त्वचा सूख जाती है, होंठ फट जाते हैं, और रोगी को थकान महसूस होती है। यह तो थी हीटवेव्स और डिहाइड्रेशन (Heatwaves and dehydration) के बीच में सम्बन्ध के बारे में जानकारी। अब जाने डिहाइड्रेशन के बारे में।
डिहाइड्रेशन और उसके लक्षण
डिहाइड्रेशन (Dehydration) की समस्या तब होती है जब हमारा शरीर जितना फ्लूइड ग्रहण किया है, उससे अधिक खो या इस्तेमाल कर लेता है। इससे शरीर में पर्याप्त पानी या अन्य फ्लूइड नहीं होते जो शरीर के सामान्य कामों के लिए जरूरी हैं। अगर इन फ्लुइड्स का सेवन नहीं किया जाता है, तो डिहाइड्रेशन (Dehydration) की समस्या हो सकती है। इसके लक्षण इस प्रकार हैं:
वयस्कों में डिहाइड्रेशन के लक्षण इस प्रकार हैं:
- प्यास लगना
- मुंह सुखना
- सामान्य से कम यूरिन या पसीना आना
- गहरे रंग का यूरिन
- स्किन का रुखा होना
- चक्कर आना
इसे भी पढ़ें: कॉफी पीने वालों का बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल, लेकिन क्यों?
छोटे बच्चों में इसके लक्षण इस प्रकार हैं:
- मुंह और जीभ का सुखना
- बिना आंसुओं के रोना
- तीन घंटे या इससे अधिक समय तक यूरिन न करना
- अधिक बुखार
- अधिक सोना
- चिड़चिड़ापन
- आंखें धसी हुई लगना
डिहाइड्रेशन (Dehydration) की समस्या हलकी हो सकती है या यह गंभीर भी हो सकती है। हीटवेव्स (Heatwaves) के दौरान इस समस्या से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा फ्लूइड लेना आवश्यक है। लेकिन, इससे बचाव के लिए केवल पानी ही पर्याप्त नहीं होता। जानिए इससे बचाव के तरीकों के बारे में।
डिहाइड्रेशन से कैसे बचें?
डिहाइड्रेशन (Dehydration) से बचने के लिए केवल पानी ही नहीं बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। इन तरीकों से आप इससे बच सकते हैं:
- पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य हेल्दी पेय पदार्थों जैसे नारियल पानी, जूस आदि का सेवन करें।
- इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करें।
- ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने जो हाइड्रेट रखने में मदद करें जैसे फल, सब्जियां आदि।
- गमी में घर से बाहर निकलने से बचें। अगर बाहर जाना हो, तो अपने आप को पूरी तरह से कवर करें।
- पर्याप्त आराम करें और ठंडी जगह पर रहें। कोई भी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें।
Latest News in Hindi Today Hindi Heat waves and dehydration
#Heatwaves #dehydration #Heatwavesanddehydration #Heatwave






