किचन हमारे घर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है, जिसमें खाना बनाने में हमारा अधिकतर समय बीतता है। किचन यूटेंसिल्स यानी रसोई इस्तेमाल होने वाले बर्तनों का प्रयोग खाना बनाने जैसे काटने, गर्म करने, मिक्स करने आदि में होता है। अलग-अलग कामों के लिए अलग बर्तनों की जरूरत होती है। ऐसे में यह एक डिस्कशन का विषय है कि खाना पकाने के लिए कौन से बर्तनों का इस्तेमाल करना चाहिए और किन बर्तनों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए? बाजार में तरह-तरह के बर्तन मौजूद हैं। लेकिन, एक स्टडी के अनुसार काले रंग के प्लास्टिक किचन उपकरणों (Kitchen appliances) या टूल्स का इस्तेमाल सेहत के लिए बहुत अधिक हानिकारक है। आइए जानें कि ब्लैक प्लास्टिक किचन टूल्स (Black plastic kitchen tools) के बारे में क्या कहती है स्टडी?
ब्लैक प्लास्टिक किचन टूल्स (Black plastic kitchen tools): क्या कहती है स्टडी?
हाइजीन फूड सेफ्टी (Hygiene food safety) के अनुसार लकड़ी के बर्तनों और उपकरणों के उपयोग को लेकर लम्बे समय से हाइजीन और फूड सेफ्टी इंडस्ट्री में बहस का विषय रहा है। इसके बारे में ऐसा लगता है कि हर व्यक्ति की अपनी वैध राय है। लेकिन, इनके भी अपने लाभ और हानियां हैं। ऐसे ही किचन में कौन से बर्तनों का इस्तेमाल करना चाहिए, इसके बारे में भी लोगों की राय अलग-अलग हो सकती है।
हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार काले रंग के प्लास्टिक में हानिकारक केमिकल हो सकते हैं। इनका नाम है फ्लेम रिटार्डेंट (Flame Retardant), जिनका इस्तेमाल आग से बचाव के लिए किया जा सकता है। आग से बचाव में यह फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन हेल्थ के लिए यह हानिकारक हैं। ऐसा पाया गया है कि इन केमिकल्स का लेवल कुछ प्रोडक्ट्स में बहुत अधिक था जैसे काले रंग के प्लास्टिक से बने खिलौने, बर्तनों, डब्बों आदि में। अगर आपके घर में भी ऐसे उत्पाद हैं, तो आपको तुरंत उन्हें फैंक देना चाहिए। यह तो थी जानकारी ब्लैक प्लास्टिक किचन टूल्स (Black plastic kitchen tools) के बारे में स्टडी के बारे में। अब यह जानते हैं कि इनसे क्या समस्याएं हो सकती हैं?
ब्लैक प्लास्टिक किचन टूल्स (Black plastic kitchen tools) के इस्तेमाल से क्या समस्याएं हो सकती हैं?
स्टडी में यह पाया गया है कि इसमें मौजूद फ्लेम रिटार्डेंट (Flame Retardant) कैंसर और थायराइड जैसे रोगों का कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही इनसे अन्य रोगों का रिस्क भी बढ़ सकता है। इसलिए, एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिकों की मानें, तो इनके इस्तेमाल से बचना चाहिए। अपने बच्चों को भी इनके इस्तेमाल से बचाना चाहिए। क्योंकि, यह केमिकल भ्रूण और बाल विकास और न्यूरोबिहेवियरल फंक्शन और प्रजनन और प्रतिरक्षा प्रणाली विषाक्तता से भी सम्बन्धित हैं। अपने घर में इस्तेमाल होने वाले किचन उत्पादों की जांच करें और यह भी सुनिश्चित करें कि वो हमारे लिए सुरक्षित हैं या नहीं। अपने दोस्तों और परिवार को भी इसके बारे में बताएं ताकि वो भी सेफ रहें।
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इस समस्या से बचाव के लिए क्या करें?
एक्सपर्ट्स के अनुसार फ्लेम रिटार्डेंट (Flame Retardant) युक्त इन ब्लैक प्लास्टिक किचन टूल्स (Black plastic kitchen tools) का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। प्लास्टिक से बने इस किचन उपकरणों (Kitchen appliances) की जगह स्टेनलेस स्टील के उपकरणों का इस्तेमाल करें। आप ऐसे नॉन-प्लास्टिक टूल्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो हेल्थ के लिए हानिकारक न हो। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के अनुसार एल्यूमीनियम के बर्तन में खाना बनाना भी सेहत के लिए हानिकारक है। इसके अलावा, नॉन-स्टिक बर्तनों का भी अधिक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। वहीं, पीतल के बर्तन में अधिक तापमान पर नमक और खट्टी चीजें बनाने से बचना चाहिए। प्लास्टिक के खाना पकाने के बर्तन और कटिंग बोर्ड से भी बचें क्योंकि यह BPA जैसे हानिकारक केमिकल रिलीज कर सकते हैं। । ऐसा भी माना जाता है कि किचन उपकरणों (Kitchen appliances) में मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल करना भी भोजन में मौजूद पोषक तत्व वैसे ही मौजूद रहते हैं। यानी स्टेनलेस स्टील और मिट्टी के बर्तनों को सुरक्षित माना गया है। इसके अलावा अपने घर को साफ और सुरक्षित रखने के लिए उचित स्टेप्स का पालन करें। इससे फ्लेम रिटार्डेंट (Flame Retardant) के जोखिम को कम किया जा सकता है और हेल्दी रहने में मदद मिल सकती है।
नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें।
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